चाय पत्ती पर कृषि कल्याण शुल्क तुरंत हटाया जाए: कोटा व्यापार महासंघ

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चाय व्यापार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर समारिया को सौंपा ज्ञापन

कोटा। चाय व्यापार संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में शुक्रवार को कलेक्टर पियूष समारिया के मार्फत राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन देकर राज्य सरकार द्वारा चायपत्ती पर लगाये गये कृषि कल्याण शुल्क को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने की बात कही।

कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि चाय पत्ती पर राज्य सरकार द्वारा लगाया गया कृषि कल्याण शुल्क पूर्णतया व्यवहारिक दृष्टिकोण से अवैधानिक है क्योंकि कृषि उपज मंडी में चाय उत्पादन का कोई व लेना-देना नहीं है। इसका उत्पादन भी राज्य में नहीं होता है और इसकी बिक्री भी मंडी परिसर में नहीं होती है।

कोटा व्यापार महासंघ ने इस शुल्क को औचित्यहीन बताते हुए इस शुल्क को तुरंत प्रभाव से हटाये जाने की मांग की। माहेश्वरी ने कहा कि सरकार जीएसटी लगने के बाद अन्य सभी करो से व्यापार जगत को मुक्त करने की बात करती है। चायपत्ती पर इस तरह का नया कर लगाकर इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा दिया जाना किसी भी तरह उचित नहीं है। कोटा व्यापार महासंघ इस मसले पर चाय व्यापार संघ के साथ पूरा सहयोग करेगा।

चाय व्यापार संघ के अध्यक्ष पवन हिसारिया, महामंत्री महेंद्र कांकरिया एवं कोषाध्यक्ष जयदेव शिवनानी ने बताया कि राजस्थान में चाय की खेती एवं उत्पादन नहीं होता है। सिर्फ राजस्थान राज्य में ही इस तरह का यह शुल्क लगाया गया है जिसकी वसूली के लिए कृषि उपज मंडी समिति द्वारा चाय के व्यापारियों को लाखों रुपए की डिमांड के नोटिस दिए जा रहे हैं।

कृषि उपज मंडी से व्यवसाय का किसी भी प्रकार का कोई सरोकार नहीं है। चाय पत्ती को मंडी शुल्क के दायरे में लाना पूर्णतया अवैधानिक है। चाय व्यापार संघ कोटा ने यह निर्णय लिया है कि इस प्रकार का कोई भी शुल्क कोटा के सभी चाय व्यवसायी जमा नहीं करेंगे।

अगर राज्य सरकार द्वारा कृषि कल्याण शुल्क को नहीं हटाया जाता है तो राज्य स्तरीय आंदोलन की मुहिम छेड़ी जाएगी । उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि तुरंत प्रभाव से निर्णय वापस लेकर चाय विक्रेताओं को राहत प्रदान करें।

कलेक्टर समारिया ने चाय व्यवसाइयों को आश्वस्त किया कि इस मांग को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। चाय व्यापार संघ के अध्यक्ष पवन हिसारिया एवं महामन्त्री महेन्द्र कॉकरिया ने बताया इस मसले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल कोटा व्यापार महासंघ के नेतृत्व के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर भी अपना पक्ष रखेगा ।