Thursday, July 9, 2026
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अजमेर को सिरेमिक हब बनाएंगे – मुख्यमंत्री राजे

जयपुर/अजमेर । मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि राज्य सरकार अजमेर को सिरेमिक उद्योग के एक प्रमुख हब के रूप में विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जमीन चिन्हित हो गई है और इसके लिए गैस की पाइप लाइन लाने पर भी काम चल रहा है।

गैस की पाइप लाइन आ जाती है तो जो सिरेमिक उद्योग गुजरात को सरसब्ज कर रहा है उस उद्योग के लिए राजस्थान का अजमेर भी देश-विदेश में जाना जाएगा।  राजे रविवार को अजमेर दक्षिण क्षेत्र में सर्व समाज के लोगों के साथ जनसंवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रघुनाथपुरा के पास विकसित होने वाले रीको औद्योगिक क्षेत्र तथा किशनगढ़ में बहुप्रतीक्षित एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद अब अजमेर शिक्षा और पर्यटन नगरी के साथ-साथ औद्योगिक नगरी के रूप में भी मशहूर होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अजमेर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में आमजन भी आगे आए। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ आमजन के सहयोग से अजमेर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होगा।

पूरी हुई उद्यमियों की मांग, 31 मार्च तक नहीं देनी होगी पैनल्टी
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान राजे को उद्यमियों ने उद्योगों के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाने की अनिवार्यता की अन्तिम तिथि बढ़ाने की मांग की। इन उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे सब छोटे उद्यमी हैं और अन्तिम तारीख नहीं बढ़ाने की स्थिति में उन्हें पैनल्टी भरनी होगी।

इससे उनका व्यवसाय प्रभावित होगा। मुख्यमंत्री ने उनकी इस मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए 31 मार्च, 2018 तक इसकी समय सीमा बढ़ाने के निर्देश दिए। सभी उद्यमियों ने मुख्यमंत्री का उनकी समस्या का दूर करने के लिए आभार व्यक्त किया। 

3 नवम्बर तक वाहन प्रदूषण जांच नहीं कराने पर लगेगी पैनल्टी

एक माह तक विलम्ब पर दोपहिया पर 200 एवं चौपहिया पर 500 रुपए पेनल्टी

जयपुर। राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना (ऑनलाइन)-2017 प्रदेश में लागू हो चुकी है और योजना के अन्तर्गत जयपुर में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण 3 नवम्बर तक नहीं कराने पर इसके बाद एक माह तक निर्धारित फीस के साथ दोपहिया वाहन पर 200 एवं चौपहिया वाहन पर 500 रुपए की पेनल्टी देनी होगी।

इससे ज्यादा विलम्ब होने पर दोपहिया वाहन पर 500 रुपए एवं चौपहिया वाहन पर 1000 रुपए की पैनल्टी देय होगी।परिवहन आयुक्त  शैलेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि जयपुर में यह पेनल्टी राशि 3 नवम्बर के बाद एवं अन्य सम्बन्धित जिलों के वाहन प्रदूषण जांच केन्द्रों को ऑनलाइन किए जाने की तिथि से एक माह पश्चात् देय होगी। 

जयपुर में इस योजना के अन्तर्गत जिले के समस्त प्रदूषण जांच केन्द्रों को विगत 4 अक्टूबर को ऑनलाइन किया जा चुका है। ऎसे में 3 नवम्बर तक निर्धारित फीस देकर वाहन स्वामी अपने वाहन की प्रदूषण जांच बिना पेनल्टी राशि के करवा सकते हैं।

3 नवम्बर के बाद विलम्ब की अवधि के अनुसार पेनल्टी राशि भी देनी होगी। राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना ऑनलाइन -2017 की प्रति विभागीय वेबसाइट www.transport.rajasthan.gov.in (कैसे पाएं प्रदूषण जांच केन्द्र) पर उपलब्ध हैं। 

