Friday, July 17, 2026
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आपके डेबिट/क्रेडिट कार्ड में लग सकती है सेंध, जानिए कैसे

पिछले कुछ समय में हम लोग ऑनलाइन शॉपिंग ज्यादा करते हैं। आजकल सारे काम क्रेडिट और डेबिट कार्ड स्वाइप के जरिए किए जाते हैं। हाल में एटीएम मशीन से पैसा चुराने के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल 32 लाख एटीम के पिन भी हैक कर लिए गए थे। जानें, किन तरीकों से साइबर क्रिमिनल आपके डेबिट/क्रेडिट कार्ड में लगा सकते हैं सेंध…

एटीएम स्किमिंग सबसे कॉमन तरीका माना जाता है। इसमें एटीएम मशीन में एक कार्ड रीडर लगा दिया जाता है और कार्ड की मेग्नेटिक स्ट्रिप की सारी इन्फर्मेशन को हैकर चुराकर पैसा निकाल लेते हैं। केवल स्किमिंग ही नहीं बल्कि के जरिए ही एटीएम से पैसा नहीं चुराया जाता।

फेक कीपैड्स लगा कर भी कार्ड का पिन चुराया जा सकात है। क्रिमिनल पिन चुराने के लिए असली कीपैड के ऊपर फेक कीपैड चुरा लेते हैं। कार्ड ट्रैपिंग में आपका कार्ड मशीन में ही फंस जाता है और बाद में उसे निकाल कर उससे पैसा चुरा लिया जाता है। इस तकनीक में साइबर क्रिमिनल आपको फेक वेबसाइट पर रिडायरेक्ट कर देते हैं जो असली जैसी लगती है।

इसके बाद आपके जैसे ही कार्ड से ट्रांजैक्शन करते हैं तो कार्ड की डीटेल्स क्रिमिनल्स तक पहुंच जाती है। इस तरीके में आपके पास इनकम टैक्स डिपार्टमेंट या आपके बैंक के नाम से एक ईमेल या मेसेज भेजा जाता है। इसके लिंक में आपकी पर्सनल डीटेल्स को किसी वेबसाइट पर ले लिया जाता है, बाद में इस डेटा के जरिए पैसा चुरा लिया जाता है।

एटीएम से आपका पैसा चुराने का एक और तरीका है हिडन कैमरा। इसमें क्रिमिनल एटीएम मशीन के नजदीक हिडन कैमरा लगा देते हैं और आपका पिन नंबर चुरा लेते हैं।

मोबाइल ऐप्स भी आपके लिए खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए हमेशा सही सॉर्स से ही ऐप डाउनलोड करें क्योंकि फेक ऐप के जरिए आपकी पर्सनल इन्फर्मेशन चुराई जा सकती है।

कार्टून चैनलों पर नहीं दिखेंगे जंक फ़ूड के विज्ञापन

नई दिल्ली। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण सहमति बनी है। अब कार्टून चैनलों पर जंक फूड के विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लोकसभा में बताया कि फूड ऐंड बेवरेज अलायंस ऑफ इंडिया (FBIA) ने बच्चों को ध्यान में रखते हुए कुछ फूड और ड्रिंक्स के विज्ञापनों को स्वेच्छा से नहीं चलाने का फैसला किया है।

बताया गया है कि 9 जानीमानी फूड कंपनियों ने बच्चों के चैनलों पर इस तरह के विज्ञापन नहीं देने का वादा किया है। हालांकि सरकार ने साफ कहा है कि टीवी पर जंक फूड के विज्ञापनों पर बैन का कोई प्रस्ताव नहीं है।

टीवी पर क्या जंक फूड और कोल्ड/सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापनों पर बैन लगाने का प्रस्ताव है? इस सवाल पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी ने एक लिखित जवाब में कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।

राठौड़ ने कहा कि जंक फूड से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भ्रामक विज्ञापनों के प्रसारण के संदर्भ में भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण ने 11 सदस्यीय समिति गठित की थी। अब इस समिति की रिपोर्ट पर अमल हो रहा है।

