कोटा। Punjabi Night At Kota Dussehra :ऐतिहासिक और प्रसिद्ध राष्ट्रीय दशहरा मेले की श्रृंखला में मंगलवार की शाम ‘पंजाबी नाइट’ के नाम रही। विजयश्री रंगमंच पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में देश के मशहूर पंजाबी गायक जस्सी गिल और बब्बल राय ने अपनी सुरीली आवाज और ब्लॉकबस्टर गानों से ऐसी ऊर्जा भरी कि पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट और भांगड़े की थाप से गूंज उठा। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में हजारों दर्शकों की भीड़ ने पंजाबी बीट्स पर जमकर धमाल मचाया।
संध्या का आगाज लोकप्रिय गायक बब्बल राय ने किया। उन्होंने “राम-राम कोटा” कहकर कोटा शहरवासियों और उपस्थित छात्रों का अभिवादन किया। इसके बाद बब्बल राय ने अपने ऐतिहासिक और चर्चित गानों जैसे वन ड्रीम, तेरे लाई, ड्रीम बॉय, मेरा ना रहा, तौर, गर्लफ्रेंड, जट्टन दा मुंडा, डेयर भरजाई, ए काश और शकीनी से युवाओं में नया जोश भर दिया।
उन्होंने न केवल पंजाबी गानों से समां बांधा, बल्कि हिंदी के कालजयी और लोकप्रिय गीतों की लड़ी पिरोकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बब्बल राय ने “किन्नी सोनी रब ने बनाई है”, “प्यार हमें किस मोड़ पर ले आया”, “कजरा मोहब्बत वाला”, “शहर दी कुड़ी (लहरी बाबू)”, “दुपट्टा तेरा सात रंग दा”, “बणके मोरनी”, “धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना”, “जरा तस्वीर से तू निकलकर सामने आ”, “व्हाई दिस कोल्हावेरी” और “काली एक्टिवा” जैसे बहुचर्चित गीत गाकर पूरे रंगमंच को झूमने पर मजबूर कर दिया।
तत्पश्चात मंच पर आते ही स्टार गायक जस्सी गिल ने “दिल जिंदा टूटदा” और भावुक गीत “रोई ना याद मेरी आई” व “चन्ना वे तेरी चन्नानी” से दर्शकों से सीधा संवाद स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक अपने सुपरहिट गानों की झड़ी लगा दी।
जस्सी गिल ने अपने सर्वाधिक पसंद किए जाने वाले चार्टबस्टर गानों— बापू जमीदार, गिटार सिखदा, निकले करंट, सुरमा काला, लादेन, नखरे, इक साला, औकात, अल्लाह वे, दिल टन ब्लैक, गब्बरू और हालिया लोकप्रिय ट्रैक बोर हो गया की धमाकेदार प्रस्तुतियां दीं। उनके मंच संभालते ही विजयश्री रंगमंच का माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया और उपस्थित जनसैलाब गानों की धुन पर लगातार थिरकता रहा।
कार्यक्रम के दौरान नगर निगम कोटा की महापौर अनुसुइया गोस्वामी, उप महापौर विवेक राजवंशी, मेला अधिकारी ओपी मेहरा तथा पार्षद शोमा अहलूवालिया, सुनीता नायक, सुरेश दौन, मुकेश शर्मा और मोहनलाल सुमन ने मंचासीन कलाकारों एवं आमंत्रित अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया।
ठसाठस भरा रहा रंगमंच प्रांगण
दशहरा मेले की पंजाबी नाइट का क्रेज इस कदर देखने को मिला कि विजयश्री रंगमंच प्रांगण क्षमता से अधिक दर्शकों से ठसाठस भरा रहा। खासकर कोचिंग स्टूडेंट्स और युवाओं में कलाकारों को देखने और सुनने का गजब का उत्साह देखा गया। कलाकारों ने भी विद्यार्थियों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। पूरी रात रंगमंच प्रांगण पंजाबी संस्कृति, भांगड़े के उल्लास और संगीत के रंगों में सराबोर रहा।

