नई दिल्ली। GST Collection: सर्विसेज एंड गुड्स टैक्स (GST) से सरकार का रेवेन्यू जून 2026 में 13.9 फीसदी बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये रहा। रिफंड की राशि घटाने के बाद सरकार का नेट GST कलेक्शन 11.2 फीसदी बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह आयात (इम्पोर्ट) से मिलने वाला मजबूत टैक्स राजस्व रहा, जबकि घरेलू कारोबार से GST संग्रह की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। सरकार की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
घरेलू कारोबार से मिलने वाला ग्रॉस GST रेवेन्यू 6.5% बढ़कर 1.35 लाख करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, आयात से मिलने वाला ग्रॉस GST रेवेन्यू 34.6 फीसदी की तेज बढ़ोतरी के साथ 60,038 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिसने कुल GST संग्रह में अहम योगदान दिया।
रिफंड एडजस्ट करने के बाद घरेलू नेट GST रेवेन्यू केवल 2.6% बढ़कर 1.17 लाख करोड़ रुपये रहा। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू लेनदेन में बढ़ोतरी अभी भी सीमित रही। इसके विपरीत, सीमा शुल्क (कस्टम्स) से मिलने वाला नेट GST राजस्व 42.2% बढ़कर 45,370 करोड़ रुपये हो गया, जो कुल GST संग्रह में आयात की मजबूत भूमिका को दर्शाता है।
GST रिफंड 29.1% उछला
जून के दौरान GST रिफंड 29.1 फीसदी बढ़कर 32,436 करोड़ रुपये रहा। इसमें घरेलू रिफंड 42.9 फीसदी बढ़कर 17,767 करोड़ रुपये और आयात पर चुकाए गए GST का रिफंड 15.6 फीसदी बढ़कर 14,669 करोड़ रुपये हो गया।
अगर पूरे वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) की बात करें, तो ग्रॉस GST कलेक्शन 8.4 फीसदी बढ़कर 6.32 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, नेट GST कलेक्शन 7.1 फीसदी बढ़कर 5.40 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

