Friday, June 19, 2026
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बान्द्रा टर्मिनस–शकूरबस्ती ग्रीष्मकालीन विशेष एक्सप्रेस ट्रैन का संचालन कल से

कोटा। यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा बान्द्रा टर्मिनस–शकूरबस्ती–बान्द्रा टर्मिनस के मध्य ग्रीष्मकालीन विशेष रेलगाड़ी का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09117 (बान्द्रा टर्मिनस–शकूरबस्ती) 22 मई शुक्रवार को 1 फेरे में बान्द्रा टर्मिनस से 16.30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन शनिवार को कोटा जंक्शन 05.35 बजे होते हुए उसी दिन 15.05 बजे शकूरबस्ती पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09118 (शकूरबस्ती–बान्द्रा टर्मिनस) 25 मई सोमवार को 1 फेरे में शकूरबस्ती से 00.30 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 07.55 बजे होते हुए अगले दिन सुबह 06.00 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में बान्द्रा टर्मिनस, बोईसर, दहानू रोड, सूरत, वडोदरा जंक्शन, दाहोद, नागदा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, कोटा जंक्शन, मथुरा जंक्शन, पलवल तथा शकूरबस्ती स्टेशनों पर रुकेगी| इस विशेष गाड़ी में 02 सामान्य श्रेणी, 18 शयनयान श्रेणी सहित कुल 22 डिब्बे होंगे।

गंगापुर सिटी, रामगंज मंडी और गुड़ला अब जंक्शन स्टेशन
नई रेल लाइनों एवं कॉर्ड/बायपास लाइन के चालू होने के फलस्वरूप पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय द्वारा कोटा मंडल के तीन स्टेशनों गंगापुर सिटी (GGC), रामगंजमंडी (RMA) एवं गुड़ला (GQL) को जंक्शन स्टेशन घोषित किया गया है। अब इन्हें क्रमशः गंगापुर सिटी जंक्शन, रामगंज मंडी जंक्शन एवं गुड़ला जंक्शन के नाम से जाना जाएगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इन स्टेशनों के वर्तमान अल्फाबेटिकल एवं न्यूमेरिकल कोड यथावत रहेंगे। केवल नाम में “जंक्शन” शब्द जोड़ा गया है।

Kota Mandi: आवक की कमी से कोटा मंडी में सोयाबीन, सरसों और चना तेज बिका

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को कमजोर उठाव से लहसुन 200 रुपये और गेहूं 25 रुपये मंदा रहा। आवक की कमी से सोयाबीन 50 रुपये, सरसों 100 रुपये और चना 25 रुपये तेज बिका। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 80 हजार कट्टे और लहसुन की 14000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2370 से 2450, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2650, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4400, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 7200, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 7000 से 7550, सरसो 6800 से 7700, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7200, चना देशी 5200 से 5625, चना मौसमी नया 5100 से 5450, चना पेप्सी 5100 से 5551, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3500 से 15500, मैथी नयी 5800 से 6650, धनिया बादामी 11000 से 11400, धनिया ईगल 11400 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

EPFO की नई सुविधा, UPI PIN डालते ही खाते में आएगा पैसा

नई दिल्ली। देश के करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO अब ऐसी सुविधा लाने की तैयारी में है, जिसके जरिए सदस्य अपने पीएफ का पैसा सीधे UPI के माध्यम से तुरंत बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके साथ ही EPFO की कई सेवाएं WhatsApp पर भी उपलब्ध कराने की योजना है।

केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya ने बताया कि EPFO लगातार अपनी सेवाओं को डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस नई व्यवस्था की टेस्टिंग लगभग पूरी हो चुकी है।

अब पीएफ निकालने में नहीं होगी लंबी प्रतीक्षा
फिलहाल EPFO से पैसा निकालने के लिए सदस्य को ऑनलाइन क्लेम करना पड़ता है। इसके बाद दस्तावेजों की जांच और प्रोसेसिंग में कई दिन लग जाते हैं। कई बार आधार लिंकिंग, बैंक वेरिफिकेशन या तकनीकी कारणों से देरी भी होती है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य अपने खाते में उपलब्ध निकासी योग्य राशि देख सकेंगे और उसे सीधे UPI के जरिए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर पाएंगे। ट्रांजैक्शन को UPI PIN से ऑथेंटिकेट किया जाएगा।

