Monday, July 6, 2026
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अभिनेता, लेखक और पद्मश्री टॉम ऑल्टर का निधन

1972 में वह उन तीन लोगों में शामिल थे, जिनको पुणे स्थित देश के प्रतिष्ठित फिल्म ऐंड टेलिविजिन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में दाखिले के लिए उत्तरी भारत के 800 आवेदकों में से चुना गया था

मुंबई। चर्चित अभिनेता, लेखक और पद्मश्री टॉम ऑल्टर का 67 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह स्टेज फोर स्किन कैंसर से काफी दिन से जूझ रहे थे। ऑल्टर ने 300 से ज्यादा मूवी में अभिनय किया था।

इसके अलावा उन्होंने कई टीवी शो में भी काम किया था जिनमें काफी प्रसिद्ध शो गैंगस्टर केशव कालसी अहम है। 80 और 90 के दशक में वह खेल पत्रकार भी रहे।

उनके परिवार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘दुख के साथ हम अभिनेता, लेखक, निदेशक, पद्मश्री टॉम ऑल्टर के निधन की घोषणा करते हैं।

टॉम शुक्रवार रात में अपने परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में दुनिया से विदा हो गए। हमारा आग्रह है कि इस समय हमारी प्रिवेसी का सम्मान किया जाए।’

1950 में मसूरी में जन्मे ऑल्टर भारत में तीसरी पीढ़ी के अमेरिकी थे। उन्होंने वूडस्टॉक स्कूल में शुरुआती पढ़ाई की जिसके बाद थोड़े दिनों के लिए येल यूनिवर्सिटी गए और 70 के शुरुआती दशक में भारत लौट आए।

1972 में वह उन तीन लोगों में शामिल थे, जिनको पुणे स्थित देश के प्रतिष्ठित फिल्म ऐंड टेलिविजिन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में दाखिले के लिए उत्तरी भारत के 800 आवेदकों में से चुना गया था।

उन्होंने अभिनय में गोल्ड मेडल डिप्लोमा के साथ कोर्स पूरा किया था। उनके अलावा बेंजामिन गिलानी और फुंसोक लद्दाखी को इस कोर्स के लिए चुना गया था। उनके परिवार में उनकी पत्नी कैरल, बेटा जेमी और बेटी अफशां हैं।

GST: तिमाही रिटर्न फाइलिंग की सहूलियत दे सकती है सरकार

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इसको लागू करने में थोड़ा समय लग सकता है क्योंकि पहले इस प्रस्ताव को लॉ कमेटी के पास भेजा जाएगा, वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे जीएसटी काउंसिल के पास भेजा जाएगा

नई दिल्ली। सरकार गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की रिटर्न फाइलिंग में व्यापारियों के एक बड़े वर्ग को राहत देने की तैयारी में है। उनको हर महीने रिटर्न फाइल करने की बजाए तीन महीने पर रिटर्न फाइल करने की मोहलत देने पर सरकार गौर कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि इस मामले पर वित्त मंत्रालय में विचार-विमर्श चल रहा है। इसको लागू करने में थोड़ा समय लग सकता है क्योंकि पहले इस प्रस्ताव को लॉ कमेटी के पास भेजा जाएगा, वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे जीएसटी काउंसिल के पास भेजा जाएगा। जीएसटी काउंसिल में वित्त मंत्री अरुण जेटली और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं।

इसके अलावा सरकार 20 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए सरल जैसे आसान रिटर्न फाइलिंग सिस्टम के आइडिया पर भी गौर कर रही है। हर महीने रिटर्न फाइलिंग को लेकर व्यापारियों की शिकायत रही है कि इससे उन पर बोझ बढ़ जाएगा।

तीन चरण की इस प्रक्रिया को पूरा करने में जहां उनका खर्च बढ़ जाएगा, वहीं उन पर काम का लोड भी ज्यादा बढ़ जाएगा। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने एक पत्र लिखकर अरुण जेटली को 75 लाख रुपये से कम के टर्नओवर वाले व्यापारियों को तिमाही रिटर्न फाइल करने की अनुमति देने का सुझाव दिया था।

