Monday, July 6, 2026
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समर्थन मूल्य पर मूंग, उडद एवं सोयाबीन की खरीद 2 से

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किलक ने बताया कि मूंगफली की आवक कम होने के कारण इसकी खरीद प्रक्रिया अक्टूबर माह के द्वितीय पखवाडे में प्रारम्भ कर दी जाएगी

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रयासों से भारत सरकार ने प्रदेश में मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीद की अनुमति प्रदान कर दी है। राजे की किसानों के प्रति संवेदनशीलता का परिणाम है कि किसानों को दलहन एवं तिलहन फसलों का उचित मूल्य मिलेगा।

राजफैड 2 अक्टूबर से 125 केन्द्रों पर मू्ंग, उडद एवं सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया प्रारम्भ करेगी। यह जानकारी शनिवार को सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने दी। किलक ने बताया कि मूंगफली की आवक कम होने के कारण इसकी खरीद प्रक्रिया अक्टूबर माह के द्वितीय पखवाडे में प्रारम्भ कर दी जाएगी।

किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए प्रदेश में पहली बार ऑनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, जिसे 29 सितम्बर से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि किसान ऑनलाईन पंजीकरण ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों(केवीएसएस) के माध्ययम से करा सकता है।

ई-मित्र से पंजीकरण कराने पर किसान को21रुपये तथा क्रय-विक्रय सहकारी समिति के खरीद केन्द्र पर पंजीकरण कराने के लिए किसान को10 रुपये का भुगतान करना होगा।
 
सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऑनलाईन पंजीकरण के दौरान भामाशाह कार्ड नम्बर एवं खसरा गिरदावरी देनी होगी। भामाशाह कार्ड नहीं होने की स्थिति में ई-मित्र पर तत्काल ही भामाशाह के लिए एनरोलमेंट किया जाएगा एवं एनरोलमेंट नम्बर से ऑनलाईन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।  उन्होंने बताया कि पंजीकरण होते ही किसान को एसएमएस द्वारा मोबाइल पर उपज की मात्रा एवं खरीद दिवस की सूचना दी जाएगी।

किलक ने बताया कि किसान को तत्काल भुगतान हो इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए गए हैं और मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के निर्देश पर प्रारम्भिक तौर पर भुगतान हेतु फण्ड की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है ताकि किसानों को भुगतान करने में विलम्ब नहीं हो। उन्होंने बताया कि इस बार किसान को उपज का भुगतान सीधे ही उसके खाते में किया जाएगा।
 
उन्होेंने बताया कि खरीद के दौरान कई बार ऑफलाइन पंजीकरण से जुड़ी अव्यवस्थाओं की वजह से किसान को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसमें सुधार करते हुए पहली बार ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था प्रारम्भ की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मूंग के लिए 76,उड़द के लिए 28,मूंगफली के लिए 29 तथा सोयाबीन के लिए 21 खरीद केन्द्र चिह्वित किए गए हैं।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017-18 के लिए मूंग के लिए 5575 रुपये, उड़द के लिए 5400रुपये, मूंगफली के लिए 4450 रुपये तथा सोयाबीन के लिए 3050 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बोनस के साथ घोषित किया है। उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार कांटों की संख्या बढ़ाई जाएगी एवं पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा।

आतिशी धमाकों के साथ जला अहंकारी रावण का कुनबा

रावण दहन में उमड़ा जन सैलाब, लाखों लोग बने अहंकार के अंत के साक्षी, विदेशी मेहमानों को भी भाया दशहरा मेला 

कमल सिंह यदुवंशी
कोटा। नगर निगम कोटा की ओर से आयोजित राष्ट्रीय दशहरा मेला 2017 का रावण कुनबे का शनिवार देर शाम दहन हुआ। भगवान लक्ष्मीनारायणजी की सवारी के साथ लाव लश्कर के साथ आए कोटा रियासत के पूर्व महाराव कुमार इज्यराजसिंह ने ज्वारा पूजन के बाद रावण की नाभी के कलश को तीर से भेदा।

