Friday, July 17, 2026
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TCS ने 220 करोड़ रुपये राजनीतिक चंदा दिया, कम्पनी का अब तक सबसे बड़ा दान

बेंगलुरु।टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने कहा है कि उसने मार्च में समाप्त हुई चौथी तिमाही में एक इलेक्टोरल ट्रस्ट को 220 करोड़ रुपये दिए हैं। कंपनी ने इस खर्च को अपने बही-खाते में अन्य खर्चों के तहत रखा है। टीसीएस का यह डोनेशन इसके द्वारा अब तक के सबसे बड़े डोनेशन में से एक है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसका फायदा किस पार्टी को मिला है।

टीसीएस सहित टाटा समूह की कंपनियां अतीत में भी इलेक्टोरल ट्रस्ट को पैसे दे चुकी हैं। टीसीएस ने पहले प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट को पैसे दिए थे, जिसे टाटा ट्रस्ट ने 2013 में स्थापित किया था। इस ट्रस्ट ने एक अप्रैल, 2013 से लेकर 31 मार्च, 2016 के बीच कई राजनीतिक पार्टियों को पैसे दिए। इसने सबसे ज्यादा पैसे कांग्रेस और उसके बाद बीजू जनता दल को दिए। इस अवधि में टीसीएस ने केवल 1.5 करोड़ का कंट्रीब्यूशन किया था।

भारत में कई इलेक्टोरल ट्रस्ट हैं, जो कॉरपोरेट और राजनीतिक दलों के बीच मध्यस्थ हैं। इनमें सबसे बड़ा इलेक्टोरल ट्रस्ट प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट है, जिसके सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में भारती ग्रुप और डीलएफ हैं। 2017-18 में इसने कुल जमा 169 करोड़ रुपये में से 144 करोड़ रुपये बीजेपी को दिए थे।

टाटा के प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट द्वारा निर्वाचन आयोग के समक्ष दाखिल नवीनतम सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान इसने किसी भी राजनीतिक दल को कोई योगदान नहीं दिया और उसका घाटा 54,844 करोड़ रुपये रहा।

शाओमी Mi Mix 4 फोल्डेबल फोन के फीचर्स लीक, हो सकता है 60MP कैमरा

नई दिल्ली। चाइनीज स्मार्टफोन मेकर शाओमी बीते दिनों दो बार अपना डुअल फोल्डेबल टीज कर चुकी है। कंपनी दो शॉर्ट विडियोज में इस फोन की झलक दिखा चुकी है और फिलहाल इसके लॉन्च से जुड़ी कोई जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। अब एक नया लीक सामने आया है और इसके मुताबिक Mi Mix 4 ही कंपनी का नया फोल्डेबल स्मार्टफोन हो सकता है।

चीन में Alipay स्मार्टफोन रेंटल पेज पर चार नए हाई-ऐंड हैंडसेट दिखे हैं। ये डिवाइसेज ओप्पो रेनो, हुवावे पी30, मेट एक्स और मिक्स 4 हैं। शाओमी ने इससे पहले एक टीजर में भी मिक्स 4 दिखाया था। इसके अलावा इस मिक्स 4 को लेकर कोई भी ऑफिशल हिंट या लीक्स सामने नहीं आए थे। इस अलीपे पेज पर स्पॉट होने के बाद कई नई बातें सामने आई हैं और पहली बार फोन के स्पेसिफिकेशंस का आइडिया यूजर्स को मिला है।

इसमें डुअल फोल्डेबल डिस्प्ले के हिंट मिले हैं। साथ ही स्मार्टफोन में 60 मेगापिक्सल का कैमरा भी देखने को मिल सकता है। इसके लॉन्च की उम्मीद 2019 की दूसरी छमाही में की जा सकती है। बता दें, शाओमी की MIX सीरीज हमेशा नए इनोवेशंस के प्लैटफॉर्म के तौर पर सामने आई है और शाओमी ने इसके हर स्मार्टफोन में कुछ खास ऐड किया है। यही वजह है कि कंपनी का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन भी इसी सीरीज के नाम से आ सकता है।

हालांकि, अभी किसी परिणाम तक पहुंचना जल्दबाजी होगी क्योंकि ऑफिशली कोई लीक्स भी इस तरफ इशारा नहीं कर रहे हैं। शाओमी का फोल्डेबल फोन 2019 की दूसरी छमाही में लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाओमी के डुअल फोल्डेबल स्मार्टफोन की कीमत सैमसंग गैलेक्सी फोल्ड की कीमत से लगभग आधी होगी। फिलहाल इससे जुड़े की-स्पेसिफिकेशंस भी अब तक सामने नहीं आए हैं।

