Thursday, July 9, 2026
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दो हफ्तों में प्याज की थोक कीमत 118% बढ़ीं

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नासिक। टमाटर के बाद अब प्याज के दाम भी आँखें दिखाने लगे हैं। पिछले दो हफ्तों में महाराष्ट्र के थोक बाजार में प्याज के दामों में करीब 118 पर्सेंट का उछाल आया है। 13 जुलाई को जहां प्याज के दाम 571 रुपये प्रति क्विंटल थे, वहीं गुरुवार को प्याज की कीमत 1250 रुपये प्रति क्विंटल थी। प्याज के दाम में यह अपने पिछले 18 महीनों की सबसे ज्यादा ऊंचाई है।

रसोई घर के सामान में लगातार दाम बढ़ने की चिंता के चलते केंद्र सरकार अपने न्यूनतम निर्यात मूल्य (मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस) को बढ़ा सकती है। केंद्र सरकार ने दिसंबर 2015 में थोक मूल्य में गिरावट के बाद 700 डॉलर टन न्यूनतम निर्यात मूल्य वापस ले लिया था। इसके बाद 19 महीने से कोई न्यूनतम निर्यात मूल्य नहीं है।

लसलगांव एग्रीकल्चरल प्रॉड्यूस मार्केट कमिटी (एपीएमसी) के मुताबिक, दाम में वृद्धि की वजह कम पैदावार से आपूर्ति में गिरावट है। कमेटी के एक अधिकारी ने बताया, ‘खरीफ की फसल की बुआई अक्टूबर के बीच में शुरू हो जाएगी।’ नासिक का लसलगांव देश का सबसे बड़ा प्याज का थोक बाजार है।

अनक्लेम्ड राशि सीनियर सिटिजन वेलफेयर फंड में जमा करें, इरडा का आदेश

नई दिल्ली । बीमा राशि जिस पर दस साल से दावा नहीं किया गया है, उसे अगले साल एक मार्च तक कंपनियों को एक फंड में जमा कराना होगा। यह फंड वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। बीमा नियामक इरडा ने मंगलवार को कंपनियों को यह निर्देश दिया है।

इरडा के मुताबिक, 30 सितंबर, 2017 तक दस साल की अवधि से ज्यादा समय से अगर पॉलिसीधारक की बीमा राशि पर दावा नहीं किया गया है तो कंपनियां उसे वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष (एससीडब्ल्यूएफ) में ट्रांसफर करें।

नियामक ने बीमा कंपनियों को वित्तीय सेवा विभाग से संपर्क करने के लिए कहा है। विभाग से उन्हें ऐसे खातों का विवरण प्राप्त करने के साथ उस निर्धारित प्रारूप को लेना है जिसमें दावा नहीं की गई राशि को जमा करना है।

क्या है सीनियर सिटिजन वेलफेयर फंड
केंद्र सरकार वित्त कानून के तहत वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष कानून, 2015 लाई थी। यह सभी छोटी बचत योजनाओं, कर्मचारी भविष्य निधि, बीमा कंपनियों और बैंकों के खातों के खातों से अनक्लेम्ड अमाउंट को ट्रांसफर करना अनिवार्य करता है।

इस निधि की स्थापना वरिष्ठ नागरिकों के हेतु कल्याणकारी कार्यों जैसे कि वित्तीय सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, ओल्ड एज होम और एक्ट में निर्दिष्ट अन्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए की गई थी।

सीनियर सिटिजन वेलफेयर फंड (एससीडब्ल्यूएफ) केंद्र सरकार का एक पब्लिक अकाउंट होगा जिस पर ब्याज भी दिया जाएगा। इस खाते में जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दर का निर्धारण वित्त मंत्रालय की ओर से निर्धारित और अधिसूचित की जाएगी।

बीमा क्षेत्र में बढ़ रहा है अनक्लेम्ड अमाउंट
लोकसभा में दिए गए एक जवाब के मुताबिक लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में अनक्लेम्ड अमाउंट दोगुना होकर 10,527 करोड़ हो गया है जो कि 31 मार्च 2015 से 31 मार्च 2016 तक 5,440 करोड़ रहा था। लिमिटेशन एक्ट-1963 के अंतर्गत तीन साल के भीतर पॉलिसी होल्डर के क्लेम को निपटाने की सुविधा प्रदान करता है।

