Thursday, June 18, 2026
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हरीश शर्मा हाड़ौती के क्रांतिकारी छात्र नेता और जनसंघर्ष के प्रतीक रहे

पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में बोले वक्ता

कोटा। नागरिक चेतना मंच कोटा के तत्वावधान में पूर्व विधायक स्वर्गीय हरीश शर्मा की पुण्यतिथि पर मंगलवार को राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय स्थित सभागार में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ।

समन्वयक शशि प्रकाश गौत्तम ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. हरीश शर्मा के सार्वजनिक जीवन, छात्र राजनीति में उनके योगदान तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े प्रसंगों के स्मरण के साथ हुआ।

समन्वयक पंकज मेहता ने बताया कि प्रथम सत्र में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित संस्मरणों और संग्रहित विचारों की प्रस्तुति दी गई, जिसमें वक्ताओं ने छात्र राजनीति और जनसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएसएस अधिकारी पी.सी. पवन ने की विशिष्ट अ​तिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएसएस अधिकारी अमर सिंह उपस्थित रहे। संचालन शशि प्रकाश गौत्तम ने किया।

द्वितीय सत्र में आयोजित मुख्य व्याख्यान में कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने “राजनीतिक शुचिता समय की आवश्यकता” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीति में शुचिता का अर्थ ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के पालन से है।

वर्तमान समय में भ्रष्टाचार और अनैतिक आचरण ने राजनीति की छवि को प्रभावित किया है, ऐसे में जनप्रतिनिधियों का आचरण समाज के लिए आदर्श होना चाहिए।

प्रो. सारस्वत ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा जब राजनीति स्वच्छ, जवाबदेह और जनहित केंद्रित होगी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, धनबल और बाहुबल पर नियंत्रण तथा त्वरित न्यायिक व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।

युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति को केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और परिवर्तन के साधन के रूप में अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “देश को केवल नेता नहीं, बल्कि नीति और आचरण की आवश्यकता है।

राजनीति गंदी नहीं होती, बल्कि उसमें आए गलत तत्व उसकी गरिमा को प्रभावित करते हैं। अब समय है कि राजनीति में शुचिता को पुनः प्रतिष्ठित किया जाए। देश को भाषण नहीं आचरण चाहिए, देश को वाद नहीं देश को विवाद रहित विकास चाहिए।

अंत में समन्वयक पंकज मेहता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पूर्व आईएएस अधिकारी पीसी पवन व अमर सिंह सहित कई व्यक्ति उपस्थित रहे हरीश शर्मा के जीवन पर प्रकाश डाला। अंता के पवन गोचर ने कविता पाठ किया।

इस अवसर पर कैलाश बाहेती, रामकुमार दाधीच, डा.अनिल शर्मा, किशन पाठक, डा.बनवरी मित्तल, गोविंद शर्मा, किशन पाठक, पवन गोचर, डा एलएन शर्मा, रासबिहारी पारीक, कमल सिंह गहलोत, प्रद्युमन शर्मा सहित सैकडो लोग उपस्थित रहे।

समन्वयक शशि प्रकाश गौत्तम ने स्व. शर्मा के छात्र आंदोलन और जनसंघर्षों को स्मरण करते हुए बताया कि वे हाड़ौती के क्रांतिकारी छात्र नेता रहे तथा लगातार तीन बार राजकीय महाविद्यालय, कोटा छात्रसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए।

वर्ष 1972 में छात्रसंघ अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कोटा के उद्योगों में हाड़ौतीवासियों को 80 प्रतिशत रोजगार देने की मांग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन चलाया, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलने लगी।

इसी दौर में उन्होंने हाड़ौती विश्वविद्यालय की मांग को लेकर व्यापक जनआंदोलन का नेतृत्व किया। लगभग दो हजार छात्रों के मशाल जुलूस और जनसमर्थन से यह आंदोलन ऐतिहासिक बना, जिसने आगे चलकर कोटा में विश्वविद्यालय स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।

पंकज मेहता ने बताया कि वर्ष 1974 में प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव शुरू होने पर अपार छात्र समर्थन से हरीश शर्मा छात्रसंघ अध्यक्ष बने और लोकनायक जयप्रकाश नारायण को कोटा आमंत्रित कर हाड़ौतीवासियों को उनके विचारों से परिचित कराया।

आपातकाल के दौरान वर्ष 1975 में वे मीसा कानून के अंतर्गत 19 माह तक उदयपुर एवं भरतपुर जेल में निरुद्ध रहे। छात्र जीवन में बनी उनकी निर्भीक, दबंग और भ्रष्टाचार-अत्याचार के विरुद्ध संघर्षरत नेता की छवि जीवनभर अक्षुण्ण रही।

