Wednesday, July 15, 2026
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अब सरकारी पोर्टल पर मिलेगी GST ई- चालान निकालने की सुविधा

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नयी दिल्ली। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारी एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रहे हैं जिसमें एक निश्चित सीमा से अधिक कारोबार करने वाली कंपनियों को सरकारी या जीएसटी पोर्टल पर प्रत्येक बिक्री के लिए ‘ई- चालान’ निकालना होगा। इससे कर चोरी की गुंजाइश काफी हद तक कम हो सकेगी।

शुरुआत में एक निश्चित सीमा से अधिक के कारोबार वाली इकाइयों को प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक या ई- चालान पर एक विशिष्ट संख्या मिलेगी। एक अधिकारी ने बताया कि इन नंबर का मिलान बिक्री रिटर्न और चुकाये गए कर के इनवॉइस से किया जा सकेगा। आगे चलकर कंपनियों को बिक्री के पूरे मूल्य पर पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कर चालान या ई-इनवॉइस निकालना होगा।

अधिकारी ने बताया कि एक निश्चित सीमा से अधिक के कारोबार वाली इकाइयों को एक सॉफ्टवेयर दिया जाएगा जो जीएसटी या सरकारी पोर्टल से जुड़ा होगा। इससे ई-चालान निकाला जा सकेगा। सीमा का निर्धारण चालान के मूल्य के आधार पर तय किया जा सकेगा। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ई- चालान निकालने की अनिवार्यता पंजीकृत व्यक्ति के कारोबार या चालान मूल्य के आधार पर तय होगी।

वैसे विचार यह है कि यह कारोबार की सीमा पर आधारित हो, ताकि वह बिक्री बिलों को अलग अलग बांट नहीं सकें।’’ उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि न्यूनतम मूल्य 1,000 रुपये तय किया जाता है तो इस बात की संभावना रहेगी कि कंपनियां इसे कई बिलों में बांट दें जिससे चालान आधारित सीमा से बचा जा सके।

सरकार ने गेहूं पर बढ़ाई इम्पोर्ट ड्यूटी, किसानों को होगा फायदा

मुंबई। भारत सरकार ने गेहूं पर इम्पोर्ट ड्यूटी 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दी है। भारत दुनिया में गेहूं का दूसरा बड़ा प्रोड्यूसर है और इससे किसानों को खासा फायदा होगा। सरकार ने शुक्रवार की शाम इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार कृषि उपज की कम कीमतों से ग्रामीण इलाकों में असंतोष को कम करने पर जोर दे रही है और इसे लोकसभा चुनाव के बीच इस दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।

इस साल 11 फीसदी घट चुकी हैं गेहूं की कीमतें
गौरतलब है कि बीते साल सप्लाई बढ़ने और रिकॉर्ड आउटपुट के चलते वर्ष 2019 में गेहूं की कीमतों में लगभग 11 फीसदी की कमी आ गई है। ग्लोबल मार्केट में कीमतों में गिरावट के चलते भी गेहूं पर प्रेशर बढ़ गया था।अब इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के चलते फ्लोर मिल्स के लिए गेहूं का इम्पोर्ट करना अव्यावहारिक हो जाएगा। एक एक्सपर्ट के मुताबिक, देश में गेहूं का उत्पादन ज्यादा बना हुआ है और ऐसे में सरकार कीमतों को सपोर्ट लेवल से ऊपर बनाने रखने की कोशिश कर रही है।

2019 के लिए 6 फीसदी बढ़ाया था एमएसपी
सरकार ने वर्ष 2019 के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) लगभग 6 फीसदी बढ़ाकर 1,840 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। सरकार देश में होने वाली पैदावार का लगभग 25 फीसदी गेहूं एमएसपी पर खरीदती है। इस गेहूं को सरकार फूड वेलफेयर प्रोग्राम के लिए इस्तेमाल करती है।

2019 में 2 फीसदी पैदावार बढ़ने का अनुमान
एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के अनुमानों के मुताबिक, 2019 में भारत में गेहूं की पैदावार 2 फीसदी की बढ़त के साथ रिकॉर्ड 9.912 करोड़ टन रहने का अनुमान है। गेहूं की बुआई अक्टूबर की आखिर में होती है और इसकी कटाई मार्च में शुरू हो जाती है। वहीं गेहूं ऐसी अकेली फसल है, जिसकी पैदावार भारत में हर साल बढ़ रही है।

