जेईई-मेन में टॉप-10 में 4 आल इंडिया रैंक-1, 5, 6, 8 एलन क्लासरूम से
कोटा। ALLEN JEE Main Result:नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जेईई-मेन 2026 की ऑल इंडिया रैंक व सेशन-2 का परिणाम जारी कर दिया गया। परिणामों में एक बार फिर एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने श्रेष्ठता साबित की है।
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के सीईओ नितिन कुकरेजा ने बताया कि अभी तक देखे गए परिणामों में एलन क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। इसके साथ ही टॉप-10 में 4 स्थानों पर एलन क्लासरूम स्टूडेंट रहे हैं।
इनमें अर्णव गौतम रैंक-5, शुभम कुमार रैंक-6 और ऋषि प्रेमनाथ ने आल इंडिया रैंक-8 प्राप्त की है। टॉप-20 में 9 स्टूडेंट्स एलन क्लासरूम से तथा टॉप-100 में 39 स्टूडेंट्स एलन क्लासरूम से शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि रिजल्ट्स की ऑथेंटिसिटी एवं पारदर्शिता को बरकरार रखते हुए एलन ने अपने रिजल्ट्स को देश की बड़ी ऑडिट फर्म ई-वाई इंडिया से वैलिडेट करवाया है। पिछले दो वर्षों के रिजल्ट्स में आईआईटी में प्रवेश लेने वाला हर चौथा स्टूडेंट एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से है।
जेईई मेन व एडवांस्ड में एलन क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जेईई मेन व एडवांस्ड के रिजल्ट्स में पिछले दो वर्षों से लगातार एलन से आल इंडिया रैंक-1 के साथ टॉप-100 और ओवरआल बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स क्वालीफाई कर रहे हैं।
जेईई-मेन 2026 में अब तक के सर्वाधिक 15 लाख 38 हजार 468 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। दोनों सेशन में मिलाकर 26 स्टूडेंट्स को 100 पर्सेन्टाइल घोषित किया गया। रिजल्ट में स्टेट वाइज टॉपर्स के साथ-साथ कैटेगिरी टॉपर्स की सूची भी जारी की गई है।
फैकल्टीज की गाइडेंस फॉलो करना ही सक्सेस मंत्र
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई मेन सेशन-1 में परफेक्ट स्कोर 300 में से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। सेशन-2 की परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है। पिछले दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है।
कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कबीर इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं। कबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है।
क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं। हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया। मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं। नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का डीपली एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है।
रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही। पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में बांटा, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया। गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था।