पैसा खाते में आते ही उसका इस्तेमाल सामान्य बैंक बैलेंस की तरह किया जा सकेगा। यानी लोग तुरंत डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे या एटीएम से नकदी भी निकाल पाएंगे।

पीएफ निकासी होगी पहले से ज्यादा तेज
सरकार का कहना है कि इस कदम से पीएफ निकासी प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी। अभी जहां लोगों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है, वहीं नई प्रणाली में पैसा कुछ ही समय में उपलब्ध हो सकेगा।EPFO इसके लिए अपने सॉफ्टवेयर सिस्टम में जरूरी बदलाव और तकनीकी सुधार कर रहा है ताकि प्रक्रिया बिना रुकावट के चल सके।

WhatsApp पर अब यह सुविधा

  • पीएफ बैलेंस देख सकेंगे
  • आखिरी पांच ट्रांजैक्शन की जानकारी ले सकेंगे
  • क्लेम स्टेटस चेक कर सकेंगे
  • शिकायत दर्ज करा सकेंगे
  • जरूरी सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे

सबसे खास बात यह है कि यह सुविधा स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे देशभर के लोगों को आसानी होगी।

आधार और बैंक लिंकिंग की दिक्कतें भी होंगी आसान
कई बार EPFO सदस्यों के क्लेम सिर्फ इसलिए अटक जाते हैं क्योंकि आधार सही तरीके से लिंक नहीं होता, बैंक खाता सीड नहीं होता या ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं हो पाता। नई WhatsApp सुविधा के जरिए ऐसे मामलों में भी मदद दी जाएगी। सदस्य घर बैठे ही जरूरी जानकारी और समाधान पा सकेंगे। इससे लोगों को बार-बार EPFO कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मर्सिडीज की नई इलेक्ट्रिक कार AMG GT कूपे अनवील, जानिए खासियत

नई दिल्ली। मर्सिडीज-बेंज ने 2026 Mercedes-AMG GT कूपे को अनवील कर दिया है। यह अब तक की सबसे पावरफुल इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस कारों में से एक है। टॉप-स्पेक GT 63 में कार 1,169 hp की जबरदस्त पावर जेनरेट करती है, जबकि GT 55 वेरिएंट 816 hp की ताकत ऑफर करता है। मर्सिडीज-AMG का दावा है कि GT 63 मात्र 2.1 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पकड़ सकती है।

नए एक्सियल फ्लक्स इलेक्ट्रिक मोटर्स
2026 मर्सिडीज-एएमजी जीटी 4-डोर कूपे की सबसे बड़ी खासियत में से एक इसके नए एक्सियल फ्लक्स इलेक्ट्रिक मोटर्स हैं। एएमजी ने ब्रिटिश कंपनी YASA के साथ मिलकर इन कॉम्पैक्ट, हल्के मोटर्स को डिवेलप किया है। जीटी 63 में टोटल तीन मोटर्स का इस्तेमाल किया गया है, जिनमें से दो पीछे और एक आगे है। ये दमदार परफॉर्मेंस और अडवांस्ड टॉर्क वेक्टरिंग ऑफर करने में मदद करते हैं।

11 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज
नई मर्सिडीज-एएमजी जीटी 4-डोर कूपे ब्रैंड के नए AMG.EA इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है और इसमें ट्रिपल-मोटर सेटअप दिया गया है। मर्सिडीज-AMG GT 4-डोर कूपे 800V इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर का यूज करती है और 600kW तक की DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। मर्सिडीज का दावा है कि कार में दी गई बैटरी लगभग 11 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो सकती है। GT 55 WLTP साइकिल पर 700 किमी तक की रेंज देती है।

लंबा वीलबेस, दमदार रियर हंच
2026 मर्सिडीज-AMG GT 4-डोर कूपे में का डिजाइन अपीलिंग और अग्रेसिव है। यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होने के बावजूद AMG की स्पोर्टी स्टाइलिंग फिलॉसफी के काफी करीब है। इस कार में लंबा वीलबेस, दमदार रियर हंच और चौड़े स्टांस के साथ लो-स्लंग फोर-डोर दया गया है। जीटी 4-डोर कूपे के फ्रंट में एएमजी-स्पेशल इल्यूमिनेटेड ग्रिल, स्टार-शेप डे-टाइम रनिंग लाइट्स वाले शार्प एलईडी हेडलैंप और शानदार बोनट लाइन्स हैं। रियर सेक्शन में टर्बाइन से इंस्पायर्ड राउंड एलईडी टेललैंप, एक्टिव रियर स्पॉइलर और बेहतर एयरोडायनामिक्स के लिए एक बड़ा डिफ्यूजर दिया गया है।

