Thursday, July 16, 2026
Home Blog Page 5528

ट्रैफिक पुलिस में घूसखोरी के खेल का ऑडियो वायरल

कोटा। शहर के आम नागरिक ट्रैफिक पुलिस पर वसूली करने जैसे आरोप हमेशा से लगाते आए हैं, लेकिन अब ट्रैफिक पुलिस के एक कांस्टेबल ने खुद डिपार्टमेंट पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इसका ऑडियो वायरल हो गया है, जिसमें कांस्टेबल घनश्याम टटवाड़िया अपने सीनियर हैड कांस्टेबल राधेश्याम पर नो एंट्री में घुसे एक वाहन को छोड़ने के एवज में रिश्वत के 500 रुपए लेने का आरोप लगा रहे हैं। 

ऑडियो वायरल होने के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारी भी सकते में हैं। ऑडियो ज्यादा बड़ा नहीं है, लेकिन उसमें जो बातें बोली गई हैं, वो बड़ी हैं। यही वजह है कि ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों में पिछले दो दिनों से यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

वायरल ऑडियो की बातचीत
मैं कोटा ट्रैफिक पुलिस का.. मेरा मिलने वाला था इंदौर का… ट्रक लेकर आया था कान्हा गार्डन के पास में। रामस्वरूप हैड साहेब की ड्यूटी लग रही थी। मेरी फोन पर बात भी हुई थी उससे। मैंने कहा आप इसको डायवर्ट कर दो और समझा दो। बोला था उसको पैसे मत लेना मेरे मिलने वाले हैं।

उसने 700 रुपए मांगे थे.. उसने बोला कि तू टटवाड़िया का मिलने वाला है तो 500 रुपए दे दे। 500 रुपए ले लिए मना करने के बावजूद। यह बड़े शर्म की बात है… ट्रैफिक में होते हुए भी ट्रैफिक वालाें की बात नहीं मानता। बैच का आदमी है… मना करने के बाद भी 500 रुपए ले लिए भैया…

क्या किया जाए कोटा पुलिस का? बड़े शर्मनाक की बातें हैं भैय्या… चलो कोई बात नहीं बाय..बाय… लेकिन गलत बात है ये.. पैसे नहीं लेने चाहिए फोन पर बात होने के बाद, मना करने के बाद … यह है भैय्या कोटा सिटी का हाल… ट्रैफिक पुलिस का….। (जैसा सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में है।)

दोनों पर होगी कार्रवाई
ऑडियो वायरल होने के बाद  ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों से बातचीत करके जानने की कोशिश की कि आखिर विभाग में चल क्या रहा है? सभी सिर्फ एक ही बात बोले- छोटों से लेकर बड़ों तक सभी एक दूसरे के विषय में सब कुछ जानते हैं, लेकिन कोई किसी के खिलाफ कुछ बोलता नहीं।

ऐसा करना भले ही सत्य का साथ देना हो, लेकिन यह पुलिस विभाग के अनुशासनात्मक सिद्धांतों के सख्त खिलाफ है।’ इधर, अधिकारियों का कहना है कि ऑडियो में लगाए आरोप अगर सत्य पाए गए तो दोनों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

हैडकांस्टेबल बोला-चालान काटा था
हैड कांस्टेबल रामस्वरूप का कहना है कि सभी आरोप झूठे हैं। नो एंट्री में गाड़ी आई थी तो मैंने नियमानुसार चालान काट दिया था। चालान 500 रुपए का काटा गया था। मैने इस संबंध में टटवाड़िया की शिकायत उच्च अधिकारियों को की है। इधर, जब इस संबंध में कांस्टेबल घनश्याम टटवाड़िया से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

ऑडियो की जांच करेंगे : डीएसपी
यह ऑडियो मेरी जानकारी में नहीं है। टीआई से शिकायत की गई होगी। ऑडियो की जांच करवाई जाएगी, अगर पैसे लेने वाली बात सत्य है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। ऑडियो डालना भी अनुशासन के खिलाफ है। पहले जांच की जाएगी और उसके बाद निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। – श्योराजमल मीणा, डीएसपी ट्रैफिक

