Saturday, July 18, 2026
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जब वहीदा रहमान ने अमिताभ को मारा जोर का थप्पड़

कपिल शर्मा के कॉमिडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ में बॉलिवुड की दिग्गज अभिनेत्रियां वहीदा रहमान, हेलेन और आशा पारेख पहुंची तो कई राज खुले। इसमें से एक बात वहीदा रहमान और अमिताभ बच्चन से जुड़ी हुई थी। ऐक्ट्रेस ने बताया कि एक सीन के लिए जब उन्होंने अमिताभ को थप्पड़ मारा तो ऐक्टर का क्या रिऐक्शन था।

वहीदा रहमान ने फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ के सेट का एक एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा कि उन्हें सीन के लिए अमिताभ बच्चन को थप्पड़ मारना था। उन्होंने पहले ही उन्हें बता दिया था कि वह काफी जोर से मारेंगी। अमिताभ इसके लिए तैयार थे।

सीन शूट किया गया और इसके ओवर होने के बाद अमिताभ ने वहीदा से बात की। थप्पड़ खाने के बाद अमिताभ ने वहीदा रहमान से कहा कि ‘वहीदा जी, काफी अच्छा था’। इस किस्से को सुन सभी लोग बहुत हंसे।

वैसे बता दें कि, एक किताब में भी वहीदा रहमान और अमिताभ बच्चन के इस किस्से का जिक्र किया गया था। उसमें बताया गया था कि कैसे सुनील दत्त ने सीन के बाद वहीदा को सुझाव दिया था कि अगली बार ऐसा कोई सीन हो तो वह सिर्फ थप्पड़ मारने की ऐक्टिंग करें न की असल में थप्पड़ मारें।

बैंक ऑफ बड़ौदा के नाम से जाने जाएंगे अब देना और विजया बैंक

नई दिल्ली। 1 अप्रैल सोमवार यानी कल से देश के दो सरकारी बैंकों का नाम बदल जाएगा। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बयान जारी कर दी है। RBI के बयान के अनुसार, 1 अप्रैल से सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो जाएगा। इस विलय के बाद सोमवार से इन दोनों बैंकों की शाखाएं बैंक ऑफ बड़ौदा के आउटलेट के रूप में काम करेंगी।

RBI के अनुसार, 1 अप्रैल से 2019 से विजया बैंक और देना बैंक के साथ लेनदेन करने वाले सभी ग्राहक बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक माने जाएंगे। इस विलय के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। विलय के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा का कुल कारोबार 14.82 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा।

इस विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के पास कुल 9401 बैंक शाखाएं और कुल 13432 एटीएम हो जाएंगे। देश में SBI के 59,291 एटीएम और 18 हजार से ज्यादा शाखाएं हैं। वहीं ICICI के पास 4,867 शाखाएं और 14,367 एटीएम हैं। इस विलय से पहले कामकाज को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा को 5042 करोड़ रुपए दिए हैं।

बैंक (RBI) ने एक बयान जारी कर दी है। RBI के बयान के अनुसार, 1 अप्रैल से सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो जाएगा। इस विलय के बाद सोमवार से इन दोनों बैंकों की शाखाएं बैंक ऑफ बड़ौदा के आउटलेट के रूप में काम करेंगी।

ग्राहकों पर पड़ेगा यह असर
-इस विलय के बाद विजया और देना बैंक के ग्राहकों का खाता नंबर बदल जाएगा।
-खाता नंबर बदलने के कारण सभी ग्राहकों की पासबुक और चेकबुक भी बदल जाएगा।
-दोनों बैंकों के सभी ग्राहकों को नए डेबिट/एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड लेने होंगे।
-बैंक का नाम बदलने के कारण ग्राहकों की शाखाओं के IFSC कोड भी बदल जाएंगे।

ग्राहकों को सूचना दे रहे हैं बैंक
विजया बैंक और देना बैंक ने अपने ग्राहकों को विलय की जानकारी देनी शुरू कर दी है। इसके लिए दोनों बैंक अपने ग्राहकों को एसएमएस के जरिए जानकारी दे रहे हैं। दोनों बैंकों की ओर से कहा जा रहा है कि विलय के बाद भी आपकी जमा राशि पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जब तक बैंकों का नाम बदलेगा, तब तक सभी ग्राहक पुराने तरीके से ही बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेते रहेंगे।

