Tuesday, June 30, 2026
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कोटा डिवीजन के सभी जिलों के पर्यटन स्थलों का प्रचार किया जाएगा: माहेश्वरी

बारां जिले के पर्यटन स्थलों एवं कला संस्कृति की फोटो प्रदर्शनी का आयोजन

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान कोटा डिवीजन द्वारा हाड़ोती के सभी जिलों के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार प्रसार को लेकर एक कार्य योजना बनाई गई है।

कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इसी योजना के अंतर्गत हाड़ोती की 6 से 7 दिन की आइटनरी बनाई गई है, जिसके तहत सभी जिला इकाईयों द्वारा अपने अपने जिलों के पर्यर्टन स्थलों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

माहेश्वरी ने कहा कि 6-7 दिन की आइटनरी बनने से हाड़ोती में आने वाले पर्यटक कोटा, बूंदी, बारां एवं झालावाड़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेगा।

इसी के तहत शनिवार को बांरा जिला इकाई द्वारा कोटा के एक निजी होटल के बैंक्वेट हॉल में सम्पूर्ण बांरा जिले के पर्यटन स्थलों धार्मिक स्थलों ऐतिहासिक धरोहर की एक फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें कोटा डिवीजन की सभी इकाइयों के सदस्यों ने भाग लिया।

बांरा ईकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल व सचिव जगदीश शर्मा ने बताया कि बांरा इकाई द्वारा सम्पूर्ण जिले मे स्थित सभी तरह के पर्यटन स्थलों धार्मिक स्थलों लोक कला मेले एवं इंफ्रास्ट्रक्चर की एक फोटो प्रदर्शनी के जरिये संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई गई।

इस प्रदशनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक योगेंद्र शर्मा ने किया। अध्यक्षता संभागीय अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी द्वारा की गयी।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि योगेंद्र शर्मा ने कहा कि हाड़ोती में पर्यटन की विशेष विरासत है। सभी जिलों में बेहतरीन पर्यटन स्थलों की भरमार है जो राज्य के किसी भी संभाग में नहीं है।

माहेश्वरी ने कहा कि बारां इकाई द्वारा जिस तरह से पर्यटन कला संस्कृति की फोटो प्रदर्शनी एवं डॉक्युमेंट्री फिल्म के माध्यम से प्रदर्शन किया गया है उसे देखकर सभी होटल व्यवसाई अभीभूत हुए हैं।

माहेश्वरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य यहां के पर्यटन स्थलों की जानकारी जन- जन तक पहुंचाना है। इसके लिए सबसे पहले हाड़ोती के आमजन को यहां के पर्यटन स्थलों की सुंदरता और विशेषता के बारे में बताएंगे, ताकि वह हाड़ोती के इन पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर यहां के पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार अपने रिश्तेदारों को अपने स्तर पर कर से करेंगे।

ऐसी पर्यटन कला संस्कृति की प्रदर्शनियां बूंदी, झालावाड़ और कोटा में भी आयोजित की जाएगी। माहेश्वरी ने बताया कि जुलाई-अगस्त माह में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हाड़ोती में आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश के सभी संभागों के होटल व्यवसाईयो और पर्यटन से जुड़े लोगों एवं टूर ऑपरेटरों को आमंत्रित किया जाएगा।

यह बैठक झालावाड़ या बांरा जिले में आयोजित किए जाने का प्रयास चल रहा है। शीघ्र इसकी इसकी तिथि एवं स्थान की घोषणा कर दी जाएगी। बांरा इकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी एवं बारां में पर्यटन कार्यालय नहीं होने के कारण इसकी जानकारी एवं प्रचार प्रसार नहीं हो पा रहा है।

इसके लिए हमारे होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान एवं कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में बारां मे पर्यटन मुख्यालय खोले जाने का प्रस्ताव राजस्थान सरकार तक भी पहुंचा दिया गया है।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के सचिव कौशल बंसल ने कहा कि सभी जिलों में प्राकृतिक झरने अपनी सुंदरता को निहारते हैं जो अपने आप में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बिंदु है। इस तरह के पर्यटन स्थलों की प्रदर्शनी से आम जनता को भी यहां के पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

इस मौके पर होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के मुख्य सलाहकार अनिल मूंदड़ा, कोषाध्यक्ष अंकुर गुप्ता, सदस्य अभिनव चतुर्वेदी ने भी सम्बोधित किया।

