Friday, July 17, 2026
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कोटा की कबूतरबाजी पर बनेगी शॉर्ट फिल्म

कोटा। कोटा के करीब 200 साल से अधिक पुरानी कबूतरबाजी खेल पर पहली बार शॉर्ट मूवी बनेगी। कबूतरों की उड़ान से लेकर इनके डाइट सिस्टम और उड़ान भरने और इनकी होनी वाली प्रतियोगिता और कंपीटिशन को लेकर कोटा के युवा आर्टिस्ट सर्वेश हाड़ा के निर्देशन में डॉक्यूमेंट्री बनाना शुरू कर दिया है। अभी इसका ट्रेलर जारी कर दिया है। यह अप्रैल में जारी होगी।

शहर की पुरानी छतों से उड़ान भरने वाले विभिन्न नस्ल के कबूतरों को शामिल किया गया है। साथ ही देशभर की कबूतरबाजी की परंपराओं को भी इसमें शामिल किया है। हाड़ा ने बताया कि कोटा सहित देश में इसे शौकिया खेलने की पुरानी परंपरा है। हाड़ा ने बताया कि उनके निर्देशन में यह 45 मिनट की मूवी तैयार होगी।

इसका नाम द व्हाइट सर्कल रखा है। टीम में मोहित शर्मा, मुकेश अग्रवाल, अविनाश गोयल, मयंक गौड़ शामिल है। कोटा में दो दर्जन से अधिक छतें जिन पर है उड़ान होती है। जनवरी से फरवरी तक इनके गेम होते हैं।

देश में सबसे अधिक सात घंटे की टाइमिंग है कोटा की
प्रदेश के अलावा देश के अन्य स्थानों पर होने वाले कबूतरों की उड़ान की टाइमिंग में कोटा की सबसे अधिक सात घंटे की है। यानी यहां की उड़ान में सात घंटे से पहले आने वाले कबूतर को आउट मान लिया जाता है। जबकि देशभर के अलावा प्रदेश के जोधपुर, जयपुर, टोंक और भरतपुर में छह-छह घंटे की टाइमिंग है। यानी कोटा से अधिक किसी जगह की टाइमिंग नहीं है।

बाबा पिंजन फ्लाइंग एसोसिएशन के चेयरमैन शरद बाबा बताते है यह शहर की प्राचीन परंपरा है। जिसका 200 साल से अधिक समय से निर्वहन किया जा रहा है। उनकी छत पर करीब 2 हजार से अधिक कबूतर है। कंपीटिशन के लिए हर दिन देखभाल करनी होती है। इन पर करीब 50 हजार रुपए महीने खर्च होते हैं।

चार कर्मचारी इनकी व्यवस्था संभालते हैं। नवंबर से फरवरी तक उड़ान होती है। आठ महीने इनकी सेवा करनी होती है। 10 बोरी दाना और चार महीने के लिए उड़ान वाले कबूतरों के लिए 50 किलो ड्राइ फ्रूट्स यानी बादाम, पिस्ता, अखरोट और दाल खिलाई जाती है।

गूगल पर 136 करोड़ का जुर्माना, गलत तरीके अपनाने का आरोप

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नई दिल्‍ली। कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने सर्च इंजन गूगल पर 136 करोड़ रुपए फाइन लगाया है। गूगल पर भारतीय ऑनलाइन सर्च मार्केट में गलत तरीके से करोबार करने का आरोप लगा था। गूगल के खिलाफ यह मामला 2012 में दर्ज कराया गया था। दुनिया में ऐसा बहुत ही कम हुआ है जब गूगल पर फाइन लगा हो।

गूगल परआरोप है कि उसने सर्च इंजन बाजार में अपनी डॉमिनेट पो‍जीशन का गलत फायदा उठाया। इसी के चलते गूगल पर 135.86 करोड़ रुपए की पेनाल्‍टी लगाई गई है। सीसीआई के अनुसार यह पेनाल्‍टी गूगल के वर्ष 2013, 2014 और 2015 के विभिन्‍न सेगमेंट में औसत कारोबार की 5 फीसदी है। सीसीआई को गूगल ने पेनाल्‍टी पर विचार करने का आग्रह किया था, लेकिन सीसीआई ने इस मामले में पेनाल्‍टी लगाना उचित समझा।