बीएसई सेंसेक्स 32309 और निफ्टी 10,014 के स्तर पर बंद 

नई दिल्ली ।  दिनभर के उतार चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 73 अंक चढ़कर 32309 के स्तर पर और निफ्टी 6 अंक की गिरावट के साथ 10,014 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 0.50 फीसद और स्मॉलकैप 0.64 फीसद की बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुई है।

मेटल शेयर्स में बिकवाली
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस, एफएमसीजी और आईटी को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए है। बैंक (0.45 फीसद), मेटल (1.33 फीसद), फार्मा (2.10 फीसद) और रियल्टी (0.25 फीसद) की कमजोरी के साथ बंद हुए है।

डॉ रेड्डी टॉप गेनर
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 22 हरे निशान में और 29 लाल निशान में कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा तेजी येस बैंक, एचडीएफसी, इंफोसिस, कोटक बैंक और इंडसइंड बैंक के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट डॉ रेड्डी, ल्यूपिन, सनफार्मा, आईसीआईसीआई बैंक और इंफ्राटेल के शेयर्स में हुई है।

By Surbhi Jain 

सेंसेक्स ने लगाया 170 अंकों का गोता, निफ्टी आया 10 हजार के नीचे

मुंबई। शुक्रवार को महीने के आखिरी कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार ने अपनी चमक खो दी। जहां एक तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10 हजार के नीचे फिसल गया, वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स भी 170 का गोता खा गया। 

निफ्टी 9981 पर और सेंसेक्स 32221 पर कारोबार करते हुए नजर आया। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.15 फीसदी तक गिरा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3 फीसदी तक लुढ़का है। बैंकिंग, आईटी, मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली हावी हुई है। बैंक निफ्टी 0.6 फीसदी गिरकर 24,772 के स्तर पर आ गया है।  

फेडरेशन स्क्वायर में भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगी ऐश्वर्या

मुंबई। भारतीय सिनेमा महोत्सव के एक अहम हिस्से के रूप में भारत के 70 साल का जश्न मनाते हुए ऐश्वर्या राय बच्चन मेलबर्न के बेहद प्रतिष्ठित फेडरेशन स्क्वायर में भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगी।

 वह ऐसा करने वाली भारत की पहली महिला होंगी। इसके अलावा सिनेमा जगत में अपने योगदान के लिए 11 अगस्त को वेस्टपैक में आयोजित आइएफएफएम अवार्ड समारोह के दौरान भी उन्हें सरकार द्वारा सम्मानित किये जाने की बात है।

ऐसा करने वाली ऐश्वर्या राय बच्चन भारत की पहली महिला होंगी।

ऐश्वर्या भारतीय सिनेमा को विश्व स्तर पर अलग पहचान दिलाने वालीं शख्सियत में से एक हैं। वह अपनी योग्यता और आकर्षण के कारण ही पूरे विश्व में विख्यात हैं। ख़बर यह भी है कि इस अवार्ड समारोह कार्यक्रम से जल्द ही विद्या बालन के साथ कुछ अन्य अभिनेत्रियां भी जुड़ने वालीं हैं।

जल्द ही ऐश्वर्या अपनी नई फ़िल्म ‘फन्ने ख़ान’ की शूटिंग शुरू करने जा रही हैं। हाल ही में ऐश कान फिल्मोत्सव में भी शामिल हुई थीं और विश्व स्तर पर उनकी लगातार चर्चा बनी रही थीं। सुर्ख़ियों में रहना और अपनी क़ामयाबी से पूरे भारत को गर्व महसूस करवाना ऐश्वर्या को अच्छी तरह आता है।

पहली तिमाही में आईटीसी का मुनाफा 7.4 फीसद बढ़ा

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आईटीसी ने मुनाफा दर्ज किया है। अप्रैल से जून तिमाही के दौरान आईटीसी का मुनाफा 7.4 फीसद बढ़कर 2560.5 करोड़ रुपये रहा है। जबकि बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में आईटीसी का मुनाफा 2384.7 करोड़ रुपये रहा था। गौरतलब है कि आज आइडिया और आईसीआईसीआई बैंक के नतीजे भी जारी किए गए।