मोदी की बुक “एग्जाम वॉरियर्स” लॉन्च

सुषमा ने जैसे ही कहा- बच्चों ‘चुनाव’ से डरो मत…सब ठहाके लगाने लगे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ के लॉन्चिंग के दौरान सुषमा स्वराज ने बच्चों को एग्जाम में स्ट्रेस से बचने के लिए ‘चुनाव’ का उदाहरण दिया। किताब की टिप्स का जिक्र करते वक्त वे गलती से ‘एग्जाम से डरो नहीं’ कि जगह ‘चुनाव से डरो नहीं’ कह गईं।

इसके बाद प्रोग्राम में जमकर ठहाके लगे। बता दें कि प्रधानमंत्री ने इस किताब में बच्चों को एग्जाम स्ट्रेस से निपटने और अच्छा परफॉर्म करने के टिप्स दिए हैं। देश में हर साल परीक्षाओं से तनाव में आए कई स्टूडेंट सुसाइड कर लेते हैं मोदी ‘मन की बात’ में भी इस पर चिंता जता चुके हैं।

सुषमा ने आखिर क्या कहा था?
इस प्रोग्राम में सुषमा स्वराज बच्चों को किताब की टिप्स पढ़कर सुना रही थीं। इस दौरान उन्होंने एक वाक्या भी सुनाया और बताया – “मैं ही कई बार बच्चों को कह देती थी कि एग्जाम से डरो नहीं। भगवान को प्रणाम करो और जाओ। मुझे जवाब मिलता था अगर भगवान को एग्जाम देना पड़े तो वो भी डरने लगें।

एग्जाम ऐसी चीज है। लेकिन आज यहां खड़ा होकर भगवान नहीं एक इंसान, वो भी साधारण नहीं इस देश का पीएम कह रहा है…चुनाव से ( गलती से एग्जाम की जगह चुनाव कह देती हैं) … तभी हॉल में ठहाके लगने लगते हैं।

फिर वे (सुषमा) समझाने लगती हैं कि हम खुद कहते हैं कि चुनाव से डरो मत। प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि मैं चुनाव से नहीं डरता। वो यही कह रहे हैं कि मैं चुनाव से नहीं डरता। तुम परीक्षा से नहीं डरो। हमें ये परीक्षा हर पांच वर्ष बाद देनी पड़ती है। लोकसभा पहले भंग हो जाए तो और पहले परीक्षा देनी पड़ती है।

बोर्ड एग्जाम में स्टूडेंट्स को मिलेगी मदद
किताब में 10th और 12th के बोर्ड एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की परेशानियों पर फोकस किया गया है। पीएम ने इसमें बताया है कि नॉलेज हमेशा एग्जाम मार्क्स से ज्यादा अहम होती है।

पीएम मोदी ने किताब को सीधे संवाद/बात करने के अंदाज में लिखा है। इसमें कई उदाहरण दिए गए हैं। साथ ही स्टूडेंट्स को योगा और फिजिकल एक्टिविटीज की जरूरत भी समझाई गई है।

पेंग्विन ने पब्लिश की है बुक
208 पेज वाली किताब को पेंग्विन पब्लिशिंग हाउस ने छापा है। इसकी कीमत 100 रुपए रखी गई है।

मन की बात में भी कर चुके हैं स्टूडेंट्स की बात
बता दें कि पीएम पहले भी मन की बात प्रोग्राम में बोर्ड एग्जाम की तैयारी करने वाले बच्चों को दबाव न लेने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि बच्चे प्रेशर नहीं बल्कि प्लेजर से पढ़ें। उन्होंने सचिन तेंदुलकर और अब्दुल कलाम का उदाहरण देकर बच्चों को हमेशा डटे रहने की सलाह दी थी।

5 मार्च से 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्जाम्स
– बोर्ड एग्जाम्स के लिए सीबीएसई पहले ही 5 मार्च का एलान कर चुका है। 7 साल के लंबे गैप के बाद बोर्ड ने एक बार फिर 10वीं के एग्जाम्स को कंपल्सरी कर दिया है।

लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन और धान 50 रुपये प्रति क्विंटल मंदा

कोटा। भामाशाह कृषि उपज मंडी में शनिवार को माल की कुल आवक 35000 हजार बोरी और लहसुन की आवक 2000 हजार कट्टे की रही। लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन और धान 50-50 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। उड़द 50चना 50 तेज रहा। 

गेहूं मिल 1500 से 1545 लोकवान 1570 से 1600 पीडी 1600 से 1620 टुकडी 1600 से 1650 रुपये प्रति क्विंटल रहे। धान सुगंधा 2600 से 2900 पूसा-1 2500 से 2825 पूसा-4 (1121) 2500 से 3425 धान (1509) 2000 से 3150 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2400 से 3560 सरसो 3200 से 3650 तिल्ली 6000 से 8000 मैथी 2000 से 2900 धनिया बादामी 3800 से 4500 ईगल 4000 से 4600 रंगदार 5000 से 5500 धनिया नया 3000 से 6100 मूंग 3300 से 4300 उडद 2400 से 3900 चना 3000 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 3400 से 3800 चना मौसमी 3000 से 3800 मसूर 3000 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। ग्वार 3000से 4050 मक्का नई 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे।  लहसुन 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल। 

छोटे उद्योगों की हर चाल पर नजर रखेगा क्रिसिडेक्स

नई दिल्ली। देश में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र की हलचल पर नजर रखने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को क्रिसिडेक्स (CriSidEx) की शुरुआत की। यह एक सूचकांक होगा जो आठ पैमानों पर एमएसएमई में तेजी या गिरावट को बताएगा।

जेटली ने यहां एमएसएमई के लिए अपनी तरह के पहले ‘धारणा सूचकांक क्रिसिडएक्स की शुरुआत के मौके पर एमएसएमई को अर्थव्यवस्था की रीढ़ करार देते हुए कहा कि यह क्षेत्र अर्थव्यवस्था में मजबूती के मौजूदा दौर की अगुवाई करेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा जहां तक अर्थव्यवस्था का सवाल है तो बीते दो साल में बहुत बड़े ढांचागत सुधारों से गुजरने के बाद अब यह भी सुदृढ़ीकरण के चरण में है। सुदृढ़ीकरण के इस चरण की अगुवाई भी एमएसएमई क्षेत्र करेगा।

ऐसे काम करेगा क्रिसिडेक्स
क्रिसिडेक्स को क्रिसिल और सिडबी ने मिलकर तैयार किया है। यह आठ मानकों पर एमएसएमई की कारोबारी धारणा का आकलन करेगा। इसमें शून्य से 200 अंकों के आधार पर मापा जाएगा। इस अवसर पर जेटली ने क्रिसिडेक्स की पहली रिपोर्ट भी जारी की।

रिपोर्ट के मुताबिक अक्तूबर-दिसंबर में क्रिसिडेक्स सूचकांक 107 रहा है जो एमएसएमई क्षेत्र में हल्की सुधार का संकेत है। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें जनवरी-मार्च तिमाही के अग्रिम अनुमान का संकेत भी लिया गया है। पहली रिपोर्ट में 1,100 एमएसएमई को शामिल किया गया है जिसमें 550 मैन्यूफैक्चरिंग और 550 सेवा क्षेत्र की हैं।

रोजगार देने में छोटे उद्योग आगे
वित्त मंत्री ने कहा कि एमएसएमई सबसे बड़े नियोक्ता क्षेत्रों में से एक है। यह ऐसा क्षेत्र है जहां लोग अपने उद्यमिता कौशल का ही प्रदर्शन नहीं करते बल्कि इस प्रक्रिया में रोजगार प्रदाता भी बन जाते हैं। जेटली ने कहा कि इस क्षेत्र की स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और उठाए गए अनेक कदमों के मद्देनजर इस क्षेत्र का औपचारिक अर्थव्यवस्था में एकीकरण तेज हुआ है।