मिठाई के साथ डिब्बे तौलने पर प्रभावी अंकुश
उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राज्य के समस्त विधिक माप विज्ञान अधिकारियों को दीपावली के त्यौहार के दौरान 15 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक अपने जिले में नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

जिला मुख्यालय पर स्थापित यह नियंत्रण कक्ष बाजार में निरंतर पेट्रोलिंग करते हुए दीपावली के अवसर पर दुकानदारों द्वारा मिठाई व सूखे मेवे आदि को डिब्बों के साथ तौलने पर अंकुश लगाऎंगे।

मुख्यालय पर स्थापित कन्ट्रोल रूम के दूरभाष 0141-2209746 हैं, साथ ही उपभोक्ता इस संबंध में अपनी शिकायत 1800-180-6030 हैल्प लाइन पर भी दर्ज करा सकते हैं। यह नियंत्रण कक्ष प्रातः 9.30 से सांय 7.00 बजे तक कार्यरत होगा।

हर नागरिक के स्वास्थ्य का डाटा हुआ आजीवन सुरक्षित

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  • अभी केवल 22 फीसदी रोगियों का सही डायग्नोसिस होता था, लेकिन डिजिटलीकरण से हर नागरिक के पास हैल्थ कुंडली होने से इलाज करना आसान होगा। 
  • एमबीएस अस्पताल में मेडकॉर्ड्स हैल्थकेअर सुविधा का शुभारंभ।

अरविंद,  कोटा,। डॉक्टर्स को रोगी के पुराने पर्चे की जरूरत हर समय होती है, लेकिन रोगियों के पास पुराने पर्चे व जांच रिपोर्ट गुम हो जाने से सही डायग्नोसिस करने में परेशानी होती है।

शहर में मेडकॉर्ड्स हैल्थकेअर की निःशुल्क सुविधा मिलने से हर नागरिक के पास भविष्य में अपनी पीढ़ियों के स्वास्थ्य का डाटा भी उपलब्ध रहेगा।

रविवार को एमबीएस हॉस्पिटल में डिजिटलीकरण का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि शहरवासियों में स्वास्थ्य को लेकर अवेयरनेस काफी बढ़ी है।

भीमगंजमंडी सरकारी डिस्पेंसरी में मेडकॉर्ड्स द्वारा रोगियों की डिजिटल हैल्थ प्रोफाइल बनाने की शुरूआत के बाद कोटा व झालावाड़ के मेडिकल कॉलेज को भी इससे जोड़ा गया।

एमबीएस अस्पताल में बड़ी संख्या में गरीब व अमीर रोगी आते हैं, इसलिए अस्पताल के इनडोर व आउटडोर में डॉक्टर्स सभी रोगियों के डाटा डिजिटल करने में सहयोग करें।

आज हैल्थ रिकॉर्ड डिजिटल होने से प्रभावित पक्ष डॉक्टर के सम्पर्क में आ गया। उनके इलाज के सभी डॉटा आजीवन सुरक्षित होने लगे।

इससे डॉक्टर्स को ट्रीटमेंट लाइन तय करने में मदद मिली। आज किसी गंभीर रोगी को दूसरे शहर में रैफर करने पर उसका हैल्थ रिकॉर्ड विशेषज्ञ के पास पहले पहुंच सकता है।

अगले 2 वर्ष में स्मार्ट दिखेगा कोटा
विशिष्ट अतिथि महापौर महेश विजय ने कहा कि शहर को स्वस्थ व स्वच्छ बनाने के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कई कार्य प्लानिंग व पाइपलाइन में चल रहे हैं।

इनके पूरे होने पर अगले 2 वर्ष में कोटा स्मार्ट सिटी के रूप में दिखेगा। 550 करोड़ की सीवरेज लाइनें तथा कोटा उत्तर में 60 करोड़ के पेयजल के प्रोजेक्ट प्रक्रिया में हैं।

