Friday, July 17, 2026
Home Blog Page 5520

“मणिकर्णिका” में अंग्रेज के साथ लवमेकिंग सीन नहीं: कंगना

जोधपुर। फिल्म ‘पद्मावत’ के विरोध के बाद एक और ऐतिहासिक फिल्म ‘मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी’ विवादों में है। कहा जा रहा है कि इस फिल्म में झांसी की रानी लक्ष्मी बाई और अंग्रेज के बीच लवमेकिंग सीन शूट किया जा रहा है, जबकि फिल्म में झांसी की रानी का मेन लीड रोल प्ले कर रहीं एक्ट्रेस कंगना रनौत का कहना है कि ऐसा कुछ है ही नहीं। अंग्रेज अफसर के साथ कोई लवमेकिंग सीन नहीं है।

लक्ष्मी बाई राष्ट्रीय गर्व हैं और उनके बारे में गलत सोचना ‘नीच’ बात है। कंगना रनौत इस फिल्म शूटिंग के लिए फिर से गुरुवार को जोधपुर पहुंचीं। 

गर्व की बात है फिल्म के साथ जुड़ना
– कंगना रनौत ने कहा- “देश की जिस बेटी ने आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका निभाई, उनका नाम तक लोग गर्व के साथ लेते हैं। इस फिल्म के साथ जुड़ना कितने गर्व की बात है। इस फिल्म के बारे में गलत सोचना भी बहुत ‘नीच’ बात है। हम तो कभी ऐसा सोच भी नहीं सकते। ”
– अपनी फिल्म ‘मणिकर्णिका’ को लेकर तेज हो रहे विरोध पर कंगना ने पहली बार खुलकर अपना पक्ष रखा।
विवाद के जरिए पॉपुलैरिटी चाहते हैं कुछ लोग
– कंगना ने कहा- “मैं यह कहना चाहूंगी कि कुछ लोग विवाद के जरिए पॉपुलैरिटी चाहते हैं। झांसी की रानी के प्रेम-प्रसंग के बारे में जो वे बोल रहे हैं, इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है।”

डायरेक्टर​ ने अपनी बेटी का नाम मणिकर्णिका रखा
– कंगना ने कहा कि लोगों के इस तरह से विवाद पैदा करने की कोशिश से फिल्म के डायरेक्टर को काफी ठेस पहुंची है। फिल्म ‘बाहुबली’ के राइटर ने ही यह फिल्म लिखी है और वे इस किरदार से इतने प्रभावित हुए कि अपनी बेटी का नाम तक मणिकर्णिका रख दिया।

क्या है फिल्म में?
– यह फिल्म अंग्रेजों और झांसी की रानी के बीच हुई लड़ाई पर आधारित है। फिल्म में कंगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका निभा रही हैं जबकि अतुल कुलकर्णी तात्या टोपे, सोनू सूद सदाशिव और अंकिता लोखंडे झलकारी बाई की भूमिका में हैं।
– बता दें कि ‘मणिकर्णिका’ की शूटिंग अक्टूबर-नवंबर, 2017 में जयपुर और जोधपुर में हुई थी। 23 नवंबर को मेहरानगढ़ फोर्ट में एक घोड़े पर छलांग लगाने का शॉट देते हुए कंगना घायल हो गई थीं तो डॉक्टर की सलाह पर आराम करने के लिए वे मुंबई लौट गई थीं। अब फिल्म का फाइनल शूटिंग शैड्यूल बीकानेर में है। बताया जा रहा है कि फिल्म 3 अगस्त को रिलीज हो सकती है।

ये है विवाद
– करणी सेना की तर्ज पर सर्व ब्राह्मण महासभा ‘मणिकर्णिका’ फिल्म का विरोध कर रही है। करणी सेना ने भी इसे अपना समर्थन दिया है।
– महासभा के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश मिश्रा का आरोप है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है और इसमें रानी लक्ष्मी बाई और एक अंग्रेज के बीच रोमांटिक सॉन्ग शूट किया जा रहा है।
– मिश्रा के मुताबिक, शक है कि यह फिल्म जयश्री मिश्रा की 212 पेज की विवादित किताब ‘रानी’ पर आधारित है, जिस पर 2008 में यूपी की तत्कालीन सीएम मायावती ने रोक लगा दी थी। लोगों ने इसे झांसी की रानी का अपमान बताया था।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 407 अंक टूटा, निफ्टी सुधरा

