होटल- रिजॉर्ट एवं वेयरहाउस को उद्योग का दर्जा, किंतु अतिरिक्त शुल्क लगाना अनुचित

0
2

औद्योगिक सगंठनों ने रीको के नियमों का सरलीकरण करने का दिया सुझाव

कोटा। विभिन्न व्यापारिक औद्योगिक संगठनों की बैठक एक निजी होटल पर संपन्न हुई । बैठक की अध्यक्षता होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष एवं कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने की।

बैठक में दि एसएसआई एसोसियेशन के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र कुमार जैन, मुकेश गुप्ता, जम्बु कुमार जैन, कैट के कोटा जिला के अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंकुर गुप्ता, हाडोती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सरक्षंक राजेश गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष गणपत लाल शर्मा, स्टोन माइंस कॉन्टैक्टर एसोसियेशन के अध्यक्ष विपिन सूद, स्टोन मर्चेंट विकास समिति के रविंद्र लुहाडिया, सेंड व्यवसाई जयपाल सहित कई व्यापारिक औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

इस मौके पर होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि 13 मई को रीको द्वारा जारी नोटिफिकेशन में पर्यटन इकाइयों में होटल- रिजॉर्ट को उद्योग का दर्जा दे दिया है। रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित करने की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की गई है। साथ ही वेयरहाउस को भी उद्योग का दर्जा देते हुए इसको औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने पर वह सभी सुविधाएं प्रदान करने की मंजूरी दी गई है, जो सभी उद्योगों को दी जाती है।

लेकिन पर्यटन इकाइयों की स्थापना के लिए रिजर्व प्राइस से डेढ़ गुना शुल्क एवं वेयरहाउस के लिए रिजर्व प्राइस से 0.50% शुल्क लगाया गया है जो न्याय संगत नहीं है। माहेश्वरी ने कहा कि आज भी उद्योगों के उत्पादन में परिवर्तन करने पर रीको द्वारा बिना शुल्क के अनुमति प्रदान कर दी जाती है।

ऐसे में पर्यटन इकाइयों एवं वेयरहाउस में यह अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना न्याय संगत नहीं है। रीको को चाहिए कि जब पर्यटन इकाइयां एवं वेयरहाउस को उद्योग का दर्जा मिल चुका है, तो रीको को अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाना चाहिए। उद्योगों के आवंटन की सरल प्रक्रिया में इन इकाइयों को भी शामिल किया जाना चाहिए।

बैठक में दी एसएसआई एसोसियेशन के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र कुमार जैन, मुकेश गुप्ता, अमित सिंघल, जम्बु कुमार जैन ने बताया कि हाड़ोती में सीमेंट उत्पादन के बड़े उद्योग स्थापित है। मंगलम सीमेंट एवं श्रीराम सीमेंट द्वारा लाइमस्टोन के टुकड़ों को रॉ मैटेरियलके रूप में काम में लिया जाता है, जो एक अच्छा संकेत है। इसी तरह लाइम स्टोन इकाइयों द्वारा उत्पादन के बाद निकलने वाली स्लेरी को भी सीमेंट उद्योग द्वारा रॉ मटेरियल के रूप में उपयोग में लिया जाना चाहिए। इससे वर्तमान में चल रही डंपिंग की भारी समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।

कैट के कोटा जिला अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा एवं हाड़ोती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष राजेश गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष गणपत लाल शर्मा ने कहा कि कोटा के औद्योगिक एवं पर्यटन विकास की दिशा में वर्तमान समय में निरंतर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने रीको से अपील की है कि ऐसी घोषणाओं को तभी धरातल पर उतारा जा सकता है जब उनकी प्रक्रिया सामान्य एवं सरल हो।

इस अवसर पर हाड़ोती ग्रामोद्योग संघ के अध्यक्ष राजेंद्र जैन एवं लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंकुर गुप्ता ने कहा कि आज भी औद्योगिक क्षेत्र में कई इकाइयां बंद पड़ी हुई है। अगर लैंडचेंज कन्वर्जन में रीको द्वारा सरलीकरण किया जाता है तो पुनः उन बन्द पड़ी इकाइयो और भूखंडों पर पर्यटन इकाइयां एवं वेयरहाउस में निवेश करने के लिए उद्यमी आगे आएंगे।

लैंड कन्वर्जन की जटिलताओ के चलते इसका लाभ उद्यमियों को नहीं दिया मिल पा रहा है। अतः व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए रीको को अपना कमर्शियल रवैया छोड कर सरल प्रक्रिया से उद्योगों के उत्पादन प्रक्रिया में पर्यटन इकाई को शामिल करके राहत प्रदान करना होगा।