Saturday, July 18, 2026
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स्मार्टफोन में कैसे काम करता है फिंगरप्रिंट स्कैनर, जानिए

नई दिल्ली । स्मार्टफोन सिक्योरिटी को लेकर कंपनियां सजग हो गई हैं। इसका एक मुख्य कारण हैकिंग की घटनाओं का बढ़ना है। इसी के चलते स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने अपनी डिवाइसेज में बेहतर सुरक्षा देने का प्रयास कर रही हैं।

पिछले कुछ समय से लॉन्च किए जा रहे सभी स्मार्टफोन्स में बायोमेट्रिक सुरक्षा के तौर पर फिंगरप्रिंट स्कैनर उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर फिंगरप्रिट स्कैनर कितने प्रभावी और सही हैं। क्या फिंगरप्रिंट स्कैनर केवल स्नूपिंग को रोकने के लिए ही सही है या फिर ये अन्य तरह की हैंकिंग में भी रुकावट डाल सकते हैं।

कितने तरह के होते हैं स्कैनर:
आज के समय में लॉन्च किए जा रहे स्मार्टफोन्स कई सिक्योरिटी ऑप्शन्स के साथ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये स्कैनर्स यूजर्स के निजता और डाटा को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। निम्न तरह के होते हैं स्कैनर
पैटर्न,पिन/पासवर्ड, फिंगरप्रिंट स्कैनर,आइरिस/रेटीना स्कैन, फेस रिक्गनीशन

किस तरह काम करते हैं फिंगरप्रिंट स्कैनर:
हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट में दो आकृति होती हैं। जब यूजर स्कैनर पर अपनी उंगली रखता है तो CCD (चार्जड कपल्ड डिवाइस) लाइट सेंसर उंगली की एक उल्टी इमेज तैयार करती है। यह वो अपनी ही लाइट सोर्स से करती है।

LED उंगली की आकृति बनाने के लिए काफी लाइट का इस्तेमाल करती है जिससे उंगली की इमेज ठीक आ पाए। जो इमेज CCD सेंसर द्वारा बनाई जाती है वो टू टोन्ड इमेज होती है। इस इमेज में डार्क एरिया उंगली की लकीरों को दर्शाता है तो लाइट एरिया लकीरों के बीच बनी जगह को दर्शाती है।

स्कैनर में दिया गया प्रोसेसर इमेज को बिल्कुल क्लियर बनाता है। साथ ही यह भी चेक करता है कि कहीं पिक्सल ज्यादा डार्क तो नहीं हो गए हैं। वहीं, अगर इमेज ज्यादा डार्क या ज्यादा लाइट है तो इस इमेज को डिलीट कर दिया जाता है। इसके बाद स्कैनर सेंसर का एक्सपोजर टाइम एडजस्ट करता है और फिंगरप्रिंट को दोबारा स्कैन करता है। जितनी देर में इस फिंगरप्रिंट की छोटी इमेज बनती है उतनी देर में फिंगरप्रिंट को क्रॉस चेक किया जाता है।

कैपेसिटिव स्कैनर्स, डिजिटल स्कैनर्स से अलग होते हैं। कैपेटिव स्कैनर्स फिंगरप्रिंट को वेरिफाई करने के लिए इलेक्ट्रिकल करंट का इस्तेमाल करते हैं। यह सेमिकंडक्टर चिप से बने होते हैं। जब भी उंगली को कैपेटिव स्कैनर पर रखते हैं तो उंगली की इमेज इनपुट और आउटपुट वोल्टेज की अलग-अलग प्रक्रिया द्वारा बनाई जाती है।

अल्ट्रासोनिक स्कैनर्स हाल ही में पेश किए गए हैं। Samsung की लेटेस्ट S10 सीरीज स्मार्टफोन्स में इन्हें पहली बार पेश किया गया है। अल्ट्रसोनिक प्लस को स्क्रीन के जरिए यूजर्स की उंगली तक पहुंचाया जाता है। यह उंगली की लकीरों और छिद्रों का सही 3D फिंगरप्रिंट बनाता है।

