Monday, July 6, 2026
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समर्थन मूल्य पर मूंग, उडद एवं सोयाबीन की खरीद शुरू

जयपुर। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग, उडद एवं सोयाबीन की खरीद प्रक्रिया आज से प्रारम्भ हो गई है। मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया अक्टूबर माह के द्वितीय पखवाड़े में शुरू की जाएगी। किसानों को गाढ़े पसीने से उपजी कृषि उपज को बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए किसानों के लिए ऑनलाईन पंजीयन की व्यवस्था की है।

किसान अपनी उपज बेचने के लिए ई-मित्र या खरीद केन्द्र (संबंधित केवीएसएस) पर भामाशाह कार्ड एवं खसरा गिरदावरी के द्वारा पंजीयन करवा सकता है। यह जानकारी राजफैड की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान ने सोमवार को दी। डॉ. प्रधान ने बताया कि किसानों में ऑनलाईन पंजीयन के लिए भारी उत्साह है।

पहले दिन 345 किसानों ने अपनी कृषि उपज को बेचने के लिए पंजीयन करवाया है। उन्होंने बताया कि ई-मित्र पर पंजीयन करवाने के लिए किसान को 21 रुपये तथा क्रय केन्द्र पर पंजीयन करवाने पर मात्र 10 रुपये देने होंगे। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान के पास भामाशाह कार्ड नहीं है तो उसे परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।

ऑनलाईन पंजीयन के लिए किसान उसी समय ई-मित्र केन्द्र पर भामाशाह कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है और उसे इसके लिए जारी एनरोलमेंट नम्बर के जरिये किसान का ऑनलाईन पंजीयन हो जाएगा।

कम समय में ज्यादा किसानों को किया जाएगा लाभान्वित
प्रबंध निदेशक ने बताया कि भारत सरकार ने कम समय में ज्यादा से ज्यादा किसानों को समर्थन मूल्य पर खरीद का लाभ देने के लिए एक किसान से एक बार में 25 क्विंटल जिन्स खरीदने का निर्णय किया है।

यदि किसान के पास जिन्स की अधिक उपज है तो उसे बाकी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए ऑटोमेटिक रूप से दूसरी तिथि दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस निर्णय से कम समय में अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा सकेगा।

ये हैं कृषि जिन्सों के समर्थन मूल्य
डॉ. प्रधान ने बताया कि मूंग, उडद एवं सोयाबीन की अधिक पैदावार वाले क्षेत्रों की पहचान कर मूंग के लिए 87 केन्द्र, उड़द के लिए 29 तथा सोयाबीन के लिए 21 केन्द्र बनाए गए हैं। मूंगफली के लिए 32 केन्द्रों की पहचान कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा मूंग के लिए 5575 रुपये, उड़द के लिए 5400 रुपये, सोयाबीन के लिए 3050 रुपये तथा मूंगफली के लिए 4250 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बोनस सहित निर्धारित किया है।

उन्होंने बताया कि किसानों को उनकी उपज का मूल्य उनके पंजीकृत बैंक खाता में ऑनलाईन ट्रांसफर किया जाएगा। इस व्यवस्था से किसानों को भुगतान के लिए खरीद केन्द्रों पर चक्कर नहीं लगाने पडेंगे।

यहां से करेंं समस्या का निराकरण
डॉ. प्रधान ने बताया कि राजफैड ने मुख्यालय पर कण्ट्रोल रूम स्थापित किया है। यदि किसी किसान को ऑनलाईन पंजीयन में किसी प्रकार की समस्या हो रही है तो उसके निराकरण के लिए दूरभाष संख्या 0141-2744910 पर श्रीसौरभ पाण्डे से एवं कृषि जिन्स खरीद संबंधी व्यवस्था के संबंध में दूरभाष संख्या 0141-2740108 पर श्री भूपाल सिंह, सहायक प्रबंधक से संपर्क किया जा सकता है।

जैतून की खेती से बदलेगी धरती पुत्रों की जिन्दगी -कृषि मंत्री 

जयपुर। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि जैतून की खेती किसानों की जिदंगी बदल कर रख देगी। जैतून की खेती को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जैतून से बनी चाय आने वाले समय में विदेशों में धूम मचाएगी। 

सैनी सोमवार को बूंदी की नैनवां पंचायत समिति के जजावर ग्राम में आयोजित आंगनबाडी भवनों के लोकार्पण एवं पशुधन कार्यालय  के शिलान्यास समारोह में ग्रामीणजनों को सम्बोधित कर रहे थे।  