नई दिल्ली। अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी गिरावट का असर एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। बैंकिंग, ऑटो, आईटी और फार्मा शेयरों में बिकवाली से कारोबार के अंत में बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 407 अंक गिरकर 34,006 और निफ्टी 122 अंक टूटकर 10,454 अंक पर बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स में सिर्फ मेटल और रियल्टी में तेजी रही।

इससे पहले सेंसेक्स 410 अंक गिरकर 34002 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 160 अंक टूटकर 10416 अंक पर खुला। कमजोर शुरुआत के बाद बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में गिरावट से सेंसेक्स 550 अंकों से ज्यादा फिसल गया है। बाजार में गिरावट बढ़ने से एक मिनट के कारोबार में निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। दोपहर को मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीददारी लौटने से बाजार में निचले स्तर से रिकवरी देखने को मिली।

शुरुआती कारोबार में लार्ज कैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली से निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपए डूब गए। गुरूवार को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,47,99,096.88 करोड़ रुपए था। वहीं, सेंसेक्स में शुरुआती 550 अंकों से ज्यादा की गिरावट से निवेशकों के 2,11,229.88 करोड़ रुपए डूब गए।

स्मॉलकैप इंडेक्स चढ़े, मिडकैप में हल्की गिरावट
– शुक्रवार के कारोबार में लार्जकैप शेयरों के मुकाबले स्मॉलकैप शेयरों अच्छी तेजी दिखी। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.23 फीसदी की बढ़त के साथ 18173 अंक पर बंद हुआ। स्मॉलकैप शेयरों में होटल लीला, बीएफ इन्वेस्टमेंट, फोर्टिस, उत्तम शुगर, मेडिकामेन बायोटेक, सोरिल इंफ्रा, एमआईआरसी इलेक्ट्रॉनिक्स, पेन इंडस्ट्रीज, आईजीपीएल और एचएफसीएल 8.10-19.90 फीसदी तक उछले।
– वहीं बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.09 फीसदी की हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। मिडकैप शेयरों में सेल, वर्लपूल, आरपावर, वक्रांगी, टोरेंट फार्मा, पेज इंडस्ट्रीज, टोरेंट पावर, एमफैसिस, ग्रृह फाइनेंस और टाटा कॉम 3.01-9.12 फीसदी तक चढ़कर बंद हुए।

मेटल-रियल्टी को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लुढ़के
– कमजोरी के साथ मेटल और रियल्टी को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। बैंक निफ्टी इंडेक्स 457 अंक यानी 1.76 फीसदी टूटकर 25,463.65 अंक पर बंद हुए। इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 0.96%, निफ्टी एफएमसीजी में 0.46%, निफ्टी आईटी में 0.76%, निफ्टी मीडिया में 0.95%, निफ्टी फार्मा में 0.43 फीसदी की गिरावट रही। हालांकि निफ्टी मेटल इंडेक्स में 1.27 फीसदी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.35 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार में गिरावट की वजह
1) डाओ जोंस 1000 प्वाइंट्स टूटा
– गुरूवार के कारोबार में डाओ जोंस 1,033 अंक यानी 4.15 फीसदी की गिरावट के साथ 23,860 अंक पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 275 अंक यानी 3.90 फीसदी गिरकर 6,777 अंक पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 101 अंक यानी 3.75 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,581 के स्तर पर बंद हुआ।
– इससे पहले 5 फरवरी 2018 को डाओ जोंस 1600 अंक टूट गया था।

2) एशियाई बाजार गिरे, निक्केई 700 अंक टूटा
– अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर देखने को मिल रहा है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 241 अंक टूटकर 10,320 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार 705 अंक टूटकर 21,186 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं हैंग सेंग 1150 अंक गिरकर 29,301 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 1.93 फीसदी गिरा है, जबकि ताइवान इंडेक्स में 217 अंक की गिरावट दर्ज की गई है। शंघाई कम्पोजिट 145 अंक गिरकर 3117 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 1.92 फीसदी लुढककर 3350 अंक पर कारोबार कर रहा है।

FII रहे बिकवाल, डीआईआई ने की खरीददारी
गुरूवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 2297.09 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 2373.59 करोड़ रुपए की खरीददारी की। जिससे बाजार में 7 दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा था।

