Thursday, July 9, 2026
Home Blog Page 5666

बैंक अकाउंट से इन ऑनलाइन पेमेंट एप्स को न करें लिंक

0

नई दिल्ली । नोटबंदी के बाद से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। यूजर्स नकद के बजाय ऑनलाइन भुगतान करना सही समझते हैं। ऑनलाइन भुगतान के लिए गूगल प्ले स्टोर पर कई एप्स पहले से ही मौजूद थी। वहीं, नोटबंदी के बाद भी कई एप्स को पेश किया गया जिससे ऑनलाइन लेन-देन को काफी आसान बना दिया है इनमें भीम एप भी शामिल है।

क्या आप जानते हैं कि गूगल प्ले स्टोर पर कई फेक एप्स भी मौजूद हैं? इनमें कई ऑनलाइन भुगतान एप्स भी शामिल हैं। इस तरह की एप्स पर कभी भी आपको अपने कार्ड या अकाउंट डिटेल्स सेव नहीं करनी चाहिए। ऐसे में इन्हें डाउनलोड करने से पहले यूजर्स को सतर्क रहने की जरुरत है। फेक और रियल एप्प में फर्क करना बहुत जरूरी है।

यूजर्स को सतर्क रहने की जरुरत:
किसी भी एंड्रायड एप से ट्रांजैक्शन करने के बाद बैंक की डिटेल जरूर चेक करें क्योंकि कई बार हैकर्स सभी अकाउंट से छोटा-छोटा अमाउंट हैक करते हैं। इसका पता यूजर्स को आसानी से नहीं लग पाता है।

कभी-कभी यूजर्स को ऑनलाइन भुगतान एप पर अपनी अकाउंट या कार्ड डिटेल सेव नहीं करनी चाहिए। क्योंकि अगर वो फेक एप है तो आपकी जानकारी चोरी हो सकती है। एप डाउनलोड करने से पहले उसे अच्छे से जांच लें कि वो फेक है या रियल।

ऑनलाइन पेमेंट के लिए इन एप्स को कर सकते हैं डाउनलोड:
1. MobiKwik
यूजर इस एप में क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड के जरिए पैसे जमा कर सकते हैं। साथ ही इससे मोबाइल रिचार्ज, शॉपिंग आदि भी की जा सकती है।
2. PayTM
ये एप 2014 में शुरु की गई थी। ये इस समय का सबसे बड़ा मोबाइल पेमेंट प्लेटफॉर्म है। इससे यूजर्स तेज और आसानी से पेमेंट कर सकते हैं। इसके वॉलेट में आप अपने कार्ड या अकाउंट से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
3. Freecharge
ये ई-पेमेंट सर्विस है। इससे मोबाइल फोन, डीटीएच, डाटा कार्ड आदि रिचार्ज कराए जा सकते हैं। इसका हेडक्वाटर मुंबई में है।
4. Momoe
इसका हेडक्वाटर बेंगलुरु में है। इससे यूजर्स ऑनलाइन पेमेंट बड़ी आसानी से कर सकते हैं। ये सर्विस पहले रेस्टोरेंट में पेमेंट देने के लिए शुरु की गई थी।

नए सॉफ्टवेयर के खिलाफ आयकर यूनियनों ने हड़ताल की चेतावनी दी

0

मुंबई। आयकर विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की यूनियनों ने एक अक्तूबर से नये उन्नत साफ्टवेयर पैकेज.. आईटी बिजनेस एप्लीकेशन (आईटीबीए)  को लागू करने के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। यूनियनों ने विभाग से इसे कम-से-कम तीन महीने के लिए टालने को कहा है।

उन्होंने अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए 31 अक्तूबर की समय सीमा तय की है। उनकी मांगों में नये सॉफ्टवेयर को एक जनवरी तक लाने की बात शामिल है ताकि उन्हें नई प्रणाली को सीखने का समय मिल सके। साथ ही उनकी मांग है कि ठेका के आधार पर तकनीकी विशेषग्यों की सेवा लेने पर रोक लगे।

आयकर विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सात बड़े महानगरों में मौजूदा एएसटी सॉफ्टवेयर के स्थान पर आईटीबीए प्रणाली को लाया है। विभाग का मानना है कि नया आईटीबीए प्रणाली ई.मेल आधारित जांच मामलों को छोड़कर सभी लंबित मामलों को निपटाने में तेजी लायेगी।

हड़ताल का आवान आईटी कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ ने किया है। लेकिन उन्होंने हड़ताल की तिथि अभी तक तय नहीं की है। देशव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला इन संगठनों की सीबीडीटी के अध्यक्ष सुशील चन्द्र के साथ बेनतीजा बैठक के बाद लिया गया।