लाइन प्रोड्यूसर सुभाष सोरल ने कहा कि हाड़ोती के पर्यटन स्थल फिल्मों की शूटिंग के लिए बहुत ही बेहतरीन हैं। वे पिछले दिनों मुंबई से फिल्म प्रोड्यूसर शिवकुमार पिल्ले को लेकर आए थे, जिन्हे यहां के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाया गया था।

उन्होंने इसके बाद सैफ अली खान स्टारर फिल्म ‘लाल कप्तान’ की शूटिंग की थी। इस फिल्म में यहां के प्राकृतिक दृश्यों एवं गढ़ को बहुत ही खूबसूरती से फिल्माया था। फिल्म को अमेजन के मैक्स प्लयेर ओटीटी पर देखा जा सकता है।

कोटा ब्लड बैंक सोसायटी के स्थापना दिवस पर आज 125 संस्थाएं होंगी सम्मानित

कोटा। कोटा ब्लड बैंक सोसायटी (KBBS) अपनी स्थापना के 29 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को सायं 7:00 बजे बसंत विहार स्थित सोसायटी के भवन में स्वैच्छिक रक्तदाता सम्मान समारोह का आयोजन करेगी। कोटा ब्लड बैंक सोसायटी के सचिव राजकुमार जैन ने बताया कि समारोह की मुख्य अतिथि शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम होंगी।

विशिष्ट अतिथि डीसीएम श्रीराम इंटरनेशनल रेयन्स के निदेशक पी.डी. बागला तथा श्री सीमेन्ट कम्पनी ब्यावर के जोइंट प्रेसीडेंट अरविन्द खिंचा होंगे।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा ने बताया कि कोटा ब्लड बैंक सोसायटी विगत 29 वर्षों से निःस्वार्थ भाव से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कर अनगिनत जीवन बचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है। संस्था प्रत्येक वर्ष स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित कर समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सराहनीय कार्य करती है।

सचिव राजकुमार जैन ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य थैलिसीमिया से ग्रस्त बच्चों को रक्त की उपलब्धता करवाना है। गत वर्ष में रक्तदान शिविर का आयोजन करने वाली 125 से अधिक संस्थाओं का सोसायटी द्वारा सम्मान किया जाएगा।

Kota Mandi: आवक की कमी से कोटा मंडी में चना, सोयाबीन, सरसों तेज बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को आवक की कमी से सोयाबीन, सरसों 100 रुपये और चना 75 रुपये तेज बिका। आवक बढ़ने से लहसुन एवरेज 300 रुपये मंदा रहा। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 15000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे –

गेहूं नया मिल. लस्टर 2350से 2450 गेहूं एवरेज टुकड़ी2450 से 2500 बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2600, ज्वार शंकर 1700से 2300, ज्वार सफेद 2800से 5000, बाजरा 1800से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200 जौ नया 2100से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा2800 से3,701धान (1509 )3400 से 4250 धान (1847) 3200 से 4101 धान (1718-1885) 4200 से 4550 धान (पूसा-1)3000से 4000 धान (1401-1886)-4100से 4250 धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5600 से 6600 सोयाबीन बीज क्वालिटी 6600 से 6751 सरसों 6500से 7251 अलसी 8000से 9050 तिल्ली 7000से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000से 7400,उड़द 4500 से 7000 चना देशी 4800 से 5350 चना मौसमी नया 5100 से 5250 चना पेप्सी 5100से 5251चना डंकी पुराना 4000से4600चना काबुली 5500से 6900 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3500से 15500, मैथी नयी 5800से 6650 धनिया बादामी 11000से 11300 धनिया ईगल 11500से 12000 धनिया रंगदार 13000से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