30 फीसदी बढ़ा गेहूं का स्टॉक
1 अप्रैल, 2019 को सरकार का गेहूं का स्टॉक 1.70 करोड़ टन था, जो एक साल पहले की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा है। भारत के फ्लोर मिलर्स ने वित्त वर्ष 2017-18 में 16.5 लाख टन गेहूं का इम्पोर्ट किया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 57 लाख टन रहा था। भारत मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, रूस और युक्रेन से गेहूं का आयात करता है।

बदल जाएंगे 1 मई से यह 4 नियम, जानिए, नहीं तो हो सकता है आर्थिक नुकसान

नई दिल्ली। सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों की ओर से बेहतर कार्यप्रणाली के लिए नियमों में बदलाव होते रहते हैं। इस बार भी 1 मई से कई नियम बदल रहे हैं। इसमें बैंक, रेलवे और एयर इंडिया से जुड़े नियम शामिल हैं। इन नियमों के बदलाव के बाद आम आदमी को काफी फायदा होगा। हालांकि, नियमों की जानकारी न होने पर आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। आईए जानते हैं कि एक मई से कौन-कौन से नियम बदलने जा रहे हैं।

1- बेंचमार्क दर से जोड़ दी जाएंगी SBI की डिपॉजिट और लोन पर ब्याज की दर
अगले महीने से सबसे बड़ा बदलाव देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक SBI करने जा रहा है। 1 मई से SBI की डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरें RBI की बेंचमार्क दर से जुड़ जाएंगी। इससे RBI की ओर से रेपो रेट में होने वाले बदलाव के साथ जमा और लोन की दर भी बदल जाएंगे। इस नियम के लागू होने के बाद बचत खाते पर ज्यादा ब्याज मिलेगा। हालांकि, इस नियम का फायदा केवल उनको मिलेगा जिनके खाते में 1 लाख से ज्यादा रुपए हैं।

2- PNB बंद करेगा अपना डिजिटल वॉलेट kitty
1 मई से जो दूसरा बदलाव होने जा रहा है वह भी बैंकिंग सेक्टर से जुड़ा है। सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) 1 मई से अपना डिजिटल वॉलेट PNB kitty को बंद करने जा रहा है। बैंक की ओर से ग्राहकों को भेजी गई जानकारी में कहा गया है कि वे 30 अप्रैल तक अपने डिजिटल वॉलेट PNB kitty से सारे पैसे खर्च कर लें या फिर IMPS के जरिए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लें। यदि 30 अप्रैल तक आपने ऐसा नही किया तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

3- चार्ट बनने से चार घंटे पहले तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन
भारत का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट सिस्टम भारतीय रेलवे 1 मई से अपने करोड़ों ग्राहकों को नया तोहफा देने जा रहा है। रेलवे के नए नियम के अनुसार, 1 मई से यात्री चार्ट बनने से चार घंटे पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलवा सकते हैं। अभी 24 घंटे पहले तक ही बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव किया जा सकता है। 1 मई से बोर्डिंग स्टेशन बदलने संबंधी नया नियम लागू होने से रेलवे के करोड़ों यात्रियों को फायदा होगा। हालांकि, रेलवे का कहना है कि बोर्डिंग स्टेशन बदलने पर टिकट कैंसिल हो जाता है तो कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।

4- एयर इंडिया नहीं लेगा कैंसिलेशन चार्ज
हवाई सफर करने वालों को सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया भी 1 मई से राहत देने जा रही है। एयर इंडिया ने ऐलान किया है कि टिकट बुक कराने के 24 घंटे के अंदर कैंसिल कराने या कोई बदलाव करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह नया नियम 1 मई से लागू हो जाएगा। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को फायदा होगा।

‘अवेंजर्स’ का जादू: Thanos चुटकी बजाकर Google पर सब कर रहा गायब

मुंबई। हॉलिवुड मूवी ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ का खुमार दुनियाभर के लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की और लगभग सभी शोज हाउसफुल भी रहे। लेकिन अब लगता है कि गूगल पर भी ‘अवेंजर्स’ का जादू छा गया है।

दरअसल गूगल सर्च में जब हम Thanos लिखते हैं तो उसका स्टोन वाला हाथ का एक फोटो साइड में उभरकर आता है। उस फोटो पर जैसे ही हम क्लिक करते हैं तो पेज पर दिख रही सारी चीजें धूल की तरह चुटकियों में गायब हो जाती हैं।

