Wednesday, April 29, 2026
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सावधान: आयकर रिटर्न में नोटबंदी के दौरान जमा राशि का ब्योरा लेगा IT

नई दिल्ली । नए आयकर रिटर्न (आईटीआर) में इनकम टैक्स अधिकारी आयकर भरने वालों से उनके द्वारा नोटबंदी के दौरान जमा कराई गई राशि का ब्योरा मांगेंगे। वित्तिय वर्ष 2017-18 के नए आईटीआर को जल्द अधिसूचित किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि टैक्स अधिकारियों ने एक नया कॉलम बनाया है। इसमें किसी व्यक्ति या इकाई द्वारा पिछले साल 8 नवंबर से 30 दिसंबर के दौरान जमा कराई गई राशि का ब्योरा देने को कहा जाएगा।
सूत्रों ने संकेत दिया कि यह नया कॉलम वेतनभोगियों के लिए सबसे सुगम फार्म आईटीआर-एक या सहज में भी जोड़ा जाएगा। सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग ने करदाताओं को नोटबंदी की अवधि के दौरान आपरेशन स्वच्छ धन और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत बेहिसाबी धन का ब्योरा देने का समुचित अवसर दिया है। इस नए कॉलम को शामिल करने का मकसद किसी व्यक्ति या इकाई द्वारा जमा कराई गई पूरी राशि का ब्योरा लेना है और इसमें कोई सीमा नहीं है।
इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए आधार अनिवार्य
नए आईटीआर में करदाताओं को अपना आधार नंबर बताने का कॉलम जारी रहेगा। इस बार में यह वैकल्पिक नहीं बल्कि अनिवार्य होगा। आधार के जरिये आईटीआर का ई-सत्यापन जारी रहेगा। इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त अब तक आपके लिए पैन कार्ड ही जरूरी होता था, लेकिन अब आधार कार्ड भी इसके लिए अनिवार्य होगा। कुछ दिनों पहले ही लोकसभा में पेश वित्त संशोधन विधेयक में केंद्र सरकार ने इसका प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के मुताबिक टैक्स रिटर्न फाइल करने के अलावा पैन कार्ड के आवेदन के लिए भी आधार कार्ड जरूरी होगा।
इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा लोगों को टैक्स के दायरे में लाने की कोशिश के तहत सरकार ने यह प्रस्ताव रखा है। इनकम टैक्स रिटर्न में आधार कार्ड को अनिवार्य किए जाने से ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके टैक्स के दायरे में लाया जा सकेगा। अब तक करीब 6 करोड़ लोग ही ऐसे हैं, जो इनकम टैक्स फाइल करते हैं और उनके पास पैन कार्ड है। लेकिन, आधार कार्ड रखने वाले लोगों की संख्या 100 करोड़ के करीब है।
बड़े मूल्य वाले इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन भी जांच के दायरे में
इनकम टैक्स और बैंक अधिकारी अब उनलोगों से भी पूछताछ कर सकते हैं जिनके खाते में नोटबंदी के दौरान ई-ट्रांजेक्शन से बड़ी रकम जमा हुई है। पहले भी नोटबंदी के दौरान खाते में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा होने पर लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि विशेष तौर पर नए बैंक खातों और जन धन खातों पर कड़ी निगाह रखी जाएगी।