प्रतिभा पलायन रोकने को 80 हजार रुपये मासिक स्कॉलरशिप

नई दिल्ली। देश से प्रतिभा पलायन को रोकने के मकसद से केंद्रीय कैबिनेट ने उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्रों के लिए पीएम रिसर्च फेलोशिप (पीएमआरएफ) को मंजूरी दी है। आईआईटीज, आईआईएसईआर और एनआईटीज जैसे उच्च शिक्षा संस्थान के छात्रों के लिए देश की यह अब तक की सबसे बड़ी स्कॉलरशिप होगी।

पीएमआरएफ के तहत चुने हुए स्कॉलर्स के लिए 70,000 रुपये से 80,000 रुपये तक की मासिक छात्रवृत्ति और 2 लाख रुपये तक का वार्षिक रिसर्च ग्रांट्स दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने तीन सालों की अवधि के लिए 1,650 करोड़ रुपये फंड आवंटित करने को मंजूरी दी है।

रिसर्च की चाहत रखने वाले इंजिनियरिंग ग्रैजुएट्स को एक और लाभ दिया गया है। पीएमआरएफ के लिए शॉर्टलिस्ट हुए आईआईटीज, आईआईएसईआर, आईआईआईटी और एनआईटी के बीटेक ग्रैजुएट्स आईआईटीज या आईआईएससी बेंगलुरु से सीधे पीएचडी भी कर सकते हैं।

इस योजना के तहत 1,000 सालाना स्कॉलरशिप के अलावा सरकार आईआईटी और आईआईएससी में रिसर्च से जुड़ी सुविधाओं को अपग्रेड करने पर भी गौर कर रही है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि इस स्कीम से बीटेक ग्रैजुएट्स या इंटेग्रेटिड एमटेक या साइंस और टेक्नॉलजी स्ट्रीम्स में एमएससी से ग्रैजुएट्स को आईआईटीज/आईआईएससी में पीएचडी प्रोग्राम में सीधे दाखिला लेने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इस स्कीम को 2018-19 ऐकडेमिक सेशन से लागू किया जाएगा और इसके लिए न्यूनतम स्कोर 8.5 सीजीपीए होना चाहिए।

5 मुख्य बातें
1. पीएम रिसर्च फेलोशिप (पीएमआरएफ) उच्च शिक्षा संस्थानों जैसे आईआईटीज, आईआईएसईआर और एनआईटी के छात्रों के लिए उपलब्ध होगी।

2. इसमें चुने हुए स्कॉलर्स को पहले दो साल तक 70,000 रुपये हर महीने, तीसरे साल 75,000 रुपये हर महीने और चौथे एवं पांचवे साल 80,000 रुपये हर महीने मिलेंगे।

3. इंटरनैशनल कॉन्फ्रेंस और सेमिनार्स में रिसर्च पेपर्स पेश करने के लिए विदेश यात्रा खर्च के तौर पर पांच सालों तक हर साल 2-2 लाख रुपये का रिसर्च ग्रांट मुहैया कराया जाएगा।

4. स्कीम के तहत साल में 1000 स्कॉलरशिप दी जाएगी।

5. इसके लिए न्यूनतम योग्यता 8.5 सीजीपीए अनिवार्य होगी।

क्रूड की तेजी पर लगा ब्रेक, 2 महीनों में 62 डॉलर तक गिर सकते हैं भाव

नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों से जो क्रूड मोदी सरकार के लिए मुसीबत बना था, अब उसी ओर से राहत की खबर आ रही है। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की तेजी पर ब्रेक लग गया है। क्रूड में लगातार पांचवें दिन गिरावट रही है और ब्रेंट क्रूड 26 दिसंबर के बाद 10 फीसदी सस्ता हो चुका है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिाभर से जहां डिमांड घटी है, वहीं, यूएस में क्रूड प्रोडक्शन अपने आल टाइम हाई पर है। अगले 2 से 3 महीनों में क्रूड 62 डॉलर के लेवल तक गिर सकता है। क्रूड में नरमी रही तो सरकार को बैलेंसशीट सुधारने का मौका मिलेगा, वहीं महंगाई के लिहाज से भी राहत मिल सकती है।

सरकार ने क्रूड पर जताई थी चिंता
दिसंबर के अंतिम हफ्ते में ब्रेंट क्रूड 3 साल के हाई 71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। WTI क्रूड भी 66 डॉलर प्रति बैरल के साथ रिकॉर्ड स्तर पर था। बजट में फाइनेंस मिनिस्टर जेटली ने भी क्रूड की कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा था कि इससे महंगाई और बढ़ सकती है।