डिजायर को पीछे छोड़ टॉप पर पहुंची ऑल्टो, ये हैं टॉप टेन कारें

नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल्स बाजार में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) का दबदबा बरकरार है। आर्थिक वर्ष 2018-19 में कंपनी ने कुल 18,62,449 यूनिट्स बेंची। इसमें डोमेस्टिक सेल में 17,53, 700 यूनिट और एक्सपोर्ट सेल्स में 1,08,749 यूनिट कंपनी बेचने में कामयाब रही। टॉप टेन बेस्ट सेलिंग कार की लिस्ट में ऑल्टो, डिजायर, स्विफ्ट, बलेनो और विटारा ब्रेजा शामिल रहीं। वैगन आर छठे नंबर पर रही। सिलैरियो दसवें पायदान पर रही।

साल 2018 की तुलना में यह लिस्ट लगभग पहले जैसी ही है। इस लिस्ट में सिर्फ एक बदलाव है। वो है नंबर वन स्पॉट। साल 2018 में डिजायर ने ऑल्टो को पहले पायदान से हटाया था। ऑल्टो 13 साल से नंबर वन पर थी। अब ऑल्टो ने पहला पायदान वापस हासिल कर लिया है।

पिछले साल ऑल्टो की 2,58,539 यूनिट्स बिकी थीं। 2019 में मामूली बढ़त के साथ इस मॉडल की 2,59,401 बिकीं। वहीं डिजायर की अगर बात करें तो पिछले साल 1,96,990 यूनिट्स बिकीं जबकि इस साल इस कार की 2,53,859 यूनिट्स बिकीं। तीसरे पायदान पर रही स्विफ्ट जिसकी इस साल 2,23,924 यूनिट्स बिकीं। चौथे नंबर पर बलेनो रही। इस कार की 2,12,330 यूनिट्स बिकीं।

ये हैं टॉप 10 कारें

साल 2018-19साल 2017-18
1ऑल्टो2,59,4012,58,539ऑल्टो
2डिजायर2,53,8591,96,990डिजायर
3स्विफ्ट2,23,9241,90,480बलेनो
4बलेनो2,12,3301,75,928स्विफ्ट
5ब्रेजा1,57,8801,68,644वैगनआर
6वैगनआर 1,51,4621,51,113ग्रैंड आई 10
7आई 201,40,2251,48,462ब्रेजा
8ग्रैंड i101,26,0411,36,182आई 20
9क्रेटा1,24,3001,07,136क्रेटा
10सिलैरियो 1,03,73494,721सिलैरियो

विटारा ब्रेजा पांचवे नंबर पर रही। इस साल ब्रेजा की 1,57,880 यूनिट्स बिकीं। छठे नंबर पर वैगन आर रही जो 1,51, 462 यूनिट्स बेंचने में कामयाब रही। आई 20 की 2018-19 में 1,26,041 यूनिट्स बिकी जो पिछले साल की तुलना में कम हैं। आखिरी पायदान पर रही सिलैरियो जिसकी 2018-19 में 1,03,734 यूनिट बिकीं।

माहवारी में अब सैनिटरी नैपकिन की जगह सैनिटरी कप का इस्तेमाल

नई दिल्ली/ कोटा। महिलाओं के लिए बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। अब बाजार में महिलाओं के लिए सैनिटरी नैपकिन की जगह सैनिटरी कप बाजार में उपलब्ध हो चला है। माना जा रहा है कि नैपकिन से कचरे की मात्रा काफी बढ़ रही है और यह पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है। दि क्लीन इंडिया जनरल के मुताबिक भारत में सालाना 43.4 करोड़ सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल होता है जिससे सालाना 9000 टन कचरे बनते है।

जनरल के मुताबिक, इस नैपकिन में प्लास्टिक मिला होता है, इसलिए इसे डिकंपोज होने में 500-800 साल लगते हैं। जरनल के मुताबिक ये नैपकिन सेहत के साथ पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है। हालांकि बाजार में अब बायोडेग्रेडेबल नैपकिन भी उपलब्ध है। इन नैपकिन से अगले कदम के रूप में सैनिटरी कप का इस्तेमाल शुरू हो गया है। इस सैनिटरी कप की कीमत 300-1000 रुपए के बीच है। जो आठ से दस साल तक काम करता है।