आईटीसी की आय भी बढ़ी
वित्त वर्ष 2017-18 की अप्रैल से जून तिमाही के दौरान आईटीसी की आय 4.1 फीसद बढ़कर 13800.4 करोड़ रुपये रही। जबकि बीते वित्त वर्ष की समान अवधि के दौरान आईटीसी की आय 13253 करोड़ रुपये रही थी।
वहीं साल दर साल आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में आईटीसी का एबिटडा 3526.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 3746.4 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में आईटीसी का एबिटडा मार्जिन 26.61 फीसदी से बढ़कर 27.15 फीसदी गया है।

बायोकॉन का मुनाफा घटा
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बायोकॉन के मुनाफे में गिरावट आई है। अप्रैल से जून तिमाही के दौरान कंपनी का मुनाफा 51.2 फीसद घटकर 81.3 करोड़ रुपये रहा। जबकि बीते वित्त वर्ष (2017) की पहली तिमाही के दौरान बायोकॉन का मुनाफा 166.6 करोड़ रुपये रहा था।

आय में भी आई कमी
वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बायोकॉन की आय 5.9 फीसद घटकर 933.7 करोड़ रुपये रही। जबकि वित्त वर्ष 2017 की पहली तिमाही में कंपनी की आय 992.2 करोड़ रुपये रही थी। वहीं साल दर साल आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में बायोकॉन का एबिटडा 263 करोड़ रुपये से घटकर 192.1 करोड़ रुपये रहा है।

तिमाही नतीजे: ICICI बैंक और IDEA का मुनाफा घटा

नई दिल्ली। देश की दिग्गज कंपनियों आइडिया, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी और एचसीएल टेक ने वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। आइडिया ने नतीजों में नुकसान दर्ज किया है। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक के मुनाफे में भी गिरावट देखने को मिली है।

देश की दिग्गज टेलिकॉम कंपनी आइडिया सेल्युलर लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही के लिए नतीजे जारी कर दिए हैं। दूरसंचार क्षेत्र में रिलायंस जियो की ओर से दिए फ्री वॉयस कॉल और डेटा के चलते कंपनी को लगातार तीसरी तिमाही में नुकसान हुआ है।

आइडिया सेल्युलर लिमिटेड को अप्रैल से जून तिमाही में 815 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जबकि बीते वर्ष कंपनी को 220 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी की आय 14 फीसद तक गिरकर 8182 करोड़ रुपये हो गई है।

आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा घटकर 2049 करोड़ रुपये 
आईसीआईसीआई बैंक का साल दर साल के आधार पर वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में मुनाफा 8.2 फीसद घटकर 2049 करोड़ रुपये हो गया है। बीते वर्ष की सामान अवधि में बैंक का मिनाफा 2232 करोड़ रुपये रहा था।

सालाना आधार पर बात की जाए तो बैंक की ब्याज आय 8 फीसद बढ़कर 5590 करोड़ रुपये रही है। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक की ब्याज से होने वाली नेट आय 5159 करोजड रुपये रहा था।
 
मारुति सुजुकि का मुनाफा 4 फीसद बढ़ा
मारुति सुजुकि का जून में समाप्त तिमाही में मुनाफा बीते वर्ष की तुलना में 4 फीसद बढ़कर 1556 करोड़ रुपये रहा है। बीते वर्ष की सामान अवधि में कंपनी का मुनाफा 1490 करोड़ रुपये रहा था। साथ ही कंपनी की बीते वर्ष की तुलना में 16 फीसद आय बढ़ी है।

जून में समाप्त तिमाही में कंपनी की ऑपरेशंस से आय 16 फीसद तक बढ़ी है। कंपनी की आय बढ़कर 19777 करोड़ रुपये हो गई है। मारुति की पहली तिमाही के दौरान कुल सेल्स 13.2 फीसद बढ़कर 3.94 लाख यूनिट रही है। साथ ही इस दौरान कंपनी की घरेलू बाजार में बिक्री 14.3 फीसद और निर्यात में 0.1 फीसद की बढ़त दर्ज की गई है।

अप्रैल से जून तक घरेलू बाजार में सबसे ज्यादा ग्रोथ यूटिलिटी व्हीकल्स में देखने को मिली है। कंपनी की बीते वर्ष की तुलना में 45 फीसद सेल्स बढ़ी हैं। वहीं दूसरी ओर कॉम्पैक्ट व्हीकल्स के मामले में बीते साल के मुकाबले 17.5 फीसद की बढ़त देखने को मिली है।