शहर के दो युवाओं श्रेयांस मेहता व निखिल बाहेती ने आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अच्छी पहल की। कुछ युवतियां हर रविवार एमबीएस अस्पताल परिसर में आकर सफाई कार्य करेंगी। ऐसे युवाओं से शहर का नाम होगा।

यूआईटी चेयरमैन रामकुमार मेहता ने कहा कि ग्रामीण रोगी अक्सर डॉक्टर्स की पर्चियां खो देते हैं। अस्पताल में उनकी पर्चियों को स्केन कर एक लिंक के जरिए डॉक्टर्स को मुहैया कराई जाए तो इलाज जल्दी मिलेगा।

मेडकॉर्ड्स इस दिशा में बहुत उपयोगी है क्यांकि मरीज की हिस्ट्री मिल जाने से उसे अच्छा उपचार मिलेगा। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गिरीश वर्मा ने कहा कि देश की डिजिटल क्रांति में यह सही कदम है।

इस मॉडर्न टेक्नोलॉजी से डॉक्टर्स व मरीजों दोंनो को सहूलियत होगी। अस्पताल अधीक्षक डॉ.पीके तिवारी ने कहा कि एमबीएस के रोगियों के रिकॉर्ड डिजिटल सुरक्षित होने से कई लाभ होंगे।

200 मेडिकल स्टोर्स पर भी मिलेगी सुविधा
मेडकॉर्ड्स के सीईओ श्रेयांस मेहता तथा निखिल बाहेती ने बताया कि स्मार्ट सिटी के 200 से अधिक मेडिकल स्टोर्स पर भी नागरिकों के लिए मेडकॉर्ड्स की निशुल्क पंजीयन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अभी 40 मेडिकल स्टोर्स पर यह सुविधा प्रारंभ की जा चुकी है। जिला केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा अन्य फार्मेसी को भी इससे जोड़ा जाएगा।

इस पर रोगी का मेडिकल डाटा 100 प्रतिशत गोपनीय व सुरक्षित रहेगा। इस मौके पर विधायक गुंजल ने एमबीएस परिसर में मेडकार्ड्स केंद्र का उद्घाटन किया।

 

 

इमेजिन ने कोटा में खोला एपल का ऑथोराइज्ड रिसेलर स्टोर

कोटा। इमेजिन ने अपने एपल ऑथोराइज्ड रिसेलर स्टोर आज यहां कोटरी रोड गुमानपुरा, कोटा में भी शुभारंभ किया। इस स्टोर का उद्घाटन कोटा के महापौर महेश विजय ने किया। इस अवसर पर कोटा शहर के गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इमेजिन एपल स्टोर एपल के उत्पादों के खरीदारों के लिए एक नए स्थान के रूप में शुरू किया गया है।

ट्रेसर सिस्टम्स प्रालि. के प्रबन्ध निदेशक शौर्य सेठ ने पत्रकार वार्ता में कहा ‘‘ राजस्थान में यह हमारा सातवां बिक्री केन्द्र है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रमुख ध्येय ग्राहकों पर आधारित है जो कि उपलब्धता, सेवा, विश्वसनीयता और वहनीयता के माध्यम से संचालित किया जाता है।

उल्लेखनीय सेवाओं और अद्भुत स्थान पर यह स्टोर पूरे वर्ष भर खुला रहेगा। हमारा मानना है, कि यह कोटा के नागरिकों और आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक पंसदीदा स्थान साबित होगा।‘‘ इस अवसर पर ट्रेजर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के हेड मार्केटिंग श्रवण कोकरू का कहना था कि ‘‘ इमेजिन में एपल उत्पादों और थर्ड पार्टी एसेसरीज की विशद श्रृंखला उपलब्ध होगी।

