Tuesday, June 30, 2026
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पुलिस की मौजूदगी में हुई गेहूं की नीलामी, अब ट्रॉली से होगी बिक्री

किसानों का गेहूं अब ट्रॉली पर ही नीलाम होगा और धर्मकांटे पर ही तुलेगा, मंडी प्रशासन का फैसला, व्यापारी मानने को तैयार नहीं 

कोटा। भामाशाह मंडी में माल की धर्मकांटे पर तुलाई और ट्रॉली से गेहूं की नीलामी को लेकर गुरूवार को दूसरे दिन भी हंगामा होता रहा। मंडी प्रशासन पुलिस की मौजूदगी में नीलामी कराई।

बाद में व्यापारियों ने भाव कम लगाया तो किसान जिंस बेचने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने माल को फिर से ढेर कर दिया, लेकिन मंडी प्रशासन ने ढेर की बोली लगाने से साफ इंकार कर दिया।

बाद में व्यापारी, किसान नेता और प्रशासन के अधिकारियों के बीच काफी देर तक वार्ता हुई। किसान नेताओं ने कह दिया कि वे माल को ढेर होकर नहीं बेचने देंगे। प्रशासनिक अधिकारियों का भी कहना था कि यह सरकार के निर्देश हैं और इसे लागू करना ही है।

व्यापारियों ने अपनी समस्या बताई। इसके चलते यह तय हुआ कि किसानों का गेहूं की नीलामी ट्रॉली से ही होगी और मध्यप्रदेश सहित अन्य जगहों से आने वाले व्यापारियों को 15 दिन की मोहलत दी गई है।

सुबह 10.30 बजे मंडी सचिव आरपी कुमावत ने यार्ड नंबर दो में ट्रॉली से गेहूं की नीलामी शुरू करवा दी। इस दौरान अनंतपुरा थाना पुलिस सहित अन्य पुलिस बल भी मौजूद था।

किसान नेता जगदीश शर्मा, देवा भड़क सहित अन्य लोग भी थे। शुृरूआत में 9 ट्रॉलियों की नीलामी तो 1550 से लेकर 1700 रुपए तक लगी, लेकिन बाद में रेट 1450 से लेकर 1500 तक ही रह गई। इस पर बाकी के किसानों ने नीलामी करने से इंकार कर दिया।

किसान नेताओं का आरोप है कि व्यापारियों ने जानबूझ कर रेट कम लगाई और किसानों को बरगलाकर ढेर करवाने के लिए ले गए। वहां किसानों ने माल ढेर कर दिया। सचिव कुमावत ने बताया कि जब किसानों ने ढेर कर दिया तो अनाउंस करवा दिया गया कि कोई भी माल की नीलामी ढेर पर नहीं होगी।

इसके बाद किसान नेताओं, व्यापारी प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। इसके बाद मामला शांत हुआ। बाद में शाम तक 24 से 25 ट्रॉलियों की नीलामी हुई। अब किसानों के गेहूं ढेर होकर नीलाम नहीं होंगे।

किसानों से भी अपील की जा रही है कि वे रात में जिंस लेकर नहीं आएं। इसमें मंडी प्रशासक एसडी मीणा, एएसपी अनंतकुमार, डीएसपी राजेश मेश्राम मौजूद थे। मीटिंग में किसान नेताओं व्यापारियों की नोकझोंक भी हुई।

मध्य प्रदेश से आता है 60 से 70 फीसदी जिंस
कोटा ग्रेन सीड्स एंड मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी का कहना था कि मंडी में 60 से 70 फीसदी अनाज मध्यप्रदेश के व्यापारियों का आता है। वे पैक करके लाते हैं। ऐसे में उनकी तुलाई कैसे होगी।

हम नहीं होने देंगे ढेर करके नीलामी
किसान नेता जगदीश शर्मा, देवा भड़क, प्रेमशंकर सहित अन्य नेताओं ने मीटिंग में साफ कह दिया कि वे ढेर होकर माल की नीलामी नहीं होने देंगे। किसान का माल तो ट्रॉली पर ही नीलाम होगा और ट्रॉली पर ही धर्मकांटे पर तुलेगा। एक बार मोहलत दी ताे फिर दोबारा यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।