जब जैकी श्रॉफ ने पहना था गर्लफ्रेंड का अंडरवियर, जानिए क्यों

जैकी श्रॉफ बॉलिवुड के बड़े सितारों में से एक हैं। हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में की हैं। आज भले ही उनके पास पैसों की कोई कमी न हो, लेकिन करियर की शुरुआत में जैकी को अपनी गरीबी के कारण काफी स्ट्रगल करना पड़ा था। इससे जुड़ा एक किस्सा खुद उन्होंने शेयर किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक जैकी ने मीडिया से बात करने के दौरान इस किस्से को शेयर करते हुए कहा ‘मुझे एक मैगजीन के लिए फोटोशूट करवाना था। क्या आपको पता हो कि इसके लिए मैंने आयशा (जैकी की पत्नी) से अंडरवेअर मांगा था। वह उस समय मेरी गर्लफ्रेंड हुआ करती थीं। मैं एक गरीब था जो तीन बत्ती पर रहता था, ऐसे में मेरे पास शूट पर पहनने के लिए स्विमिंग ट्रंक्स नहीं थे। आयशा ने मुझे अपनी टू-पीस बिकीनी का पार्ट दिया, जो मुझे फिट हुआ।’

ऐक्टर ने आगे कहा कि उन्हें इस बात को कहने में या शेयर करने में कोई शर्म नहीं है, बल्कि उन्हें गर्व है। ‘मुझे इस बारे में कोई शर्म न अब है और न कभी थी। लोग फेमिनिजम, चॉइस और पुरुषों व महिलाओं के बदलते रिश्ते पर बात करते हैं। मैंने 1980 में शूट के लिए महिला की बिकीनी पहनी थी और मुझे इस बात पर गर्व है।’

वर्कफ्रंट की बात करें तो जैकी जल्द ही फिल्म ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’ में दिखाई देंगे। जॉन अब्राहम स्टारर यह मूवी 5 अप्रैल को रिलीज होगी। इसके साथ ही वह सलमान खान की फिल्म ‘भारत’ में भी दिखेंगे।

टैक्स और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े ये नियम कल से बदल जाएंगे

नई दिल्ली।नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल2019 से पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। यह बदलाव आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग पर असर डालेंगे। इस वर्ष के अंतरिम बजट में सरकार ने टैक्स को लेकर कई घोषणाएं की थीं। ये घोषणाएं इस वित्त वर्ष से लागू हो जाएंगी। आपके लिए इनके बारे में जानना जरूरी है।

पांच लाख तक की टैक्सेबल आय पर कोई टैक्स नहीं
केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट 2019 में पांच लाख रुपए की टैक्सेबल आय को टैक्स फ्री कर दिया है। इसलिए अगर आपकी आय इस दायरे में आती है, तो आपको इनकम टैक्स देने की जरूरत नहीं होगी।

स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़कर 50,000 रुपए
अंतरिम बजट 2019 में केंद्र सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया था, लिहाजा नए वित्त वर्ष में आप ज्यादा टैक्स बचा पाएंगे।

दूसरे मकान के नोशनल रेंट पर कोई टैक्स नहीं
केंद्र सरकार की अंतरिम बजट की घोषणा के मुताबिक, अगर आपके पास दो घर हैं और दूसरा घर खाली है, तो उसे भी सेल्फ-ऑक्युपाइड (अपने ही अंदर) ही माना जाएगा और आपको नोशनल रेंट (काल्पनिक किराये) पर टैक्स नहीं देना होगा। वर्तमान में अगर आपके पास एक से अधिक घर हैं तो उनमें से एक ही घर सेल्फ-ऑक्युपाइड और दूसरा घर किराये पर दिया हुआ माना जाता है, जिसके नोशनल रेंट पर टैक्स देना पड़ता है।

एक्सटर्नल बेंचमार्क से तय होगा लोन पर इंट्रेस्ट रेट
रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पर्सनल लोन, होम लोन, कार लोन और एमएसएमई कर्ज पर ‘फ्लोटिंग’ (परिवर्तनीय) ब्याज दरें एक अप्रैल से रेपो रेट या सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर प्रतिफल जैसे बाहरी मानकों से संबद्ध कर दिया है। फिलहाल, बैंक अपने कर्ज की दरों को प्रधान उधारी दर (पीएलआर), मानक प्रधान उधारी दर (BPLR), आधार दर तथा अपने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर जैसे आंतरिक मानकों के आधार पर तय करते हैं।

टीडीएस की सीमा बढ़कर 40 हजार हुई
ब्याज से होने वाली आय पर स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) की सीमा सालाना 10 हजार रुपए से बढ़कर 40 हजार रुपए हो गई है। इससे उन वरिष्ठ लोगों तथा छोटे जमाकर्ताओं को फायदा होगा, जो बैंकों एवं डाकघरों की जमाराशि के ब्याज पर निर्भर करते हैं। अभी तक ये जमाकर्ता 10 हजार रुपए प्रति वर्ष तक की ब्याज आय पर कटे कर का रिफंड मांग सकते थे।