बांद्रा टर्मिनस–गोरखपुर–रतलाम अनारक्षित विशेष ट्रेन का संचालन कल से

यह गाड़ी कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर, बयाना एवं भरतपुर स्टेशनों से होकर गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की सुविधा एवं अतिरिक्त यात्रीभार को क्लियर करने के उद्देश्य से रेल प्रशासन द्वारा बांद्रा टर्मिनस–गोरखपुर–रतलाम के मध्य अनारक्षित विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09157 (बांद्रा टर्मिनस–गोरखपुर) दिनांक 10.05.2026 रविवार को 01 फेरे में बांद्रा टर्मिनस से 00.30 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 14.17 बजे, सवाई माधोपुर 16.27 बजे, बयाना जंक्शन 18.37 बजे एवं भरतपुर जंक्शन 19.27 बजे होते हुए अगले दिन सोमवार को 17.30 बजे गोरखपुर पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09158 (गोरखपुर–रतलाम) दिनांक 11.05.2026 सोमवार को 01 फेरे में गोरखपुर से 20.30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन मंगलवार भरतपुर जंक्शन 15.47 बजे, बयाना जंक्शन 16.37 बजे, सवाई माधोपुर 18.42 बजे एवं कोटा जंक्शन 20.52 बजे होते हुए तीसरे दिन बुधवार को 01.00 बजे रतलाम पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली, वापी, सूरत, वडोदरा जंक्शन, गोधरा, रतलाम जंक्शन, नागदा, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर, बयाना जंक्शन, भरतपुर जंक्शन, मथुरा जंक्शन, हाथरस सिटी, कासगंज, बरेली सिटी, इज्जतनगर, पीलीभीत, मैलानी, सीतापुर, बुढ़वल, गौरी बाजार, खलीलाबाद, बस्ती तथा गोरखपुर जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी।

वीसीके के समर्थन से टीवीके को बहुमत, विजय के ‘थलपति’ बनने का रास्ता साफ

चेन्नई। Vijay Next CM of Tamil Nadu: अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के लिए तमिलनाडु में सरकार बनाने की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है। विदुथलाई चिरुथाईगल काची (VCK) ने TVK को बिना किसी शर्त के अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के साथ ही विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन ने विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है।

तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत होती है। अपने पहले ही चुनाव में विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीती थीं, लेकिन वह बहुमत से थोड़ी दूर रह गई थी।

अब कांग्रेस (5 विधायक), CPI (2 विधायक), CPI (M) (2 विधायक) और अब VCK के 2 विधायकों के साथ आने से इस गठबंधन की कुल संख्या 119 पहुंच गई है।

इस राजनीतिक घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए TVK नेता आधाव अर्जुन ने इसे एक बड़ी “जीत” बताया। उन्होंने समर्थन के लिए कांग्रेस, वामपंथी दलों और VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन का आभार जताया। VCK की ओर से विधायक दल के नेता वन्नी अरासु ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को समर्थन पत्र सौंप दिया है।

9 मई 2026 की तारीख वाले इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राज्य में एक स्थिर और लोकतांत्रिक सरकार देने के लिए VCK, सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन कर रही है।

समर्थन देने वाले दो विधायकों में तिंदिवनम से वन्नी अरासु और कट्टुमन्नारकोइल से एल.ई. जोथिमणि के नाम शामिल हैं। खुद VCK अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने भी अलग से राज्यपाल को पत्र लिखकर पार्टी के इस फैसले की जानकारी दी है।

बता दें कि कि विजय ने दो विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल की है। नियम के मुताबिक, उन्हें एक सीट खाली करनी होगी, जिससे उनकी पार्टी की अपनी संख्या 107 हो जाएगी, लेकिन सहयोगियों के साथ उनका गठबंधन 118 के सुरक्षित आंकड़े से ऊपर (119) रहेगा।

अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। वह जल्द ही राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। इस नए गठबंधन के बाद राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होने की उम्मीद है।

पुस्तकालय एआई से प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे, बल्कि समाज को नई दिशा देंगे: डॉ दीपक

कोटा। राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा के संभागीय पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अब पुस्तकालयों के लिए भविष्य की अवधारणा नहीं, बल्कि वर्तमान में ज्ञान सेवाओं को परिवर्तित करने वाली वास्तविक शक्ति बन चुकी है।

वे नई दिल्ली में आयोजित प्रेक्टीकल इंप्लीकेशन ऑफ आर्टीफ़ीसियल इंटेलीजेन्स इन मॉडर्न पब्लिक लाईब्रेरीज : ट्रांसफोर्मिंग सर्विसेज , एम्पावरींग कम्युनिटीज़विषय पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहे थे।

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सार्वजनिक पुस्तकालयों को केवल सूचना भंडार से आगे बढ़ाकर बुद्धिमान, समावेशी एवं समुदाय-केंद्रित ज्ञान तंत्र में परिवर्तित कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुस्तकालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रश्न केवल तकनीक का नहीं, बल्कि सामाजिक, नैतिक, शैक्षिक एवं मानवीय मूल्यों का भी है।

