Thursday, July 9, 2026
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डिवाइस के जरिये बदला जा रहा चोरी के मोबाइल का IMEI नंबर

जांच में सामने आया कि इस उपकरण के जरिए 1000 से 1500 रुपए लेकर आईएमईआई नम्बर बदल दिया जाता है।

अलवर। अब तक यह माना जाता रहा है कि मोबाइल का आईएमईआई नंबर याद है तो खोया या चोरी गया मोबाइल भी वापस मिल सकता है, लेकिन अब बाजार में ऐसा उपकरण आ गया है जिससे मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदला जा सकता है।

स्थानीय पुलिस ने शहर में महंगे मोबाइल फोन की आईएमईआई बदलने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग एक उपकरण से यह नम्बर बदल देता था। इसके बाद इन मोबाइल फोनों का उपयोग विभिन्न अपराधों मे किया जाता था।
अलवर शहर में 7 मोबाइल की दुकान पर चोरी लूट और अपराध में उपयोग में लिए गए मोबाइलों की आईएमईआई बदल कर उसे उपभोक्ता को वापस बेचा जा रहा था।

इससे पुलिस को चोरी के मोबाइल को ट्रेस करना नामुमकिन हो जाता है। पुलिस ने 7 दुकानों से ऐसे चार उपकरण और 200 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए हैं और आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद एसपी राहुल प्रकाश में एक टीम बनाकर गुप्त तरीके से जांच करवाई और उनकी निगरानी की गई।

पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश के निर्देश पर अलवर के चार थानों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि इस उपकरण के जरिए 1000 से 1500 रुपए लेकर आईएमईआई नम्बर बदल दिया जाता है। इसके बाद पुलिस को उस मोबाइल को ट्रेस करना असंभव हो जाता है।

पुलिस फिलहाल इन मोबाइलों की जांच करने में जुटी हुई है कि इनमें से कितने मोबाइल की आईएमईआई बदली गई है और अपराधियों से भी पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने अब तक कितने मोबाइलों की आईएमईआई बदली है और इस नेटवर्क के साथ कहां कहां जुड़े हुए हैं।

फिएट ने जीप शृंखला के दाम 18.49 लाख रुपये तक घटाए

नयी दिल्ली। एफसीए ( fiat chrysler automobiles) ने माल एवं सेवा कर जीएसटी का लाभ ग्राहकों को देने के लिए अपने जीप मॉडल के वाहनों के दाम 18.49 लाख रुपये तक घटा दिए हैं।

कंपनी ने डीजल से चलने वाली रैंगलर अनलिमिटेड के दाम 7.14 लाख रुपये घटाकर 64.45 लाख रुपये कर दिए हैं। अभी तक इस मॉडल की कीमत 71.59 लाख रुपये थी।

इसी तरह कंपनी ने ग्रैड चेरोकी लिमिटेड डीजल के दामों में 18.49 लाख रुपये की कटौती की है। अब इस मॉडल का दाम 93.64 लाख रुपये से घटकर 75.15 लाख रुपये पर आ गया। इसी तरह डीजल ग्रैंड चेरोकी समिट के दामों में 18.24 लाख रुपये की कटौती की गई है और यह 1.03 करोड़ रुपये से घटकर 85.15 लाख रुपये रह गई है।

कंपनी ने ग्रैंड चेरोकी एसआरटी के दाम पांच लाख रुपये घटाकर 1.07 करोड़ रुपये कर दिए हैं। रैंगलर अनलिमिटेड पेट्रोल के दाम में बदलाव नहीं किया गया है। यह 56 लाख रुपये पर ही कायम है। सभी दाम दिल्ली शोरूम के हैं।

एफसीए इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक केविन फ्लिन ने बयान में कहा कि हमारे पूर्ण निर्मित इकाई सीबीयू के संशोधित कीमतें जीएसटी से मिलने वाले लाभ से तालमेल हैं। कंपनी ने भारतीय बाजार में ग्रैंड चेरोकी के पेट्रोल संस्करण को उतारने की भी घोषणा की है। इसकी दिल्ली शोरूम कीमत 75.15 लाख रुपये होगी।

 

 

