भारत में गत माह नेपाल से तीन लाख टन से अधिक रिफाइंड खाद्य तेल का आयात

0
3

मुम्बई। पहले भारत में रिफाइंड खाद्य तेल के अंतर्गत केवल आरबीडी पामोलीन का आयात होता था और वह क्रमश: इंडोनेशिया एवं मलेशिया से मंगाया जाता था। लेकिन जब क्रूड खाद्य तेल एवं रिफाइंड खाद्य तेल के बीच सीमा शुल्क का अंतर बढ़ाया गया तब इंडोनेशिया- मलेशिया से आरबीडी पामोलीन के आयात पर काफी हद तक अंकुश लग गया।

लेकिन अब रिफाइंड खाद्य तेलों के आयात का एक नया मोर्चा खुल गया है जो उत्तरी पड़ोसी देश नेपाल का है। दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार संधि (साफ्टा) के तहत नेपाल को भारत में अनेक उत्पादों के शुल्क मुक्त निर्यात की सशर्त अनुमति दी गई है। इसकी प्रमुख शर्त यह है कि नेपाल से भारत में आने वाले उन्हीं उत्पादों को सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी जिसका उत्पादन नेपाल में हुआ है।

हालांकि नेपाल में तिलहन-तेल का अत्यन्त सीमित उत्पादन होता है लेकिन वह विदेशों से क्रूड खाद्य तेलों का भारी आयात करता है और फिर उसकी प्रोसेसिंग एवं रिफाइनिंग करके भारत को रिफाइंड खाद्य तेलों का निर्यात कर देता है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि चालू मार्केटिंग सीजन के शुरुआती 8 महीनों में यानी नवम्बर 2025 से जून 2026 के दौरान नेपाल से भारत में कुल 3,38,854 टन खाद्य तेल का आयात हुआ जिसमें 2,97,567 टन रिफाइंड सोयाबीन तेल, 19,911 टन रिफाइंड सूरजमुखी तेल, 18,295 टन रिफाइंड पामोलीन तथा 3081 टन क्रूड रेपसीड तेल का आयात शामिल था।

वस्तुतः इस अवधि के दौरान भारत में रिफाइंड सोयाबीन तेल एवं रिफाइंड सूरजमुखी तेल का सम्पूर्ण आयात सिर्फ नेपाल से ही हुआ जबकि आरबीडी पामोलीन का आयात नेपाल के साथ-साथ इंडोनेशिया एवं मलेशिया से ही सीमित मात्रा में किया गया।