कृषि मंत्री ने कहा कि सभी की भागीदारी से आमजन को राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उड़द, मूंग एवं सोयाबीन की फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करेगी।

साथ ही किसानों को अब मण्डी शुल्क से मुक्त करने का निर्णय सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्ज माफी के लिए राज्य सरकार ने हाइपावर कमेटी बनाई है।  

सैनी ने  कहा कि  काश्तकार कम पानी की फसलों को अपनाएं और खेती में नवाचार कर आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशुपालकों को पशु चिकित्सा मुहैया करवाने के लिए 4 हजार सब सेेंटर तथा 2 हजार पशुधन सहायकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य सरकार ने  कृषि के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए है। 

सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र से बढेगा उत्पादन 
कृषि मंत्री ने कहा कि बूंदी जिले के हिण्डोली में  10 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र से सब्जी का उत्पादन बढेगा। साथ ही कृषकों को उन्नत किस्म के  बीज उपलब्ध हो सकेंगे। केन्द्र के माध्यम से युवा काश्तकारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भीलवाडा सांसद  सुभाष बहेडिया ने कहा कि सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रयासरत है।  कृषि के क्षेत्र में शुरू किए नवाचारों से यह सपना जरूर साकार होगा। हम सभी अपने आस पास स्वच्छता रखने का संकल्प लें। आमजन की भलाई की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि अटल पेंशन योजना का अधिकाधिक लाभ उठावें।

कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि बूंदी विधायक अशोक डोगरा ने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर उनका बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। सब्जी उत्कृष्ठता केन्द्र किसानों के लिए राज्य सरकार की बड़ी सौगात है। 

सब्जी मण्डी के लिए 5 लाख की घोषणा
कार्यक्रम में भीलवाड़ा सांसद सुभाष बहेडिया ने जजावर गांव में सब्जीमण्डी की स्थापना के लिए अपने सांसद कोष से 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि  सब्जी मण्डी के प्रस्ताव शीघ्र भिजवाएं जावे। 

लोकापर्ण एवं शिलान्यास 
कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने जजावर में 24.70 लाख की लागत से निर्मित होने वाले  पशु चिकित्सालय, का शिलान्यास किया। साथ ही 13.50 लाख रुपए की लागत के पशुधन आरोग्य चल इकाई तथा जजावर पंचायत के खोडी एवं ताकला गांव में 12.50 लाख की लागत से निर्मित दो आंगनबाडी भवनों का लोकापर्ण भी किया। 

बालिका शिक्षा में अव्वल बनेगा राजस्थान-शिक्षा राज्य मंत्री

जयपुर। शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में देश ने ऊंची छलांग लगायी है। राज्य सरकार द्वारा पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की बदौलत प्रदेश का बोर्ड परीक्षा परिणाम 16.5 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है।

सरकारी स्कूलों में 17 लाख से ज्यादा नामांकन वृद्धि हुई है। राजस्थान ने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में भी नया मुकाम हासिल किया है। जल्द ही हम बालिका शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में अव्वल होंगे। शिक्षा राज्यमंत्री देवनानी ने सोमवार को अजमेर में जिला प्रमुख वंदना नोगिया तथा पुलिस महानिरीक्षक मालिनी अग्रवाल के साथ राजकीय जवाहर उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय निःशुल्क साईकिल वितरण समारोह को संबोधित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना के तहत चयनित टॉपर छात्राओं एवं उनके शिक्षकों का भी अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

यह मुकाम राजस्थान के शिक्षकों की कड़ी मेहनत से हासिल हुआ है। आज सरकारी स्कूल अभिभावकाें की पहली पसन्द बनने लगे हैं। प्रदेश में 17 लाख से अधिक नामांकन बढ़ा है। शिक्षक अपने विद्यार्थियों को देश का सुयोग्य नागरिक बनाएं और देश के विकास एवं उत्थान में सहयोगी बनें। 

उन्होंने कहा कि राजस्थान की शिक्षा पूरे देश में रोल मॉडल बनती जा रही है। राज्य सरकार और शिक्षकों के साझा प्रयास अब रंग ला रहे हैं। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणामों में 16.5 प्रतिशत की वृद्धि शिक्षा के सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है।