अपने व्याख्यान में उन्होंने पुस्तकालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक उपयोगों जैसे बुद्धिमान खोज प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कैटलॉगिंग, उपयोगकर्ता सहायता हेतु चैटबॉट, संग्रह प्रबंधन में प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, अभिलेखों का डिजिटलीकरण तथा दृष्टिबाधित पाठकों के लिए सुलभता तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) बहुभाषीय सेवाओं, व्यक्तिगत सूचना खोज तथा वंचित समुदायों के डिजिटल समावेशन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि आने वाले समय में पुस्तकालयों की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) साक्षरता के प्रमुख केंद्र बनेंगे, जहाँ नागरिकों को नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपयोग, फेक न्यूज, डीपफेक, एल्गोरिदमिक पक्षपात तथा डिजिटल सत्यापन के बारे में जागरूक किया जाएगा।

उनके अनुसार भविष्य के पुस्तकालय AI से प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे, बल्कि समाज को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को समझने और जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की दिशा देंगे।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पुस्तकालयाध्यक्षों का स्थान नहीं लेगा, लेकिन जो पेशेवर तकनीकी परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को विकसित नहीं करेंगे, वे प्रासंगिकता खो सकते हैं। उन्होंने पुस्तकालय पेशेवरों के लिए निरंतर प्रशिक्षण, अंतर्विषयी अध्ययन तथा तकनीकी दक्षता को आवश्यक बताया।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों (यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका , श्रीलंका) के विद्वानों, शोधकर्ताओं, पुस्तकालय विज्ञान विशेषज्ञों एवं तकनीकी पेशेवरों ने भाग लिया।

गीता भवन में लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने रखी राधा-कृष्ण मंदिर के निर्माण की आधारशिला

समारोह में निर्माण कार्य में सहयोग देने वाले भामाशाहों का किया विशेष सम्मान

कोटा। आध्यात्मिक सेवा केंद्र ‘गीता भवन’ के 60 साल पुराने श्री राधा-कृष्ण मंदिर के कायाकल्प की ऐतिहासिक शुरुआत शनिवार को हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वैदिक रीति से भूमि पूजन कर नवीन मंदिर का शिलान्यास किया।

समारोह में क्षेत्रीय विधायक संदीप शर्मा, भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन और नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मंदिर निर्माण के पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले उन भामाशाहों का विशेष सम्मान किया गया। जिन्होंने लगभग 45 लाख रुपए की प्रारंभिक राशि दान स्वरूप भेंट की है।

शिलान्यास के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गीता भवन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह स्थान आध्यात्मिक चेतना और ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का जीवंत केंद्र बन चुका है।

बिरला ने इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का युग बताते हुए कहा कि अयोध्या के श्री राम मंदिर से लेकर काशी, महाकाल और राजस्थान के खाटू श्याम व सालासर धाम जैसे आस्था के केंद्रों का पुनर्निर्माण आज दुनिया को शांति का संदेश दे रहा है।

उन्होंने कोटा के मथुराधीश जी मंदिर और गोदावरी धाम जैसे स्थानीय तीर्थों के विकास का भी जिक्र किया और घोषणा की कि इंदरगढ़ माताजी मंदिर में जल्द ही रोपवे का निर्माण होगा। जिससे पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि गीता भवन चिकित्सा और भोजन के क्षेत्र में भी अनुकरणीय कार्य कर रहा है और जल्द ही मथुराधीश जी कॉरिडोर का निर्माण भी शुरू होगा। समारोह में निर्माण संयोजक कृष्ण कुमार खंडेलवाल, सह-संयोजक कुंती मूंदड़ा, मंत्री रामेश्वर प्रसाद विजय, कोषाध्यक्ष गिरिराज गुप्ता, सहसंयोजक कुंती मूंदड़ा, महेंद्र मित्तल सहित प्रबंधन समिति के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विस्तार और आधुनिक सुविधाओं का होगा संगम
गीता भवन के अध्यक्ष गोवर्धन खंडेलवाल ने मंदिर के तकनीकी पक्षों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान ढांचा 60 वर्ष पुराना और चूने से बना था। जो वर्तमान की बढ़ती भीड़ के लिए छोटा पड़ रहा था। पहले का हॉल मात्र 1350 वर्ग फीट (30 गुणा 45) का था। जिसे अब विस्तारित कर लगभग 7038 वर्ग फीट (102 गुणा 69) का भव्य रूप दिया जा रहा है। कुल 12 हजार वर्ग फीट के निर्मित क्षेत्रफल वाला यह नया मंदिर दो मंजिला होगा। इसमें पहली बार परिक्रमा मार्ग की व्यवस्था की गई है। साथ ही मुख्य हॉल के साथ-साथ फ्रंट व साइड बरामदे, आधुनिक प्याऊ, कार्यालय और स्टोर का निर्माण भी किया जाएगा।

