Thursday, July 9, 2026
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विप्रो का नेट प्रॉफिट 1.2 फीसद बढ़ा, 11,000 करोड़ के शेयर बायबैक को मंजूरी

नई दिल्ली। देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी फर्म विप्रो ने 1.2 फीसद का मुनाफा दर्ज कराया है। इसी के साथ कंपनी का अप्रैल से जून तिमाही के दौरान कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट 2,076.7 करोड़ रुपए का रहा।

इसके अलावा कंपनी बोर्ड ने बायबैक पर 11,000 करोड़ रुपए खर्च करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 34.3 करोड़ शेयरों के बायबैक की मंजूरी दी है, जिसमें प्रति शेयर की कीमत 320 रुपए रखी गई है।

बैंगलुरु बेस्ड कंपनी ने एक साल पहले समान अवधि में 2,052 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय मार्जिनली बढ़कर 14,281.4 करोड़ रुपए के स्तर तक पहुंच गई।

विप्रो जो कि आईटी सेवाओं के जरिए सबसे ज्यादा लाभ कमाती है उसने कहा कि उसे सितंबर तिमाही के दौरान बिजनेस के जरिए 1,962-2,001 मिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।

जून तिमाही के लिए आईटी सर्विस का रेवेन्यू 1971.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा है, जो कि बीते वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 2.1 फीसद ज्यादा रहा है।

यूनिवर्सिटी में जीएसटी पढ़ाया जाए : कल्याण सिंह

प्रधानमंत्री का सपना है कि युवा रोजगार हासिल करने की जगह रोजगार देने वाला बने।

कोटा । कोटा यूनिवर्सिटी के कनवोकेशन की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में जीएसटी पढ़ाया जाए। आने वाले पांच साल में जीएसटी का सकारात्मक असर देश में नजर आएगा। 

राज्यपाल यहाँ गुरुवार को यूआईटी ऑडिटोरियम में आयोजित कोटा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टॉपर्स को मेडल भी प्रदान किये। 

राज्यपाल ने शिक्षकों की सलाह दी है कि अपने अधिकारों के लिए शिक्षक जनप्रतिनिधियों को लेकर संघर्ष करें, लेकिन हड़ताल नहीं। प्रधानमंत्री का सपना है कि युवा रोजगार हासिल करने की जगह रोजगार देने वाला बने। उन्हाेंने कहा कि जिसके हाथ काम, उसके हाथ दाम और आंगन में खुशहाली। उसके हाथ खाली, उसकी जेब खाली और आंगन में कंगाली।

उन्होंने स्टूडेंट्स को सलाह दी कि वह नकल से दूर रहे। नकल करने से नंबर जाएंगे, पर प्रतिभा का विकास नहीं होगा। राज्यपाल ने आह्वान किया कि सभी को देश, शहर, मोहल्ले और गांव के लिए कुछ कुछ करना चाहिए। उन्होंने दो लोगों को साक्षर बनाने की बात भी कही।

दीक्षांत समारोह में अपनी पुत्री को मिले मैडल को चूमते हुए उसकी मां.

राज्यपाल बोले-आज के समय में ईमानदारी कठिन काम है, लेकिन इस पर खरा उतरना होगा। अंत में कहा कि जैसा जिसका आचरण होगा, वैसी ही उसकी आकृति होगी।

 यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. पीके दशाेरा ने स्वागत भाषण देते हुए यूनिवर्सिटी का प्रगति प्रतिवेदन पढ़ा। इससे पहले यूनिवर्सिटी के कुलगीत काे रिलीज किया गया।

लॉ में एडिशन की भ्रांतियां दूर, अब होंगे एडमिशन
उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि लॉ कॉलेज में एडमिशन को लेकर चल रही भ्रांतियां दूर हो गई है। अब लॉ कॉलेज में बिना किसी दिक्कत के छात्रों को एडमिशन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीजी और यूजी में अब ऑनलाइन एडमिशन हो रहे हैं।

स्किल डवलपमेंट के सेंटर्स खोले जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी काे नैक से राशि मिलने के बाद यूनिवर्सिटी का और भी डवलपमेंट होगा। 12 नए राजकीय महाविद्यालय भी खोले गए हैं। उन्होंने कॉलेज यूनिवर्सिटी से जीएसटी के प्रचार प्रसार की बात कही।

