Wednesday, June 24, 2026
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तेल का खेल : ग्राहकों को हर साल 250 करोड़ रुपये की चपत

कोटा। हाल ही में इलेक्ट्रोनिक चिप के जरिए पेट्रोल पंप पर हो रहे घोटाले के वीडियो खूब वायरल हुए। अब खबरे है कि यह पूरा घोटाला करीब 250 करोड़ रुपये सालाना का हो सकता है। यह कीमत तब आंकी जा रही है, जब माना जाए कि पेट्रोल पंप पर 10 फीसदी कम तेल दिया जाता है।

पेट्रोलियम मंत्रायल के आंकड़ो के अनुसार, राज्यों के 59,595 पेट्रोल पंपों से 3.5 करोड़ उपभोक्ताओ द्वारा करीब 2,500 करोड़ रुएये का पेट्रोल-डीजल हर साल खरीदा जाता है। लोगों ने कहा कि यूपी एसटीएफ द्वारा सामने लाया गया घोटाला समूद्र में बाल्टी पर भर पानी के समान है। एसटीएफ ने 7 पेट्रोल पंपों पर छापेमारी कर ईंधन देने में घोटाले का खुलासा किया था।

इस घोटाले में 1000 से ज्यादा मशीनों से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी रविंद्र ने कहा कि लोगों को 10 से 15 फीसदी कम तेल मिलता है। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसटीएफ का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा मुरादाबाद में भी 5 पेट्रोल पंपों पर छापेमारी में 2 इंजीनियरों को हिरासत में लिया गया।

इस मुद्दे पर एसटीएफ का गठन करने वाले पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कारवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह लोगों को पेट्रोल पंपों से भरोसा कम होगा। इस पूरे प्रकरण में सिर्फ कम ईँधन ही नहीं, बल्कि ईंधन में मिलावट भी बड़ी समस्या है। 

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सात पेट्रोल पंप में चिप और रिमोट कंट्रोल के जरिए पेट्रोल और डीजल की चोरी का खेल पकड़ा गया । सभी पेट्रोल पंपों की मशीनों में तेल चुराने के लिए लगाई गई चिप और इनके रिमोट बरामद हुए हैं। पेट्रोल पंप पर तेल की चोरी एक चिप के माध्यम से होती है। इस चिप के खेल में एक हजार रुपए का पेट्रोल-डीलज भरवाने पर ग्राहक को 100 से 50 रुपए की चपत लगाई जा रही थी।

ऐसे देते थे धोखा

पेट्रोल पंप में इस खेल में अमूमन दो से तीन लोग शामिल रहते थे। इसमें एक पेट्रोल डालता था और दूसरा कैश का बैग लेकर खड़ा रहता था। बैग लेकर खड़े रहना वाला पैसों के साथ ही रिमोट रखता था। मौका मिलते ही वह रिमोट दबा देता। रिमोट के दबाते ही पाइप से तेल गिरना बंद हो जाता था लेकिन मशीन की स्क्रीन पर तेल और पैसे का मीटर अपनी रफ्तार से ही चलता रहता था।

आप मीटर रीडिंग देखते रहे और सेंध लग गई

मान लें कि आप पेट्रोल पम्प पर गए और 600 रुपये का पेट्रोल डलवाया। 600 रुपये का पेट्रोल भरवाने में करीब 1 सवा मिनट का समय लगता है। आपका सारा ध्यान मीटर की रीडिंग पढ़ने में निकल जाता है और अगर इस बीच 10 सेकंड के लिए भी स्विच ऑफ होता है तो समझ लीजिए कि आपके 600 रुपये के पेट्रोल में करीब 50-100 रुपये का टांका यह शातिर लगा देते हैं।