केंद्र सरकार के स्तर पर भी राजस्थान को रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रदेश में बालिका शिक्षा के उन्नयन के लिए भी प्रयास जारी है। आठवीं कक्षा के पश्चात बालिकाओं को स्कूल से जोड़े रखने के लिए नवीं कक्षा की बालिकाओं को निःशुल्क साईकिल दी जा रही है। अजमेर जिले में 11 हजार बालिकाओं को साईकिल वितरित की जाएगी।

जिला प्रमुख वंदना नोगिया ने कहा कि बालिका शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। प्रदेश की बालिकाएं विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन कर रही है। पुलिस महानिरीक्षक मालिनी अग्रवाल ने कहा कि बालिकाओं को मन लगाकर पढ़ना चाहिए। आज हर क्षेत्र में बालिकाएं आगे हैं। इन प्रयासों को और बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

विदेशी निवेशकों ने घबराहट में बाजार से 11,000 करोड़ निकाले

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नई दिल्ली। विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से अपना मुंह मोड़ रहे हैं। सितंबर में कारपोरेट कंपनियों की कमाई में कमी और भू-राजनैतिक चिंताओं के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शेयर बाजार से 11,000 करोड़ रुपये की निकासी की है।

इससे पिछले महीने अगस्त में एफपीआई ने शेयर बाजारों से 12,770 करोड़ रुपये की निकासी की थी। हालांकि उससे पिछले छह महीनों (फरवरी से जुलाई) में एफपीआई ने 62,000 करोड़ रपये का निवेश किया था।

नवीनतम डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने सितंबर में कुल 11,392 करोड़ रुपये (1.75 अरब डॉलर) की निकासी की। हालांकि इसी अवधि में उन्होंने ऋण बाजार में 4,430 करोड़ रुपये का निवेश किया है। हालिया निकासी को मिलाकर इस साल अब तक एफपीआई ने शेयर बाजारों में कुल 34,350 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

बीएमडबल्यू ने मिनी जेसीडब्ल्यू का प्रो एडिशन लॉन्च किया

नई दिल्ली। जर्मनी की लग्जरी कार मेकर कंपनी ने मिनी जेसीडब्ल्यू के प्रो एडिशन के भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 43.9 लाख रुपये रखी गई है।

बीएमडबल्यू ने एक बयान में कहा कि इस कार की सिर्फ 20 यूनिट्स बुकिंग के लिए उपलब्ध होंगी, इसकी बुकिंग ऐमजॉन इंडिया पर की जा सकेगी।

इस लिमिटेड एडिशन में मिनी-3 डोर कूपर एस के साथ जॉन कूपर वर्क्स ट्यूनिंग किट और ओरिजिनल जॉन कूपर वर्क्स ऐक्सेसरीज को कंबाइन किया गया है।

जॉन कूपर वर्क्स प्रो ट्यूनिंग किट कार की परफॉर्मेंस को बढ़ा देती है और जेसीडबल्यू ऐक्सेसरीज इसके स्टाइलस एक्सपीरियंस को एक नए लेवल पर ले जाती हैं।

बीएमडबल्यू ग्रुप इंडिया के प्रेजिडेंट विक्रम मारवाह का कहना है, ‘मिनी जेसीडब्ल्यू प्रो एडिशन जॉन कूपर के रेसिंग डीएनए से इंस्पायर्ड है। यह कार ना सिर्फ मिनी 3-कूपर को कॉम्प्लीमेंट करती है बल्कि डेली यूज के लिए भी खुद को फिट साबित करती है।’

जीएसटी लगने से शादी में दावत देना होगा महंगा

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कोटा । नवरात्र खत्म हो चुके हैं और कुछ दिन बाद शादी का सीजन शुरू हो जाएगा। इस बार आपको शादी समारोह के लिए टेंट, हलवाई की बुकिंग के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।

सरकार ने इन दोनों सेवाओं पर 1 अगस्त से गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू कर दिया है, जिसका असर देवोत्थान एकादशी के बाद ही देखने को मिलेगा। ऐसे में आपको इनकी बुकिंग करवाने पर 18 पर्सेंट ज्यादा रकम चुकाने के लिए तैयार रहना होगा।