स्व. शर्मा वर्ष 1977 से 1990 तक लगातार तीन बार विधायक रहे, जिनमें रामगंजमंडी से एक बार और खानपुर से दो बार जनता का प्रतिनिधित्व किया। उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कराए गए विकास कार्य आज भी जनस्मृति में जीवंत हैं। गंभीर दुर्घटना और अस्वस्थता के बावजूद वे जीवनपर्यंत सामाजिक सरोकारों, भ्रष्टाचार एवं अत्याचार के विरुद्ध जनजागरण तथा चम्बल नदी शुद्धिकरण और पर्यावरण संरक्षण के अभियानों से जुड़े रहे।

Gold Price Today: सोना 1121 और चांदी 2889 रुपये हुई सस्ती, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। चांदी जहां, 2,889 रुपये यानी 1% गिरकर 2,67,230 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

वहीं सोना 1,121 रुपये टूटकर 1,57,959 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। पिछले सत्र में सोना-चांदी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए थे।सोने-चांदी के भाव में गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान बताया जा रहा है।

उन्होंने एक बार फिर कहा है कि ईरान के साथ विवाद “बहुत जल्दी” खत्म हो जाएगा। हालांकि, इसको लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है क्योंकि, शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और मिडिल ईस्ट की तेल सप्लाई पर संकट अभी भी जारी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी के भाव
इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो स्पॉट गोल्ड 0.3% गिरकर 4,467.59 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। पिछले सत्र में यह 30 मार्च के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। जबकि, स्पॉट सिल्वर 0.8% गिरकर 73.22 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। दूसरी ओर अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.9% गिरकर 4,471.10 डॉलर प्रति औंस हो गए।

Stock Market: सेंसेक्स 520 अंक टूटा, निफ्टी 23,500 के नीचे फिसला

नई दिल्ली। Stock Market Update 10:55 AM: घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत बुधवार को गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 74529 के लेवल तक फिसलने के बाद अब 281 अंक नीचे 74919 पर आ गया है। सेंसेक्स में रिलायंस इंडसट्री, एलएंडटी्र सनफार्मा, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस टॉप गेनर हैं। जबकि, टाटा स्टील, बीईएल, इटरनल, अल्ट्रटेक टॉप लूजर।

शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 520 अंक टूटकर 74,681 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 50 भी 150 अंकों से ज्यादा फिसलकर 23,464 के करीब पहुंच गया।

बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और आईटी शेयरों में देखने को मिला। HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, Kotak Bank और SBI के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। आईटी सेक्टर में भी कमजोरी रही। TCS, Infosys, Tech Mahindra और LTIMindtree जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

ऑटो और फाइनेंशियल शेयरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे। वहीं BEL और Eternal जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। कमजोर बाजार के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। TCS और Infosys हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। हालांकि ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

एशियन मार्केट
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बीच एशियाई बाजारों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 0.88 प्रतिशत गिर गया, जबकि टॉपिक्स 0.75 प्रतिशत। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.52 प्रतिशत और कोस्डैक 2.15 प्रतिशत टूट गया।

गिफ्ट निफ्टी टुडे
गिफ्ट निफ्टी 23,413 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 199 अंकों की छूट है। यह भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट रही। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 322 अंक या 0.65 प्रतिशत गिरकर 49,363 पर आ गया, जबकि एसएंडपी 500 49 अंक या 0.67 प्रतिशत गिरकर 7,353 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 220 अंक या 0.84 प्रतिशत कम होकर 25,870 पर बंद हुआ।

Rupee: डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 96.89 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली। Doller V/S Rupee: भारतीय रुपये में लगातार गिरावट जारी है। बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपये ने पहली बार 96 के स्तर को पार किया और शुरुआती कारोबार में 96.89 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गया।

मंगलवार को रुपया 96.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जबकि बुधवार को इसकी शुरुआत 96.86 के स्तर पर हुई। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में रुपया करीब 1 रुपये तक कमजोर हो चुका है।

रुपये पर सबसे ज्यादा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड करीब 111 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से तेल खरीदकर पूरा करता है। ऐसे में जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव बढ़ जाता है।

स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को लेकर बढ़ी चिंता
बाजार में सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को लेकर बनी हुई है। यह दुनिया का एक अहम समुद्री रास्ता है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। अगर इस रास्ते में किसी तरह की रुकावट आती है, तो दुनियाभर में तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी डर से तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है और वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ रही है।