यह कुछ वैसा ही है जैसे कि ‘अवेंजर्स: इन्फिनिटी वॉर’ और ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ में विलन थैनस (Thanos) करता है। पिछले पार्ट में चुटकी बजाकर उसने आधी दुनिया खत्म कर दी थी और हाल ही में रिलीज हुए पार्ट यानी ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ में भी वह कुछ ऐसा ही करता है।

वैसे, हो सकता है कि यह ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ मेकर्स की स्ट्रैटिजी हो, लेकिन मानना पड़ेगा कि गूगल ने ‘अवेंजर्स’ के फीवर को भुनाने की पूरी कोशिश की है।बात करें इस फिल्म को मिल रहे रिस्पॉन्स की, तो यह क्रिटिक्स से लेकर बच्चों और युवाओं सभी को पसंद आई है।

कई फैंस तो ऐसे भी रहे जो फिल्म देखने के बाद रोने लगे और सोशल मीडिया पर अपने रिऐक्शन्स और विडियो शेयर किए। अब देखना यह होगा कि कमाई के लिहाज से यह फिल्म बेंचमार्क सेट कर पाती है या नहीं।

पिछले पार्ट ‘अवेंजर्स: इन्फिनिटी वॉर’ ने भारत में 230 करोड़ की कमाई की थी। कहा जा रहा है कि ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ सीरीज की पिछली सभी फिल्मों का रेकॉर्ड तोड़ देगी।

दिशा पाटनी ने जब कही दिल की बात, आप भी जानिए

मुंबई। ऐक्ट्रेस दिशा पाटनी ने फिल्म ‘एम.एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ से बॉलिवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद से वह लगातार शोहरत की सीढ़ियां चढ़ती रही हैं। हाल ही में दिशा फिल्म ‘भारत’ के गाने ‘स्लो मोशन’ में सलमान खान के साथ नजर आई हैं। दिशा सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहती हैं और अकसर अपनी ग्लैमरस तस्वीरें शेयर करती हैं।

इन तस्वीरों के कारण अकसर उन्हें ट्रोल किया जाता है। लंबी चुप्पी के बाद अब दिशा पाटनी ने इनके बारे में अपनी बात कही है। दिशा पाटनी सोशल मीडिया पर अकसर अपनी हॉट तस्वीरें शेयर करती हैं। इन तस्वीरों के कारण सोशल मीडिया यूजर्स दिशा को काफी बुरा-भला कह चुके हैं। दिशा ने कभी भी इन्हें कोई जवाब नहीं दिया है।

अब मुंबई मिरर से बातचीत में दिशा पाटनी ने ट्रोल्स के बारे में अपनी बात कही है। दिशा ने कहा है कि वह इन ट्रोल्स पर ध्यान नहीं देती हैं। ‘इनको मैं जानती नहीं हूं इसलिए यह मेरे लिए और आसान है।’दिशा ने आगे कहा, ‘कुछ ऐसे फ्रसटेटेड लोग होते हैं जो अपनी जिंदगी में खुश नहीं हैं और उनके बारे में बुरा-भला बोलते हैं जिन्हें वह जानते भी नहीं हैं। मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं।’

ट्रोल्स ही नहीं, दिशा ने अपने फैन्स के बारे में भी बातें कीं और बताया कि कैसे सोशल मीडिया उन्हें फैन्स से जुड़े रहने में मदद करता है। उन्होंने कहा, ‘मैं अपना इंस्टाग्राम हैंडल करती हूं। यह लोगों से जुड़ने का अच्छा मौका है। यह अपने फॉलोअर्स को अपने प्रॉजेक्ट्स के बारे में अपडेट करने और उनका फीडबैक लेने का अच्छा तरीका है।’

कंपनियां तय करेंगी, कितना चुकाना है CGST और SGST

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नई दिल्ली। ऐसी कंपनियां जिनके खातों में इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) क्रेडिट जमा है, वे इसका इस्तेमाल सेंट्रल जीएसटी (CGST) और स्टेट जीएसटी (SGST) चुकाने में कर सकती हैं। सीजीएसटी और एसजीएसटी चुकाने का कोई अनुपात तय नहीं है। एजेंसी की खबर के मुताबिक कंपनियां अपने हिसाब से इसे तय कर सकती हैं। राजस्व विभाग ने शुक्रवार को यह स्पष्टीकरण जारी किया।