पहले कच्चे बिल पर चलता था बिजनस
टेंट व्यापारियों के मुताबिक पहले टैक्स नहीं लगता था। स्टॉक में पड़े माल पर साल में एक बार वैट की 6 पर्सेंट कंपाउंडिंग फी दी जाती थी। करीब 5 लाख रुपये के माल पर यह फी 15 हजार रुपये पड़ती थी, जिसे व्यापारी अपनी जेब से खुद ही चुका देते थे। चूंकि लोग पक्के बिल से परहेज करते थे, इसलिए अधिकतर व्यापार अब तक कच्चे बिल पर चल रहा था।

 टेंट असोसिएशन के अध्यक्ष कमल गोस्वामी ने कहा, ‘टेंट बुकिंग का काम अब तक कच्चे बिल पर चलता था। अब क्रेडिट लेने के लिए हमें पक्के बिल काटने होंगे। ऐसे में टैक्स का सारा भार जनता पर ही जाना है। हमारी सरकार से मांग है कि इसे हटाकर पहले की तरह कंपाउंडिंग फी की व्यवस्था की जाए।’

कैटरिंग में कम था टैक्स
कैटरिंग में मजदूरों की दिहाड़ी समेत 40 पर्सेंट काम पर कोई टैक्स नहीं देना होता था। इस काम के केवल 60 फीसदी हिस्से पर हर मद में 10 फीसदी का औसत टैक्स लगता था।

अब सरकार ने इन दोनों स्लैब को खत्म करके कैटरिंग बिजनस पर एकमुश्त 18 फीसदी का जीएसटी लगा दिया है। इसके चलते इस बार लोगों को भी हलवाई बुक करते समय भी ज्यादा खर्च करने के लिए तैयार रहना होगा। बिल के कारण कारोबारी उधार देने में भी संकोच करेंगे।

कोटा दशहरा मेले में अटल राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आज

 – कमल सिंह यदुवंशी
कोटा। नगर निगम कोटा की ओर से आयोजित 124 वेराष्ट्रीय मेला दशहरा 2017 के तहत सोमवार रात 8 बजे से अटलराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन विजय श्री रंगमंच पर किया जाएगा। 

कवि सम्मेलन के संयोजक व मेला समिति सदस्य पार्षद रमेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस सम्मेलन में श्रोताओं को देशभर के नामचीन कवियों की रचनाएं सुनने को मिलेगी। कोई हास्य रस से गुदगुदायेगा तो कोई वीर रस की रचना से देशभक्ति का जज्बा पैदा करेंगे।

कवि बाबू बंजारा, काव्य पथ करते हुए (फाइल फोटो )

पार्षद रमेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार होने वाले अटल राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में कवि अतुल ज्वाला एमपी,  प्रेरणा ठाकरे नीमच, अब्दुल गफ्फार जयपुर, नरेंद्र बंजारा मुंबई, वरुण चतुर्वेदी जयपुर, बलवंत बल्लू, कमल मनोहर, बृजेंद्र चकोर, कविता किरण फालना, प्रदीप पवार टोंक, सुरेंद्र सार्थक, संजय शुक्ला कोटा, ओम सोनी अंता, उमेश जयपुर, शिवांगी बारां, रामप्रसाद रखवाला कोटा, डॉ फरीद फरीदी, नरेश निर्भीक, निशा मुनि गो्ड कोटा इस बार मंच से काव्यपाठ करेंगे।

मेला समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने बताया कि  मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा होंगे। अध्यक्षता भाजपा शहर अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय करेंगे। कोटा व्यापार महासंघ केअध्यक्ष क्रांति जैन और महासचिव अशोक माहेश्वरी विशिष्ट अतिथि होंगे।   
 
किसान रंगमंच पर कार्यक्रम आज से
मेला समिति सदस्य व किसान रंगमंच के संयोजक विकास तंवर ने बताया कि सोमवार रात 8 बजे से पशु मेला परिसर में अंबेडकर भवन के पास किसान रंगमंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। उद्घाटन समारोह शाम 7 बजे होगा। आतिशबाजी भी होगी।

राजस्थानी डांस ग्रुप के कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। समारोह के मुख्य अतिथि मेला समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला होंगे। वरिष्ठ एडवोकेट नवीन शर्मा, भाजपा नेता मनीष शर्मा विशिष्ट अतिथि रहेंगे। यहां 15 अक्टूबर तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेगी। 

मूछ प्रतियोगिता व सिंधी कार्यक्रम कल
मेला प्रचार प्रसार समिति के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी सामरिया ने बताया कि मंगलवार शाम 7.30 बजे विजयश्री रंगमंच पर मूछ प्रतियोगिता होगी। इसके बाद रात 8.30 बजे सिंधी कार्यक्रम रहेगा। इसमें मुंबई के कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