डैशबोर्ड पर बड़ा ग्लास पैनल
इसके इंटीरियर में ड्राइवर-फोकस्ड केबिन है, जिसमें फ्यूचरिस्टिक लेआउट और प्रीमियम मटेरियल का यूज किया गया है। डैशबोर्ड पर एक बड़ा ग्लास पैनल है, जिसमें 10.2 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और ड्राइवर की ओर थोड़ा झुका हुआ 14 इंच का इन्फोटेनमेंट टच डिस्प्ले मौजूद है। मर्सिडीज-एएमजी जीटी 4-डोर कूपे में परफॉर्मेंस से जुड़ी जानकारी के लिए एएमजी-स्पेसिफिक ग्राफिक्स और डिस्प्ले भी दिए गए हैं।

मॉडर्न फ्लैट-बॉटम स्टीयरिंग वील भी
सेंटर कंसोल में तीन फिजिकल रोटरी कंट्रोल मौजूद हैं, जिनकी मदद से ड्राइवर ड्राइविंग रिस्पॉन्स, ट्रैक्शन सेटिंग्स और एजिलिटी मोड्स को एडजस्ट कर सकता है। मर्सिडीज-एएमजी इस सेटअप को एएमजी रेस कंट्रोल यूनिट कहती है। केबिन में स्पोर्टी सीट्स, एम्बिएंट लाइटिंग और इंटीग्रेटेड कंट्रोल्स वाला मॉडर्न फ्लैट-बॉटम स्टीयरिंग वील भी मौजूद है।

Stock Market: सेंसेक्स 117 अंक चढ़ कर 75300 के पार, निफ्टी 23659 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed, May 20, 2026: भारतीय शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 117.54 अंक या 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,318.39 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,406.18 का उच्च स्तर और 74,529.41 का निचला स्तर छुआ।

वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी मजबूती के साथ 41 अंक या 0.17 प्रतिशत की बढ़त लेकर 23,659 पर बंद हुआ। दिन के दौरान निफ्टी ने 23,690.90 का उच्च और 23,397.30 का निचला स्तर बनाया।

निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और बजाज ऑटो जैसे बड़े शेयर शामिल रहे। इन दिग्गज कंपनियों में खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया और अंत में इंडेक्स को हरे निशान में पहुंचाया।

ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी हल्की बढ़त देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 0.49 प्रतिशत चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

सेक्टर का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी ऑटो ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी में गिरावट दर्ज की गई और ये सेक्टर सबसे कमजोर रहे।

मोटोरोला का यह फोल्डेबल फोन 10 हजार रुपये सस्ता, जानिए कीमत और ऑफर्स

नई दिल्ली। Motorola Razr Fold: मोटोरोला रेजर फोल्ड अब भारत में खरीदने के लिए उपलब्ध है। यह ब्रांड का पहला बुक-स्टाइल फोल्डेबल है। फोन में 6.6-इंच का कवर डिस्प्ले और 8.1-इंच की मेन स्क्रीन है। इसमें 6,000mAh की बैटरी है। पहली सेल में फोन कई दिलचस्प ऑफर के साथ मिल रहा है।

भारत में मोटोरोला रेजर फोल्ड के बेस 12GB+256GB वेरिएंट की कीमत 1,49,999 रुपये है, जबकि इसके 16GB+512GB वेरिएंट की कीमत 1,59,999 रुपये है। स्टैंडर्ड वेरिएंट के साथ, मोटोरोला ने बुक-स्टाइल फोल्डेबल का FIFA वर्ल्ड कप 26 कलेक्शन भी पेश किया है, जिसकी कीमत 1,69,999 रुपये है। मोटोरोला रेजर फोल्ड पैनटोन ब्लैकेन्ड ब्लू और पैनटोन लिली व्हाइट कलर ऑप्शन में फ्लिपकार्ट और देश भर के चुनिंदा रिटेल स्टोर पर उपलब्ध है।

