Thursday, July 9, 2026
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सुपरफास्ट का चार्ज वसूल कर भी लेट चलती है ट्रेनें, नहीं लौटता रेलवे किराया

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अभी सिर्फ यह सुविधा है कि अगर कोई ट्रेन तीन घंटे से ज्यादा लेट होती है तो टिकट डिपॉजिट अगेंस्ट रिजर्वेशन (TDR) के जरिए यात्री को उसका रिफंड मिल सकता है।

आगरा। क्या कभी आपने सोचा है कि जिन ट्रेनों को ‘सुपरफास्ट’ बताकर रेलवे आपसे इसके नाम पर सरचार्ज वसूल करती है, अगर वे ट्रेनें से न चलें और वक्त पर आपको अपनी मंजिल पर न पहुंचाएं तो क्या आपको उसका पैसा वापस नहीं मिलना चाहिए?

यह सवाल इसलिए कि संसद के पटल पर रखी गई सीएजी की रिपोर्ट में भी यही कहा गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि रेलवे ‘सुपरफास्ट सरचार्ज’ के नाम पर करोड़ों रुपये वसूलती है, लेकिन सुपरफास्ट तमगे वाली कई ट्रेनें न तो सुपरफास्ट स्पीड से चलती हैं और न ही वक्त पर अपने गंतव्य तक पहुंचती हैं।

सीएजी की रिपोर्ट में बताया गया है कि नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (NCR) और साउथ सेंट्र्ल रेलवे (SCR) ने ‘सुपरफास्ट’ सरचार्ज के नाम पर यात्रियों से 11.17 करोड़ रुपये वसूले, लेकिन उनकी कुछ सुपरफास्ट ट्रेनें 95% से ज्यादा बार लेट हुईं।

रेलवे बोर्ड के मुताबिक, 55 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार वाली ट्रेनें सुपरफास्ट ट्रेनों की श्रेणी में आती हैं। 2013-14 से 2015-16 तक NCR और SCR में इन ट्रेनों की आवाजाही को लेकर किए गए अध्ययन से पता चला कि 13.48% से लेकर 95.17% दिनों तक, ये ट्रेनें अपनी मंजिल पर देर से पहुंचीं।

इसी तरह 2013 से 2016 के बीच कोलकाता-आगरा कैंट सुपरफास्ट ट्रेन का अध्ययन करने पर पता चला कि यह ट्रेन 145 में से 138 दिन अपने गंतव्य पर देर से पहुंची। फिलहाल ऐसा कोई नियम नहीं है कि अगर ट्रेन लेट हो जाए तो यात्रियों को उसका पैसा लौटाया जाए।

अभी सिर्फ यह सुविधा है कि अगर कोई ट्रेन तीन घंटे से ज्यादा लेट होती है तो टिकट डिपॉजिट अगेंस्ट रिजर्वेशन (TDR) के जरिए यात्री को उसका रिफंड मिल सकता है।

रेलवे के मुताबिक, सुपरफास्ट सरचार्ज अलग-अलग क्लास के लिए अलग होता है। उदाहरण के लिए, जनरल कोच के लिए यह 15 रुपये है, स्लीपर के लिए यह 30 रुपये है, एसी के लिए यह 45 रुपये है (चेयर कार, एसी-3 इकॉनमी, एसी-3, एसी-2) और एसी फर्स्ट एग्जिक्युटिव क्लास के लिए यह 75 रुपये है।

यह सरचार्ज 1 अप्रैल, 2013 से लागू है। आगरा डिविजनल कमर्शल मैनेजर संचित त्यागी ने कहा, ‘ट्रेनें अगर सुपरफास्ट स्पीड नहीं पकड़ पाती हैं, तो इसके पीछे कई कारण होते हैं और फिर इनकी वजह से ही ट्रेन लेट होती हैं। इनमें सबसे मुख्य कारण हैं- ट्रैक्स का मेनटेनेंस, सिग्नल में गड़बड़ी, इमर्जेंसी ब्रेक्स और ट्रेन हादसे।