इसके बाद देखते ही देखते अहंकारी रावण का कुनबा भष्म होता चला गया। रावण दहन के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों की भीड़ से ठसा ठस दशहरा मैदान में विदेशी सैलानियों ने भी नगर निगम कोटा के इस भव्य आयोजन को करीब से देखा और खूब सराहा। करीब साढे़ आठ मिनट में आतिशी धमाकों के साथ रावण का कुनबा खाक हो धराशाही हो गया।

विजयश्री रंगमंच पर करीब रंगीन आतिशबाजी भी देखने को मिली। लोगों ने इन यादगार पलों को केमरों में भी केद किए। 72 फीट रावण व 45-45 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों ने दहन से पहले मैदान में गर्दन घुमाना, तलवार चलाने के करतब दिखाएं व खूब अट्टहास किया। दहन से पूर्व जनप्रतिनिधियों ने बैलून छोड़े। आकाश से पुष्पवर्षा हुई।

विदेशी सैलानियों को भाया हमारा दशहरा
कोटा के दशहरे मेले की ख्याती के चलते इस दफा भी देशी-विदेशी मेहमान भी दरीखाने पहंुचे और शाही सवारी में सरीक हुए। सैलानियों का यह दल पैदल ही सवारी के साथ रावण दहन स्थल पहंुचा। इन मेहमानों ने सवारी, दहन व मेला परिसर से कई तस्वीरे अपने केमरों में केद की। विदेशी मेहमानों ने दरीखाने में व रावण दहन स्थल पर खूब तस्वीरे केमरों में केद की।

रावण दहन से पूर्व हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेला आयोजन समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने बताया कि रावण दहन से पहले रावण चौक में विजयश्री रंगमंच के पास सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। उत्तरप्रदेश की कलाकार वंदना मिश्रा ने म्हारी मैया की उतारा ऐ आरते… से कार्यक्रम की शुरूआत की।

इसके बाद ठुमक चले श्रीरामचंद्र बाजे पेचनिया…कभी राम बन कर तो कभी श्याम बन करे….सरीखे भजनों की सरिता बहा माहौल भक्तिमय कर दिया। इसके बाद साथी कलाकारों के साथ राजस्थानी लोकगीतों, भजनों पारंपरिक गाने, अवधि भाशा के गाने, सूफी गायन, बॉलीवुड गायन, कत्थक आदि की प्रस्तुतियां दी।

कोटा की रामलीला को मिला सम्मान
रावण चौक में चले सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद एबीपी चैनल की हाल ही में देशभर में करवाए गए रामलीला मंचन के सर्वे में अव्वल रही कोटा की रामलीला श्रीराघवेद्र कला संस्थान के कलाकारों का सम्मान किया गया। मेला अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने बताया कि एबीवीपी चैनल की ओर से देशभर की रामलीलाओं का कवरेज कर लाइव टेलीकास्ट किया गया था।

कोटा की रामलीला को देश की बेहतर रामलीलाओं में शामिल किया गया। मंच से चैनल के राजस्थान प्रभारी मनीष शर्मा व मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला ने महापौर महेश विजय को महा रामलीला सम्मान का प्रशस्ती पत्र भेंट किया। इस दौरान सांसद ओम बिरला ने कहा कि जीवन में अहंकार ज्यादा नहीं टिकता। रावण भी नहीं टिका।

जीवन में अहंकार त्यागे और जीवन को बेहतर बनाएं। महापौर महेश विजय ने कोटा के मेले को सांस्कृतिक विरासत बताया। मेला अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने कहा कि मेला हमारी विरासत का अभिन्न अंग है और इसे विश्वपटल पर पहचान मिले इसके लिए हरसंभव प्रयास जारी है।

इस दौरान निगम आयुक्त डॉ.विक्रम जिंदल, उपायुक्त राजेश डागा, मेला अधिकारी नरेश मालव, अतिरिक्त मेला अधिकार प्रेमशंकर शर्मा भी मौजूद थे।

