कोटा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर वी बैंकर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन, राजस्थान के तत्वावधान में कोटा शहर में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। यह कैंडल मार्च जेडीबी सर्किल से प्रारंभ होकर नाग नागिन मंदिर तक निकाला गया।
अध्यक्ष शिवप्रकाश नागर ने बताया कि इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य बैंकों में निरंतर बढ़ रहे अमानवीय शोषण, देर रात तक काम करने के दबाव, छुट्टियों के दिन दफ्तर बुलाने की परंपरा और अत्यधिक कार्यभार से उत्पन्न मानसिक तनाव के खिलाफ आवाज उठाना था। कैंडल मार्च के दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने हाल ही में सड़क दुर्घटनाओं में असामयिक मृत्यु का शिकार हुए दो बैंक अधिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
संगठन ने बैंक प्रबंधन की संवेदनहीन कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रबंधन की अदूरदर्शी नीतियों और दबाव के कारण आज बैंककर्मियों का जीवन लगातार खतरे में पड़ रहा है, इसलिए इस विषैली कार्य संस्कृति को अविलंब समाप्त करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। वी बैंकर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों के हितों की रक्षा हेतु मांगों का एक विस्तृत एजेंडा प्रस्तुत किया।
संगठन ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन से सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों के लिए तत्काल प्रभाव से केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने, समान काम के लिए समान वेतन व भत्ते प्रदान करने, और अनिश्चितताओं से भरी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की जोरदार मांग उठाई।
इसके अलावा, कर्मचारियों के निष्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि में बिना किसी भेदभाव के पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कर-मुक्त अवकाश नकदीकरण, एलएफसी और ग्रेच्युटी सीमा में वृद्धि करने के साथ-साथ केंद्रीय स्वास्थ्य योजना जैसी मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली लागू करने पर विशेष बल दिया गया।
बैंकिंग सेवाओं में गुणात्मक सुधार और कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन को बेहतर बनाने के लिए संगठन ने हफ्ते में केवल पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था तुरंत लागू करने की मांग दोहराई। साथ ही, बाल देखरेख अवकाश, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश के नियमों को सुगम बनाने, और बैंक शाखाओं पर तृतीय-पक्ष उत्पादों (जैसे बीमा व म्यूचुअल्स) की जबरन बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने की वकालत की।
कार्यस्थल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हर शाखा में सुरक्षा गार्ड व सीसीटीवी कैमरे लगाने, खाली पड़े सभी पदों पर तुरंत स्थाई भर्तियां करने और बैंकिंग क्षेत्र में जारी ठेका प्रथा पर प्रतिबंध लगाने की मांग रखी गई। संगठन ने एकीकृत भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और निष्पक्ष पदोन्नति नीति को भी बेहद जरूरी बताया।
वी बैंकर्स की प्रदेश समिति के प्रतिनिधियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बैंक प्रबंधन और सरकार ने बैंक अधिकारियों की इन न्यायसंगत मांगों और बुनियादी मानवाधिकारों की अनदेखी जारी रखी, तो यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आने वाले समय में एक देशव्यापी और व्यापक आंदोलन का रूप धारण करेगा। इस कैंडल मार्च में कोटा मंडल के सैकड़ों बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर एकजुटता का परिचय दिया।

