Thursday, July 16, 2026
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ग्लोबल मार्केट में रिकवरी से सेंसेक्स 50 अंक मजबूत

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट में रिकवरी के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी जा रही है। सेंसेक्स और निफ्टी आज दोनों की शुरुआत अच्छी बढ़त के साथ हुई। लेकिन आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिटी की बैठक के नतीजे से पहले बाजार ऊपरी स्तर से नीचे फिसल गया है।

सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 300 अंक गिरा है, जबकि निफ्टी ऊपर से 60 अंक टूटा है। हालांकि हैवीवेट शेयरों टाटा मोटर्स, ओएनजीसी, एसबीआई, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति, आईटीसी और इंफोसिस में बढ़त से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। जिससे बाजार में तेजी बनी हुई है।

इससे पहले, आज सेंसेक्स 367 अंक की बढ़त के साथ 34,563 अंक पर खुला। वहीं, निफ्टी 109 अंक चढ़कर 10,607 अंकों पर रहा। आम बजट के बाद पिछले तीन दिनों (2, 5, और 6 फरवरी) में शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। मंगलवार को इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1274 अंक तक टूट गया था। इससे निवेशकों के तीन दिन में 8 लाख करोड़ रुपए डूब गए थे।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी बढ़त
शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.80% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.26% बढ़ा है।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स में तेजी
कारोबार में बैंक, ऑटो समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। बैंक निफ्टी 0.69 फीसदी बढ़ा है। वहीं निफ्टी ऑटो में 1.33 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 0.63 फीसदी, निफ्टी आईटी में 0.06 फीसदी, निफ्टी मेटल में 2.17 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.87 फीसदी और निफ्टी रियल्टी में 2.55 फीसदी की तेजी आई है।

इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स 3% गिरा
स्टॉक मार्केट के इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (विक्स) में गिरावट देखने को मिली है। बुधवार के कारोबार में इंडेक्स 3.33 फीसदी गिरकर 19.34 के लेवल पर पहुंच गया।

इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स यानी विक्स नियर टर्म में उतार-चढ़ाव को लेकर मार्केट के अनुमान को बताता है। हाई विक्स से संकेत मिलता है कि मार्केट नियर टर्म में उतार-चढ़ाव देख सकता है। वहीं, लोअर विक्स से उतार-चढ़ाव कम होने के संकेत मिलते हैं।

एशियाई बाजारों में लौटी तेजी, निक्केई 3% बढ़ा
अमेरिकी बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों से बुधवार को एशियाई बाजारों में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिला। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.93% की बढ़त के साथ 10,593 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 660 अंक की जोरदार उछाल के साथ 22,270 अंक पर कारोबार कर रहा है।

 हैंग सेंग 521 अंक की मजबूती के साथ 31,117 अंक पर नजर आया। हालांकि, कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि स्ट्रेट्स टाइम्स 245 अंक की बढ़त के साथ 10,649 अंक पर नजर आया। शंघाई कम्पोजिट में 0.13% की मजबूती नजर आ रही है। वहीं, स्ट्रेट्स टाइम्स 0.59% बढ़कर 3426 अंक पर देखा गया।

अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद
मंगलवार के कारोबार में उतार-चढ़ाव के बाद अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब हुए। इंट्रा-डे में डाओ जोंस में 1,167 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

कारोबार के अंत में डाओ जोंस 567 अंक की बढ़त के साथ 24,913 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 148 अंक बढ़कर 7,116 अंक पर और एसएंडपी 500 इंडेक्स 46 अंक चढ़कर 2,695 अंक पर बंद हुआ।

रुपए की मजबूत शुरुआत
इस सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन रुपए की मजबूत शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे बढ़कर 64.12 के स्तर पर खुला। मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपए में बड़ी गिरावट रही।

डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे की कमजोरी के साथ 64.24 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपए की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 29 पैसे टूटकर 64.35 के स्तर पर खुला था।

हॉस्पिटल कैटरिंग पर लगने वाला टैक्स हटा, और सर्विसेज में भी रियायत

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नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की आम बजट पर हुई मीटिंग में कई अहम फैसले किए थे। इसके तहत नर्सिंग होम और हॉस्पिटल की सर्विसेज पर जीएसटी में कुछ राहत मिल सकती है।