हाउजिंग सेक्टर के लिए जीएसटी की नई दरें और नियम
जीएसटी काउंसिल ने 24 फरवरी, 2019 को अपनी 33वीं बैठक में और उसके बाद स्पष्टीकरण में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए जीएसटी की नई दरें जारी की हैं, जो एक अप्रैल, 2019 से लागू हो जाएंगी। एक अप्रैल 2019 से निर्माणाधीन प्रॉजेक्ट्स पर डेवलपरों और बिल्डरों के पास जीएसटी के दो विकल्प होंगे।

या तो वे इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा के साथ 12 फीसदी जीएसटी का विकल्प चुनेंगे या फिर इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना पांच फीसदी जीएसटी के विकल्प का चयन करेंगे। किफायती मकानों के संदर्भ में जीएसटी की दर इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ आठ फीसदी और इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना एक फीसदी होगी। एक अप्रैल, 2019 से शुरू होने वाले किसी भी नए प्रॉजेक्ट पर जीएसटी की नई दरें लागू करना अनिवार्य होगा।

एक अप्रैल, 2019 से फिजिकल शेयरों का ट्रांसफर नहीं
जिन लोगों के पास लिस्टेड कंपनियों के शेयर फिजिकल फॉर्म में हैं, वे एक अप्रैल के बाद उन्हें न तो ट्रांसफर कर पाएंगे और न ही बेच पाएंगे। इससे पहले यह सीमा 5 दिसंबर, 2018 थी। जून में सेबी ने लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिसक्लोजर रिक्वायरमेंट्स (एलओडीआर) रेग्युलेशंस में बदलाव किया था।

अभी 3.33 लाख करोड़ या देश में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप का 2.3 पर्सेंट हिस्सा फिजिकल शेयरों के रूप में है। कई निवेशकों, खासतौर पर बुजुर्गों को अब फिजिकल शेयरों को डीमैट फॉर्म में बदलना पड़ेगा, तभी वे उन्हें ट्रांसफर कर पाएंगे या बेच पाएंगे।

कैपिटल गेन का दो रिहायशी मकानों में निवेश के लाभ
वैसे टैक्सपेयर्स जो अपना मकान बेच चुके हैं, उनके पास टैक्स से बचने के लिए अपनी एलटीसीजी को एक मकान के बदले दो मकानों में निवेश करने का विकल्प होगा। हालांकि, आपको यह बात पता होनी चाहिए कि एलटीसीजी की रकम दो करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और इसका फायदा आप जीवन में एक बार ही उठा सकते हैं।

इक्विटी एलटीसीजी टैक्सेशन बदला
इक्विटी शेयर और इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड पर एलटीसीजी की घोषणा 2018 के बजट में की गई थी। इसलिए, अगर आपने उन इक्विटी शेयर्स और/या इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड्स को वित्त वर्ष 2018-19 में बेचा है और अगर उसे आपने एक साल से अधिक वक्त तक अपने पास रखा है तो उसपर आपको वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त टैक्स का भुगतान करना होगा। अगर यह लाभ एक लाख रुपये से अधिक होगा, तो एलटीसीजी पर 10 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा और इसपर इंडेक्सेशन का फायदा नहीं मिलेगा।

अमरनाथ यात्रा के लिए कल से इन बैंक शाखाओं पर होगा रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली। इस साल 1 जुलाई से 15 अगस्त के बीच हाेने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू होने जा रहे हैं। श्रद्धालु 1 अप्रैल से इस यात्रा के लिए कई बैंकों की शाखाओं पर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में Punjab National Bank, Jammu-Kashmir Bank और Yes Bank की 440 बैंक शाखाओं में 1 अप्रैल 2019 से यह सुविधा शुरू हाे जाएगी। इस वर्ष 46 दिन की यात्रा हो रही है।

अपनी बैंक शाखा का नाम देखने के लिए यहां क्लिक करें
अमरनाथ यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप अपने राज्य की बैंक शाखा का नाम देख सकते हैं। इसके लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं- http://www.amarnathyatra.co.in/list-of-bank-for-registration.php