जब यह पूछा गया कि क्या रेलवे को ट्रेन लेट होने की स्थिति में सुपरफास्ट सरचार्ज यात्रियों को लौटाना नहीं चाहिए, त्यागी ने कहा, ‘अभी ऐसा कोई नियम नहीं है कि अगर कोई ट्रेन लेट होती है तो यात्रियों को पैसा रिफंड किया जाए, लेकिन अगर कोई यात्री टीडीआर फाइल करता है तो उसे रिफंड दिया जा सकता है।

क्या बंद होगा 2000 का नोट? वित्त मंत्रालय ने किया छापने से इंकार

नई दिल्ली। आरबीआई अब मार्केट में छोटे नोटों की सप्लाइ बढ़ाएगा। मार्केट में अब 50, 100 और 500 रुपये के नोटों की सप्लाइ बढ़ेगी। अगस्त अंत तक 200 रुपये के नए नोट भी मार्केट में आ सकते हैं।

बैंकिग सूत्रों का कहना है कि छोटे नोटों की संख्या बढ़ाने का मतलब 2000 रुपये के नोट को बाहर का रास्ता दिखाने की शुरुआत हो सकती है। एसबीआई अपने एटीएम रीकैलिब्रेट कर रहा है, ताकि 500 रुपये के नोटों को ज्यादा जगह मिले।

क्या है मंशा?
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार 11 अप्रैल को नोटों की छपाई के लिए प्रॉडक्शन प्लानिंग की बैठक हुई थी। बैठक में रिजर्व बैंक ने 2000 के सौ करोड़ नोट छापने का प्रस्ताव रखा था, मगर वित्त मंत्रालय ने 2000 के नोट छापने का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया था।

हालांकि बाकी छोटे नोट छापने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार छोटे नोटों की सप्लाइ बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके 2 फायदे हैं। एक, जाली मुद्रा की साजिश पर लगाम लगेगी। दूसरा, सरकार चाहती है कि लोग कैश की जगह कार्ड से पेमेंट ज्यादा करें।

बड़े नोट की कमी होने से लोगों को बड़ी राशि का कैश से पेमेंट करने में दिक्कत आएगी। ऐसे में वे ऑनलाइन या कार्ड से पेमेंट करेंगे। इससे कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा मिलेगा।

 

लघु उद्योगों के लिए छूट की सीमा तीन करोड़ होनी चाहिए – गोयल

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कोटा। लघु उद्योग भारती उद्योगों के हितों को लेकर हमेशा चिंतित रहती है। चाहे वह टैक्स की दरों का मामला हो या फिर उद्योग नीति का। उसने अपनी अहम भूमिका निभाई है। सरकार को भेजे जाने वाले अधिकांश प्रस्ताव मंजूर हो जाते हैं।

यह कहना है लघु उद्योग भारती राजस्थान के प्रदेश अध्य्क्ष ताराचंद गोयल का। हमारे चैनल LEN-DEN NEWS ने जीएसटी दरों और उद्योगों के लिए किये जाने वाले प्रयासों पर उनसे चर्चा की। उन्होंने माना है कि जीएसटी में लघु उद्योगों के लिए छूट की सीमा तीन करोड़ रुपए होनी चाहिए। इसके लिए संगठन का राष्ट्रीय नेतृत्व काम कर रहा है। यहाँ पेश है गोयल से बातचीत। देखिए यह वीडियो —

एनसीडीईएक्स ने काली मिर्च वायदे को फिर से शुरू किया

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मुंबई ।  नेशनल कमोडिटी एण्ड डेरीवेटिवज एक्सचेंज (NCDEX) ने काली मिर्च (मालाबार गार्बल्ड 1 वरायटी ) का वायदा कारोबार फिर से शुरू कर दिया है।  काली मिर्च के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भारत एक महत्वपूर्ण क्षेत्र होने  के कारण,बेंचमार्क मूल्य निर्धारण और  जोखिम प्रबंधन के साधन की उपलब्धता से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय काली मिर्च की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। 

एनसीडीईएक्स  के काली मिर्च वायदे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  मान्यता और विश्वसनीय मूल्य बेंचमार्क प्राप्त हुए है । भारतीय काली मिर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मध्य पूर्व, अमेरिका और यूरोप जैसे विदेशी बाजारों में बेच दिया जाता है और इस नये संविदा/अनुबंध के साथ, मूल्य श्रृंखला प्रतिभागी और अंतरराष्ट्रीय व्यापारी अब भारतीय काली मिर्च की  निर्यात मूल्यों के लिए जोखिम ले सकते है।

एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक तथा सीईओ,समीर शाह, ने कहा.”हमारे वैश्विक मसालों के बेंचमार्क के पहले से ही मजबूत समूह में काली मिर्च वायदा के शामिल होने से सभी मसालों से संबंधित जोखिम प्रबंधन की जरूरतों के लिए एकमात्र सुविधाजनक स्थान प्रदान करने की एनसीडीईएक्स की क्षमता बढ़ गयी है।

इसके अलावा यह बाजार प्रतिभागियों को एनसीडीईएक्स की अन्य मसाला संविदाओं के साथ प्रसार के  अवसर बनाने के लिए एक मंच प्रदान करता है। ”एनसीडीईएक्स की काली मिर्च की संविदा एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप है,जो खरीददारों को विश्वास दिलायेगी। 

 

अब 16 अगस्त तक ले सकेंगे GST कंपोजीशन स्कीम

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नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने जीएसटी कानून के अंतर्गत छोटे व्यापारियों के लिए कंपोजीशन स्कीम लेने की डेडलाइन को बढ़ाकर 16 अगस्त कर दिया है। इससे पहले 75 लाख तक के टर्नओवर वाले बिजनेस के लिए जीएसटी के अंतर्गत कंपोजीशन स्कीम को चुनने की आज (21 जुलाई) आखिरी तारीख थी।

केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क बोर्ड की ओर से जारी किए गए एक आदेश में कहा गया, “बोर्ड ने जीएसटी सीएमपी-01 के तहत सूचना दाखिल करने की अवधि को बढ़ाकर 16 अगस्त 2017 कर दिया है।”

कंपोजीशन स्कीम को अपनाने के लिए टैक्सपेयर को जीएसटी पोर्टल (www.gst.gov.in) पर अपने अकाउंट में लॉग-इन कर एप्लीकेशन टू ऑप्ट फॉर द कंपोजीशन स्कीम का विकल्प चुनना होगा, जोकि सर्विस मैन्यु में दिया हुआ होगा। उन्हें इस स्कीम को अपनाने के लिए GST CMP-01 फॉर्म भरना होगा।

इस स्कीम के तहत ट्रेडर्स, मैन्युफैक्चरर और रेस्तरां क्रमश: एक, दो और 5 फीसद का टैक्स भुगतान करेंगे। जो भी बिजनेस कंपोजीशन स्कीम का विकल्प चुनेगा उस पर कंप्लाइंस का बोझ काफी कम होगा क्योंकि उन्हें सिर्फ तिमाही आधार पर एक रिटर्न ही दाखिल करना होगा। जबकि अन्य बिजनेस से जुड़े व्यापारियों को हर महीने एक रिटर्न भरना होगा।

GST से कैश ट्रांजैक्शन होगा मुश्किल -जेटली

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नई दिल्ली/अहमदाबाद । फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से कैश ट्रांजैक्शन मुश्किल होगा। नतीजतन टैक्स कम्प्लायंस बेहतर होगा और टैक्स बेस बढ़ेगा।  फाइनेंस मिनिस्टर यहां फाइनेंस मिनिस्ट्री की ओर से आयोजित इकोनॉमिक्स कॉनक्लेव में बोल रहे थे। 

उन्होंने कहा कि सरकार विदेशों में ब्लैक मनी रखने आैर देश के अंदर ब्लैकमनी से बिजनेस करने वालों और शैल कंपनियों पर अंकुश लगाने के लिए कानून लेकर आई है। उधर अहमदाबाद में स्मृति ईरानी ने कारोबारियों से जीएसटी अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसे अपनाकर इतिहास का हिस्सा बनें।

जेटली ने कहा कि देश ने टैक्स कम्प्लायंस (अनुपालन) नहीं होने के ढेरों मामलों और बड़े पैमाने पर सिस्टम के बाहर होने वाले ट्रांजैक्शन जैसे भारतीय चलन का रास्ता तलाश लिया है। जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) आने से इसे लागू करने में और आसानी होगी।