अब तक हॉस्पिटल में मरीज को दिए जाने वाले खाने को केटरिंग सर्विस माना जा रहा था, लेकिन अब इसे इलाज का ही हिस्सा माना जाएगा। इसलिए, इस पर लगने वाला टैक्स हटा लिया गया है। अगर अस्पताल अटेंडर को खाना देता है तो उसे पहले की ही तरह टैक्स देना होगा।

नर्सिंग होम को भी रियायत
– नर्सिंग होम सर्विसेज पर लगने वाले टैक्स की दरों में रियायत देने पर जीएसटी काउंसिल में सहमति बन चुकी है। इसका नोटिफिकेशन एक या दो दिन में जारी हो सकता है।

बदलाव के बाद कितना टैक्स लगेगा?
1) मरीज को डॉक्टर के दिशा-निर्देश में दिए जाने वाले खाने पर 5% टैक्स था, जो अब 0% कर दिया गया है।
2) अटेंडर को जो खाना परोसा जाता है उस पर पहले भी 5% टैक्स था अब भी उस पर 5% टैक्स लगता रहेगा।
3) विजिटिंग डॉक्टर पूरी फीस रखता है तो टैक्स नहीं, लेकिन अस्पताल कमीशन लेता है तो उस राशि पर 18% लगेगा।
4) अस्पताल की कंसल्टेंट सेवाओं पर 18% टैक्स था, जिसे अब सरकार ने घटाकर जीरो फीसदी कर दिया है।

सब कॉन्ट्रैक्टर को भी देना होगा 12% GST
– जीएसटी आने के बाद जो कॉन्ट्रैक्टर केंद्र, राज्य सरकार और लोकल बॉडी से ठेके लेते हैं, उनपर 12% जीएसटी लगता है, लेकिन ज्यादातर कॉन्ट्रैक्टर ठेका मिलने के बाद उसे सब कॉन्ट्रेक्टर से करवाते हैं। सब कॉन्ट्रेक्टर की पेमेंट पर जीएसटी 18% था। इससे सरकारी प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही थी। अब सब कॉन्ट्रेक्टर भी 12% दायरे में आ गए हैं।

GST कम होने से हम पर होंगे ये असर
एंट्रेंस एग्जाम पर भी GST 0% किया
– कई कॉलेज, यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम करते हैं। इन पर अभी 18% जीएसटी लग रहा था, लेकिन काउंसिल ने इसे घटाकर जीरो फीसदी कर दिया है।
– यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन जनरल और पीरियोडिकल्स खरीदने पर लगने वाले 18 फीसदी जीएसटी को भी घटाकर जीरो फीसदी कर दिया है।

स्कूल बस
– जीएसटी 18% से 0% किया कोई बस ऑपरेटर किराए पर गाड़ी लेकर स्टूडेंट और टीचिंग स्टाफ को लाना ले जाना करते हैं तो उसे अभी 18% जीएसटी देना होता है, लेकिन इसे घटाकर अब शून्य कर दिया गया है।

7500 रुपए मेंटेनेंस चार्ज पर लगेगा जीएसटी
– हाउसिंग वेलफेयर सोसायटीज अपने मेंबर से मेंटेनेंस चार्ज लेकर कॉलोनी का डेवलपमेंट करती हैं।
– जीएसटी में सोसायटी को दिए जाने वाले 5000 रुपए तक के चार्ज पर जीएसटी नहीं लगता था, जिसे अब 7,500 रुपए कर दिया गया है।

बुटिक सर्विस
18% जीएसटी को घटाकर 5% कर दिया गया है।

पानी का जार
20 लीटर पानी के जार पर टैक्स 18% से घटाकर 12% किया गया।

मैकेनिक-प्लंबर
ऑनलाइन ऑपरेटर को मैकेनिक-प्लंबर की हर बुकिंग पर 5% जीएसटी लगेगा, जो पहले 18% था।

राजस्थान विधानसभा में उठा बजरी संकट का मुद्दा

जयपुर/कोटा।  प्रदेश में बजरी संकट से हो रही समस्या का मुद्दा मंगलवार को राजस्थान विधानसभा में उठा। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने मुद्दा उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग रखी। साथ ही बजरी के अन्य विकल्पों का प्रयोग करने का सुझाव भी दिया।

विधायक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत प्रदेश में बजरी खनन बंद है। इसका सीधा असर प्रदेश में चल रहे लोकहित के निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है। बजरी खनन बंद होने से प्रदेश में हजारों मजदूरों का रोजगार छिन गया है। कोटा सहित पूरे प्रदेश में जनहित की कई बड़ी योजनाओं पर निर्माण कार्य चल रहा है।