2000 के नोटों की तंगी, RBI ने घटाई आपूर्ति

देश के कई इलाकों में बैंक नकदी की उपलब्धता कम होने की स्थिति से जूझ रहे हैं। 

मुंबई। हाल के हफ्तों में 2000 रुपये के नोटों की बहुत अधिक तंगी ने बैंकरों और एटीएम ऑपरेटरों को मुश्किल में डाल दिया है, जो पहले ही देश के कई इलाकों में नकदी की उपलब्धता कम होने की स्थिति से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि नकदी का इस्तेमाल बढ़ने और उसकी होर्डिंग के कारण तंगी की स्थिति बन रही है।

बैंकरों और एटीएम सर्विस देने वालों का कहना है कि सर्कुलेशन में 2000 रुपये के नोटों की संख्या में बहुत कमी आई है। आरबीआई की ओर से नए नोटों की आपूर्ति हाल के सप्ताहों में घटी है। इससे यह अटकल लगने लगी है कि ज्यादा वैल्यू के नोटों का सर्कुलेशन घटाने के लिए जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है।

एसबीआई के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नीरज व्यास ने कहा, ‘अभी हमें आरबीआई से हाई वैल्यू करंसी में 500 रुपये के नोट मिल रहे हैं। 2000 रुपये के नोट हमारे काउंटर्स पर रीसर्कुलेशन के जरिए आ रहे हैं।’ एसबीआई के देश में लगभग 58,000 एटीएम हैं।

एसबीआई ने अपने कुछ एटीएम में 2000 रुपये के नोटों के करंसी कैसेट्स को 500 रुपये के नोटों के लिए रीकैलिब्रेट भी किया है ताकि एटीएम में ज्यादा कैश रखा जा सके। इस मामले में कॉमेंट के लिए आरबीआई को भेजी गई ईमेल का जवाब नहीं मिला।

हालांकि, आरबीआई 500 रुपये के नोट सप्लाइ कर रहा है ताकि पिछले साल नोटबंदी के दौरान दिखी कैश क्राइसिस जैसी स्थिति न बने। बैंकरों का कहना है कि ऐसा करना आरबीआई की इस स्ट्रैटेजी का हिस्सा हो सकता है कि सर्कुलेशन में हाई-वैल्यू करंसी के टोटल अमाउंट पर कंट्रोल रखा जाए।

देश में बैंकों ओर से करीब 60,000 एटीएम मैनेज करने वाली एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नॉलजीज के एमडी रवि गोयल ने कहा, ‘2000 रुपये के नोटों की सप्लाइ में निश्चित तौर पर कमी आई है, लेकिन ओवरऑल सप्लाइ ठीक है क्योंकि बैंक 500 रुपये के नोट पर्याप्त मात्रा में दे रहे हैं। ये कस्टमर के लिए सुविधाजनक भी हैं।’

बैंकरों ने कहा कि पिछले साल नवंबर में नोटबंदी के ऐलान के तुरंत बाद आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट छापने शुरू किए थे और हो सकता है कि अब इनकी सप्लाइ ऐसे लेवल पर पहुंच गई हो, जिससे आरबीआई असहज महसूस कर रहा हो। यह कम वैल्यू के नोट ज्यादा प्रिंट करने की सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा होगा। आरबीआई जल्द 200 रुपये के नोट जारी कर सकता है।

देश में 50,000 से ज्यादा एटीएम मैनेज करने वाली हिताची पेमेंट सर्विसेज के एमडी लोनी एंटनी ने कहा, ‘अभी मार्केट में एक नई बात दिख रही है कि 2000 रुपये के नोट एटीएम में रखने के लिए नहीं आ रहे हैं और इसके साथ ही नोटबंदी के बाद एटीएम से कैश विदड्रॉल का औसत साइज 12 पर्सेंट बढ़ गया है।’

 

 

जेब में आधार कार्ड रखने से मिला छुटकारा, लांच हुआ ऐप

यूजर को आधार नंबर डालने के बाद उसकी डेमोग्राफिक डिटेल जैसे कि  नाम, जन्मतिथि, जेंडर, पता और फोटोग्राफ की जानकारी मिल जाएगी।

नई दिल्ली।अब आप अपने आधार कार्ड को मोबाइल में आसानी से कैरी कर सकेंगे। इसके लिए अब अलग से आपको हर वक्त अपनी जेब में आधार कार्ड को रखना नहीं पड़ेगा। आधार कार्ड बनाने वाली संस्था UIDAI ने बुधवार को एमआधार ऐप लांच कर दिया है।

