Thursday, July 16, 2026
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सोना 14 महीने के हाई पर, 330 रु. की तेजी के साथ 31,600 पर पहुंचा

नई दिल्ली/ कोटा। ग्लोबल इक्विटी मार्केट में भारी गिरावट के बीच गोल्ड में मंगलवार को तेजी देखी गई। गोल्ड 330 रुपए चढ़कर 31,600 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। यह 14 महीने का हाई लेवल है। इससे पहले, 9 नवंबर को गोल्ड के रेट 31,750 रुपए प्रति दस ग्राम पर थे। तब गोल्ड में 900 रुपए की बढ़त दर्ज हुई थी।

किस वजह से बढ़े रेट
ट्रेडर्स का कहना है कि ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स में भारी बिकवाली के बाद इन्वेस्टर्स सेफ हैवन इन्वेस्टमेंट्स के तौर पर गोल्ड को देख रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि दाम और बढ़ सकते हैं। मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। उधर, अमेरिकी डाउजोंस में भी हिस्ट्री की सबसे बड़ी गिरावट हुई। इसका असर ज्यादातर एशियाई मार्केट में दिख रहा है।

सिंगापुर गोल्ड में 0.27% की तेजी
ग्लोबल मार्केट की बात करें, तो सिंगापुर गोल्ड 0.27% चढ़कर 1,342.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया और चांदी 0.84% की तेजी के साथ 16.85 डॉलर प्रति औंस रहा।

330 रुपए महंगा हुआ सोना
राजधानी में 99.9 और 99.5% प्योरिटी वाला सोना 330 रुपए बढ़कर क्रमशः 31,600 रुपए और 31,450 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले यह लेवल 9 नवंबर, 2016 को देखने को मिला था। हालांकि, गिन्नी (प्रति 8 ग्राम) 24,800 रुपए के स्तर पर फ्लैट रही।

चांदी 40,000 रु प्रति किलो के स्तर पर
चांदी में भी तेजी का ट्रेंड देखने को मिला, जो 500 रुपए चढ़कर 40,000 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। वहीं, वीकली बेस्ड डिलिवरी 510 रुपए चढ़कर 38,960 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर रही। वहीं, चांदी के सिक्कों में कोई बदलाव नहीं हुआ, जो प्रति सैकड़ा 74,000 रुपए (खरीद मूल्य) और 75,000 रुपए (बिक्री मूल्य) पर स्थिर रहा।

गोल्ड से जुड़ी खास बातें:
वर्ल्‍ड गोल्‍ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में भारत में गोल्‍ड की डिमांड में 9.1 फीसदी की तेजी आई और यह 727 टन पर पहुंच गई। 2016 में यह डिमांड 666.1 टन थी। उधर, भारत की तुलना में ग्लोबल डिमांड में 7% की गिरावट दर्ज की गई।

WGC के भारत में मैनेजिंग डायरेक्‍टर सोमासुंदरम पीआर ने बताया- “2018 के बजट में गोल्‍ड के लिए कई पॉजिटिव कदम उठाए गए हैं, जिसमें गोल्‍ड के लिए एक व्‍यापक पॉलिसी और गोल्‍ड एक्‍सचेंज की स्‍थापना शामिल है। उम्‍मीद है कि 2018 में गोल्‍ड की डिमांड 700-800 टन रहेगी।” 

कोटा सर्राफा 
चांदी 39800 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 31250 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36450 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 31400 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36620 रुपये प्रति तोला।

713 अंक रिकवर हुआ सेंसेक्स, निफ्टी 10500 के नीचे बंद

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले निगेटिव संकेतों की वजह से शेयर बाजार में इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भारी गिरावट देखी गई। भारी गिरावट के बाद हैवीवेट भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा स्टील में खरीददारी से सेंसेक्स में निचले स्तर से 713 अंकों का सुधार हुआ।

वहीं निफ्टी नीचे से 222 अंक सुधरा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561 अंक की गिरावट के साथ 34,196 अंक पर और निफ्टी 168 अंक टूटकर 10,498 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1274 प्वाइंट्स लुढ़कर 33482.81 पर खुला था। निफ्टी 390 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 10,276.30 पर नजर आया।