मित्तल चेयरमैन एवं जय बंसल सेक्रेटरी बने

कोटा। दी इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया-कोटा चैप्टर के चुनाव में सीएमएएस.एन.मित्तल को चेयरमैन, सीएमए जय बंसल सेक्रेटरी, सीएमए अशोक कुमार जैथलिया वाईस चेयरमैन,सीएमए तपेश माथुर ट्रेजरार एवं सीएमए मुकट बिहारी सोंखिया, सीएमए आकाश अग्रवाल,सीएमए सुरेंद्र प्रकाश गुप्ता,तितिक्षा जैन सदस्य निर्वाचित हुये।

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया दस हजार करोड़ के बॉन्ड बेचेगा

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद नकदी की स्थिति में हुए सुधार के बाद अब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ओपन मार्केट ऑपरेशंस ( ओएमओ) के जरिए दस हजार करोड़ के सरकारी बॉन्ड की बिक्री करेगा।

केंद्रीय बैंक ने अपनी तरफ से जारी किए हए बयान में कहा कि “नकदी की प्रचलित और सुधरती हुई स्थिति के हालिया आंकलन के आधार पर उसने ओपन मार्केट ऑपरेशंस के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री करने का निर्णय लिया है। कई मूल्य पद्धतियों का इस्तेमाल करते हुए बहु-सुरक्षा नीलामी के जरिए 12 अक्टूबर 2017 को होने वाली इस बिक्री की कुल राशि 100 बिलियन होगी।”

ओपन मार्केट ऑपरेशंस (ओएमओ) के हिस्से के रुप में आरबीआई साल 2019 में मैच्योर होने वाली (6.90 फीसद की ब्याज दर वाली), साल 2021 में मैच्योर होने वाली (7.80 फीसद ब्याज), साल 2022 में मैच्योर होने वाली (8.08 फीसद ब्याज), साल 2024 में मैच्योर होने वाली (7.35 फीसद ब्याज) और साल 2030 में मैच्योर होने वाली (7.88 फीसद ब्याज) सरकारी प्रतिभूतियों को बेच देगा।

नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगा आरबीआई: इक्रा
अप्रैल से जून तिमाही के दौरान जीडीपी ग्रोथ के 5.7 फीसद के साथ तीन साल के निचले स्तर पर चले जाने के बाद रिजर्व बैंक की ओर से आगामी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में नीतिगत दरों में कटौती की गुंजाइश कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुद्रास्फीति की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है।

यह अनुमान इक्रा ने अपनी एक रिपोर्ट में लगाया है। इक्रा के मैनेजिंग डॉयरेक्टर नरेश ठक्कर ने बताया, “हालांकि हम अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेट कट की उम्मीद नहीं करते हैं, क्योंकि आगे आने वाले महीनों में सीपीआई इन्फ्लेशन के और आगे बढ़ने की संभावना है और यह मार्च 2018 तक 4.5 और 5 फीसद तक रह सकती है।”

मौद्रिक नीति समिति की द्वैमासिक बैठक 3 और 4 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इससे पहले हुई बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी, जिसमें रेपो रेट को 6.25 फीसद से घटाकर 6 फीसद कर दिया गया था।

चटकने पर खुद-ब-खुद ठीक हो जाएगा यह स्मार्टफोन

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मुंबई। फ्रांस के वैज्ञानिकों ने एक भविष्य के स्मार्टफोन का प्रारूप तैयार किया है जो टूटने या चटकने पर खुद-ब-खुद ठीक हो सकता है। चारों तरफ से खास शीशे से ढका हुआ यह फोन गिरने या अन्य वजह से अगर टूटता है तो इसके अंदर एक वाइब्रेशन पैदा होता है। यह वाइब्रेशन गरमी पैदा करता है जिससे शीशा पिघलता है और वह फोन खुद-ब-खुद जुड़ जाता है।

फिलहाल कंपनी ने यह जानकारी नहीं दी है कि फोन के डिसप्ले के अलावा अगर इसके अंदर के पार्ट्स खराब होते हैं तो वह कैसे ठीक होंगे। कुछ खबरों के मुताबिक कंपनी ने किसी खास तकनीक का प्रयोग किया है जिसकी वजह से फोन के अंदर के हार्डवेयर पाट्र्स खराब ही नहीं होंगे। टेक जगत के मुताबिक इस फोन का बाहरी भाग भले ही खास शीशे का हो मगर अंदर की बॉडी ठोस एल्युमिनियम से तैयार की गई है।