फिंगरप्रिंट स्कैनर को लेकर बढ़ रही हैं सुरक्षा चिंताएं:
अगर कोई यह जानता है कि फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है तो वो यह भी जानता होगा कि इसकी सुरक्षा को तोड़ना कोई बड़ी बात नहीं है। उदाहरण के तौर पर: फिंगरप्रिंट सेंसर की सुरक्षा को डेंटल मोल्ड कास्ट की मदद से तोड़ा जा सकता है। अगर किसी के पास 3D प्रिंटर है और डिवाइस के मालिक की फिंगर की हाई रेजोल्यूशन इमेज है तो प्रिंटर के जरिए उसका 3D प्रिंटर मोल्ड बनाया जा सकता है और इससे डिवाइस भी अनलॉक की जा सकती है।

IIT में गर्ल्स स्टूडेंट्स को 17 प्रतिशत सीटों पर मिलेगा प्रवेश

कोटा। देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजिनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवान्स्ड जिसके माध्यम से देश की 23 आईआईटी की लगभग 11 हजार 279 सीटों पर प्रवेश मिलता है, यह परीक्षा इस वर्ष भी पूर्णतः कम्प्यूटर बेस्ड 27 मई को होने जा रही है। जेईई एडवान्स्ड का इन्फोर्मेशन बुलेटिन जारी कर दिया गया है जिसके अनुसार इस वर्ष यह परीक्षा देश के 155 परीक्षा शहरों पर प्रातः 9 से 12 एवं दोपहर 2 से 5 के मध्य सम्पन्न होगी।

कोटा में नहीं परीक्षा केंद्र
इस वर्ष भी जेईई एडवान्स्ड का परीक्षा केन्द्र कोटा नहीं दिया गया है। राजस्थान के 7 शहरों में परीक्षा केन्द्र बनाये गये है, जिसमें अजमेर, अलवर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, सीकर एवं उदयपुर शामिल है। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी विदेशो में जेईई एडवान्स्ड परीक्षा के केन्द्र बनाये गये हैं जिनमें इथोपिया, नेपाल, सिंगापुर, बांग्लादेश, दुबई, श्रीलंका शामिल हैं।

जेईई एडवान्स्ड परीक्षा से सम्बन्धित सभी पात्रता भी जारी कर दी गई हैं। इस वर्ष प्रथम बार आईआईटी में अनारक्षित वर्ग को ईडब्ल्यूएस आरक्षण भी दिया गया है। छात्रों व छात्राओं के अनुपात को संतुलित करने के लिए छात्राओं को फीमेल स्टूडेंट्स को 17 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जायेगा।जबकि गत वर्ष छात्राओं को 14 प्रतिशत अतिरिक्त सीटे आवंटित की गयी थी।

इस वर्ष जेईई मेन परीक्षा द्वारा चुने हुए शीर्ष 2 लाख 45 हजार विद्यार्थी जो जेईई एडवान्स्ड परीक्षा देने के लिए पात्र घोषित किये जायेंगे, जिसमें सामान्य श्रेणी के 1,13,925,सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 9800,ओबीसी के 66,150,एससी के 36,750 एवं एसटी के18,375 विद्यार्थी शामिल हैं। जबकि गत वर्ष 2,लाख 24 हजार विद्यार्थियों को जेईई एडवान्स्ड परीक्षा देने के लिए पात्र घोषित किया गया था। जेईई एडवान्स्ड का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन 3 से 9 मईे के मध्य करवाया जायेगा।

जेईई एडवान्स्ड परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क
जेईई एडवान्स्ड परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क सामान्य व ओबीसी श्रेणी के छात्रों के लिए 2600/- रूपये, एससी, एसटी, शारीरिक विकलांग छात्रों एवं सभी वर्गों की छात्राओं के लिए 1300/- रूपये रखा गया है। प्रवेश पत्र 20 मई को जारी कर दिये जायेंगे। जेईई एडवान्स्ड का परीक्षा परिणाम 14 जून को घोषित किया जायेगा।

इन्फोर्मेशन बुलेटिन में जेईई एडवान्स्ड परीक्षा को क्वालिफाई कर रेंक सूची में स्थान प्राप्त करने के लिए औसतन व विषयवार कट-ऑफ जारी कर दी गई है, जो कि सामान्य श्रेणी के लिए 35 प्रतिशत, विषयवार 10 प्रतिशत,ओबीसी एवं सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए, औसतन 31.5 प्रतिशत, विषयवार 9 प्रतिशत एससी, एसटी एवं शारीरिक विकलांग के लिए औसतन 17.5 प्रतिशत एवं विषयवार 5 प्रतिशत रखी गई है।