वैश्विक तनाव का असर
रुपये की कमजोरी की दूसरी बड़ी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता है। निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ जा रहे हैं, जिससे डॉलर मजबूत हो रहा है। डॉलर मजबूत होने का सीधा असर उभरते बाजारों की मुद्राओं पर पड़ता है। भारतीय रुपया भी इसी दबाव का सामना कर रहा है।

Kota Mandi: NCDEX पर धनिया वायदा तेज, हाजिर में 150 रुपये मंदा बिका

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को आवक बढने से लहसुन 200 रुपये टूट गया। ऊंचे भावों पर लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन, सरसों 100 रुपये तेज बिकी। एनसीडीईएक्स पर धनिया का वायदा तेज रहा, लेकिन हाजिर में 150 रुपये मंदा रहा।

कारोबारी स्तरों के अनुसार मई का धनिया वायदा 168 रुपये बढ़कर 12890 रुपये पर बंद हुआ। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 80 हजार कट्टे और लहसुन की 14000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे –

गेहूं नया मिल लस्टर 2370 से 2470, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2470 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2650, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4400, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 6000 से 7200, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 7000 से 7550, सरसो 6800 से 7500, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7200, चना देशी 5200 से 5600, चना मौसमी नया 5100 से 5450, चना पेप्सी 5100 से 5551, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6900 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3500 से 15500, मैथी नयी 5800 से 6650, धनिया बादामी 11000 से 11400, धनिया ईगल 11400 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

Re-NEET UG को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में

नई दिल्ली। Re-NEET UG 2026: को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। पेपर लीक की घटना के बाद दोबारा आयोजित की जा रही इस परीक्षा (Re-NEET) को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सामने आई सभी कमियों को इस बार पूरी तरह दूर किया जाए।

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि दोबारा नीट परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सख्त निगरानी के बीच सफलतापूर्वक पूरी कराई हो, ताकि लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और निष्पक्ष परिणाम मिल सके।

बैठक में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली परीक्षा के दौरान सामने आई सभी कमियों को इस बार पूरी तरह से दूर किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। इसके साथ ही राज्यों में जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ समन्वय बैठकें कर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

मंत्री ने कहा कि Re-NEET परीक्षा को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षित, सुचारु और पूरी तरह फुलप्रूफ तरीके से आयोजित किया जाए। इसके लिए सभी स्तरों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्यों में जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों के साथ नियमित समन्वय बैठकें की जाएं, ताकि परीक्षा के दौरान मजबूत और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

नीट के लिए जो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं तो उन पर सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुविधाओं को भी प्राथमिकता देने को कहा गया। इसमें परिवहन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर और सुचारु रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश शामिल हैं।

NEET UG Re-Exam 21 जून को
NEET UG Re-Exam 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने हाल ही में आधिकारिक अपडेट जारी किया है। जानकारी के अनुसार, भारत सरकार की मंजूरी के बाद NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड परीक्षा से 7 दिन पहले जारी किए जाएंगे। इसके अनुसार, उम्मीदवारों को 14 जून 2026 तक अपने एडमिट कार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

पीली मटर का आयात घटने से चने की मांग एवं कीमत में सुधार आने का अनुमान

नई दिल्ली। वर्तमान समय में प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में कम आपूर्ति होने के बावजूद दाल मिलर्स- प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों- स्टॉकिस्टों की सीमित लिवाली के कारण चना का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से करीब 10-15 प्रतिशत नीचे चल रहा है लेकिन आगामी सप्ताहों के दौरान इसकी मांग एवं कीमत में सुधार आने के आसार है।

एक अग्रणी व्यापारिक संगठन के अनुसार सरकारी एजेंसी द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (5875 रुपए प्रति क्विंटल) पर चना की अच्छी खरीद की जा रही है। विदेशों से देसी चना तथा पीली मटर का कम आयात हो रहा है।

स्वदेशी चना का पिछला बकाया स्टॉक बहुत कम बचा है और नीचे दाम पर यह दलहन खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित कर सकता है। जून में दक्षिण पश्चिम मानसून के आने पर उसकी मांग एवं कीमत सुधर सकती है।

आपूर्ति घटने एवं सरकारी खरीद की रफ्तार बढ़ने से पिछले सप्ताह चना के दाम में कुछ सुधार आया था। चना दाल तथा बेसन में भी थोड़ी-बहुत मांग निकलने लगी है।

