हरीश चन्द्र सागर परियोजना का तीसरा चरण शुरू, 21.77 करोड़ का कार्यादेश जारी
सांगोद। सांगोद विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को कोटड़ी ग्राम सेवा सहकारी समिति (लक्ष्मीपुरा) में भव्य समारोह के बीच 56 करोड़ 39 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान में जो प्रशासनिक और राजनीतिक परिवर्तन आया है, उसका प्रत्यक्ष परिणाम आज गाँव-गाँव और ढाणी-ढाणी तक दिखाई दे रहा है। सांगोद विधानसभा क्षेत्र में विकास की अनवरत गंगा बह रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संवेदनशील मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की ‘डबल इंजन’ सरकार ने क्षेत्र के लिए विकास का खजाना खोल दिया है।
उन्होंने कहा कि कोटा-बूंदी के गौरव और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निरंतर मार्गदर्शन से सांगोद और दीगोद की दिशा व दशा पूरी तरह बदल चुकी है। आगामी पंचायती राज चुनावों में जनता के आशीर्वाद से हर पंचायत में ‘कमल’ खिलने पर यह व्यवस्था ‘ट्रिपल इंजन’ की रफ्तार से तीन गुनी गति से काम करेगी।
राजनीति सत्ता का साधन नहीं, निस्वार्थ जनसेवा का माध्यम
मंत्री नागर ने युवाओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जनसेवा के क्षेत्र में आने वाले साथी किसी पद की लालसा से न आएँ, बल्कि निष्काम सेवा का पवित्र संकल्प लेकर मैदान में उतरें। पद और अधिकार आते-जाते रहते हैं, लेकिन जनता के दिलों में स्थायी जगह केवल निस्वार्थ भाव से की गई सेवा से ही बनती है। हमारी सरकार तुष्टिकरण नहीं, बल्कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर काम कर रही है। सांगोद को पूरे प्रदेश में विकास का मॉडल क्षेत्र बनाना ही हमारा ध्येय है।
मुख्य विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
समारोह के दौरान ऊर्जा मंत्री ने क्षेत्र में कृषि, बिजली और सड़क तंत्र को मजबूत करने वाले कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी। उन्होंने हरीश चन्द्र सागर परियोजना के तृतीय चरण के अंतर्गत मुख्य नहर व माइनरों में पक्की लाइनिंग हेतु 21.77 करोड़ रुपए का कार्यादेश जारी कर काम शुरू कराया गया। जिससे 50 से अधिक गाँवों के किसानों को अंतिम छोर तक पानी मिलेगा। इसके साथ ही, चतरपुरा, राजगढ़, घाटोलिया और अमृतकुआं में लगभग 15.6 करोड़ रुपए की लागत से 4 नए 33 केवी जीएसएस का शिलान्यास किया गया। जिससे बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या खत्म होगी। इस दौरान हींगी से सहीपुर डामरीकरण सड़क (2 करोड़ रु.) सहित दीगोद, हरिपुरा, जोगड़ी, डाबरीकलां, लसेड़िया व सूण्डक्या क्षेत्र में नई जीएसबी सड़कों के निर्माण की आधारशिला रखी गई।