बजरी संकट के कारण निर्माण कार्यों में विलंब होना तय है। रोक के बावजूद भी कोटा सहित प्रदेश के कई इलाकों में बजरी का अवैध खनन जा रही है और महंगे दाम पर बेची जा रही है। पूर्व में जहां एक ट्रॉली बजरी 4 से 5 हजार रुपए में आ जाती थी, वहीं अब 10 से 12 हजार प्रति ट्रॉली मिल रही है।

उन्होंने कहा कि मामले में केंद्र सरकार से वार्ता कर पर्यावरण एनओसी दिलवाकर कर बजरी संकट का समाधान निकाला जाए तथा निर्माण कार्यों में क्रेशर सैंड का उपयोग शुरू किया जाए। सरकारी विभागोंं में भी इसका इस्तेमाल किया जाए और मध्यप्रदेश की भांति छोटे-छोटे काॅन्ट्रेक्ट देकर रेत उपलब्ध कराई जाए।

नगर विकास न्यास, नगर निगम, और पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों में क्रेशर सैंड को मान्यता नहीं दी जाती, जबकि अन्य राज्यों के सभी विभागो में क्रेशर सैंड से ही निर्माण करवाए जा रहे हैं।

टूटी सड़कों का टोल वसूल रही कंपनियां
विधायक शर्मा ने हाईवे पर हो रहे हादसों का मामला भी प्रश्नकाल में उठाया। उन्होंने टोल कंपनियों/संवेदकों पर सड़कों की मरम्मत नहीं करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पूरक प्रश्न में शर्मा ने कहा कि हाईवे पर यात्रियों से पूरा टोल टैक्स वसूला जाता है, लेकिन सड़कें टूटी रहती है।

उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे पर आवारा पशु, नीलगाय आदि से भी दुर्घटनाएं होती है। घायलों को समय पर एंबुलेंस, आक्सीजन और प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता। जवाब में पीडब्ल्यूडी मंत्री युनूस खान ने बताया कि जहां ऐसी शिकायत आती है, वहां हम स्वयं देखते हैं। राज्य सरकार समय-समय पर भारत सरकार को अवगत करवाती है, क्योंकि प्रदेश में ज्यादातर हाइवे एनएचएआई के अधीन हैं। 

निगम वित्त समिति की बैठक में 515 करोड़ के बजट प्रस्ताव मंजूर

कोटा। भाजपा जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम में वित्त समिति की बैठक आखिर मंगलवार को हो गई। इसमें निगम प्रशासन की ओर से तैयार किए गए 515 करोड़ 88 लाख रुपये के बजट प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। इसे अब 8 फरवरी को होने वाली बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।

इसमें कांग्रेस पार्षद दिलीप पाठक के प्रस्ताव को शामिल किया गया कि अधिकारियों की कमजोरी के कारण पिछले बजट में नई सड़कों के लिए स्वीकृत 10 करोड़ भी पूरे खर्च नहीं हुए तो इस बार इसी मद में 18 करोड़ रखे हैं वे कैसे खर्च होंगे, इस संबंध में अधिकारियों को इस बारे में पूछा जाए।

भाजपा पार्षद दल की बैठक में यह मामला उठा था। इस पर जिलाध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय ने उनसे कहा कि पार्षदों को एकजुट रहना चाहिए। इस मामले में दो बार वित्त समिति की बैठक हुई। पहले 1 फरवरी को व दूसरी सोमवार को। दोनों में ही सदस्यों ने इसका बहिष्कार किया था।

उनका कहना था कि वित्त समिति की बैठक होने से पहले ही बजट तैयार कर लेने और उसे लीक करने से इस बैठक का कोई औचित्य नहीं था। लगातार विरोध को देखते हुए मंगलवार को दुबारा बैठक बुलाई गई।

समिति के सदस्यों से कहा कि जब तक वित्त समिति बजट प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं देगी तब तक बजट बैठक नहीं होगी। इसलिए यह बैठक होना जरूरी है। समिति अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सोनी ने कहा कि इसे देखते हुए मंगलवार को पूरे कोरम के साथ बैठक की गई और बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव में सदस्य दिलीप पाठक के इस आपत्ति को जोड़ा गया है कि पिछले बजट में से नई सड़कों के लिए 10 करोड़ रुपए रखे थे, इसमें से केवल 3.49 करोड़ ही खर्च हो पाए, जिससे मौजूदा बजट में 18 करोड़ का प्रस्ताव रखा है, वह खर्च हो पाएगा या नहीं।

