Thursday, July 16, 2026
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राजस्थान विधान सभा का बजट सत्र आज से, हंगामे के आसार

जयपुर। विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। बजट सत्र से पहले रविवार को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में विपक्ष के होने वाले तीखे हमलों के साथ बजट सत्र को लेकर चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि राज्य में हुए उपचुनावों में मिली जीत से विपक्ष उत्साहित है वहीं सरकार का मनोबल कमजोर है। 

अजमेर, अलवर लोकसभा तथा मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को मिली करारी हार के बाद सोमवार से राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। सत्र की तैयारियों को लेकर विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। उपचुनाव में मिली जीत से कांग्रेस आक्रामक मुद्रा में है वहीं भाजपा डिफेंसिव नजर आ रही है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में विधानसभा की हां पक्ष लॉबी में हुई बैठक में सरकार के सभी मंत्री शामिल हुए।बैठक में शामिल होने आए मंत्री मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सरकार बजट सत्र व विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है। कांग्रेस भले ही जीत गई है, लेकिन वह अभी भी बिखरी हुई है। बैठक में बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई गई।

बैठक के बाद मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विधायकों को कहा गया है कि वे सत्र में उपस्थित रहें। सीएम राजे ने कहा कि उपचुनावों में हार से चिंता करने की जरूरत नहीं है। जो भी कमियां रही हैं उन्हें दूर किया जाएगा। हार से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम विकास के आधार पर ही जनता के सामने जाएंगे।

बिना सर्टिफिकेट के भी अदालतें इलेक्ट्रॉनिक सबूत पर भरोसा करें : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम व्यवस्था में कहा है कि अदालत में इलेक्ट्रॉनिक सबूत स्वीकार करने के लिए सर्टिफिकेट होना अनिवार्य नहीं है। कोर्ट ने इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 65बी पर यह स्पष्टीकरण दिया है। इसमें कहा गया है कि अदालती कार्यवाही में बतौर सबूत शामिल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड किसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से प्रमाणित करवाना जरूरी है।

इस धारा पर स्पष्टीकरण देते हुए जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की बेंच ने कहा कि यह प्रावधान सिर्फ उन पर ही लागू करना चाहिए, जो रिकॉर्ड के साथ सर्टिफिकेट पेश करने की स्थिति में हों। जो कोई सर्टिफिकेट पेश नहीं कर सकता, उस पर यह लागू नहीं करना चाहिए।

ऐसा करना विश्वसनीय सबूतों के बावजूद शख्स को न्याय से वंचित रखने जैसा होगा। इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से जुड़ी इस धारा पर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्टीकरण का अपराध संबंधी मामलों के ट्रायल में सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

7 कंपनियों में निवेशकों के डूबे 98,530 करोड़, TCS बनी मोस्ट वैल्युएबल कंपनी

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नई दिल्ली। बीते हफ्ते के कारोबार में देश की टॉप 10 में से 7 कंपनियों में निवेशकों के 98,530 करोड़ रुपए डूब गए। स्टॉक्स में गिरावट से कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, मारुति सुजुकी, एसबीआई, इंफोसिस और ओएनजीसी का भी मार्केट कैप घटा। हालांकि इस दौरान टीसीएस, एचडीएफसी और एचयूएल के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।

RIL टॉप लूजर
– बीते हफ्ते के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 37,256.05 करोड़ रुपए घटकर 5,73,682.16 करोड़ रुपए हो गया।
– ओएनजीसी का मार्केट कैप 20,276.51 करोड़ रुपए गिरकर 2,46,975.61 करोड़ रुपए और एसबीआई का एम कैप 4,027.08 करोड़ रुपए लुढ़ककर 2,56,285.68 करोड़ रुपए रहा।
– देश की सबसे बड़ी कारमेंकर कंपनी मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 8,364.59 करोड़ रुपए फिसलकर 2,71,881.12 करोड़ रुपए और आईटीसी का मार्केट कैप 6,690.94 करोड़ रुपए की गिरावट के साथ 3,35,678.04 करोड़ रुपए रहा।
– देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के मार्केट कैप में 6,355.29 करोड़ रुपए की गिरावट रही और कंपनी का मार्केट 2,49,341.55 करोड़ रुपए रहा। वहीं एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 5,559.98 करोड़ रुपए लुढ़ककर 5,05,141.67 करोड़ रुपए हो गया।