ह्युंदै ने नई एसयूवी कोना का टीज़र लॉन्च किया

नई दिल्ली। ह्युंदै मोटर्स ने अपनी आने वाली नई एसयूवी ‘कोना’ का एक नया टीज़र लॉन्च किया है। यह नई एसयूवी इस साल जून में होने वाले न्यूयॉर्क ऑटो शो में पेश की जाएगी। भारतीय मार्केट के हिसाब से ऐसा माना जा रहा है कि यह एसयूवी ह्युंदै की क्रेटा और ट्यूसन के बीच के सेगमेंट के लिए लाई जाएगी।  इस एसयूवी के जरिए ह्युंदै इंटरनैशनल मार्केट में अपनी प्रतिद्वंद्वी निसान ज्यूक को कड़ी टक्कर देने की योजना बना रही है।

ह्युंदै की यह एसयूवी i20 के प्लैटफॉर्म पर बनी है और बड़े अंतरराष्ट्रीय मार्केट को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इससे पहले ह्युंदै ने अपनी क्रेटा को केवल भारत और साउथ अफ्रीका जैसे इमर्जिंग मार्केटों के लिए ही पेश किया था। यह कार कूपे-एसयूवी कॉन्सेप्ट पर आधारित है।  हाल में रिलीज़ किए गए टीज़र में कोना के ड्यूल हेडलाइट सेटअप की डिजायन को दिखाया गया है। यह हेडलाइट निसान ज्यूक की तरह ही स्लीक डिजायन की है।

 ह्युंदै इस क्रॉसओवर में स्टाइलिश इंटीरियर और एक्सटीरियर का इस्तेमाल करेगा। ऐसा भी कहा जा रहा है कि ह्युंदै इस कार में हाल में लॉन्च की गई i30 हैचबैक में इस्तेमाल किए जा रहे इंजन को ही लगाएगी।यह कार भारत में कब लॉन्च होगी इसकी कोई सूचना नहीं है लेकिन ह्युंदै की आक्रामकता से साफ है कि वह भारत में भी एसयूवी सेगमेंट पर ही फोकस कर रहा है इसी को देखते हुए भारत में ट्यूसन और सैंटा फे पेश की गई थीं।

नीट परीक्षा को देख बस मालिकों ने बढ़ाया किराया

कोटा।  नीट परीक्षा को देख बस मालिकों ने किराया बढ़ा दिया है। यहाँ  से हजारों विद्यार्थी परीक्षा देने दूसरे शहरों में जाएंगे। एेसे में विद्यार्थियों ने अभी से ही भीड़भाड़ से बचने के लिए टिकट बुक करवाना शुरू कर दिया है। यात्री भार देखते हुए  बस मालिकों ने इस मौके का फायदा उठाना शुरू कर दिया है । बस मालिकों ने विभिन्न रूटों पर किराए में वृद्धि कर दी है।

बस मालिकों का कहना है कि कोटा से जयपुर का किराया निजी बस संचालक ने सिटिंग का 300 और स्लीपर का 400 रुपए किराया बताया, जबकि यह किराया आमदिनों में 200 व 300 रुपए ही है। इसी तरह अजमेर व जोधपुर रूट की बसों के किराए में भी 50 से 100 रुपए की बढ़ोतरी की है। इस किराए में परीक्षा तिथि तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

हाँ किराया बढ़ाया 

बस मालिक अमित शर्मा का कहना है  कि परीक्षा के लिए अतिरिक्त बसें लगाते हैं। बाद में सभी रूटों की बसें खाली आती हैं। इसलिए किराए में 50 से 100 रुपए की बढ़ोतरी की है।

दरा से झालावाड़ के बीच बनेगा 6 लेन का हाइवे, 1550 करोड़ होंगे खर्च

कोटा। कोटा से दरा के बीच बन रहे 34 किलोमीटर के हाइवे को झालावाड़ से जोड़ने के लिए भी अब 6 लेन की सड़क बनाने की तैयारी हो गई है। इसे केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की स्वीकृति मिल गई है। जिसके आधार पर जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए रामगंजमंडी झालावाड़ के एसडीओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। 

एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार कोटा से दरा के बीच के 34.3 किलोमीटर सीसी सड़क का काम पीडब्ल्यूडी एनएच खंड के माध्यम से किया जा रहा है। इसका काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में दरा से तीन धार के बीच का करीब 58 किलोमीटर सड़क काे भी मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है। पीडी अनुपम गुप्ता ने बताया कि इस पर करीब 1550 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिसकी डीपीआर बनकर मंत्रालय को पहुंचा दी गई है।