कप बेहद आरामदायक होता है
अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक इस कप की ऑनलाइन मांग काफी अधिक चल रही है। खबर के मुताबिक इस कप की डिमांड मेट्रो से अधिक छोटे शहरों में हो रही है। इन शहरों में होशियारपुर, जमशेदपुर, पटना, कोटा जैसे शहर शामिल हैं। खबर में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि शुरू में इस कप को लेकर अविवाहित लड़कियों में इस बात की आशंका थी कि इस कप के इस्तेमाल से कहीं उनकी वर्जिनिटी तो खतरे में नहीं पड़ जाएगी।

ऐसा कुछ नहीं है और यह कप इतना आरामदायक है कि महिलाएं इसे निकालना भूल जाती है। इस कप को महिलाएं पीरिएड के दौरान इस्तेमाल करती है और पीरिएड समाप्त होने पर उसे निकाल कर साफ करके रख लेती है। दोबारा पीरिएड आने पर नैपकिन की जगह फिर से इस कप का इस्तेमाल करती है। इस कप की लाइफ 8-10 साल की है।

अर्थव्यवस्था में 8% की तेजी की जरूरतः शक्तिकांत दास

नई दिल्ली।भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत को गरीबी और अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए लगभग आठ फीसदी की रफ्तार से बढ़ने की जरूरत है।

वाशिंगटन में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों के दौरान अर्थव्यवस्था की 7.5 फीसदी की औसत तेजी आकर्षक है, लेकिन भारत से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि भूमि तथा श्रम के क्षेत्र में और अधिक संरचनात्मक सुधारों की जरूरत है।

गवर्नर ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.2 फीसदी रहने की उम्मीद है और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से जोखिम के ऊपर रहने के बावजूद मुद्रास्फीति लक्ष्य से कम देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के असर के मुद्रास्फीति पर दबाव को कम अतिशयोक्ति कहा जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता सभी आंकड़ों पर निगरानी बनाए रखना और विकास दर में तेजी लाने और अर्थव्यवस्था की रफ्तार को बरकरार रखने के लिए समन्वित रूप से कदम उठाना है। ‘उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर अनुमान को पहले के 7.4 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया। इसने आगामी महीनों में हेडलाइन इन्फ्लेशन कम रहने का अनुमान जताया है, जिससे दरों में कटौती की और गुंजाइश बनती है।

हौसले की जीत: कैंसर से लड़कर अनीशा ने पढ़ाई की, बनी डॉक्टर

कोटा। ‘वाकिफ कहां जमाना हमारी उड़ान से, वे और थे जो हार गए आसमान से…‘ वाकई में असली उड़ान हौसले से ही उड़ी जाती है। एक बार फिर यह बात सिद्ध की है अनीशा अग्रवाल ने, जिसने कोटा में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की कोचिंग की। वर्तमान में वह जवाहरलाल नेहरू मेडिकल काॅलेज अजमेर में एमबीबीएस फाइनल ईयर की स्टूडेंट है। अनीशा ने पीजी के लिए यूएस-एमएलई के प्रथम चरण को क्वालीफाई कर लिया है।

अनीशा की सफलता उनकी हिम्मत है, जिसकी कहानी कोटा से शुरू होती है। वर्ष 2014 में अनीशा यहां एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में कक्षा 12 के साथ एआईपीएमटी की तैयारी कर रही थी। कोटा में यह दूसरा साल था। करीब तीन महीने की पढ़ाई हो चुकी थी। कोचिंग टेस्ट में अनीशा टाॅपर्स में शामिल रहती थी। 90 प्रतिशत से अधिक अंक आते थे।

जुलाई 2018 में अचानक अनीशा की तबियत खराब रहने लगी। कमजोरी महसूस होने लगी, पेट दर्द रहने लगा, अत्यधिक नींद आने लगी। डाॅक्टर्स से जांच करवाई तो कोई बीमारी पकड़ नहीं आई। क्लास में सबसे आगे की कतार में बैठने वाली अनीशा पीछे बैठने लग गई। मम्मी-पापा कोटा आए और जांच करवाई तो पीलिया सामने आया। घर अजमेर ले गए और वहीं पर इलाज चला। ठीक होने के बाद फिर कोटा लौटे और पढ़ाई शुरू की लेकिन नींद आना और पेट दर्द बरकरार रहे।