यदि आप मैकबुक स्लीव या आईपैड केस, नवीनतम मैक एसेसरीज अथवा नवीनतम म्यूजिक एसेसरीज की तलाश में है, तो इस स्टोर में मैकबुक स्लीव या आईपैड केस, नवीनतम मैक एसेसरीज अथवा नवीनतम म्यूजिक एसेसरीज खरीदने आते हैं तो यहा उपरोक्त सभी भारी मात्रा में उपलब्ध होंगी।

सीबीईसी करेगा व्यापारिक कागजातों के ऑनलाइन प्रसंस्करण की जांच

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नयी दिल्ली। राजस्व विभाग ने कारोबार को आसान बनाने के लिए चेन्नई तथा नयी दिल्ली में जल्दी ही दस्तावेजों के पेपरलेस प्रसंस्करण की शुरुआत का निर्णय लिया है।

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड सीबीईसी ने मार्च 2016 में कहा था कि वह कारोबार संबंधी दस्तावेजों की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतियों को पढ़ सकने में सक्षम सूचना प्रौद्योगिकी आईटी संरचना की खरीद की प्रक्रिया में है।

बोर्ड ने एक परिपत्र में कहा, सक्षम परियोजना के तहत सीबीईसी अपनी आईटी संरचना का उन्नयन कर रहा है जिसका इस्तेमाल सिंगल विंडो इंटरफेस फॉर फेसिलिटेशन ऑफ ट्रेड स्विफ्ट के तहत दस्तावेजों के कागजरहित प्रसंस्करण में किया जा सके।

बोर्ड ने अब कागजातों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए नयी दिल्ली में एयर कार्गो कांप्लेक्स और चेन्नई कस्टम्स हाउस में ऐसी सुविधा लगाने का प्रस्ताव दिया है जिसके तहत डिजिटल हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों को अपलोड किया जा सके।

पेपरलेस प्रसंस्करण से कर प्राधिकरणों और व्यापार के बीच भौतिक दखल में भी कमी आएगी। इसके तहत व्यापारियों और ब्रोकरों को डिजिटल हस्ताक्षर वाले सारे व्यापारिक कागजात आईसीईजीएटीई पर ऑनलाइन जमा करने होंगे।

इसकी शुरुआत के 15 दिन बाद एक समीक्षा की जाएगी तथा उसके बाद इसे अनिवार्य जरूरत के रूप में पेश किया जाएगा।

मिलावट खोरों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही

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जयपुर । चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने रविवार को प्रातः केन्द्रीय जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला के अत्याधुनिक जांच उपकरणों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्य पदार्थाें में मिलावट करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।

सराफ ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सघन अभियान चलाकर खाद्य पदार्थाें के नमूने लेने एवं जांच में मिलावट पाये जाने पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं। उन्हाेंने बताया कि केन्द्रीय जांच प्रयोगशाला के रिक्त पदों को भरने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है।

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि बजट घोषणा की अनुपालना में केन्द्रीय जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरणों को स्थापित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इन उपकरणों से फल, सब्जी सहित अन्य प्रकार के खाद्य पदार्थो में हैवी मैटल व पेस्टीसाईड होने की जांच की जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि आधुनिक उपकरणों युक्त केन्द्रीय जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला संचालित करने वाले गुजरात, महाराष्ट्र व कर्नाटक राज्यों के साथ अब राजस्थान भी चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है। 

कार्यक्रम में सांसद रामचरण बोहरा, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीनू गुप्ता, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ.वी.के.माथुर, निदेशक आरसीएच डॉ.एस.एम.मित्तल, सीएमएचओ जयपुर प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा व सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ.प्रवीन असवाल सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

ज्वेलरी समेत कई जरूरी वस्तुओं पर नया भारतीय मानक ब्यूरो कानून लागू

नई दिल्ली । बहुप्रतीक्षित भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) अधिनियम 12 अक्टूबर से लागू हो गया है। इसके लागू होने से ज्वैलरी जैसी और ज्यादा वस्तुओं और सेवाओं पर मानकीकरण अनिवार्य रूप से लागू हो गया है। संसद ने पिछले मार्च 2016 में बीआइएस एक्ट पारित किया था।