सरकार का मानना है कि नियम में ढील देने से सरकार को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। गुरुवार को एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि 4 लाख से भी कम पंजीकृत संस्थान 95 फीसदी टैक्स का भुगतान करते हैं जबकि बाकी के 60 लाख सिर्फ 5 फीसदी टैक्स देते हैं।

सूत्रों का कहना है कि तिमाही रिटर्न के रास्ते में कुछ परेशानी भी आएगी जिसे दूर करना होगा जैसे टैक्स क्रेडिट के मामले से कैसा निपटा जाए। इसके अलावा बड़ी कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी या हिंदुस्तान लीवर को हर महीने रिटर्न फाइल करना होगा जबकि उनके वेंडर्स के सप्लायर्स को तीन महीने में एक बार। इससे रिटर्न के मिलान में मुश्किल आएगी।

काले धन पर तगड़ी चोट के खिलाफ कानून और सख्त होगा

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नए प्रावधानों से आय कर विभाग को कर चोरों से बकाया वसूलने के लिए उनकी अघोषित विदेशी संपत्ति के मूल्य के बराबर घरेलू संपत्ति जब्त और कुर्क करने का अधिकार मिल जाएगा

मुंबई। सरकार विदेशों में काला धन रखने वालों के खिलाफ कानून को और सख्त बनाने जा रही है। काला धन कानून के नए प्रावधानों के मुताबिक आय कर विभाग विदेश में काला धन या अघोषित संपत्ति रखने वालों की भारतीय संपत्ति को कुर्क और जब्त कर सकता है।

साथ ही ऐसे कर चोरों के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत अलग से मुकदमा चलाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अघोषित विदेशी आय के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) तथा काला धन कानून 2015 के मौजूदा ढांचे में कुछ नए प्रावधान किए हैं।

मौजूदा कानून में यह प्रावधान नहीं है कि अघोषित विदेशी धन या संपत्ति को पीएमएलए के तहत मुकदमा चलाने के लिए सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं। अलबत्ता यह केवल संपत्ति कर कानून, विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून, कंपनी कानून और सीमा शुल्क कानून से बचाव की गारंटी देता है।
 
नए प्रावधानों से आय कर विभाग को कर चोरों से बकाया वसूलने के लिए उनकी अघोषित विदेशी संपत्ति के मूल्य के बराबर घरेलू संपत्ति जब्त और कुर्क करने का अधिकार मिल जाएगा। इसी तरह अघोषित विदेशी आय और संपत्ति के मामले में कर चोरी को अपराध बनाने के लिए पीएमएलए कानून में संशोधन किया गया है।

इतना ही नहीं अगर कोई व्यक्ति पहले अघोषित संपत्तियों पर कर और जुर्माने का भुगतान करता है तो उस पर भी पीएमएलए के तहत गाज गिर सकती है। विभाग ने इसी सप्ताह इस बारे में एक आतंरिक परिपत्र वितरित किया था। कानून में संशोधन के बारे में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड जल्द ही अधिसूचना जारी कर सकता है। 
 
काला धन कानून 2015 में बना था लेकिन यह अघोषित विदेशी संपत्ति का पता लगाने और लंबित मामलों को निपटाने में बहुत कारगर नहीं रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक केवल 52 मामलों की पहचान हुई है, जिनमें से 9 मामले मुंबई के हैं।

विभाग इसे पिछली तारीख से लागू करने की मांग कर रहा था और अब उसके मुताबिक इसमें प्रावधान किए गए हैं। यानी अगर किसी व्यक्ति के पास कानून के लागू होने से पहले अघोषित विदेशी संपत्ति थी और उसने अनुपालन अवधि के दौरान उसका खुलासा नहीं किया है तो उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। 
 
इतना ही नहीं अघोषित विदेशी आय पर उस समय की कीमत के मुताबिक कर लगेगा जब पिछले वर्षों के दौरान इसका पता चला था। आयकर कानून के तहत आय छिपाने का जुर्माना वास्तविक कर का तीन गुना होगा। कानून के तहत यह अपराध मध्यस्थता के लायक नहीं है और अपराधी आयकर निपटान आयोग में गुहार नहीं लगा सकता।

किसी के खिलाफ जांच शुरू होने के 21 दिन के भीतर विदेशी अदालत में अर्जी लगाई जा सकती है ताकि आयकर अधिकारियों को तुरंत जानकारी मिल सके और संबंधित देश के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जा सके। इसमें कर आकलन करने वाले अधिकारी को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं।