औद्योगिक मांग सुस्त रहने से चांदी 500 रुपये सस्ती, सोना स्थिर

नई दिल्ली/कोटा। वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत और औद्योगिक मांग सुस्त रहने से स्थानीय सर्राफा बाजार में शनिवार को चांदी 500 रुपये टूटकर 39,800 रुपये प्रति किलो रह गई। हालांकि इस दौरान सोने का भाव 31,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा।

सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता का भाव क्रमश: 31,250 रुपये और 31,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। गिन्नी 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर पूर्ववत रही। दिल्ली में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सीलिंग के खिलाफ शुक्रवार को व्यापारियों ने बंद का आयोजन किया था।

सर्राफा बाजार भी शुक्रवार को बंद रहे, हालांकि शनिवार को इनमें कारोबार हुआ। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशों में नरमी के रुख के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग कमजोर रहना चांदी के भाव में गिरावट की मुख्य वजह रही है।

राष्ट्रीय राजधानी में चांदी तैयार 500 रुपये गिरकर 39,800 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। जबकि साप्ताहिक चांदी डिलीवरी आधारित भाव 835 रुपये गिरकर 38,605 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। चांदी सिक्का हालांकि, इस दौरान लिवाली 74,000 रुपये और बिकवाली 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर यथावत रहा।

वैश्विक बाजारों में न्यूयार्क में चांदी 3.63 प्रतिशत गिरकर 16.58 डालर प्रति औंस और सोने का भाव 1.22 प्रतिशत गिरकर 1,331.90 डालर प्रति औंस रह गया।

कोटा सर्राफा
चांदी 39500 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 31150 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 36330 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 31300 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 36510 रुपये प्रति तोला। 

गौ रक्षा के लिए गौ सेवक करेंगे उग्र आंदोलन

कोटा। राजस्थान गौ ग्राम सेवा संघ के नव नियुक्त प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष खेमराज यादव ने गौ वंश के कल्याण के लिए जारी घोषणाओं पर सरकार की प्रतिबद्धता नहीं होने पर सदस्यों ने आक्रोष व्यक्त किया है।

उन्होंने मंत्री मंडलीय उप समिति को चेतावनी दी है कि शीघ्र ही बजट सत्र से पूर्व आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जयपुर में प्रदेश अध्यक्ष महंत दिनेश गिरी की अगुवाई में गत चार वर्षों में राज्य सरकार द्वारा गौ सेवा संबंधी कोई कार्य नहीं किए जाने पर काफी खरी खोटी सुनाई गई। 

गौ वंश के लिए 9 माह की सहायता राशि के बिना समिति ने समझौते से इंकार कर दिया। बैठक में उप समिति अध्यक्ष गुलाब चंद कटारिया ने सभी मांगों से सहमत होत हुए कहा कि हम मजबूर हैं, चाहते हुए भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं । समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार बताए कि 4 वर्षों तक गौ वंश और गौ शालाओं को मदद क्यों नहीं दी गई।

उन्होंने सवाल किया कि गौ तस्कारी रोकने पर क्यो लॉलीपाप देते रहे। खेमराज यादव ने कहा कि बजट सत्र तक कोई घोषणा नहीं होने पर प्रदेश में राज्य सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक में इस मंत्री समूह के कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रभु लाल सैनी, राजस्व मंत्री अमराराम, गौ पालन मंत्री अजय सिंह किलक, पंचायत राज मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़, देवस्थान विभाग के मंत्री राज कुमार रिणवा, ओटाराम देवासी आदि मौजूद थे।

गोबरियां बावड़ी एवं औद्योगिक क्षेत्र में चला स्वच्छता एवं जनजागृति अभियान

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ एवं नगर निगम की ओर से चलाये जा रहे स्वच्छता महा अभियान के तहत शनिवार को दी एसएसआई एसोसियेशन एवं गोबरियां बावड़ी व्यापार संघ के संयुक्त तत्वाधान में औद्योगिक एवं गोबरियां बावड़ी क्षेत्र में यह अभियान चलाया गया।