उन्होंने कहा, “इस स्थिति से निपटने के लिए करीब-करीब बेबसी नजर आती रही है। हर साल फाइनेंस बिल के जरिए हम कुछ बदलावों का एलान करते थे, जिसका मामूली असर होता था। मेरा मानना है कि इन मामूली बदलावों का कोई खास असर नहीं था। लिहाजा, एक बड़े बदलाव के लिए कदम उठाने थे। इसलिए सरकार ने अब जो कदम उठाए हैं उनका अहम और दूरगामी असर होगा।”

टैक्स चोरी में कमी आएगी
 जेटली ने कहा, “नोटबंदी, साथ ही जीएसटी, कैश जेनरेशन को मुश्किल बनाएगी। टैक्स चोरी रोकने और डिजिटलाइजेशन को बढ़ाने में इसका बड़ा असर सामने आएगा।”

 उन्होंने कहा, “डिजिटलाइजेशन और डायरेक्ट-इनडायरेक्ट टैक्सेशन के बढ़ने के शुरुआती संकेत पहले ही नजर आने लगे हैं।” फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि इस सरकार ने सिस्टम को हिला देने वाला जो पहला कदम उठाया वह उन लोगों के खिलाफ सजा देने वाली कार्रवाई थी, जिन्होंने विदेश में अपना पैसा छिपा रखा है।

GST अपनाएं, इतिहास का हिस्सा बनें
 स्मृति ईरानी ने कारोबारियों से जीएसटी को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी न सिर्फ अच्छा और आसान टैक्स है, बल्कि यह बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है। हम इतिहास रचें और उसका हिस्सा बनें, ताकि आने वाली जनरेशन को बता सकें कि हमने कभी टैक्स की चोरी नहीं की।

ईरानी अहमदाबाद में जीएसटी पर हुए एक कार्यक्रम में बोल रही थीं। बता दें कि सूरत, अहमदाबाद समेत देशभर में कई कपड़ा कारोबारी जीएसटी का विरोध कर रहे हैं।

मॉनसून की झमाझम बारिश , 90 % दलहन फसलों की बुआई

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 19 जुलाई तक देश में 93.36 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुआई हो चुकी है।

मुंबई। देश के करीब सभी इलाकों में मॉनसून की झमाझम बारिश हो रही है। मॉनसून की सक्रियता के वजह से खरीफ सीजन की फसलों की बुआई भी जोरशोर से हो रही है। पिछले साल की अपेक्षा बुआई बेहतर है।

अभी तक करीब 90 फीसदी दलहन फसलों की बुआई हो चुकी है। जो अब तक की सबसे अच्छी बुआई मानी जा रही है। यदि दलहन फसलों की बुआई की रफ्तार ऐसी ही रही तो चालू खरीफ सीजन में यह नया रिकॉर्ड बनाएगी। 
 
मौसम विभाग के अनुसार इस सीजन में मॉनसून 101 फीसदी रहा, यानी अभी तक देश में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 19 जुलाई तक देश में 93.36 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुआई हो चुकी है।

जबकि पिछले साल इस समय तक देश में 90.33 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुआई हुई थी। खरीफ सीजन में दलहन फसलों का कुल रकबा 105.58 लाख हेक्टेयर है। इस तरह दलहन फसलों की बुआई कुल सामान्य रकबे के करीब 90 फीसदी क्षेत्र में हुई है।

सरकारी अनुमान के मुताबिक इस समय तक देश में 67.65 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुआई होनी चाहिए, यानी सरकारी अनुमान से 25.80 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुआई अधिक हुई है।

कृषि मंत्रालय के मुताबिक खरीफ दलहन फसलों में प्रमुख अरहर की बुआई 29.32 लाख हेक्टेयर, उड़द 26.71 लाख हेक्टेयर, मूंग 23.09 लाख हेक्टेयर, कुल्थी 0.17 लाख हेक्टेयर और 14.06 लाख हेक्टेयर में अन्य दलहन फसलों की बुआई हुई है। 
 
देश में सबसे ज्यादा दलहन फसलों की बुआई राजस्थान में हुई है। वहां अभी तक 27.23 लाख हेक्टेयर में इनकी बुआई हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 18.58 लाख हेक्टेयर में इन फसलों की बुआई हुई थी।