बैठक में यह हुआ तय
1. किसानों का गेहूं अब ट्रॉली पर ही नीलाम होगा और धर्मकांटे पर ही तुलेगा।
2. बाहर से आने वाले व्यापारियों को 15 दिन की मोहलत दी गई। इस दौरान उनके बिल चेक करके ढेर कराकर नीलामी करवाई जाएगी। 15 दिन में सबको सूचित कर दिया जाएगा कि अब गेहूं गाड़ी में खुले रूप से नीलाम होगा।
3. एक ही वाहन में अलग-अलग तरह का जिंस लाने वालों की नीलामी ढेर पर ही होगी।

 

अब भारतीय एशियाई देशों में ही जमा कर रहे अपना पैसा

बीआईएस के डेटा में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि अब भारतीय स्विस बैंकों की जगह एशियन टैक्स हेवन्स में अपना धन रखना पसंद कर रहे हैं

नई दिल्ली। विदेशों में जमा भारतीयों के धन में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है इसके साथ ही लोगों ने अब अपना ठिकाना बदल लिया है। साल 2015 तक भारतीयों के 4 लाख करोड़ रुपये विदेशी बैंकों में जमा थे।

यह खुलासा बैंक ऑफ इंटरनैशनल सेटलमेंट्स के(बीआईएस) के द्वारा जारी डेटा से हुआ है। विदेशी खातों में भारतीयों के द्वारा जमा यह रकम साल 2015 में देश की जीडीपी का लगभग 3 फीसदी है।

बीआईएस के डेटा से यह भी पता चला है कि साल 2007 से लेकर 2015 तक विदेशों में जमा भारतीयों के धन में 90 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई।

बीआईएस के डेटा में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि अब भारतीय स्विस बैंकों की जगह एशियन टैक्स हेवन्स में अपना धन रखना पसंद कर रहे हैं।

हॉन्ग कॉन्ग, सिंगापुर, मकाऊ, मलयेशिया जैसे एशियन टैक्स हेवन्स में भारतीयों ने विदेशों बैंकों में जमा कुल धन का 53 प्रतिशत हिस्सा जमा किया हुआ है। स्विस बैंको में 2015 में केवल 31 फीसदी धन ही जमा था।

इन आकड़ों पर गौर करें तो यह समझना आसान है कि सरकार जिस कालेधन धन का पता लगाने के लिए स्विस बैंको पर फोकस कर रही उसका एक बड़ा हिस्सा एशियन टैक्स हेवन्स में ही छिपा हो सकता है।

पिछले कुछ सालों में दुनिया भर के देशों के दवाब की वजह से स्विट्जरलैंड अपने बैंकों में पैसा जमा करने के नियम को लेकर पारदर्शी हुआ है।

पनामा पेपर्स के खुलासे में भी यह बात सामने आई थी कि भारत समेत कई अन्य देशों के लोग अपना कालाधन छिपाने के लिए स्विस बैंकों की जगह एशियन टैक्स हेवन्स के बैंकों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अगर सरकार कालेधन को देश में लाने को लेकर सच में गंभीर है तो उसे स्विस बैंकों के साथ-साथ एशियन टैक्स हेवन्स पर भी ध्यान देना होगा।

 सेंसेक्स 55.52 और निफ्टी 7.30 पॉइंट चढ़कर बंद

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने जब बताया कि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लि. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के इंजिन बनाएगा तो इसके शेयरों में उछाल आ गई

नई दिल्ली। गुरुवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। दिनभर के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स ने 55.52 और एनएसई निफ्टी ने 7.30 अंकों की तेजी हासिल की और क्रमशः 32,241.93 एवं 10,086.60 अंकों पर बंद हुए। गुरुवार की तेजी की वजह बैंक और फार्मा सेक्टर के शयरों में आई बढ़त रही।

निफ्टी दिन के 1:33 बजे 0.01 प्रतिशत चढ़कर 10,080.65 पर ट्रेड कर रहा था जबकि सेंसेक्स 0.06 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,207.58 पर पहुंच गया था। प्राइवेट बैंक ऐक्सिस बैंक लि. के शेयरों ने 3.6 प्रतिशत मजबूती हासिल करते हुए निफ्टी में टॉप स्थान हासिल किया।