फीमेल स्टूडेंट्स को 3 प्रतिशत ज्यादा
आईआईटी में फीमेल स्टूडेंट्स को गत वर्ष के मुकाबले 3 प्रतिशत ज्यादा अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश मिलने से काफी पीछे की रैंक पर भी अच्छे आईआईटी में ब्रांच मिलने की संभावनाएं और बढ़ गयी है। इस वर्ष जेईई एडवान्स्ड के ऑनलाईन आवेदन करते समय ओबीसी का प्रमाण-पत्र 1 अप्रैल 2019 के बाद मांगा गया हैं

साथ ही सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी के विद्यार्थियों को अपना ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा। जिन विद्यार्थियों ने जोसा काउन्सलिंग के दौरान आईआईटी आवंटन के पश्चात सीट असेप्टेंस फीस का भुगतान कर रिपोर्टिंग सेन्टर पर रिपोर्ट नहीं किया और साथ ही समय रहते सीट विड्राअल करवा ली वे इस वर्ष जेईई एडवान्स्ड परीक्षा में बैठ पायेंगे एवं जिन विद्यार्थियों ने गत वर्ष आईआईटी के रिपोर्टिंग सेन्टर पर जाकर सीट असेप्ट कर ली थी वे इस वर्ष जेईई एडवांस परीक्षा में बैठने के योग्य नहीं होंगे।

GST का ये नया नियम आज से लागू नहीं होगा, जानिए क्यों

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ई दिल्ली। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की मासिक रिटर्न भरने के लिए सरल फार्म जारी करने की एक अप्रैल से शुरू होने वाली पायलट परियोजना को फिलहाल टाल दिया गया है। अब इस तरह के नए फार्म तभी उपलब्ध कराए जाएंगे जब उन्हें अधिसूचित कर दिया जाएगा और उनका साफ्टवेयर तैयार हो जाएगा।

जीएसटी परिषद ने पिछले साल जुलाई में यह तय किया था कि जीएसटी रिटर्न भरने के लिए सरल फार्म सहज और सुगम फार्म को पायलट आधार पर एक अप्रैल 2019 से जारी कर दिया जाएगा, जबकि ऐसे नए फार्म के तहत देशभर में रिटर्न भरने का काम जुलाई से शुरू कर दिया जाएगा। केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने पिछले साल जुलाई में जीएसटी के सरल नए रिटर्न फार्म का मसौदा जारी किया था और उस पर सभी संबद्ध पक्षों से जरूरी टिप्पणी मांगी थी।

इस नए रिटर्न फाइलिंग के प्रारूप के मुताबिक, ऐसे करदाता जिनकी किसी एक वित्त वर्ष की किसी तिमाही में कोई खरीद नहीं है, न ही कोई आउटपुट कर देनदारी है और न ही कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट बनता है, उसे उस पूरी तिमाही के लिये एक ‘शून्य’ रिटर्न ही दाखिल करनी है। इसके साथ ही तिमाही रिटर्न भरने के लिए एसएमएस के जरिए भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

बदल जाएगा जीएसटी रिटर्न भरने का तरीका
जीएसटी रिटर्न भरने के नए सरलीकृत फार्म से जीएसटीआर-1 भरने की अंतिम बिक्री रिटर्न भरने की मौजूदा आवश्यकता बदल जाएगी। हालांकि, योजना के मुताबिक जीएसटीआर- 3बी रिटर्न भरना अभी कुछ और समय तक जारी रहेगा। एक अधिकारी के अनुसार, नई रिटर्न फाइल करने के लिए पायलट योजना को फिलहाल टाल दिया गया है।

इसकी नई तिथि पर जल्द फैसला लिया जाएगा। पहले नए सरल फार्म को अधिसूचित किया जाएगा उसके बाद पायलट योजना शुरू की जाएगी। नए फार्म के लिए कंप्यूटर प्रणाली की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि छोटे करदाता जिनका पिछले वित्त वर्ष में पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार रहा है, वे स्व-घोषणा के आधार पर मासिक कर का भुगतान कर सकते हैं और रिटर्न प्रत्येक तिमाही में भर सकते हैं।