टेक्सट को वॉयस मैसेज में बदल देगा
एलो नाम के इस फोन में कंपनी ने वॉयस कंट्रोल और फेस डिटेक्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। यानी इस फोन को आवाज या चेहरे की पहचान कराकर अनलॉक किया जा सकता है।

भविष्य के इस फोन पर टेक्स्ट के रूप में आए मैसेज को आवाज में बदलकर सुना भी जा सकता है और बोलकर उनका जवाब भी दिया जा सकता है। इसमें वे सभी फीचर शामिल होंगे जो एक साधारण स्मार्टफोन में होते हैं।

टच स्क्रीन और बटन दबाने की जरूरत नहीं
एलो स्मार्टफोन में बेहतरीन वॉयस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस फोन को न सिर्फ अनलॉक करने बल्कि कॉल करने , वॉल्यूम बढ़ाने, गाना सुनने या फिर कुछ लिखने के लिए टच स्क्रीन या कोई अन्य बटन दबाने की जरूरत नहीं होगी। फोन को बोलकर कोई भी कमांड दिया जा सकता है। यह बोलते ही सारे काम खुद-ब-खुद करने लगेगा।

भारत का विदेशी कर्ज 485.8 अरब डॉलर पर पहुंचा

नई दिल्ली। भारत पर विदेशी कर्ज का आंकड़ा इस साल जून के अंत तक बढ़कर 485.8 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें तीन फीसद की वृद्धि दर्ज की गई।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर से भारतीय पूंजी बाजार के ऋण खंड में ज्यादा राशि झोंकने को इसका मुख्य कारण बताया गया है। रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार इस संबंध में आंकड़े जारी किए गए। इसके मुताबिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ विदेशी कर्ज का अनुपात 20.3 फीसद हो गया।

मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले जेटली से मिले उर्जित पटेल
केंद्र सरकार ने देश में कर प्रशासन बेहतर करने के लिए पिछले 2-3 साल में तमाम कदम उठाए हैं। इससे कर प्रशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ी है। इसका नतीजा करदाताओं की संख्या में भारी वृद्धि के रूप में सामने आया है।

देश में बीते वित्त वर्ष 2016-17 में करदाताओं की संख्या बढ़कर 6.26 करोड़ हो गई। वर्ष 2012-13 में यह आंकड़ा 4.72 करोड़ था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वह वित्त मंत्रालय संसदीय सलाहकार समिति की दूसरी बैठक को संबोधित कर रहे थे। जेटली के पास कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का भी प्रभार है।

वित्त मंत्री ने सांसदों को बताया कि आयकर विभाग ने पिछले वषों में कर प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता व निष्पक्षता लाने के लिए कई पहल की हैं। एक पेज वाले आइटीआर-1 (सहज) फॉर्म को करदाताओं के लिए पेश किया गया था। यह 50 लाख रुपये तक की आय वालों के लिए है।

बीते दो-तीन वर्षो के दौरान 2.5 लाख से पांच लाख तक आमदनी वालों के लिए आयकर की दर 10 से घटाकर पांच फीसद कर दी गई। पांच लाख रुपये तक की आय वाले गैर-कारोबारी करदाताओं के लिए पहली बार ‘कोई स्क्रूटनी नहीं’ की अवधारणा शुरू की गई थी।

इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को कर दायरे में लाने, रिटर्न भरने और टैक्स देनदारी का भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इस साल 97 फीसद आयकर रिटर्न ऑनलाइन दाखिल किए गए हैं।

यही नहीं, 90 फीसद लोगों को टैक्स रिफंड 60 दिनों के भीतर जारी कर दिए गए हैं। जेटली के मुताबिक नोटबंदी में पैसा जमा करने वालों के आंकड़ों की छानबीन करने के बाद 5,400 करोड़ की अघोषित आय का पता चला।