ऐक्सिस बैंक के शेयरों के चढ़ने की वजह ब्रोकरेज फर्म डॉचे बैंक ने इनकी रेटिंग अपग्रेड कर बाय कैटिगरी में ला दी और टारगेट प्राइस 600 रुपये रख दिया।

इधर, सन फार्मासूटिकल इंडस्ट्रीज लि. के शेयरों को आज के कारोबार में 2.4 प्रतिशत की मजबूती मिली, जिससे निफ्टी का फार्मा इंडेक्स 2.2 चढ़ गया जो पिछले महीने 6.5 प्रतिसत गिर गया था।

वहीं, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने जब बताया कि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लि. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के इंजिन बनाएगा तो इसके शेयरों में उछाल आ गई।

उधर, सरकार के इस बयान पर सरकारी ऑइल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों को खरीदारी बढ़ गई कि उसने कीमतों पर पेट्रोल पंपों के साथ कोई बात नहीं की।

भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑइल शुरुआती कारोबार में 3 प्रतिशत चढ़े थे, लेकिन बाद में 0.4 से 2.1 प्रतिशत तक गिर गए।

उधर, निवेशकों ने आज आईटी शेयरों से भी हाथ खींच लिया और विप्रो लि. के शेयर 5 प्रतिशत तक गिर गए। गुरुवार को कमजोर हुए शेयरों में रिलायंस कम्यूनिकेशन लि. भी शामिल रहा।

जीएसटीएन पर बने मंत्रिसमूह की पहली बैठक 16 को

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मंत्रिसमूह जीएसटीएन पोर्टल पर असेसीज को आ रही दिक्कत के साथ-साथ तकनीकी पहलुओं पर भी विचार विमर्श करेगा और अब तक की प्रगति और प्रदर्शन का जायजा लेगा

नई दिल्ली । जीएसटी के आइटी नेटवर्क जीएसटीएन में आ रही तकनीकी खामियों को हल करने के लिए बने मंत्रिसमूह की पहली बैठक 16 सितंबर को बेंगलुरु में होगी।

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी की अध्यक्षता वाले इस मंत्रिसमूह की बैठक में जीएसटीएन के उच्च अधिकारी प्रजेंटेशन देंगे और तकनीकी मुद्दों के बारे में मंत्रिसमूह को जानकारी देंगे।

मोदी ने बताया कि मंत्रिसमूह की पहली बैठक में राजस्व सचिव हसमुख अढिया, जीएसटीएन के अध्यक्ष और सीईओ सहित शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।

इसके अलावा जीएसटीएन पोर्टल के आइटी तंत्र का काम संभालने वाली सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस के पदाधिकारी भी मंत्रिसमूह के समक्ष आकर प्रजेंटेशन देंगे।

इसके अलावा जीएसटीएन के नवनियुक्त चेयरमैन ए. बी. पांडेय और सीईओ प्रकाश कुमार भी जीएसटी लागू होने से अब तक जीएसटीएन पोर्टल की प्रगति और प्रदर्शन का ब्यौरा देंगे।

बेंगलुरु देश का आइटी हब है और यही वजह है कि मंत्रिसमूह ने जीएसटीएन से जुड़ी समस्याओं का हल निकालने के लिए पहली बैठक वहां करने का फैसला किया है।

मोदी ने कहा कि मंत्रिसमूह जीएसटीएन पोर्टल पर असेसीज को आ रही दिक्कत के साथ-साथ तकनीकी पहलुओं पर भी विचार विमर्श करेगा और अब तक की प्रगति और प्रदर्शन का जायजा लेगा।

उल्लेखनीय है कि एक जुलाई से देश में जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों को जीएसटीएन पोर्टल पर पंजीकरण से लेकर रिटर्न दाखिल करने तक कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।

यही वजह है कि नौ सितंबर को हैदराबाद में हुई जीएसटी काउंसिल की 21वीं बैठक में राज्यों के वित्त मंत्रियों ने जीएसटीएन पोर्टल में खामियों का मुद्दा उठाया।