राजस्थान में खरीफ  दलहन फसलों का सामान्य रकबा 24.03 लाख हेक्टेयर है यानी राज्य में दलहन फसलों की बुआई सामान्य रकबा से ज्यादा हो चुकी है। बीकानेर उद्योग मंडल के पंकज चोपड़ा कहते हैं कि इस साल मॉनसून पूर्व बारिश अच्छी हुई थी जिसके कारण फसलों की बुआई तेजी की शुरुआत ही अच्छी हुई।

दलहन फसलों की बुआई अभी जारी है। किसानों की रुचि को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इस बार दलहन फसलों की बुआई नया रिकॉर्ड बनाएगी। राजस्थान की तरह मध्य प्रदेश में भी उम्मीद से ज्यादा दलहन फसलों की बुआई हुई है।

मध्य प्रदेश में 19.96 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 14.73 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुआई हुई थी। प्रदेश में खरीफ सीजन के दलहन फसलों का रकबा 13.82 लाख हेक्टेयर है।

महाराष्ट्र में 16.73 लाख हेक्टेयर और कर्नाटक में 12.20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन फसलों की बुआई हो चुकी है। चालू खरीफ सीजन में दलहन फसलों की बुआई के आंकड़ों में यह साल नये रिकॉर्ड की तरफ बढ़ चुका है।

कृषि मंत्रालय से प्राप्त 19 जुलाई तक दलहन फसलों के बुआई आंकड़ों के मुताबिक इस साल 93.36 लाख हेक्टेयर, 2016 में 90.33 लाख हेक्टेयर, 2015 में 64.26 लाख हेक्टेयर, 2014 में 49.51 लाख हेक्टेयर, 2013 में 72.19 लाख हेक्टेयर और 2012 में 55.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुई थी। 
 

आईआईटी व एनआईटी काउंसलिंग के सातवें राउण्ड का सीट आवंटन

कोटा। देश की 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 23 ट्रिपलआईटी एवं 20 जीएफटीआई के लिए करवाई जा रही ज्वाइंट काउंसलिंग के सातवें व अंतिम राउण्ड का सीट आवंटन जारी कर दिया गया। विद्यार्थी जिन्हें सातवें राउण्ड में प्रथम बार कॉलेज सीट का आवंटन हुआ है, उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्टिंग सेंटर पर शनिवार शाम पांच बजे तक रिपोर्ट करना होगा। 

एेसे विद्यार्थी जिन्हें पूर्व में छठे राउण्ड तक आईआईटी-एनआईटी कॉलेजों का आवंटन हो चुका था और उन्होंने पहले ही रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्ट कर सीट स्वीकार कर ली थी, अब उन्हें सीधे ही आवंटित कॉलेजों में बाकी बची शेष कॉलेज फीस व आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करना होगा।

सातवें राउण्ड की स्थिति
सामान्य वर्ग के लिए आईआईटी की क्लोजिंग रैंक 10826 आईआईटी-बीएचयू की पांच वर्षीय फार्मास्यूटीकल इंजीनियरिंग की रही। एनआईटी की क्लोजिंग रैंक 10 लाख 44 हजार 649 रैंक पर एनआईटी सिक्किम की सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच की होम स्टेट कोटे से रही। ट्रिपलआईटी की क्लोजिंग रैंक 39507 पर ट्रिपलआईटी मणिपुर की इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग ब्रांच की रही। जीएफटीआई की क्लोजिंग रैंक 1,70,061 पर आसाम यूनिवर्सिटी सिल्चर की एग्रीकल्चर ब्रांच की रही।

छठे राउण्ड में 5415 सीटें खाली
छठे राउण्ड की रिपोर्टिंग में कुल 21466 सीटों में 16843 भर गई जबकि 5415 सीटें शेष रही। जोकि सातवें राउण्ड में आवंटित कर दी गई। सातवें राउण्ड के बाद 461 सीटें शेष रही, जिनमें आईआईटी की एक सीट, आईआईटी भुवनेश्वर की मेटलर्जी की एसटी कैटेगिरी में है। शेष 460 सीटों में एनआईटी अगरतला, कालीकट, मेघालय, नागालैण्ड, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर की एससी एसटी कैटेगिरी में होमस्टेट कोटे से है।