मैट्रीमोनियम डॉट काम ने की थी शिकायत
गूगल के खिलाफ यह शिकायत मैट्रीमोनियम डॉट काम एंड कंज्‍यूमर यूनिटी एंड ट्रस्‍ट सोसाइटी ने की थी। 2012 में इस मामले में Google LLC, Google इंडिया और Google आयरलेंड को पार्टी बनाया गया था।

एम्स के ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में त्रुटि सुधारने का मौका नहीं

अलर्ट : कोटा सेंटर से 5909 परीक्षार्थी देंगे एम्स-यूजी प्रवेश परीक्षा। कोटा परीक्षा केंद्र हाउसफुल हो जाने से अब दूसरे सेंटर के विकल्प भरने होंगे। ऑनलाइन फार्म भरने में त्रुटि सुधार का मौका नहीं मिलने से हजारों विद्यार्थी परेशान।

-अरविंद
कोटा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की प्रवेश परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने वाले विद्यार्थियों को विवरण में त्रुटि सुधारने का प्रावधान नहीं किए जाने से हजारों कोचिग विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं।

उनका कहना है कि 5 फरवरी को पहले दिन ई-मित्र पर सेंटर लॉक करने की जल्दबाजी में उनसे नाम, पिता का नाम, जन्मतिथी या मार्कशीट के रोल नंबर आदि में कोई त्रुटि हो गईं तो उन्हें सुधारने का कोई अवसर नहीं मिलेगा, जिससे आवेदन फार्म निरस्त हो जाने पर परीक्षा से वंचित होने का भय सता रहा है।

26 व 27 मई को होने वाली एम्स-यूजी प्रवेश परीक्षा के लिए इस वर्ष राज्य के 9 शहरों जयपुर, कोटा, जोधपुर, अजमेर, अलवर, सीकर, उदयपुर, बीकानेर व श्रीगंगानगर में ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाए गए। झांसी से कोचिंग ले रहे विष्णु पटेल ने बताया कि ई-मित्र पर भीड़ होने से ऑनलाइन फार्म भरते समय उससे 12वीं बोर्ड के रोल नंबर भरने में त्रुटि हो गई।

इसी तरह, भीलवाडा से कोटा में कोचिंग छात्र धर्मराज मीणा ने बताया कि उसके फॉर्म में पिता के नाम में स्पेलिंग मिस्टेक हो गई, जिसे वह सुधारना चाहता है लेकिन मौका नहीं मिला तो वह परीक्षा से वंचित हो जाएगा। उसकी एक वर्ष की मेहनत बेकार हो जाएगी।

प्री-मेडिकल में जोधपुर के कोचिंग छात्र पीआर विश्नोई, कानपुर के सम्राट यादव एवं इलाहाबाद के पार्थ सिंह ने कहा कि सभी प्रवेश परीक्षाओं में ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी करने से पहले गलती सुधारने का अवसर दिया जाता है।

इसलिए एम्स के परीक्षार्थियों को भी यह मौका मिलना चाहिए ताकि वे परीक्षा देने से वंचित न रह जाएं।  कोचिंग छात्र मोनू विनझारे (छिंदवाड़ा) व बंटी राम (भरतपुर) ने कहा एम्स प्रवेश परीक्षा में ओबीसी वर्ग के लिए 12वीं में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता करने से 1 प्रतिशत अंक कम होने से वे अयोग्य हो गए। छात्र मीनू मीणा व सांवरा लाल ने बताया कि हम गांव से हैं, पहली बार ऑनलाइन फॉर्म भरने में गलती हो सकती है, इसलिए उसे सुधारने का मौका दिया जाए।

अभिभावकों ने इस बात पर चिंता जताई कि ऑनलाइन फॉर्म भरते समय बच्चों को एम्स की अधिसूचना की शर्तों के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है, जिससे जल्दबाजी में उनके गलती हो जाती है। एम्स-यूजी में परीक्षाकेंद्र के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ नीति विद्यार्थियों के हित में नहीं है।

यह जानकारी नहीं बदल सकते
एम्स के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थी नाम, जन्मतिथी, केटेगरी, दिव्यांग स्थिति, ई-मेल आईडी व मोबाइल नंबर की जानकारी सबमिट करने के बाद उसमें कोई सुधार नहीं कर सकते। ऑनलाइन आवेदन 6 स्टेप में किया जा रहा है। जिसमें रजिस्ट्रेशन, फीस, सिटी च्वाइस, शैक्षणिक योग्यता व पता, अपलोड इमेज तथा आवेदन फॉर्म की प्रिंटआउट शामिल है।