मंत्री ने कहा कि इस संदर्भ में FSSAI और भारतीय विज्ञापन मानक परिषद के बीच समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि 9 नामी फूड कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि वे ऐसे विज्ञापन कार्टून चैनलों पर नहीं देंगे।

80% एक्सपोटर्स का GST रिफंड पेंडिंग, नए ऑर्डर लेना किया बंद

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नई दिल्ली। देश के 80 फीसदी एक्सपोर्टर्स का जीएसटी रिफंड बीते सात महीने से अभी तक अटका हुआ है। छोटे एक्सपोर्टर्स को फंड्स समस्या इतनी ज्यादा है कि वह नए ऑर्डर नहीं ले रहे हैं क्योंकि उनके पास ऑर्डर पूरा करने के लिए कैश नहीं है। जीएसटी सिस्टम में पहले एक्सपोर्टर्स टैक्स चुकाते हैं और उसके बाद रिफंड क्लेम करते हैं। बीते 7 महीने से रिफंड नहीं मिलने के कारण उनकी वर्किंग कैपिटल की समस्या बड़ी हो गई है।

नहीं ले रहे नए ऑर्डर
फियो के अजय सहाय ने बताया कि जीएसटी आने के बाद कैश फ्लो की समस्या बढ़ गई है जिसके कारण एक्सपोर्टर्स को नए ऑर्डर कैंसल करने पड़ रहे हैं। फियो के मुताबिक एमएसएमई को फंड्स की समस्या के कारण अपना वर्कफोर्स भी कम करना पड़ा है।

कई ऐसे एक्सपोटर्स हैं जिन्होंने फंड्स नहीं होने के कारण नए ऑर्डर मना कर दिए हैं। जीएसटी से पहले एक्सपोटर्स को ड्युटी में छूट मिलती थी लेकिन जीएसटी आने के बाद उन्हें पहले टैक्स चुकाना पड़ता है। उसके बाद चुकाए गए टैक्स का रिफंड क्लेम करना पड़ता है। इस प्रोसेस के कारण फियो के मुताबिक करीब 1.85 लाख करोड़ रुपए सरकार के पास अटके हुए हैं।

सात महीने से अटका हुआ है रिफंड
सहाय ने बताया कि एक्सपोर्टर्स से मिले फीडबैक के मुतााबिक अभी भी 80 फीसदी रिफंड पेंडिंग हैं और टैक्स अथॉरिटी इन्पुट टैक्स क्रेडिट के एप्लीकेशन भी नहीं ले रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एक्सपोर्टर्स अपने रिफंड को लेकर परेशान है। काफी सारे एक्सपोर्टर्स हैं जिन्हें बीते सात महीने से रिफंड नहीं मिला है। सरकार ने ई-वॉलेट लाने के लिए कहा था लेकिन वह भी 1 अप्रैल के बाद ही आएगा। ये स्कीम अभी तक सरकार ने नोटिफाई नहीं किया है।

एक्सपोटर्स हैं परेशान
एशियन हैंडीक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने बताया कि अभी तक एक्सपोटर्स का जुलाई का रिफंड मिलना शुरू नहीं हुआ है जिसके कारण एक्सपोर्टर्स का पैसा सरकार के पास ब्लॉक है। कारोबारियों को वर्किंग कैपिटल की दिक्कतें हो रही थी। एक्सपोर्टर्स कैपिटल की कमी के कारण अपने ऑर्डर समय पर पूरा करने के लिए परेशान हैं जिसके कारण वह नए ऑर्डर नहीं ले रहे हैं।

सरकार पोर्टल को करे ठीक
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के चेयरमैन ओमप्रकाश प्रह्लाद ने कहा कि अभी तक इंडस्ट्री को रिफंड मिलना शुरू नहीं हुआ है। हैंडीक्राप्ट एक्सपोर्टर राजकुमार मल्होत्रा ने कहा कि सरकार ने भी माना है कि जीएसटी पोर्टल में प्रॉब्लम है, तो सरकार पहले इस समस्या को खत्म करे क्योंकि कस्टम के अधिकारी भी मान रहे है कि कस्टम के बिल में प्रॉब्लम नहीं है लेकिन जीएसटी पोर्टल पर आईजीएसटी के साथ मिसमैच दिखा रहा है। 