इंट्रा-डे में 14 महीने के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट है। इसके पहले 11 नवंबर 2016 को सेंसेक्स 1689 प्वाटइंट नीचे आ गया था। इससे निवेशकों के कुछ ही मिनट में करीब 5 लाख करोड़ रुपए डूब गए थे।

इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी बाजार में गिरावट देखी गई थी। पहले यह कहा गया कि यह गिरावट लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगने की वजह से है। इस पर खुद फाइनेंस सेक्रेटरी हसमुख अढिया ने सफाई दी और कहा- गिरावट के लिए ग्लोबल मार्केट में आई कमजोरी जिम्मेदार है ना कि टैक्स।

सेकंडों में निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए डूबे
शुरुआती कारोबार में लार्ज कैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली से निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए डूब गए थे। सोमवार को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,47,95,747 करोड़ रुपए था। वहीं, मंगलवार को सेंसेक्स 1200 अंक गिरकर खुला।

इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों को करीब 5,22,054 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। हालांकि बाद में निचले स्तर से बाजार में रिकवरी आई जिससे निवेशकों के नुकसान की कुछ भरपाई हुई। आज के कारोबार में निवेशकों को 2,73,260 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

मिडकैप-स्मॉलकैप इंडेक्स 2 फीसदी टूटे
मंगलवार के कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.68 फीसदी टूटकर 16281 अंक पर बंद हुआ। मिडकैप शेयरों में पेज इंडस्ट्रीज, इमामी लिमिटेड, रैमको सीमेंट, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस, हैवेल्स, चोलामंडलम फाइनेंस, 0.71-2.63 फीसदी तक बढ़े।

हालांकि बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में ज्यादा गिरावट रही। इंडेक्स 2.19 फीसदी गिरकर बंद हुआ। स्मॉलकैप शेयरों में भूषण स्टील, मनाली पेट्रोकेमिकल, एमएमएफएल, जमना ऑटो, किर्लोस्कर ब्रदर्स, वीमार्ट 6.10-14.01 फीसदी तक चढ़े।

सेंसेक्स के टॉप 5 लूजर्स
सबसे ज्यादा गिरावट इनमें देखी गई: टाटा मोटर्स (5.54%), टीसीएस (3.58%), हीरो मोटोकॉर्प (2.69%), इंफोसिस (2.62%) और कोटक महिंद्रा बैंक (2.57%)।

आम बजट के बाद भारतीय बाजार का हाल
आम बजट 1 फरवरी को आया था। उसके बाद शेयर बाजार में अब तक 4 दिन ट्रेडिंग हुई। 3 और 4 फरवरी को अवकाश था। चारों दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।
01 फरवरी: सेंसेक्स 35906 (-59 अंक) और निफ्टी 11010 (-10 अंक) पर बंद हुआ।
02 फरवरी: सेंसेक्स 35,067 (-840 अंक) और निफ्टी 10,761 (-256 अंक ) पर बंद हुआ।
05 फरवरी: सेंसेक्स 34,757 ( -310 अंक) और निफ्टी 10,667 ( – 94 अंक) पर बंद हुआ।
06 फरवरी: शुरुआती कारोबार में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1200 अंक तक लुढ़क गया।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरे, निफ्टी आईटी 2.90% टूटा
आज के कारोबार में सभी सेक्टरोल इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.90 फीसदी रही। इसके अलावा बैंक निफ्टी में 1.10 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 1.80 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 1.91 फीसदी, निफ्टी मेटल में 1.64 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 2.19 फीसदी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.88 फीसदी की कमजोरी रही।

भारत का पहला ब्लूटूथ कनेक्टिविटी वाला 125cc स्कूटर लॉन्च

टीवीएस मोटर कंपनी ने भारत में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी टेक्नॉलजी वाला अपना पहला NTORQ 125सीसी स्कूटर लॉन्च किया है। आइए जानें क्या हैं इसके फीचर्स और कीमत…कनेक्टिविटी के लिए ब्लूटूथ और नेवीगेशन जैसे फीचर्स से लैस यह भारत का पहला स्कूटर बन गया है।

इस स्कूटर को ब्लूटूथ के जरिए फोन से कनेक्ट किया जा सकता है। इस नए स्कूटर में CVTi-REVV तकनीक से लैस 124.8cc सिंगल सिलिंडर, 4-स्ट्रोक, 3-वाल्व, एयर-कूल्ड SOHC इंजन दिया है। यह 9.4bhp का पावर और 10.5 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है।