इकोनॉमिक सर्वे में भी आशंका जताई गई थी कि फाइनेंशियल ईयर 2019 में क्रूड में 12 फीसदी और इजाफा हो सकता है। ऐसे में क्रूड के 80 डॉलर के लेवल पर पहुंचने का डर था। सरकार ने FY18 और FY19 के लिए महंगाई दर का अनुमान भी बढ़ा दिया। जबकि, ग्रोथ अनुमान को पहले से कम किया है।

बॉन्ड यील्ड में तेजी से क्रूड में बिकवाली
एंजेल ब्रोकिंग के कमोडिटी एंड रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता का कहना है कि दुनियाभर के कई बाजारों में बॉन्ड यील्ड में उछाल दिखा है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 4 साल के टॉप लेवल पर है। ऐसे में इसका दबाव भी इक्विटी के अलावा क्रूड मार्केट पर भी पड़ रहा है। लोग क्रूड ईटीएफ, म्युचुअल फंड से पैसे निकालकर बॉन्ड में लगा रहे हैं। ऐसे में क्रूड में प्रॉफिट बुकिंग से गिरावट बढ़ रही है। अगले 15 से 20 दिनों तक क्रूड में यह ट्रेंड देखा जा सकता है।

US में प्रोडक्शन आल टाइम हाई पर, डिमांड घटी
केडिया कमोडिटी के प्रेसिडेंट अजय केडिया का कहना है कि यूएस में इन्वेंट्री लगातार बढ़ रही हैं। वहीं, सर्दियां कम होने का असर है कि दुनियाभर से डिमांड में कमी आई है। खुद यूएस में कंजम्शन काफी कम हो गया है। इससे कुछ दिन पहले जहां ओवरबॉट की स्थिति थी, अब क्रूड मार्केट में सरप्लस हो रहा है।

यूएस में जहां दिसंबर में औसतन 11 लाख बैरल प्रति दिन तक के रेश्‍यो से प्रोडक्शन घटा था, अब यह करीब 10.5 मिलियन यानी 1 करोड़ बैरल प्रति दिन हो चुका है जो आल टाइम हाई पर है। वहीं, यूएस गवर्नमेंट ने यह साफ कर दिया है कि क्रूड प्रोडक्शन में आगे भी कमी नहीं आएगी।

62/58 डॉलर तक गिर सकते हैं भाव
अजय केडिया का कहना है कि फिलहाल अगले 2 से 3 महीनें क्रूड को सपोर्ट करने वाले फैक्टर नहीं दिख रहे हैं। गर्मियां भी आ रही हैं, जब क्रूड का कंजम्पशन कम हो जाता है। ओपेक देशों द्वारा प्रोडक्शन कट का फैसला आगे बढ़ाने के बाद यूएस में इन्वेंट्री घटना एक चिंता थी, लेकिन वहां प्रोडक्शन तेजी से रिकवर हुआ है।

डॉलर इंडेक्स भी पहले से मजबूत हुआ है। ऐसे में अगले 2 से 3 महीनों में ब्रेंट क्रूड 62 डॉलर और डबल्यूटीआई क्रूड 58 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है। डबल्यूटीआई क्रूड अभी 61.5 डॉलर की रेंज में है। अनुज गुप्ता का भी मानना है कि अगले कुछ महीने अब क्रूड इसी रेंज के आस-पास कारोबार करता दिख सकता है।

क्रूड कैसे बन सकता है एडवांटेज
इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया था कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती हैं तो उस रेश्‍यो में ग्रोथ में 0.2 से 0.3 फीसदी तक कमी आती है। वहीं, डबल्यूपीआई इनफ्लेशन में 1.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी होती है। इसी तरह से करंट अकाउंट डेफिसिट 1000 करोड़ डॉलर बढ़ सकता है।

ऐसे में क्रूड की कीमतें गिरने से सरकार के लिए यह चिंता कम होगी। क्रूड 71 के लेवल से 6 डॉलर सस्ता हो चुका है और इसके 3 डॉलर और सस्ता होने की उम्मीद है। ऐसे में क्रूड में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की राहत मिल सकती है। जबकि दिसंबर के अंतिम हफ्ते में जून 2017 की तुलना में क्रूड 44 डॉलर से बढ़कर 71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। यानी कीमतों में 26 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हुआ था।

बैलेंसशीट सुधारने का मौका
भारत अपनी जरूरतों का 82 % क्रूड इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल उसी रेश्‍यो में बढ़ रहा था। जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट की स्थिति पर असर पड़ रहा था। वहीं, अगर क्रूड सस्ता होता है तो सरकार को एक बार फिर बैलेंसशीट सुधारने का मौका मिलेगा।