चौतरफा खरीददारी से सेंसेक्स 330, निफ्टी 100 अंक चढ़ा

नई दिल्ली। लगातार दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। तेज शुरुआत के बाद बाजार में चौतरफा खरीददारी देखने को मिली। जिससे बाजार दिनभर हरे निशान में कारोबार करता दिखा। हैवीवेट इंफोसिस, एसबीआई, एचयूएल, एचडीएफसी, मारुति, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी से बाजार को सपोर्ट मिला, जिससे कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 550 अंकों से ज्यादा उछाला आया।

वहीं सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त से कारोबार के अंत में सेंसेक्स 330 अंक की बढ़त के साथ 34,413 अंक पर और निफ्टी 100 अंक बढ़कर 10,577 अंक पर बंद हुआ।इससे पहले, एशियाई बाजारों से मिल पॉजिटिव संकेतों से आज सेंसेक्स 125 अंक बढ़कर 34,208 अंक पर खुला।  निफ्टी 12 अंक की बढ़त के साथ 10,518 अंक पर खुला।

छोटे-मझोले शेयरों में हुई शानदार खरीददारी
– लार्जकैप शेयरों के साथ छोटे और मझोले शेयरों में अच्छी खरीददारी दिखी। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.82 फीसदी की बढ़त के साथ 16649 अंक पर बंद हुआ। मिडकैप शेयरों में भारत फोर्ज, सन टीवी, मुथुट फाइनेंस, पेज इंडस्ट्रीज, आईडीबीआई, एलटीआई, आरकॉम, जिंदल स्टील, अजंता फार्मा, टोरेंट पावर और वर्लपूल 4.63-7.73 फीसदी तक बढ़े।
– वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 2.25 फीसदी बढ़कर 18131 अंक पर बंद हुआ। स्मॉलकैप शेयरों में एक्सेल इंडस्ट्रीज, अर्शिया, लुमैक्स इंडस्ट्रीज, मोरपेन लैब, सूर्या रोशनी, टीडी पावर सिस्टम्स, जेएमसी प्रोजेक्ट, एमईपी 12.66-20 फीसदी तक चढ़े।

गैलेक्सी सर्फेंक्टेंट्स का शेयर 3% प्रीमियम पर लिस्ट
– स्पेशिएलिटी केमिकल्स मैन्युफैक्चरर गैलेक्सी सर्फेंक्टेंट्स लिमिटेड का शेयर एनएसई पर 3 फीसदी प्रामियम के साथ 1525 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ। वहीं बीएसई पर शेयर 2.70 फीसदी प्रीमियम के साथ 1520 रुपए पर लिस्ट हुआ। लिस्टिंग के लिए कंपनी का इश्यू प्राइस 1480 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था।

16% तक तेजी के साथ 52 हफ्तों के टॉप पर फड़क
गुरूवार के कारोबार में फार्मा कंपनी एफडीसी लिमिटेड के शेयरों में 16 फीसदी तक तेजी रही है। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर अपने 52 हफ्तों के टॉप पर पहुंच गया। कंपनी ने शेयर बॉयबैंक को मंजूरी दी है। वहीं, तीसरी तिमाही में कंपनी के नतीजे बेहद अच्छे रहे हैं, जिसकी वजह से शेयर में तेजी बनी हुई है।

FII ने की बिकवाली, डीआईआई रहे खरीददार
– बुधवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 1022.50 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 461.19 करोड़ रुपए शेयर बाजार में निवेश किए।

अमेरिकी बाजार गिरकर बंद
– बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला और कारोबार के अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 19 अंक गिरकर 24,893 अंक पर बंद हुए।