TCS बनी देश की मोस्ट वैल्युएबल कंपनी
– इसके उलट, देश की सबसे आईटी कंपनी टीसीएस का मार्केट कैप 5,991.72 करोड़ रुपए बढ़कर 6,02,837.88 करोड़ रुपए हो गया। इसी के साथ आरआईएल को पीछे छोड़ टीसीएस देश की मोस्ट वैल्यूड कंपनी बन गई। हालांकि आरआईएल ने 31 जनवरी को टीसीएस को पछाड़ते हुए यह मुकाम हासिल की थी। लेकिन सप्ताह के अंत में मार्केट कैप के हिसाब से टीसीएस ने यह तमगा वापस पा ली।
– इसके अलावा एचयूएल का मार्केट कैप 324.67 करोड़ रुपए चढ़कर 2,97,117.97 करोड़ रुपए और एचडीएफसी का एम कैप 119.82 करोड़ रुपए बढ़कर 3,04,069.59 करोड़ रुपए हो गया।

टॉप 10 कंपनियों की रैंकिंग
टॉप 10 की लिस्ट में टीसीएस पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, एचडीएफसी, एचयूएल, मारुति, एसबीआई, इंफोसिस और ओएनजीसी का स्थान रहा।

सेंसेक्स 983.69 प्वाइंट्स टूटा
– पिछले हफ्ते सेंसेक्स 983.69 प्वाइंट्स यानी 2.72 फीसदी गिरकर 35,066.75 प्वाइंट्स पर बंद हुआ।

ऑटो एक्‍सपो 2018 : कंपनि‍यां दि‍खाएंगी इलेक्‍ट्रि‍क पावर

नई दि‍ल्‍ली। इस बार ऑटो एक्‍सपो 2018 में कंपनि‍यों का पूरा फोकस इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स पर शि‍फ्ट हो गया है। घरेलू कार कंपनि‍यां जैसे मारुति‍ सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा के अलावा वि‍देशी कार कंपनि‍यां के साथ-साथ टू-व्‍हीलर कंपनि‍यां कम से कम 24 से ज्‍यादा इलेक्‍ट्रि‍क, हाइब्रि‍ड व्‍हीकल्‍स को शोकेस करने वाली हैं।

7 फरवरी से शुरू होने वाले ऑटो एक्‍सपो 2018 में मोटरसाइकि‍ल, स्‍कूटर, कार और कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स के कॉन्‍सेप्‍ट या प्रोडक्‍शन में जाने वाले व्‍हीकल्‍स को दि‍खाएंगी। सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) के डीजी वि‍ष्‍णु माथुर ने बताया कि‍ ऑटो एक्‍सपो केवल इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स नहीं, इससे आगे जाने वाला है। यहां कई नई और भवि‍ष्‍य की टेक्‍नोलॉजीज को शोकेस कि‍या जा सकता है।

मारुति‍ शोकेस करेगी इलेक्‍ट्रि‍क और कॉन्‍सेप्‍ट कार
मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि 4,200 स्‍क्‍वायर मीटर में फैले कंपनी के पवेलियन में 18 से ज्‍यादा मॉडल्‍स को दिखाया जाएगा। इसमें इलेक्‍ट्रिक व्‍हीकल ई-सर्वाइवर भी शामिल होगी।

भारत में इलेक्‍ट्रीक व्‍हीकल्‍स के लिए ई-सर्वाइवर मददगार साबित होगी। कंपनी पहले से ही 2020 में भारत में इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स लॉन्‍च करने की तैयारी की है। ई-सर्वाइवर में इस्तेमाल होने वाली तकनीक सुजुकी और टोयोटा की पार्टनरशिप से निकलेगी।

महिंद्रा पेश करेगी 6 इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स
ऑटो एक्‍सपो 2018 में महिंद्रा की थीम ‘फ्यूचर ऑफ मोबि‍लि‍टी’ पर है और वह कई ऐसे प्रोडक्‍ट्स पेश करने वाली है जो मोबि‍लि‍टी सॉल्‍यूशन के लि‍ए उपयुक्त हैं और टेक्‍नोलॉजी के स्‍तर पर काफी एडवांस हैं। ऐसे में कंपनी के पवेलि‍यन में कई इलेक्‍ट्रिक व्‍हीकल्‍स होंगे।