कलात्मक चित्रण और जन्माष्टमी तक निर्माण का लक्ष्य
प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि मंदिर के प्रथम तल को विशेष रूप से कलात्मक और दर्शनीय बनाया जाएगा। यहाँ भगवान श्री कृष्ण की विविध लीलाओं और श्रीमद्भगवद्गीता के अनमोल उपदेशों का जीवंत चित्रण किया जाएगा। जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

लगभग 2 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले इस मंदिर के निर्माण में विशेषज्ञ वास्तुकारों और सोमपुरा शिल्पकारों की मदद ली जा रही है। निर्माण समिति ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आगामी श्री कृष्ण जन्माष्टमी तक इस भव्य ढांचे को पूर्ण कर लिया जाए ताकि श्रद्धालु नए स्वरूप के दर्शन कर सकें।

दो प्रसूताओं की मौत के बाद ड्रग कंट्रोल विभाग ने 24 दवाओं पर लगाया प्रतिबंध

कोटा। राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज में सीजेरियन डिलीवरी के बाद दो प्रसूताओं की मौत और कई मरीजों की हालत बिगड़ने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बड़ा कदम उठाते हुए गायनी वार्ड में उपयोग होने वाली 24 प्रकार की दवाइयों और मेडिकल उपकरणों के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी है। यह रोक जांच रिपोर्ट आने तक प्रभावी रहेगी।

सूत्रों के अनुसार, कोटा मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में हाल ही में सीजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद दो महिलाओं की मौत हो गई, जिससे अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती आशंका के आधार पर दवाओं और मेडिकल सप्लाई की गुणवत्ता पर सवाल उठे, जिसके बाद जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।

ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने जांच के मद्देनजर कोटा मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में ऑपरेशन के बाद उपयोग होने वाली 24 प्रकार की दवाइयों और उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इनमें कई महत्वपूर्ण मेडिकल सामग्री शामिल हैं, जिनका उपयोग सीजेरियन ऑपरेशन के बाद मरीजों के उपचार में किया जाता है।

ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने इस मामले में अलग-अलग पत्र जारी कर राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) और प्रदेश के सभी दवा विक्रेताओं—रिटेलर और होलसेलर—को निर्देश दिए हैं कि वे इन दवाइयों की सप्लाई तत्काल प्रभाव से रोक दें।

निशुल्क दवा योजना की सप्लाई भी जांच के घेरे में
इन 24 दवाइयों में से 15 दवाइयां ऐसी हैं, जो राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत RMSCL द्वारा कोटा मेडिकल कॉलेज को सप्लाई की गई थीं। इनमें आईवी सेट, सिरिंज, ग्लूकोस की बोतलें और विभिन्न प्रकार के इंजेक्शन शामिल हैं, जिनका उपयोग ऑपरेशन के बाद मरीजों के उपचार में किया जाता है। इन दवाइयों की गुणवत्ता और उपयोग को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसके चलते इनकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

9 दवाइयों की भी जांच
इसके अलावा 9 अन्य दवाइयां और मेडिकल उपकरण भी जांच के दायरे में हैं, जिन्हें कोटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर खरीद कर मरीजों में उपयोग किया था। इनमें भी इंजेक्शन, ग्लूकोस बोतल, आईवी सेट और कैथेटर जैसी सामग्री शामिल है।

ड्रग कंट्रोल विभाग ने इन सभी स्थानीय स्तर पर खरीदी गई दवाइयों के सैंपल जांच के लिए ले लिए हैं और रिपोर्ट आने तक इनके उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है।

सप्लाई और बिक्री पर भी सख्ती, पूरे प्रदेश में अलर्ट
ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन 15 लिस्टेड दवाइयों की सप्लाई किसी भी अन्य सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में नहीं की जाएगी। साथ ही, इन दवाओं की सप्लाई चेन को पूरी तरह रोकने के आदेश दिए गए हैं।

इसके अलावा जिन 9 दवाइयों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, उनकी बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। इसके लिए प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोर, रिटेलर्स और होलसेलर्स को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगा आगे का कदम
ड्रग कंट्रोल विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए यह अस्थायी रोक लगाई गई है।