‘पद्मावत’ ने कमाए 231 करोड़, दीपिका ने तोड़ा अपनी ही फिल्म का रिकॉर्ड

मुंबई। दीपिका पादुकोण की विवादास्पद फिल्म ‘पद्मावत’ एक के बाद एक नए रिकॉर्ड बनाती जा रही है। रिलीज के 14 दिन बाद ही ‘पद्मावत’ ने दीपिका की ही फिल्म ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ को कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया है।

चेन्नई एक्सप्रेस ने जहां डोमेस्टिक मार्केट में 226 करोड़ (लाइफटाइम कलेक्शन) की कमाई की थी, वहीं पद्मावत अब तक 231 करोड़ की कमाई कर चुकी है। फिल्म जल्द ही 250 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएगी।

दसवीं ऑल टाइम हाइएस्ट ग्रोसर बनी ‘पद्मावत’
पद्मावत फिलहाल 10th हाइएस्ट ग्रोसर मूवी बन चुकी है। इससे पहले बाहुबली 2, दंगल, पीके, टाइगर जिंदा है, बजरंगी भाईजान, सुल्तान, धूम 3, कृष 3 और किक ही उससे आगे हैं। बता दें कि राजपूत करणी सेना और दूसरे संगठनों के विरोध के चलते फिल्म की रिलीज डेट को कई बार बदलना पड़ा।

फाइनली फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हुई। हालांकि चार प्रमुख हिंदी भाषी राज्यों गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा में फिल्म को रिलीज नहीं किया गया। बावजूद इसके फिल्म ने बेहतर कमाई की।

बिना ड्राइवर उड़ने वाली दुनिया की पहली पैसेंजर टैक्सी

दुनिया की पहली आॅटोनॉमस पैसेंजर टैक्सी को चीन में पहली बार पब्लिकली टेस्ट किया गया। Ehang 184 नामक इस फ्लाइंग ड्राइवरलेस पैसेंजर ड्रोन की क्या हैं खासियतें, आइए जानते हैं…Ehang 184 इलेक्ट्रिक ड्रोन है और यह एक आॅटोनॉमस यानी बिना ड्राइवर की मदद से उड़ता है।

इसको फ्लाइंग टैक्सी या कार भी कह जा रहा है। इसके छोटे से कैबिन में एक या दो पैसेंजर्स बैठ सकेंगे। फ्लाइट पाथ चुनने के बाद एक बटन पुश करना होगा। इसके बाद बाकी का काम आॅटोमेटेड फ्लाइट सिस्टम खुद ही करेगा।
Ehang 184 को पहली बार 2016 के सीईएस यानी कंज्यूमर्स इलेक्ट्रॉनिक्स शो में पेश किया गया था।

इसमें मल्टी रोटर सिस्टम है जो कि इस ड्रोन को सिस्टम फेल होने की स्थिति में जमीन पर उतरने में मदद करता है।
टेस्टिंग के दौरान इस पैसेंजर ड्रोन में एक पैसेंजर था जिसका वजन 100 किलोग्राम के आसपास था। समुद्री लेवल पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से तकरीबन 23 मिनट की उड़ान भरी।

इसको कोहरे आदि में भी टेस्ट किया गया। इतना ही नहीं, इससे 8.8 किलोमीटर तक 130 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से लॉन्ग रेंज फ्लाइट्स भी टेस्ट की गईं।इसकी पब्लिक टेस्टिंग में 150 टेक्निकल इंजिनियर्स लगे। इससे पहले रिसर्च और डिवेलपमेंट में एक हजार से ज्यादा दिन और लगभग 1,000 फ्लाइट टेस्ट किए गए।

अगर सब कुछ ठीक रहता है तो भविष्य में इस उड़ने वाली ड्राइवलेस टैक्सी में लोग ट्रेवल करते हुए दिख सकते हैं। हालांकि, इसकी कीमत दो से तीन लाख डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है, जो कि काफी महंगा है।