स्पेशल राउण्ड का विकल्प मौजूद
कॅरियर काउंसलर अमित आहूजा के अनुसार, ऐसे विद्यार्थी जिन्हें जोसा काउंसलिंग के सातों राउण्ड में सीटों का आवंटन नहीं हुआ, उनके पास सीएसएबी की स्पेशल राउण्ड काउंसलिंग का विकल्प उपलब्ध है। वो जोसा काउंसलिंग के बाद शेष सीटों पर हो रही स्पेशल राउण्ड काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं। विद्यार्थी 27 से 29 जुलाई के मध्य सीएसएबी वेबसाइट पर लॉग इन कर रजिस्ट्रेशन एवं कॉलेज च्वॉइस भर सकते हैं। 30 जुलाई को स्पेशल राउण्ड काउंसलिंग का सीट आवंटन किया जाएगा।

अपनी किताबों के पहले पेज पर स्टार्टअप का महत्व बताए विश्वविद्यालय :राज्यपाल ने कहा

दीक्षांत समारोह से औपचारिक शिक्षा का अंत हो सकता है, लेकिन व्यवहारिक शिक्षा में अभी उत्तीर्ण होना बाकी है।

कोटा। यूनिवर्सिटी को अपनी किताबों के पहले पन्ने पर ही स्टार्ट अप इंडिया के महत्व को बताते हुए रोजगार की योजनाओं की जानकारी देनी चाहिए। इस संबंध में वह केंद्र सरकार को भी पत्र लिखेंगे। इससे केंद्र सरकार की योजनाअों की जानकारी युवाओं तक पहुंच पाएगी।

यह बात राज्यपाल ने वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी के दसवें दीक्षांत समारोह में कही। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह से औपचारिक शिक्षा का अंत हो सकता है, लेकिन व्यवहारिक शिक्षा में अभी उत्तीर्ण होना बाकी है।  उन्होंने कहा कि इस शिक्षा के कारण ही गांव में बैठा व्यक्ति भी शिक्षा पूरी कर रहा है।

कनवोकेशन में आंकड़ों को बताते हुए कहा कि महिलाएं शिक्षा में आगे बढ़ रही है। यह उनके परिवारजनों के लिए गर्व की बात है। उत्तराखड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने दीक्षांत भाषण देते हुए कहा कि मुक्त  और दूरस्थ शिक्षा के कारण उच्च शिक्षा पहुंच गांव-गांव तक पहुंच गई है।

कुलपति प्रो. अशोक शर्मा ने प्रतिवेदन पढ़ते हुए कहा कि 23 जुलाई को यूनिवर्सिटी के तीस साल पूरे हो जाएगी। पिछले सेशन में एक लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया था। कनवोकेशन में अमित शर्मा को चांसलर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।

32 मेडल छात्राओं को और 28 मेडल छात्रों को मिले
यूनिवर्सिटी ने गोल्ड के लिए 60 स्टूडेंट्स की लिस्ट जारी करके उन तक कनवोकेशन का मैसेज पहुंचा दिया था। इसके बावजूद कनवोकेशन में 45 स्टूडेंट्स ने गोल्ड लेने के लिए पहुंचे। 15 स्टूडेंट्स ने रुचि नहीं दिखाई। पीजी में 22 छात्राओं और 17 छात्र, यूजी में पांच छात्राएं और तीन छात्र, पीजी डिप्लोमा में चार छात्राएं और चार छात्र डिप्लोमा में एक छात्रा चार छात्रों ने पदक हासिल किया। कुल 32 मेडल छात्राओं 28 मेडल छात्रों को मिले।

GST READY RECKONER से मिलेगा आप के सवालों का जवाब, देखिए वीडियो

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कोटा। हमारे डीलर्स की जीएसटी संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए हम GST READY RECKONER लेकर आये हैं । इसी के साथ हम आप को जीएसटी की रिटर्न फाइल करने का कैलेंडर भी दे रहे हैं। अगर आप चाहे तो इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं। इसका लिंक हम दे रहे हैं, जो गूगल ड्राइव में खुलेगा। इससे पहले आप सीनियर टैक्स कंसल्टेंट श्री अनिल काला द्वारा दी गई जानकारी को समझने के लिए यह वीडियो जरूर देखिये। इसमें बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। तो आइये देखिये वीडियो —-

READY RECKONER डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें