Thursday, July 9, 2026
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दिवाली पर Jio ने उपभोक्ताओं को दिया धोखा, बढ़ाए डेटा प्लान के रेट्स

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नई दिल्ली। रिलायंस जियो के उपभोक्ताओं को 84 दिनों के प्लान के लिए 15 फीसद ज्यादा चार्ज देना होगा। कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक गुरुवार से लागू इस बढ़ोतरी के बाद यह प्लान 459 रुपये में मिलेगा।
इसके तहत ग्राहकों को इस प्लान में रोजाना 4जी एक जीबी डाटा मिलता है।

हालांकि कंपनी के नये प्लान दिवाली धमाका के तहत ग्राहकों को 149 रुपये में 28 दिनों के लिए चार जीबी डाटा मिलेगा। अभी तक इस प्लान में दो जीबी डाटा मिलता था। जियो ने एक सप्ताह के लिए 52 रुपये का और दो सप्ताह के लिए 98 रुपये का प्लान पेश किया है।

इसमें अनलिमिटेड वॉइस, एसएमएस के अलावा रोजाना 0.15 जीबी डाटा मिलेगा। जियो के सभी प्लानों में अनलिमिटेड कॉल और रोमिंग कॉल की सुविधा पूर्ववत मिलती रहेगी। कंपनी ने विभिन्न स्कीमों के तहत कम मूल्य और कम अवधि वाले पैक का रिचार्ज टैरिफ घटाने के अलावा डाटा में भी कमी की है।

कंपनी के 459 रुपये के प्लान में 84 दिनों तक एक जीबी हाईस्पीड डाटा प्रतिदिन मिलेगा। इस कोटा के खत्म होने के बाद स्पीड कम हो जाएगी। कंपनी ने 509 रुपये के प्लान में भी फायदे कम कर दिये हैं। रोजाना दो जीबी हाईस्पीड डाटा के प्लान की अवधि 56 दिनों के घटाकर 49 दिन कर दी गई है।

इस तरह प्लान में मिलने वाला डाटा 112 जीबी से घटकर 98 जीबी रह जाएगा। जियो के 999 रुपये वाले प्लान में डाटा 90 जीबी से घटाकर 60 जीबी कर दिया गया है। इसकी अवधि पूर्ववत तीन माह की रहेगी। कंपनी ने छह माह की वैधता का 1999 रुपये का प्लान लांच किया है। इसमें 125 जीबी डाटा मिलेगा।

4999 रुपये के नये प्लान में वैधता अवधि एक साल की पूरी होगी। अभी तक इसी तरह के प्लान में 210 रुपये दिन की वैधता थी। हालांकि इस प्लान में डाटा 380 जीबी से घटाकर 350 जीबी कर दिया गया है।

कंपनियों ने घटाया 40% तक दिवाली गिफ्ट का बजट : एसोचैम

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लखनऊ। बाजार में छाई मंदी और बैलेंस शीट पर दबाव को देखते हुए देश की कॉर्पोरेट कंपनियों ने एंप्लॉयीज और पार्टनर्स को दिवाली पर दिए जाने वाले गिफ्ट के बजट में कम से कम 35 से 40% की कटौती की है। इंडस्ट्री बॉडी एसोचैम की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

एसोचैम ने यह रिपोर्ट टियर 1, 2 और 3 शहरों की 758 कंपनियों के साथ बातचीत के आधार पर तैयार की है। एसोचैम ने अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई जैसे शहरों को सर्वे में शामिल किया था।

एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों ने दिवाली गिफ्ट में सबसे ज्यादा कटौती कंपनी के बाहर वाले लोगों के लिए की है, जबकि अपने एंप्लॉयीज को दिए जाने वाले गिफ्ट में बहुत ज्यादा कटौती नहीं की गई है।

हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बोनस पेमेंट में बड़ी गिरावट का संकेत है, क्योंकि कंपनियां कर्ज में डूबी हैं और वो ओवरऑल ऑपरेशन में कटौती की संभावनाओं को देख रहीं हैं। नोटबंदी के झटके के बाद पूरे देश में नया टैक्स सिस्टम जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) को लागू करने के दौरान आ रही परेशानियों ने भी कॉर्पोरेट कंपनियों के बिजनस को प्रभावित किया है।

एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल डी एस रावत ने कहा, ‘फेस्टिवल सीजन में कंपनियों द्वारा गिफ्ट बजट में कटौती से सबसे बड़ा नुकसान एफएमसीजी कंपनियों को हुआ है। दिवाली सीजन पर गिफ्ट देने में कमी की वजह से चॉकलेट, कुकीज और मिठाइयों का बिजनस प्रभावित हुआ है।

इन कंपनियों ने सामान्य से कम बिक्री होने की जानकारी दी है।’ एफएमसीजी कंपनियों को दिवाली के फेस्टिवल सीजन से बड़ी उम्मीद रहती है, क्योंकि इस दौरान उन्हें अधिक बिक्री करने का अवसर मिलता है, लेकिन इस बार कंपनियों के लिए दिवाली सीजन अच्छा नहीं रहने के संकेत मिल रहे हैं।

रावत ने कहा, ‘इसी प्रकार से कन्ज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियां जो वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, इलेक्ट्रिक स्टोव आदि बनाती हैं, उनका बिजनस भी प्रभावित हुआ है। फेस्टिवल सीजन के दौरान महंगे फोनों की होने वाली बिक्री में भी कमी देखने को मिली है।’

 दिवाली पर EPFO ने दिया तोहफा, शुरू की नई सेवा

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने नई सुविधा शुरू की है जिसके तहत आप अपना 12 अंकों वाले आधार नंबर को सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) से ऑनलाइन जोड़ सकते हैं।  UAN मेंबर्स को नौकरी बदलने पर अपना पीएफ अकाउंट नंबर चेंज करने की जरूरत नहीं होती है।

दिवाली की पूर्व संध्या पर ईपीएफओ ने सार्वभौमिक खाता संख्या वाले सदस्यों को ऑनलाइन यूएएन को आधार से जोड़ने की सुविधा शुरू की है। इससे सदस्यों को बेहतर और तेज ईपीएफओ सेवाएं मिलेंगी। यह सर्विस  ईपीएफओ की वेबसाइट www.epfindia.gov.in >> Online Services >> e-KYC Portal>> LINK UAN AADHAAR पर उपलब्ध कराई गई है।

‘इस सुविधा का इस्तेमाल करते हुए ईपीएफओ सदस्य अपने यूएएन को आधार से ऑनलाइन जोड़ सकते हैं। इसके लिए सदस्य को अपना यूएएन प्रदान करना होगा। यूएएन के साथ जुड़े सदस्य के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी डालने के बाद आपको अपना आधार नंबर देना होगा।

इसके बाद एक और ओटीपी आधार से जुड़े मोबाइल/ई-मेल पर भेजा जाएगा। ओटीपी डालने के बाद यूएएन के ब्योरों को आधार विवरण से मिलाया जाएगा। उसके सही पाये जाने पर यूएएन को आधार से जोड़ दिया जाएगा। आधार से जुड़ जाने के बाद आप आधार कार्ड से जुड़ी ऑनलाइन ईपीएफओ सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

नए संवत का मुहूर्त कारोबार शाम 6.30 बजे

मुंबई। दीपों के त्योहार दिवाली के मौके पर बृहस्पतिवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में मुहूर्त कारोबार क्रमश: शाम 6.30 बजे तथा शाम 7.30 बजे किया जाएगा।

त्योहार से एक दिन पहले बुधवार को सेंसेक्स 24.81 अंकों की गिरावट के साथ 32,584.35 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23.60 अंकों की गिरावट के साथ 10,210.85 के स्तर पर बंद हुआ।

ब्रोकरों ने कहा कि दिवाली से पहले निवेशकों ने एहतियात बरता, जबकि रुपये में कमजोरी ने भी रुझान को प्रभावित किया। दिवाली बलिप्रतिपदा के मौके पर शुक्रवार को बाजार बंद रहेंगे।

निर्यात घरानों के सोना आयात पर पाबंदी

नयी दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय ने चार और पांच सितारे वाले निर्यात घरानों द्वारा सोने के आयात पर आज पाबंदी लगा दी।अब इन निर्यात घरानों को मूल्यवान धातु केवल अपने उपयोग के लिये खरीदने की अनुमति होगी।

एक अधिकारी के अनुसार विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा लगायी गयी पाबंदी का मकसद सोने के आयात पर अंकुश लगाना है। इस मूल्यवान धातु का आयात 2017-18 की पहली छमाही में दो गुना से अधिक बढ़कर 16.95 अरब डालर पर पहुंच गया।

महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा, कोई भी नामित एजेंसी का प्रमाणपत्र चार स्टार और पांच स्टार का दर्जा प्राप्त निर्यात घरानों को जारी नहीं किया जाएगा।

चार और पांच स्टार का दर्जा उन निर्यात घरानों को दिया गया है जिन्होंने चालू और पिछले दो साल में क्रमश: 50 करोड़ डालर और दो अरब डालर मूल्य से अधिक का निर्यात किया है।

इसमें कहा गया है कि मौजूदा नामित एजेंसी प्रमाणपत्र वाले चार और पांच स्टार निर्यात घरानों को सोने के आयात की अनुमति वास्तविक उपयोग शर्तों पर निर्भर है।

उन्हें नामित एजेंसी प्रमाणपत्र की बची हुई अवधि के लिये केवल विनिर्माण और निर्यात के लिये सोने के आयात की अनुमति होगी।

नामित एजेंसियां वो हैं जो सोने के आयात और उसे घरेलू इकाइयों को बेचने को अधिकृत हैं। सोने के आयात से चालू खाते के घाटे पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

दिवाली पर जीएसटी पोर्टल की पूजा करेंगे व्यापारी

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नई दिल्ली। दिवाली के शुभ मुहूर्त में पारंपरिक बहीखाते की पूजा-अर्चना करने वाला व्यापारी समाज इस साल जीएसटी पोर्टल की पूजा करेगा।

तकनीकी बदलाव के साथ पिछले कुछ साल से व्यापारी दिवाली पूजा में कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य डिजिटल गैजेट्स को शामिल करते रहे हैं, लेकिन इस साल नई कर व्यवस्था जीएसटी ने न सिर्फ उनके व्यापार के तौर-तरीकों को बदला है, बल्कि कैशबुक, लेजर और अकाउंट बुक्स को ऑनलाइन पोर्टल पर ला दिया है।

जीएसटी लागू होने के बाद से व्यापारियों का सबसे ज्यादा सरोकार इस पोर्टल से ही रहा है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) गुरुवार को करोलबाग में दिवाली पूजा का आयोजन कर रहा है, जिसमें विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच जीएसटी पोर्टल की पूजा-अर्चना की जाएगी।

संगठन की देश भर में इकाइयां भी अपने स्तर पर पोर्टल की पूजा करेंगी। कैट के जनरल सेक्रेटरी प्रवीण खंडेलवाल ने बताया, ‘आज किसी भी व्यापारी के लिए जीएसटी पोर्टल न सिर्फ बहीखाता बल्कि सभी तरह का डॉक्युमेंट और रेकॉर्ड बुक बन चुका है।

हम दिवाली पूजा के दौरान इसकी अराधना करेंगे और ईश्वर से कामना करेंगे कि व्यापारियों को पोर्टल पर टैक्स अनुपालन में तकनीकी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।’  जीएसटी लागू होने के बाद से ही जीएसटी पोर्टल को लेकर व्यापारी कई तरह की दिक्कतों का सामना करते रहे हैं।

जुलाई महीने की रिटर्न फाइलिंग के दौरान पोर्टल कई बार स्लोडाउन का शिकार हुआ, जिसके चलते सरकार को कई बार रिटर्न की लास्ट डेट बढ़ानी पड़ी। उधर, सितंबर महीने की जीएसटीआर-3बी की फाइलिंग के दौरान अगस्त महीने की लेट फीस काटने का मुद्दा गर्माने लगा है।

टैक्स प्रफेशनल्स की ओर से शिकायतें आ रही हैं कि कभी पोर्टल लेट फीस नहीं ले रहा तो कभी पिछली लेट फीस भी जोड़ रहा है। मसलन, 13 अक्टूबर तक सितंबर महीने की फाइलिंग आराम से हो रही थी, लेकिन अब सितंबर का रिटर्न फाइल करते ही अगस्त महीने की लेट फीस प्रतिदिन 200 रुपये की दर से मांगी जा रही है।

चूंकि सितंबर रिटर्न की डेट 20 अक्टूबर है, लोगों को मौजूदा रिटर्न के साथ पिछले विलंब के लिए लेट फीस खटक रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कानून में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है और इसे जीएसटीएन लेवल पर दुरुस्त किया जाना चाहिए। सबसे ज्यादा परेशान वे लोग हैं, जिनकी टैक्स देनदारी निल या सौ दो सौ रुपये है। 

कोटा स्टोन कारोबारियों को दिवाली का तोहफा

कोटा स्टोन :कच्चे माल पर 5 फीसदी और पॉलिश पत्थर पर 18 फीसदी GST देनी होगी

कोटा। सरकार ने कोटा स्टोन पर जीएसटी की दर में 10 प्रतिशत क कमी कर कारोबारियों को दीवाली का तोहफा दिया है। जीएसटी लागू होने के बाद से ही कोटा स्टोन पर जीएसटी की कर श्रेणी को लेकर संशय छाया हुआ था।

जीएसटी लागू होने से पहले कोटा स्टोन की कर दरें समान थीं, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद इन्हें 5 से लेकर 28 फीसदी की कर श्रेणियों में शामिल कर दिया गया।

जिसे लेकर व्यापारी इतने भ्रमित हुए कि कोटा स्टोन का सारा कारोबार ही ठप पड़ गया, लेकिन दिवाली से पहले सरकार ने पॉलिश पत्थर पर जीएसटी की दरें 10 फीसदी घटा कर कोटा स्टोन कारोबारियों को दिवाली गिफ्ट दे दिया है।

जीएसटी काउंसिल ने तय की नई दरें
कोटा स्टोन पर छाया जीएसटी का भ्रम आखिरकार दिवाली से पहले खत्म हो ही गया। दीपावली के ठीक पहले स्पष्ट हो गया कि लाइम स्टोन की खदानों से निकलने वाला रफ पत्थर 5 प्रतिशत में व पॉलिश पत्थर 18 प्रतिशत की कर श्रेणी में रहेगा।

पॉलिश पत्थर पहले 28 प्रतिशत कर श्रेणी में था, जिसे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 6 अक्टूबर को जीएसटी काउन्सलिंग की बैठक में कम करने की घोषणा की थी, लेकिन आदेश नहीं आने से व्यापारियों में भ्रम की स्थिति थी।

GST और कम करने की मांग
जीएसटी अतिरिक्त उपायुक्त नरेश बुदेल का कहना है कि अब रफ पत्थर पांच प्रतिशत व पॉलिश पत्थर 18 प्रतिशत की कर श्रेणी में रहेगा। इधर रफ व पॉलिश पत्थर की दर में भिन्नता करना व्यापारियों को रास नहींं आया है।

व्यापारियों को परेशानी इस बात को लेकर थी कि केन्द्र सरकार ने कोटा स्टोन को पहले 28 प्रतिशत कर श्रेणी में रखा था। दर स्पष्ट नहीं होने से वे पांच प्रतिशत में बिल बनाकर राशि वसूल रहे थे। व्यापारी से बिल की राशि का भुगतान वह प्राप्त कर चुके हैं तो 23 प्रतिशत कर कैसे चुकाएंगे।

करेंगे कम कराने के प्रयास
कोटा स्टोन स्माल स्केल इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सिंह शक्तावत, सचिव अखलेश मेड़तवाल ने बताया कि सांसद ओम बिरला, विधायक चन्द्रकांता मेघवाल को साथ लेकर कोटा स्टोन का टैक्स कम कराने का प्रयास करेंगे। वहीं सांसद ओम बिरला ने भी कहा है कि कोटा स्टोन को पांच प्रतिशत की कर श्रेणी में रखने का प्रयास होगा।

यह रहेगा GST का आधार
सचिव अखलेश मेड़तवाल ने बताया कि 26 दिसम्बर 1990 को सेन्ट्रल बोर्ड आफ एक्साइज एण्ड कस्टम ने कोटा स्टोन रफ व पॉलिश को पांच प्रतिशत की कर श्रेणी में माना था। जीएसटी में रफ व पॉलिश पत्थर में भिन्नता कर दी गई है जबकि नियमानुसार इस पत्थर को एक कर श्रेणी में रखा जाना चाहिए था।

पहले और अब
कोटा स्टोन वेट में दो प्रतिशत कर श्रेणी में था। खदान पर दो प्रतिशत कर चुकाकर रफ पत्थर लाकर उसे चिराई व टेबल पॉलिश कर दिसावर में बेचा जाता तो दो प्रतिशत कर इसे चुकाना पड़ता था। कई प्रांतों में एन्ट्री फीस अलग अलग दर से वहां की सरकार इस पर टैक्स वसूलती थी। अब कोटा स्टोन व्यापारी दिसावर में माल भेजता है तो उसे 18 प्रतिशत कर चुकाना पड़ेगा।

दिवाली पर सरकार ने दिया कर्मचारियों को 739 करोड़ की माफी का तोहफा

गलत फिक्सेशन से प्रोबेशन कर्मचारी करीब 309 और स्टेप अप कर्मचारी करीब 429 करोड़ रुपए का भुगतान उठा चुके हैं। इस राशि की सरकार अब कटौती नहीं करेगी और न ही भविष्य में इसकी वसूली करेगी।

जयपुर।  राज्य सरकार ने सातवें वेतनमान लागू करने के साथ दिवाली पर कर्मचारियों को 739 करोड़ रुपए की वसूली नहीं करने का एलान कर एक ओर तोहफा दिया है।

सरकार ने सावंत कमेटी की सिफारिश मानते हुए सातवें वेतनमान को लागू कर दिया है। इसके साथ ही 2013 में गलत फिक्सेशन के चलते कर्मचारियों को मिल रहे अधिक वेतन की कटौती की वसूली पर सरकार ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। यह हजारों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। इसमें करीब 46 हजार से अधिक कर्मचारी अकेले प्रबोशनरी है।

गलत फिक्सेशन से प्रोबेशन कर्मचारी करीब 309 और स्टेप अप कर्मचारी करीब 429 करोड़ रुपए का भुगतान उठा चुके हैं। इस राशि की सरकार अब कटौती नहीं करेगी और न ही भविष्य में इसकी वसूली करेगी।

हालांकि सरकार ने यह साफ कर दिया है कि सातवें वेतन आयोग से गलत फिक्सेशन वाले कर्मचारियों का वेतन कम हो रहा है तो उसे भी कम नहीं किया जाएगा। बल्कि उसे पर्सनल पे से भुगतान किया जाएगा।

बढ़े हुए वेतन के लिए करना होगा एक माह इंतजार
सूत्रों ने बताया कि नोटिफिकेशन जारी करने में हुई देरी के चलते कर्मचारियों को नए वेतनमान से वेतन के भुगतान के लिए नवंबर तक इंतजार करना पड़ सकता है। कर्मचारियों को अक्टूबर माह का एरियर नवंबर में भुगतान किया जाएगा।

यह भी मिला

  • सीसीए-जयपुर के लिए 630 और एक हजार रुपए
  • अजमेर , जोधपुर , कोटा और बीकानेर के लिए 320 और 620 रुपए
  • प्रोबेशनर ट्रेनी का वेतन न्यूनतम 5630 और अधिकतम 20500 बढ़ेगा
  • ग्रेच्युटी अधिकतम 10 के बजाय 20 लाख रुपए
  • 1 जुलाई 2013 से सुधारा जाएगा पांचवी अनुसूची का
  • गलत तरीके से फिक्सेशन वाले प्रोबेशनरी कर्मचारियों की संख्या

राजस्थान के सभी शहरों में एकीकृत भवन विनियम लागू

जयपुर। प्रदेश के सभी शहरों में एक समान एकीकृत भवन विनियम लागू हो गया है। नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी के भवन विनियमों को मंजूर करने के बाद बुधवार को यूडीएच ने इसके आदेश जारी कर दिए। भवन विनियमों की सबसे खास बात है कि इमारत बनाने के लिए नक्शे स्वीकृत कराने व अन्य जरूरी स्वीकृतियां निवेशक को सिंगल विंडो सिस्टम में उपलब्ध होंगी।

देश में निवेश का माहौल सुधारने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में भारत की रैकिंग में सुधार किया जाए। इसके लिए इस वर्ष केन्द्र की ओर से सभी राज्यों को बिजनेस रिफॉम्र्स एक्शन प्लान जारी कर उसे लागू करने के निर्देश दिए गए। इसी एक्शन प्लान के तहत पूरे राज्य में भवन निर्माण के लिए एक जैसे भवन विनियम लागू किया गया है।

यूडीएच ने एकीकृत भवन विनियमों का प्रारूप तैयार किया था। इस पर आमजन और सभी प्रभावित पक्षों से आपत्ति व सुझाव भी मांगे गए। इनके निस्तारण के बाद बने अंतिम प्रारूप को यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने स्वीकृति दी। अब यूडीएच ने इसे लागू करने के आदेश जारी किए हैं।