2020 से पहले 5G नेटवर्क भारत में देगा दस्तक

बार्सिलोना। मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में सैमसंग और रिलायंस जियो ने मंगलवार को जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की और 4G नेटवर्क को मिलकर और बेहतर बनाने के लिए अपने इनफिल ऐंड ग्रोथ (I&G) प्रॉजेक्ट का ऐलान किया। इस साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में आहट मिली भारत में 5जी की दस्तक की। जिस 5G नेटवर्क का भारत में 2020 तक आना तय माना जा रहा था वह इससे पहले ही दस्तक दे सकता है।
सैमसंग और जियो, दोनों ने संकेत दिए कि वे 5G के लिए अभी ही तैयार हैं, लेकिन 5G का आगमन 4G को रिप्लेस करने वाला नहीं बल्कि एक अलग तरह का ढांचा बनाने का होगा। सैमसंग के अधिकारियों ने संकेत दिया कि 5जी एक बेहद ताकतवर वाईफाई की तरह होगा, जो कुछ किलोमीटर के दायरे में अभी के मुकाबले लाखों गुणा ज्यादा स्पीड से डेटा ट्रांसफर करेगा। इससे अलग तरह के ऐप्लिकेशन, मशीनों और गैजट्स के बीच काफी तेज कनेक्टिविटी देखी जा सकेगी। मसलन, आपके घर के गैजट्स आपस में बात कर एक-दूसरे को जरूरत के हिसाब से कंट्रोल कर सकेंगे, केबल टीवी के लिए तार की जरूरत नहीं होगी, वायरलेस के जरिए कॉन्टेंट भेजा जा सकेगा।
5जी नेटवर्क 4G के विकल्प की तरह नहीं आएगा बल्कि यह एक अलग तरह के डिजिटल जीवन को जन्म देगा। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रेजिडेंट और हेड नेटवर्क बिजनेस यंगकी किम ने कहा कि भारत भर में लाखों नए सेल्स का डेप्लॉयमेंट एलटीए अडवांस्ड प्रो और 5G के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। रिलायंस जियो के अधिकारियों ने कहा कि एलटीई में सुधार की बहुत गुजांइश और स्कोप है, लेकिन जहां तक आगे बढ़ने की बात है तो हम 5G को अडॉप्ट और लागू करने के लिए तैयार हैं।
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टैक्स बचत के साथ मुनाफे का सौदा है ईएलएसएस

पंकज लड्ढा,निवेश गुरु
कोटा। सभी इनकम टैक्स बचाने के लिए निवेश की प्लानिंग करते हैं। ऐसे में  ईएलएसएस के बारे में जानना और भी महत्वूपर्ण हो जाता है।
ईएलएसएस क्या है-
ईएलएसएस यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम एक डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड हो जो इनकम टैक्स के अनुच्छेद 80 सी के अंतर्गत आने वाली बहुत ही लोकप्रिय स्कीम है। जिसमें टैक्स की बचत भी होती है। साथ ही निवेशित पूंजी में भी बढ़ोतरी होती है। इस स्कीम में तीन साल का लॉक पीरियड होता है। निवेश से पहले इस योजना को समझ लेना जरूरी है।
निवेश-
आपको म्युचल फंड के बारे में तो पता ही होगा। ईएलएसएस एक ऐसा ही म्युचुअल फंड है। जिसमें निवेश के साथ-साथ टैक्स की बचत भी कर सकते हैं। ईएलएसएस एक डाइवर्सिफाइड इक्विटी म्युचुअल फंड होता है जो अपने कोष का अधिकतर भाग इक्विटी में निवेश करता है। डाइवर्सिफाइड  का मतलब हुआ कि यह फंड अलग-अलग उद्योगों और आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है। जिससे कि फंड में विविधता बनी रहे। यहां यह समझना आवश्यक है। कि निवेश में जितनी अधिक विविधता होगी उतना ही जोखिम कम होगा। यह एक इक्विडी फंड है। ईएलएसएस फंड से ही रिटर्न इक्विटी बाजार से रिटर्न दर्शाते हैं। बेहतर मैनेजर आपको बाजार से भी बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
लॉक इन पीरियड –
निवेश पर तीन साल का लॉक इन में निवेश करते हैं, तो तीन-तीन साल तक अपने निवेश को भुना नहीं सकते। क्योंकि अधिकतर शेयर बाजार में लंबी अवधि के लिए ही निवेश करना फायदेमंद रहता है। इसलिए तीन साल में आपको अच्छा खासा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। आप ईएलएसएस में सिप के द्वारा भी निवेश कर सकते हैं। जिससे निवेश करना आसान हो जाता है। साथ ही निवेश का जोखिम भी कम हो जाता है।