क्या होता है IGST
इम्पोर्टर देश में लाए जाने वाले सामान पर आईजीएसटी अदा करते हैं। एक राज्य से दूसरे राज्य में सामान भेजने पर भी आईजीएसटी अदा करना पड़ता है। इस टैक्स को वास्तविक जीएसटी के भुगतान के साथ एडजस्ट किया जाता है। कुछ मामलों में आईजीएसटी का रिफंड भी क्लेम किया जा सकता है।

ऐसे बंटता है GST
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तहत वसूला जाने वाला टैक्स 50:50 के अनुपात में केंद्र (सीजीएसटी) और राज्य (एसजीएसटी) के बीच बंटता है। आईजीएसटी की राशि केंद्र सरकार को मिलती है। आदर्श स्थिति में वित्त वर्ष के अंत में आईजीएसटी पूल का बैलेंस शून्य हो जाना चाहिए क्योंकि इसकी राशि सीजीएसटी और एसजीएसटी के भुगतान में इस्तेमाल होनी चाहिए।

लेकिन कुछ कंपनियां इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिफंड क्लेम नहीं कर सकती हैं, इसलिए उनके आईजीएसटी पूल में इसकी राशि जमा होती जाती है। लॉ फर्एम एमआरजी एंड एसोसिएट्स के पार्टनर रजत मोहन ने कहा, इस स्पष्टीकरण से कंपनियों को मदद मिलेगी। वे कानूनी दांवपेंच में फंसने की चिंता किए बगैर काम कर सकती हैं।

मार्च में दी थी अनुमति
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (CBIC) ने इस साल मार्च में आईजीएसटी के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) और स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) के भुगतान में इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। लेकिन करदाताओं के बीच इस बात को लेकर भ्रम था कि इस क्रेडिट का कितना इस्तेमाल सीजीएसटी और कितना एसजीएसटी में किया जा सकता है। इसी वजह से CBIC की ओर से यह स्पष्टीकरण आया है।

रियलमी 3 प्रो का 6GB वेरियंट भारत में लॉन्च, जानिए कीमत

नई दिल्ली। चाइनीज स्मार्टफोन मेकर ओप्पो (Oppo) के सब ब्रैंड रियलमी ने इसी हफ्ते Realme 3 Pro लॉन्च किया था। स्मार्टफोन को 4GB RAM + 64GB स्टोरेज के साथ लॉन्च किया गया था। अब इस स्मार्टफोन का 6GB RAM + 64GB स्टोरेज भारत में लॉन्च कर दिया गया है। इस वेरियंट की कीमत 15,999 रुपये है। स्मार्टफोन 29 अप्रैल से खरीदा जा सकेगा। रियलमी 3 प्रो के सभी तीन वेरियंट्स फ्लिपकार्ट पर अवेलेबल हैं। कंपनी ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए यह जानकारी दी।

फीचर्स : Realme 3 Pro में 2340X1080 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.3 इंच की ड्यूड्रॉप फुल स्क्रीन दी गई है। इसका स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 90.8% है। स्क्रीन प्रटेक्शन के लिए फोन में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 दिया गया है। यह स्मार्टफोन क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर पर चलेगा। यह स्मार्टफोन पर्पल, ब्लू और ग्रे कलर ऑप्शन में आएगा और इस फोन के बैक में Redmi Note 7 Pro की तरह ग्रेडिएंट कलर होंगे। इस स्मार्टफोन में 4,045 mAh की बैटरी दी गई है।

कंपनी का दावा है कि यूजर्स फोन में 7 घंटे PUBG खेल सकेंगे और 9.5 घंटे YouTube विडियो देख सकेंगे। इसके अलावा, फोन में 18.3 घंटे वेब ब्राउजिंग कर सकेंगे। फोन VOOC 3.0 चार्जिंग के साथ आएगा। Realme 3 Pro स्मार्टफोन में GameBoost 2.0 और TouchBoost होंगे। TouchBoost टच कंट्रोल को बेहतर बनाता है।

