कोटा नागरिक सहकारी बैंक की बोर्ड एवं ऋण बैठक में 35 बिंदुओं पर मंथन
कोटा। कोटा नागरिक सहकारी बैंक के संचालक मण्डल एवं ऋण समिति की बैठक मंगलवार को रावतभाटा रोड स्थित प्रधान कार्यालय में राजेश कृष्ण बिरला की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि एकमुश्त ऋण समाधान योजना–2025 (संशोधित) के तहत सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।
योजना के अंतर्गत 30 सदस्यों को 66 लाख रुपये की ऋण माफी प्रदान की गई है, जिससे लाभार्थियों को आर्थिक संबल मिला है। इसके अतिरिक्त 9 नए सदस्यों को सदस्यता प्रदान की गई तथा 9 सदस्यों को 33 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए।
बैठक में मार्च 2026 तक बैंक की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि बैंक की कुल जमाएं 845.36 करोड़ रुपये तथा ऋण वितरण 381.65 करोड़ रुपये से अधिक रहा। बैंक ने 382.18 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। अध्यक्ष बिरला के अनुसार बैंक का नेट एनपीए घटकर 1.98 प्रतिशत रह गया है, जो वित्तीय सुधार का संकेत है।
प्रबंध संचालक बीना बैरवा ने बताया कि बैठक में सीआरआर एवं एसएलआर की अनुपालना, ओटीएस योजना, जमाओं की समीक्षा, एनपीए वसूली, बैंक ग्राहक सेवा,बैंक के तलपट व आय-व्यय की समीक्षा, एनपीए ऋण, ओटीएस योजना, सुरक्षा व्यवस्था, इंटर-ब्रांच एवं बैंक रीकन्सिलिएशन, प्रतिभूति निवेश सहित कुल 35 बिंदुओं के एजेंडे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
पर्यावरण सरोकार की पहल
गर्मी के प्रभाव को देखते हुए बैंक परिसर में पक्षियों के लिए 11 परिंडे लगाए गए। अध्यक्ष बिरला ने इसे सामाजिक उत्तरदायित्व की सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि ऐसे छोटे प्रयास पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियां निरंतर जारी रखी जाएंगी।
बैठक में उपाध्यक्ष हेमराज सिंह हाडा, बोर्ड संचालक महेन्द्र कुमार शर्मा, सुरेश चंद्र काबरा, ओमप्रकाश मेहरा, शैलेन्द्र ऋषि, महावीर सुवालका, अशोक मीणा, नंदलाल प्रजापति, तनिशा बादल, सहवरित संचालक, नवनीत जाजू, अरुण भार्गव सहित बोम अध्यक्ष ओम माहेश्वरी, जगदीश जिंदल, महेश अजमेरा, सदस्य सुरेन्द्र गोयल विचित्र एवं राजेन्द्र कुमार जैन उपस्थित रहे।