7 दिन में पता चलेगा पंजीयन हुआ या नहीं
नोटिफिकेशन के अनुसार, ऑनलाइन फॉर्म से रजिस्ट्रेशन करवाने के एक सप्ताह बाद परीक्षार्थी यह स्टेटस देख सकते हैं कि उनका आवेदन स्वीकार हुआ या निरस्त किया गया है। विवरण में कोई त्रुटि पाये जाने पर भी आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।

जबकि अंतिम तिथी 5 मार्च तक आवेदन करने वाले सभी आवेदकों की कमियों व निरस्त फॉर्म की अधिकृत सूचना www.aiimsexam.org वेबसाइट पर 20 मार्च को प्रकाशित की जाएगी। ऑनलाइन प्रवेश पत्र 10 मई को डाउनलोड किए जा सकेंगे।

जिन्होंने पहले दिन फॉर्म नहीं भरा, कोटा सेंटर से चूके
कोटा के विद्यार्थी करण चौधरी, आदित्य गर्ग, अनुपम शर्मा व सारांश द्विवेदी ने बताया कि पहले दो दिन सर्वर बहुत धीमा रहा, जिससे वे समय पर आवेदन नहीं कर सके, तीसरे व चौथे दिन कोटा परीक्षा केंद्र पर 5909 परीक्षर्थियों को क्षमता फुल हो जाने से उन्हें विवश होकर बाहरी परीक्षा केंद्र का विकल्प भरना पड़ा।

कोचिंग छात्राओं अदिति, समीक्षा ठाकुर, अनन्या, सुनीता वशिष्ठ ने कहा कि हम पहले दिन ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सके लेकिन परीक्षा केंद्रों की सूची में कोटा का नाम गायब था। एम्स ने आवेदन करने के लिए 5 मार्च तक एक माह का समय दिया है, ऐसे में प्रवेश पत्र से पहले परीक्षा केंद्र आवंटित किये जाने चाहिए। अन्य परीक्षाओं में पहले सेंटर की वरीयता भरवाई जाती है। एम्स में परीक्षा केंद्र पहले दिन फुल हो जाने से 26 व 27 मई को भीषण गर्मी में सैकड़ों छात्राओं को बाहरी केंद्रों पर जाना पडे़गा।

इस वर्ष आवेदन शुल्क बढ़ाया
इस वर्ष एम्स, नई दिल्ली के अलावा एम्स, जोधपुर, पटना, भोपाल, भुवनेश्वर, ऋषिकेश, रायपुर के साथ नागपुर (महाराष्ट्र) तथा गुंटूर (आंध्रप्रदेश) सहित 8 एम्स में एमबीबीएस की कुल 807 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। प्रत्येक एम्स में 50 सीटें सामान्य वर्ग, 27 ओबीसी, 15 एससी, 8 एसटी एवं 3 सीटें दिव्यांग वर्ग के लिए निर्धारित हैं।

सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 1500 रू., एससी, एसटी वर्ग के लिए 1200 रू. तथा दिव्यांग वर्ग के लिए आवेदन निःशुल्क है। गत वर्ष सामान्य वर्ग के लिए शुल्क 1 हजार तथा आरक्षित वर्ग के लिए 800 रूपए था।

नीट-यूजी के ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ, ओपन स्कूल के विद्यार्थी पात्र नहीं

  • अधिसूचना : 6 मई को होने वाली नीट-यूजी में अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष ही रहेगी
  • आरक्षित वर्ग को 5 वर्ष की छूट, कोटा में रहेगा परीक्षा केंद्र

अरविंद, कोटा। सीबीएसई ने मेडिकल एकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी,2018 की अधिसूचना गुरूवार को जारी कर दी। 6 मई (रविवार) को होने वाली नीट परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 फरवरी से प्रारंभ कर दिए गए। आवेदन की अंतिम तिथी 8 मार्च होगी तथा आवेदक 10 मार्च तक फीस जमा कर सकते हैं।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि ओपन स्कूल में अध्ययनरत 12वीं के विद्यार्थी नीट-यूजी,2018 देने के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त में बताया गया कि इस वर्ष नीट-यूजी में अभ्यर्थी की अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष होनी चाहिए। न्यूनतम आयु 31 दिसंबर,2018 तक 17 वर्ष निर्धारित की गई।