यहां पर बनने वाले छह लेन के हाइवे के लिए करीब 150 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए रामगंजमंडी एसडीओ को जिम्मेदारी दी गई है, जिन लोगों की जमीन ली जानी है, उनका नोटिफिकेशन हो गया है। इसके आधार पर अब सुनवाई करके जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

600 करोड़ में बनेगी एलीवेटेड रोड
पीडीगुप्ता ने बताया कि दरा के जंगल को पार करते हुए 10 किलोमीटर का एलीवेटेड रोड बनाया जाएगा। जिस पर 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बाकी 58 सड़क पर 900 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह सड़क सभी कस्बों को बाईपास करते हुए बनेगी। कोटा से दरा तक बनने वाली सड़क के आगे एलीवेटेड रोड होगा। इसमें दरा, सहरावदा, कमलपुरा, ढाबादेह, सुकेत झालावाड़ और झालरापाटन को भी बाईपास किया जाएगा। इस हाइवे को दो साल में पूरा करने की योजना सरकार की है।

सड़क का काम शुरू

पीडब्ल्यूडी मंत्री युनूसखान ने बताया कि कोटा से झालावाड़ के बीच की सड़क काफी पुरानी थी, उखड़ी हुई थी, हमने प्रयास करके इसे नया बनाने का प्रस्ताव लिया, कोटा से दरा के बीच की सड़क का काम शुरू हो चुका है। अब दरा से झालावाड़ तीन धार तक की सड़क को बनाने का काम शुरू कर रहे हैं। इसे सरकार की मंजूरी मिल गई है। बजट स्वीकृत होकर अब डीपीआर की मंजूरी होना बाकी है।

 

इंस्टाग्राम की नई क्वीन बनीं कैटरीना, एक ही दिन में १० लाख फॉलोवर्स

मुंबई। कैटरीना कैफ इंस्टाग्राम की नई क्वीन बन गई हैं। उन्होंने हाल ही में फोटो शेयरिंग वेबसाइट इंस्टाग्राम पर डेब्यू कर अपनी पहली तस्वीर शेयर फैंस के लिए शेयर की थी। एक ही दिन में कैटरीना के चाहने

कैटरीना के फॉलोअर्स की संख्या एक ही दिन में 10 लाख पार कर गई। उनके फैंस और दोस्त इस डेब्यू से काफी खुश नजर आ रहे हैं। कैट के खास दोस्तों में शुमार सलमान खान और आलिया भट्ट ने तो उनका स्पेशल वेलकम भी किया था। सलमान खान ने लिखा, ‘इंस्टा पर इस शेरनी का स्वागत करें।’ वहीं आलिया ने लिखा की आखिर सभी ने मिलकर कैट को इंस्टाग्राम पर आने के लिए राजी कर ही लिया।

डायरेक्टर करण जौहर भी कैट के वेलकम में पीछे नहीं रहे। करण ने उनकी सोते हुए तस्वीर डालते हुए लिखा, ‘खूबसूरत कैटरीना कैफ अब इंस्टाग्राम पर हैं।’ ‘जग्गा जासूस’ में उनकी को-स्टार सयानी गुप्ता ने भी कैट का इस प्लेटफॉर्म पर स्वागत किया। कैट के फैंस उन्हें इंस्टाग्राम पर देख कर जितने उत्साहित हैं उतनी ही वह खुद भी हैं। फैंस के लिए वह रोजाना एक तस्वीर पोस्ट कर रही हैं।

JEE (advance): मेरिट में आने के लिए 35 प्रतिशत अंक जरूरी

कोटा। JEE Mains पास करने के बाद अब एडवांस परीक्षा में छात्रों के सामने अंकों की बाध्यता भी एक चुनौती है। JEE Mains से अब छात्र को न केवल विषयवार अंक लाने होंगे बल्कि कुल कम से कम 35 प्रतिशत अंक लाने भी अनिवार्य होंगे। इससे कम अंक आने पर आईआईटी की कॉमन मेरिट लिस्ट में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। आपको बता दें कि शुक्रवार से ही JEE (advance) 2017 की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन के लिए यहाँ क्लिक करें 