महिंद्रा की ओर से 6 नए इलेक्‍ट्रि‍क व्हीकल्‍स को शोकेस कि‍या जाएगा, जि‍समें से दो कॉन्‍सेप्‍ट व्‍हीकल्‍स हैं। इसमें KUV की इलेक्‍ट्रि‍क कार, XUV एरो इलेक्‍ट्रि‍क के साथ-साथ टि‍वोली इलेक्‍ट्रि‍क कार शामि‍ल हैं।

टाटा मोटर्स भी पेश करेगी कई इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स
टाटा मोटर्स के पलेवि‍यन का भी मुख्‍य आकर्षण इलेक्‍ट्रि‍क और हाइब्रि‍ड कारें ही रहने वाली हैं। टाटा मोटर्स की ओर से टि‍गोर, नैनो के अलावा करीब 26 स्‍मार्ट मोबि‍लि‍टी सॉल्‍यूशन को शोकेस कि‍या जाएगा। इसमें पैसेंजर व्‍हीकल से लेकर कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स तक शामि‍ल हैं।

ग्रीन और क्‍लीन व्‍हीकल्‍स रहेगी थीम
टोयोटा कि‍र्लोस्‍कर मोटर ने कहा है कि‍ हम वैकल्‍पि‍क और स्‍थि‍र मोबि‍लि‍टी के नए दौर में कदम रख रहे हैं। हम कॉन्‍सेप्‍ट और इनोवेशन के जरि‍ए सेफर, ग्रीनर और बेहतर फ्यूचर वाले प्रोडक्‍ट की थीम को पेश करेंगे। वहीं, ह्युंडई की ओर से हाइब्रि‍ड मॉडल के साथ इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल ब्रांड Ioniq के मॉडल्‍स को पेश कि‍या जा सकता है।

इसके अलावा, होंडा की ओर से पर्यावरण के अनुकूल वाले प्रोडक्‍ट्स को शोकेस कि‍या जाएगा। लग्‍जरी कार कंपनि‍यां – मर्सडीज बेंज और बीएमडब्‍ल्‍यू भी कम से कम एक फुली इलेक्‍ट्रि‍क या हाइब्रि‍ड कार को शोकेस करेंगी।

दि‍खेंगे कई इलेक्‍ट्रि‍क टू-व्‍हीलर्स
टीवीएस मोटर की ओर से ऑटो एक्‍सपो 2018 में इलेक्‍ट्रि‍क और हाइब्रि‍ड स्‍कूटर को शोकेस कि‍या जाएगा। टीवीएस ने बीएमडब्‍लयू के साथ टाईअप कि‍या है और पि‍छले कुछ साल से नेक्‍स्‍ट जेनरेशन टेक्‍नोलॉजी पर काम कर रही है। इसमें से एक प्रोडक्‍ट प्रोडक्‍शन के करीब है और आने वाले महीनों में इसे मार्केट में पेश कि‍या जाएगा।

देश की दूसरी बड़ी टू-व्‍हीलर कंपनी होंडा मोटरसाइकि‍ल एंड स्‍कूटर (HMSI) ऑटो – एक्‍सपो में 11 नए मॉडल लॉन्‍च करेगी। इनमें ई- मोबिलिटी प्‍लेटफॉर्म का एक कॉन्‍सेप्‍ट स्‍कूटर भी शामिल होगा। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ऑटो एक्‍सपो में 11 मॉडल को लॉन्‍च किया जाएगा।

कई इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल स्‍टार्टअप्‍स लेंगे हि‍स्‍सा
ऑटो एक्‍सपो में कई इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल स्‍टार्टअप्‍स भी हि‍स्‍सा लेने वाले हैं। इन स्‍टार्टअप्‍स की ओर से या तो इलेक्‍ट्रि‍क व्‍हीकल्‍स को लॉन्‍च कि‍या जाएगा या वह उसे शोकस करेंगे। इसमें अमेरि‍का की स्‍टार्टअप कंपनी क्‍लीवलैंड, भारत की पहली इलेक्‍ट्रि‍क स्‍पोर्ट्स बाइक पेश करने वाली कंपनी Emflux Motors, इलेक्‍ट्रि‍क बाइक और स्‍कूटर कंपनी Okinawa Autotech आदि‍ शामि‍ल हैं।