अभी तक देश में बीआइएस एक्ट 1986 लागू है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने पिछले सप्ताह नये कानून के नियमों को अंतिम रूप दिया। उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने एक बयान में कहा कि नया कानून देश में कारोबारी सुगमता को और बढ़ायेगा और यहां व्यवसाय करना आसान होगा।

इसके प्रावधानों से न सिर्फ मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा मिलेगा बल्कि उपभोक्ताओं को अच्छी क्वालिटी की सेवाएं और उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

नये कानून के मुताबिक जनहित में आवश्यक होने या मानव सुरक्षा, पशु अथवा वनस्पति के स्वास्थ्य, पर्यावरण की सुरक्षा या फिर अनुचित व्यापारिक चालों को रोकने अथवा राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर जरूरी होने पर सरकार किसी वस्तु या सेवा को अनिवार्य मानकीकरण व प्रमाणीकरण के दायरे में ला सकती है।

बयान के अनुसार कीमती धातुओं की वस्तुओं जैसे ज्वैलरी के लिए हालमार्किग को अनिवार्य करने का प्रावधान किया गया है। नये कानून में आसान अनुपालन मूल्यांकन की कई स्कीमों को मंजूरी दी गई है।

इनमें मानकों के अनुपालन के लिए सेल्फ डिक्लेरेशन भी शामिल है। निमार्ताओं के लिए मानकों के अनुपालन और इसके लिए प्रमाणपत्र पाने का यह आसान तरीका होगा।

नये नियम में एक प्रावधान किया गया है जिसके तहत सरकार बीआइएस के अतिरिक्त कोई अथॉरिटी या एजेंसी नियुक्त कर सकती है जो उत्पादों व सेवाओं के मानकीकरण अनुपालन की पुष्टि करेगी और इसका प्रमाणपत्र जारी करेगी।

एक अन्य प्रावधान के अनुसार अगर किसी उत्पाद पर मानकीकरण का चिन्ह तो है लेकिन उसके मानकों का अनुपालन नहीं किया गया है तो उत्पादों की मरम्मत और इसे वापस मंगाने की जिम्मेदारी तय की गई है। नये कानून में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) को भारतीय राष्ट्रीय मानक संगठन (एनएसबीआइ) कहलाएगा।

बैंकों की मनमानी से ग्राहकों को मिलेगी राहत, ब्याज दरों में कटौती का होगा फायदा

कुछ बैंक तो अपने कार्यालय के किराये, कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी पर होने वाले खर्च को भी कर्ज की दर तय करने के फॉर्मूले में शामिल कर लेते हैं

नई दिल्ली। ब्याज दरों में बैंकों की मनमानी से शायद ग्राहकों को राहत मिल सकती है। आरबीआइ बैंकों की इस आदत पर लगाम लगाने का मन बना चुका है। केंद्रीय बैंक की तरफ से इस बारे में किये गये आंतरिक अध्ययन में बैंकों के स्तर पर कई तरह की गड़बड़ियों का पता चला है।

इस अध्ययन के आधार पर आरबीआइ जल्द ही ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है जिससे बैंकों के लिए कर्ज की दरों को ज्यादा पारदर्शी तरीके से तय करना होगा।

आरबीआइ के दो पूर्व गर्वनर डी. सुब्बाराव व रघुराम राजन और मौजूदा गर्वनर उर्जित पटेल ब्याज दरों में कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों को नहीं देने पर बैंकों को फटकार लगा चुके हैं।

आरबीआइ जब भी मौद्रिक नीति के तहत रेपो रेट में कटौती कर बैंकों को सस्ती दर पर कर्ज देने का मौका देता है तो बैंक उसका पूरा फायदा ग्राहकों को नहीं देते हैं।