बेरोजगार रहते हैं इंजीनियरिंग के 60% छात्र

नई दिल्ली। इंजीनियरिंग  छात्रों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के मुताबिक, हर साल देश भर के तकनीकी संस्थानों से करीब 8 लाख छात्र इंजीनियरिंग  करते हैं, जिनमें से 60 फीसदी से ज्यादा बेरोजगार रहते हैं।
इतना ही नहीं इंजीनियरिंग के 1 फीसदी से भी कम छात्र समर इंटर्नशिप में हिस्सा लेते हैं और 3,200 से ज्यादा संस्थानों द्वारा ऑफर किए जाने वाले सिर्फ 15 फीसदी इंजिनियरिंग प्रोग्राम को नैशनल बोर्ड ऑफ ऐक्रिडिटेशन (एनबीए) से मान्यता मिली है। इस सबका सबसे बड़ा कारण देश में तकनीकी कॉलेजों के स्टैंडर्ड्स में बड़े पैमाने पर पाया जाने वाला अंतर है। ज्यादातर संस्थान ऐसे ग्रैजुएट्स तैयार करते हैं, जो रोजगार योग्य नहीं होते हैं। इस रुझान को बदलने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत की तकनीकी शिक्षा में बड़े बदलाव की योजना बना रहा है। इस समस्या से निपटने की दिशा में जो पहला कदम उठाया गया है, वह देश भर में इंजीनियरिंग  संस्थानों में दाखिले के लिए एक सिंगल एंट्रेंस टेस्ट को अनिवार्य बनाया जाना है। इसके अलावा संस्थानों को मंजूरी के लिए वार्षिक शिक्षक प्रशिक्षण का अनिवार्य रूप से आयोजन करना होगा।
एचआरडी मिनिस्ट्री के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नैशनल टेस्टिंग सर्विस (एनटीएस) इंजीनियरिंग  प्रोग्रामों में दाखिले के लिए पहला टेस्ट NEETI (नीति) का आयोजन करेगा जो पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित होगा। उन्होंने बताया, ‘एनटीएस मेडिकल कोर्सों के लिए नीट और इंजीनियरिंग  के लिए नीति का आयोजन करने के लिए जनवरी 2018 तक पूरी तरह तैयार होगा। परीक्षाओं का एक साल में कई बार आयोजन होगा।’ योजना के मुजाबिक पहले नीति एग्जाम का आयोजन दिसंबर 2017-जनवरी 2018 में किया जाएगा, उसके बाद दूसरे एग्जाम का मार्च 2018 में और तीसरे का मई 2018 में आयोजन किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि एनटीएस आईआईटी के लिए भी प्रवेश परीक्षा का आयोजन करेगा।
2022 से पहले तक तकनीकी संस्थानों में 50 फीसदी प्रोग्राम को एनबीए के माध्यम से मान्यता दी जाएगी और सालाना प्रगति विश्वसनीय न होने पर संस्थान को मंजूरी नहीं मिलेगी।

