CTET Postponed: 6 सितंबर को होने वाली सीटीईटी परीक्षा स्थगित, जानिए क्यों

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टीचर्स की नौकरी में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए CTET पास करना जरूरी

नई दिल्ली। CTET Postponed : सीबीएसई ने 6 सितंबर को होने वाली सीटीईटी सितंबर 2026 परीक्षा स्थगित कर दी है। नई तिथि का ऐलान बाद में किया जाएगा।

बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) सितंबर 2026 के आवेदन की विंडो एक बार फिर से खोल दी है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पात्र शिक्षकों को निर्धारित TET की योग्यता हासिल करने के लिए उचित और पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए।

इसी के मद्देनजर जो पात्र उम्मीदवार पहले CTET के लिए आवेदन नहीं कर सके, उन्हें एक और मौका दिया गया है। एप्लाई करने से चूके उम्मीदवार अब 1 सितंबर 2026 तक ctet.nic.in पर जाकर एप्लाई कर सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट पर इस बाबत नोटिस जारी कर दिया गया है।

सीबीएसई ने नोटिस जारी कर कहा, ‘केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) का आयोजन करता रहा है। अब तक CTET के कुल 21 संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं। CTET के 21वें संस्करण का परिणाम 30 मार्च 2026 को घोषित किया गया था।

8 मई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, CTET के 22वें संस्करण के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 मई 2026 से 10 जून 2026 तक चली थी।

सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या 1385/2025 में समीक्षा याचिका (सिविल) डायरी संख्या 53434/2025 में दिए गए अपने फैसले में पात्र शिक्षकों को निर्धारित TET योग्यता हासिल करने की वैधानिक आवश्यकता पूरी करने के लिए उचित अवसर दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

उपरोक्त निर्णय और उम्मीदवारों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए, उन सभी पात्र उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर देने का निर्णय लिया गया है, जो पहले आवेदन अवधि में आवेदन नहीं कर सके थे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 25 अगस्त 2026 से 1 सितंबर 2026 तक दोबारा खोला जा रहा है।’

दोबारा एप्लाई करने की जरूरत नहीं
नोटिस में आगे कहा गया कि जिन उम्मीदवारों ने पहले ही सफलतापूर्वक आवेदन पूरा करके जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। CTET के 22वें संस्करण की संशोधित परीक्षा तिथि आवेदन पोर्टल बंद होने के बाद घोषित की जाएगी।

31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य
टीचरों को नौकरी में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देश भर के हजारों प्राइमरी शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी हुई है। यूपी, झारखंड, एमपी व राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे लाखों शिक्षक हैं जो बगैर टीईटी पास किए वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।

अब इन टीचरों को 31 अगस्त 2028 में टीईटी पास करना ही होगा वरना या तो इन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर इन्हें जबरन रिटायर कर दिया जाएगा। इस कड़े फैसले से सिर्फ उन्हें छूट मिलेगी जिनकी नौकरी 5 साल की बची है।

लेकिन इन्हें भी अगर प्रमोशन चाहिए तो टीईटी पास करना ही पड़ेगा। सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ यूपी समेत कई राज्य पुनर्विचार याचिका दायर कर चुके हैं। यूपी में 1.86 लाख शिक्षकों के सामने नौकरी का संकट है। हजारों शिक्षकों के पास तो टीईटी में बैठने की पात्रता ही नहीं है क्योंकि वे ग्रेजुएट ही नहीं हैं।

कितने होने चाहिए न्यूनतम मार्क्स
सीटीईटी परीक्षा को पास करने के लिए किसी भी अभ्यर्थी को न्‍यूनतम योग्यता अंक हासिल करना आवश्यक है। CTET मिनिमम पासिंग मार्क्स – जनरल कैटेगरी के लिए 150 में कम से कम 90 अंक (60 प्रतिशत ) आने चाहिए, जबकि एससी, एसटी के लिए 150 में से 82 अंक (55 फीसदी ) आने चाहिए।

क्या है सीटीईटी परीक्षा
सीबीएसई हर साल दो बार सीटीईटी परीक्षा आयोजित करता है। पहली परीक्षा जुलाई और दूसरी दिसंबर के महीने में आयोजित की जाती है। सीटेट के पेपर -1 में भाग लेने वाले सफल उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। जबकि पेपर -2 में बैठने वाले सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। इस परीक्षा को पास करने वाले परीक्षार्थी देशभर के केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और आर्मी स्कूलों में शिक्षकों के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।