वह संयुक्त आयुक्त की अनुमति के बिना संबंधित व्यक्ति के खिलाफ जांच शुरू कर सकता है और जुर्माने का आदेश दे सकता है। काला धन कानून के तहत अघोषित विदेशी संपत्ति का खुलासा करने का एक मौका दिया गया था। इसके लिए व्यक्ति को बकाया कर के अलावा घोषित विदेशी संपत्ति की कीमत का 60 फीसदी जुर्माना देना था।

30 सितंबर, 2015 को शुरू हुई इस योजना के तहत 4,164 करोड़ रुपये की कुल 644 संपत्तियों की घोषणा की गई थी जिस पर सरकार को 2,428 करोड़ रुपये का कर मिला था। कानून में नए प्रावधान उस वक्त किए गए हैं, जब आयकर विभाग अघोषित विदेशी संपत्ति के कई बड़े मामलों की जांच कर रहा है। 

कोटा के 20 स्कूलों में निबंध प्रतियोगिता शुरू

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कोटा । शैक्षिक सत्र 2017-18 के दौरान कोटा के गर्वन्मेंट वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत स्कूल में निबंध प्रतियोगिता के 12वें संस्करण की शुरूआत की है। इस साल प्रतियोगिता विषय ’न्यू इंडिया/ 70 एंड योर कंट्रीब्यूशन‘ रखा गया है। इस प्रतियोगिता का आयोजन हिंदी में कोटा के 20 स्कूलों में किया जाएगा।

सभी को बराबरी का मंच दिलाने के मकसद से प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में बांटा गया है-जूनियर लैवल जिसमें कक्षा 6-8वीं के छात्र हिस्सा ले सकते हैं और सीनियर लैवल जिसमें कक्षा 9 से 12वीं के छात्र हिस्सा ले सकते हैं।

निबंधों का मूल्यांकन विषय की प्रासंगिता, संरचना, रचनात्मकता और विचार के संप्रेषण जैसी कसौटियों पर किया जाता है। स्कूलों, शहरी और राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाता है।

भारत की सबसे बड़ी निबंध प्रतियोगिता टाटा बिल्डिंग इंडिया स्कूल निबंध प्रतियोगिता का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा और इसमें देशभर के 250 से अधिक शहरों के 9500 स्कूलों के 4 मिलियन से अधिक छात्र हिस्सा लेंगे।

प्रतियोगिता का आयोजन अंग्रेज़ी, हिंदी, बंगाली, गुजराती, तमिल, मराठी, कन्नड़, ओडिय़ा, तेलुगू, मलयालम, पंजाबी, असमी और उर्दू समेत कुल13 भाषाओं में किया जाएगा।

प्रतियोगिता के बारे में हरीश भट, ब्रांड कस्टोडियन, ने कहा, ’’ इस साल टाटा बिल्डिंग इंडिया स्कूल निबंध प्रतियोगिता का थीम ’न्यू इंडिया/ 70 एंड योर कंट्रीब्यूशन‘ युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करेगा। समूह का मानना है कि आज की पीढ़ी को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो उनमें समाज को बदलने की जबर्दस्त क्षमता है।

इसके अलावा, अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय विजेताओं को देश के राष्ट्रपति से मुलाकात करने तथा नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन का दौरा करने का भी अवसर मिलता है।

 

लोक हित की जानकारी न देना पड़ा भारी, अपर आयुक्त पर 25 हजार का जुर्माना

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राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप ने फैसला सुनाते हुए कहा कि म.प्र. शासन के निर्देशानुसार लोक सेवकों के ग्रामों में रात्रि विश्राम कर जन समस्याओं का निपटारा करने से जुड़ी जानकारी लोक क्रियाकलाप व व्यापक लोक हित से संबंधित है, जिसे प्राप्त करने का नागरिकों को अधिकार है 

भोपाल।   गांवों में रात्रि विश्राम कर जनता की समस्याएं सुनने, उनका निराकरण करने और इस बारे में शासन को रपट पेष करने के राज्य सरकार के निर्देष का पालन न करना एक प्रषासनिक अधिकारी को महंगा पड़ गया ।

इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत एक नागरिक द्वारा चाही गई जानकारी न देने पर म.प्र. राज्य सूचना आयोग ने नगर निगम, इंदौर के अपर आयुक्त संतोष टैगोर को पच्चीस हजार रू. के जुर्माने की सजा सुनाई है ।

साथ ही अपीलार्थी को वांछित जानकारी 7 दिन में निःषुल्क देने का आदेश देते हुए अल्टीमेटम दिया है कि ऐसा न करने पर अपर आयुक्त के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुषासनात्मक/विभागीय कार्यवाही पर भी गौर किया जा सकता है। 

राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप ने पत्रकार कैलाश सनोलिया की अपील पर फैसला सुनाते हुए कहा कि म.प्र. शासन के निर्देशानुसार लोक सेवकों (अधिकारियों) के ग्रामों में रात्रि विश्राम कर जन समस्याओं का निपटारा करने से जुड़ी जानकारी लोक क्रियाकलाप व व्यापक लोक हित से संबंधित है जिसे प्राप्त करने का नागरिकों को अधिकार है ।

राज्य प्रशासनिक  सेवा के अधिकारी टैगोर ने लोक सूचना अधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ), नागदा के पद पर रहते हुए यह जानकारी नियत समय सीमा में नहीं दी । समस्त वांछित जानकारी 15 दिन में मुफ्त देने के अपीलीय अधिकारी, कलेक्टर उज्जैन के आदेष के बाद भी जानकारी देने में हीलहवाला किया ।

50 दिन से अधिक के विलंब से भी जानकारी देने के नाम पर अवांछित, भ्रामक व गलत सूचना दी । वांछित जानकारी 7 दिन में निशुल्क देने के सूचना आयोग के आदेश की भी अवहेलना की । यही नहीं, सजा से बचने की गरज से आयोग के शो काज नोटिस का विरोधाभासी, असत्य व अस्वीकार्य जवाब पेश किया ।

इस पर सूचना आयुक्त ने टैगोर को जानबूझकर बदनियती से वास्तविक जानकारी छुपाने, सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित पदेन दायित्व के निर्वहन में विफल रहने, कर्त्तव्यविमुखता प्रदर्षित करते हुए विधि से असंगत व गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने, प्रथम अपीलीय कार्यवाही के प्रति उदासीनता बरतने, आयोग व अपीलीय अधिकारी के आदेष का पालन न करने और धारा 7 के उल्लंघन का दोषी करार देते हुए दंडित किया है। 

आयुक्त आत्मदीप ने फैसले में कहा है कि तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी टैगोर एक माह में जुर्माने की रकम अदा करें। अन्यथा संबंधित अनुशासनिक प्राधिकारी के माध्यम से उनके विरूध्द अनुषासनात्मक कार्यवाही करने और जुर्माना वसूलने के लिए जरूरी कार्यवाही की जाएगी । आवश्यक होने पर आयोग को प्राप्त सिविल न्यायालय की शक्तियों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा ।

 यह है मामला: अपीलार्थी ने इस आषय की जानकारी मांगी थी कि शासन ने सभी एस.डी.ओ. को गांवोें में रात बिताकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने, उनका निराकरण करने और इस बाबत कलेक्टर को रपट पेश करने के दिशा – निर्देश जारी किए हैं ।

उन्हें इन निर्देष की प्रति, इनके पालन में गांवों में किए गए रात्रि विश्राम व ग्रामीणों की समस्याओं के निपटारे के लिए की गई कार्यवाही के विवरण की प्रति और कलेक्टर को पेश की गई रपट की जानकारी दी जाए ।

  जानकारी न मिलने पर अपीलार्थी ने आयोग में द्वितीय अपील की । जिसकी सुनवाई में टैगोर ने भरोसा दिया कि वे उपलब्ध जानकारी जल्द दे देंगे और अनुपलब्ध जानकारी के बारे में भी अवगत करा देंगे ।

पर उन्होने न तो यह आष्वासन पूरा किया और न ही आयोग के आदेष पर अमल किया । इस पर आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया । टैगोर ने इसका जवाब पेष किया जिसे आयोग ने अस्वीकार्य करार देते हुए अपील मंजूर कर दंडादेश पारित कर दिया । 
                                                                           