पहले बजट के अनुरूप राशि का उपयोग नहीं करने पर अधिकारियों से भी जवाब लेने की मांग रखी है। बैठक में सभी सदस्य महेश गौतम लल्ली, मधु कुमावत, पवन अग्रवाल, ध्रुव राठौर, अतुल कौशल, जगदीश सिंह मोइली मौजूद थे।

रिजर्व बैंक आज जारी करेगा मॉनिटरी पॉलिसी, सस्‍ते कर्ज की उम्मीद नहीं

नई दिल्‍ली। रिजर्व बैंक आज मॉनिटरी पॉलिसी स्‍टेटमेंट जारी करेगा। एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि ज्‍यादा संभावना इस बात की है कि रिजर्व बैंक दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। महंगाई और तेल की कीमतें बढ़ रहीं हैं। इसके अलावा बजट में ऐसे कई ऐलान हुए हैं जिससे राजकोषीय घाटे पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में रिजर्व बैंक के लिए दरों में कटौती की गुजाइश बहुत कम है। ऐसे में लोगों को सस्‍ते कर्ज और ईएमआई में राहत के लिए अभी और इंतजार करना होगा।

महंगाई और तेल की कीमतें बढा सकती हैं मुश्किलें
इकोनॉमिस्‍ट पई पनिंदकर ने बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी में रेट में बदलाव की संभावना नहीं है। महंगाई 5.3 फीसदी तक पहुंच चुकी है। तेल की कीमतें बढ़ रहीं हैं। इसके अलावा बजट में ऐसी कई घोषणाएं हुईं है जिस पर अमल करने से राजकोषीय घाटा बढ़ने की संभावना है।

ऐसे में रेट कट की गुंजाइश नहीं है। इसके बावजूद अगर रिजर्व बैंक रेट में कटौती करता है तो यह 0.25 फीसदी से ज्‍यादा नहीं होगी। बीएनपी परिबास ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह लगभग तय है कि रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा।

अगस्‍त में रेपो रेट में हुई थी कटौती
रिजर्व बैंक ने अगस्‍त में रेपो रेट में 0.25 फीसदी तक कटौती की थी और रेपो रेट 6 फीसदी हो गया था। मौजूदा रेपो रेट पिछले 6 साल में सबसे निचले स्‍तर पर है। इसके बाद अगली दो मॉनिटरी पॉलिसी में रेपो रेट में कोई बदलाव

रेपो रेट में कटौती की उम्‍मीद नहीं
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्‍टर और सीईओ राजकिरण राय जी ने कहा कि मेरा मानना है कि रिजर्व बैंक को दरों में बदलाव नहीं करना चाहिए। मौजूदा समय में दरों में कटौती की गुंजाइश नहीं बनती है। इसके अलावा रिजर्व बैंकों में दरों में वृद्धि भी नहीं करनी चाहिए।

इसके अलावा कोटक इंस्‍टीट्यूशनल इक्विटीज के सीनियर इकोनॉमिस्‍ट सुवदीप रक्षित को भी उम्‍मीद है कि रिजर्व बैंक को नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। इसके अलावा रिजर्व बैंक बजट पर भी गौर करेगा कि इससे राजकोषीय घाटे और महंगाई पर क्‍या असर होगा।

ग्रोथ में आ रही है तेजी
चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमणियम ने इकोनॉमिक सर्वे के बाद कहा था कि ग्रोथ में तेजी आ रही है और महंगाई बढ़ रही है ऐसे में रिजर्व बैंक के पास दरों में कटोती की गुंजाइश बहुत कम होगी। अपने बजट भाषण में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि मौजूदा वित्‍त वर्ष की जुलाई सितंबर तिमाही में 6.3 फीसदी जीडीपी ग्रोथ संकेत दे रही है कि अर्थव्‍यवस्‍था मजबूती की राह पर है।

दिसंबर में महंगाई रही 5.21 फीसदी
फूड आयटम की कीमतें बढ़ने के कारण दिसंबर माह में खुदरा महंगाई 5 फीसदी को पार कर 5.21 फीसदी तक पहुंच गई। वहीं नवंबर में उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई 4.88 फीसदी और नवंबर में 3.41 फीसदी थी।