इस ऐप को अभी बीटा वर्जन पर लांच किया गया है। हालांकि यूआईडीएआई ने कहा है कि आगे चलकर इस ऐप पर कई सर्विस को शुरू किया जाएगा।  

ऐप पर फिलहाल मिलेंगी ये सर्विस
ऐप को अभी इसको गूगल प्ले स्टोर पर लांच किया गया है। इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद यूजर को आधार नंबर डालने के बाद उसकी डेमोग्राफिक डिटेल जैसे कि  नाम, जन्मतिथि, जेंडर, पता और फोटोग्राफ की जानकारी मिल जाएगी।

यूआईडीएआई ने कहा कि इसको आगे चलकर के आईफोन यूजर के लिए भी लांच किया जाएगा। यूजर इस ऐप के जरिए अपनी बॉयोमेट्रिक डिटेल को लॉक या फिर अनलॉक कर सकता है। इसके अलावा यूजर अपनी आधार प्रोफाइल को QR कोड के जरिए अपडेट कर सकता है । इसके साथ ही टेलिकॉम कंपनियां को ईकेवाईसी डिटेल को शेयर कर सकेगा।  

जल्द ही 20 रुपए का नया नोट जारी होगा -आरबीआई

20 रुपए के इस नए नोट के नंबर पैनल में इनसेट लेटर में ‘S’ लिखा हुआ होगा और इसमें मौजूदा गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे।

नई दिल्ली । रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही महात्मा गांधी सीरीज-2005 वाले 20 रुपए के नए नोट जारी करेगी। जानकारी के मुताबिक इन नए नोटों की डिजायन बाजार में प्रचलित मौजूदा नोटों के जैसी ही होगी।

कैसा होगा नया नोट: आरबीआई की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया कि 20 रुपए के इस नए नोट के नंबर पैनल में इनसेट लेटर में ‘S’ लिखा हुआ होगा और इसमें मौजूदा गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे।
आरबीआई ने बताया कि इस नोट के दोनों नंबर पैनल में इनसेट लेटर में ‘S’ लिखा हुआ होगा।

आरबीआई ने साथ में यह भी कहा कि जारी किए जाने वाले नए नोटों का डिजायन भी बाजार में मौजूद उन नोटों के जैसा होगा जिन्हें पहले जारी किया गया था। आरबीआई ने कहा, “पूर्व में जारी किए गए 20 रुपए के सभी पुराने नोट पहले की ही तरह मान्य होंगे।”

गौरतलब है कि इससे पहले सरकार की ओर से लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद आरबीआई की ओर से 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए थे। नोटबंदी के बाद 9 नवंबर 2016 से ही 500 और 1000 रुपए के नोट अमान्य कर दिए गए थे।

छह महीने तक सख्ती नहीं करेंगे कर अधिकारी : सीबीईसी प्रमुख

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सरकार इंडस्ट्री की दिक्कतें दूर करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है

नई दिल्ली। किसी वस्तु या सेवा पर तय जीएसटी रेट में तभी बदलाव होंगे जब पहले की तुलना में टैक्स अंतर बहुत ज्यादा हो। सीबीईसी की चेयरपर्सन वनजा सरना ने बुधवार को सीआईआई के कार्यक्रम में यह बात कही। उनका यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है कि टेक्सटाइल ट्रेडर फैब्रिक पर 5% टैक्स को हटाने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, सरकार चाहती है कि इंडस्ट्री नई टैक्स व्यवस्था को अच्छी तरह समझ ले। शुरू में कम जानकारी के कारण गलतियां हो सकती हैं। इसलिए नियमों के पालन में रेवेन्यू अफसर छह महीने तक सख्ती नहीं करेंगे। मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी संसद में कहा था कि टेक्सटाइल पर टैक्स कम नहीं किया जाएगा।

सीबीईसी प्रमुख ने माना कि जीएसटी पर अमल करने में कई परेशानियां आईं। कुछ मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए जल्दी ही दूसरा एफएक्यू जारी किया जाएगा। सरना ने कहा, ‘यह ऐसा विवाद नहीं जिसका समाधान नहीं निकल सकता। मुद्दा यह है कि टेक्सटाइल सेक्टर पर पहली बार टैक्स लगा है।