कंपनी ने दावा किया है कि इस स्कूटर की टॉप स्पीड 95 किलोमीटर प्रति घंटे की है, जिसके लिए TVS रेसिंग पैडिग्री तकनीक इस्तेमाल की गई है। नई स्कूटर में फुल डिजिटल इंस्ट्रुमेंट क्लस्टर के साथ कई अडवांस और हाईटेक फीचर्स को शामिल किया है।

इसमें नेविगेशन असिस्ट, टॉप-स्पीड रिकॉर्डर, इन-बिल्ट लैप-टाइमर, सर्विस रिमाइंडर, ट्रिप मीटर, इंजन ऑइल तापमान के साथ मल्टी-राइड स्टैटिस्टिक मोड्स शामिल है। इसके अलावा एनटॉर्क 125 में स्टाइलिश हैडलाइट के साथ एलईडी टेललैंप और डायमंड कट अलॉय वील्ज भी शामिल हैं।

डे टाइम रनिंग लाइट्स से लैस इस स्कूटर को चार कलर- मैट येलो, मैट ग्रीन, मैट रेड और मैट वाइट में पेश किया गया है। इसकी कीमत 58,750 रुपये (दिल्ली एक्स शोरूम) है। कंपनी ने अगले 12 महीनों में इस स्कूटर की 2,00,000 यूनिट्स की बिक्री की योजना बनाई है।

विदेशी महिलाओं ने इंडियन शादी में ऐसे सेलिब्रेट किया फंक्शन

बूंदी। यहां घूमने आई विदेशी महिला टूरिस्टों ने यहां एक भारतीय शादी और परंपराओं का खूब आनंद लिया। वो देसी शादी के कई नेगचार (रस्म) में शामिल हुई। देवपुरा की रहने वाले और हेडकान्स्टेबल भंवरसिंह हाड़ा के बेटे गजेंद्रसिंह की शादी में भात की रस्म थी, इसके लिए महिलाएं भात के घड़े लेकर आती हैं। सजी- संवरी विदेशी लड़कियों माथे पर भात ( रस्म) का घड़ा रखकर शादी वाले घर पहुंची।

 उन्होंने महिला संगीत में भी हिस्सा लिया। दूल्हा गजेंद्र यहां ईश्वरी निवास में काम करते हैं, जहां विदेशियों का आना-जाना रहता है। विदेशी टूरिस्ट्स को पता चला तो उन्होंने भी इंडियन शादी सेलिब्रेट करने की इच्छा जताई। इस तरह उन्होंने भात का घड़ा ले जाने का नेगचार (रस्म) निभाया।

इन विदेशी युवतियों का कहना था कि वे शादी में इतने रस्मोरिवाज, संगीत और कलरफुल ड्रेसेज देखकर काफी हैरान हैं। हमारे यहां शादी को इस तरह सेलिब्रेट नहीं किया जाता।

फिल्म ‘झांसी की रानी’ पर बन रही मणिकर्णिका का विरोध

जयपुर।  राजपूतों की ओर से फिल्म पदमावत के विरोध के बाद अब सर्व ब्राह्मण महासभा ने फिल्म मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी का विरोध किया है। 

महासभा के प्रदेशाध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा का कहना है कि फिल्म में झांसी की रानी को एक विदेशी की प्रेमिका बताया गया है जबकि हमने किसी भी किताब में यह नहीं पढ़ा। ऐसे में अंदेशा है कि हमारे इतिहास को तोड़ मरोड़ कर फिल्म बनाई जा रही है। फिल्म की शूटिंग राज्य के विभिन्न जिलों में हो रही है। जिसे सरकार को रोकना चाहिए।

महासभा ने फिल्म के प्रोड्यूसर कमल जैन को दस दिन पहले चेतावनी पत्र भेजा था। मगर अभी तक कोई जवाब नहीं आया। अब नौ फरवरी से बीकानेर में शूटिंग हो रही है। ऐसे में ब्राह्मण महासभा इसका विरोध करेगी।