गूगल के सीईओ पिचाई का पैकेज दोगुना हुआ

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ह्यूस्टन। गूगल के 44 वर्षीय भारत में जन्मे सीईओ सुंदर पिचाई को पिछले साल वेतन व अन्य मद में 20 करोड़ डॉलर (करीब 1,280 करोड़ रुपये) मिले। यह 2015 में उन्हें मिली राशि से दोगुनी है। पिचाई अगस्त, 2015 में कंपनी के पुनर्गठन के दौरान सीईओ नियुक्त किए गए थे।

पिचाई ने पिछले साल 6,50,000 डॉलर का वेतन प्राप्त किया, जो 2015 में 6,52,500 डॉलर से थोड़ा कम है। लेकिन 2016 में उन्होंने 19.87 करोड़ के शेयर प्राप्त किए। ये 2015 में मिले 9.90 करोड़ के स्टॉक अवॉर्ड से करीब-करीब दोगुना है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की कॉम्पन्सेशन कमेटी ने इस आकर्षक पैकेज के पीछे पिचाई के सीईओ के पद पर पदोन्नति और कई सफल प्रॉडक्ट लांच को कारण बताया है।

गूगल के सह-संस्थापक व पूर्व सीईओ लैरी पेज इसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के अधीन नए कारोबार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिचाई के नेतृत्व में गूगल की अपने प्रमुख विज्ञापनों एवं यूट्यूब कारोबार से बिक्री बढ़ी है। इस दौरान कंपनी ने मशीन लर्निंग, हार्डवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग में भी निवेश किया है।

साल 2016 में गूगल ने नए स्मार्टफोनों, वर्चुअल रियलिटी हेडसेट, राउटर और वॉयस कंट्रोल्ड स्मार्ट स्पीकर बाजार में उतारे। गूगल की अन्य रेवेन्यू वर्ग से कमाई हाल की तिमाही में 3.1 अरब डॉलर (करीब 199 अरब रुपये) तक पहुंच गई जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 50 फीसद ज्यादा है।इस वर्ग में हार्डवेयर और क्लाउड सर्विसेज इत्यादि शामिल हैं। रिपोर्ट करती है कि इस साल अल्फाबेट के शेयरों में भी तेज उछाल आया है। 

 

 

अहमदाबाद के दलाल ने मंडी व्यापारियों को लगाई 17 करोड़ की चपत

कोटा/ उज्जैन। अनाज के कारोबार में अहमदाबाद  के एक दलाल ने करीब 17 करोड़ रुपए की चपत मंडी व्यापारियों को लगा दी है। इनमें उज्जैन मंडी के व्यापारियों के करीब सवा करोड़ रुपए भी फंसे हैं। दलाल 350 ट्रक गेहूं की खरीदी कर गायब है। रविवार को मंडी कारोबारी मामले को लेकर एसपी से मिलेंगे। कोटा में ५० लाख रुपए की चपत लगाने की व्यापारियों ने पुष्टि की है 

अहमदाबाद स्थित जय अंबिका कॉर्पोरेशन के संचालक केतन ने कोटा, आगर, हरदा, नसरुल्लागंज, खातेगांव तथा उज्जैन की मंडियों से हजारों क्विंवटल गेहूं के कई प्रतिष्ठानों के नाम खरीदा था। खरीदी के एवज में करीब 17 करोड़ रुपए का भुगतान होना था, जो कि अटक गया है। केतन ने उमिया ट्रेडिंग कंपनी, गणेश ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन, जयभवानी इंटरप्राइजेस, श्रीराम सेल्स, ओम ट्रेडिंग कंपनी जैसी करीब 14 फर्में बनाकर हेराफेरी की है।