वर्ष 2018-19 के लिए आंध्रप्रदेश व तेलंगाना राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में भी नीट से प्रवेश होंगे। जिससे एम्स तथा जिपमेर, पांडिचेरी के अलावा इस एकल प्रवेश परीक्षा से देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिए जाएंगे। एम्स की प्रवेश परीक्षा 27 मई तथा जिपमेर की प्रवेश परीक्षा 3 जून को अलग होगी।

सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष नीट के सिलेबस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गत वर्ष देश के 103 शहरों में 1976 सेंटर्स पर 11.38 लाख परीक्षार्थियों ने नीट-यूजी का पेपर दिया था।

आधार कार्ड से विवरण मैच हो
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में अभ्यर्थी आधार नंबर, नाम, जन्मतिथी एवं लिंग का विवरण सावधानीपूर्वक भरें। उन्हें फॉर्म में ही यूडीएआई के डेटाबेस से अपने विवरण की पुष्टि के लिए सहमति भी देनी होगी। यदि आवेदन का विवरण आधार कार्ड से नहीं मिला तो आवेदन निरस्त किया जा सकता है, इसलिए अभ्यर्थी आधार कार्ड के नाम, जन्मतिथी व लिंग के विवरण में कोई सुधार हों तो उसे पहले सही करवा लें।

इस वर्ष 11 भाषाओं में पेपर
नीट-यूजी की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ऑफलाइन मोड में होगी, जिसमें 720 अंकों के तीन घंटे के पेपर में फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी व बॉटनी के कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे। पेपर विभिन्न राज्यों में 11 भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, उर्दू, मराठी, उड़िया, बंगाली, असमी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ भाषा में होगा।

हिंदी व इंग्लिश के पेपर देश के सभी परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध होंगे। जबकि अन्य भाषाओं के पेपर संबंधित राज्यों में दिए जाएंगे। नीट-यूजी का रिजल्ट 1 जून,2018 को घोषित होगा।

राज्य के 5 शहरों में परीक्षा केंद्र
राज्य के 5 शहरों कोटा, जयपुर, उदयपुर, अजमेर व जोधपुर में नीट-यूजी के परीक्षा केंद्र रहेंगे। गत वर्ष इन पांच शहरों के 57 परीक्षा केंद्रों पर 88,000 परीक्षार्थियों ने पेपर दिया था।

धनिया में तेजी रहेगी या मंदी, जानिए कमोडिटी एक्सपर्ट से

कोटा। देश भर की प्रमुख मंडियों में नए धनिये की आवक शुरू हो चुकी है। अब व्यापारी आगामी फसल और पुराने स्टॉक को देखते हुए यह तेजी और मंदी का अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि इस बार धनिया की बुवाई पिछले वर्ष से कम है, परन्तु धनिया का पुराना स्टॉक भी ज्यादा है।

इसलिए बाजार किस दिशा में जायेगा। क्या बाजार पिछली बार की तरह मंदा रहेगा या फिर तेजी आएगी। तेजी आएगी तो कितनी तक सम्भावना है। एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार नीचे में 5000और ऊपर में 7500 रुपये प्रति क्विंटल तक जा सकता है।

धनिया की पैदावार, तेजी -मंदी की धारणा, पुराना स्टॉक और खपत की पूरी जानकारी के लिए कमोडिटी एक्सपर्ट मुकेश भाटिया से हमारे चैनल की यह बातचीत जरूर देखिए।

रिजर्व बैंक के नाम पर फर्जी वेबसाइट, भूलकर भी न करें क्लिक

नई दिल्‍ली। रिजर्व बैंक के नाम पर फर्जी वेबसाइट चल रही है। रिजर्व बैंक ने इसके बारे में चेतावनी जारी करते हुए फर्जी वेबसाइट का यूआरएल भी शेयर किया है।

रिजर्व बैंक के चीफ जनरल मैनेजर जोस जे कट्टूर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि जानकारी में आया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने www.indiareserveban.org यूआरएल से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की फर्जी वेबसाइट बनाई है। फर्जी वेबसाइट का ले आउट भी रिजर्व बैंक की ओरिजलनल वेबसाइट की तरह की है।