टाटा मोटर्स का नेट प्रॉफिट दिसंबर क्वॉर्टर में 10 गुना बढ़ा

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मुंबई।  टाटा मोटर्स ने दिसंबर क्वॉर्टर के दौरान कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में दस गुने से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की। टाटा मोटर्स के स्टैंडअलोन बिजनस का वॉल्यूम दमदार रहने के अलावा प्रॉफिट बेहतर करने के लिए की गई कोशिशों का इसमें बड़ा योगदान रहा। हालांकि जगुआर लैंड रोवर बिजनस के लिए दिसंबर 2017 क्वॉर्टर के फीका रहने के कारण टाटा मोटर्स का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से कम रहा।

अक्टूबर से दिसंबर 2017 तक के तीन महीनों के लिए कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 1215 करोड़ रुपये रहा। इस तरह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 989 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पता चल रहा है कि भारतीय कारोबार के लिए बनाई गई कंपनी की ‘टर्नअराउंड स्ट्रैटेजी’ से फायदे मिलने लगे हैं और लागत पर नियंत्रण किया जा रहा है।

इस स्ट्रैटेजी को पिछले साल अगस्त में लागू किया गया था ताकि कंपनी के पैसेंजर वीइकल्स बिजनस को सुधार जा सके और भारत में कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट में मार्केट लीडर पोजिशन दोबारा हासिल की जा सके। दिसंबर क्वॉर्टर के दौरान हालांकि नेट प्रॉफिट का आंकड़ा ब्लूमबर्ग के अनुमान से कम रहा। ब्लूमबर्ग ने अनुमान जताया था कि कंपनी को 2500 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट होगा। यह कमी जगुआर लैंड रोवर बिजनेस में प्रॉफिटेबिलिटी कम रहने के कारण दिखी।

स्टैंडअलोन बिजनेस में ओवरऑल होलसेल्स (निर्यात सहित) 31 पर्सेंट बढ़कर 172952 यूनिट्स पर पहुंच गई। पोर्टफोलियो के हर सेगमेंट में अच्छी-खासी ग्रोथ दर्ज की गई। पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 22 पर्सेंट बढ़ी। दिसंबर क्वॉर्टर के दौरान कंपनी की आमदनी 59 पर्सेंट बढ़कर 16102 करोड़ रुपये रही। वहीं टैक्स चुकाने से पहले के प्रॉफिट का आंकड़ा 201 करोड़ रुपये का रहा। सालभर पहले की दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने टैक्स चुकाने से पहले 1032 करोड़ रुपये का लॉस दर्ज किया था।

चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर गुंटर बुश्चेक ने एक रिलीज में कहा, ‘टर्नअराउंड स्ट्रैटेजी का फायदा मिल रहा है। यह बात बहुत कड़ी प्रतिस्पर्द्धा वाले बाजार में मार्केट शेयर बढ़ने के साथ नए प्रॉडक्ट्स की लॉन्चिंग और कस्टमर को ध्यान में रखकर उठाए गए कदमों से बेहतर हुई प्रॉफिटेबिलिटी में दिख रही है।’

जगुआर लैंड रोवर बिजनस में हालांकि सेल्स का आंकड़ा ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोप के मुख्य भागों में फ्लैट रहा। नए प्रॉडक्ट्स, टेक्नॉलजी और कपैसिटी में किए गए निवेश से मार्जिन घटा। जेएलआर के सीईओ राल्फ स्पेथ ने कहा कि टाटा मोटर्स की यह ब्रिटिश इकाई जल्द ही अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने वाली है और ‘उसे उम्मीद है कि नए मॉडल्स, सीजनल इफेक्ट और बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी के दम पर चौथे क्वॉर्टर में प्रदर्शन अच्छा रहेगा।’

2.5 लाख तक इनकम पर नहीं लगेगा लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स

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कोटा । बजट में लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स (LTCG) पर 10 फीसदी टैक्‍स का प्रस्‍ताव किया गया है। इसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल 2018 के बाद से 1 लाख रुपए से ज्‍यादा की LTCG पर 10 फीसदी टैक्‍स देना होगा। लेकिन इनकम टैक्‍स का नियम है कि अगर किसी की आमदनी 2.5 लाख रुपए तक है तो उसे कोई टैक्‍स नहीं देना है।

इसी नियम के अनुसार अगर किसी को साल में LTCG से 2.5 लाख रुपए की अमदनी होती है तो उसे कोई टैक्‍स नहीं देना होगा। यह छूट सीनियर सिटीजन और अति वरिष्‍ठों के लिए क्रमश 3 लाख रुपए और 5 लाख रुपए होगी।

