राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी टिन्नू समेत 8 पर गैंगस्टर एक्ट

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नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अब तक हुई जांच और कार्रवाई के आधार पर पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज करने तैयारी कर रही है। छापेमारी और पूछताछ में अब तक मिले साक्ष्य गैंगस्टर के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए विधिक राय ली जा रही है।

श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला जून के पहले सप्ताह से ही चल रहा है। जानकारी होने पर मंदिर ट्रस्ट ने पहले अपने स्तर पर जांच की। पुलिस के साथ छापेमारी की और नगद बरामदगी की। जब मामला खुल गया और दबाव बना तो राज्य सरकार से एसआईटी जांच की सिफारिश कर दी। एसआईटी भी करीब एक सप्ताह तक डेरा डाले रहे। सभी तथ्यों की जांच में चोरी के साक्ष्य मिलने के बाद मामला और गर्मा गया। शासन ने तत्काल संज्ञान में लिया।

इधर ट्रस्ट पर भी एफआईआर का दबाव बढ़ गया। एसआईटी रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने 8 नामजद और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने नामजद आरोपियों चंपत राय के सबसे करीबी व वाहन चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, उसके रिश्तेदार मनीष यादव, कैश गणना में लगे अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर मिश्रा तथा करुणेश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया।

गैंगस्टर लगाने के लिए पर्याप्त आधार
जेल में बंद इन सभी से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। इनके घरों मे छापेमारी कर आभूषण, लाखों की नगदी बरामद की। अब दोबारा भी इनके घरों की तलाशी ली जा रही है। रामजन्मभूमि पुलिस के अलावा क्षेत्रीय पुलिस भी जांच में लगा दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि गैंगस्टर लगाने के लिए पर्याप्त आधार हैं। अब तक हुई जांच में एक साजिश के तहत आरोपियों के समूह ने चढ़ावा चोरी की घटना को अंजाम दिया। ऐसे में गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई का पर्याप्त आधार है। अब तक के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस विधिक राय भी ले रही है। मजबूत आधर और साक्ष्य के साथ पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करेगी ताकि आरोपियों को बचने का मौका न मिले।

एसआईटी जांच की समयसीमा बढ़ी
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की समयसीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। एसआईटी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की गहनता से छानबीन करने के लिए मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय प्रदान किए जाने की सिफारिश की थी। मुख्यमंत्री ने एसआईटी को 15 जुलाई तक रिपोर्ट जांच सौंपने का निर्देश दिया है।