सेंट जोसेफ किड्स कैम्पस में डांडिया महोत्सव की धूम

झालावाड़। सेंट जोसेफ किड्स कैम्पस स्कूल में नवरात्र पर रंगारंग डांडिया महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पारम्परिक परिधानों में सजकर आये स्कूल के 150 बच्चों ने गरबा एवम डांडिया की धुनों पर मनोहारी सामूहिक नृत्य किया। राजस्थानी गीतों की धुनों पर बच्चे मस्ती में डांडिया खड़कते रहे। कुछ पल वे गरबा नृत्य में झूमते दिखे।

मुख्य अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक श्री छगन सिंह राठौड़ ने उत्सवी वातावरण में बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए बेस्ट डांस व बेस्ट ड्रेसअप के विजेताओं को पुरुस्कार वितरित किये। स्कूल प्रिंसिपल वैशाली शर्मा ने बताया कि नवरात्र के लिए बेटियों को डांडिया नृत्य की विशेष तैयारी करवाई गई।

नर्सरी से 5वीं क्लास के बच्चों ने मिलजुलकर त्योहार का जश्न मनाया। पेरेंट्स अपने नौनिहालों के नृत्य को मोबाइल में क्लिक करते रहे। उन्होंने छोटे बच्चों के लयबद्ध कदमताल पर तालियों की गूंज से उत्साहवर्धन किया।

चांदी में 300 रुपये किलोग्राम उछली, सोना स्थिर

नई दिल्ली । दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। सकारात्मक वैश्विक संकेत और इंडस्ट्रीयल यूनिट्स के तेज उठान के चलते चांदी 300 रुपये चढ़कर 40,800 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। हालांकि सोने की कीमतें 30750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बरकरार रही हैं।

व्यापारियों का मानना है कि चांदी की कीमतों में तेजी सकारात्मक वैश्विक संकेत और घरेलू हाजिर बाजार में इंडस्ट्रियल यूनिट्स की मांग में तेजी के चलते बढ़त दर्ज की गई है।  वैश्वक बाजार में न्यूयॉर्क में बीते सत्र चांदी 0.69 फीसद की बढ़त के साथ 16.84 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और गोल्ड 0.34 फीसद की तेजी के साथ 1286 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है।

देश की राजधानी दिल्ली में चांदी 300 रुपये बढ़कर 40,800 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 75 रुपये की बढ़त के साथ 39740 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं। चांदी के सिक्के हालांकि 74000 लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार है।

वहीं, दूसरी ओर 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाले सोने की कीमतें क्रमश: 30750 रुपये और 30600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बरकरार हैं। जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र में गोल्ड की कीमतों में 250 रुपये की कमजोरी दर्ज की गई थी। साथ ही गिन्नी के बाव भी 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 26.23 करोड़ डॉलर घटकर 402.246 अरब डॉलर

इससे पिछले सप्ताहांत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.782 अरब डॉलर बढ़कर 402.509 अरब डॉलर की सर्वकालिक रिकॉर्ड चाई को छू गया था

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक देश का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने के बाद 22 सितंबर को समाप्त सप्ताह में 26.23 करोड़ डॉलर घटकर 402.246 अरब डॉलर रह गया जिसका मुख्य कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों में गिरावट आना है।

इससे पिछले सप्ताहांत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.782 अरब डॉलर बढ़कर 402.509 अरब डॉलर की सर्वकालिक रिकॉर्ड चाई को छू गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़े दर्शाते हैं कि समीक्षाधीन सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी विदेशी मुद्रा आस्तियां :एफसीए: 25.93 करोड़ डॉलर घटकर 377.751 अरब डॉलर रह गई।

अमेरिकी डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले एफसीए में मुद्राभंडार में रखे गये यूरो, पौंड और जापानी येन जैसे गैर.अमेरिकी मुद्राओं की तेजी : अवमूल्यन के प्रभावों को शामिल किया जाता है।

स्वर्ण आरक्षित भंडार 20.691 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित बना रहा। रिजर्व बैंक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में विशेष निकासी अधिकार 12 लाख डॉलर घटकर 1.512 अरब डॉलर रह गया।