गत सप्ताह इंदौर मार्केट में चना का भाव 150 रुपए की वृद्धि के साथ 5850-5900 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया जो न्यूनतम समर्थन मूल्य के समतुल्य ही है। ऑस्ट्रेलिया के उत्पादक अपने चने का स्टॉक नीचे दाम पर बेचने के मूड में नहीं है और भाव बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

केंद्र सरकार का विदेशी मुद्रा बचाने के लिए खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने का विचार

नई दिल्ली। स्वदेशी वनस्पति तेल उद्योग के अनुरोध पर सरकार खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार कर रही है। हालांकि खाद्य तेलों का घरेलू एवं वैश्विक बाजार भाव काफी ऊंचे स्तर पर चल रहा है लेकिन फिर भी इसकी मांग एवं खपत में कमी नहीं आ रही है। प्रधानमंत्री द्वारा लोगों से खाद्य तेलों का उपयोग घटाने की अपील की गई है।

जानकारों के अनुसार भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे प्रमुख आयातक देश है। यहां आयात शुल्क में वृद्धि होने पर खाद्य तेलों का दाम और भी ऊंचा हो जाएगा जिससे घरेलू तिलहन उत्पादन किसानों को अपने उत्पाद का लाभप्रद मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। खाद्य तेलों के आयात पर अत्यन्त भारी-भरकम बहुमूल्य विदेशी मुद्रा खर्च होती है।

हालांकि अभी आयात शुल्क बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन इसकी संभावना बनी हुई है। सरकार बहुमूल्य विदेशी मुद्रा के बहिर्गमन को नियंत्रित करना चाहती है क्योंकि इसकी भारी निकासी से रुपया की कीमतों पर दबाव बहुत बढ़ गया है। एक अमरीकी डॉलर का दाम 96 रुपए के करीब पहुंच गया है। इससे आयात महंगा होने लगा है।

भारत में विदेशी खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता बढ़कर 60 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। इस विशालकाय आयात पर अरबों रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा खर्च हो रही है और भारतीय किसानों को तिलहनों का लाभप्रद मूल्य हासिल करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ता है। वैसे अभी सरसों, सोयाबीन तथा मूंगफली का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है।

नेपाल से शुल्क-मुक्त आयात में उछाल
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने मंगलवार को बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का खाद्य तेल आयात 3 फीसदी बढ़कर 166.51 लाख टन हो गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से नेपाल से शुल्क-मुक्त आयात में तेज उछाल के कारण हुई है। पिछले वित्त वर्ष में यह आयात 161.82 लाख टन था।

सोगरिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों एवं उनके परिजनों के लिए पार्किंग सुविधा प्रारंभ

कोटा। कोटा मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा सोगरिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा हेतु मिश्रित पार्किंग सुविधा 20 मई से प्रारंभ होगी। यह सुविधा आगामी तीन वर्षों तक संचालित रहेगी। इससे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों एवं उनके परिजनों को वाहन खड़ा करने में सुविधा एवं व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इस पार्किंग में दोपहिया एवं चौपहिया दोनों प्रकार के वाहनों की व्यवस्था की गई है। निर्धारित दरों के अनुसार 6 घंटे तक दोपहिया वाहन के लिए ₹10 तथा चौपहिया वाहन के लिए ₹20 शुल्क देय होगा। 24 घंटे अथवा पूरे दिन के लिए दोपहिया वाहन हेतु ₹20 तथा चौपहिया वाहन हेतु ₹60 शुल्क निर्धारित किया गया है।

स्टेशन पर यात्रियों को छोड़ने अथवा लेने आने वाले वाहनों के लिए “ड्रॉप एंड गो” सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस सुविधा के अंतर्गत 10 मिनट तक किसी भी वाहन से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। 10 से 20 मिनट की अवधि के लिए दोपहिया वाहन पर ₹20 तथा चौपहिया वाहन पर ₹40 शुल्क देय होगा।

नियमित यात्रियों की सुविधा हेतु मासिक पास की व्यवस्था भी की गई है, जो केवल दोपहिया वाहनों के लिए उपलब्ध है। सामान्य दैनिक यात्रियों के लिए मासिक पास शुल्क ₹400 निर्धारित है। न्यायपालिका कर्मचारियों, राजकीय रेलवे पुलिस, प्रेस मीडिया तथा अन्य अधिकृत कर्मचारियों के लिए यह शुल्क ₹300 होगा।

पार्किंग में प्रवेश एवं निकास पर कम्प्यूटरीकृत कूपन की व्यवस्था की गई है। किसी भी विवाद की स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल अथवा राजकीय रेलवे पुलिस से तत्काल सम्पर्क किया जा सकता है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित स्थान पर ही वाहन खड़ा करें एवं व्यवस्थित पार्किंग में सहयोग करें।