फोर्ब्स ने जारी की पहली क्रिप्टो रिच लिस्ट, लारसेन टॉप पर

0

न्यूयार्क। फोर्ब्स ने पहली बार क्रिप्टो करंसी होल्डर्स की रिच लिस्ट जारी की। इसमें रिप्पल कंपनी के को-फाउंडर क्रिस लारसेन टॉप पर हैं। फोर्ब्स के मुताबिक, उनके पास 8 बिलियन डॉलर (करीब 51 हजार करोड़ रुपए) की क्रिप्टो करंसी है। लिस्ट में दुनियाभर के 400 अमीरों को जगह दी गई है। लोगों ने तीन क्रिप्टो करंसी बिटकॉइन, एनथेरम, और XRP पर ज्यादा भरोसा दिखाया है। 2017 में इन क्रिप्टो करंसी में 14,409% की बढ़ोत्तरी हुई।

लिस्ट में ये हैं टॉप 5 क्रिप्टो रिच
1.क्रिस लारसेन- 8 बिलियन डॉलर
2.जोसफ ल्यूबिन- 5 बिलियन डॉलर
3.चेंग पेंग झाओ- 2 बिलियन डॉलर
4. कैमेरोन- 1.1 बिलियन डॉलर
5. मैथ्यू मेलन- 1 बिलियन डॉलर

अमीरों की लिस्ट में ये भी शामिल
– फोर्ब्स की लिस्ट में ब्रियन, रोसजैक, एनथनी डी, ब्रेंडन ब्लमर, डेन लरिमर, वेलेरी, चार्ल्स हॉस्किंग्सन, टिम ड्रेपर, सोंग सी ह्यूंग के भी नाम शामिल हैं। साथ ही लिस्ट में सबसे ज्यादा 67 अमेरिकियों को जगह मिली है।
कैसे तैयार हुई क्रिप्टो रिच लिस्ट?
– क्रिप्टो होल्डर्स की रिच लिस्ट में फोर्ब्स ने 42 साल से ज्यादा उम्र के अमीरों को शामिल किया है। जिनके पास 350 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो करंसी है।
– इसके लिए 5 कैटेगरी आइडियोलिस्ट, अपोरचुनिस्ट, बिल्डर, इन्वेस्टर और इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार की गईं। एक शख्स को कई कैटेगरी में जगह दी गई है।
– फोर्ब्स के मुताबिक, लिस्ट बनाने के लिए अलग-अलग नेट वर्थ के लिए अलग रेंज तैयार की गई। क्रिप्टो करंसी की वैल्यू एस्टिमेटेड है, जिसकी कीमत 19 जनवरी तक ट्रेडर्स और बिजनेस के आधार पर आंकी गई।

कितनी तरह की क्रिप्टो करंसी, वैल्यू क्या है?
– फोर्ब्स के मुताबिक, फिलहाल दुनिया में करीब 1500 क्रिप्टो करंसी हैं। इनकी वैल्यू करीब 500 बिलियन डॉलर है। फोर्ब्स के एडिटर रेनडेल लेन ने बताया कि क्रिप्टो करंसी से जो नतीजे निकल कर सामने आ रहे हैं, उन्हें छिपाया नहीं जा सकता।

भारत में क्रिप्टो करंसी पर सरकार का क्या स्टैंड है?
– बता दें कि भारत में क्रिप्टो करंसी को गैर-कानूनी माना गया है। ‘बिटकॉइन’ में भारतीयों ने काफी पैसा इन्वेस्ट किया था जिसके बाद फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने इसको लेकर चेतावनी भी जारी की थी।
– जेटली ने लोगों को सभी तरह की क्रिप्टो करंसी में इन्वेस्ट करने से भी रोका था। इस साल बजट स्पीच में वित्त मंत्री ने कहा था कि केंद्र सरकार क्रिप्टो करंसी पर रोक लगाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगी। इसे पेमेंट सिस्टम से दूर रखने के लिए भी काम किया जा रहा है।

वैश्विक बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 500 प्वाइंट टूटा, निवेशकों के 2 लाख करोड़ डूबे

नई दिल्ली। अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजारों पर देखने को मिला। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स 410 अंक गिरकर 34002 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 160 अंक टूटकर 10416 अंक पर खुला।

बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में गिरावट से सेंसेक्स 550 अंकों से ज्यादा फिसल गया है। बाजार में गिरावट बढ़ने से एक मिनट के कारोबार में निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ।

मिनटों में निवेशकों के 2 लाख करोड़ रु से ज्यादा डूबे
शुरुआती कारोबार में लार्ज कैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली से निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपए डूब गए। गुरूवार को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,47,99,096.88 करोड़ रुपए था। वहीं, सेंसेक्स में शुरुआती 550 अंकों से ज्यादा की गिरावट से निवेशकों के 2,11,229.88 करोड़ रुपए डूब गए।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयर भी लुढ़के
– शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.10 फीसदी गिरा है। मिडकैप शेयरों में ग्लेनमार्क, एबीसीसी, इंडियन होटल, इमामी लिमिटेड, अजंता फार्मा, आईडीबीआई, एमएंडएम फाइनेंस, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस 7.45-1.95 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.18 फीसदी टूटा है।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स लुढ़के
– बैंक, ऑटो समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। बैंक निफ्टी 1.69 फीसदी टूटा है। वहीं निफ्टी ऑटो में 0.98%, निफ्टी एफएमसीजी में 1.49%, निफ्टी आईटी में 1.65 फीसदी, निफ्टी मेटल में 1.13 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 1.55 फीसदी, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.67 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई है।

बाजार में गिरावट की वजह-
1) डाओ जोंस 1000 प्वाइंट्स टूटा
– गुरूवार के कारोबार में डाओ जोंस 1,033 अंक यानी 4.15 फीसदी की गिरावट के साथ 23,860 अंक पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 275 अंक यानी 3.90 फीसदी गिरकर 6,777 अंक पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 101 अंक यानी 3.75 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,581 के स्तर पर बंद हुआ।
– इससे पहले 5 फरवरी 2018 को डाओ जोंस 1600 अंक टूट गया था।

2) एशियाई बाजार गिरे, निक्केई 700 अंक टूटा
– अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर देखने को मिल रहा है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 241 अंक टूटकर 10,320 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार 705 अंक टूटकर 21,186 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं हैंग सेंग 1150 अंक गिरकर 29,301 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 1.93 फीसदी गिरा है, जबकि ताइवान इंडेक्स में 217 अंक की गिरावट दर्ज की गई है। शंघाई कम्पोजिट 145 अंक गिरकर 3117 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 1.92 फीसदी लुढककर 3350 अंक पर कारोबार कर रहा है।

FII रहे बिकवाल, डीआईआई ने की खरीददारी
– गुरूवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 2297.09 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 2373.59 करोड़ रुपए की खरीददारी की। जिससे बाजार में 7 दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा।

हंगामे के बीच निगम का 512.88 करोड़ का बजट एक मिनट में पास

कोटा। नगर निगम का 512.88 करोड़ रुपए का बजट गुरुवार को बोर्ड की बैठक में रखा गया। मूल एजेंडा केवल बजट पर चर्चा करना था, लेकिन बैठक में मात्र 1 मिनट में बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। बैठक में 10 अन्य बिंदु भी रखे गए। उन पर भी कोई चर्चा नहीं हुई। सभी पढ़कर पास करते गए।

सुबह 11.10 बजे बैठक शुरू हुई बैठक दोपहर 3.10 बजे खत्म हुई। इस दौरान अतिक्रमण, वार्डों में काम नहीं होने, आवारा पशु, सफाई पर ही हंगामा होता रहा। कई बार सदन की गरिमा तार-तार हुई। निर्दलीय पार्षद डॉ. आरडी वर्मा को भाजपा पार्षद कृष्ण मुरारी सामरिया ने टोका तो वर्मा उनको मारने के लिए दौड़े, उपमहापौर व अन्य पार्षदों ने रोका।

कांग्रेस पार्षद मोनू कुमारी को नहीं बोलने दिया तो वे टेबल पर खड़ी हो गई। निर्दलीय पार्षद दीनदयाल चौबदार ने तो यहां तक कह दिया कि केवल एमएलए की चापलूसी करते हैं यहां पर। दोपहर 1.30 बजे हंगामे के बीच ही महापौर महेश विजय के प्रस्ताव पर भाजपा के सभी पार्षदों ने मेज थपथपाकर बजट पारित कर दिया।

कांग्रेसी पार्षदों ने आपत्ति जताई कि बिना बहस के बजट कैसे पास हो सकता है। सभी पार्षद प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका के साथ नारेबाजी करते हुए बहिष्कार कर बाहर चले गए। जाते-जाते पार्षद मोहम्मद हुसैन मोमदा ने बजट की प्रतियां वेल में सभाध्यक्ष के सामने हवा में उछाल दी।

पार्षद रमेश आहूजा ने मामला उठाया कि पार्क में अतिक्रमण कर दुकान बनाने से रोकने पर उन्हें गोली मारने की धमकी दी थी। इस मामले में मुझे रिपोर्ट दर्ज करवाने को कहा जा रहा है, मैं 5 साल के लिए पार्षद हूं, मैं तारीखें क्यों भुगतूं। वो अतिक्रमण आज भी हो रहा है।