प्रदूषण से खूबसूरती को लग रहा ग्रहण

हवा में मौजूद रसायनिक प्रदूषण त्वचा और खोपड़ी के सामान्य संतुलन को बिगाड़ देते हैं जिससे त्वचा में रूखापन, संवेदनहीनता लाल चकत्ते, मुहांसे और खुजली आदि जैसी समस्याएं उभर जाती हैं। लेकिन इन सभी के बावजूद घरेलू उपचार और प्राचीन पद्वति की मदद से प्रदूषण के सौंदर्य पर पढ़ने वाले प्रभाव को रोका जा सकता है।
यदि आपकी त्वचा शुष्क है तो आपको क्लीजिंग क्रीम और जैल का प्रयोग करना चाहिए जबकि तैलीय त्वचा में क्लीनिंग दूध या फेसवॉश का उपयोग किया जा सकता है। सौंदर्य पर प्रदूषण के प्रभावों को कम करने के लिए चंदन, यूकेलिप्टस, पूदीना, नीम, तुलसी, घृतकुमारी जैसे पदार्थो का उपयोग कीजिए। इन पदार्थो में विषैले तत्वों से लड़ने की क्षमता होती है। एक चम्मच सिरका और घृतकुमारी में एक अंडा मिलाकर मिश्रण बना लीजिए। मिश्रण को हल्के-2 खोपड़ी पर लगाएं। इस मिश्रण को खोपड़ी पर आधा घंटा लगा रहने दें। बाद में खोपड़ी को ताजा और साफ पानी से धो लें। आप वैकल्पिक तौर पर गर्म तेल की थैरेपी भी दे सकते हैं। नारियल तेल को गर्म करके इसे सिर पर लगाएं। अब गर्म पानी में एक तौलिया डुबोएं, तौलिए से गर्म पानी निचोड़ने के बाद उसे सिर के चारों ओर पगड़ी की तरह बांध कर इसे पांच मिनट तक रहने दीजिए और इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराईए। इस प्रक्रिया से बालों और खोपड़ी पर तेल को सोखने में मदद मिलती है। इस तेल को पूरी रात सिर पर लगा रहने दे और सुबह ताजे ठंडे पानी से धो लें।
वायु में प्रदूषण और गंदगी से आंखों में जलन तथा लालिमा आ सकती है। आंखों को ताजे पानी से बार-2 धोना चाहिए। कॉटनवूल पैड को ठंडे गुलाब जल या ग्रीन-टी में डुबोइए और इसे आंखों में आई पैड की तरह प्रयोग कीजिए। आंखों में आई पैड लगाने के बाद जमीन में गद्दे पर 15 मिनट तक आराम में शवआसन की मुद्रा में लेट जाइए। इससे आंखों में थकान मिटाने में मदद मिलती है और आंखों में चमक आती है। वायु में प्रदूषण से शहरों में रहने वाले नागरिको के स्वास्थ्य और तंदरूसती पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
इसके अलावा अंजीर, बरगद, पीपल का वृक्ष स्पाईडर प्लांट भी हवा को साफ करने में काफी सहायक माना जाता है क्योंकि यह हवा में विद्यमान जहरीले तत्वों को सोख लेते है। इसके अलावा सान्सेवीरिया जिसे सामान्य भाषा में स्नेक प्लांट कहा जाता है भी वायु प्रदूषण को रोकने तथा ताजा स्वच्छ हवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। स्नेक प्लांट को सामान्य बैडरूम में रखा जाता है तथा इसकी देखभाल भी काफी आसान तथा सामान्य है। इसके अलावा ऐरेका पाम, इंग्लिश आईवी, वोस्टनफर्न तथा पीस लिलो जैसे पौधे भी भारत में आसानी से मिल जाते है तथा पर्यावरण मित्र माने जाते है।