कमजोर उठाव से सोयाबीन और उड़द मंदा, धान तेज

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को लहसुन की आवक 1500 हजार कट्टे की रही। कमजोर उठाव से सोयाबीन 50 रुपये, उड़द 100 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। धान 50 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा। माल की कुल आवक 35000 हजार बोरी की रही ।

गेहूं मिल 1500 से 1551 लोकवान 1570 से 1600 पीडी 1600 से 1620 टुकडी 1600 से 1650 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2900 पूसा 1 2500 से 2900 पूसा 4 (1121) 2500 से 3475 धान (1509) 2000 से 3150 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2400 से 3475 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 6000 से 8000 मैथी 2000 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल।

धनिया बादामी 3800 से 4400 ईगल 4000 से 4600 रंगदार 5000 से 5500 धनिया नया 3000 से 6100 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 3300 से 4300 उडद 2400 से 3800 चना 3000से 3650 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। 

चना पेपसी 3400 से 3800 चना मौसमी 3000 से 3800 मसूर 3000 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000से 4050 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। लहसुन 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल। 

प्लास्टिक आधार कार्ड इस्तेमाल करना खतरनाक

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नई दिल्ली। यदि आपने आधार कार्ड का किसी दुकान से लैमिनेशन करा रखा है या फिर प्लास्टिक स्मार्ट कार्ड के तौर पर उसे इस्तेमाल करते हैं तो सावधान रहें। ऐसा करने पर आपके आधार का क्यूआर कोड काम करना बंद कर सकता है या फिर निजी जानकारी चोरी हो सकती है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने इनके इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है। यूआईडीएआई का कहना है कि ऐसा करने पर आपकी मंजूरी के बिना ही आपकी जानकारी किसी तरह पहुंच सकती हैं।

यूआईडीएआई ने कहा कि आधार का कोई एक हिस्सा या मोबाइल आधार पूरी तरह से वैलिड है। आधार स्मार्ट कार्ड्स की प्रिटिंग पर 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक का खर्च आता है, जो पूरी तरह से गैर-जरूरी है। यूआईडीएआई की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘प्लास्टिक या पीवीसी आधार स्मार्ट कार्ड्स अकसर गैर-जरूरी होते हैं। इसकी वजह यह होती है कि क्विक रेस्पॉन्स कोड आमतौर पर काम करना बंद कर देता है। इस तरह की गैर-अधिकृत प्रिंटिंग से क्यूआर कोड काम करना बंद कर सकता है।’

आधार एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘इसके अलावा यह भी संभावना है कि आप की मंजूरी के बिना ही गलत तत्वों तक आपकी निजी जानकारी साझा हो जाए।’ यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि प्लास्टिक का आधार स्मार्ट कार्ड पूरी तरह से गैर-जरूरी और व्यर्थ है। सामान्य कागज पर डाउनलोड किया गया आधार कार्ड या फिर मोबाइल आधार कार्ड पूरी तरह से वैलिड है।

बिना अनुमति आधार कार्ड की जानकारी लेना अपराध
पांडे ने कहा, ‘स्मार्ट या प्लास्टिक आधार कार्ड का कोई कॉन्सेप्ट ही नहीं है।’ यही नहीं उन्होंने लोगों को हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति से आधार नंबर साझा नहीं करपना चाहिए।

यही नहीं यूआईडीएआई ने आधार कार्ड्स की डिटेल जुटाने वाली अनाधिकृत एजेंसियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि आधार कार्ड की जानकारी हासिल करना या फिर उनकी अनाधिकृत प्रिटिंग करना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर कानून के तहत कैद भी हो सकती है।

भंसाली के खिलाफ एफआईआर ख़ारिज, पद्मावत राजस्थान में होगी रिलीज

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट से संजय लीला भंसाली को राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने फिल्म पद्मावत के निर्माण के दौरान पिछले वर्ष फरवरी माह में डीडवाना में वीरेन्द्र सिंह व एक अन्य की ओर से संजय लीला भंसाली, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण व रणवीरसिंह के खिलाफ इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश करने एवं धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसे आरोप लगाते हुए दर्ज करवाई गई एफआईआर क्वैश कर दी है।

कोर्ट ने कहा कि राजस्थान में कोई इस फिल्म को प्रदर्शित करना चाहे तो कर सकता है। सुरक्षा मुहैया करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि इस एफआईआर पर भंसाली की ओर से हाईकोर्ट में सीआरपीसी की धारा 482 के तहत विविध आपराधिक याचिका दायर करते हुए इस एफआईआर को गलत बताते हुए उसे क्वैश करने की गुहार लगाई थी।

हालांकि याचिका की आरंभिक सुनवाई में ही कोर्ट ने एफआईआर के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब इसकी अंतिम सुनवाई के चलते कोर्ट ने भंसाली के अधिवक्ताओं से फिल्म के स्क्रीनिंग किए जाने के निर्देश दिए थे। जस्टिस मेहता ने सोमवार रात फिल्म देखी थी।

मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मेहता भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा कि फिल्म में राजस्थान के इतिहास को लेकर शौर्य और शान को ही प्रदर्शित किया गया है। इसे सेंसर बोर्ड भी हरी झंडी दे चुका है। राजस्थान में सिनेमाघरों में कोई इसे प्रदर्शित करना चाहे तो कर सकता है। सरकार इसे प्रोटेक्ट करें। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोमवार रात शहर के आईनोक्स सिनेमा हॉल में भारी पुलिस जाप्ते के बीच फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की गई थी। इस दौरान करीब छह घंटे तक दो सौ से अधिक पुलिस के जवानों ने मॉल को घेरे रखा। जस्टिस मेहता के साथ सिनेमा हॉल में कोर्ट मास्टर रामनिवास सोनी, पीएस टीकम दैया, तरुण गौड़ व अर्दली मांगीलाल सहित गनमैन इस स्क्रीनिंग में शामिल रहे।

अंबानी-अडानी के डूब गए 64 हजार करोड़, सरकार का फैसला पड़ा भारी

नई दिल्ली। बजट पेश होने के बाद से अब तक घरेलू शेयर बाजार में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है और लगातार तीसरे दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है। इस गिरावट के पीछे का मुख्य कारण मोदी सरकार का एक फैसला रहा है। बाजार में बजट के बाद से जारी गिरावट से अंबानी और अडानी के करीब 64 हजार करोड़ रुपए डूब गए हैं। आइए जानते हैं किसे कितने करोड़ रुपए का हुआ नुकसान…

क्या था मोदी सरकार का फैसला
वित्त मंत्री अरुण जेटली एक फरवरी को बजट पेश किया था। बजट में उन्होंने स्टॉक्स से कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाने की घोषणा की।

इसके तहत एक साल से ज्यादा रखे गए स्टॉक्स पर अगर 1 लाख से ज्यादा इनकम होती है तो निवेशकों को 10 फीसदी टैक्स देना होगा। एलटीसीजी लगाए जाने की वजह से उस दिन से अब तक स्टॉक मार्केट में बिकवाली देखने को मिल रही है।

गौतम अडानी (अडानी ग्रुप)
कितना घटा मार्केट कैप: 17843.53 करोड़ रु
मोदी के करीबी कहे जाने वाले अडानी ग्रुप के मालिक गौतम अडानी की कंपनियों के कुल मार्केट कैप में 17843.53 करोड़ रुपए की गिरावट हुई। इसमें अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स, अडानी पावर और अडानी ट्रांसमिशन का मार्केट कैप लिया गया है। सबसे ज्यादा अडानी पोर्ट के मार्केट कैप में कमी आई है। कंपनी का मार्केट कैप 8459.83 करोड़ रुपए घटा है।

ग्लोबल सेल ऑफ का भी असर
वहीं अब गिरावट लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स से शिफ्ट होकर ग्लोबल मार्केट की हलचल की ओर हो गई है। अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का असर दुनियाभर में जारी है। अमेरिका, यूरोप समेत एशियाई बाजारों में भी गिरावट हो रही है।

 कितना घटा मार्केट कैप
अडानी एंटरप्राइजेज
3378.77 करोड़ रु
अडानी पोर्ट
8459.83 करोड़ रु
अडानी पावर
2776.99 करोड़ रु
अडानी ट्रांसमिशन
3227.94 करोड़ रु

सेकंडों में निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए डूबे
मंगलवार के कारोबार में लार्ज कैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली से निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए डूब गए थे।