आरबीआइ ने यह अध्ययन रिपोर्ट बुधवार को सार्वजनिक की है। वैसे तो इस पर अभी विचार विमर्श हो रहा है लेकिन इस बात के पूरे संकेत है कि कर्ज की दरों को तय करने में बैंकों का मनमाना रवैया अब नहीं चलेगा।

मसलन, अभी फ्लोटिंग दर को बैंक साल में एक बार निर्धारित करते हैं लेकिन रिपोर्ट में इसे हर तिमाही तय करने की सिफारिश की गई है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर रेपो रेट में कटौती की जाती है तो उसका फायदा ग्राहकों को जल्दी मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

रिजर्व बैंक रेपो रेट पर ही बैंको की अल्पकालिक जमा पर ब्याज देता है। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि बैंकों के लिए कर्ज की दरों को तय करने का नया फॉर्मूला अगले वर्ष से लागू होगा।

इसमें सभी बैंकिंग ग्राहकों को यह मौका मिलेगा कि वह नई व्यवस्था के तहत तय ब्याज दर पर अपने बकाये कर्ज का भुगतान करे। इसके लिए ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

वैसे इस रिपोर्ट के आधार पर नई व्यवस्था तो लागू हो जाएगी लेकिन अभी जिस तरह से बैंक कर्ज की दरों को तय करते हैं उसको लेकर इसमें कई खुलासे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों के स्तर पर कर्ज की दरों को तय करने में कई तरह की अनियमितताएं बरती जा रही हैं।

कुछ बैंक तो अपने कार्यालय के किराये, कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी पर होने वाले खर्च को भी कर्ज की दर तय करने के फॉर्मूले में शामिल कर लेते हैं। 

एक बैंक का बगैर नाम लिये इसमें कहा गया है कि विगत छह महीने में इसकी जमा लागत में 0.40 फीसद की कमी हुई लेकिन उसका कोई फायदा ग्राहकों को नहीं दिया गया।

मोटे तौर पर जनवरी, 2015 के बाद से अभी तक रेपो रेट में दो फीसद की कटौती हो चुकी है लेकिन बैंकों की तरफ से कर्ज की दरों में बमुश्किल 0.75 फीसद की कटौती की गई है।

अब सीबीएसई स्कूलों की भी होगी रैकिंग-एचआरडीएम

  • केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों से होगी शुरुआत

  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने गाइड लाइन बनाने के दिए निर्देश

नई दिल्ली। उच्च शिक्षण संस्थानों की तर्ज पर सीबीएसई स्कूलों की भी अब रैकिंग होगी। इसकी शुरुआत केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय से होगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दोनों ही विद्यालय संगठनों से इसके लिए एक गाइड लाइन तैयार करने को कहा है।

साथ ही निर्देश दिया है कि अगले शैक्षणिक सत्र से इसे शुरू करने की तैयारी की जाए। देश भर में मौजूदा समय में 1128 केंद्रीय विद्यालय और 589 नवोदय विद्यालय है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की इस पहल को स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्कूलों में बीच इस प्रतिस्पर्धा के शुरू होने इसके पठन-पाठन में सुधार होगा। साथ ही ऐसे विद्यालयों को भी चिन्हित करने में मदद मिलेगी, जो अपनी किसी न किसी कमजोरी के चलते पिछड़ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच कराई गई ऐसी ही प्रतिस्पर्धा से इनमें सुधार सामने आने के बाद यह पहल शुरू की गई है।

मौजूदा समय में देश भर में सीबीएसई से संबद्ध 17 हजार से ज्यादा स्कूल है। इन आधारों पर होगी रैकिंग मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो स्कूलों की रैकिंग तय करने का जो आधार होगा, उनमें विद्यालय का इंफ्रास्ट्रक्चर, खेलकूद की सुविधाएं, छात्रों के क्लास रूम, पुस्तकालय आदि शामिल है।