क्‍या है बजट प्रस्‍ताव
बजट में वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने LTCG पर 10 फीसदी टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव किया है। यह टैक्‍स 1 अप्रैल 2018 के बाद लागू होगा। जो निवेश 31 जनवरी 2018 के पहले का होगा, उसकी निवेश राशि की गणना के लिए रेट उसकी निवेश राशि या उसके बाद से लेकर 31 जनवरी 2018 के बीच जो भी ज्‍यादा होगा, उसे माना जाएगा। इसके बाद ही उसकी LTCG की गणना की जाएगी।

कैसे मिलेगा ज्‍यादा फायदा
च्‍वॉइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार अगर किसी निवेशक की शेयर बाजार और म्‍युचुअल फंड के अलावा कोई अन्‍य कमाई नहीं है, तो बजट प्रस्‍तावों से भी ज्‍यादा की LTCG की छूट मिल सकती है।

उनके अनुसार आयकर के नियमों के अनुसार अगले साल भी थ्रेसहोल्‍ड लिमिट 2.5 लाख रुपए ही है। इस नियम के अनुसार अगर किसी की अगले साल किसी भी स्रोत से इनकम 2.5 लाख रुपए है, तो उस पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा। ऐसे में अगर LTCG से 2.5 लाख रुपए तक की आमदनी होती है तो वह भी पूरी तरह से कर मुक्‍त होगी।

इससे भी ज्‍यादा की मिल सकती है छूट
सीए और टैक्स सलाहकार सीए मिलिंद विजयवर्गीय  के अनुसार सीनियर सिटीजन और अति वरिष्‍ठ नागरिकों को इससे भी ज्‍यादा की छूट मिल सकती है। सीनियर सिटीजन की अभी 3 लाख रुपए तक की इनकम टैक्‍स फ्री है।

इसके अलावा 80 साल से ज्‍यादा के अति वरिष्‍ठ नागरिकों की 5 लाख रुपए तक की इनकम पूरी तरह से टैक्‍स फ्री है। ऐेसे में सीनियर सिटीजन को होने वाली LTCG से 3 लाख रुपए तक की इनकम पर छूट मिलेगी, जबकि अति वरिष्‍ठ ना्गरिक 5 लाख रुपए के लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन का फायदा ले सकते हैं।

लेकिन LTCG पर नहीं मिलेगी 80C की छूट
सीए और टैक्स सलाहकार पवन कुमार जायसवाल के अनुसार 2.5 लाख से लेकर 5 लाख रुपए की छूट वालों लोगों को अगर छोड़ दिया जाए, तो LTCG की एक लाख रुपए से ज्‍यादा आमदनी पर टैक्‍स देना ही होगा।

इस आमदनी को किसी भी प्रकार के निवेश से बचाया नहीं जा सकेगा। अभी PF, PPF और कई तरह के विकल्‍प हैं, जिनमें निवेश करके इनकम टैक्‍स की छूट ली जा सकती है, लेकिन इन निवेश से LTCG की टैक्‍सेबल आमदनी पर छूट नहीं ली जा सकेगी।

बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1200 अंक लुढ़का, निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूबे

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले निगेटिव संकेतों की वजह से शेयर बाजार में इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भारी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1274 प्वाइंट्स लुढ़कर 33482.81 पर खुला। वहीं, निफ्टी 390 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 10,276.30 पर नजर आया।

BSE में लिस्टेड सभी 30 कंपनियों को नुकसान हुआ है। इससे निवेशकों के कुछ ही मिनट में करीब 5 लाख करोड़ रुपए डूब गए। इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी बाजार में गिरावट देखी गई थी। पहले यह कहा गया कि यह गिरावट लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगने की वजह से है। इस पर खुद फाइनेंस सेक्रेटरी हसमुख अढिया ने सफाई दी और कहा- गिरावट के लिए ग्लोबल मार्केट में आई कमजोरी जिम्मेदार है ना कि टैक्स।