मोदीकेयर : सेस के जरिए जाएगा प्रीमियम -नीति आयोग

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नई दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बजट में घोषित स्वास्थ्य योजना को लेकर की जा रही आलोचना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह गेमचेंजर साबित होगी और एक फीसदी का अडिशनल सेस इसकी फंडिंग के लिए पर्याप्त होगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के बजट में नैशनल हेल्थ प्रॉटेक्शन स्कीम (एनएचपीएस) की घोषणा की है। इसके तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। कुमार ने कहा, ‘यह योजना गेमचेंजर होगी।’

उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि मोदी सरकार की महत्वकांक्षी योजना के खिलाफ आधारहीन और झूठा दुष्प्रचार किया जा रहा है। पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने प्रस्ताव को ‘जुमला’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए बजट में धन का कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

इस प्रमुख योजना की फंडिंग के बारे में पूछे जाने पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन को बढ़ाकर 6,000 करोड़ रुपये किया गया है।इसके अलावा 2,000 करोड़ रुपये की मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) चल रही है।

सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा परियोजनाओं की पूंजी निवेश जरूरतों को पूरा करने के लिए एक वैकल्पिक हाई एजुकेशन फंडिंग एजेंसी (एचईएफए) प्रणाली स्थापित कर स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए वित्तीय गुंजाइश उपलब्ध कराई है।इसके अलावा, बजट में 1 फीसदी अतिरिक्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेस के प्रस्ताव से सालाना 11,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी।

इन सभी को मिलाकर कल्याणकारी कार्यक्रमों की वित्त पोषण जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध होगी। कुमार के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारों को केवल बीमा प्रीमियम का बोझ उठाना होगा जो थोड़ा होगा। भारी मात्रा में खरीद और प्रतिस्पर्धा से लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा, ‘सभी केंद्रीय योजनाओं की तरह इसमें 60-40 का अनुपात होगा। जो राज्य योजना से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें 40 प्रतिशत योगदान देना होगा। पूर्वोत्तर राज्य 10 प्रतिशत योगदान देंगे।’ कई विशेषज्ञों ने इस प्रकार की महत्वकांक्षी योजना के वित्त पोषण को लेकर सरकार की क्षमता और देश में बड़ी संख्या में लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ढांचागत सुविधा की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए हैं।

स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए बुनियादी ढांचा के बारे में कुमार ने कहा कि योजना निजी क्षेत्र के उपक्रमों को प्रोत्साहित करेगी और वे पुरजोर तरीके से स्वयं को तैयार करेंगे। rajनीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार वृहत स्वास्थ्य योजना पर सालाना 12,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे 15 अगस्त या 2 अक्तूबर को शुरू किया जा सकता है।

वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना के आधार पर चिन्हित सभी गरीब परिवार योजना के लिए पात्र होंगे। इस योजना को आधार से जोड़ा जाएगा, लेकिन लाभ लेने के मामले में यह अनिवार्य नहीं होगा।

बिना पेट्रोल के चलता है यह स्कूटर, हाइटेक फीचर्स से है लैस

गुरुग्राम बेस्ड स्टार्ट-अप, ट्वेंटी टू मोटर्स ऑटो एक्सपो 2018 में फ्लो इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च करेगा। इसमें क्या कुछ है खास, आइए जानते हैं…इस स्कूटर की सबसे खास बात यह है कि इसमें बैक गियर भी दिया गया है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 2.1 किलोवॉट का एक इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है। क्या होगी इसकी कीमत, जानिए आगे।

फ्लो इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत 60000 रुपए से शुरू हो सकती है। Twenty Two Motors का भारतीय बाजार के लिए यह पहला प्रॉडक्ट है। इस स्कूटर का वजन महज 85 किलोग्राम है और इसपर 150 किलोग्राम का वजन लेकर चला जा सकता है। फुल चार्ज करने के बाद इसको आप 80 किलोमीटर तक ले जा सकते हैं।