टाटा की पहली कॉम्पैक्ट SUV ‘NEXON’ कारों का फर्स्ट बैच तैयार

यह एसयूवी कार टाटा का चौथा ऐसा पैसेंजर वाहन है जिसे इम्पैक्ट डिजाइन फिलॉसफी के तहत बनाया गया है।

नई दिल्ली।टाटा मोटर्स ने गुरुवार को अपनी लेटेस्ट और पहली कॉम्पैक्ट एसयूवी, नेक्सन के पहले बैच की कारों को बना लिया है। इन कारों को टाटा ने अपने पुणे स्थि​त प्लांट में फ्लैग आॅफ किया।

नई दिल्ली के 2016 आॅटो एक्सपो में पहली बार शोकेस की गई। यह एसयूवी कार टाटा का चौथा ऐसा पैसेंजर वाहन है जिसे इम्पैक्ट डिजाइन फिलॉसफी के तहत बनाया गया है।

इसी साल त्योहारी सीज़न में टाटा नेक्सन को आॅफिशली लॉन्च किया जाना है। टाटा मोटर्स के मुताबिक, नेक्सन की डिलिवरी देशभर के डीलर्स को जल्द ही की जाएगी। इस एसयूवी कार में 1.2 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन और 1.5 लीटर डीजल इंजन का आॅप्शन दिया गया है।

इन दोनों इंजनों को 6 स्पीड गियरबॉक्स से लैस किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह नई एसयूवी कार ईंधन खपत के लिहाज से कस्टमर के लिए फायदेमंद साबित होने वाली है।टाटा मोटर्स की पुणे स्थित इनहाउस फैसिलिटी में डिज़ाइन की गई इस कार के इंजनों को AVL, Bosch, Mahale और Honeywell सरीखे ग्लोबल टेक्नॉलजी सप्लायर्स से मिले इनपुट के आधार पर तैयार किया गया है।

नेक्सन का फुल फॉर्म नेक्स्ट आॅन है और इसका मतलब है कि यह कार अगली जेनरेशन के लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। लॉन्चिंग के बाद बाजार में इसका मुकाबला मुख्य रूप से मारुति सुजुकी विटारा ब्रेत्जा और फोर्ड इकोस्पॉर्ट से होगा।

जीएसटी में चैलेंजेज, डीलर्स कैसे करें सामना- देखिए वीडियो

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कोटा। जीएसटी सरकार ने लागू कर दिया, किन्तु इसमें करदाता डीलर्स के सामने इतने चैलेंजेज पैदा कर दिए कि व्यापारियों ने कई जगह बिल बनाने तक शुरू नहीं किये। कुछ रिवर्स चार्ज को लेकर असमंजस में हैं और कुछ जीएसटी रेट को लेकर संशय में हैं। देखिये हमारे सीए मिलिंद विजयवर्गीय का यह वीडियो —

रिलायंस जनरल को हुआ 22% का मुनाफा, जियो पर रहेगी नजर

नई दिल्ली। रिलायंस जनरल इंश्योरंस ने आज 22% के लाभ का ऐलान किया है। जून में समाप्त होने वाली पहली तिमाही में कम्पनी को 44 करोड़ का मुनाफा हुआ है। कंपनी का ग्रॉस रिटेन प्रीमियम 41% से 1,278 करोड़ रुपये तक बढ़ गया है। 

कंपनी के सीईओ राकेश जैन ने कहा कि कंपनी अपने हर बिजनेस में लगातार मुनाफा दर्ज कर रही है।  उन्होंने कहा कि रीटेल निवेशकों के लिए यह धन निर्माण का एक बहुत अच्छा मौका है। इससे वो इस विकास और लाभकारी यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं। 

गुरुवार को जारी होने वाले रिलायंस इंडस्ट्री के पहली तिमाही के नतीजों को लेकर बाजार में काफी गहमा-गहमी है। इस बार सभी की नजर रिलायंस जियो पर रहेगी जिसके साथ पिछले कुछ समय में सबसे अधिक उपभोक्ता जुड़े हैं। इसके साथ ही शेयर की कीमतों के घटने-बढ़ने पर भी नजर रखी जाएगी।