त्योहारी मांग से सोना -चांदी की चमक बढ़ी

नई दिल्ली । इस हफ्ते भारत में सोने और चांदी की मांग में दिवाली और धनतेरस के चलते तेजी देखने को मिली है। लेकिन ऊंची कीमतों के कारण इस त्यौहारी सीजन में इसकी बिक्री में कमी देखने को मिली है। 

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता देश है। आमतौर पर देशभर में दिवाली और शादी के सीजन में बढ़ती मांग के वजह से सोने की बिक्री में तेजी देखने को मिलती है।

ऑल इंडियन गेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फाउंडेशन के चेयरमैन नितिन खंडेलवाल का कहना है कि दशहरे के दौरान सोने की बिक्री में भारी गिरावट देखने को मिली है, लेकिन पिछले दो हफ्तो में मांग में सुधार आया है। बावजूद इसके बीते वर्ष की तुलना में मांग में 15 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है।

कुछ जगहों पर मांग सामान्य से 30 फीसद कम रही है, जबकि कुछ में बीते वर्ष की तुलना में बेहतर रही है। व्यापक तौर पर देखा जाए तो देशभर में 15 फीसद कम मांग रही है। इस वर्ष भारत में सोने की कीमतों में आठ फीसद तक की तेजी देखने को मिली है।

जुलाई महीने में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था के लागू होने से सूक्ष्म और मध्यम उद्योग व ग्राहकों पर नकारात्मक प्रभाव देखने क मिला है। इस व्यवस्था ने देश के 29 राज्यों के लिए एक कर की सुविधा दी है। अन्य एशियाई देशों में फिजिकल गोल्ड में अच्छी मांग दर्ज की गई है।

अब ऐप्स में कमी ढूंढने पर गूगल देगा इनाम

0

सैन फ्रांसिस्को। गूगल ने सिक्यॉरिटी एक्स्पर्ट्स के लिए नया चैलेंज पेश किया है। कम्पनी का कहना है कि अगर सिक्यॉरिटी एक्सपर्ट ऐंड्रॉयड ऐप्स में कोई कमी ढूंढ निकालते हैं तो उन्हें कम से कम 1000 यूएस डॉलर (करीब 65 हजार रु) का ईनाम दिया जाएगा। गूगल की पैरंट कम्पनी ऐल्फाबेट गूगल प्ले स्टोर से सभी बग्स खत्म करना चाहती है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

गूगल ने गुरुवार को इस प्रोग्राम का ऐलान किया। सुरक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि गूगल प्ले स्टोर में ऐपल ऐप स्टोर के मुकाबले कहीं ज्यादा मैलवेयर और दूसरी दिक्कतें मौजूद हैं। गूगल ने इन्हीं मैलवेयर और बग्स से प्ले स्टोर को फ्री करने के लिए यह कदम उठाया है।

इसके लिए गूगल ने हैकरवन नाम की प्रोग्राम मैनेजमेंट वेबसाइट से हाथ मिलाया है जो मिलकर ऐसे ऐप्स और कमियों की लिस्ट बनाएंगे जिनकी वजह से एक हैकर किसी यूजर को फिशिंग वेबसाइट की तरफ भेज देता है या जो किसी गैजट में वायरस पहुंचाते है।

गूगल प्ले ऐप्स ऐंड गेम्स के प्रॉडक्ट मैनेजमेंट डायरेक्टर विनीत बुच ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘किसी इंसान की एक क्रिएटिव हैक पकड़ने की क्षमता की बराबरी कोई सॉफ्टवेयर स्कैन नहीं कर सकता।’ गूगल प्ले सिक्यॉरिटी रिवॉर्ड प्रोग्राम दूसरी कम्पनियों द्वारा तैयार किए गए सॉफ्टवेयरों में रिसर्च को स्पॉन्सर करता है।

माइक्रोसॉफ्ट, ऐपल और ऐल्फाबेट अकसर अपने सॉफ्टवेयर में कमियां ढूंढने वालों को इनाम देती हैं। बुच ने कहा, ‘हमें अफने ऐप्स से ज्यादा फिक्र पूरे ईकोसिस्टम में होने वाली खराबियों की रहती है। यह वैसा ही है कि आपने किसी खोए हुए इंसान के सिर पर ईनाम रखा हो। एक ऐसा इंसान जिसे आप जानते भी नहीं।’

गूगल ने यह नहीं बताया कि उसे इसके लिए पैसा कहां से मिलेगा, लेकिन यह ज़रूर करा कि यह छोटी रकम से शुरू होगा। ऐंड्रॉयड के लिए गूगल का बग बाउंटी प्रोग्राम जून 2015 में शुरू हुआ था। पहले दो सलों में करोड़ों कमियां खोजे जाने पर गूगल करीब 15 लाख डॉलर इनाम में दे चुका है।

लंबी दूरी की 500 ट्रेनें अगले महीने से चलेंगी “तेज”