करीब 400 मामले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआइ के पास भेजे गए। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर घटाकर 25 प्रतिशत किया गया है।

आयकर विभाग ने शिकायत समाधान प्रणाली ई-निवारण भी शुरू की है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि 1.9 करोड़ वेतनभोगी करदाताओं को हर तिमाही को उनके नियोक्ता द्वारा जमा टीडीएस की सूचना दी जा रही है।

जेटली ने बताया कि नोटबंदी और अन्य पहलों के चलते बीते वित्त वर्ष में राजस्व संग्रह बढ़कर 8,49,818 करोड़ रुपये हो गया। यह राशि इससे पिछले वर्ष के मुकाबले 14.5 फीसद ज्यादा है।

चालू वर्ष में 18 सितंबर तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 15.7 फीसद बढ़कर 3.7 लाख करोड़ रुपये रहा। इस बैठक के दौरान सांसदों की ओर से डिजिटल लेनदेन बढ़ाने के लिए बैंकिंग या ट्रांजैक्शन शुल्कों को घटाने का सुझाव दिया गया।

राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के अनुपात में 96 फीसद तक पहुंचा
देश का राजकोषीय घाटा अगस्त के अंत तक चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 96.1 फीसद तक पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह खर्च में बढ़ोतरी है।

आंकड़ों में बात करें तो अप्रैल से अगस्त के बीच व्यय और राजस्व के बीच का यह अंतर यानी घाटा 5.25 लाख करोड़ रुपये हो गया। भारत सरकार के लेखा महानियंत्रक (सीजीए) की ओर से जारी आंकड़ों से ये तथ्य सामने आए हैं।

‘जुड़वा 2’ को पहले दिन मिली जबरदस्त कमाई, बनेगी 100 करोड़ी

इसी साल रिलीज हुई ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ ने 100.74 करोड़ रुपए कमाए थे।

बद्रीनाथ की दुल्हनिया” की शूटिंग कोटा, झाँसी, जयपुर, मुंबई और विदेश में हुई थी, ज्ञातव्य है कि इस फिल्म ने सबसे ज्यादा कमाई दो करोड़ रुपए कोटा से की थी। 

मुंबई/कोटा। इस शुक्रवार को रिलीज हुई डेविड धवन की फिल्म ‘जुड़वां 2’ लगता है कई रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है। फिल्म को उम्मीद से बेहतर ओपनिंग मिली है। पहले ही दिन इस फिल्म ने 15.55 करोड़ रुपए की कमाई की है। इसकी ओपनिंग 2017 में चौथे नंबर पर है।

जानकार मान रहे थे कि पहले दिन की कमाई दस करोड़ से ऊपर होना चाहिए। इसने उम्मीद से कहीं ज्यादा कमाया। अब संभव है कि संडे को यह फिल्म 50 करोड़ रुपए का आंकड़ा छू ले। इसकी लागत काफी ज्यादा है इसलिए रिकवरी में पांच दिन लग सकते हैं। इस फिल्म को 75 करोड़ रुपए की लागत पर रिलीज किया गया है।

60 करोड़ रुपए इसे बनाने में लगे और 15 करोड़ प्रचार पर खर्च हुए। यह लगभग 3500 स्क्रीन्स पर भारत में रिलीज हुई है। विदेश में इसे 625 स्क्रीन्स मिली हैं। अगर सब अच्छा रहा और इसे तारीफ भी मिली तो 50 करोड़ पहले तीन दिनों में ही जेब में होंगे। वैसे पूरी उम्मीद है कि ये फिल्म वरुण धवन की तीसरी 100 करोड़ी फिल्म साबित होगी।

‘जुड़वा 2’ में वो सारी बातें हैं जो इसे 100 करोड़ रुपए की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। फिल्म का जैसा नाम है वैसी ही कहानी भी है। इस फिल्म में वरुण धवन डबल रोल में हैं। ‘जुड़वा 2’ में वरुण धवन, जैकलीन फर्नाडिज़ और तापसी पन्नू अहम भूमिका में हैं। यह फिल्म डेविड धवन की फिल्म ‘जुड़वा’ का सीक्वेल है जिसे डेविड ने ही डायरेक्ट किया था।