सफल रिफाइनिंग मार्जिन भी रडार पर रहेंगे। आरआईएल ने पिछले क्वार्टर में जीआरएम के $11.5 पर बैरल बढ़ने की बात कही थी। भारत की सबसे बड़ी कंपनी के पेट्रोकेमिकल डिवीजन पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है। पिछले वर्ष शुरू किए गए सभी प्रोजेक्ट्स के नतीजे इस बार सामने आ जाएंगे। आइए एक बार सभी परियोजनाओं पर नजर डालते हैं।

रिलायंस जियो 
ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस जियो के पास 10% मार्किट शेयर हैं। सीएलएसए की रिपोर्ट के मुताबिक एयरटेल और जियो ही सिर्फ ऐसी दो टेलिकॉम कंपनियां हैं जिन्होंने मई महीने में अपने साथ कई उपभोक्ताओं को जोड़ा। मई के अंत में जियो के 89 मिलियन सब्सक्राईबर थे। जल्द ही रिलायंस सस्ते 4जी हैंडसेट भी जारी कर सकता है जिससे और अधिक उपभोक्ताओं के जियो के साथ जुड़ने के आसार हैं।

शेयर प्राइस 
18 अप्रैल 2017 को रिलायंस टीसीएस को पछाड़ते हुए सबसे बड़ी कंपनी बन गई। समेकित लाभ के 9।15 तक बढ़ने के आसार हैं। रिलायंस इस साल पहले ही 42% रिटर्न दे चुकी है। आने वाले समय में इसके और अधिक बढ़ने के आसार हैं। 

 

 

डी बी कोर्प के शुद्ध लाभ में 5.92% की वृद्धि

नयी दिल्ली। मीडिया कंपनी डी बी कोर्प की जून में समाप्त वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 5.92% बढ़कर 110.11 करोड़ रुपये रहा।

दैनिक भास्कर अखबार का प्रकाशन करने वाली इस कंपनी ने बीएसई को बताया कि उसे पिछले विा वर्ष की समान अवधि में 103.95 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस तिमाही में परिचालन से उसकी कुल आय 601.24 करोड़ रुपये रही जबकि सालभर पहले इसी अवधि में यह 578.66 करोड़ रुपये थी।

डीबी कोर्प के प्रबंध निदेशक सुधीर अग्रवाल ने कहा, हम अपनी नवोन्मेष शक्ति, ग्राहकों से करीबी, तथा सभी बाजारों में पाठकों के साथ सहयोग को और मजबूत करने के लिए अपनी रणनीति को कर्मठता से लागू करते रहेंगे।

इस तिमाही में अखबारों और पत्रिकाओं से राजस्व 3.49 % बढ़कर 549.35 करोड़ रुपये रहा जबकि सालभर पहले यह 530.81 करोड़ रुपये था।

रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति, मीरा कुमार को भारी अंतर से हराया

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नई दिल्ली। एनडीए उम्मीदवार कोविंद 65.65 फीसदी वोट के साथ देश के 14वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। विचारधारा के लिए लड़ीं विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को कुल 34.35 फीसदी वोट मिले। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान सोमवार को हुआ था।

8 राउंड में हुई वोटों की गिनती में कोविंद शुरू से अंत तक बड़े अंतर से बढ़त बनाए रहे। पहले राष्ट्रपति भवन की मतदान पेटी को खोला गया फिर ऐल्फ़ाबेट के आधार पर राज्यों की मतदान पेटियों के मतों की गणना की गई। सभी वोटों की गिनती 4 अलग मेजों पर की गई और 8 दौर में गिनती पूरी हुई। इस बार करीब 99 प्रतिशत मतदान हुआ था।

संसद भवन के एक मतदान सहित विभिन्न राज्यों में 32 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। चनाव में कुल 4,896 लोग (4,120 विधायक और 776 निवाचर्ति सांसद) वोट देने के लिए पात्र थे। विधान परिषद वाले राज्यों के एमएलसी इलेक्टोरल कॉलेज का हिस्सा नहीं हैं।