एचसीएल टेक का मुनाफा 10.7 फीसद घटा
वित्त वर्ष 2018 की अप्रैल से जून तिमाही में आईटी कंपनी एचसीएल टेक के मुनाफे में कमजोरी देखने को मिली है। कंपनी का प्रॉफिट 10.7 फीसद घटकर 2210 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी का मुनाफा बीते वर्ष की चौथी तिमाही में 2474 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में एचसीएल टेक की आय 0.8 फीसद बढ़कर 12149 करोड़ रुपये हो गई है। जबकि वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में यह 12053 करोड़ रुपये रही थी। इस दौरान कंपनी की डॉलर आय 3.7 फीसद बढ़कर 188.42 करोड़ डॉलर हो गई है।

 

 

इस बार खरीफ सीजन में सोयाबीन की बुआई 18 फीसदी कम

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मुंबई। बुआई में कमी और मांग बढऩे की संभावना से सोयाबीन की कीमतों में सुधार शुरू हो गया है। चालू खरीफ सीजन में सोयाबीन की बुआई करीब 18 फीसदी कम है जबकि सोयाखली की निर्यात मांग ज्यादा है।

वैश्विक बाजार में भी सोयाबीन में तेजी है जो घरेलू बाजार में भी मजबूती ला सकती है। सोयाबीन के सबसे बड़ा उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में कम बुआई के साथ फसल खराब होने की भी आशंका है। सोयाबीन रकबे में कमी की आशंकाओं के साथ ही कीमतों में सुधार शुरू हो गया है।

देशभर में सोयाबीन की अब तक 85 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई है जो पिछले साल से 18 फीसदी कम है।

वायदा बाजार में सोयाबीन ने हरे निशान पर कारोबार करना शुरू कर दिया है। एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन के सभी अनुबंध बढ़त के साथ बंद हुए। सोयाबीन अगस्त अनुबंध बढ़त के साथ 3,042 रुपये, अक्टूबर 3,169 रुपये, नवंबर 3,207 रुपये और दिसंबर अनुबंध का वायदा 3,255 रुपये प्रति क्ंिवटल पर बंद हुआ।

हाजिर बाजार में भी सोयाबीन 3,000 रुपये प्रति क्ंिवटल की तरफ बढऩा शुरू हो गया। हाजिर बाजार में सोयाबीन की कीमतें बढ़कर 2,969 रुपये प्रति क्ंिवटल पर पहुंच गई। कारोबारियों की मानी जाए तो बाजार में लगातार आवक कमजोर हो रही है जबकि निर्यात मांग बेहतर होने से सोया मिलों की मांग बढ़ी है।
 
सोयाबीन की कीमतों में सुधार का सबसे प्रमुख कारण बुआई कम होना माना जा रहा है। देशभर में सोयाबीन की अब तक 85 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई है जो पिछले साल से 18 फीसदी कम है। पिछले साल इस समय तक देश में 103 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन बोया जा चुका था।

कृषि मंत्रालय के सामान्य बुआई रकबे में भी सोयाबीन पिछड़ा है। कृषि विभाग के अनुमान के मुताबिक 21 जुलाई तक देश में सोयाबीन की बुआई करीब 95 लाख हेक्टेयर में हो जानी चाहिए थी। खरीफ सीजन में सोयाबीन का कुल सामान्य रकबा 110 लाख हेक्टेयर आंका जात है।

सोयाबीन के साथ खरीफ सीजन की कुल तिलहन फसलों की भी बुआई इस साल कम है। तिलहन फसलों की अभी तक 123.55 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 144.82 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलों की बुआई हुई थी। 
 
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अनुसार सोयामील और इससे बने उत्पादों का निर्यात बढ़कर 64 हजार टन पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 56 फीसदी ज्यादा है। कमोडिटी मामलों के जानकार अनिल अग्रवाल के मुताबिक सोयाबीन की कीमतें जून महीने से चमकने लगीं। इसका कारण निर्यात मांग के बेहतर आंकड़े रहे हैं लेकिन जुलाई के दूसरे सप्ताह इसमें हल्की गिरावट शुरू हुई। 
 