मोबाइल ऐप से जोड़ा
टॉप स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा है। क्रूज कंट्रोल, काइनेटिक एनर्जी रिकवरी सिस्टम, एलसीडी डिस्प्ले आदि हाइटेक फीचर्स दिए गए हैं। इसको मोबाइल ऐप से जोड़ा गया है। इसके जरिए आप स्कूटर को ट्रैक करने साथ ही इसमें होने वाली किसी खराबी का भी पता लगा सकते हैं।

इसमें जियो फेंसिग तकनीक है जिसकी मदद से आप स्कूटर को एक सीमित दायरे में चलने के लिए प्रोग्राम कर सकते हैं।Flow इलेक्ट्रिक स्कूटर में टेलिस्कोपिक सस्पेंशन, डिस्क ब्रेक्स दिए गए हैं। इसके साथ ही मोबाइल चार्जिंग सॉकिट और सीट के नीचे दो हेल्मेट रखने भर को पर्याप्त स्पेस दिया गया है।

कंपनियों को आईटी रिटर्न फाइल न करना पड़ेगा महंगा

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दिनेश माहेश्वरी, कोटा । सरकार अब ब्लैक मनी पर शिंकजा कसने के लिए एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनियां के लिए अब इनकम टैक्स रिटर्न फाइल न करना महंगा साबित होगा। अब जो कंपनियां इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करेंगी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।

फ़ाइनैंस बिल 2018-19 में कंपनियों के इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग नियम में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। यह नियम 1 अप्रैल 2018 से लागू होगा। केंद्र सरकार ने देश में बड़े पैमाने पर मौजूद शेल कंपनियों को ध्यान में रखते हुए इस नियम का प्रस्ताव लाया गया है। शेल कंपनियां वे कंपनियां होती हैं, जो मुखौटा कंपनी होती है और इस्तेमाल ब्लैक मनी को वाइट करने में किया जाता है।

टैक्स एक्सपर्ट और सीए मिलिंद विजयवर्गीय का कहना है कि सरकार ने यह कदम उन कंपनियों के खिलाफ उठाने के लिए किया है, जो रिटर्न फाइल में लापरवाही दिखाती है या फिर जानबूझकर रिटर्न फाइल नहीं करतीं। देश में लाखों की संख्या में शेल कंपनियों के होने का शक है, जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करती हैं।

अगर फ़ाइनैंस बिल में यह प्रस्ताव पारित हो गया तो शेल कंपनियों पर नकेल कसी जा सकेगी। गौरतलब है कि मौजूदा नियम के तहत अगर किसी कंपनी की इनकम टैक्सेबल नहीं है और वह रिटर्न फाइल नहीं करती है तो उस पर मुकदमा नहीं चलाया जाता है।

केंद्र सरकार, ब्लैक मनी की चुनौती से निपटने के लिए ‘शेल कंपनियों’ के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। सरकार करीब 2.26 लाख कंपनियों का रजिस्ट्रेशन पहले ही कैंसल कर चुकी है और ऐसी कंपनियों से जुड़े लगभग 3.09 लाख डायरेक्टर्स को डिसक्वॉलिफाई किया जा चुका है।

2 लाख लोगों को इनकम टैक्स विभाग ने भेजा नोटिस
नोटबंदी के दौरान बैंक खाते में 15 लाख या इससे ज्यादा रुपये जमा कराने वाले करीब 2 लाख लोगों को इनकम टैक्स विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा 15 लाख रुपये से अधिक की राशि ऐसे खातों में जमा की गई है, जिनके लिए रिटर्न भी फाइल नहीं किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमने ऐसे 1.98 लाख खातों की पहचान की है। दिसंबर और जनवरी महीने में इन खाता धारकों को नोटिस भेजे गए हैं। हालांकि अभी तक किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इन नोटिस का जवाब न देने पर विभाग द्वारा जुर्माना और मुकदमा चलाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।’