एसएंडपी 500 इंडेक्स 13 अंक की गिरावट के साथ 2,682 अंक पर बंद हुए। वहीं नैस्डैक 64 अंक फिसलकर 7,052 अंक पर बंद हुए। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशकों में घबराहट है।

मर्सेडीज मेबैक एस650 लग्जरी कार भारत में लॉन्च

नई दिल्ली। प्रमुख लग्जरी वाहन निर्माता मर्सेडीज-बेंज ने बुधवार कोअपनी मेबैक एस 650 लॉन्च कर दी। इसके साथ ही कंपनी ने भारत में लॉन्च की जाने वाली अपनी आगामी ई-क्लास ऑल-टेरेन मॉडल को भी प्रदर्शित किया। कंपनी ने इसके साथ मेड-इन-इंडिया बीएस-6 मर्सेडीज मेबैक एस 560 लॉन्च किया।

एस650 एक लंबी वीलबेस मॉडल है और मर्सेडीज-बेंज़ की एस क्लास सीरीज़ में सबसे प्रीमियम है। भारत में पहले ही मेबैक एस500 और एस600 मॉडल मौज़ूद हैं। मेबैक एस650 ने भारत में एस600 की जगह ली है। कंपनी ने कहा कि एस 650 मॉडल की कीमत 2.73 करोड़ रुपए (एक्स-शोरूम) रखी गई है तथा एस 560 मॉडल की कीमत 1.94 करोड़ रुपए है। लक्जरी कार ब्रैंड ने अपनी भविष्य के इलेक्ट्रिक वाहन ‘ईक्यू कॉन्सेप्ट’ का अनावरण किया।

एस650 का डायमेंशन एस600 की तरह ही है। इसके अलावा, एस650 में एस500 में दिए गए 19 इंच की जगह 20 इंच वाले अलॉय वील दिए गए हैं। नई एस-क्लास फेसलिफ्ट पर आधारित एस650 में अगले हिस्से को एक नए बंपर और बड़े एयर डैम के साथ अपडेट किया गया है। इसके अलावा, एलईडी हेडलैंप भी नए हैं। कार के रियर पर भी नए स्टाइल वाले बंपर और टेल लैंप दिए गए हैं।

कंपनी ने ये घोषणाएं 14वें ऑटो एक्सपो के प्री-ओपन आयोजन में की। ‘ऑटो एक्सपो – द मोटर शो’ का आयोजन ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में नौ से 14 फरवरी तक किया जा रहा है। हालांकि बुधवार और गुरुवार का दिन मीडिया और प्रदर्शकों के लिए आरक्षित रखा गया है।

DBT पेमेंट से सरकार ने बचाए अब तक 75 हजार करोड़

नई दिल्ली। सब्सिडी का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर करने (DBT) में सरकार ने नया रेकॉर्ड बनाया है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सरकार ने इस वित्त वर्ष 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को सीधे जनता के खातों तक पहुंचाया है। सीधे सब्सिडी को खातों में भेज सरकार ने 2014 से लेकर अबतक करीब 75 हजार करोड़ रुपये की बचत है, जिसका ऐलान सरकार जल्द ही कर सकती है।

सरकार जो पैसा पब्लिक के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए डालती है, वह रकम इस फाइनैंशल ईयर में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। सरकार जल्द ही इस स्कीम के तहत हुए पेमेंट में 2014 से अब तक लगभग 75,000 करोड़ रुपये की बचत होने का ऐलान कर सकती है। बुधवार को डीबीटी पेमेंट इस वित्त वर्ष में 1,00,144 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

सरकार ने 2016-17 में डीबीटी के जरिए 74,707 करोड़ जारी किए थे जबकि 2013-14 में यूपीए के कार्यकाल के दौरान 7,367 करोड़ रुपये का डीबीटी हुआ था। एक वरिष्ठ सरकारी अफसर ने ईटी को बताया कि 2017-18 में डीबीटी पेमेंट का फाइनल डेटा 1.2 लाख करोड़ रुपये हो सकता है जो पिछले फिस्कल से 60 प्रतिशत ज्यादा है।