निवेशकों के करीब 5 लाख करोड़ रुपए डूबे
– शुरुआती कारोबार में लार्ज कैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 3.54% टूट गया, मिडकैप शेयरों में वक्रांगी, अडानी पावर, एनबीसीसी, टोरेंट पावर, रिलायंस इंफ्रा, पेज इंडस्ट्रीज, एमएंडएम फाइनेंस, टीवीएस मोटर्स, वर्लपूल, मुथुट फाइनेंस, सेल, जीएमआर इंफ्रा 9.99-4.70% तक टूटे।
– इस वजह से निवेशकों के करीब 5 लाख करोड़ रुपए डूब गए। सोमवार को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,47,95,747 करोड़ रुपए था। वहीं, मंगलवार को सेंसेक्स 1200 अंक गिरकर खुला। इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों को करीब 4,80,927 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

सेंसेक्स के टॉप 5 लूजर्स
– बाजार में चौतरफा बिकवाली से BSE में लिस्टेड सभी 30 कंपनियां लाल निशान पर हैं।
– सबसे ज्यादा गिरावट इनमें देखी गई: टाटा मोटर्स (6.78%), एक्सिस बैंक (4.60%), यस बैंक (4.37%), टाटा स्टील (4%) और एसबीआई (3.95%)।

बाजार के गिरने की वजह क्या है?
1) एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट
– अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को जापान का बाजार निक्केई 1196 अंक यानी 5.27% की गिरावट के साथ 21,486 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– यही हाल हैंगसेंग का रहा। यह बाजार 1385 की गिरावट के साथ 30,861 प्वाइंट्स पर नजर आया। वहीं, एसजीएक्स निफ्टी में 370 अंक की गिरावट के साथ 10,326 अंक पर ट्रेडिंंग जारी है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 1.33% की गिरावट के साथ 2492 अंक पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 510 अंक की गिरावट के साथ 10,435 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– शंघाई कम्पोजिट में 2.14% की कमजोरी दिखी। वहीं, स्ट्रेट्स टाइम्स 112 अंक टूटकर 3371 अंक पर रहा।

2) अमेरिकी बाजारों में 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट
– सोमवार को अमेरिकी बाजारों में 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट ( 7%) दर्ज की गई। इस गिरावट ने बीते एक साल की बढ़त गंवा दी है। महंगे बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
– बिकवाली के दबाव में अमेरिकी बाजारों का एसएंडपी 500 इंडेक्स और डाओ जोंस इंडस्ट्रीयल इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा टूट गए।
– अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2.88% तक पहुंच गई। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से सोमवार के कारोबार में भारी बिकवाली देखने को मिली। जिससे डाओ जोंस 1175 अंक यानी 4.60% की बड़ी गिरावट के साथ 24,346 अंक पर बंद हुआ। एक वक्त डाओ जोंस 1600 अंक टूट गया था। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 113 अंक यानी 4.10% लुढ़ककर 2,649 अंक पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 273 अंक यानी 3.78% टूटकर 6,968 अंक पर बंद हुआ।

आम बजट के बाद भारतीय बाजार का हाल
– आम बजट 1 फरवरी को आया था। उसके बाद शेयर बाजार में अब तक 4 दिन ट्रेडिंग हुई। 3 और 4 फरवरी को अवकाश था। चारों दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।
01 फरवरी: सेंसेक्स 35906 (-59 अंक) और निफ्टी 11010 (-10 अंक) पर बंद हुआ।
02 फरवरी: सेंसेक्स 35,067 (-840 अंक) और निफ्टी 10,761 (-256 अंक ) पर बंद हुआ।
05 फरवरी: सेंसेक्स 34,757 ( -310 अंक) और निफ्टी 10,667 ( – 94 अंक) पर बंद हुआ।
06 फरवरी: शुरुआती कारोबार में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1200 अंक तक लुढ़क गया।

रुपया 29 पैसे गिरकर खुला
– हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को रुपए की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 29 पैसे गिरकर 64.35 के स्तर पर खुला। वहीं, सोमवार को रुपया बिना किसी बदलाव के 64.06 के स्तर पर बंद हुआ था।

ऑटोमेशन इरीगेशन सिस्टम : किसान घर बैठे दे सकेंगे फसलों को पानी

कोटा। फसल व पौधों को खाद, दवा, पानी देने के लिए आने वाले दिनों में किसानों को खेत पर दिन-रात एक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब किसान घर बैठे ऑटोमेशन इरीगेशन सिस्टम के जरिए भी फसल व पौधों में खाद, कीटनाशक दवा की खुराक दे सकेंगे। साथ ही, आवश्यकतानुसार सिंचाई भी कर सकेंगे।