बिटकॉइन में निवेश करने वालों पर नजर
सरकार बिटकॉइन में निवेश करने वाले चार लाख लोगों को नोटिस भेजेगी। सीबीडीटी के अनुसार इस बारे में किए गए सर्वे के अनुसार ऐसे चार लाख लोगों की पहचान की गई है, जो बिटकॉइन में निवेश कर रहे हैं। इन लोगों को निवेश राशि का हिसाब देना होगा। सीबीडीटी के अनुसार क्रिप्टोकरंसी में 100 करोड़ के ब्लैकमनी के निवेश का पता चला है।

अब इन निवेशकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बिटकॉइन से मुनाफे पर टैक्स लगाकर सरकार अपनी कमाई की तो सोच ही रही है, साथ ही वह इसे रेग्युलेट करने की भी योजना बना रही है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने बताया कि इस पर काम चल रहा है। सरकार को डर है कि नोटबंदी के बाद लोग इसमें अपनी ब्लैकमनी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

वर्ष 2017 में 7,000 सुपर-रिच भारतीयों ने छोड़ा देश

नई दिल्ली। भारत से बीते साल 7,000 हाई नेटवर्थ वाले लोगों ने दूसरे देश का रुख कर लिया। चीन के बाद धनकुबेरों के देश छोड़ने का यह दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2016 की तुलना में 16 फीसदी अधिक धनकुबेरों ने भारत की नागरिकता को छोड़कर दूसरे देश की सिटिजनशिप ले ली। न्यू वर्ल्ड वैल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में 7,000 अल्ट्रा-रिच भारतीयों ने दूसरे देश की नागरिकता ले ली।

2016 में यह आंकड़ा 6,000 का था, जबकि 2015 में 4,000 धनकुबेरों ने भारत की बजाय दूसरे देश की नागरिकता ले ली। हालांकि इस मामले में चीन को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। 2017 में चीन के 10,000 सुपर रिच लोगों ने दूसरे देश की नागरिकता ले ली। चीन और भारत के बाद तुर्की से 6,000, ब्रिटेन से 4,000, फ्रांस से 4,000 और रूस से 3,000 धनकुबेरों ने पलायन कर दिया।

माइग्रेशन के ट्रेंड की बात करें तो भारत से पलायन करने वाले लोगों की पहली पसंद अमेरिका रहा है। इसके अलावा यूएई, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यू जीलैंड जैसे देश भी भारत से पलायन करने वाले धनकुबेरों की पसंद हैं। वहीं, चीनी धनकुबेरों ने अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पलायन किया।

हालांकि रिपोर्ट का कहना है कि भारत और चीन के लिए धनकुबेरों का देश से पलायन करना चिंता की बात नहीं है क्योंकि जितने लोग यहां से पलायन कर रहे हैं, उससे अधिक संख्या में नए अरबपति जुड़ रहे हैं।

वेबसाइट लॉन्च : आयकर और जीएसटी की मिलेगी जानकारी

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कोटा। टैक्स बार एसोसिएशन ने शनिवार को रोटरी क्लब के बिनानी सभागार में आयोजित बजट सेमिनार में अपनी वेबसाइट www.tbakota.com लाॅन्च की । इसमें आयकर व जीएसटी संबंधी जानकारी मिलेगी। एसोसिएशन सचिव देवेंद्र कटारिया ने बताया कि इसे कोई भी खोल सकता है। कार्यकारिणी के नाम मोबाइल के अलावा इस पर आयकर व जीएसटी में होने वाले अपडेट मिलेंगे।

व्यापारी वर्ग को कोई लाभ नहीं
सेमिनार में एडवोकेट महेंद्र गार्गिया ने कहा कि बजट 2018 में वेतनभोगी और व्यापारी वर्ग को कोई लाभ नहीं दिया गया। वेतनभोगियों को 40000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन देकर 19200 का परिवहन भत्ता और 15000 का चिकित्सा भत्ता वापस ले लिया गया है। इससे वेतनभोगी को केवल 5800 रुपए का फायदा मिल रहा है। लेकिन, यह फायदा ज्यादा वेतन वालों को 1 फीसदी सेस बढ़ाने से उल्टा ज्यादा आयकर देना पड़ सकता है। 