मोटोरोला के दो रफ-टफ 5G फोन भारत में 14 हजार से कम में लॉन्च, जानें फीचर्स

नई दिल्ली। Moto G37, Moto G37 Power : मोटोरोला ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में अपने दो नए बजट 5G स्मार्टफोन Moto G37 और Moto G37 Power लॉन्च कर दिया है। खास बात यह है कि Moto G37 Power में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी है, जिससे एक बार चार्ज करने पर करीब 3 दिन तक चल सकता है।

दोनों फोन में 120Hz डिस्प्ले, 50MP Quad-Pixel AI कैमरा और मिलिट्री ग्रेड मजबूती जैसे फीचर्स हैं। ये हैंडसेट कंपनी की लेटेस्ट G-सीरीज का हिस्सा हैं और इन्हें एंट्री-लेवल स्मार्टफोन खरीदारों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस फोन्स की कीमत 13999 रुपए से शुरू होती है:

कीमत
भारत में Moto G37 को केवल एक ही वैरिएंट में लॉन्च किया गया है। इसके 4GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले एकमात्र वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये रखी गई है। यह फोन Pantone Capri और Pantone Impenetrable रंगों में सेल के लिए उपलब्ध होगा।

Moto G37 Power को दो वैरिएंट में पेश किया गया है। इसके 4GB रैम + 128GB वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये और 8GB रैम + 128GB वेरिएंट की कीमत 18,999 रुपये है। फोन को Pantone Nautical Blue कलर में खरीदा जा सकता है। ये दोनों हैंडसेट 25 मई से फ्लिपकार्ट, मोटोरोला इंडिया की वेबसाइट और देश भर के रिटेल स्टोर्स के माध्यम से खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे।

सेल ऑफर्स
लॉन्च ऑफर के तहत, ग्राहक IDFC, ICICI और SBI क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर Moto G37 और Moto G37 Power पर 5,000 रुपये की तत्काल छूट प्राप्त कर सकते हैं। IDFC बैंक क्रेडिट कार्ड से EMI भुगतान करने पर भी 5,500 रुपये की तत्काल छूट उपलब्ध है।

Moto G37 के फीचर्स
यह फोन 6.7 इंच के HD+ LCD डिस्प्ले के साथ आता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 1050 निट्स तक की HBM ब्राइटनेस मिलती है। स्क्रीन पर Corning Gorilla Glass 7i की प्रोटेक्शन दी गई है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर दिया गया है, जो 5G सपोर्ट के साथ आता है।

कैमरा की बात करें तो Moto G37 में 50MP का Quad Pixel AI कैमरा दिया गया है, जो लो-लाइट फोटोग्राफी को बेहतर बनाता है। इसके साथ 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है, जिससे 2K वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा सकती है। बैटरी के लिए इसमें 5200mAh की बैटरी दी गई है, जो 20W TurboPower फास्ट चार्जिंग और 6W रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

फोन में स्टीरियो स्पीकर्स, Dolby Atmos, 3.5mm ऑडियो जैक, साइड फिंगरप्रिंट सेंसर और IP64 डस्ट व स्प्लैश रेजिस्टेंस जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। इसके अलावा MIL-STD-810H मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी इसे ज्यादा मजबूत बनाती है।

Moto G37 Power के फीचर्स
Moto G37 Power में भी 6.7 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है। फोन में Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन दी गई है। यह डिवाइस भी MediaTek Dimensity 6400 चिपसेट के साथ आता है और इसमें 8GB तक LPDDR4X RAM तथा 128GB UFS 2.2 स्टोरेज मिलता है।

Moto G37 Power का सबसे बड़ा हाईलाइट इसकी 7000mAh की बड़ी बैटरी है, जिसे कंपनी लगभग 3 दिन तक चलने वाली बैटरी बता रही है। इसके साथ 30W TurboPower फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। फोन में 50MP का Quad Pixel AI कैमरा दिया गया है, जिसमें AI Magic Eraser और Photo Unblur जैसे AI फीचर्स भी मिलते हैं। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP फ्रंट कैमरा मौजूद है।

ड्यूरेबिलिटी के लिए इसमें IP64 रेटिंग, MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन और Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन दी गई है। इसके अलावा फोन में Dolby Atmos सपोर्ट वाले स्टीरियो स्पीकर्स, Hi-Res Audio, 3.5mm हेडफोन जैक और Bluetooth 5.4 जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।