विधायकों के मतों का मूल्य राज्य की जनसंख्या पर निर्भर करता है, जिस राज्य से वे विधायक नाता रखते हैं, जबकि सभी सांसदों के मतों का मूल्य एक समान 708 है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की तुलना में अधिकतर मत बिहार के पूर्व राज्यपाल और सत्तारुढ़ गठबंधन राजग रामनाथ कोविंद के पक्ष में डाले गए थे।

भारत का इस वर्ष 7.4 फीसद की ग्रोथ हासिल करना सम्भव : एडीबी

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“अप्रत्याशित बाहरी मांग के कारण एशियाई क्षेत्र में विकास की संभावनाएं में सुधार हुआ है।” 

नई दिल्ली । भारत के साल 2017 में 7.4 फीसद की अनुमानित वृद्धि दर हासिल करने की उम्मीद है। साथ ही यह अगले साल 7.6 फीसद हो सकती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि क्योंकि एशिया और प्रशांत क्षेत्र में दक्षिण एशिया ही वृद्धि का नेतृत्व कर रहा है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की सप्लीमेंट रिपोर्ट में गुरुवार को यह बात कही गई।

सप्लीमेंट ऑफ एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) आउटलुक 2017 में कहा गया, “’इस उपक्षेत्र की सबसे बडी अर्थव्यवस्था भारत के वर्ष 2017 में 7.4 फीसद और वर्ष 2018 में 7.6 फीसद की अनुमानित वृद्धि दर हासिल कर लेने की संभावना है और उसकी प्राथमिक वजह अच्छी खपत मांग होगी।”

एडीबी की इस रिपोर्ट के मुताबिक एशिया और प्रशांत क्षेत्र के सभी उपक्षेत्रों में दक्षिण एशिया सबसे तेजी से वृद्धि करेगा और इसकी वृद्धि दर 2017 में 7 फीसद और 2018 में 7.2 फीसद के मूल अनुमान को हासिल कर लेने की संभावना है।

उसने कहा है कि 2017 में विकासशील एशिया की वृद्धि संभावना में इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अनुमान से ज्यादा निर्यात होने के आधार पर सुधार किया गया है।

 

सस्ता कच्चा तेल और निर्यात की बढ़ती मांग
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशियाई निर्यात की बढ़ती मांग चीन और उसके आस पास की अर्थव्यवस्थाओं के लिए अच्छी खबर है। इस साल ये अर्थव्यवस्थाएं अनुमान से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।

यह अनुमान एशियन डिवेलपमेंट बैंक ने लगाया है। चीन के आस-पास का क्षेत्र चीन के आस-पास का क्षेत्र इस साल 5.9 फीसद की ग्रोथ के साथ बढ़ना चाहिए और साल 2018 में इसकी ग्रोथ 5.8 फीसद रह सकती है। मनीला बेस्ड एक लेंडर ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है।

बैंक ने इससे पहले अपने उस पूर्वानुमान को अपडेट किया जो उसने अप्रैल में लगाया था। उस वक्त उसने इस साल और अगले साल के लिए इस क्षेत्र के 5.7 फीसद की ग्रोथ के साथ बढ़ने का अनुमान लगाया था। एडीबी ने कहा, “अप्रत्याशित बाहरी मांग के कारण एशियाई क्षेत्र में विकास की संभावनाएं में सुधार हुआ है।” 

सेंसेक्स 51 अंक गिरकर 31904 के स्तर पर बंद

सबसे ज्यादा तेजी एक्सिस बैंक, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस और एमएंडएम के शेयर्स में है।

नई दिल्ली ।  दिनभर के उतार चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 51 अंक की कमजोरी के साथ 31904 के स्तर और निफ्टी 26 अंक की कमजोरी के साथ 9873 के स्तर पर बंद हुए हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 0.29 फीसद की कमजोरी और स्मॉलकैप में 0.29 फीसद की बढ़त देखने को मिली है।

फार्मा सेक्टर में मुनाफावसूली
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो बैंक, फाइनेंशियल सर्विस और रियल्टी को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। वहीं, ऑटो (0.47 फीसद), एफएमसीजी (0.59 फीसद), आईटी (0.88 फीसद), मेटल (0.92 फीसद) और फार्मा (0.92 फीसद) की कमजोरी देखने को मिली है।