ज्यादा दर्द होने पर कोटा में ही एक रात पेट की जांच की गई तो ट्यूमर सामने आया। कोटा के चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी। इसके बाद उदयपुर जानकार चिकित्सकों से जांच करवाई तो वहां भी यही कहा गया और उदयपुर में अनीशा के पेट से डेढ़ किलो का ट्यूमर निकाला गया। बायोप्सी जांच में ट्यूमर कैंसर का होना पाया गया। यह सुनने के बाद परिवार सकते में आ गया और सबकुछ थम सा गया।

थर्ड स्टेज का कैंसर
कैंसर विशेषज्ञों से बात की तो उन्होंने थर्ड स्टेज का कैंसर बताया। इसके बाद बेहतर उपचार व जांच के लिए अनीशा को अहमदाबाद ले गए। यहां आइसोटाॅप से पेट स्केन किया गया तो पता चला कि शरीर में अभी भी कैंसर के कोशिकाएं हैं। इसके लिए कीमोथैरेपी देनी होगी। एक के बाद एक 4 कीमोथैरेपी दी गई। 18 घंटे की कीमोथैरेपी के बाद अनीशा की तबियत बहुत बिगड़ गई, बहुत कमजोर हो गई, सारे बाल उड़ गए, भूख नहीं लगती, शरीर कमजोर हो गया।

फिर शुरू की पढ़ाई
कमजोर अवस्था के चलते अनीशा और परिजन परेशान रहने लगे। इसी दौरान अनीशा ने कहा कि मैं कोटा जाकर पढ़ना चाहती हूं। माता-पिता उसे कोटा ले आए और मां साथ रहने लगी। दुबारा क्लास अटैंड करना शुरू किया। सितम्बर से जनवरी तक के पांच माह के ब्रेक के बाद फरवरी में फिर से शुरू हुई, क्लासेज के टेस्ट में अब अनीशा की परफोरमेंस डाउन हो गई। पहले जहां 96 प्रतिशत अंक आते थे, अब 40 से 50 प्रतिशत अंक ही आने लगे। अनीशा ने पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाया और तीन महीने में खुद को परीक्षा के लिए तैयार किया।

कोचिंग संस्थान ने की स्पेशल ट्यूटर की व्यवस्था
अनीशा का हौसला बढ़ाने में कोचिंग संस्थान ने कोई कमी नहीं छोड़ी। फेकल्टीज लगातार उसे बेहतर करने के लिए प्रेरित करते रहे। इंस्टीट्यूट के टीचर्स ने उसका कोर्स पूरा करवाया। स्पेशल ट्यूटर की व्यवस्था की गई। मां साये की तरह साथ रही। अनीशा ने परीक्षा दी और एआईपीएमटी में 73 प्रतिशत बनी, अखिल भारतीय स्तर पर 3862 तथा राजस्थान स्तर पर 721 रैंक प्राप्त की। पहली काउंसलिंग में झालावाड़, दूसरी में कोटा तथा तीसरी में मेडिकल काॅलेज अजमेर मिला। यहीं एमबीबीएस में प्रवेश लिया।

दर्द ने दिखाई जीवन की राह
बीमारी के दौरान कीमो के बाद अनीशा के बाल उड़ गए, शरीर कमजोर हो गया तो परिवार बहुत व्यथित रहता। ऐसे में अनीशा इसे भी पाॅजीटिव लेती और कहती कोई बात नहीं बाल संवारने नहीं पड़ेंगे समय बचेगा। जब कीमो होती तो शरीर में नसें दिखना बंद हो जाता, ऐसे में कई जगह इंजेक्शन लगाकर देखना पड़ता। इन तकलीफों से गुजरते हुए ही अनीशा ने अपने जीवन का लक्ष्य भी तय किया।

उसने कैंसर विशेषज्ञता में ही जाने का फैसला किया और इलाज के दौरान नसों के सिकुड़ने पर ही शोध करने का मन बनाया। अनीशा वर्तमान में एमबीबीएस फाइनल में है और पीजी के लिए यूएस-एमएलई का एग्जाम दिया है, जिसके प्रथम चरण में क्वालीफाई हो चुकी है। अभी भी अनीशा के कैंसर के फोलोअप चल रहे हैं।

