बैंक मैनेजरों ने साइबर ठगों की मदद से ग्राहकों के खातों से उड़ाए लाखों रुपये

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नई दिल्ली। Banker’s relationship with cyber thugs: साइबर ठगों से संबंध रखने के आरोप में पुलिस ने एक और बैंकर को गिरफ्तार किया है। गुरुग्राम पुलिस की ओर से किसी बैंक कर्मचारी की यह 14वीं गिरफ्तारी है। बैंकर पर लोगों से ठगे गए लाखों रुपयों को अपराधियों तक पहुंचाने का आरोप है।

इससे पहले राजस्थान के झुंझुनू में एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम करने वाले सतीश को 22 मई को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस मामले में आरोप प्रीतम को 20 मई को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, 16 फरवरी को सेक्टर 47 के एक सीनियर एचआर ने शिकायत की थी कि निवेश सलाहाकार के रूप में जालसाजों ने उससे 40 दिनों के अंदर करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की है।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि ठगों ने उसे जनवरी महीने में व्हाट्सअप पर लिंक भेजे थे और निवेश पर हाई रिटर्न का वादा किया था। बताया कि ठगों ने उससे 6 फरवरी तक कई लेनदेन के जरिए खातों में 1.05 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा था। वहीं जब उसने रिटर्न मांगा तो ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट डीएक्टिव कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।

फर्जी तरीके से खोले अकाउंट
आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी सतीश आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank) झुंझुनू में नौकरी करता है, उसने पैसों के लालच में फर्जी तरीके से बैंक खाता खोलकर साईबर ठगों को उपलब्ध करवाया था। आरोपी सतीश बैंक खाता उपलब्ध करवाने के लिए 1 बैंक खाते के 50 हजार रुपये लेता था। आरोपी प्रीतम बैंक खाता साईबर ठगों को उपलब्ध करवाने के लिए बिचौलिए का काम करता था। इस केस में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।