खुशखबरी: रेलवे ने आज से बदल दिए यह दो नियम, जानिए

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नई दिल्ली। भारतीय रेल अपने करोड़ों यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए-नए बदलाव करता रहता है। 1 अप्रैल 2019 यानी आज से भी रेलवे ने दो प्रमुख बदलाव किए हैं। इन बदलावों के बाद करोड़ों यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। साथ ही ट्रेन छूटने से होने वाले नुकसान जैसी समस्या से भी निजात मिल जाएगा।

पहला बदलाव: कनेक्टिंग यात्रा करने वालों को भारतीय रेलवे ने आज से एक बड़ा तोहफा दिया है। नए नियम के अनुसार, कनेक्टिंग यात्रा के लिए 2 टिकट बुक कराने वाले यात्री अपने पीएनआर को कनेक्ट करा सकते हैं। इससे फायदा यह होगा कि एक ट्रेन के लेट होने पर दूसरी ट्रेन छूटने की स्थिति में यात्री को एक टिकट का पूरा पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए रेलवे ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। इन शर्तों के अनुसार, दोनों टिकटों में यात्री की सारी जानकारी एक समान होनी चाहिए। इसके अलावा पहली टिकट का गंतव्य और दूसरी टिकट का प्रारंभ स्टेशन एक समान होना चाहिए।

दूसरी बदलाव:इसके तहत भारतीय रेलवे आजे से अपने यात्रियों को अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा प्रदान कर रहा है। इस सुविधा के तहत रेल यात्री ट्रेन छूटने के चार घंटे पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। यानी आप चार्ट बनने से पहले अपना स्टेशन बदल सकेंगे। इस नए नियम का फायदा जनरल कोटे के तहत रिजर्वेशन कराने वालों के साथ तत्काल कोटे के तहत टिकट बुक कराने वालों को भी मिलेगा।

जिन यात्रियों के पास टिकट की हार्ड कॉपी है उन्हें ओरिजनेटिंग स्टेशन (जहां से ट्रेन शुरू होती है) पर लिखित में आवेदन करना होगा। जिन यात्रियों के पास ई-टिकट है वे IRCTC की वेबसाइट पर जाकर पहला चार्ट तैयार होने से पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन चेंज कर सकते हैं।

इसके अलावा जो यात्री इन दोनों में से कोई भी तरीका नहीं अपना सकते, वे रेलवे को 139 नंबर पर कॉल करके बोर्डिंग स्टेशन बदलने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। हालांकि यह फोन भी ट्रेन के चलने से चार घंटे पहले करना होगा। इसके लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना होगा।

सीए को नियमों के अनुरूप ही ऑडिट करना चाहिए

कोटा । सीए ब्रांच की ओर से रोटरी बिनानी सभागार में बैंक ऑडिट पर आयोजित सेमिनार में सीए चर्चिल जैन ने कहा कि सीए को अंकेक्षण के सिद्धांतों का पालन करते हुए एवं नियमों के अनुरूप बैंक की ऑडिट करनी चाहिए। नियमों के विपरीत ऑडिट करने पर उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई संभव है। बैंक ऑडिट के लिए सीआईआरसी ने पैनल का गठन किया है।

सूरत से आए सीए प्रदीप काबरा ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। देश की अर्थव्यवस्था में सीए की भूमिका महत्वपूर्ण है। आरबीआई व सरकार भी सीए की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कह रही है। सीए सदस्य द्वारा कोई गड़बड़ी करने पर आरबीआई उस पर कार्रवाई करने का हकदार है।

इस रेगुलेशन से सीए को डरने की आवश्यकता नहीं है। सीए सदस्य नियमों के दायरे में रहकर कार्य करें। सीकासा चेयरमैन व रीजनल काउंसिल सदस्य सीए देवेंद्र सोमानी, इंदौर के प्रकाश बोहरा, कोटा सीए ब्रांच की चेयरमैन सीए नीतू खंडेलवाल व सचिव सीए निखिल जैन ने भी संबोधित किया। सीपीई चेयरमैन सीए दीपक सिंघल, सीए आशीष व्यास, सीए अनीश माहेश्वरी समेत दर्जनों सीए सदस्य उपस्थित थे।