छोटा भाई मार्गदर्शक
अनीशा का छोटा भाई हर्षित अग्रवाल अब इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कोटा में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से कर रहा है। हर्षित का कहना है कि अनीशा मेरे लिए मार्गदर्शक है, मैं उनसे हर समस्या पर चर्चा करता हूं, वो मुझे समझाती हैं। अनीशा की मां अंजु अग्रवाल गृहिणी हैं तथा पिता मुकेश अग्रवाल अजमेर में व्यवसायी हैं।

फोक्सवैगन ने लॉन्च की नई एमियो, कीमत 6.69 लाख से शुरू

नई दिल्ली। फोक्सवैगन ने भारतीय बाजार में अपनी कॉम्पैक्ट सिडैन Ameo का स्पेशल एडिशन लॉन्च किया है। एमियो कॉर्पोरेट एडिशन नाम से लॉन्च की गई इस कार के पेट्रोल वेरियंट की कीमत 6.69 लाख रुपये और डीजल वेरियंट की कीमत 7.99 लाख रुपये है। ये कीमतें एक्स शोरूम की हैं। कंपनी ने कहा है कि Volkswagen Ameo का यह एडिशन कॉर्पोरेट और कारोबार जगत के खरीदारों की जरूरतों को पूरा करेगी।

फोक्सवैगन पैसेंजर कार्स के डायरेक्टर स्टीफन नैप ने कहा, ‘एमियो कॉर्पोरेट एडिशन से हम अपने ग्राहकों को वैश्विक स्तर वाली सेफ्टी और क्वॉलिटी का अनुभव देंगे।’ फोक्सवैगन एमियो पांच कलर्स- ब्लू, सिल्वर, कैंडी वाइट, टॉफी ब्राउन और कार्बन स्टील में उपलब्ध है। यह कॉम्पैक्ट सिडैन 1.0-लीटर पेट्रोल और 1.5-डीजल इंजन में आती है। पेट्रोल इंजन 76 PS का पावर और डीजल इंजन 110 PS का पावर जनरेट करता है।

कंपनी का दावा है कि पेट्रोल इंजन का माइलेज 17 किलोमीटर प्रति लीटर और डीजल वेरियंट की माइलेज 22 किलोमीटर प्रति लीटर है। इसमें ड्यूल फ्रंट एयरबैग्स और एबीएस स्टैंडर्ड यानी सभी वेरियंट में उपलब्ध है। कार में क्रूज कंट्रोल, रेन सेंसिंग वाइपर्स, स्टैटिक कॉर्निंग लाइट्स और डायनैमिक टचस्क्रीन मल्टीमीडिया म्यूजिक सिस्टम जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

सैमसंग गैलेक्सी A40 के फीचर्स हुए लीक, फोन में 25MP सेल्फी कैमरा

नई दिल्ली। सैमसंग अपनी गैलेक्सी ए सीरीज के अगले बजट स्मार्टफोन पर काम कर रहा है और बहुत जल्द इसे भारत में लॉन्च कर सकता है। इस सीरीज में गैलेक्सी ए10, 20, 30 और 50 के लॉन्च के बाद सैमसंग का अगला स्मार्टफोन गैलेक्सी ए40 होगा। इसी सीरीज के दो और स्मार्टफोन्स गैलेक्सी ए70 और गैलेक्सी ए80 के लॉन्च की भी उम्मीद है। फिलहाल गैलेक्सी ए80 के इंडिया लॉन्च से पहले बजट सेगमेंट वाले गैलेक्सी ए40 के डीटेल्स सामने आए हैं।

सैमसंग गैलेक्सी ए40 में 1080×2280 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 5.9 इंच का फुल एचडी+ इनफिनिटी यू SUPER AMOLED डिस्प्ले दिया गया है जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। 4जीबी रैम और 64जीबी की इंटरनल स्टोरेज के साथ आने वाले इस फोन में सैमसंग द्वारा डिवेलप किया गया Exynos 7885 प्रोसेसर मौजूद है। जरूरत पड़ने पर फोन की मेमरी को माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से 512जीबी तक बढ़ाया जा सकता है।

ओएस की जहां तक बात है तो सैमसंग गैलेक्सी ए40 ऐंड्रॉयड 9 पाई पर बेस्ड Samsung One UI पर चलता है। फोन में ड्यूल सिम के साथ ही ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। फटॉग्रफी के इसके बैक में एलईडी फ्लैश के साथ 16 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 5 मेगापिक्सल का सेकंडरी अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया गया है। सेल्फी के लिए फोन में 25 मेगापिक्सल का कैमरा मौजूद है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 3,100 mAh की बैटरी दी गई है।