पहली फिल्म में सलमान खान ने डबल रोल किए थे। वरुण धवन की तरह सलमान खान का भी इसमें डबल रोल है, लेकिन कैमियो। 148 करोड़ रुपए कमाने वाली ‘दिलवाले’ को शाहरुख खान की फिल्म मानकर वरुण धवन की लिस्ट में से हटा दिया जाए तो उनकी दो फिल्में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा धंधा कर चुकी हैं।

वरुण की ‘एबीसीडी 2’ ने 107 करोड़ रुपए का धंधा किया था। इसी साल रिलीज हुई ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ ने 100.74 करोड़ रुपए कमाए थे।  “बद्रीनाथ की दुल्हनिया” की शूटिंग कोटा, झाँसी, जयपुर, मुंबई और विदेश में हुई थी। ज्ञातव्य है कि इस फिल्म ने सबसे ज्यादा कमाई दो करोड़ रुपए कोटा से की थी। 

सबसे सस्ती कॉल और किफायती डाटा भारत में

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भारत इंटरनेट की उपलब्धता, किफायत, उपयोगिता के मामले में 36 वें स्थान पर है, अगस्त, 2017 तक देश में 31 करोड़ उपभोक्ता है

नई दिल्ली। दुनिया में डिजिटल क्रांति का अगुआ बनकर उभर रहे भारत में कॉल दरें सबसे सस्ती हैं और डाटा भी अन्य देशों के मुकाबले किफायती है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2017 के आखिरी दिन शुक्रवार को पेश सेल्युलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। 

एसोसिएशन के महानिदेशक एस मैथ्यू ने कहा कि टेलीकॉम उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था में महती योगदान दे रहा है। सस्ती कॉल दर और डाटा डिजिटल इंडिया के तहत देश के कोने-कोने तक डिजिटल क्रांति ला रही है। इससे आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी जैसे क्षेत्रों में भारत बड़ी कामयाबी ला सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट की उपलब्धता, किफायत, उपयोगिता के मामले में 36 वें स्थान पर है। वहीं ब्राडबैंड कनेक्शन के मामले में भारत दुनिया के तमाम देशों से आगे हैं। अगस्त, 2017 तक भारत में 31 करोड़ उपभोक्ता है। ब्राडबैंड के ग्राहकों की बढ़ोतरी की वजह से गरीबों के कल्याण से जुड़े सामाजिक आर्थिक लक्ष्यों का प्राप्त करना आसान होगा।

गांवों में इंटरनेट का प्रसार कम
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 33 फीसदी आबादी इंटरनेट का प्रयोग करती है जबकि 16 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग ही इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। 
अहम बिंदु
– 70 गुना महंगी ऑस्ट्रेलिया में कॉल रेट
– 15 से 30 गुना महंगी ब्रिटेन और अमेरिका में 

छोटी बचत योजनाओं पर नहीं बदली ब्याज दरें

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी की गई एक रिलीज में कहा गया, “वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही के लिए जो कि एक अक्टूबर से शुरू हो रही है के लिए छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा है।” 

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक से ठीक पहले सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दर में अक्टूबर दिसंबर तिमाही के लिए कोई परिवर्तन नहीं किया है। छोटी बचत योजनाओं में पीपीएफ, किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना शामिल होती है।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी की गई एक रिलीज में कहा गया, “वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही के लिए जो कि एक अक्टूबर से शुरू हो रही है के लिए छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा गया है।” 

पिछले साल अप्रैल के बाद से ही सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को त्रैमासिक आधार पर संशोधित किया जा रहा है। आरबीआई की अगली द्वैमासिक मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4 अक्टूबर को होनी है।

किस स्कीम पर कितना ब्याज:
पब्लिक प्रोविडंट फंड (पीपीएफ) पर निवेश करने पर 7.8 फीसद की दर से ब्याज दिया जाता है जबकि किसान विकास पत्र (केवीपी) पर 7.5 फीसद की दर से ब्याज दिया जाता है और यह योजना 115 महीनों में मैच्योर होती है। वहीं बेटियों की सुरक्षा के लिए लाई गई सुकन्या समृद्धि योजना में 8.3 फीसद की दर से सालाना ब्याज दिया जाता है।