पैन को आधार से लिंक करने की समय-सीमा छह माह बढ़ाई

नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने रविवार को पैन को आधार से लिंक करने की समय-सीमा छह महीने बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दी है। यह छठी बार है, जब सरकार ने पैन को आधार से लिंक करने की समय-सीमा में बढ़ोतरी की है। सरकार ने बीते साल जून में पैन को आधार से लिंक करने की समय-सीमा 31 मार्च तय की थी।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक बयान जारी कर कहा, ‘अब आधार नंबर को पैन से लिंक करने की समय-सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर, 2019 की जा रही है।’ आयकर रिटर्न भरते वक्त हालांकि आधार नंबर बताना पडे़गा, जो एक अप्रैल, 2019 से लागू हो जाएगा।

सीबीडीटी ने कहा कि खबरें थीं कि जो पैन 31 मार्च तक आधार से लिंक नहीं होंगे वे अमान्य हो सकते हैं, जिसके बाद इस मुद्दे पर सरकार ने विचार किया और समय-सीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया।

बड़े बदलाव के साथ नए अवतार में आएगी टाटा टियागो

नई दिल्ली।Tata Motors अपनी पॉप्युलर हैचबैक Tiago का फेसलिफ्ट वर्जन लाने वाली है। फेसलिफ्ट Tata Tiago को हाल ही में टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। लीक हुई तस्वीर में नई टियागो पूरी तरह ढकी हुई है, लेकिन इसकी कुछ डीटेल्स सामने आ गई हैं। नई टाटा टियागो में कई बदलाव देखने को मिलेंगे।

नई टाटा टियागो XO प्लैटफॉर्म की बजाय कंपनी की प्रीमियम हैचबैक टाटा अल्ट्रॉज वाले ALFA प्लैटफॉर्म पर आधारित होगी। टाटा का नया अल्फा प्लैटफॉर्म पुराने प्लैटफॉर्म से ज्यादा सुरक्षित है। कंपनी का कहना है कि इस प्लैटफॉर्म पर बनने वाली कारें क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल करने वाली होंगी। नई टियागो कंपनी की नई डिजाइन लैंग्वेज इम्पैक्ट 2.0 के साथ आएगी।

माना जा रहा है कि फेसलिफ्ट टियागो हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक मोटर के साथ आ सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा टियागो डीजल इंजन के साथ नहीं आएगी, क्योंकि कंपनी अपना 1-लीटर वाला छोटा डीजल इंजन बीएस6 मानदंडों के अनुसार अपडेट नहीं कर रही है। नई टियागो शुरुआत में सिर्फ 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ आएगी। बाद में इसमें हाइब्रिड/इलेक्ट्रिक का ऑप्शन मिलेगा।

डीजल इंजन क्यों अपडेट नहीं करेगी कंपनी?
टाटा मोटर्स कम डिमांड की वजह से अपना 1-लीटर डीजल इंजन बीएस6 मानदंडों के अनुसार अपडेट नहीं कर रही है। अभी सिर्फ 20 प्रतिशत डीजल इंजन वाली टियागो की बिक्री हो रही है। इस इंजन को बीएस6 में अपडेट करने के बाद कार की कीमत 1 से 2 लाख रुपये तक बढ़ जाएगी, जिसकी वजह से डीजल वाली टियागो की बिक्री में और गिरावट आएगी। इसी वजह से कंपनी 1 लीटर वाले छोटे डीजल इंजन को बीएस6 में अपडेट नहीं कर रही है।

पेट्रोल इंजन
नई टियागो में 85 hp पावर वाला 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन होगा। यह इंजन 114 Nm टॉर्क जनरेट करता है। इंजन 5-स्पीड मैन्युअल और 5-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस होगा। यह पेट्रोल इंजन बीएस6 मानदंडों के अनुरूप होगा। नए प्लैटफॉर्म और बीएस6 की वजह से नई टियागो की कीमत में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। नई टाटा टियागो साल 2020 के ऑटो एक्सपो में लॉन्च की जा सकती है।