इसके बाद ही काउंसिल ने जीएसटीएन से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए मंत्रिसमूह का गठन करने का फैसला किया। काउंसिल ने यह मंत्रिसमूह गठित करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को अधिकृत किया। जेटली ने 12 सितंबर को बिहार के उप मुख्यमंत्री मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह का गठन करने का निर्णय किया है।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री अमर अग्रवाल, कर्नाटक के कृषि मंत्री कृष्ण बी गौड़ा, केरल के वित्त मंत्री टी. एम. थॉमस आइजैक और तेलंगाना के वित्त मंत्री ई राजेन्द्र इस मंत्रिसमूह में बतौर सदस्य शामिल हैं। यह मंत्रिसमूह जीएसटीएन के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ मिलकर काम करेगा।

एसबीआई लाइफ का आईपीओ 20 सितंबर को

मुंबई।  जीवन बीमा क्षेत्र की कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस 20 सितंबर को अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लेकर आ रही है। कंपनी ने कहा है कि वह गंभीर बीमारी सहित सुरक्षा उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के बाद यह दूसरी बीमा कंपनी है जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध होगी।
आईपीओ द्वारा जुटाई गई राशि प्रवर्तकों के पास वापस लौटा दी जाएगी
अरुंधति भट्टाचार्य, चेयरमैन, भारतीय स्टेट बैंक

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरिजीत बसु ने कहा, हाल में हमने एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उत्पाद संपूर्ण कैंसर सुरक्षा पेश किया है। आगे चलकर हमारी कुछ और महत्वपूर्ण सुरक्षा उत्पाद लाने की है।

एसबीआई लाइफ के पास पर्याप्त पूंजी
उन्होंने कहा कि यह शुद्ध रूप से विनिवेश है और फिलहाल कंपनी के पास पर्याप्त पूंजी है जो अगले तीन साल के लिए काफी है। यह शुद्ध रूप से विनिवेश है। देश में निजी जीवन बीमा कारोबार में एसबीआई लाइफ की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है।

कंपनी काफी हद तक बाजार संबद्ध और परंपरागत उत्पाद पोर्टफोलियो में 50-50 का संतुलन कायम रखेगी। उन्होंने कहा कि इससे एसबीआई का ब्रैंड नाम बढ़ेगा और मौजूदा शेयरधारकों को तरलता मिलेगी।

देश की सबसे बड़ी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सब्सिडियरी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का आईपीओ 20 सितंबर को खुलेगा और 22 सितंबर को बंद हो जाएगा। कंपनी इस आईपीओ के जरिए 8,400 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। आईपीओ का प्राइस बैंड 685-700 रुपये रखा गया है।

32,256 पर खुला BSE सेंसेक्स, निफ्टी में भी सुधार

मुंबई। शेयर बाजार गुरुवार को तेजी के साथ खुला। सेंसेक्स 70 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 32,256 पर खुला तो वहीं निफ्टी 21 अंकों की तेजी के साथ 10,100 पर खुला। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 524.44 अंक मजबूत हो चुका है।

इससे पहले बुधवार को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया और बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 28 अंक की तेजी के साथ 32,186.41 अंक पर बंद हुआ। बाजार में शुरु में अच्छी तेजी आई, लेकिन बाद में विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रहने से तेजी पर विराम लगा।

कारोबारियों के अनुसार बाजार में शुरू में तेजी रही लेकिन यूरोपीय बाजारों में कमजोर शुरुआत से कारोबार के अंतिम घंटे में धारणा एकदम बदल गई और निवेशकों ने उच्च स्तर पर मुनाफावसूली को तरजीह दी।

क्रूड 53 फीसदी सस्ता, पेट्रोल-डीजल उच्चतम स्तर पर

सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने तीन साल में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 11 बार बदलाव किया 

नई दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें वर्ष 2014 की तुलना में आधी हो जाने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। केंद्र सरकार के 3 साल के कार्यकाल में कच्चे तेल की कीमतें 53 फीसदी तक गिरी हैं, मगर बुधवार को पेट्रोल मुंबई में 80 रुपये तो दिल्ली में 70.38 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। 