सरकारी सूत्र ने बताया कि ग्रामीण रोजगार योजना और सब्सिडी वाली रसोई गैस के लिए इस वित्त वर्ष में 63 करोड़ से ज्यादा लोगों को डीबीटी पेमेंट मिला है जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 35 करोड़ का था। सूत्र ने जोर देकर कहा कि इस हिसाब से देश की आधी आबादी को कोई बिचौलिया या लीकेज बिना सरकार से सीधे पेमेंट का बेनिफिट मिल रहा है।

मई 2014 में जब मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार बनी थी तब सिर्फ 10 करोड़ लोगों को डीबीटी के जरिए पेमेंट मिल रहा था। सूत्र ने बताया, ‘लेटेस्ट डेटा में डीबीटी और सब्सिडी का पैसा गलत हाथों में जाने से रुकने से सरकार की कुल बचत लगभग 75,000 करोड़ रुपये तक हो सकती है। पिछली बार बचत के जो आंकड़े जारी किए गए थे उसमें यह 57,029 करोड़ रुपये रहा था।’

विपक्षी दल और सामाजिक कार्यकर्ता सरकार पर बचत से जुड़े इन आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप लगा रहे हैं। डीबीटी पेमेंट में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह इस साल मार्च तक सभी सेंट्रल स्कीमों (लगभग 450) को इसके दायरे में लाने की कोशिश है।

पिछले वित्त वर्ष में 142 सेंट्रल स्कीमों को डीबीटी के तहत कवर किए जाने से टोटल स्कीमों की संख्या 412 हो गई है। इस वित्त वर्ष में डीबीटी के जरिए सबसे ज्यादा 28,623 करोड़ रुपये का पेमेंट मनरेगा के जरिए हुआ है जबकि रसोई गैस पर सब्सिडी के लिए सरकार ने 20,610 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं।

इसके अलावा 10,042 करोड़ रुपये की रकम कई स्कॉलरशिप स्कीमों के तहत जारी हुई जबकि 5,831 करोड़ रुपये नैशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम में दिए हैं। दूसरी स्कीमों के तहत 34,917 करोड़ रुपये का डीबीटी हुआ है।

सरकारी सूत्र ने कहा, ‘डीबीटी में 2014 से अब तक 2.83 लाख करोड़ रुपये का पेमेंट हुआ है।’ उन्होंने कहा कि इसमें सरकार को लगभग 75,000 करोड़ की बचत हुई है जो चुकाई गई रकम का 26% पर्सेंट है। यह डीबीटी की कामयाबी की निशानी है।

एक अप्रैल से पुराने होम और ऑटो लोन सस्ते : RBI

नई दिल्ली। एक अप्रैल से पुराने होम और ऑटो लोन की ब्याज दर में कमी आने और कस्टमर्स पर ईएमआई का बोझ कम होने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक ने बैंकों के बेस रेट को एमसीएलआर से लिंक करने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक ने बुधवार को मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू के बाद एक बयान में यह जानकारी दी।

इसमें कहा गया कि आरबीआई के बार-बार चिंता जताने के बाद भी बैंकों ने बेस रेट पर जारी किए गए पुराने लोन को एमसीएलआर व्यवस्था में ट्रांसफर नहीं किया है। इसी के मद्देनजर आरबीआई ने यह फैसला लिया है।