अभियान के तहत दी एसएसआई एसोसियेशन द्वारा आयोजित बैठक में नगर निगम के महापौर महेश विजय ने कहा कि गोबरियां बावड़ी चौराहा नये कोटा औद्योगिक क्षेत्र एवं ग्रेन मण्डी से जुड़ा हुआ प्रमुख बाजार है। नगर निगम इस क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए भरपूर प्रयास कर रहा है।

साथ ही इस क्षेत्र से गुजर रहे नालों में गंदगी को रोकने और इनके ढकान एवं सफाई के लिए निगम कटिबद्ध है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने में यहां के दुकानदार और उद्यमी अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

बैठक में उपमहापौर सुनीता व्यास ने कहा हमारा मुख्य उद्देश्य बाहरी क्षेत्रों फैली हुई गन्दगी से मुक्ति दिलाना है,  जिसके तहत अनन्तपुरा एवं औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छता की गई और आज गोबरियां बावड़ी क्षेत्र को भी पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाया गया है। अब यहां के निवासियों एवं व्यापारियों की यह जिम्मेदारी बनती है कि इसे व्यवस्थित बनाये रखे।

इस अवसर पर रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक पी.आर.मीणा एवं क्षेत्रीय प्रबंधक वीरेंद्र विजय ने कहा कि स्वच्छता महाअभियान के तहत कल रीको औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाये गये एवं व्यापार महासंघ और नगर निगम के साथ मिलकर यहां से करीब दस डम्पर कचरा हटवाया गया।

रीको की स्वच्छता का पूरा ध्यान रखते हुए अब हम इस क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं होने देंगे और इस क्षेत्र को हरा भरा रखने का भी प्रयास करेंगे। इस अवसर पर एसोसियेशन के अध्यक्ष प्रेम भाटिया एवं सचिव राजकुमार जैन ने बताया कि गोबरियां बावड़ी चौराहे पर जो क्रेनें खड़ी होती थी, वह पूरी तरह से हटा दी गई है। साथ ही उद्यमी एवं रीको के साथ मिलकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त एवं स्वच्छता प्रदान करने के लिए प्रयास रखे।

इस अवसर पर हाड़ौती कोटा स्टोन इण्डस्ट्रीज एसोसियेशन के संस्थापक अध्यक्ष राजेश गुप्ता लघु उद्योग भारती के प्रान्तीय सचिव राजेन्द्र जैन ने बताया कि हाड़ौती कोटा स्टोन इण्डस्ट्रीज एसोसियेशन द्वारा रोड़ नं.-6 से भी जेसीबी से करीब 15 डम्पर कचरा उठवाया गया है।

रिया सेन का हॉट अंदाज फोटो में देखिए

रिया सेन कभी भी बोल्ड होने से नहीं कतराती हैं। अपने ग्लैमरस लुक की वजह से वह अक्सर चर्चा में रहती हैं।बंगाली बाला रिया सेन अपने हॉट अवतार के कारण अक्सर ही खबरों में रहती हैं। इंस्टाग्राम पर भी रिया अपनी हॉट तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। 16 की उम्र में फाल्गुनी पाठक के एक अल्बम से मॉडल के रूप में पहचान बनाई।

गोआ के बीच पर कुछ यूं योगा के पोज देतीं नजर आईं रिया।

एक ऐक्टिविस्ट के तौर पर एड्स अवेयरनेस म्यूजिक विडियो में भी रिया ने काम किया था। 1991 में रिया चाइल्ड ऐक्टर के तौर पर फिल्म ‘विषकन्या’ में दिखाई दी थीं। बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल न करने के बावजूद रिया की फिल्मों एक खास दर्शक वर्ग मिला। पेईंग गेस्ट’, ‘स्टाइल’, ‘शादी नंबर 1’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं रिया।

आईटी सिस्टम दुरुस्त होने के बाद लागू होगा ई-वे बिल :अधिया

0

नई दिल्ली। सरकार आईटी सिस्टम दुरुस्त होने के बाद ही ई-वे बिल सिस्टम को लागू करने की डेट फाइनल करेगी। दरअसल ई-वे बिल सिस्टम लागू होने के पहले ही दिन यानी 1 फरवरी को पटरी से उतर गया और सरकार को इसे टालना पड़ा।