अभिनेता जीके असरानी, सिंधी गायक सरल रोशन, टीना भास्कर, लता भटानी, कॉमेडियन मुकेश वाधवानी की प्रस्तुतियां होगी। म्यूजिशियन व म्यूजिक सिस्टम भी मुंबई का रहेगा। मेला समिति के सदस्य नरेंद्र हाडा ने बताया कि 4 अक्टूबर को 7.30 बजे साफा प्रतियोगिता व रात 8 बजे से एक शाम हाडोती के नाम कार्यक्रम होगा। 16 अक्टूबर तक मेला परिसर में कई यादगार आयोजन होंगे। 

कोटा, इटावा में आज से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर खरीद

उड़द और सोयाबीन होगी खरीद, भामाशाहमंडी में लगेगा एक कांटा, आवश्यकता होने पर कांटों की संख्या बढ़ा भी दी जाएगी

कोटा। समर्थन मूल्य योजनांतर्गत खरीफ में उड़द तथा सोयाबीन की खरीद सोमवार से भामाशाह मंडी और इटावा में शुरू हो जाएगी। प्रशासन के पास इटावा में 4 और भामाशाहमंडी के लिए 5 टोकन मिले हैं। दोनों जगहों पर एक-एक कांटे लगाए जाएंगे। कांटों के चलते सरकार ने मंडी और इससे जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों की मोहर्रम की छुट्‌टी कैंसिल कर दी है।

सरकार ने उड़द के लिए राजफैड द्वारा चिन्हित समर्थन मूल्य केंद्र कोटा, सुल्तानपुर, इटावा एवं रामगंजमंडी तथा सोयाबीन के लिए कोटा, सुल्तानपुर, इटावा, रामगंजमंडी एवं सांगोद के समर्थन मूल्य केन्द्रों पर खरीद व्यवस्था शुरू होने थी, लेकिन शुरुआत में केवल दो ही जगहों पर यह व्यवस्था शुरू होने की संभावना दिख रही है।

को-ऑपरेटिव के डिप्टी डायरेक्टर अजय सिंह ने बताया कि दो जगहों से 9 टोकन मिले हैं, दोनों जगहों पर एक-एक कांटे लगाए जाएंगे। आवश्यकता होने पर कांटों की संख्या बढ़ा भी दी जाएगी। वर्ष 2017-18 के लिए उड़द के लिए 5400 रुपए तथा सोयाबीन के लिए 3050 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बोनस के साथ घोषित किया है।

हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने कहा कि सरकार ने कांटे लगाने में देरी की। वहीं, अभी भी सरकार ने यह तय नहीं किया है कि वे कितना जिंस खरीदेगी। वे एक निश्चित मात्रा में जिंस खरीद कर केंद्र बंद कर देंगे। सरकार को इसकी घोषणा करनी चाहिए।

ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन : किसान ई-मित्र एवं क्रय केन्द्र दोनों में से किसी एक पर जाकर अपना भामाशाह कार्ड एवं गिरदावरी के आधार पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। ई-मित्र केन्द्रों पर रजिस्ट्रेशन के लिए 21 रुपए तथा क्रय केन्द्र पर 10 रुपए देने होंगे। पंजीकरण होते ही किसान को एसएमएस द्वारा मोबाइल पर उपज की मात्रा एवं खरीद दिवस की सूचना दी जाएगी।

जीएसटी की दरों में कमी के वित्त मंत्री ने दिए संकेत

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वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की हमेशा से यही कोशिश रही है कि ज्यादा उपभोग की चीजों पर लगने वाली टैक्स दरों को नीचे लाया जाए।

नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिए हैं कि एक बार रेवेन्यू में इजाफा होने के बाद वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अंतर्गत स्लैब (टैक्स स्लैब) को कम किया जा सकता है।

गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत वस्तुओं एवं सेवाओं को चार टैक्स स्लैब 5 फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद और 28 फीसद में बांटा गया था। इसके अलावा कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त मुआवजा उपकर भी लागू है।

जेटली ने कहा, “हम शुरूआती दो-तीन महीनों में हैं। हमारे पास शुरुआत से ही सुधार के लिए जगह और गुंजाइश है। हमारे पास सुधार की गुंजाइश है और जहां तक छोटे करदाताओं का संबंध है, अनुपालन बोझ को कम करने में सुधार की आवश्यकता है।”

