100 अरब डॉलर क्लब में अमेरिका का दबदबा, भारत कहीं नहीं टिकता

0
185

नई दिल्ली। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है और उसकी 115 कंपनियां 100 अरब डॉलर क्लब में शामिल हैं। अमेरिका के एसएंडपी में शामिल 115 कंपनियों को मार्केट कैप 100 अरब डॉलर से ज्यादा है।

2020 में कोरोना काल में यह संख्या केवल 42 थी जबकि 2008 के वित्तीय संकट के समय यह संख्या केवल 8 रह गई थी। इस तरह पिछले 18 साल में अमेरिका में 100 अरब डॉलर से ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनियों की संख्या में भारी तेजी आई है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या टेक कंपनियों की है।

अमेरिका में टेक सेक्टर की सबसे ज्यादा 31 कंपनियों का मार्केट कैप 100 अरब डॉलर से ज्यादा है। इसके बाद फाइनेंशियल सेक्टर की बारी है। इस सेक्टर की 19 कंपनियां 100 बिलियन डॉलर क्लब में शामिल हैं।

इंडस्ट्रियल सेक्टर की 16 और हेल्थकेयर सेक्टर की 16 कंपनियों को भी इसमें जगह मिली है। 2008 के वित्तीय संकट से पहले अमेरिका में 100 अरब डॉलर से ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनियों की संख्या 20 थी लेकिन 2008 में यह गिरकर 8 रह गई थी।

टॉप 10 में अमेरिका
एनवीडिया 5.457 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ अमेरिका और दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। इसके बाद अल्फाबेट ($4.765 ट्रिलियन), ऐपल ($4.409 ट्रिलियन), माइक्रोसॉफ्ट ($3.134 ट्रिलियन) और ऐमजॉन ($2.841 ट्रिलियन) का नंबर है। टॉप 10 में 8 कंपनियां अमेरिका की है। केवल ताइवान की चिप मेकर कंपनी टीएसएमसी ($2.097 ट्रिलियन) और सऊदी अरामको ($1.585 ट्रिलियन) को इसमें जगह मिली है।

चीन का दबदबा

  1. अमेरिका की 115 कंपनियों का मार्केट कैप $100 अरब से अधिक
  2. साल 2008 में वित्तीय संकट के समय यह संख्या केवल 8 रह गई थी
  3. $100 बिलियन क्लब में टेक सेक्टर की सबसे ज्यादा 31 कंपनियां हैं
  4. फाइनेंशियल सेक्टर की 19 और इंडस्ट्रियल सेक्टर की 16 कंपनियां
  5. दुनिया की टॉप 100 कंपनियों में चीन की 11 और भारत की 1 कंपनी

भारत और चीन का हाल
दुनिया की टॉप 100 वैल्यूएबल कंपनियों में 57 अमेरिका की हैं। इस लिस्ट में दुनिया की दूसरी बड़ी इकॉनमी वाले देश चीन की 11 कंपनियां शामिल हैं जबकि भारत की केवल एक रिलायंस इंडस्ट्रीज को जगह मिली है। मुकेश अंबानी की कंपनी 188.47 अरब डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की लिस्ट में 97वें नंबर पर है। हालांकि 100 अरब डॉलर क्लब में रिलायंस के अलावा एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल भी शामिल हैं।