जो पहली बार टैक्स दायरे में आएगा, उसे यह चुभेगा ही। टेक्सटाइल ट्रेडरों की डिमांड मिली है, सरकार उन पर विचार कर रही है।’ सरकार इंडस्ट्री की दिक्कतें दूर करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है। ट्विटर अकाउंट पर रोजाना 13,000 सवाल रहे हैं।

सीबीईसी ने अलग-अलग इंडस्ट्री सेक्टर की समस्याओं के निवारण के लिए 18 ग्रुप बनाए हैं। इनमें से तीन ने रिपोर्ट दे दी है। लॉ कमेटी इन पर विचार कर रही है। इंडस्ट्री की मदद के लिए अभी ये टीमें बनी रहेंगी।

इंडस्ट्री अब भी रख सकती है अपनी मांगें
जीएसटीरेट और नियमों को लेकर इंडस्ट्री की दिक्कतें हो सकती हैं। वे अब भी अपनी मांगें रख सकते हैं। पहली जुलाई आखिरी तारीख नहीं थी। लेकिन जब तक टैक्स में बहुत ज्यादा अंतर हो, रेट कम करना संभव नहीं है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

व्यापारिक खर्चों पर जीएसटी, जानने के लिए देखिए वीडियो–

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कोटा । जीएसटी लागू होने के बाद अब व्यापारियों को यह समझना जरूरी है, कि वह यदि रजिस्टर्ड डीलर हैं तो उन्हें किन खर्चों की इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगी और किस पर नहीं। कुछ रिवर्स चार्ज होते हैं। कुछ खर्चे जीएसटी के दायरे के बाहर के होते हैं और कुछ ऐसे खर्चे जिन पर जीएसटी लगेगा। परन्तु इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलता।

इसके अलावा कुछ ऐसे खर्चे जिन पर रिवर्स चार्ज लागू होता है उन पर आईटीसी मिलेगा। ऐसी सेवा जो आन रजिस्टर्ड सेवा प्रदाता से ली हो वहां रिवर्स चार्ज एप्लीकेबल होगा। पूरी जानकारी समझने के लिए हमारे सीनियर टैक्स कंसल्टेंट अनिल काला का यह वीडियो जरूर देखिए। 

व्यापारिक खर्चों पर जीएसटी की सूची देखने के लिए यहाँ क्लिक करें। 

बैंक बचाने के लिए कर्मचरियों और अधिकारियों ने रैली निकाली

बैंकों का निजीकरण बंद करने और एनपीए का सेवा प्रभार आम ग्राहक पर डालने का विरोध

कोटा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बचाओ दिवस के आव्हान पर आज बैंक कर्मी एवं अधिकारियों ने रैली निकाली।

यह रैली भारतीय स्टेट बैंक एरोड्राम चौराहा शाखा से सायं 6 बजे रवाना होकर शॉपिंग सेन्टर, छावनी चौराहा,झालावाड़ रोड,कोटड़ी चौराहा होते हुए सेवन वंडर्स के सामने समाप्त हुई।

रैली में बैंक कर्मी अपनी मांगों संबंधी तख्तियां लिए हुए थे। तथा बैंक राष्ट्रीयकरण जिंदाबाद, बैंकों का निजीकरण बंद करो, बैंकों का विलय बंद करो,कॉर्पोरेट घरानों से डूबत ऋणों की वसूली संबंधी नारे लगा रहे थे।

रैली के समापन पर बैंक कर्मी नेता शरण लाल गुप्ता, अशोक ढल, ललित गुप्ता विपिन चोरायवाल, गजानंद मीणा, मोहम्मद अकरम, पवन अग्रवाल,पदम पाटोदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बैंक राष्ट्रीयकरण को बनाये रखने का आव्हान किया।

उन्होंने एनपीए का भार सेवा प्रभार के द्वारा आम ग्राहक पर डालने का विरोध किया। बैंक कर्मी नेता संजीव झा,देवनारायण,पी सी गोयल, डी एस साहू हेमराज सिंह गौड़ , मिर्ज़ा नफीस बेग,रमेश सिंह तथा सुरेश खंडेलवाल भी रैली में शामिल थे । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक पदम पाटोदी ने बताया कि इससे पूर्व बैंक कर्मियों ने आज अपनी मांग संबंधी बैज लगा कर कार्य किया।