पेट्रो कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के लिए इसी साल 16 जून से लागू किए गए डेली डायनेमिक प्राइसिंग (डीडीपी) की नई व्यवस्था के अलावा केंद्र और राज्यों द्वारा अपनी कमाई बढ़ाने के लिए अधिक कर वसूला जाना भी है।

तीन साल के दौरान डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 380 फीसदी तो पेट्रोल पर 120 फीसदी बढ़ाई गई। यही नहीं, हर रोज कीमत तय होने के महज दो माह में ही पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। 

विपक्ष में रहते और लोकसभा चुनाव प्रचार में भाजपा ने तेल की कीमतों को बड़ा मुद्दा बनाया था। एक्साइज ड्यूटी और वैट में बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए नई प्रणाली पर जोर दिया था। मगर, सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने तीन साल में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 11 बार बदलाव किया गया। 

वैट बढ़ाने वाले राज्यों की संख्या बढ़ती गई
अप्रैल 2014 में जहां 10 राज्यों ने डीजल पर 20 फीसदी से ज्यादा वैट लगा रखा था, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इसी दौरान पेट्रोल पर 25 फीसदी से अधिक वैट लगाने वाले राज्यों की संख्या 17 से बढ़कर 26 हो गई। 

बुलेट ट्रेन से देश को मिलेगी नई रफ्तार और रोजगार – मोदी

अहमदाबाद। भारत को दिखाए गए बुलेट ट्रेन के सपने का आज पहला कदम साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 दिवसीय दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ बुलेट ट्रेन का शिलान्यास किया। 

320 किलोमीटर प्रति रफ्तार से दौड़ने की क्षमता रखने वाली बुलेट की नीव गुजरात के अहमदाबाद में रखी गई, जहां सीएम रुपानी समेत रेल मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद हैं।

  • झलकियाँ
  • जापान ने 88 हजार करोड़ का कर्ज दिया, जिसे 50 साल में 1 फीसदी ब्याज दर्ज पर चुकाना होगा।
  • पीएम मोदी ने कहा कि बुलेट से भारत के उद्योगों को भी फायदा।
  • अगले तीन साल में ये प्रोजेक्ट पूरा होने की पूरी कोशिश है, जिससे रेलवे की ट्रांसपोर्ट सुविधा बढ़ेगी।
  • जापान और भारत ने एक बार ठान ली तो ये जरूर होकर रहेगा।
  • वडोदरा में हाई स्पीड ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की स्थापना की जाएगी।
  • पीएम मोदी ने जापान को भारत का सबसे बड़ा मित्र बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी रेल आधे अधूरे सपनों और संबंधों के सहारे आगे नहीं बढ़ सकता है।
  • सपनों का विस्तार और इच्छाशक्ति असीम है। आज हमारे वर्षों पूराने सपनों को पूरा करने की ओर एक कदम बढ़ा लिया है। इस अवसर पर मैं आप लोगों को बधाई देता हूं।
  • तेज गति, तेज टेक्नोलॉजी के माध्यम से तेज परिणाम आने वाला है। जो रोजगार भी लाएगा और सुरक्षा भी। जो इको फ्रेंडली भी होगा। 
  • नमस्कार बोलकर भाषण की शुरुआत करने वाले शिंजो अबे ने कहा कि भी भारत में बुलेट ट्रेन के शिलान्यास से बेहद खुश है। 
  • जापान की कंपनियां भारत के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही मेक इन इंडिया को ध्यान में रखकर खत्म उठाए जा रहे हैं।
  • पीएम मोदी की तारीफ में बोले अबे कि वे ग्लोबल और दूरदर्शी नेता हैं। उन्होंने कहा कि ये विश्व की सबसे सुरक्षित ट्रेन है
  • शिंजो अबे ने कहा कि भारत के साथ रिश्तों में मजबूती का बड़ा कदम बुलेट ट्रेन है।
  • रेल मंत्री पीयूष गोयल ने जापान की तकनीक के भारत में लगातार विकास करने की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 30 साल पहले मारुती सुजुकी के भारत में आने के बाद क्रांतिकारी बदलाव आए।
  • उन्होंने कहा कि एक समय था जब राजधानी एक्सप्रेस का भी विरोध किया गया था, लेकिन आज सफर के लिए राजधानी पहली पसंद रहती है
  • मुंबई से अहमदाबाद ट्रेन के शुरू किए जाने पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पीएम मोदी और शिंजो अबे का शुक्रिया किया।
  • उन्होंने कहा कि ट्रेन का शिलान्यास गुजरात से किया, लेकिन पीएम मोदी से अपील की जब ट्रेन का उद्घाटन होगा उस वक्त वे जरूर इसमें बैठकर महाराष्ट्र आएं।
  • गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा कि उनके राज्य को चुना गया ये बहुत गर्व की बात है। गांधी जी के साबरमती आश्रम से इस ट्रेन की शुरुआत होगी ये एक बड़ी बात है।
  • उन्होंने कहा कि जापान से अच्छे रिश्ते हैं, जिसके लिए बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने अहम भूमिका निभाई है।
     

अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास आज

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बुलेट ट्रेन परियोजना का शिलान्यास करने के बाद दोनों नेता गांधीनगर में 12वीं वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसमें कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो अाबे गुरुवार को साबरमती रेलवे स्टेशन के पास एथलेटिक स्टेडियम में महत्वाकांक्षी 1.08 लाख करोड़ रुपये (17 अरब डॉलर) के अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे।  

मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली यह देश की पहली बुलेट ट्रेन 508 किमी का फासला 3 घंटे में तय करेगी। मौजूदा समय में यह दूरी तय करने में 7 से 8 घंटे का समय लगता है। ट्रेन की रफ्तार 320 किमी/घंटे के करीब होगी। इसके शुरू होने से मेक इन इंडिया को और ताक़त मिलेगी क्योंकि भारत में इसके उपकरण और कोच बनेंगे।

बुलेट ट्रेन परियोजना का शिलान्यास करने के बाद दोनों नेता गांधीनगर में 12वीं वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसमें कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।

यह सम्मेलन मोदी और आबे के बीच चौथा वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा, जहां दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक भागीदारी के ढांचे के तहत बहुमुखी सहयोग में प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

जापान उन दो देशों में से एक है, जिनके साथ भारत के ऐसे वार्षिक शिखर सम्मेलन होते हैं, दूसरा देश रूस है।दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत-जापान बिजनेस लीडर फोरम में भी शामिल होंगे।

गैर ऊर्जा क्षेत्रों में परमाणु सहयोग बढ़ा सकते हैं भारत-जापान
भारत और जापान दोनों परमाणु ऊर्जा से जुड़े गैर ऊर्जा क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ा सकते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत से पहले कही। 

भव्य रोड शो से लेकर शानदार डिनर तक खास बातें
अधिकारी ने कहा कि देश में परमाणु बिजली घर बनाने के लिए जापान से उपकरणों की खरीद के लिए समझौता होने की संभावना कम ही है क्योंकि फ्रेंच कंपनी ईडीएफ और अमेरिकी कंपनी वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक कंपनी से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना है कि ऐसे अत्याधुनिक उपकरणों की भविष्य में खरीद के लिए जापानी क्रेडिट लाइन के बारे में बात हो सकती है। 

गैर ऊर्जा क्षेत्र में परमाणु दवाइयां, रेडिएशन, परमाणु क्षेत्र में शोध और विकास शामिल हैं। अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने के अनुरोध पर कहा कि इसकी संभावना कम ही है कि परमाणु ऊर्जा सेक्टर में किसी समझौते पर हस्ताक्षर होंगे लेकिन हम गैर ऊर्जा क्षेत्रों को देख सकते हैं। दोनों पक्षों के बीच आखिरी क्षणों की बातचीत जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो अबे आज अहमदाबाद में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में किए जाने वाले सहयोग के बारे में संयुक्त बयान में एक उल्लेख हो सकता है।  