0

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे जल्द ही लंबी दूरी की करीब 500 ट्रेनों के यात्रा के समय में दो घंटे तक की कटौती करने जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे के नवंबर के टाइमटेबल में नया समय अपडेट कर दिया जाएगा। इस महीने रेलवे मंत्री पीयूष गोयल से मिले निर्देशों के मुताबिक ऐसा किया जा रहा है।

‘इनेवेटिव टाइमटेलिंग’ प्रयास के तहत ट्रेनों के यात्रा के समय को 15 मिनट से लेकर 2 घंटे तक घटाया जा रहा है। नया टाइमटेबल हर रेलवे डिविजन को मेनटेनेंस के लिए भी 2 से 4 घंटे तक का समय मुहैया कराएगा।

अधिकारी के मुताबिक लंबी दूरी की ऐसी ट्रेनें जो अपने गंतव्य तक पहुंचने के बाद लौटने का इंतजार करती हैं, उनका उस अवधि में भी इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक नए टाइमटेबल में करीब 50 ट्रेनों को ऐसे ही चलाया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि 51 ट्रेनों के यात्रा के समय में तुरंत एक से 3 घंटे तक की कमी आएगी। आगे चलकर ऐसा करीब 500 ट्रेनों के साथ होगा। रेलवे ने इंटरनल ऑडिट भी शुरू किया है। इसके जरिए 50 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपर-फास्ट सर्विस में अपग्रेड किया जाएगा।

अधिकारी के मुताबिक देश में ट्रेनों की औसत गति को बढ़ाने के लिए की जा रही कवायदों का यह भी एक हिस्सा है। भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेन अपने समय से 95 मिनट पहले पहुंचेगी। इसी तरह 2330 किमी दूरी तय करने वाली गुवाहाटी-इंदौर स्पेशल नए टाइमटेबल में 115 मिनट कम समय लगाएगी।

गाजीपुर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस 1929 किमी की अपनी यात्रा को 95 मिनट पहले पुरा कर लेगी।रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के हाल्ट टाइम में भी कमी करेगी। इसके अलावा ऐसे स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बंद होगा जहां यात्रियों की संख्या कम है।इसके अलावा रेलवे ट्रैक और इन्फ्रास्ट्रक्टचर को अपग्रेड करने अलावा ऑटोमैटिक सिग्नलिंग पर भी काम होगा।

इसका भी ट्रेनों के समय पर असर पड़ेगा। अधिक सुरक्षित लिंक-हॉफमैन-बुश कोचों के लगाने से भी ट्रेनों की गति तेज होगी। यह खास कोच ट्रेनों को 130 किमी प्रति घंटे तक की स्पीड के लिए बेहतर है। रेलवे पर्मानेंट स्पीड रिस्ट्रिक्शन का रीव्यू भी कर रही है।

प्रियंका चोपड़ा फिर से नए लुक में नजर आई

मुंबई। प्रियंका चोपड़ा वैसे तो अक्सर अलग-अलग अंदाज़ में नज़र आती रहती हैं, मगर इन दिनों वो एक से बढ़कर एक रूप में सिज़ल कर रही हैं। प्रियंका का बिल्कुल नया लुक एक नए फोटोशूट में सामने आया है। 

ये फोटोशूट प्रियंका ने कॉस्मोपॉलिटन मैग़ज़ीन के अक्टूबर इशू के लिए किया है। कवर पेज पर भी प्रियंका दिखायी दे रही हैं। प्रियंका की टीम की तरफ़ से सोशल मीडिया में जो तस्वीरें पोस्ट की गयी हैं, उनमें प्रियंका कमाल लग रही हैं। इन सिज़लिंग तस्वीरों के बीच प्रियंका से जुड़ी एक और  ज़रूरी ख़बर आ रही है। 

प्रियंका ने आगे कहा कि ऐसे लोगों की वजह से कई लड़कियों के सपने बिखर जाते हैं।

किसी भी महिला से सबसे आसान चीज़ उसका काम छीनना है। महिलाएं अगर दयालु होती हैं तो उनके जैसी ताकत भी किसी में नहीं होती।

प्रियंका ने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि किसी को ये मत बताने दो कि कैसे कपड़े पहनने चाहिए। 

बताते चलें कि प्रियंका ने इसी साल बेवॉच से हॉलीवुड में डेब्यू किया था और अब वो अ किड लाइक जेक और इज़ इंट इट रोमांटिक की शूटिंग कर रही हैं। 

सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद दिल्ली में जमकर हुई आतिशबाजी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में दिवाली के मौके पर सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की धज्जियां उड़ाई गईं। दिल्ली में जमकर पटाखे फोड़े गए. राजधानी में जमकर हुई आतिशबाजी से धुएं के गुब्बार और धुंध में एक बार फिर दिल्ली सिमट गई है। प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद दिल्ली में कई जगहों पर जमकर आतिशबाजी हुई और वो तमाम पटाखे भरपूर दागें गए जो शहर की फिजाओं में बारूदी जहर घोल रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट के पटाखों पर बैन के बावजूद प्रदूषण का स्तर कम होता दिखाई नहीं दे रहा है. दिवाली की रात के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से 12 गुना तक ज्यादा हो चुका है। दक्षिणी दिल्ली के आरके पुरम जैसे पॉश इलाके में प्रदूषण का स्तर पीएम 2.5 में लगभग 12 गुना तक गिरावट दर्ज की गई है।

आरके पुरम के अलावा आनंद विहार, शाहदरा, वजीरपुर, अशोक विहार और श्रीनिवासपुरी जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना ज्यादा पहुंच गया है, ये आंकड़े रात करीब 10:00 बजे तक के हैं। जानकारों की मानें तो यह आंकड़ा सुबह तक कहीं और ज्यादा खतरनाक स्तर तक पहुंच सकते हैं। 

वित्त वर्ष 2018 के लिए पीएफ के ब्याज दर पर फैसला नवंबर में

नई दिल्ली। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए पांच करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) पर देय ब्याज का फैसला अगले महीने हो सकता है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) इस पर फैसला करेगा। ट्रस्टी बोर्ड के प्रमुख श्रम मंत्री संतोष गंगवार हैं।

सूत्रों के अनुसार ट्रस्टी बोर्ड की नवंबर में होने वाली बैठक में चालू वित्त वर्ष 2017-18 की ब्याज दर का प्रस्ताव रखा जा सकता है।

पिछले साल दिसंबर में सीबीटी ने बीते वित्त वर्ष 2015-16 के लिए 8.65 फीसद ब्याज दर तय की थी। यह ब्याज दर उससे पिछले वर्ष के ब्याज 8.8 फीसद से कम की गई थी।

तय व्यवस्था के अनुसार ब्याज दर के बारे में पहले सीबीटी ईपीएफओ की आय का आंकलन करके निर्णय करता है। इसके बाद वित्त मंत्रालय ईपीएफओ की वित्तीय स्थिति पर गौर करके ब्याज दर को अंतिम मंजूरी देता है।

मंत्रालय इस पर खास ध्यान देता है कि ईपीएफओ ब्याज देने की स्थिति में है या नहीं। वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद ईपीएफओ के सदस्यों के खाते में ब्याज का भुगतान कर दिया जाता है।

वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2015-16 के लिए ब्याज दर घटाकर 8.7 फीसद कर दिया था। जबकि सीबीटी ने 8.8 फीसद ब्याज देने का फैसला किया था।

वित्त मंत्रालय के इस फैसले के बाद श्रम संगठनों ने खासी नाराजगी जताई। इसके बाद सरकार को 8.8 फीसद ब्याज देने का निर्णय करना पड़ा।

दरअसल वित्त मंत्रालय ईपीएफओ से आग्रह कर रहा है कि वह पीपीएफ जैसी सरकारी बचत योजनाओं पर ब्याज घटने के अनुरूप वह भी पीएफ पर ब्याज में कटौती करे।

आमतौर पर वित्त मंत्रालय सीबीटी के फैसले के बाद ब्याज दर को मंजूरी दे देता है, क्योंकि ईपीएफओ स्वायत्त संगठन और वह अपनी आय से ब्याज का भुगतान करता है।

मुहुर्त ट्रेडिंग:गिरावट साथ बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी

मुंबई। स्टॉक मार्केट में संवत 2074 की गिरावट के साथ शुरुआत हुई है। लगातार दूसरे दिन मार्केट में गिरावट का दौर जारी रहा। कारोबारी हफ्ते की तेज शुरुआत करने के बाद बुधवार को घरेलू बाजार की रफ्तार थम गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए।

बुधवार को सेंसेक्स जहां 100 अंक लुढ़का। वहीं, निफ्टी 10200 के स्तर पर खुला। एशियाई बाजारों का मिलाजुला कारोबार बुधवार को घरेलू शेयर बाजार को रफ्तार नहीं दे सका।

बुधवार को निफ्टी जहां 24 अंकों की गिरावट के साथ 10210 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 25 अंकों की गिरावट के साथ 32584 के स्तर पर बंद हुआ। सरकारी बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली के दबाव में मार्केट गिरावट के साथ बंद हुआ।

वहीं प्राइवेट सेक्टर के बैंकों का कारोबार भी दबाव में रहा। एक्स‍िस बैंक के शेयर बुधवार को बाजार बंद होने तक 10 फीसदी तक टूटे। बैंक का स्टॉक 4.52 फीसदी गिरकर 490 रुपये पर खुला।