कोरिएंडर हब’ बना कोटा, 20 देशों में पहुंच रहा हाडौती का धनिया 

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कोटा।  वर्तमान में 10 से 12 लाख बोरी धनिया (कोरिएंडर) एक्सपोर्ट हो रहा है। धनिए की दरें कम हो या ज्यादा, कलर एवं क्वालिटी बेहतरीन होने से ग्लोबल डिमांड पर कोई असर नहीं पड़ता। हमारा धनिया पाकिस्तान व श्रीलंका में जाता है, लेकिन रूस व बल्गारिया हमसे  प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
यह जानकारी  तमिलनाडु के निर्यातक पीसीके माहेश्वरन ने दी। उन्होंने कहा कि वहां तापमान कम रहने से धनिए में आयल कंटेंट ज्यादा होता है। यहां का ईगल, सिंगल पैरट व डबल पैरट धनिया दुनिया भर में मशहूर है। इसलिए इसे कोरिएंडर हब कहते हैं।
-प्रतिवर्ष 100 करोड़ का एक्सपोर्ट 
राजस्थान व मप्र के धनिए की अरोमा खुशबू से प्रभावित चेन्नई की प्रमुख निर्यातक कंपनी आची मसाला के मैजेनर ए.एडलबर्ट तथा क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर श्रीकांत ने भारत एवं रूस के धनिया निर्यात की तुलना करके बताया कि तापमान एवं टेस्ट प्रोफाइल से धनिए की क्वालिटी की डिमांड होती है। वे प्रतिवर्ष 100 करोड़ रूपए का धनिया निर्यात कर रहे हैं। अरोमा खुशबू के कारण राजस्थान व मप्र के धनिए की आस्ट्रेलिया, यूएसए, न्यूजीलैंड, कनाडा, खाडी के देशों व यूरोप में डिमांड ज्यादा रहती है।
पिछले वर्ष 40 हजार टन धनिया निर्यात हुआ
स्पाइस बोर्ड, गुना के उपनिदेशक डॉ. डी. अजय ने बताया कि गत वर्ष 40 हजार टन धनिया दुनिया के 20 देशों में निर्यात किया गया। धनिए की पैदावार राजस्थान, मध्यप्रदेश व गुजरात में सर्वाधिक है। बोर्ड में देश की 5848 मसाला निर्यातक कंपनियां पंजीकृत हैं, जिसमें 214 राजस्थान से हैं। शैड्यूल में धनिया सहित 52 स्पाइस शामिल हैं, मसाला बोर्ड नए प्रॉडक्ट, सीड्स मशीनों एवं रिसर्च के लिए अनुदान भी देता है। धनिए को हाइजनिक रखने के लिए बोर्ड किसानों को त्रिपाल शीटें देता है।
इस वर्ष राज्य में1.90 लाख मीट्रिक टन पैदावार संभव
उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रामवतार शर्मा ने एक प्रजेंटेशन में बताया कि राजस्थान देश में सर्वाधिक धनिया उत्पादक राज्य है, जिसमें कोटा सबसे अग्रणी है। वर्ष 2016-17 में राज्य में 1 लाख 90 हजार मैट्रिक टन धनिए की बम्पर पैदावार होने का अनुमान है, जिसमें से 1 लाख 72 हजार एमटी केवल हाड़ौती अंचल से होगी। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, असम, उडीसा, आंध्रप्रदेश व उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों की 6 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में धनिया होता है। जिसमें से 40 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान का है।

1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के ये नए नियम

नई  दिल्ली। वित्त विधेयक के पारित होने के साथ ही लोकसभा ने आम बजट 2017-18 से जुड़े सभी कामों का निपटारा कर दिया है। बजट में प्रस्तावित टैक्स से जुड़े प्रावधान अब 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। जानें, अगले महीने की शुरुआत से ही लागू होंगे कौन से जरूरी प्रावधान..
1. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को 10 पर्सेंट की बजाय 5 पर्सेंट ही टैक्स देना होगा। इससे टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये तक की बचत होगी। दूसरी तरफ 1 करोड़ रुपये से अधिक आय वाले लोगों को इस स्लैब में सरचार्ज और सेस समेत कुल 14,806 रुपये तक की बचत होगी।
2. सालाना 3.5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए टैक्स रिबेट को घटाकर 5,000 से 2,500 रुपये कर दिया गया है। पहले यह छूट 5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए थी। टैक्स रेट और रिबेट में बदलाव के चलते अब 3.5 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वाले व्यक्ति 5,150 रुपये की बजाय 2,575 रुपये ही टैक्स के तौर पर देने होंगे।
3. 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की सालाना आय वाले टैक्सपेयर्स की ओर से दिए जाने वाले कुल टैक्स पर 10 पर्सेंट का सरचार्ज लगेगा। इसके अलावा 1 करोड़ रुपये से अधिक की आय वाले सुपर अमीर लोगों पर पहले की तरह ही 15 पर्सेंट सरचार्ज लगता रहेगा।
4. अचल संपत्ति की होल्डिंग पीरियड को 3 साल की बजाय 2 साल में ही लॉन्ग टर्म माना जाएगा। इससे 2 साल से अधिक समय तक अचल संपत्ति रखने पर 20 पर्सेंट की छूट के साथ टैक्स लगेगा। इसके अलावा रीइन्वेस्टमेंट पर अन्य छूट भी मिलती रहेंगी।
5. सालाना 5 लाख रुपये से अधिक टैक्सेबल इनकम वाले व्यक्तिगत करदाताओं को अब एक पेज का ही टैक्स रिटर्न फॉर्म भरना होगा। (बिजनस इनकम से अलग) पहली बार इस कैटिगिरी के तहत रिटर्न फाइल करने वाले लोगों की स्क्रूटनी नहीं होगी।
6. यदि आप 2017-18 के टैक्स रिटर्न को देरी से फाइल करते हैं तो 31 दिसंबर, 2018 तक 5,000 रुपये का फाइन लगेगा। इसके बाद फाइल करने पर 10,000 रुपये तक फाइन देना होगा। 5 लाख रुपये तक की ही आय वाले लोगों के लिए यह फीस 1,000 रुपये तक ही सीमित होगी।
7. टैक्स रिटर्न के रिवीजन की समयसीमा अब 2 साल की बजाय 1 साल ही होगी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति और असेसमेंट पूरा होने के बाद से यह अवधि लागू होग