ऑफर
सेल ऑफर के तहत, कस्टमर 10,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट या 10,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस पा सकते हैं। डिस्काउंट के बाद, फोन के 12GB वेरिएंट की प्रभावी कीमत 1,39,999 रुपये और 16GB वेरिएंट की प्रभावी कीमत 1,49,999 रुपये और रेजर फोल्ड FIFA वर्ल्ड कप 26 कलेक्शन की प्रभावी कीमत 1,59,999 रुपये हो जाती है।

कुछ बैंकों पर 18 महीने तक की नो कॉस्ट EMI भी है। इसके अलावा, 20 जून तक बुक-स्टाइल फोल्डेबल खरीदने वाले खरीदार एक बार फ्री स्क्रीन रिप्लेसमेंट के लिए एलिजिबल हैं, जो खरीदने की तारीख से एक साल तक वैलिड रहता है। जियो यूजर्स 449 रुपये के प्लान पर ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। इसमें तीन महीने का JioHotstar सब्सक्रिप्शन, Gemini Pro प्लान के साथ 5000GB स्टोरेज और Tira, Ajio, और EaseMyTrip जैसे ब्रांड्स से एडिशनल कैशबैक और ऑफर शामिल हैं।

डिस्प्ले और प्रोसेसर
फोन डुअल-सिम (नैनो + नैनो/ई-सिम) सपोर्ट के साथ आता है और एंड्रॉयड 16 पर बेस्ड My UX पर चलता है। यह सात साल एंड्रॉयड ओएस अपग्रेड और सात साल तक के सिक्योरिटी अपडेट के लिए एलिजिबल है। फोन में 6.6-इंच LTPO pOLED कवर डिस्प्ले है जिसमें 165 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट और 6000 निट्स पीक ब्राइटनेस है।

इनर पैनल 8.1-इंच इनर LTPO pOLED डिस्प्ले है जिसमें 2K रिजॉल्यूशन, 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट, 6200 निट्स पीक ब्राइटनेस और अल्ट्रा थिन ग्लास (UTG) प्रोटेक्शन है। फोन स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 चिपसेट से लैस है, जिसे एड्रेनो A829 GPU, 16GB तक LPDDR5X रैम और 512GB तक UFS 4.1 स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है।

कैमरा और बैटरी
फोटोग्राफी के लिए, फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम है, जिसमें 1/1.28-इंच सोनी LYTIA मेन सेंसर वाला 50-मेगापिक्सेल का प्राइमरी कैमरा, 3x ऑप्टिकल जूम वाला 50-मेगापिक्सेल का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और 50-मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा शामिल है। इसमें कवर स्क्रीन पर 32-मेगापिक्सेल का सेल्फी कैमरा और इनर डिस्प्ले पर 20-मेगापिक्सेल का सेल्फी शूटर है। रियर कैमरे 30fps पर 8K, 60fps पर 4K तक वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करते हैं। फोन में 6000mAh की बैटरी है जो 80W वायर्ड चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

स्लिम और लाइटवेट
फोन में मिलने वाले कनेक्टिविटी ऑप्शन में 5G, LTE, वाई-फाई 7, एनएफसी, जीपीएस, ग्लोनास, गैलीलियो, क्यूजेडएसएस, बाईदौ, नाविक और एक यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। इसमें IP49-रेटेड बिल्ड है। बंद होने पर इसका साइज 160.05×73.6×10.04 एमएम और खुलने पर 144.47×160.05×4.7 एमएम है। फोन का वजन 243 ग्राम है।

Small Cardamom: भारतीय छोटी इलायची के निर्यात में शानदार बढ़ोतरी

कोच्चि। वैश्विक बाजार में भारतीय छोटी (हरी) इलायची का निर्यात प्रदर्शन बेहतर देखा जा रहा है और पश्चिम एशिया में जारी तनाव एवं विवाद के बावजूद इसके निर्यात शिपमेंट में लगभग दोगुनी वृद्धि होने के संकेत मिल रहे है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार भारत से छोटी इलायची के निर्यात में हो रही शानदार बढ़ोत्तरी का प्रमुख कारण ग्वाटेमाला में फसल का बहुत कमजोर होना है मालूम हो कि उत्तरी अमरीका महाद्वीप के मध्यवर्ती भाग में अवस्थित ग्वाटेमाला दुनिया में छोटी इलायची का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है।