एमसीएलआर रघुराम राजन ने शुरू की थी
– मार्जिनल कॉस्‍ट आधारित लेडिंग रेट यानी एमसीएलआर अरेंजमेंट रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने 1 अप्रैल 2016 से शुरू की थी। इसके बाद से बैंक नए कर्ज एमसीएलआर के आधार पर ही देते हैं।
– रिजर्व बैंक का मानना है कि एमसीएलआर पॉलिसी रेट्स के प्रति ज्यादा संवेदनशील है। इसमें कटौती का फायदा ग्राहकों को तेजी से मिलेगा, लेकिन देखने में यह आया था कि बैंक बेस रेट के तहत ग्राहकों को पॉलिसी रेट में कटौती का फायदा उतना नहीं दे रहे थे जितना देना चाहिए।
– बड़े पैमाने पर बैंकों के लोन अभी भी बेस रेट पर हैं। एमसीएलआर व्यवस्था के तहत सभी बैंकों को एक ही फार्मूले के आधार पर लेडिंग रेट तय करनी होती है। जबकि बेस रेट और बीपीएलआर के तहत बैंक अपने कर्ज की न्यूनतम दर तय करने के लिए अपना-अपना तरीका अपनाते हैं।

मॉनिटरी पॉलिसी की मुख्य बातें
– आरबीआई ने बुधवार को मॉनिटरी पॉलिसी की रिव्यू मीटिंग की। इसमें रेपो रेट 6% और रिवर्स रेपो रेट 5.75% को जस का तस रखा। अब आरबीआई मौद्रिक नीति की अगली समीक्षा 4-5 अप्रैल को करेगा।
– एमएसएफ रेट और बैंक रेट 6.25% पर कायम रखा। एमपीसी के 5 सदस्य दरें यथावत रखने के पक्ष में रहे। एक सदस्य ने दरें 0.25% बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया।
– आरबीआई ने मॉनिटरी पॉलिसी का रुख ‘न्यूट्रल’ रखा है।
– 7वें वेतन आयोग में एचआरए बढ़ने से महंगाई बढ़ने का अंदेशा।
– जनवरी-मार्च के लिए महंगाई दर का लक्ष्य बढ़ाकर 5.1% किया।

एमएसएमई को लोन चुकाने के लिए 180 दिन तक की मोहलत
– रिजर्व बैंक ने नोटबंदी-जीएसटी के लागू होने से प्रभावित हुए एमएसएमई सेक्टर को राहत दी है। वे अब अपने कर्ज का बकाया 180 दिन में अदा कर सकेंगे। हालांकि सूक्ष्म, छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के वही कारोबारी छूट का फायदा उठा पाएंगे जिन्होंने जीएसटी के तहत अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया हो और 31 जनवरी 2018 तक उनका सालाना टर्नओवर 25 करोड़ रुपए से अधिक न हो।
-इस राहत के दायरे में वही एमएसएमई आएंगे जिन्होंने 1 सितंबर 2017 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक लोन की किश्त नहीं चुकाई है।
– सरकार एमएसएमई सेक्टर पर विशेष ध्यान दे रही है, क्योंकि यह सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वाला क्षेत्र है। सरकार ने बजट में भी इन्हें राहत दी है। 250 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर वाले एसएसएमई के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर को 30% से घटाकर 25% कर दिया है।

सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा बढ़ा, निफ्टी 10550 के पार

नई दिल्ली। एशियाई बाजारों से मिले संकेतों से गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। हैवीवेट शेयरों इंफोसिस, एचडीएफसी, टीसीएस, मारुति, एसबीआई, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी और एचयूएल में मजबूती से बाजार में तेजी बढ़ी है।

वहीं मेटल को सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त से बाजार को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीददारी दिख रही है। फिलहाल सेंसेक्स 306 अंक चढ़कर 34,388 अंक पर और निफ्टी 97 अंक की बढ़त के साथ 10,574 अंक पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले, आज सेंसेक्स 125 अंक बढ़कर 34,208 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 12 अंक की बढ़त के साथ 10,518 अंक पर खुला।

छोटे-मझोले शेयरों में खरीददारी
– लार्जकैप शेयरों के साथ छोटे और मझोले शेयरों में अच्छी खरीददारी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.48 फीसदी बढ़ा है। मिडकैप शेयरों में टोरेंट पावर, एलटीआई, ओबेरॉय रियल्टी, इंडियन होटल, अडानी पावर, रिलायंस इंफ्रा, अमारा राजा बैट्रीज, मुथुट फाइनेंस, जीएमआर इंफ्रा 1.52-4.47 फीसदी तक बढ़े।
– वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.84 फीसदी मजबूत हुआ है। स्मॉलकैप शेयरों में एचईजी, एक्सेल इंडस्ट्रीज, स्पेशिएलिटी रेस्टोरेंट, एनआईएलए, वाटरबेस, उज्जस एनर्जी, फिलिप्स कार्बन, टीवीएस इलेक्ट, स्पाइस जेट 11.27-4.99 फीसदी तक उछले।