किसानों पर आधारित बजट
गार्गिया ने कहा कि यह बजट किसानों पर आधारित बजट है, लेकिन केवल घोषणा होकर नहीं रह जाए। इसको मूर्त रूप दे दिया तो किसानों के पास खूब पैसा आएगा और इससे बाजार भी मूव करेगा। उन्होंने बताया कि सीनियर सिटीजन के लिए बजट में बचत में 10 हजार की जगह 50 हजार रुपए की छूट करना ठीक है। लेकिन, यह उन्हीं लोगों को फायदा मिलेगा, जो 31 जुलाई तक रिटर्न भरेगा।

सेमिनार को को-ऑर्डिनेटर सीए बीवी माहेश्वरी ने बजट की प्रस्तावना बताई। प्रथम सत्र का संचालन स्टडी सर्किल चेयरमैन सीए दिनेश जैन ने किया। टैक्स बार के सचिव देवेंद्र कटारिया ने बताया कि द्वितीय सत्र में जयपुर से आए सीए जतिन हरजाई ने जीएसटी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जीएसटी को समझना और करना मुश्किल है। भविष्य में इसमें बहुत मुकदमेबाजी होने की संभावना है। 

सेमिनार में राजस्थान कर सलाहकार संघ के निर्वाचित हुए टैक्स बार के 4 सदस्यों व ऑल इंडिया फेडरेशन आॅफ टैक्स प्रेक्टिशनर्स के दो सदस्यों का सम्मान किया गया। सभी पूर्व अध्यक्षों ने टैक्स की वेबसाइट का उद्‌घाटन किया। उन्होंने 2017-18 की टीम की सराहना की। 

देवाशीष की 4 मोडिफाई बाइक्स ऑटो एक्सपो में होंगी शामिल

कोटा। ग्रेटर नोएडा के नाॅलेज पार्क में 7 से 14 फरवरी तक आयोजित इंडिया एक्सपो मार्ट में कोटा के ऑटोमोबाइल इंजीनियर देवाशीष जेठवानी द्वारा पुरानी बाइक्स, जुगाड़ व यूएस से आयातित पार्ट्स से एसेम्बल की गई चार बाइक्स भी प्रदर्शित की जाएंगी। देवाशीष का कहना है कि क्रिएटिव व्यक्ति के लिए कोई भी चीज फालतू नहीं होती। इसी थीम को लेकर हर पुराने पार्ट्स का उपयोग करके कुछ नया बनाता रहता हूं।

सवा 9 फीट की बाइक
500 सीसी की राॅयल एनफील्ड को मोडिफाई कर सवा 9 फीट लंबी चॉपर बाइक तैयार की। इसमें 21 लीटर का हैंड मेड फ्यूल टैंक है जो डायमंड शेप में है। 200 एमएम के टायर यूएसए से मंगवाए हैं। इसमें 2.80 लाख रुपए खर्च हुए हैं। 

गोल्ड रोज पेंट कर बनाई बाॅबर बाइक
हार्ले डेविडसन की तर्ज पर डबल रॉड का चेसिस बनाकर बाॅबर बाइक बनाई है। इसमें इंजन पर दिल्ली से गोल्ड रोज पेंट करवाया गया है। घर की रूफ लाइट का उपयोग हैड लाइट में किया गया है। शॉकर्स भी स्पेशल बनाए गए हैं। इसमें 1.92 लाख रुपए खर्च हुए हैं।  

जावा को कर दी कॉम्पैक्ट
जावा बाइक को मोडिफाई कर कॉम्पैक्ट स्लिम बाइक बनाई है। जिसमें पुराना बड़ा फ्यूल टैंक हटाकर दो छोटे-छोटे टैंक बनाए गए हैं। शराब की बोतल से फ्यूल मीटर बनाया है। बालकनी में लगने वाली लाइट से हैड लाइट बनाई है। इंडिकेटर, हैडलाइट आदि के लिए हेलिकॉप्टर में लगने वाले स्विच काम में लिए है। इसमें 1.30 लाख रुपए खर्च हुए हैं। 

मेटेलिक जावा
पुरानी जावा को मोडिफाई कर एनफील्ड की तर्ज पर तैयार किया है। इसमें मेटेलिक कलर किया गया है। इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि जावा का मूलरूप है वो बदले नहीं। इसमें 1.00 लाख रुपए खर्च हुए हैं।