उन्होंने नेशनल एकेडमी ऑफ़ कस्टम्स, इन-डायरेक्ट टैक्स और नारकोटिक्स (एनएसीआईएन) द्वारा आयोजित एक समारोह में कहा, “हमारे पास शुरुआत से ही सुधार की गुंजाइश है।

एक बार हम रेवन्यू की दृष्टि से न्यूट्रल हो गए, तो बड़े सुधारों के बारे में विचार करेंगे, लेकिन उसके लिए पहले हमें राजस्व तटस्थ होना जरूरी है।”

इस बात पर जोर देते हुए कि अप्रत्यक्ष करों का बोझ समाज के सभी वर्गों की ओर से उठाया जाता है वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की हमेशा से यही कोशिश रही है कि ज्यादा उपभोग की चीजों पर लगने वाली टैक्स दरों को नीचे लाया जाए।

वहीं उन्होंने आगे कहा कि डायरेक्ट टैक्स (प्रत्यक्ष कर) का भुगतान समाज के प्रभावी वर्ग (अमीर तबका) की ओर से किया जाता है, गरीबों की ओर से नहीं। लेकिन अप्रत्यक्ष टैक्स का बोझ निश्चित रूप से हर किसी पर पड़ता है।

RCOM. एवं AIRCEL के बीच विलय समझौता खत्म

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मुंबई। रिलायंस कम्युनिकेशन्स (Rcom) ने एयरसेल के साथ मर्जर समझौते को बीच में ही खत्म कर दिया है। कंपनी ने इसके लिए कानूनी और नीतिगत अनिश्चितता को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। अनिल अंबानी की कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि दोनों कंपनियों ने सहमति से मर्जर अग्रीमेंट को खत्म करने का फैसला किया है।

इस फैसले के पीछे कारणों के बारे में टेलिकॉम कंपनी ने रविवार को कहा, ‘कानूनी और नियामक अनिश्चितता की वजह से अत्यधिक देरी, निहित हितों की ओर से कई हस्तक्षेप, नीति निर्देशों से टेलिकॉम के लिए बैंक फाइनैंसिंग पर असर और इंडस्ट्री में आए बदलावों की वजह से यह निर्णय लिया गया है।’

एयरसेल के साथ मर्जर और ब्रूकफील्ड के साथ टावर सेल से कंपनी के कर्ज में 60% कमी की उम्मीद थी। कंपनी की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि Rcom मोबाइल बिजनस के लिए दूसरे विकल्पों का मूल्यांकन करेगा। अंबानी की कंपनी ने उम्मीद जताई कि टावर और फाइबर संपत्ति के मुद्रीकरण के साथ स्पेक्ट्रम के बेहतर इस्तेमाल से कर्ज में 25,000 करोड़ रुपये की कटौती की जा सकती है।

कंपनी पर कुल 42,000 करोड़ रुपये का कर्ज है और इसका स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो की कुल कीमत 19,000 करोड़ रुपये है। एयरसेल पर भी करीब 20,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।रिलायंस ने 14 सितंबर 2016 को अपने वायरलेस कारोबार की एयरसेल में विलय की घोषणा की थी।

इस विलय के बाद वह देश की चौथी सबसे बड़ी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनी बन जाती। नई कंपनी की सम्पत्तियां 65,000 करोड़ रपये से अधिक की और नेट वर्थ 35,000 करोड़ रुपये की होती। रिलायंस कम्युनिकेशन्स को एयरसेल के साथ विलय के लिए सेबी, बीएसई और एनएसई से मंजूरी मिल चुकी थी।

तय किया गया था कि विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी में रिलायंस और एयरसेल लिमिटेड मैक्सिस कम्युनिकेशन्स बरहाद की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। इसी के साथ निदेशक मंडल और समिति में भी दोनों का प्रतिनिधित्व समान होगा।

तय किया गया था कि इस विलय के बाद दोनों कंपनियां नई संयुक्त कंपनी को 14,000 करोड़ रुपये का ऋण हस्तांतरित करेंगी और इस प्रकार नई कंपनी पर कुल 28,000 करोड़ रुपये का कर्ज होगा। इस विलय से रिलायंस का ऋण बोझ 20,000 करोड़ रुपये और एयरसेल का 4,000 करोड़ रुपये कम हो जाता।