फ्रॉड के लिए बनाई गई है बेबसाइट :फर्जी वेबसाइट के होम पेज पर बैंक वेरीफिकेशन विद ऑनलाइन अकाउंट होल्‍डर्स शीर्षक से प्रोविजन है। ऐसा लगता है कि यह सेक्‍शन बैंक के कस्‍टमर की गोपनीय बैंकिंग और पर्सनल डिटेल हासिल करने और फ्रॉड करने के लिए बनाया गया है।

न दें बैंक अकाउंट या पर्सनल डिटेल
भारतीय रिजर्व बैंक भारत के सेंट्रल बैंक के तौर पर स्‍पष्‍ट करता है कि उसके पास किसी इंडीविजुअल का कोई अकाउंट नहीं है और वह किसी से बैंक अकाउंट डिटेल, पासवर्ड जैसे जानकारियां कभी नहीं मांगता है। रिजर्व बैंक ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसी वेबसाइट को ऑनलाइन कोई जानकारी देना उनके लिए वित्‍तीय तौर पर नुकसान देह हो सकता है। उनकी डिटेल का मिसयूज किया जा सकता है।

मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू की बेटी मीसा व दामाद कोर्ट में तलब

नई दिल्ली। धनशोधन के एक मामले में बुधवार को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और उनके पति को अदालत ने तलब किया है। अदालत ने मामले में मीसा की कंपनी मिशाइल पैकर्स एंड प्रिंटर्स को भी आरोपी के तौर पर तलब किया और सभी आरोपियों को पांच मार्च को पेश होने का निर्देश दिया है।

पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश एनके मल्होत्रा की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र का संज्ञान करने के बाद आदेश जारी किया है। ईडी ने अपने वकील नीतेश राणा के जरिए पिछले साल 23 दिसंबर को भारती और उनके पति शैलेश कुमार के खिलाफ अपनी अंतिम रिपोर्ट दायर की थी।

इससे पहले एजेंसी ने धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में दंपति का दिल्ली स्थित एक फार्म हाउस कुर्क किया था।  पेश मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती व दामाद शैलेश पर धन शोधन का मुकदमा दर्ज किया है।

इनके घर की तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व बैंकों के कागजात बरामद किए गए हैं। दिल्ली में इनके एक फार्म हाउस को भी जब्त किया गया है। इस मामले में ईडी ने अदालत में आरोपपत्र दायर किया है।

कमजोर वैश्विक संकेतों से सोना 600 रुपये सस्ता, चांदी भी फिसली

नई दिल्ली।  कमजोर वैश्विक संकेतों से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना गुरुवार को 600 रुपये टूटकर तीन सप्ताह के निचले स्तर 30,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। स्थानीय आभूषण विनिर्माताओं की मांग घटने से बहुमूल्य धातु की कीमतों पर दबाव रहा। औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं की मांग घटने से चांदी भी 450 रुपये के नुकसान के साथ 39,000 रुपये से नीचे 38,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

राजधानी में सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 600 रुपये की भारी गिरावट के साथ क्रमश: 30,950 और 30,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले 18 जनवरी को भी सोना 99.9 प्रतिशत शुद्धता 30,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। गिन्नी के भाव हालांकि 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहे।

सोने की तरह चांदी हाजिर भी 450 रुपये के नुकसान से 38,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। साप्ताहिक डिलिवरी के भाव 820 रुपये टूटकर 37,735 रुपये प्रति किलोग्राम रह गए। वहीं चांदी सिक्का लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा के अपने पिछले स्तर पर कायम रहा।

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के बीच डॉलर की मजबूती से कारोबारी धारणा पर असर पड़ा। इससे निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने का आकर्षण घटा। सिंगापुर में सोना 0.61 प्रतिशत के नुकसान से 1,310.10 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.37 प्रतिशत टूटकर 16.28 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

कोटा सर्राफा
चांदी 38800 रुपये प्रति किलोग्राम।

सोना केटबरी 30950 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36100 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 31100रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36280 रुपये प्रति तोला।

भामाशाह मंडी में नए गेहूं और नई सरसों की दस्तक

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को 10 बोरी नया गेहूं आया, लेकिन भाव 1431 रुपये प्रति क्विंटल लगने के कारण किसान ने नहीं बेचा । नई सरसों की आवक 8000 बोरी हुईं। लहसुन की आवक 1500 कट्टे की रही । लेवाली निकलने से सोयाबीन 25 रुपये प्रति क्विंटल, धान 50 रुपये प्रति क्विंटल तेज बोली गई।

