जयपुर। राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) में बदलाव की एक ऐसी नई बयार चली है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में महिला सशक्तिकरण की एक नई और मिसाली इबारत लिख दी है। शारदीय नवरात्रों के ठीक बाद भजनलाल सरकार ने विभाग की काबिल महिला अधिकारियों को बड़ा तोहफा देते हुए जनसंपर्क महकमे की कमान मजबूत हाथों में सौंप दी है।
हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल और पदोन्नति की सूची में महिला अधिकारियों की काबिलियत का डंका साफ नजर आ रहा है। विभाग की पांच होनहार सहायक जनसंपर्क अधिकारियों अंजलिका पंवार, आकांक्षा शर्मा, प्रियंका चतुर्वेदी, सविता सिंह और चारू मीणा को पदोन्नत कर जनसंपर्क अधिकारी के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस बड़े बदलाव से वरिष्ठ स्तर पर भी महिलाओं का प्रभाव बढ़ा है। सहायक निदेशक पद पर कार्यरत छाया चौबीसा को पदोन्नत कर ‘उप निदेशक’ की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जबकि जनसंपर्क अधिकारी सरिता जाखड़ को ‘सहायक निदेशक’ के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है।
DIPR में केवल पदोन्नति ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की एंट्री में भी बेटियां बाजी मार रही हैं। विभाग में इंटर्न और ‘यंग मीडिया सहायक’ के रूप में चुनी गई युवा प्रतिभाओं में लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले काफी अधिक है। डिजिटल और आधुनिक मीडिया के इस तेजी से बदलते दौर में नवाचार और नए आईडियाज का बहुत बड़ा स्कोप है।
ऐसे में युवा महिला अधिकारियों और इंटर्न्स की रचनात्मकता और आधुनिक सोच का भरपूर लाभ सीधे तौर पर राजस्थान सरकार के प्रचार-प्रसार तंत्र को मिल रहा है। DIPR का यह नया और सशक्त रूप साबित कर रहा है कि जब महिलाओं को अवसर मिलते हैं, तो वे अपनी क्षमता से पूरे विभाग की कार्यशैली को नई दिशा दे सकती हैं।