सोमवार को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,47,95,747 करोड़ रुपए था। वहीं, मंगलवार को सेंसेक्स 1200 अंक गिरकर खुला। इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों को करीब 5,22,054 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

केश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज)
कितना घटा मार्केट कैप: 45,593 करोड़ रु
बजट के बाद से लगातार तीन दिनों से बाजार में जारी गिरावट से रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में 45,593 करोड़ रुपए की कमी आई है। पिछले तीन दिनों में आरआईएल का स्टॉक 8 फीसदी से ज्यादा टूटा है।

स्टॉक्स में गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप घटा है।1 फरवरी को आरआईएल का मार्केट कैप 5,97,838 करोड़ रुपए था, जो मंगलवार को स्टॉक के निचले स्तर 872.10 रुपए के भाव पर कंपनी का मार्केट कैप घटकर 5,52,245 करोड़ रुपए हो गया।

बिटकॉइन से कमाने वालों को देना होगा टैक्स, वरना एक्शन : CBDT

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नई दिल्ली। वर्चुअल करंसी बिटकॉइन से कमाई करने वालों को टैक्स देना होगा। सीबीडीटी के चीफ सुशील चंद्रा ने मंगलवार को कहा कि बिटकॉइन से कमाई पर अगर टैक्स नहीं भरेंगे तो एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी कमाई का जरिया भी बताना होगा। बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में कहा था कि बिटकॉइन लीगल करंसी नहीं है।

बजट स्पीच में क्रिप्टोकरंसी पर क्या कहा था जेटली ने?
1 फरवरी को अपने बजट भाषण में जेटली ने कहा था, “सरकार क्रिप्टोकरंसी और कॉइन को लीगल टेंडर नहीं मानती है। इन्हें खत्म करने के लिए हम सारे कदम उठाएंगे। गैरकानूनी गतिविधियों में इन क्रिप्टो असेट्स के जरिए फाइनेंसिंग को खत्म करने के लिए सरकार सारे कदम उठाएगी।’

गिर गए थे बिटकॉइन के दाम?
जेटली की बजट स्पीच से पहले बिटकॉइन करंसी के दाम 11,685 यूएस डॉलर्स यानी 7,49,446 रुपए थी। लेकिन बजट के 2 दिन बाद इसके रेट 8,574 यूएस डॉलर्स यानी 549914 डॉलर्स तक आ गए। इस दौरान इस करंसी के प्राइस में 27% की गिरावट दर्ज की गई।

क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट करने वालों पर क्या एक्शन लिया?
पिछले दिनों इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसीज में इन्वेस्ट करने वाले हजारों लोगों को टैक्स नोटिस भेजा था। यह कार्रवाई देश भर में सर्वे के बाद की गई। आई-टी डिपार्टमेंट के मुताबिक, पिछले 17 महीनों में क्रिप्‍टोकरेंसीज से करीब 25 हजार करोड़ रुपए (3.5 अरब डॉलर) की डील्स की गईं।

न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मुंबई, दिल्‍ली, बेंगलुरू और पुणे जैसे शहरों और देश के नौ एक्‍सचेंज से मिले डाटा से पता चलता है कि बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसीज में सबसे ज्‍यादा इन्वेस्टमेंट टेक-सेवी युवा, रियल एस्‍टेट प्‍लेयर्स और ज्‍वैलर्स कर रहे हैं।

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने लोगों को आगाह किया था?
हां, पिछले महीने फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने वर्चुअल करंसी पर अलर्ट जारी किय था। मिनिस्ट्री ने कहा- बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करंसी की लीगल टेंडर नहीं है। “बिटकॉइन से किसी भी तरह की एसेट्स का कोई लेना-देना नहीं है।

बिटकॉइन में इन्वेस्टमेंट बेदह जोखिमभरा है। यह कुछ उन पोंजी स्कीम की तरह ही है, जिसमें आपको कई बार एक झटके में काफी बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।”

क्या है बिटकॉइन?
– बिटकॉइन एक डिजिटल करंसी है। इसे डिजिटल वॉलेट में रखकर ही लेन-देन किया जा सकता है। इसे 2009 में एक अनजान इन्‍सान ने एलियस सतोशी नाकामोटो के नाम से क्रिएट किया था। इसके जरिए बिना बैंक को जरिए बनाए लेन-देन किया जा सकता है। भारत में इस करंसी को आधिकारिक अनुमति नहीं है।