ई-वे बिल की वेबसाइट और सर्वर लाखों की संख्या में बिल जनरेट करने का लोड नहीं सह पाई, जिस कारण सरकार को इसे टालने के लिए मजबूर होना पड़ा। मंत्रालय ने जीएसटीएन से ई-वे बिल के आईटी सिस्टम को लेकर रिपोर्ट मांगी है।

फाइनैंस सेक्रटरी हंसमुख अधिया ने कहा है कि अब सरकार आईटी सिस्टम दुरुस्त होने के बाद ही ई-वे बिल लागू करने की डेट फाइनल करेगी। जीएसटी टैक्स सिस्टम का ई-वे बिल 1 फरवरी से लागू हुआ था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण परमिट जरनेट नहीं हो रहे थे। इस कारण ई-वे बिल को टालना पड़ा। अधिया ने कहा कि उन्होंने जीएसटीएन चेयरमैन ए बी पांडेय को यह असेसमेंट करने के लिए कहा है कि ई-वे बिल जनरेट करने में प्रॉब्लम क्यों आई और उसे ठीक करने में कितना समय लगेगा।

ई-वे बिल का पोर्टल नैशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) ने बनाया है और इसे लागू करने का काम जीएसटीएन देखेगा। अधिया ने कहा कि टैक्स चोरी रोकने के लिेए ई-वे बिल एक बड़ा रोल अदा करेगा। ऐसे में सरकार इसे वापस नहीं लेगी। ई-वे बिल फिर से लागू किया जाएगा, जब इसका सिस्टम तैयार हो जाएगा।

अधिया ने कहा कि सिस्टम इतना लोड लेने के लिए सक्षम नहीं है। ज्यादा लोड आने पर सर्वर रिस्पॉन्ड नहीं करता। इसलिए पहले जीएसटीएन को सिस्टम बेहतर करना होगा, ताकि ऐसी परेशानी दोबारा न आए। गौरतलब है कि ई-वे बिल का 15 दिन का ट्रायल रन चला था। ट्रायल रन में 34 राज्यों में रोजाना 2 लाख ई-वे बिल बनाए गए।

हर राज्य में पद्मावत रिलीज कराने में मदद करेगी करणी सेना

मुंबई। फिल्म पद्मावत में कुछ भी आपत्तिजनक न होने के बावजूद उसे बैन कराने पर अड़ी करणी सेना ने अब यू-टर्न ले लिया है। इतना ही नहीं, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जहां यह फिल्म बैन है, वहां इसे रिलीज कराने में मदद करने की बात भी करणी सेना कह रही है।

दरअसल शुक्रवार को करणी सेना के मुंबई अध्यक्ष योगेंद्र सिंह समेत अन्य लोगों ने फिल्म देखी और पाया कि फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। यह राजपूतों की वीरता और बलिदान को महिमामंडित करती है और हर राजपूत को इसपर गर्व होगा। इसके बाद उन्होंने अपना विरोध वापस लेने का फैसला किया है।

योगेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह के निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया है। इस बारे में योगेंद्र सिंह ने एक चिट्ठी भी लिखी है। इस चिट्टी में कहा गया है, ‘हमने 2 फरवरी को पद्मावत देखी है। इसमें राजपूतों की वीरता और त्याग का सुंदर चित्रण है। यह फिल्म रानी पद्मावती की महानता को समर्पित है।

इसमें रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच कोई सीन नहीं है। हम इस फिल्म से पूर्णत: संतुष्ट हैं, इसलिए हम आंदोलन को बिना शर्त वापस लेते हैं और आश्वासन देते हैं कि इस फिल्म को राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और भारत के सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने में सहायता करेंगे।’ इस चिट्ठी के बारे में भंसाली प्रॉडक्शन की सीईओ शोभा संत ने ट्वीट भी किया है।