हेल्थ सर्टिफिकेट जरूरी
पंजीकरण के लिए मान्यता प्राप्त चिकित्सा केंद्रों में डॉक्टरों से कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट (सीएचसी) लेना अनिवार्य होगा। मान्यता प्राप्त डॉक्टरों द्वारा जारी हेल्थ सर्टिफिकेट ही मान्य होंगे। यात्रा अवधि के दौरान रोजाना पारंपरिक पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से 7500-7500 यात्रियों के अलावा पंजतरणी हेलीकाप्टर सेवा से अलग से श्रद्धालुओं को यात्रा की इजाजत होगी। यात्रा के लिए 13 वर्ष से कम और 75 वर्ष से अधिक आयु वाले यात्री को इजाजत नहीं दी जाएगी। यात्रा के सभी एंट्री प्वाइंट पर कड़ाई से जांच की जाएगी।

ऑनलाइन पंजीकरण के देरी से शुरू होने की आशंका
इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए आप ऑनलाइन पंजीकरण भी करा सकते हैं। हालांकि यह सुविधा सामान्य यात्री पंजीकरण से कुछ देरी से शुरू हो सकती है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है, जिस पर मुहर लगने के बाद इसे बोर्ड की वेबसाइट पर डाला जाएगा। ऑनलाइन पंजीकरण में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर जरूरी जानकारी के साथ कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा। थी।

पिछले साल 2.85 श्रद्धालुओं ने किए थे दर्शन
यात्रा के दौरान बालटाल/दोमेल और नुनवान/पहलगाम/चंदनबाड़ी बेस कैंप पर असली कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट की जांच की जाएगी। यह सेवा पायलट स्तर पर शुरू करने की तैयारी है। वर्ष 2011 में 6.36 लाख ऑलटाइम रिकार्ड यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। इसके अगले साल 2012 में भी यह आंकड़ा 6.20 लाख तक पहुंचा। मगर उसके बाद आंकड़ा चार लाख तक नहीं पहुंच पाया है। दरअसल औपचारिकता बढ़ने से लोगों का रुझान कम हुआ है। वर्ष 2018 में 2.85 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी दी।

आर्थिक और वाहन बिक्री के आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की दिशा

नई दिल्ली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की शुद्ध लिवाली के दम पर बीते सप्ताह लगातार छठी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने वाले घरेलू शेयर बाजार की दिशा आगामी सप्ताह आर्थिक आंकड़ों, वाहन बिक्री के आंकड़ों, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के परिणाम, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति तथा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढाव से तय होगी।

बीते सप्ताह 508 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ सेंसेक्स
बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 508.30 अंक यानी 1.33 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी के साथ 38,672.91 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 167 अंक यानी 1.46 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करता हुआ 11,623.90 अंक पर बंद हुआ।

दिग्गज कंपनियों की अपेक्षा छोटी और मंझोली कंपनियों पर आलोच्य सप्ताह के दौरान निवेशक अधिक मेहरबान रहे जिससे बीएसई का मिडकैप 402.73 अंक यानी 2.67 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त के साथ 15,479.62 अंक पर और स्मॉलकैप 268.56 अंक यानी 1.82 प्रतिशत की तेजी के साथ 15,027.36 अंक पर बंद हुआ।

एफआईआई और एफपीआई भी मेहरबान
बीते सप्ताह एफआईआई और एफपीआई ने पूंजी बाजार में 48,751 करोड़ रुपए का निवेश किया जिसे बाजार की धारणा मजबूत बनी रही। अगले सप्ताह भी बाजार पर इसका असर रहेगा।

आगामी सप्ताह 2 से 4 अप्रैल तक रिजर्व बैंक की मौदिक्र नीति समिति की बैठक है और चार अप्रैल को ही नीतिगत दरों के बाबत घोषणा की जानी है। विश्लेषकों के मुताबिक, इस बैठक के दौरान समिति रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती का फैसला कर सकती है और ऐसा हुआ तो इससे रिएल्टी और ऑटो क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

इसके साथ ही दो अप्रैल को विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों और चार अप्रैल को सेवा क्षेत्र की गतिविधियों के सूचकांक जारी होने हैं, जिनका असर शेयर बाजार पर दिखेगा। एक अप्रैल यानी सोमवार को मासिक वाहन बिक्री के आंकड़े जारी होंगे, जिनका प्रभाव निवेश धारणा पर रहेगा। इनके अलावा निवेशक लोकसभा चुनाव से पहले के राजनीतिक तिकड़मों पर बारीक नजर बनाए हुए हैं।

ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर एडमिशन टेस्ट कल से

कोटा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा हर वर्ष आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षा ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर एडमिशन-2019 का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म 1 से 30 अप्रैल तक भरे जा सकेंगे।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद कृषि शिक्षा में स्नातक तथा स्नातकोत्तर कोर्सेज में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर एडमिशन का आयोजन करता आया है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बताया कि इसके तहत ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जामिनेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म 1 से 30 अप्रैल तक भरे जा सकेंगे। आवेदन की फीस 1 मई तक जमा की जा सकेगी। ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जामिनेशन का आयोजन पूर्णतया सीबीटी मोड पर 1 जुलाई को किया जाएगा।

स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ जेईई-मेन की परीक्षा भी दे सकेंगे

कोटा। देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन 7 से 12 अप्रैल के बीच देश के 273 शहरों और विदेश में 9 शहरों में होगी। इसमें 10 लाख से अधिक स्टूडेंट्स के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा के प्रवेश पत्र 20 मार्च को जारी कर दिए थे। प्रवेश पत्र जारी होने के साथ ही एनआईओएस बोर्ड के कुछ स्टूडेंट्स असमंजस में आ गए थे।

इसका कारण जेईई-मेन परीक्षा के साथ 8 एवं 12 अप्रैल को बोर्ड का हिन्दी और अंग्रेजी का पेपर होना था। ऐसे स्टूडेंट्स को जेईई-मेन एनटीए द्वारा उनकी परीक्षा की दिनांक को देखते हुए उपयुक्त तिथियां एवं समय आवंटित कर बड़ी राहत दी है।

स्टूडेंट्स ने परीक्षा से संबंधित अपनी परेशानियों को जेईई-मेन को ई-मेल एवं व्यक्तिगत रूप से सूचित किया, इसके बाद जेईई-मेन द्वारा ऐसे स्टूडेंट्स की परीक्षा तिथियां एवं समय में बदलाव कर नए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। अब ये स्टूडेंट्स अपनी बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ जेईई-मेन की परीक्षा भी दे सकेंगे।

एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया जेईई मेन एनटीए द्वारा अप्रैल परीक्षा के लिए सेंटर लोकेटर जारी कर दिए हैं। इसके माध्यम से स्टूडेंट्स को परीक्षा के दिन सेंटर पर पहुंचने में काफी सुविधा होगी और स्टूडेंट्स अब इस विकल्प का उपयोग कर अपने सेंटर पर पहुंचने के समय के अनुरूप ही अपनी व्यवस्था कर सकता है।

पहले कई बार स्टूडेंट्स को परीक्षा केंद्रों में एक ही नाम के कई स्कूल या कॉलेज होने से असमंजस होता था जो अब नहीं होगा और स्टूडेंट्स निर्धारित समय पर सेंटर पर पहुंच जाएगा।

अब डायरेक्शन में हाथ आजमाएंगी ऐश्वर्या राय बच्चन

बॉलिवुड में दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, अनुष्का शर्मा जैसी कई बड़ी ऐक्ट्रेस फिल्म प्रॉडक्शन में हाथ आजमा चुकी हैं। हाल में कंगना रनौत ने अपनी पिछली रिलीज हुई फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ के डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया था। अब लगता है कि बॉलिवुड की सबसे खूबसरत अदाकाराओं में से एक मानी जाने वाली ऐश्वर्या राय बच्चन भी डायरेक्शन में हाथ आजमाना चाहती हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऐश्वर्या का कहना है कि उन्हें इंडस्ट्री में काफी समय हो गया है और उन्हें इस बात की पूरी जानकारी है कि प्रड्यूसर या डायरेक्टर बनने के लिए कितने कमिटमेंट की जरूरत होती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह डायरेक्शन करना चाहती हैं? तो इसके जवाब में ऐश्वर्या ने कहा कि शायद किसी दिन किसी फिल्म का डायरेक्शन करना भी पसंद करेंगी और अब उन्हें इस बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए।

वर्कफ्रंट की बात करें तो पिछली बार ऐश्वर्या अनिल कपूर और राजकुमार राव के साथ फिल्म ‘फन्ने खां’ में दिखाई दी थीं। ऐसी भी चर्चा थी कि वह संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन में बन रही साहिर लुधियानवी की बायॉपिक में अपने पति अभिषेक बच्चन के साथ दिखाई दे सकती हैं लेकिन इन अटकलों पर तब विराम लग गया जब इस फिल्म के लिए कथित तौर पर भंसाली ने तापसी पन्नू का नाम फाइनल कर लिया। हालांकि इस फिल्म की फाइनल स्टार कास्ट का अभी तक ऑफिशल अनाउंसमेंट नहीं हुआ है।