ठीक इसी तरह से सीनियर सिटिजन स्कीम में 5 साल के निवेश पर 8.3 फीसद की दर से ब्याज दिया जाता है। इस ब्याज का आंकलन तिमाही आधार पर किया जाता है।

मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही के लिए ब्याज दरों को अधिसूचित करते हुए कहा कि सरकार के निर्णय के आधार पर, 1 अप्रैल 2016 से छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर तिमाही आधार पर अधिसूचित की जानी है।

दशहरा मैदान में आ डटा रावण का कुनबा, दहन आज

राजसी वैभव के साथ आज शाम को गढ़ पैलेस से निकलेगी भगवान लक्ष्मीनारायणजी की सवारी, विदेशी सैलानी भी होंगे शरीक

– कमलसिंह यदुवंशी,
कोटा। नगर निगम कोटा की ओर से आयोजित 124वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में शनिवार देर शाम 7 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 41 मिनट के मध्य मुहुर्त के हिसाब से रावण दहन होगा। इससे पहले शाम 6 बजकर 11 मिनट पर गढ़ पैलेस स्थित दरखाने से भगवान लक्ष्मीनारायणजी की सवारी रवाना होगी, जो विभिन्न मार्गो से होते हुए दशहरा मैदान के रावण चौक पहुंचेगी।  यहां रावण कुनबे का दहन होगा।

कोटा राजपरिवार के पूर्व महाराव सहित हाड़ौती भर से रियासत के पूर्व जमींदार, राजपूत सरदार परम्परागत राजसी वेशभूषा में नजर आएंगे। शाम 6 बजकर 11 मिनट पर दरीखाने से सवारी आरंभ होगी। यहां रीति-रिवाज अनुसार खेजड़ी के वृक्ष का पूजन होगा। इसके बाद भगवान लक्ष्मीनारायणजी की सवारी रवाना होगी। हजारों की तादाद में लोग इस उत्सव में भागीदार होंगे।

यह रहेंगे सवारी के मुख्य आकर्षण
अतिरिक्त मेला अधिकारी व एसी प्रेमशंकर शर्मा ने बताया कि भगवान लक्ष्मीनारायणजी की सवारी गढ़ पैलेस स्थित दरीखाने से शाम 6 बजकर 11 मिनट पर रवाना होगी, जो गढ़ के बाहर रामतलाई मैदान से आने वाले झांकियों के साथ शामिल हो जाएगी।

सवारी में 05 झाकियां घोड़ा बग्घी में, 80 वानर सेना पैदल साज सज्जा सहित, 80 रावण सेना पैदल साज सज्जा सहित, 01 काली माता साज सज्जा सहित, 01 हाथी मय साजदार एवं महावत् सिंहासन सहित, 20 घोड़े रावण सेना के पात्र साज सज्जा सहित, 20 नगाडे मय साउण्ड, 01 ऊँट गाड़ी मय बडे नगाडे वाले होंगे। 

06 जीवंत झांकियां, रावण जटायू युद्ध पैदल, 02 तुरही मय साज के, 01 कच्छी घोड़ी का एक दल 7 व्यक्तियों का, 02 बैण्ड, 20 महिला व 5 पुरुष कलाकार मय साउण्ड कंजरी चकरी नृत्य मय वेशभूषा में पुलिस एवं आर.ए.सी. का बैंड आकर्शण का केंद्र रहेंगे।

72 फीट का रावण घुमाएगा तलवार
अतिरिक्त मेला अधिकारी व अधीक्षण अभियंता प्रेमशंकर शर्मा ने बताया कि शुक्रवार देर शाम को रावण कुनबा मैदान में आ डटा। देर रात तक रावण के अट्हास सुनाई देने लग गए। शनिवार देर शाम मुहुर्त के हिसाब से रावण दहन होगा। शुक्रवार सुबह से ही रावण कुनबे को खड़ा करने का कार्य आरंभ हुआ।