Realme 3 Pro में सेल्फी के लिए 25 मेगापिक्सेल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। वहीं, इस स्मार्टफोन के बैक में 16 मेगापिक्सल और 5 मेगापिक्सल का ड्यूल कैमरा सेटअप मौजूद है। Realme 3 Pro अल्ट्रा HD मोड के साथ आता है जिससे यूजर्स 64MP रेजॉलूशन पर फोटो और विडियो शूट कर सकेंगे।

EPF पर ब्याज दर बढ़ी, अब मिलेगा 8.65 फीसदी ब्याज

नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने इस साल मार्च में खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.65 फीसदी ब्याज को मंजूरी दे दी है। यह उससे पिछले वित्त वर्ष के लिए मिली ब्याज दर के मुकाबले 10 आधार अंक ज्यादा है। इस फैसले से संगठित क्षेत्र के छह करोड़ से ज्यादा वेतनभोगियों को फायदा पहुंचेगा। तीन साल बाद PF अकाउंट पर ब्याज दर में बढ़ोतरी की गई है।

इस बारे में एक सूत्र ने कहा कि वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग ने पीएफ पर 8.65 फीसद ब्याज को अनुमोदन दे दिया है।कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के बोर्ड ने बीते फाइनेंशियल ईयर के लिए पीएफ पर ब्याज के निर्धारण के लिए इस वर्ष फरवरी में बैठक की थी।

श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने बीते वित्त वर्ष के लिए 8.65 फीसद ब्याज दर की अनुशंसा की थी। EPFO के मुताबिक 8.65 फीसदी के हिसाब से ब्याज देने के बाद उसके पास 151.67 करोड़ रुपये बच जाएंगे। अगर ब्याज दर बढ़ाकर 8.70 फीसदी किया जाता, तो EPFO को 158 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ता।

गौरतलब है कि इससे पिछले वित्त वर्ष (2017-18) के लिए ईपीएफओ ने पीएफ पर 8.55 फीसद ब्याज दिया था। हालांकि वित्त वर्ष 2015-16 में पीएफ पर 8.80 फीसद ब्याज दिया गया था, लेकिन सरकार ने उससे अगले वित्त वर्ष यानी 2016-17 में इसे घटाकर 8.65 फीसदी कर दिया।

कोटा मंडी: लिवाली के अभाव में मेथी 100 रुपये मंदी, धनिया वायदा ढीला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लिवाली के अभाव में मैथी 100 रुपये प्रति क्विंटल मंदी बिकी। सभी जिंसों का मिलाकर करीब एक लाख बोरी का कारोबार हुआ। नये लहसुन की आवक 15000 कट्टे की हुई।

कारोबारियों के अनुसार एनसीडेक्स पर मई को धनिया वायदा 173 रुपये गिरकर कर 7298 रुपये, जून वायदा 184 रुपये टूट कर 7393 रुपये और जुलाई वायदा 178 रुपये लुढ़क कर 7481 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। जिंसों के भाव इस प्रकार रहे-

गेहूं मिल 1650 से 1725 गेहूं एवरेज 1750 से 1831 लोकवान 1700 से 1850 पीडी 1750 से 1850 गेहूं टुकडी नया 1825 से 2050 मक्का 2000 से 2200 जौ 1400 से 1550 ज्वार 1500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2971 पूसा 1 2500 से 2881 पूसा 4 (1121) 3300 से 3831 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3505 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3000 से 3801 सरसों 3300 से 3500 अलसी 3600 से 4100 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4701 कलौजी 6500 से 11000 धनिया बादामी 5500 से 6300 ईगल 6000 से 6701 रंगदार नया 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया1800 से 7000रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3500 से 4800 उड़द 2000 से 4201 चना 3600 से 4050 चना कांटिया 3900 चना काबुली 3500 से 5000 चना पेप्सी 3800 से 4200 चना मौसमी 3000 से 4150 मसूर 3800 से 4250 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर किराना: ग्राहकी से शक्कर में सुधार

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को शक्कर में लिवाली सुधार लिए रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को सात गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3330 से 3360 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला 215 से 230 रुपये प्रति किलोग्राम। खोपरा बूरा 2500 से 4600 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 128 से 130, निजामाबाद 90 से 110, पिसी 140 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 5800 से 7000, पैकिंग में 7000 से 7700 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा गेहूं आटा 1060 से 1070, तन्दूरी आटा 1270 से 1280, मांडा आटा 1270 से 1280, मैदा 1150 से 1160, रवा 1220 से 1230, चना बेसन 3030 तथा बटला बेसन 2525 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।