इसके अलावा एक शिक्षक पर छात्रों की औसत संख्या, शिक्षकों की योग्यता, पास आऊट होने वाले छात्रों का प्रतिशत, प्रोफेशनल कोर्सो के लिए छात्रों के चयन का प्रतिशत और फीस जैसी जानकारियां शामिल होंगी।

स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस कल से, अभी से वेटिंग

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कोटा। स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर 16 अक्टूबर से कोटा होकर पटरी पर दौड़ेगी।  इस गाड़ी में अभी से वेटिंग आ गई है। रविवार को कोटा से सुबह 7 बजे थर्ड ऐसी में 19 वोटिंग थी।

लम्बे समय से चली आ रही यात्रियों की मांग को पूरा करने और दिल्ली-मुंबई के बीच यात्रियों को त्वरित एवं सुविधाजनक ट्रेन उपलब्ध कराने के लिए स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस का संचालन किया जाएगा।

इस ट्रेन में परिवर्तनशील किराया प्रणाली लागू नहीं होगी। भारतीय रेलवे पहले से ही दिल्ली-मुंबई के बीच दो राजधानी एक्सप्रेस एवं 30 से अधिक मेल, एक्सप्रेस रेलगाडिय़ों को संचालन कर रहा है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि देश की राजधानी दिल्ली एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक, परिवहन एवं सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में ऐतिहासिक महत्व का बड़ा शहर है। देश का राजनीतिक केन्द्र भी है।

मुंबई भारत की व्यावसायिक एवं वित्तीय राजधानी है। दोनों ही शहर देश के महत्वपूर्ण व्यावसायिक केन्द्र हैं। इसलिए दोनों शहरों के बीच कारगर और प्रभावी परिवहन सम्पर्क की बेहद आवश्यकता थी।

2 घंटे कम लगेगा समय
नई राजधानी एक्सप्रेस से यात्रा समय में वर्तमान में चल रही राजधानी एक्सप्रेस के 15 घंटे 50 मिनट की तुलना में 13 घंटे 55 मिनट का समय लगेगा। इससे यात्रा समय में लगभग 2 घंटे की बचत होगी।

एक ही रेक के उपलब्ध होने से नई सेवा सप्ताह में तीन दिन ही उपलब्ध होगी। यह रेलगाड़ी केवल कोटा, वडोदरा और सूरत स्टेशनों पर ही ठहरेगी।

19 प्रतिशत कम किराया
इस रेलगाड़ी के सैकेंड एसी एवं थर्ड एसी का किराया वर्तमान मुंबई राजधानी की इन श्रेणियों के किराये के मुकाबले लगभग 19 प्रतिशत सस्ता होगा। उच्चतर रफ्तार और गति का संतुलन बनाए रखने के लिए 2 डब्ल्यूएपी-5 श्रेणी के दो लोकोमोटिव से ट्रेन का संचालन होगा।

प्रत्येक इंजन की क्षमता 5400 हॉर्सपावर होगी। इसकी अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रतिघंटे होगी। इसमें 1 फर्स्ट एसी वातानुकूलित कोच, 2 सैकंड एसी एवं 12 थर्ड एसी और 1 पेन्ट्रीकार होगी।

ये रहेगा समय
गाड़ी संख्या 09004 निजामुद्दीन-बांद्रा टर्मिनस विशेष राजधानी एक्सप्रेस निजामुद्दीन से शाम 4.15 बजे रवाना होगी तथा अगले दिन सुबह 6.10 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। निजामुद्दीन से रेलगाड़ी के रवाना होने के दिन बुधवार, शुक्रवार और रविवार हैं।

गाड़ी संख्या 09003 बांद्रा टर्मिनस-निजामुद्दीन विशेष राजधानी एक्सप्रेस बांद्रा टर्मिनस से शाम 7.05 बजे रवाना होगी तथा अगले दिन सुबह 6 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी।

यात्रा में 13 घंटे 55 मिनट का समय लगेगा। बांद्रा टर्मिनस से रेलगाड़ी के रवाना होने के दिन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार हैं।