इनके नाम पर करीब 350 ट्रक गेहूं खरीद लिया गया। काफी समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर करोबारी अहमदाबाद पहुंचे तो पता चला कि सभी प्रतिष्ठानों पर ताले डले हुए हैं। दलाल के कार्यालय पर भी ताला मिला। घबराकर व्यापारियों ने पड़ताल की तो ज्ञात हुआ कि सभी प्रतिष्ठान केवल कागजों पर चल रहे थे। कोटा मंडी के व्यापारियों ने भी इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। 

पांच साल से ऑनलाइन कत्थक सीखा रही है गरिमा

कोटा। पांच साल से ऑनलाइन कत्थक सीखा रही है गरिमा भार्गव  ।  ऑनलाइन एजुकेशन का क्रम 2013 से जारी है। वर्ल्ड डांस डे फेस्टिवल, मैक्सिको में 52 देशों के प्रतिनिधियों के बीच कथक की प्रस्तुति दे चुकीं गरिमा  अब मैक्सिको और दुबई में एकल और ग्रुप में ऑनलाइन  50 स्टूडेंट्स को पढ़ा रही हैं।

हफ्ते में दो दिन इनकी थ्योरी और प्रैक्टिकल कक्षाएं चलती हैं। इन देशों के स्टूडेंट्स को वे ऑनलाइन कथक की विभिन्न भाव-भंगिमाएं समझाती हैं। वे  मैक्सिको से उनके शिष्य भी कोटा विजिट कर चुके हैं। गरिमा का कहना है कि 2011 में भारतीय विदेश मंत्रालय और इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन के माध्यम से वो मैक्सिको में भारत की तरफ से दो साल तक पहले इंडियन कल्चर ऑफिसर रह चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि यह त्रेता युग की प्राचीन नृत्य विधा है। पिछले सालों से वो चार साल से लेकर 48 साल के स्टूडेंट्स को कथक की ट्रेनिंग दे रही हैं। विश्व नृत्य दिवस पर 2012 में मैक्सिको में हुए आयोजन में उन्होंने 45 मिनट तक कथक की प्रस्तुति दी। प्रोग्राम खत्म होने के बाद लोगों ने खड़े होकर तालियां बजाई और सैल्यूट भी किया।

 

गंदे नोट लेने से इंकार नहीं कर सकते बैंक

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के बैंकों को निर्देश

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा है कि बैंक गंदे या लिखे हुए नोट लेने से इनकार नहीं कर सकते। केंद्रीय बैंक ने कहा कि ऐसे नोटों को ‘बेकार नोट’ माना जाना चाहिए और आरबीआई की ‘साफ नोट नीति’ के मुताबिक इससे निपटना चाहिए। दरअसल, रिजर्व बैंक के पास ऐसी शिकायतें आने लगीं कि बैंक खासकर 500 और 2,000 रुपये के वैसे नोट लेने से इनकार कर रहे हैं जिनपर कुछ लिखा हो या जिन पर रंग लग गया हो या फिर धुलाई की वजह से जिनका रंग छूटा हो। इन्हीं शिकायतों के बाद आरबीआई ने बैंकों को यह सर्कुलर जारी किया।

सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलने के बाद कि ऐसे नोट स्वीकार नहीं किए जाएंगे, बैंकों ने गंदे नोट लेने से आनाकानी कर रहे हैं। इस साल फैली नई अफवाहों के बीच आरबीआई ने दिसंबर 2013 के बयान की याद दिलाई। तब आरबीआई ने कहा था कि उसने गंदे नोट स्वीकार नहीं किए जाने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया है।

केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि लिखावट को लेकर उसका निर्देश बैंक स्टाफ्स के लिए था कि वो नोटों पर कुछ नहीं लिखें। यह निर्देश इसलिए देना पड़ा क्योंकि आरबीआई को पता चला कि खुद बैंक अधिकारियों को नोटों पर लिखने की आदत हो गई है जो रिजर्व बैंक की क्लीन नोट पॉलिसी के खिलाफ है। रिजर्व बैंक ने सरकारी कर्मचारियों, संस्थानों और आम लोगों से बैंक नोटों पर कुछ नहीं लिखकर इन्हें साफ-सुथरा रखने में मदद करने का आग्रह किया है।