‘सड़क’ के सीक्वल में आलिया के पिता के रोल में नजर आएंगे संजय दत्त

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस-फिल्ममेकर पूजा भट्ट और संजय दत्त की साल 1991 में आई फिल्म ‘सड़क’ के रीमेक की कई समय से चर्चा हो रही है। अब हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म का रीमेक बन रहा है और इसमें आलिया भट्ट और संजय दत्त साथ नजर आएंगे।
खबरों की मानें तो फिल्म में संजय, आलिया के पिता का रोल करते नजर आएंगे। बता दें कि ‘सड़क’ में संजय दत्त और पूजा भट्ट लीड रोल में थे और फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी। फिल्म में पूजा का किरदार फ्लैशबैक के जरिए दिखाया जाएगा। हालांकि इस तरह से अभी तक कोई ऑफिशयल अनाउंसमेंट नहीं हुई है। लेकिन पूजा ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। जिनके बाद से ये खबरे और सुर्खियों में आ गई हैं।
आलिया की प्रोफेशनल लाइफ के बारे में बात करें तो हाल ही में उनकी फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ रिलीज हुई है। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। वहीं संजय दत्त अपनी कम्बैक फिल्म भूमि में बिजी हैं।

दिल को तंदुरुस्त और ब्लड फैट को कंट्रोल रखती है मूंगफली

दिल की सेहत दुरुस्त रखने के लिए हम न जाने क्या-क्या जतन करते हैं। एक नए शोध में दावा किया गया है कि रोजाना कम से कम 85 ग्राम मूंगफली खाने से दिल के दौरे और आघात से बचा जा सकता है। यह खून में मिलने वाली खतरनाक वसा का स्तर घटाता है, जिससे धमनियां खुली-खुली रहती हैं।
इस शोध में कहा गया है कि मूंगफली का सेवन दिल के दौरे और स्ट्रोक से बचाने में कारगर हो सकता है। विशेषज्ञों का दावा है कि रोजाना के सामान्य भोजन के साथ 85 ग्राम के करीब मूंगफली खाने से ब्लड फैट का स्तर नियंत्रित रहता है। द पीनट इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना कम हो जाता है।
संस्थान के विशेषज्ञों का कहना है कि एथेरोस्कलेरोसिस, धमिनयों में सिकुड़न के कारण शरीर में रक्त का प्रवाह बाधित होता है। इसके कारण रक्त संचार के लिए दिल को अत्यधिक मेहनत करनी पड़ती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब धमनियों की दीवारों पर वसा, कोलेस्ट्रोल और अन्य पदार्थों का मिश्रण जमा हो जाता है, जिसे प्लाक कहते हैं। इन्हीं के कारण धमनियों में रुकावट होती है और शरीर हृदय संबंधी बीमारियों का शिकार हो जाता है।
प्रमुख शोधकर्ता और पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पेनि क्रिस इथरटन का कहना है कि कुछ भी खाने के बाद ट्रिग्लाइसेराइड्स का स्तर बढ़ा जाने के कारण हमारी धमनियों में मामूली सिकुड़न होती है। द पीनट संस्थान के शोधकर्ताओं का कहना है कि खाने के साथ निर्धारित मात्रा में मूंगफली का सेवन करने से धमनियों में सिकुड़न को कम किया जा सकता है।
लंबी दूरी तक दौड़ने से हो सकती है किडनी की बीमारी
खाने के साथ मूंगफली का सेवन ट्रिग्लाइसेराइड्स का स्तर बढ़ने नहीं देता है। इसी के कारण धमनियों में सिकुड़न कम होती है और दिल संबंधी कई बीमारियों की शुरुआत होने से पहले ही रोका जा सकता है। शोध के नतीजों में मूंगफली के सेवन से ट्रिग्लाइसेराइड्स का स्तर 32 फीसदी तक कम हुआ।
मूंगफली की एलर्जी से बचाएगा पैच
मूंगफली हमारी सेहत के लिए लाभकारी है मगर कई लोगों को इससे एलर्जी भी होती है। ऐसे लोगों के लिए विशेषज्ञों ने त्वचा पर लगाया जाने वाला पैच तैयार किया है, जिसे अक्तूबर में पेश किया गया था। इस पैच के जरिये मूंगफली में मौजूद प्रोटीन सीमित मात्रा में शरीर को दिया जाता है, ताकि व्यक्ति का शरीर उसके लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर सके। एक साल तक चले चिकित्सकीय परीक्षण के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि 12 साल तक के बच्चों में इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। उनमें मूंगफली से एलर्जी खत्म हो गई।