वायदा नरम रहने से चना और सरसों 50 रुपये प्रति क्विंटल मंदी रही। माल की कुल आवक 35000 हजार बोरी की रही । गेहूं मिल 1500 से 1565 लोकवान 1570 से 1600 पीडी 1600 से 1620 टुकडी 1600 से 1650 रुपये प्रति क्विंटल रहे। धान सुगंधा 2600 से 2925 पूसा -1 2500 से 2920 पूसा – 4 (1121) 2500 से 3450 धान (1509) 2000 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2400 से 3570 सरसो 3200 से 3650 तिल्ली 6000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मैथी 2000 से 2900 धनिया बादामी 3800 से 4300 ईगल 4000 से 4500 रंगदार 5000 से 5500 धनिया नया 3000 से 6100 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

मूंग 3300 से 4300 उडद 2400 से 3800 चना 3000 से 3700 चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 3400 से 3800 चना मौसमी 3000 से 3800 मसूर 3000 से 3400 ग्वार 3000 से 4050 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। लहसुन 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल । 

सीएम राजे ने व्यापार महासंघ के स्वच्छता महा अभियान को सराहा

कोटा।  उप महापौर सुनीता व्यास ने राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से भेंट कर नगर निगम एवं कोटा व्यापार महासंघ द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता एवं जन जागृति अभियान के बारे में बताया। उन्होनें कहा की जन सहभागिता से चलाये जा रहे इस अभियान में सभी का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

उप महापौर ने कहा हमारा मिशन है आने वाले एक वर्ष में कोटा शहर का नाम प्रदेश व देश के स्वच्छ शहरों में शुमार हो। इसके लिये कोटा की जनता एकजुट हो चुकी है।  हम चाहते है कि जिस तरह इन्दौर शहर ने देश के मुख्य स्वच्छ शहरों में अपना नाम दर्ज करवाया है वह जन सहभागिता से ही संभव हुआ है। पिछले 4 माह से कोटा शहर का हर आम नागरिक शहर को स्वच्छ बनाने में अपना पूर्ण योगदान प्रदान कर रहा है।

कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि स्वच्छता के साथ-साथ शहर के सौंदर्यीकरण, सड़कों, लाईटिंग, पार्किंग एवं अतिक्रमण मुक्त करने के लिये प्रशासन भी ध्यान दे। उन्होनें मुख्यमंत्री से कोटा शहर के आसपास के पर्यटन स्थलों को विकसित करवाने में सरकारी स्तर पर प्रयास किये जाने की अपील की।

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष जैन एवं महासचिव माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्वच्छता महा अभियान के माध्यम हम लोगों में जन जागृति की भी अलख जगा रहे है। जिसमें हमें निरन्तर कामयाबी मिल रही हैं ओर आमजन भी इसमें जुडता जा रहा है। 

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि मैंने कोटा शहर के भम्रण के दौरान पाया कि पहले से स्वच्छता एवं अतिक्रमण को लेकर काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता के बिना स्वच्छता अभियान अधूरा है।  जिस तरह से कोटा शहर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है, निश्चित ही शहर इस मिशन में सफल होगा।

उन्होंने इस अनुठी पहल की प्रंशसा करते हुये भरोसा दिलाया कि कोटा शहर को स्वच्छ व सुन्दर बनाने में संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होनें नगर निगम के महापौर महेश विजय उप महापौर सुनीता व्यास एवं कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष जैन एवं महासचिव माहेश्वरी को कहा कि कोटा को स्वच्छ एवं सुन्दर एवं पर्यटन शहर बनाने की कार्य योजना बनाकर भेजें। उसको तुरन्त ही राज्य सरकार द्वारा अमल में लाया जायेगा।

उन्होने कहा कि नगर निगम एवं कोटा व्यापार महासंघ द्वारा जनसहभागिता से चलाये जा रहे अभियान को पूरे प्रदेश में लागू किया जायेगा। उन्होनें कहा कि प्रशासन को भी निर्देश देंगे कि चलाये जा रहे स्वच्छता महाअभियान में अपना सम्पूर्ण सहयोग प्रदान करे।