नई दिल्ली। Coriander Price: वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया की आवक काफी कम रह गई है क्योंकि कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ चुका है। हालांकि रूस से धनिया का आयात हो रहा है लेकिन इसका बाजार पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ रहा भाव लगातार बढ़ रहे हैं।
क्योंकि खपत की तुलना में माल की सप्लाई कमजोर बनी हुई है। सूत्रों का मानना है कि अभी भी कीमतों में और तेजी संभव है। क्योंकि नई फसल आने में अभी लगभग 6 माह का समय शेष है।
प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में अभी तक कुल उत्पादन का 80/85 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है चालू सीजन के दौरान गुजरात में धनिया का उत्पादन 38/40 लाख बोरी माना गया है।
मध्य प्रदेश में कुल उत्पादन का 60/65 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है और जो माल किसानों के पास बचा है वह मजबूत हाथों में है जोकि भाव और बढ़ने पर मंडियों में आएगा।
मध्य प्रदेश में इस वर्ष धनिया का उत्पादन 43/45 लाख बोरी होने के समाचार है राजस्थान की मंडियों में भी अभी तक 75/80 प्रतिशत माल आ चुका है। राजस्थान में इस वर्ष धनिया का उत्पादन 12/13 लाख बोरी माना गया है। अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में आवक काफी कम रह गई है।
गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में आवक 2000/2500 हजार बोरी की हो रही। जबकि राजस्थान की रामगंज मंडी में 1500/2000 बोरी की आवक चल रही है। मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडी गुना में आवक 2500/3000 बोरी की रह गई है।
उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण वर्ष 2023 के पश्चात देश में धनिया की पैदावार में कमी आ रही है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2023 में देश में धनिया का रिकॉर्ड उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था जो कि वर्ष 2024 में घटकर 1.20 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2025 में 1.10 करोड़ का रहा चालू सीजन के दौरान उत्पादन 94/95 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए गए हैं।
वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया के भाव गत वर्ष की तुलना में दोगुना चल रहे हैं। गत वर्ष इसी समयवधि में उत्पादक केन्द्रों पर धनिया ईगल का भाव 72/75 रुपए एवं बादामी का भाव 68/70 रुपए चल रहा था जबकि वर्तमान में ईगल का भाव 148/152 रुपए एवं बादामी 138/142 रुपए बोला जा रहा है।
चालू सीजन के दौरान उत्पादकों को अच्छी कीमत मिलने के कारण आगामी सीजन के लिए प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में धनिया की बिजाई बढ़ने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि धनिया की बिजाई का कार्य अक्टूबर-नवम्बर माह में शुरू होता है।
खपत की तुलना में उपलब्धता कमजोर होने के कारण धनिया की कीमतों में अधिक मन्दा संभव नहीं है। हालांकि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण एक बार बाजार में मुनाफावसूली बिकवाली एवं आयात को देखते हुए भाव अल्पकाल के लिए कुछ घट सकते हैं लेकिन भविष्य अच्छा रहेगा। क्योंकि नई फसल आने में 6/7 माह का समय शेष है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हमारी सालाना खपत एवं निर्यात को मिलाकर करीब 36 करोड़ बोरी धनिया की आवश्यकता होती है। लेकिन चालू सीजन के दौरान 94/95 लाख की पैदावार के अलावा 20/25 लाख बोरी का बकाया स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता 1.20/1.25 करोड़ बोरी की रहेगी।