स्वर्णिम दीक्षा जयंती महोत्सव: 450 सदस्यों को मिला सेवा का सम्मान

कोटा। गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के स्वर्णिम दीक्षा जयंती महोत्सव की ओर से रविवार को तलवंडी स्थित दिगम्बर जैन मंदिर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें समारोह के लिए गठित की गई 21 उपसमितियों के सभी संयोजकों समेत 450 से अधिक सदस्यों का विशुद्धमति माताजी ससंघ के सानिध्य में सम्मान किया गया।

विगत समय से संघ के प्रति अपनी सेवाओ के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं दे रहे श्रेष्ठी जनों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन समिति द्वारा तिलक, माला एवं प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर अभिनन्दन किया गया। विज्ञमती माताजी ने अपने मंगल प्रवचन में सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की प्रशंसा करते हुए सभी को सम्पूर्ण विशुद्ध आर्यिका संघ की ओर से आशीर्वाद दिया।

माताजी ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि अकेला चना भाड़ नही फोड़ सकता, सभी के सहयोग एवं परफेक्ट टीम वर्क के कारण ही यह आयोजन इतिहास बन सका। इसमें सकल समाज कोटा का अमूल्य योगदान रहा है। कोटा का नाम पूरे विश्व जैन समाज मे अपनी अमिट छाप छोड़ गया। यह सहयोग भाव से किए गए कार्यों का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि किसी कार्य को सम्पन्न करने के लिए परिश्रम और धन खर्च करना पड़ता है, लेकिन उससे भी अधिक समय देने की जरूरत रहती है। जिन लोगों ने अपना समय विशुद्धमति माताजी के चरणों मे समर्पित किया।

ऐसे लोगों का सम्मान किया जाना अच्छी बात है। सकल दिगम्बर जैन समाज कोटा के अध्यक्ष विमल जैन नांता वालों, महामंत्री विनोद टोरडी को ’समाज रत्न’ की उपाधि से समाज द्वारा विभूषित किया गया।

इस दौरान कार्याध्यक्ष जेके जैन, सुरेश चांदवाड़, विमल जैन नान्ता, विनोद टोरड़ी, कैलाशचन्द जैन खेड़ा वाले, अशोक पहाड़िया, राजकुमार जैन, प्रकाश बज, निशा बैद, अनिला झांझरी समेत स्वर्णिम दीक्षा जयंती महोत्सव समिति, महावीर दिगम्बर जैन मंदिर समिति, तलवंडी तथा श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति, कोटा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जब वहीदा रहमान ने अमिताभ को मारा जोर का थप्पड़

कपिल शर्मा के कॉमिडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ में बॉलिवुड की दिग्गज अभिनेत्रियां वहीदा रहमान, हेलेन और आशा पारेख पहुंची तो कई राज खुले। इसमें से एक बात वहीदा रहमान और अमिताभ बच्चन से जुड़ी हुई थी। ऐक्ट्रेस ने बताया कि एक सीन के लिए जब उन्होंने अमिताभ को थप्पड़ मारा तो ऐक्टर का क्या रिऐक्शन था।

वहीदा रहमान ने फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ के सेट का एक एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा कि उन्हें सीन के लिए अमिताभ बच्चन को थप्पड़ मारना था। उन्होंने पहले ही उन्हें बता दिया था कि वह काफी जोर से मारेंगी। अमिताभ इसके लिए तैयार थे।

सीन शूट किया गया और इसके ओवर होने के बाद अमिताभ ने वहीदा से बात की। थप्पड़ खाने के बाद अमिताभ ने वहीदा रहमान से कहा कि ‘वहीदा जी, काफी अच्छा था’। इस किस्से को सुन सभी लोग बहुत हंसे।

वैसे बता दें कि, एक किताब में भी वहीदा रहमान और अमिताभ बच्चन के इस किस्से का जिक्र किया गया था। उसमें बताया गया था कि कैसे सुनील दत्त ने सीन के बाद वहीदा को सुझाव दिया था कि अगली बार ऐसा कोई सीन हो तो वह सिर्फ थप्पड़ मारने की ऐक्टिंग करें न की असल में थप्पड़ मारें।