जीएसटी से पहले के सामान बेचने की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ी

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सरकार ने पैकेटबंद उत्पादों पर अधिकतम खुदरा मूल्य के साथ संशोधित मूल्य छापकर इसे बेचने के लिए 3 महीने का 30 सितंबर तक का समय दिया था।

नई दिल्ली। सरकार ने संशोधित मूल्य दरों वाले स्टिकरों के साथ माल एवं सेवा कर(जीएसटी) लागू होने से पहले के सामान को बेचने की समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कई कंपनियों और व्यापारियों के प्रमुख संगठन कैट ने कहा था कि उनके पास जीएसटी से पहले का काफी भंडार पड़ा है और उन्हें इसे निकालने के लिए और समय की जरूरत है।

जीएसटी को एक जुलाई से लागू किया गया है। सरकार ने पैकेटबंद उत्पादों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के साथ संशोधित मूल्य छापकर इसे बेचने के लिए 3 महीने का 30 सितंबर तक का समय दिया था।

इस बिना बिके सामान पर एमआरपी होगा जिसमें जीएसटी पूर्व से दौर के सभी कर शामिल हों।जीएसटी क्रियान्वयन के बाद इनमें से काफी उत्पादों के अंतिम खुदरा मूल्य में बदलाव हुआ है, क्योंकि जहां कुछ उत्पादों पर टैक्स प्रभाव घटा है तो कुछ पर बढ़ा है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट किया, ‘पैकेटबंद जिंसों पर उद्योग जीएसटी की वजह से दिखा सकता है। अब यह सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर की जा रही है।’

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कई कंपनियों मसलन विप्रो, एचपीएल और अन्य गैर खाद्य कंपनियों ने इसकी समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी, जिसकी वजह से यह कदम उठाया गया है।

व्यापारियों के संगठन कैट ने कहा था कि यदि एमआरपी लेबल वाले पुराने स्टॉक को निकालने की समयसीमा नहीं बढ़ाई जाती है तो इससे करीब 6 लाख करोड़ रुपये का सामान बेकार हो जाएगा।

सेंसेक्स 122, निफ्टी 33 अंक चढ़कर हुआ बंद

मुंबई। पिछले एक हफ्ते से लगातार गिरावट में नजर आ रहे भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को हल्का सुधार नजर आया। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार संभला और दिन के अंत में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 122 अंक की बढ़त के साथ 31282 के स्तर पर और निफ्टी 33 अंक की बढ़त के साथ 9768 के स्तर पर बंद हुआ।

गुरुवार के कारोबार में निफ्टी की ओपनिंग 9750 के स्तर से नीचे देखने को मिली। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 0.28 फीसद और स्मॉलकैप में 0.38 फीसद की बढ़त देखने को मिल रही है।अमेरिकी टैक्स रिफॉर्म के जारी होने के चलत अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिले जुले संकेत देखने को मिल रहे हैं।

जापान का निक्केई 0.29 फीसद की बढ़त के साथ 20325 के स्तर पर, चीन का शांगाई 0.12 फीसद की कमजोरी के साथ 3341 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.35 फीसदकी कमजोरी के साथ 27546 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 0.19 फीसद की कमजोरी के साथ 2368 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

वहीं, बुधवार को डाओ जोंस चार दिन की गिरावट के बाद बढ़त के साथ बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.25 फीसद की बढ़त के साथ 22340 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.41 फीसद की बढ़त के साथ 2507 के स्तर पर और नैस्डैक 1.15 फीसद की बढ़ता के साथ 6453 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

बैंकिंग शेयर्स में बिकवाली
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग शेयर्स में बिकवाली देखने को मिल रही है। साथ की फाइनेंशियल सर्विस में 0.09 फीसद की गिरावट है। वहीं, ऑटो, एउएमसीजी, आईटी, मेटल, फार्मा और रियल्टी में बढ़त देखने को मिल रही है।

आईओसी टॉप लूजर
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 10 हरे निशान में और 41 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी आईटीसी, सनफार्मा, टीसीएस, एसीसी और टेक महिंदा के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट आईओसी, गेल, एशियन पेंट, बीपीसीएल और ऑरो फार्मा के शेयर्स में है।