वडोदरा में बनेगा हाई-स्पीड रेल प्रशिक्षण केन्द्र
देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये की लागत से वडोदरा में हाई-स्पीड रेल प्रशिक्षण केन्द्र बनाया जाएगा। भारतीय हाई स्पीड रेल निगम लिमिडेट (एचएसआरसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को इस आशय की जानकारी दी।

बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए सशर्त भूमि आवंटित
मुंबई-अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन के एक स्टेशन के लिए महाराष्ट्र सरकार बांद्रा-कुर्ला परिसर (बीकेसी) में 0.9 हेक्टेयर जमीन को सशर्त देने पर राजी हो गई है।

सरकार के गृह विभाग द्वारा 12 सितंबर को जारी एक सरकारी प्रस्ताव के अनुसार राज्य सरकार इस भूखंड को सशर्त देगी। शर्त यह है कि परियोजना की शुरुआती लागत में महाराष्ट्र सरकार की 125 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी में ही इस भूमि का मूल्य शामिल होगा। 

पेट्रोल-डीजल के बढे दाम तो धर्मेंद्र प्रधान ने पल्ला झाड़ा

‘सरकार का तेल कंपनियों के रोजाना के कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है-पेट्रोलियम मंत्री

नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पेट्रोल और डीजल के दाम की दैनिक आधार पर समीक्षा करने पर रोक के लिए सरकार के हस्तक्षेप से इनकार किया।

ईंधन के दाम में जुलाई के बाद से 7.3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि के साथ उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने यह बात कही।

उन्होंने तीन जुलाई से कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को हल्का करने के लिए कर में कटौती को लेकर भी कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। उन्होंने कहा, ‘समय आ गया है कि जीएसटी परिषद पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करें।’ 

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर आलोचना को अनुचित करार देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जून को दैनिक आधार पर कीमत समीक्षा के बाद एक पखवाड़े तक कीमतों में आई कमी की अनदेखी की गई और केवल अस्थाई तौर पर मूल्य वृद्धि की प्रवत्ति को जोर-शोर से उठाया जा रहा है।

देश अपनी जरूरतों का 80 प्रतिशत आयात से पूरा करता है और इसीलिए 2002 से घरेलू ईंधन की दरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि पहले दरों को हर पखवाड़े बदला जाता था लेकिन 16 जून से इसे दैनिक आधार पर बदला जा रहा है। दैनिक आधार पर समीक्षा में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में अगर कोई कटौती होती है तो उसका तुरंत लाभ ग्राहकों को मिलता है। इससे कीमतों में एक बार में अचानक से वृद्धि के बजाए कम मात्रा में वृद्धि होती है।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, ‘सरकार का तेल कंपनियों के रोजाना के कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है। केवल कुशलता ऐसा क्षेत्र है जहां सरकार तेल कंपनियों की दक्षता में सुधार के लिए हस्तक्षेप करेगी।’  

अमेरिका में आए चक्रवात से बढ़े दाम
धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि अमेरिका में आए चक्रवात से वैश्विक कीमतों में वृद्धि आई है। उन्होंने कहा,   ‘इस चक्रवात के कारण अमेरिकी की कुल रिफाइनरी क्षमता 13 प्रतिशत प्रभावित हुई है। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार इस वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती करेगी?

उन्होंने कहा,   इस बारे में वित्त मंत्रालय को निर्णय करना है लेकिन एक चीज बिल्कुल साफ है, हमें उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं के साथ विकास जरूरतों के बीच संतुलन रखना है।’ 

जीएसटी ही सहारा
सरकार ने नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के दौरान नौ बार पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया। वैश्विक स्तर पर ईंधन के दाम में नरमी को देखते हुए उत्पाद शुल्क बढ़ाए गए। कुल मिलाकर इस दौरान पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 11.77 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल पर 13.47 रुपए की वृद्धि की गई।

शुल्क वृद्धि से सरकार का 2016—17 में उत्पाद शुल्क संग्रह बढ़कर 2,42,000 करोड़ रुपए हो गया। प्रधान ने कहा कि उत्पाद शुल्क संग्रह में से 42 प्रतिशत राज्य सरकारों को बुनियादी ढांचा और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिये हस्तांतरित किए गए।