इस पर रेखा जैन ने कहा कि मेरे खिलाफ रिलायंस कंपनी ने मुकदमा दर्ज करवाया। फिर भी निगम ने उसे परमिशन दे दी। आयुक्त ने कहा कि उच्च अधिकारियों ने जयपुर बुलाकर मना कर दिया था। अतिक्रमण पर एक-दो दिन में कार्रवाई कर देंगे।

 लेबर की समस्या ठीक करें
आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने कहा कि सफाई को लेकर मैं सख्त कदम उठाना चाहता हूं। हो सकता है मेरी बात पर हंगामा भी हो। सफाई कर्मचारियों व गार्डन की लेबर की हालत काफी खराब है। जेसीबी, डंपर की स्थिति भी सही नहीं है। शहर की सफाई से ही चुनाव जीतेंगे, मैं तो अफसर मेरा कुछ नहीं होगा।

इसलिए पार्षद लेबर की समस्या को ठीक करें। अब जिस ठेकेदार ने बॉयोमैट्रिक्स मशीन नहीं लगाई उसका बिल पास नहीं किया जाएगा। बॉयोमैट्रिक्स हाजिरी होगी तो लेबर गायब होने की समस्या दूर हो जाएगी। ठेकेदार लेबर को पैसा कम देते हैं। कम रेट पर ठेका लेते हैं, उसमें से बीमा व पीएफ और खुद का लाभ निकालते हैं। हो सकता है इसके लिए ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करना पड़े, वो हड़ताल भी कर सकते हैं।

इन सभी स्थितियों की व्यवस्था मैंने कर रखी है। 100 सफाई कर्मियों की एक टीम तैयार की है। जहां सफाई ठप करेंगे वहां टीम भेज दी जाएगी। पार्षद सहयोग करें। महेश गौतम लल्ली ने पार्कों में लेबर नहीं मिलने तथा ध्रुव राठौर ने जेसीबी, डंपर की हालत खराब होने का मुद्दा उठाया। पार्षद पवन अग्रवाल ने कहा कि आयुक्त खुद सक्षम हैं तो अब तक ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। 

150 करोड़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे
125 करोड़ वेतन पर।
93 करोड़ रुपए सफाई पर।
39.50 करोड़ रुपए गोशाला निर्माण, फायर, हाउसिंग, बहुमंजिला भवन, मेला स्थल पर निर्माण कार्य।
35 करोड़ रुपए नाली, सीवरेज, सड़क मरम्मत आदि।
14 करोड़ रुपए 4 बड़े उद्यानों व अन्य उद्यानों में विकास कार्य।
18 करोड़ से सड़कों का निर्माण।
5 करोड़ रुपए ग्रेच्युटी पर।
4 करोड़ नई रोड लाइट के लिए
2.24 करोड़ रुपए फायर उपकरण सहित अन्य संपत्ति खरीदने पर
2 करोड़ रुपए खर्च होंगे सार्वजनिक शौचालय बनाने पर।

जेआरएफ में अब तीन की जगह दो पेपर देने होंगे , आयु सीमा 2 साल बढ़ी

अजमेर। सीबीएसई यूजीसी जूनियर रिसर्च फैलोशिप और नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) देने वाले कैंडिडेट्स के लिए साल 2018 की परीक्षा में एग्जाम पैटर्न और एज लिमिट को लेकर बदलाव किए गए हैं। परीक्षा का आयोजन 8 जुलाई को होगा, जिसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 6 मार्च से शुरू होगी।

ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 5 अप्रैल तथा शुल्क 6 अप्रैल 2018 तक जमा कराया जा सकेगा। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी के अनुसार नए एग्जाम पैटर्न के मुताबिक अब तीन पेपर न होकर सिर्फ दो पेपर की परीक्षा होगी। जिसमें पेपर-1 में ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल होंगे, जिसमें टीचिंग एबिलिटी, स्टूडेंट्स को पढ़ाते वक्त अपने साथ जोड़ने के लिए एप्टीट्यूड और एप्रोच की परख करने संबंधी सवाल होंगे।

जेआरएफ के लिए कट-ऑफ एज
जूनियर रिसर्च फैलोशिप के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा अब 30 साल रहेगी। पहले यह आयु 28 साल थी। इस बदलाव के बाद कई और स्टूडेंट्स जेआरएफ के लिए आवेदन कर सकेंगे।