इन दिनों कोटा सहित प्रदेश में उद्यान विभाग की तीन नर्सरियों में इस सिस्टम को प्रदर्शन के लिए लगाया गया है। इसके तहत नर्सरियों में वर्तमान में सिंचाई की जा रही है। खाद, कीटनाशक, रोगनाशक दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यह ऑटोमेशन इरीगेशन सिस्टम उद्यान बूंदी रोड स्थित संतरा उत्कृष्ठता केंद्र में संतरे के बगीचों में लगा हुआ है।

पूरा सिस्टम कम्प्यूटर से एक्टीवेट
कृषि अधिकारी सत्यप्रकाश मीणा ने बताया कि यह सिस्टम कम्प्यटरीकृत है। इंटरनेट से जुड़ा हुआ है। इंटरनेट से मशीन के सॉफ्टवेयर में टाइमिंग सेट की गई है। फसल में कितनी देर पानी देना है। नोजल कितना खोलना है। खाद, कीटनाशक, रोगनाशक दवा की मात्रा कितनी रखनी है।

सब कुछ सॉफ्टवेयर में फीड करना होता है। सेट टाइमिंग पर मशीन शुरू हो जाती है। फिर ऑटोमेटिक बंद भी हो जाती है। वॉल्व को भी इंटरनेट से चालू बंद किया जा सकता है। मशीन से यह भी पता किया जा सकता है कि चलने की अवधि में कितना खाद, दवा, पानी दिया जा चुका है।

उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रामावतार शर्मा ने बताया कि ऑटोमेशन इरीगेशन सिस्टम के तहत पौधों व फसल को दिए जाने वाले पानी, खाद, दवा का पूरा हिसाब रखा जा सकता है। सिंचाई के लिए किसान को खेत पर आने की आवश्यकता नहीं है। यह सिस्टम इंटरनेट से संचालित है। इसका प्रदर्शन किया गया है। संतरा उत्कृष्ठता केंद्र पर लगे ऑटोमेशन इरीगेशन सिस्टम को समझने के लिए यह वीडियो देखिए –

राजस्थान पर 3 लाख करोड़ का कर्ज

जयपुर। विधानसभा में जल्द राजस्थान का बजट आने वाला है। सरकार ने अपने स्तर पर तैयारियां भी की हैं लेकिन आंकड़ें प्रदेश की कुछ अलग ही तस्वीर बता रहे हैं। 31 मार्च 2018 तक राज्य पर कुल बकाया देनदारियां (कर्ज) अनुमानित 2.78 लाख करोड़ रुपए की हैं। पिछले साल के संशोधित अनुमान की तुलना में यह करीब 9.8%ज्यादा है।

इस बढ़ोतरी का कारण उदय योजना के तहत बिजली कंपनियों के कर्ज की राशि शामिल होना भी है, साथ ही राज्य सरकार ने 24 हजार 815 करोड़ रुपए का नया कर्ज भी लिया है। अब इसका दूसरा पहलू देखिए, 19 हजार 626 करोड़ रुपए तो इस कर्ज का ब्याज चुकाने पर ही खर्च हो जाता है।

यह 2017-18 में लिए गए कर्ज का करीब 80 फीसदी है। राजस्थान पर कुल बकाया कर्ज में यदि डिस्कॉम और अन्य गारंटी की राशि को भी जोड़ दें तो यह कर्ज 2,99,158 करोड़ रुपए हो जाएगा। 2013-14 में राजस्थान को कर्ज के ब्याज की अदायगी के रुप में जहां 9 हजार करोड़ खर्च करने पड़ रहे थे वहीं यह साढ़े 19 हजार करोड़ से भी ज्यादा हो गया है।

बजट अध्ययन राजस्थान केंद्र की ओर से सोमवार को जयपुर में विधायकों के साथ हुई बजट पूर्व कार्यशाला में भी कर्ज की बढ़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। इस कार्यशाला में वरिष्ठ विधायक माणकचंद सुराणा, सूर्यकांता व्यास, हीरा लाल रैगर, अनिता गुर्जर, अलका गुर्जर आैर कांग्रेस की प्रदेश मीडिया चेयरपर्सन अर्चना शर्मा सहित गणमान्य लोग मौजूद थे।