बता दें, सैमसंग गैलेक्सी ए सीरीज का यह लेटेस्ट स्मार्टफोन फिलहाल में युरोप में लॉन्च हो चुका है। सैमसंग गैलेक्सी ए40 तीन कलर ऑप्शन ब्लैक, ब्लू, वाइट और ऑरेंज में पेश किया गया है। फोन की कीमत लगभग 249 युरो है जो भारतीय रुपये के हिसाब से करीब 19,520 रुपये है। भारत में इस फोन को कब तक लॉन्च किया जाएगा इस बारे में सैमसंग की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

वहीं, Samsung Galaxy A80 कंपनी का स्लाइडर मैकेनिजम और रोटेटिंग कैमरा वाला पहला स्मार्टफोन है और थाईलैंड में लॉन्च हो चुका है। सैमसंग गैलेक्सी A80 में 6.7 इंच का फुल HD+ सुपर ऐमोलेड इनफिनिटी डिस्प्ले दिया गया है। बिना नॉच के आने वाले इस फोन में स्नैपड्रैगन 730G ऑक्टा कोर प्रोसेसर दिया गया है, जिसकी घोषणा क्वालकॉम ने हाल ही में की थी। एक तरह से देखा जाए तो 730G चिप के साथ आने वाला यह कंपनी का पहला फोन है। फोन में 8GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज दी गई है।

ड्यूल सिम कार्ड सपॉर्ट के साथ आने वाले इस फोन में 3700mAh बैटरी दी गई है। सैमसंग का यह पहला फोन है जिसमें 48 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। गैलेक्सी A80 में ट्रिपल लेंस कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में f/2.0 के साथ 48 मेगापिक्सल का मेन सेंसर, 8 मेगापिक्सल का 123 डिग्री अल्ट्रावाइड सेंसर और एक ToF डेप्थ सेंसर दिया गया है। फोन के डिस्प्ले पर एक अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट स्कैनर भी है। ब्लैक, गोल्ड और वाइट कलर में आने वाले इस फोन में फेस अनलॉक सपॉर्ट नहीं है। फिलहाल इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया गया है।

कोटा मंडी: सटोरिया गतिविधियों से धनिया 100 रुपये उछला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को सटोरिया गतिविधियों से धनिया 100 रुपये प्रति क्विंटल उछल गया। आवक के दबाव में गेहूं 25 रुपये प्रति क्विंटल मंदा बिका। आवक की कमी से सोयाबीन 30 रुपये प्रति क्विंटल और चना 50 रुपये प्रति क्विंटल ढीला रहा। मंडी में सभी जिंसों का मिलाकर करीब 1.20 लाख बोरी का कारोबार हुआ। नये लहसुन की आवक 8000 कट्टे की हुई। जिंसों के भाव इस प्रकार रहे –

गेहूं मिल 1650 से 1675 लोकवान 1700 से1800 पीडी 1750 से 1850 गेहूं टुकडी नया 1725 से 1900 मक्का 2000 से 2200 जौ 1400 से 1550 ज्वार 1500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2861 पूसा 1 2500 से 2861 पूसा 4 (1121) 3300 से 3670 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3405 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2500 से 3801 सरसों 3300 से 3500अलसी 3600 से 3800 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 3000 से 4600 कलौजी 6500 से 9800 धनिया बादामी 5500 से 6400 ईगल 6000 से 6701 रंगदार नया 7000 से 9001 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 1300 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल बिका ।

मूंग 3500 से 5000 उड़द 2000 से 4101 चना 3600 से 4080 चना कांटिया 3950 चना काबुली 3000से 5600 चना पेप्सी 3800 से 4400 चना मौसमी 3000 से 4100 मसूर 3800 से 4250 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

मजबूत निर्यात मांग से ग्वारगम वायदा कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में भारी निर्यात मांग के बीच शुक्रवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत नौ रुपये की तेजी के साथ 9,140 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गई।

एनसीडीईएक्स में मई महीने में डिलिवरी वाले ग्वारगम अनुबंध के भाव नौ रुपये यानी 0.1 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,140 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गये जिसमें 68,110 लॉट का कारोबार हुआ।

ग्वारगम के सबसे सक्रिय जून महीने में डिलिवरी वाले अनुबंध के भाव भी 13 रुपये यानी 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,272 रुपये प्रति पांच क्विन्टल हो गये जिसमें 5,345 लॉट का कारोबार हुआ।