ये होगा नए भवन विनियमों में

  • भवनों की ऊंचाई के लिए भूखण्ड के आकार की बाध्यता खत्म
  • निर्मित क्षेत्र का आधार बिल्ट अप एरिया रेशियो (बीएआर) होगा
  • बिल्ट अप एरिया रेशियो (बीएआर) 2 रखा गया है
  • सड़क की चौड़ाई के हिसाब से भवन की ऊंचाई होगी
  • तय ऊंचाई तक निर्माण होगा, इसे सील नहीं किया जाएगा
  • 24 मीटर के बजाए 18 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़क पर चौड़ाई के डेढ़ गुना व फ्रंट सेटबैक के बराबर ऊंचाई होगी
  • 1.5 लाख वर्गमीटर तक के निर्मित क्षेत्रफल की योजनाओं के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति लेना जरूरी नहीं होगा
  • बिल्डर्स एम्पैनल्ड विशेषज्ञ से पर्यावरणीय मापदण्ड की पालना का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे
  • ऊंचाई की गणना जमीनी तल से होगी इसमें प्लिंथ और स्टिल्ट भी शामिल होंगे
  • भवन के पोर्च की चौड़ाई भवन या ब्लॉक की चौड़ाई की आधी चौड़ाई के बराबर होगी
  • विजिटर्स पार्किंग की गणना प्रति 100 कार यूनिट के अनुसार होगी
  • पहले 100 कार यूनिट का 25 प्रतिशत, अगले 100 और फिर 100 यूनिट पर 20 प्रतिशत विजिटर्स पार्किंग होगी 
  • अगली 300 यूनिट या अधिक यूनिट पर 10 प्रतिशत विजिटर्स पार्किंग देनी होगी
  • आवासीय, संस्थानिक व पर्यटन इकाई के लिए बेटरमेंट लेवी आवासीय आरक्षित दर की 25 के बजाए 20 प्रतिशत देनी होगी
  • व्यावायिक उपयोग में बेटरमेंट लेवी व्यावसायिक आरक्षित दर की 20 फीसदी होगी
  • स्टेडियम, रिक्रिएशनल, स्पोट्र्स कॉम्पलैक्स, कन्वेंशन सेंटर के लिए पार्किंग के स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।

राजस्थान में 120 करोड़ से अधिक की समर्थन मूल्य पर खरीद

जयपुर। रजिस्ट्रार एवं प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार ने बुधवार को राजफैड में समर्थन मूल्य पर खरीद की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य में अबतक 120 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन तथा मूंगफली की खरीद की जा चुकी है।

कुमार ने बताया कि अबतक 14 हजार 444 काश्तकारों से समर्थन मूल्य पर खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने तथा कृषि कार्यों में उनकी उपयोगिता को महत्व देने की दृष्टि से भामाशाह कार्ड के जरिए ऑनलाईन पंजीयन की व्यवस्था की गई है।

इस निर्णय से अब महिला मुखिया के बैंक खाते में कृषि उपज का मूल्य ट्रांसफर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक किसान परिवारों की महिला मुखिया के बैंक खातों में लगभग 34 करोड़ 14 लाख रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि किसानों को नेफैड द्वारा निर्धारित किए गए उचित औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) के मानदण्डों के अनुसार उपज को खरीद केन्द्रों पर तैयार कर लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक किसानों से उनकी उपज को खरीद कर लाभान्वित किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास है कि वेयरहाउस के स्तर पर एफएक्यू मानदण्डों के आधार पर किसानों का माल अस्वीकार न हो इसके लिए नेफैड की ओर से लगाए गए सर्वेयर को एफएक्यू मानदण्डों की पालना सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि चारों उपजों के लिए 1 लाख 3 हजार 385 काश्तकारों द्वारा पंजीयन करवाया गया है तथा 52 हजार से अधिक पंजीयनकर्ता किसानों को उनकी उपज की तुलाई के लिए दिनांकों को आवंटन कर दिया गया है। शेष को दिनांक आवंटन की कार्यवाही की जा रही है।

कुमार ने बताया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए राज्य में अभी तक मूंग के लिए 92 खरीद केन्द्र, उड़द के लिए 36 खरीद केन्द्र, सोयाबीन के लिए 23 केन्द्र तथा मूंगफली के लिए 40 केन्द्र बनाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इन खरीद केन्द्रों पर किसानों द्वारा कराए गए ऑनलाईन पंजीयन के आधार पर दैनिक समीक्षा की जा रही है तथा उसके आधार पर अधिकाधिक किसानों से भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप खरीद हो सके इसके लिए व्यवस्थाओं को दुरस्त किया जा रहा है।