पाचन को ठीक करने में काम आती है इमली, कैंसर मरीजों के लिए भी फायदेमंद

इमली एक ऐसी चीज है, जिसे देख सबके मुंह में पानी आ जाता है। कच्ची हो या पक्की इमली, खाने को स्वादिष्ट बना देती है इमली। बहुत से ऐसे भी लोग हैं, जो सोचते हैं कि इमली खाने से नुकसान होता है। लेकिन इमली के कुछ ऐसे फायदे होते हैं, जिनके बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे। इमली ना सिर्फ पाचन, डाइजेशन या दिल को स्वस्थ रखने में काम आती है बल्कि बिच्छु के काटने पर भी आप इमली का उपयोग कर सकते हैं। आईए जानते हैं कैसे आती है एक इमली इन चीजो में काम।
दिल को रखता है स्वस्थ
इमली पर की गई स्ट्डीज में बताया गया है कि इमली से बल्ड प्रेशर और बल्ड कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इसके साथ ही इमली रेड बल्ड सेल बनाने में भी मदद करती है।
वजन घटाने में करती है मदद
इमली में हाइड्रोऑक्साइट्रिक एसिड होता है, जो शरीर के फैट्स बर्न करने में मदद करता है। साथ ही इससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
डाइजेशन में करता है मदद
इमली खाने से डाइजेशन प्रोसेस को ठीक रखने में मदद करता है। इमली में फाइबर होता है, जो डाइजेस्ट करने में मदद करता है। डायरिया से लेकर कॉन्सटिपेशन जैसे पाचल संबंधी के ट्रीटमेंट में इमली मदद करती है।
कैंसर से बचने में आता है काम
कैंसर मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है इमली। इमली में एंटीऑक्सीडेंट और टैरट्रिक एसिड होता है, जो शरीर में कैंसल सेल्स को बढ़ने से रोकता है।
डायबिटीज कंट्रोल करती है इमली
डायबिटीज मरीजों के लिए भी इमली है फायदेमंद। इमली बल्ड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। साथ ही इमली शरीर में काबोर्टाइड्रेट्स को एबजॉर्ब होने से रोकती है। बता दें कि काबोर्टाइड्रेट्स एबजॉर्ब होने से ही शुगर लेवल बिगड़ता है। एक छोटा ग्लास इमली का जूस इसके लिए बहुत फायदेमंद होगा।
लू से बचाएगी इमली
गर्मियों में सबको लू लगती है, जिससे तबियत खराब हो जाती गै। लू से बचने के लिए आप इमली का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप 1 ग्लास पानी में 25 ग्राम इमली भिगोकर इसका पानी पीएं। इसे पीने से लू नहीं लगती।
बिच्छु के काटने पर भी आती काम
सिर्फ खाने-पीने के लिए ही नहीं बल्कि इमली से आप बिच्छु के जहर को कम कर देता है। अगर कभी किसी इंसान को बिच्छु काट जाए, तो तभी इमली के दो टुकड़े कर लें और उसे बिच्छु की काटी हुई जगह पर लगा दें। इससे फायदा होगा।