सभी राज्य रीयल्टी कानून के तहत नियमों को जुलाई तक अधिसूचित करें

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21 राज्यों ने रीयल इस्टेट कानून के तहत नियमों को अब तक अधिसूचित कर दिया है।

नयी दिल्ली। एक सरकारी अधिकारी ने आज कहा कि पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों के अलावा सभी राज्य नये रीयल इस्टेट कानून के तहत नियमों को जुलाई के आखिर तक अधिसूचित कर सकते हैं। हालांकि इन राज्यों द्वारा स्थायी नियामकीय प्राधिकार की स्थापना में कुछ समय लगेगा।

आवास व शहरी मामलात मंत्रालय में संयुक्त सचिव राजीव रंजन मिश्रा ने यहां रीयल इस्टेट पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा डेवल्परों को अपनी मौजूदा परियोजनाओं का पंजीकरण रीयल इस्टेट नियामकीय प्राधिकार रेरा में करवाना होगा।

इसके साथ ही उन्होंने बिल्डरों से अपने कारोबारी माडल को बदलने को कहा ताकि वे रेरा कानून के अनुसार नकदी प्रवाह का प्रभावी ढंग से प्रबंधन कर सकें। संसद ने इस कानून को मार्च 2016 में पारित किया था और यह इस साल मई से प्रभावी हो गया।

मिश्रा ने परियोजनाओं की आपूर्त को लेकर चिंताओं के चलते आवासीय बाजार में क््रुेताओं में विास की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने बिल्डरों से कहा कि वे इस कानून का समुचित पालन सुनिश्चित करें ताकि ग्राहकों का भरोसा बहाल किया जा सके।

कार्यक्रम के अवसर पर मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, 21 राज्यों ने रीयल इस्टेट कानून के तहत नियमों को अब तक अधिसूचित कर दिया है। सभी केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही अधिसूचित कर दिया है। पांच छह राज्यों में यह अंतिम चरण में है। तो पूर्वोार के कुछ राज्यों के अलावा, हमारा मानना है कि नियमों को इस महीने अधिसूचित कर दिया जाएगा।

 

कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल जीएसटी के विरोध में उतरी

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पूरे देश में कालीन उद्योग बंदी की कगार पर है। यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक इस काले कानून को खत्म नहीं किया जाता।

भदोही । केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय के अधीन संचालित कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल ने आज कालीन उद्योग से जुड़ी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाये जाने के विरोध में जुलूस निकाला।

कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल और अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में मर्यादपट्टी स्थित कालीन भवन से एक जुलूस निकाला गया जिसका नेतृत्व काउन्सिल के चेयरमैन राजा शर्मा ने किया।

संघ के अध्यक्ष गुलाम शरफुद्दीन अंसारी और काउन्सिल के चेयरमैन राजा शर्मा ने भदोही तहसील पहुंचे जुलूस में लोगों को संम्बोधित करते हुए कहा कि जीएसटी एक एक काला कानून है।

उन्होंने कहा कि अब तक 50 से अधिक ग्यापन मुख्यमंत्री से लेकर केन्द्र सरकार तक को दिये जा चुके हैं, मगर उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आज पूरे देश में कालीन उद्योग बंदी की कगार पर है। यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक इस काले कानून को खत्म नहीं किया जाता।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संम्बोधित एक ग्यापन उपजिला अधिकारी आशीष कुमार को सौंपा गया। मालूम हो कि कपड़ा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल सरकार के विाीय मदद से चलती है।

कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल के चेयरमैन राजा शर्मा ने कालीन उद्योग पर लागू 18 प्रतिशत जीएसटी को खत्म करने की मांग की और कहा कि जब कभी भी पूरे देश में इस तरह का कोई कर कालीन उद्योग पर नहीं था तो अब इसे क्यों लगाया गया है।

शर्मा ने कहा कि कालीन उद्योग में उत्पाद को बुनाई ,डाइंग ,वाशिंग और फिनिशिंग सहित अनेक प्रक््िरुयाओं से गुजर कर बनाया जाता है और अब इसके लगने से हमें कम से कम 50 जगह इसकी इंट्री करनी होगी, जो सम्भव नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि जीएसटी के विरोध में कालीन उद्योग में बंदी से अब तक एक हजार करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो चुका है।