दरअसल इस साल बेहतर मॉनसून की भविष्यवाणी को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा था कि बुआई और उत्पादन दोनों बेहतर रहेंगे। लेकिन फसल बुआई के आंकड़े कमजोरी दिखा रहे हैं। मध्य प्रदेश में कम बुआई के साथ फसल खराब होने की भी आशंका है यानी देश में इस साल सोयाबीन का उत्पादन पिछले साल की अपेक्षा कम हो सकता है।

दूसरी तरफ निर्यात बेहतर रहने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। तीसरी बात अंतराष्ट्रीय बाजार में तेजी बनी हुई है जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पडऩे वाला है। सोयाबीन उत्पादक प्रमुख राज्य मध्य प्रदेश में बुआई पिछड़ चुकी है। मध्य प्रदेश में अभी तक 40.12 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुआई हुई है।

राज्य में अब तक 53.23 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुआई हो जानी चाहिए। पिछले साल यानी वर्ष 2016 के दौरान राज्य में 49.70 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुआई हुई थी जबकि 2015 में 55.46 लाख हेक्टेयर, 2014 में 55.02 लाख हेक्टेयर, 2013 में 58.80 लाख हेक्टेयर और 2012 में 47.17 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुआई हुई थी।

कृषि विभाग के मुताबिक इस बार सबसे कम सोयाबीन की बुआई हुई है। सोपा से जुड़े लोगों की मानी जाए तो किसानों के रुझान को देखते हुए कहा जा सकता है कि चालू खरीफ सीजन में सोयाबीन की बुआई अपने सामान्य रकबे तक पहुंचना मुश्किल है। मध्य प्रदेश में सोयाबीन का सामान्य रकबा करीब 59 लाख हेक्टेयर है। 

सोने 230 रुपए उछला, चांदी भी हुई महंगी

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नई दिल्ली। दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी के चलते सोना 230 रुपये चढ़कर 29450 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी बढ़त देखने को मिली है।

इंडस्ट्रीय यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान के चलते चांदी 39000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार हो गई है। चांदी 535 रुपये की बढ़त के साथ 39375 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। व्यापारियों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह तेजी सकारात्मक वैश्विक संकेत के चलते देखने को मिली है।

सोने की मांग में तेजी से यह छह हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था क्योंकि अमेरिकी फेड रिजर्व की ओर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके बाद डॉलर 13 महीने के निम्नतम स्तर पर आ गया।अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिंगापुर में सोना 0.30 फीसद की बढ़त के साथ 1264.31 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया।

इसके साथ ही घरेलू हाजिर बाजार में ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से बढ़ी मांग के चलते कीमतों में तेजी देखने को मिली है। देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 230 रुपये की बढ़त के साथ क्रमश: 29450 रुपये और 29300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

300 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ बीएसई

मुंबई। भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार को सुबह के वक्त जितनी तेजी देखने को मिली थी, वो शाम को बंद होते-होते बिलकुल टूट गई। मार्केट में 300 अंकों की गिरावट देखने को मिली। इससे पहले दिन के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी अपने-अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे।

जहां सेंसेक्स 1 अंक की बढ़त के साथ 32383 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 7 अंकों की गिरावट के साथ 10014 के लेवल पर बंद हुआ। फार्मा, आईटी, मेटल, ऑटो, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्युरेबल्स, ऑयल एंड गैस और पावर शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है।

निफ्टी के फार्मा इंडेक्स में 1.6 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 1.6 फीसदी, मेटल इंडेक्स में 1 फीसदी और एफएमसीजी इंडेक्स में 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

बीएसई के कंज्यूमर ड्युरेबल्स इंडेक्स में 0.7 फीसदी, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.5 फीसदी और पावर इंडेक्स में 0.3 फीसदी की कमजोरी आई है। बैंकिंग और मीडिया शेयरों में अच्छी खरीदारी नजर आई है। बैंक निफ्टी 1 फीसदी तक बढ़कर 24,922.4 के स्तर पर बंद हुआ है।

हालांकि आज के कारोबार में बैंक निफ्टी 25000 को पार करने में कामयाब हुआ था। निफ्टी के प्राइवेट सेक्टर बैंक इंडेक्स में 0.9 फीसदी और मीडिया इंडेक्स में 0.3 फीसदी की मजबूती आई है।