रुपया 9 पैसे गिरकर खुला
– सप्ताह के चौथे कारोबार दिन रुपए की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे की गिरावट के साथ 64.37 के स्तर पर खुला। बुधवार को रुपया दायरे में कारोबार करते दिखा। आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किए जाने से रुपया दायरे में रहा। कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 5 पैसे की गिरावट के साथ 64.28 के स्तर पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपए की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे बढ़कर 64.12 के स्तर पर खुला था। वहीं, मंगलवार को रुपया 64.24 के स्तर पर बंद हुआ था।

एशियाई बाजारों में तेजी
– अमेरिकी बाजारों कमजोरी के बावजूद गुरुवार को एशियाई बाजारों में बढ़त देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.44 फीसदी की मजबूती के साथ 10,497 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 55 अंक की तेजी के साथ 21,700 अंक पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 200 अंक उछाल के साथ 30,521 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.80 फीसदी की मजबूती के साथ 2416 अंक पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 0.05 फीसदी की कमजोरी के साथ 10545 अंक पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट 24 अंक टूटकर 3285 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.33 फीसदी की तेजी के साथ 3,395 अंक पर कारोबार कर रहा है।

FII ने की बिकवाली, डीआईआई रहे खरीददार
– बुधवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 1022.50 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 461.19 करोड़ रुपए शेयर बाजार में निवेश किए।

अमेरिकी बाजार गिरकर बंद
– बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला और कारोबार के अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 19 अंक गिरकर 24,893 अंक पर बंद हुए। एसएंडपी 500 इंडेक्स 13 अंक की गिरावट के साथ 2,682 अंक पर बंद हुए। वहीं नैस्डैक 64 अंक फिसलकर 7,052 अंक पर बंद हुए। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशकों में घबराहट है।

फलौदी माता मेले की ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत

रामगंजमंडी। मंदिर श्रीफलौदी माताजी महाराज समिति द्वारा खैराबाद में गत वर्ष आयोजित 19वां द्वादशवर्षीय श्रीफलौदी माता मेले का अधिकृत आय-व्यय ब्यौरा एवं आडिट रिपोर्ट समाजबंधुओं के लिए प्रस्तुत कर दी गई।

समाज के महामंत्री गोपालचंद्र गुप्ता (बारवां वाले) ने बताया कि अखिल भारतीय मेड़तवाल (वैश्य) समाज के एतिहासिक कुंभ मेले की सफलता के पश्चात् परम्परानुसार 14 मई,2017 को मंदिर परिसर,खैराबाद में हुई आमसभा में हिसाब-किताब का सम्पूर्ण ब्यौरा प्रस्तुत कर दिया गया।

साथ ही दो माह पूर्व 1 अप्रैल,2016 से 19 दिसंबर,2017 तक की अवधि में मेले से संबंधित समस्त आय-व्यय की ऑडिट रिपोर्ट जारी कर समाजबंधुओं को जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से कुछ तत्वों द्वारा मेले में 12 करोड़ की आय का हिसाब नहीं देने जैसे अनर्गल आरोप लगाकर समाज में कटुता फैलाई जा रही हैं।