एक्सिस बैंक टॉप गेनर
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 12 हरे निशान में और 39 लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी एक्सिस बैंक, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस और एमएंडएम के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट ऑरोफार्मा, एनटीपीसी, अल्ट्रा सीमेंट, वेदांता लिमिटेड और बॉश लिमिटेड के शेयर्स में है।

वैश्विक बाजार में तेजी
अंतरारष्ट्रीय बाजार से मिल रहे मजबूती के संकेतों के बीच तमाम एशियाई बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। वहीं, बुधवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक डाओ जौंस 0.31 फीसद की बढ़त के साथ 21640 के स्तर पर, एसएंडपी  500 0.54 फीसद की बढ़त के साथ 2473 के स्तर पर और नैस्डैक 0.64 फीसद की बढ़त के साथ 6385 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

ओएनजीसी टॉप गेनर
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 26 हरे निशान में और 25 गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी ओएनजीसी, कोटक बैंक, रिलायंस, एमएंडएम और एक्सिस बैंक के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट एशियनपेंट, हिंडाल्को, वेदांता लिमिटेड, ल्यूपिन और सनफार्मा के शेयर्स में है।

प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी चाल से PM मोदी नाराज

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कई राज्यों द्वारा भेजी गई लिस्ट में लाभार्थी वेरिफाइड नहीं थे। अभी तक यह जानकारी नहीं है कि राज्यों ने इस योजना के तहत 2015 से अभी तक कितने घर बनाए गए हैं।

नई दिल्ली। अगले पांच सालों में यानी 2022 तक सबको घर दिलाने के प्रॉजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की धीमी चाल से नाराज पीएम मोदी ने प्रॉजेक्ट पूरा करने के लिए राज्यों से प्राथमिकताएं निर्धारित कर रोडमैप पीएमओ को भेजने को कहा है।

केंद्र सरकार शहरी स्थानीय इकाइयों और अन्य एजेंसियों को राज्यों के जरिए प्रॉजेक्ट पूरा करने के लिए फंड मुहैया करा रही है। इस योजना के तहत 2022 तक शहरी गरीबों के लिए 4,025 शहरों में 2 करोड़ अफोर्डेबल घर बनाने हैं।

पीएम मोदी ने 12 जुलाई को विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्य के मुख्य सचिवों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि 2015-16 और 2016-17 में स्वीकृत हुए घरों को 2017-18 के अंत तक पूरा कर लिया जाए। राज्यों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर 2015 से मार्च 2017 तक 2000 शहरों में केवल 17 लाख घरों की स्वीकृति मिली थी। कुल 95,660 करोड़ रुपये के निवेश में केंद्र द्वारा 27,879 करोड़ रुपये मिलने थे।

केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति केवल उन्हीं राज्यों की लिस्ट को मिली थी जिन्होंने लाभार्थियों की वेरिफाइड लिस्ट भेजी थी। कई राज्यों द्वारा भेजी गई लिस्ट में लाभार्थी वेरिफाइड नहीं थे। अभी तक यह जानकारी नहीं है कि राज्यों ने इस योजना के तहत 2015 से अभी तक कितने घर बनाए गए हैं।

पीएम मोदी ने अब राज्यों से स्कीम के ऐक्शन प्लान का साप्ताहिक रिव्यू करने को कहा है। साथ ही सभी राज्यों को 2022 तक टारगेट पूरा करने के रोडमैप को भी पीएमओ के पास भेजने को कहा है। कैबिनेट सचिव इन रोडमैप को मॉनिटर करेंगे।

शहरी विकास मंत्रालय ने हाउजिंग टेक एक्सपर्ट्स के साथ स्कीम का ज्यादा अच्छे से क्रियान्वयन करने के लिए वर्कशॉप आयोजित करने को भी कहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में निजी भागीदारी संतोषजनक नहीं रही है। योजना के कुछ हिस्से पूरी तरह से निजी निवेश पर निर्भर हैं जैसे स्लम का रीडिवेलपमेंट। सरकार के लिए यह चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है।