इलायची के अंतराष्ट्रीय निर्यात बाजार में वह भारत का सबसे प्रबल प्रतिद्वन्दी भी है वहां मौसम की प्रतिकूल स्थिति तथा प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से इलायची की फसल को भारी नुकसान हुआ है जिससे इसके उत्पादन में करीब 50 प्रतिशत तक की जोरदार गिरावट आने की संभावना है।

फसल पर कीड़ो-रोगो का भी आघात देखा जा रहा है। ग्वाटेमाला से निर्यात घटने के कारण वैश्विक बाजार में भारतीय हरी इलायची की मांग काफी मजबूत हो गई।

निर्यातकों के अनुसार वैश्विक खरीदार प्रीमियम क्वालिटी एवं बोल्ड ग्रेड वाली भारतीय छोटी इलायची की लिवाली में लगातार अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे है ताकि उसके रेग्युलर मार्केट में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहे हालांकि होमुर्ज स्टूैट से जहाजों की आवाजाही बंद होना चिंता की बात है।

अनेक खरीददार किराया ऊंचा किराया भाड़ा देकर वैकल्पिक मगर सुरक्षित मार्ग से इलायची मंगाने के लिए तैयार है। इधर नीलामी केन्द्रो में भी छोटी इलायची का भाव 2200-2350 रूपए प्रति किलो के स्तर पर मजबूत बना हुआ है।

ट्रेनों में आग के पीछे किसी की साजिश तो नहीं, जानिए क्या कहते हैं हालात

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने हाल के दिनों में ट्रेनों में अचानक आग लगने की घटनाओं को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। रेलवे ने बुधवार को इन हादसों को महज इत्तेफाक या तकनीकी खराबी मानने के बजाय, इसके पीछे किसी ‘साजिश’ की गहरी आशंका जताई है।

आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि अब तक हुई जांच के नतीजे ‘असामाजिक तत्वों’ की संलिप्तता की ओर साफ इशारा कर रहे हैं। इस अहम खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है।

रेलवे प्रशासन ने खासतौर पर चार अलग-अलग जगहों पर हुई घटनाओं का जिक्र किया है, जिन्होंने सुरक्षा तंत्र की नींद उड़ा दी है। इनमें राजस्थान के अमरपुरा और कोटा में सामने आई घटनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा, बिहार के सासाराम और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भी ट्रेनों में भड़की आग ने इस शक को और पुख्ता कर दिया है कि इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश हो सकती है। रेलवे का कहना है कि इन सभी घटनाओं को ‘बेहद गंभीरता’ से लिया जा रहा है।

अमरपुरा में जहां ट्रेन के बेडरोल (कंबल-चादर) में आग लगाने की कोशिश की गई, वहीं हावड़ा की घटना में तो कोच के बाथरूम से पेट्रोल से सना हुआ एक कपड़ा बरामद हुआ है, जिसने साजिश के शक को और पुख्ता कर दिया है।

इसी तरह, कोटा में एक राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से लपटें उठती देखी गईं। वहीं, बिहार के सासाराम स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर खड़ी सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन के एक खाली कोच में किसी अज्ञात शख्स ने कोई जलती हुई चीज फेंक दी। हालांकि, शुरुआती जांच में सासाराम की घटना के पीछे शॉर्ट सर्किट का अंदेशा जताया गया था, लेकिन अब इसमें भी तोड़फोड़ का एंगल सामने आ रहा है।

रेलवे का यह बयान मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एक एसी कोच में लगी भीषण आग के कुछ दिनों बाद आया है। विक्रमगढ़ आलोट और लूनी ऋचा स्टेशनों के बीच सुबह करीब 5:15 बजे ट्रेन के बी-1 (B-1) कोच में आग भड़क उठी थी। इस कोच में 68 यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई।

आग इतनी भयंकर थी कि अलग किए गए डिब्बे से आसमान में काले धुएं का भारी गुबार छा गया और लपटें रेलवे ट्रैक के किनारे लगे पेड़ों तक पहुंच गईं। इस बड़ी घटना के कारण उस रूट का रेल ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। कम से कम 18 ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ गया और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।

लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। मामलों की तह तक जाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। RPF की स्पेशल टीमें हर एक मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि देश की जीवनरेखा माने जाने वाले रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने के पीछे किन लोगों का हाथ है।

यात्रियों की सुरक्षा पर रेलवे का सख्त रुख
इन लगातार हो रही घटनाओं के मद्देनजर रेलवे ने यात्रियों से भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। रेलवे ने अपनी एडवाइजरी में कहा है, “सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे अलर्ट और सुरक्षित रहें। अगर आपको ट्रेन या स्टेशन पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो बिना कोई देर किए तुरंत रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सूचना दें।”

सोयामील का निर्यात घटकर गत चार वर्षों के निचले स्तर पर सिमटने का अनुमान

मुंबई। घरेलू प्रभाग में सोयाबीन का दाम उछलने से सोया तेल एवं सोयामील के उत्पादन खर्च में भारी वृद्धि हो गयी है। इसके फलस्वरूप भारतीय सोयामील का औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य काफी ऊंचे स्तर पर पहुंचकर अन्य निर्यातक देशों अर्जेंटीना, ब्राजील एवं अमरीका आदि की तुलना में और प्रतिस्पर्धी हो गया है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार पिछले करीब एक माह के दौरान भारतीय सोयामील के दाम में लगभग 47 प्रतिशत का जोरदार इजाफा हो चुका है जिससे वैश्विक बाजार में इसकी मांग काफी कमजोर पड़ गयी है। इसके फलस्वरूप पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान सोयामील का निर्यात करीब आधा घटकर गत चार वर्षों के निचले स्तर पर सिमटने की सम्भावना है।

दक्षिण एशिया एवं दक्षिण पूर्व एशिया के देश परम्परागत रूप से भारतीय सोयामील के प्रमुख खरीदार हैं लेकिन इस वर्ष वहां अमरीका एवं लैटिन अमरीकी देशों से इसके आयात को प्राथमिकता दी जा रही है उद्योग समीक्षकों के मुताबिक अन्य आपूर्तिकरता देशों के मुकाबले भारतीय सोयामील का भाव काफी ऊंचा चल रहा है।

ऑयल मिलर्स एवं निर्यातकों को नया आर्डर मिलना बंद हो गया है। जून डिलीवरी के लिए भारतीय सोयाबीन का फ्री ऑन बोर्ड निर्यात ऑफर मूल्य उछलकर 680 डॉलर प्रति टन के करीब पहुंच गया है जबकि निर्यातक देशों में भाव 430 डॉलर प्रति टन के आसपास ही है। 2024-25 में भारत से 20.20 लाख टन सोयामील का निर्यात हुआ था जो 2025-26 में 7 लाख टन पर अटक सकता है।

नुक्कड़ नाटक, रैली और प्रतियोगिताओं से देंगे पर्यावरण बचाने का संदेश

पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन पखवाड़ा कल से

कोटा। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर. कोटा-बारां तथा राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के संयुक्त तत्वावधान में 21 मई से 5 जून तक पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा।

यह निर्णय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल केशवपुरा में आयोजित एक बैठक में लिया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

शिक्षा सहकारी के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने बताया कि पखवाड़े का शुभारंभ 21मई को स्काउट-गाइड के सहयोग से किया जाएगा। पखवाड़े के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन को केंद्र में रखकर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इनमें वन एवं वन्यजीव संरक्षण, स्वच्छता अभियान, अमृत जलम अभियान, पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था, पौधारोपण, पौधों की सार-संभाल, संगोष्ठियां, नर्सरी प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पर्यावरण के प्रति व्यापक जनजागरण के उद्देश्य से मानव श्रृंखला, जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक तथा विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा।

इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आमजन को प्रकृति संरक्षण, जल बचत, हरियाली बढ़ाने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

जायसवाल ने बताया कि पखवाड़े के दौरान पूर्व में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। इससे प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन होगा तथा भविष्य में अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि पखवाड़े का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल, जल संरक्षण और जैव विविधता के प्रति समाज में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर पर्यावरण संरक्षण के इस संकल्प को सफल बनाने का आह्वान किया।