रावण कुनबे को अलग-अलग हिस्सों में लेकर आए। करीब 150 जनों की टीम रावण कुनबे को खड़ा करने में शाम तक जुटी रहीं। मेला अधिकारी व उपायुक्त नरेश मालव ने बताया कि इस दफा भी रावण की लंबाई 72 फीट व कुंभकर्ण व मेघनाथ की लंबाई 45 फीट हैं।

रावण दहन के दौरान रावण तलवार चलाने के साथ-साथ गर्दन घुमाएंगा ओर चक्र भी चलाएंगा। दहन के दौरान रंगीन आतिशबाजी के नजारे देखने को मिलेंगे। रावण खड़ा करने में निगम के सभी अनुभागों की टीम जुटी। रावण को खड़ा करने में क्रेन की सहायता ली गई।

स्पेन से आए दो सैलानी
कोटा का दशहरा अब सरहद पार से भी पर्यटकों को लुभाने लगा है। रावण कुनबे को खड़ा करने का दृश्य देखने के लिए स्पेन से दो सैलानी भी आए। स्पेन से आए मिस्टर परवेन ने बताया कि वो पहली बार राजस्थान घूमने आए। कोटा दशहरा के बारें में इंटरनेट पर जानकारी मिली थी। आज रावण को प्रत्यक्ष देखकर काफी अच्छा लगा। इतना बड़ा मेला पहली बार देखेंगे।

रावण दहन से पूर्व होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेला आयोजन समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने बताया कि रावण दहन से पहले शाम 5 बजे मेला प्रांगण में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उत्तरप्रदेश की कलाकार वंदना मिश्रा व साथी कलाकारों की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। मंच से पारंपरिक गाने, अवधि भाषा के गाने, सूफी गायन, बॉलीवुड गायन, कत्थक सहित अन्य प्रस्तुतियां देखने व सुनने को मिलेगी।

रामलीला के कलाकारों को देंगे सम्मान
महापौर महेश विजय ने बताया कि एबीवीपी चैनल की ओर से देशभर की रामलीलाओं का कवरेज कर लाइव टेलीकास्ट किया गया है। कोटा की रामलीला को देश की बेहतर रामलीलाओं में शामिल किया है। दहन से पूर्व एबीवीपी के राजस्थान प्रभारी मनीष शर्मा रामलीला कलाकारों को प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित करेंगे।

यह जनप्रतिनिधि करेंगे सिरकत
अतिरिक्त मेला अधिकारी व एसी प्रेमशंकर शर्मा ने बताया कि रावण दहन के अवसर पर मुख्य अतिथि कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिरला व विशिष्ट अतिथि होंगे। लाड़पुरा विधायक भवानीसिंह राजावत, कोटा उत्तर के विधायक प्रहलाद गुंजल, कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा, रामगंजमण्डी की विधायक चन्द्रकांता मेघवाल शामिल होंगे।

इसके अलावा यूआईटी अध्यक्ष रामकुमार मेहता विशिष्ट अतिथि रहेंगे। इस मौके पर महापौर महेश विजय, उप महापौर सुनिता व्यास, मेला अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला, उपायुक्त राजेश डागा, मेला समिति सदस्य महेश गौतम लल्ली, रमेश चतुर्वेदी, नरेंद्र हाड़ा, भगवान स्वरूप गौतम, विकास तंवर, कृश्ण मुरारी सामरिया, मीनाक्षी खंडेलवाल, मोनू कुमारी सहित निगम के पार्शद, अधिकारी, कर्मचारी व आमजन शामिल होंगे।

अब तक मेले से राजस्व में मिले 1.17 करोड़ 
राजस्व समिति अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली ने बताया कि मेला दशहरा 2017 के तहत मेला परिसर में लगने वाली दुकानों, झूलों व अन्य से निगम को अब तक एक करोड़ 17 लाख 83 हजार 461 रूपए का राजस्व मिला है। इसमें 50 लाख का राजस्व और मिलने की संभावना है।