इस घटना के बाद कोटा मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि क्या दवाइयों की गुणवत्ता में कमी थी या फिर किसी अन्य कारण से यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और स्वास्थ्य विभाग इसे गंभीरता से लेकर आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है।

तमिलनाडु की सियासत में भारी उथल-पुथल, 118 के आंकड़े से दूर विजय की पार्टी

चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत में इस समय भारी उथल-पुथल मची हुई है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) बहुमत के बेहद करीब पहुंचकर भी जादुई आंकड़े से दूर खड़ी नजर आ रही है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और विजय के बीच मुलाकातों का दौर जारी है, लेकिन सरकार गठन की तस्वीर अब तक साफ नहीं हो सकी है।

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। हालिया चुनाव में विजय की पार्टी TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।

हालांकि, विजय ने खुद दो सीटों से चुनाव जीता है। नियमानुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे उनकी प्रभावी सदस्य संख्या 107 रह गई है। बहुमत के लिए विजय को अब भी 11 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

टीवीके के पास फिलहाल 107 विधायक हैं। कांग्रेस के पांच, बाहरी समर्थन के साथ सीपीआई के दो, सीपीआईएम के दो विधायकों का बिना शर्त बाहर से समर्थन है। इसके बाद भी कुल विधायकों की संख्या 116 है। जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए विजय को अब भी 2 और विधायकों की दरकार है।

सरकार गठन की प्रक्रिया उस समय विवादों में घिर गई जब TTV दिनाकरण की पार्टी अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) ने TVK के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दिनाकरण ने आरोप लगाया कि विजय की पार्टी ने उनके एकमात्र विधायक एस. कामराज का एक ‘फर्जी समर्थन पत्र’ राज्यपाल को सौंपा है। उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र का मजाक’ और ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ करार दिया।

टीवीके ने पलटवार करते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें विधायक कामराज कथित तौर पर खुद समर्थन पत्र लिखते हुए और विजय को समर्थन देने की बात कहते नजर आ रहे हैं। टीवीके का दावा है कि कामराज ने दिनाकरण की सहमति से ही यह कदम उठाया था।

दिनाकरण का कहना है कि उनके विधायक से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उन्हें ‘पोच’ (अवैध रूप से अपने पाले में करना) किया गया है। AMMK ने स्पष्ट किया है कि वे AIADMK के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन के साथ हैं।

विजय को समर्थन देने वाले दलों ने अपनी-अपनी शर्तें और दावे पेश किए हैं। कांग्रेस ने TVK को समर्थन तो दिया है, लेकिन शर्त रखी है कि गठबंधन में किसी भी सांप्रदायिक ताकत को जगह नहीं दी जाएगी। बदले में टीवीके ने कांग्रेस को दो मंत्री पद और एक राज्यसभा सीट का प्रस्ताव दिया है।

वामपंथी दल 4 सीटों के साथ CPI और CPI(M) ने राज्य में राष्ट्रपति शासन से बचने और बीजेपी को रोकने के लिए टीवीके को बाहरी समर्थन दिया है। वे सरकार में शामिल नहीं होंगे। वीसीके के समर्थन को लेकर भारी असमंजस है।

शुक्रवार शाम पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से समर्थन का ट्वीट किया गया, लेकिन उसे तुरंत डिलीट कर दिया गया। खबर है कि वीसीके एक उप मुख्यमंत्री पद और कैबिनेट बर्थ के लिए हार्ड बार्गेनिंग कर रही है। मुस्लिम लीग ने पहले समर्थन के संकेत दिए थे, लेकिन बाद में यू-टर्न लेते हुए साफ कर दिया कि वे डीएमके गठबंधन के साथ ही बने रहेंगे।

राज्यपाल का फैसला बाकी
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय की सरकार बनाने की दावेदारी को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है। राज्यपाल का रुख स्पष्ट है कि बिना 118 विधायकों के लिखित और सत्यापित समर्थन के वे किसी को आमंत्रित नहीं करेंगे।

पश्चिम बंगाल: नए सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने भी ली शपथ

समारोह के बाद पीएम मोदी ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को दंडवत प्रमाण किया

कोलकाता। Bengal CM Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई और शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी पीएम मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष समेत चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के बाद पीएम मोदी ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को दंडवत प्रमाण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्यों को बधाई दी। शुभेंदु अधिकारी के साथ इन पांच विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली हैं।

इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक शामिल हैं। नए सीएम बने शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर लिया आशीर्वा