जबकि सच्चाई यह कि मेले में न तो इतनी राशि खर्च हुई, न ही इतनी आय हुई। मेला आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों ने पारदर्शिता का ध्यान रखते हुए प्रत्येक सदस्य को राशि की रसीदें सौंपी तथा बाद में उसकी ऑडिट भी करवाई। समाज के परिवारों में परस्पर मेलजोल व सेवा भावना होने से मेला शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार सम्पूर्ण मेले के दौरान भूमि चयन, आवास व टेंट, भोजन, जल, बिजली, सफाई, यातायात, सुरक्षा, सजावट, प्रिंटिंग, साउंड, विभिन्न घार्मिक, आध्यात्मिक व सामाजिक आयोजनों, मंदिर व्यवस्था व अन्य सभी मदों पर कुल 6,97,99,843 रूपए की राशि खर्च हुई तथा समाजबंधुओं के आर्थिक सहयोग से 6,79,99,843 रू. की आय हुई। यह ऑडिट रिपोर्ट देखने से स्पष्ट है कि कथित 12 करोड़ की राशि के आरोप सरासर निराधार हैं।

5 साल बाद भी कोटा ट्रिपलआईटी का भवन नहीं, विधान सभा में उठा मुद्दा

कोटा। पांच साल के बाद भी राज्य सरकार अब तक कोटा ट्रिपलआईटी के निर्माण की डेडलाइन तय नहीं कर पाई है। साल 2013 में कोटा ट्रिपलआईटी को जयपुर एमएनआईटी जयपुर में शुरू कर दी गई थी। इसके बाद सरकार ने ट्रिपलआईटी की जमीन को रानपुर में स्वीकृत कर दिया गया। तब से लेकर अब तक इतना समय गुजरने के बाद भी सरकार यह नहीं बता पा रही है कि ट्रिपलआईटी का निर्माण कब तक हो जाएगा।

विधानसभा सत्र के दौरान विधायक संदीप शर्मा ने यह सवाल तकनीकी शिक्षा मंत्री से किया। इस पर तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि ट्रिपलआईटी के भवन निर्माण व संसाधनों के लिए के लिए समुचित राशि स्वीकृत किया जाना अभी विचाराधीन है। दूसरी ओर ट्रिपलआईटी से एक बैच तक पास आउट हो चुका है।

बीच में ट्रिपलआईटी को आईपीएल और इसके बाद राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में अस्थाई रूप से शुरू करने की कवायद चली थी। विधानसभा सत्र के बाद इस संबंध में विधायक संदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
सरकार से राशि मिलने पर ही होगा निर्माण

विधायक शर्मा की ओर से पूछे गए सवाल में बताया गया है कि अब तक रानपुर में आवंटित जमीन पर चारदिवारी, सिक्योरिटी ऑफिस और साइकिल ट्रैक का काम पूरा हुआ है। भवन निर्माण के लिए लिए अपेक्षित राशि सरकार से मिलने पर ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

कोटा में ट्रिपलआईटी बनने से यह होगा फायदा
कोटा में ट्रिपलआईटी बनने से सबसे बड़ा फायदा रानपुर के इंफ्रास्ट्रेक्चर का होगा। इस क्षेत्र में अभी इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। ऐसे में यह जगह हायर एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की संभावनाएं हैं।

जेईई मेन्स में औसत रैंक लाने वाले स्टूडेंट्स किसी अन्य एनआईटी व ट्रिपलआईटी की जगह कोटा को ही प्राथमिकता देंगे। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी और ट्रिपलआईटी के बीच नॉलेज व टेक्नोलॉजी शेयरिंग होने से आरटीयू के स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा।

अभी हैं 299 स्टूडेंट्स
वर्तमान में ट्रिपलआईटी की ब्रांचों में 299 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। एंट्री लेवल के 22 नियमित फैकल्टी वहां काम कर रही हैं। सीनियर फैकल्टी के सभी पद रिक्त ही चल रहे हैं। लेबोरेट्री व अन्य इंफ्रास्ट्रेक्चर भी एमएनआईटी जयपुर ही उपलब्ध करवा रही है। ट्रिपलआईटी में पढ़ रहे 299 में से 240 छात्र व 59 छात्राएं हैं। सामान्य वर्ग के 138, एससी वर्ग के 43, एसटी वर्ग के 27 व ओबीसी वर्ग के 96 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं।