Thursday, June 18, 2026
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ट्रांसजेंडर आइकॉन नैना ने तय बधाई राशि नहीं मानने वाले किन्नरों पर साधा निशाना

एग्रीमेंट के बाद अब समझौता नहीं मानने वाले किन्ररों पर होगी कानूनी कार्यवाही

कोटा। ट्रांसजेंडर आइकॉन मंगलमुखी नैना देवी ने तय बधाई राशि नहीं मानने वाले किन्नरों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आम जनता से 51 हजार या 1 लाख रुपए जैसी भारी-भरकम राशि मांगना समाज में भय का माहौल पैदा करना है।

उन्होंने कहा कि जो किन्नर इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं, वे महंगी लग्जरी गाड़ियों में घूमने, मोटी-मोटी सोने की चैन पहनने और फार्म हाउस बनाने के लिए ही भारी भरकम राशि मांगते हैं, नहीं देने पर डराते हैं।

ट्रांसजेंडर एग्रीमेंट एवं परिचय पत्र दिखाते राजाराम कर्मयोगी।

जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा नियुक्त कोटा जिला ट्रांसजेंडर आइकॉन मंगलमुखी नैना देवी के नेतृत्व में काजल गदीपति, नानू किन्नर, आलिया और परी समेत किन्नर समुदाय ने सर्व हिंदू महासंघ और सोशल क्रांतिकारी संघ द्वारा जनहित में लिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए इसका पूर्ण समर्थन किया है।

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मंगलमुखी नैना देवी ने सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि 10 मई को नदी पार क्षेत्र कुन्हाड़ी स्थित किन्नर प्रमुख इंदु बाई के निवास पर दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों और शहर के सभी प्रमुख किन्नर गुटों की उपस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। जिसमें बिना किसी दबाव के ऑन-रिकॉर्ड सभी की सहमति से एक न्यायसंगत और सम्मानजनक राशि तय की गई थी।

सकतपुर में हुई इस 3 घंटे की सकारात्मक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तय किया गया कि विवाह, जन्मोत्सव और गृह प्रवेश जैसे अवसरों पर संपन्न (उच्च) वर्ग के लिए अधिकतम बधाई राशि 11,000 रुपए तथा सामान्य व मध्यम वर्ग के लिए अधिकतम 5,100 रुपये रहेगी।

न्यूनतम राशि क्रमशः 5,100 और 1,100 रुपये निर्धारित की गई है। यदि कोई जजमान स्वेच्छा से अधिक देना चाहे तो वह स्वतंत्र है, परंतु किसी भी परिवार पर दबाव नहीं बनाया जाएगा।

सोशल क्रांतिकारी संघ की ओर से एडवोकेट नरेंद्र डाबी की उपस्थिति में इस निर्णय का एफिडेविट (सहमति पत्र) तैयार किया गया। जिस पर तारा देवी, रीना दीदी, मनीषा बाई, ममता बाई, इंदु बाई और ज्योति बाई सहित 50 से अधिक उपस्थित किन्नरों ने हस्ताक्षर किए थे।

किन्नर समुदाय की प्रतिनिधि और जिला ट्रांसजेंडर आइकॉन नैना देवी ने कुछ किन्नरों द्वारा बाद में किए जा रहे विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं को किन्नर समुदाय ने ही इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आमंत्रित किया था।

उन्होंने कहा कि कोटा की जनता और सनातनी समाज उनका अन्नदाता है, उन्हें किसी की जमीन-जायदाद या सोना-चांदी नहीं चाहिए। किन्नर समुदाय सिर्फ लोगों की खुशियों में शामिल होकर दुआएं देना चाहता है।

बच्चों के पिता किन्नर बन रहे हैं
उन्होंने खुलासा किया कि जो लोग इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं, वे लग्जरी गाड़ियां और फार्म हाउस बनाने के लिए 51 हजार रुपए की मांग करते हैं। सरकार को ऐसे लोगों की आईडी की जांच करनी चाहिए। क्योंकि कई बहरूपिया पुरुष (जिनके बाल-बच्चे हैं) वे भी फर्जी किन्नर बनकर अवैध वसूली कर रहे हैं।

आपराधिक लोग मूल किन्नरों के खिलाफ
दिल्ली और बिहार से आए कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग कोटा के मूल किन्नरों को बाहर करने का षड्यंत्र रच रहे हैं और क्षेत्राधिकार (इलाके) की लड़ाई से शहर के वातावरण को दूषित कर रहे हैं, जिसका समर्थन नहीं किया जा सकता।

​सर्व हिंदू महासंघ के संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि वे लंबे समय से कोटा के किन्नर समुदाय के कल्याण के लिए प्रयासरत रहे हैं और पूर्व में अलवर में राज्य सरकार द्वारा इन्हें सम्मानित भी करवा चुके हैं।

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि किन्नर समुदाय की अनैतिक मांगों के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बधाई और क्षेत्राधिकार तय करने को गैरकानूनी घोषित किया है। जिससे सीख लेते हुए शहर में शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए यह पहल की गई है। इस निर्णय के बाद अजमेर, जोधपुर और ब्यावर सहित प्रदेशभर से सामाजिक संगठनों के फोन आ रहे हैं कि उनके शहरों में भी ऐसी ही व्यवस्था लागू की जाए।

मुकरने वाले समूह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
इस मुहिम को कोटा व्यापार महासंघ और हॉस्टल एसोसिएशन ने भी अपना लिखित समर्थन सौंप दिया है। पूर्व में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद सहमति से मुकरने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सहमति से मुकरने वाले समूह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।

​जजमान जो श्रद्धा से दे, उसे स्वीकार किया जाए
बैठक में मौजूद किन्नर काजल नायक ने भावुक होते हुए कहा कि जनहित और संस्थाओं के इस फैसले का समर्थन करने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है। जबकि नियम यही होना चाहिए कि जजमान जो श्रद्धा से दे, उसे स्वीकार किया जाए।

संस्थाओं और किन्नर समुदाय के प्रमुखों ने स्पष्ट किया कि मानवीय संवेदनाओं के कारण 17 मई का नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम स्थगित किया गया था, लेकिन कुछ लोग अब इस पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।

नई व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जाएगा
वे एक बार फिर सार्थक चर्चा के लिए तैयार हैं, परंतु शहरवासियों को इस नई व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जाएगा और प्रस्ताव का उल्लंघन कर जनता को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। बैठक में सोशल क्रांतिकारी संघ के परमानंद गर्ग सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

जबरन वसूली करने वाले किन्नर समूह की करें शिकायत
सर्वहिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ द्वारा मांगलिक अवसरों पर किन्नर समाज को दी जाने वाली बधाई राशि को तर्कसंगत बनाने के फैसले का अग्रवाल समाज ने पुरजोर समर्थन किया है। महासंघ के मुख्य संयोजक अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल एवं संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन कर्मयोगी के के अनुसार यदि कोई किन्नर समूह जबरदस्ती करता है, तो आमजन उसकी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। शिकायत के लिए महासंघ ने हेल्पलाइन मोबाइल नंबर 98293 28525 जारी किया है।

चेयरमैन परमानंद गर्ग (मोबाइल: 9460675985) ने समाज बंधुओं से अपील की है कि वे घर आने वाले किन्नर समूह का पहचान पत्र देखकर ही भुगतान करें। यदि कोई अभद्रता होती है, तो उसका दो मिनट का वीडियो रिकॉर्ड कर शिकायत के साथ भेजें।

ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट बढ़ाई

नई दिल्ली। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को रूसी तेल के उन कार्गो पर लगे प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट बढ़ाने का ऐलान किया, जो पहले से समुद्र में हैं।

हालांकि, भारत सरकार ने सोमवार को ही स्पष्ट कर दिया कि भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले, उनके दौरान और बाद में भी रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। अमेरिका यह फैसला ईरान युद्ध के कारण दुनिया में बढ़ती ऊर्जा की कीमतों के बीच लिया गया है।

रॉयटर्स के मुताबिक बेसेंट ने बताया कि यह “अस्थायी 30-दिवसीय जनरल लाइसेंस” उन कमजोर देशों को रूसी तेल तक अस्थायी पहुंच देगा, जो फिलहाल समुद्र में फंसा हुआ है।

अमेरिका ने पहली बार मार्च में समुद्र में मौजूद रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट दी थी। बेसेंट ने कहा कि इस छूट से कच्चे तेल के बाजार को स्थिर करने और उन देशों तक तेल पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां सबसे अधिक ऊर्जा संकट है।”

पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेट्री सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया, ” भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले, उनके दौरान और बाद में भी रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीदारी अमेरिकी छूट ढांचे पर निर्भर नहीं है, बल्कि व्यावसायिक कारणों से संचालित होती है।

एक मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने कहा, “अमेरिकी छूट के संबंध में, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि हम पहले भी रूस से खरीदारी कर रहे थे, मेरा मतलब है, छूट से पहले भी, छूट के दौरान भी, और अब भी।” उन्होंने बताया कि ईंधन कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “हमारे लिए खरीदारी करना मूल रूप से व्यावसायिक समझ पर आधारित है। कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त तेल बार-बार सुनिश्चित किया गया है और यह, चाहे छूट हो या न हो, हमारी खरीद को प्रभावित नहीं करेगा।”

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन को स्पष्ट कर दिया था कि ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच देश की तेल सप्लाई को बनाए रखना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।

अधिकारियों ने कहा था कि अगर तेल की सप्लाई में कोई रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे देश में LPG जैसी जरूरी चीजों की किल्लत और महंगाई बढ़ सकती है।

आयात पर बढ़ रही निर्भरता
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता बढ़ी है। इस वक्त भारत अपनी जरूरत का करीब 89 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसकी बड़ी वजह घरेलू उत्पादन में कमी और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती मांग है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में देश में कच्चे तेल का घरेलू उत्पादन करीब 25 प्रतिशत घटा है। वहीं, दूसरी ओर पेट्रोल और डीजल की खपत लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल की मांग हर साल करीब सात प्रतिशत और डीजल की मांग करीब चार प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।

सप्ताह भर में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए आज के रेट

नई दिल्ली/कोटा। Petrol Diesel Price Today: पेट्रोलियम कंपनियों ने सप्ताह भर में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढाए हैं । दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल के दाम 0.87 रुपये बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं।

वहीं, दिल्ली में डीजल 0.91 रुपये बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। उपभोक्ताओं को फिलहाल LPG की कीमतों में राहत है। कंपनियों ने मंगलवार को LPG सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। कोटा में पेट्रोल 90 पैसे बढ़कर 108.41 रुपये और डीजल 90 पैसे तेज होकर 93.70 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

5 दिन पहले 3-3 रुपये बढ़े थे
अभी 5 दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल के रेट में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। पहले जहां तेल कंपनियों का डेली घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है।

इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये की वजह से तेल कंपनियों पर काफी दबाव बना हुआ है। क्रिसिल के अनुमान के अनुसार, सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में राहत और ताजा बढ़ोतरी से घाटा घटकर पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर रह गया है।

Stock Market: सेंसेक्स 126 अंक बढ़कर 75400 के पार, निफ्टी 23675 पर खुला

नई दिल्ली। Stock Market 19 May 2026 : मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत मंगलमय हुई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 126 अंकों की बढ़त के साथ 75441 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 25 अंक ऊपर 23675 के स्तर पर खुलने में कामयाब रहा।

निफ्टी 50 में आईटी सेक्टर की कंपनियों ने सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई। Infosys, Tata Consultancy Services और Tech Mahindra जैसे बड़े शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसने पूरे बाजार की चाल को मजबूती दी। इसके अलावा केमिकल और FMCG सेक्टर ने भी बेहतर प्रदर्शन किया।

ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। इससे संकेत मिला कि केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं बल्कि छोटे और मध्यम शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

जहां एक तरफ बाजार में तेजी रही, वहीं कुछ सेक्टर्स दबाव में दिखे। निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे तेजी सीमित रही।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियाई बाजार: यहां मिलाजुला कारोबार रहा। जापान का निक्केई 225 0.68% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 1.16% बढ़ा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.06% की गिरावट आई और कोस्डैक सपाट रहा। हांगकांग का हेंग सेंग फ्यूचर्स कमजोर शुरुआत के संकेत हैं।
  • अमेरिकी बाजार: डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 159 अंक या 0.32% बढ़कर 49,686.12 पर पहुंच गया, जबकि एसएंडपी 500 5.45 अंक या 0.07% गिरकर 7,403 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 134 अंक या 0.51% की गिरावट के साथ 26,090 पर बंद हुआ।

Kota Mandi: क्रशिंग प्लांटों की लिवाली से सोयाबीन 200 और सरसों 100 रुपये उछली

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को क्रशिंग प्लांटों की लिवाली से सोयाबीन 200 रूपये और सरसों 100 रुपये उछल गई। कमजोर उठाव से लहसुन का भाव 500 रुपये टूट गया । मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 80 हजार कट्टे और लहसुन की 14000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2370 से 2470, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2470 से 2550, बेस्ट टुकड़ी 2550 से 2650, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4450, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 7000, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 7000 से 7400, सरसो 6800 से 7400, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7200, चना देशी 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5350, चना पेप्सी 5100 से 5501, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6900 रुपये प्रति क्विंटल ।

लहसुन 3500 से 13500, मैथी नयी 5800 से 6650, धनिया बादामी 11000 से 11500, धनिया ईगल 11500 से 12300, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

ट्रंप ने ईरानी तेल बिक्री से प्रतिबंध हटाया, जानिए भारत पर क्या होगा असर

नई दिल्ली। US Iran War Update: पश्चिम एशिया के संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बढ़ाया हुआ है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए अमेरिका ने पहले रूस और फिर ईरान के तेल पर से कुछ समय के लिए प्रतिबंध हटा दिया था।

अब ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका ने एक बार फिर से ईरानी तेल की बिक्री के ऊपर लगे प्रतिबंध को अस्थायी तौर पर हटा दिया है। दावा है कि अमेरिका की तरफ से यह फैसला दोनों पक्षों के बीच में शांति समझौते को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बीच आया है।

ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने हाल में कुछ प्रतिंबधों को हटा दिया है। हालांकि, इस्लामिक सरकार वाशिंगटन पर लगातार दबाव बना रही है कि सभी प्रतिबंधों को हटा दिया जाए।

इसके अलावा दोनों देशों के बीच में जो डील होगी उसमें भी अमेरिका यह आश्वासन दे कि वह भविष्य में ईरानी तेल के ऊपर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस पर कोई गारंटी नहीं दी गई है। बता दें कि यह दावा अभी केवल ईरान की तरफ से किया गया है। अमेरिका का इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान ईरान और रूस के तेल की खरीद पर लगाए अपने पुराने प्रतिबंधों को हटा दिया था। इससे भारत और चीन समेत तमाम देशों को लाभ हुआ था। 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरानी तेल खरीद को बंद करने वाले भारत ने 2026 में युद्ध को दौरान ईरानी तेल की खरीद की थी। यह अपने आप में एक बड़ा कदम था।

इससे पहले, ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच में शांति वार्ता को लेकर पाकिस्तान के जरिए लगातार प्रस्तावों की अदला-बदली हो रही है। हाल ही में अमेरिका ने पांच सूत्रीय प्रस्ताव तेहरान को सौंपा था।

इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुले आम धमकी देते हुए कहा था कि तेहरान के लिए समय खत्म हो रहा है। उन्हें जल्दी से जल्दी इस पर फैसला लेना होगा क्योंकि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा।

गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया संकट की शुरुआत हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की।

इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करना शुरू कर दिया था। इसके बाद ईरान ने होर्मुज से निकलने वाले जहाजों को रोक दिया, जिसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया। इसकी वजह से अंत में अमेरिका को रूस और ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटाना पड़ा।

ट्रंप की धमकी के खिलाफ ईरान की तैयारी
अमेरिका, इजरायल के खिलाफ ईरान लगातार अपनी तैयारियों को पुख्ता करता हुआ नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्लामिक सरकार ने अब आम नागरिकों के हाथ में भी हथियार देना शुरु कर दिया है। हर हाथ में हथियार के नारे के साथ सरकार छोटे से लेकर बड़े हर व्यक्ति को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रही है। हाल ही में ईरानी न्यूज टीवी चैनल का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें एंकर एके-47 से यूएई के झंडे के ऊपर गोलियां बरसाता नजर आ रहा था।

उधना–हसनपुर रोड अनारक्षित विशेष एक्सप्रेस ट्रैन का संचालन

यह गाड़ी कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी एवं बयाना स्टेशनों से होकर गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा उधना–हसनपुर रोड–उधना के मध्य अनारक्षित विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09031 (उधना–हसनपुर रोड) 17 मई से 14. जून तक प्रत्येक रविवार को 5 फेरों में उधना से 11.25 बजे प्रस्थान कर उसी दिन कोटा जंक्शन 21.15 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 22.40 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 23.27 बजे होते हुए दुसरे दिन सोमवार को रात्रि 00.32 बजे बयाना जंक्शन पहुँचकर तीसरे दिन 02.30 हसनपुर रोड पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09032 (हसनपुर रोड–उधना) 19 मई से 16 जून तक प्रत्येक मंगलवार को 5 फेरों में हसनपुर रोड से 05.30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन बुधवार को बयाना जंक्शन 08.21 बजे, गंगापुर सिटी जंक्शन 09.26 बजे, सवाई माधोपुर जंक्शन 10.16 बजे, कोटा जंक्शन 11.33 बजे होते हुए उसी दिन 21.40 बजे उधना पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में उधना जंक्शन, सूरत, सिन्हासन, बड़ोदरा जंक्शन, गोधरा जंक्शन, दाहोद, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर जंक्शन, गंगापुर सिटी जंक्शन, बयाना जंक्शन, इदाह, टोडलपुर तथा हसनपुर रोड स्टेशनों पर रुकेगी

कोटा में सड़क, रेल व एयर कनेक्टिविटी बढेगी तो व्यापार होगा बेहतर: बिरला

श्री सर्राफा थोक विक्रेता व्यावसायिक संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथग्रहण

कोटा। श्री सर्राफा थोक विक्रेता व्यावसायिक संघ कोटा की नवनिर्वाचित प्रबन्ध कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को बून्दी रोड़ स्थित एक रिसोर्ट पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि देश में सर्राफा व्यापार केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, विश्वास और सामाजिक मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रहा है।

बिरला ने कहा कि वर्षों से सर्राफा व्यापारियों ने अपने व्यवहार, पारदर्शिता और भरोसे के माध्यम से समाज में ऐसी प्रतिष्ठा स्थापित की है, जो पीढ़ियों से निरंतर आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि कोटा के सर्राफा व्यापारियों ने बदलते समय, तकनीक और बाजार की चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को ढालते हुए अपने व्यापार की पहचान को और अधिक मजबूत बनाया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण व्यापार जगत के सामने कुछ चुनौतियाँ अवश्य उत्पन्न हुई हैं, लेकिन भारत ने सदैव अपनी सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और संकल्प के बल पर हर कठिन दौर को पार किया है। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि यह चुनौतीपूर्ण समय भी शीघ्र ही बीत जाएगा और व्यापार जगत पहले से अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि कोटा तेजी से आगे बढ रहा है। यहां सड़क कनेक्टीविटी हो रही है। दो साल में यहां हाई स्पीड ट्रैन भी चलेगी, गुडस के क्षेत्र में नई लाइन आ रही है। वहीं वर्ष 2027 में कोटा में नया एयरपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगा।। जब एक साथ तीनो क्षेत्र में कनेक्टीविटी होगी तो तेजी से विकास करेंगे। ।

बिरला ने कहा कि इसके साथ ही यहां पर्यटन को लेकर काम हो रहे हैं। कोटा बूंदी, बारां झालावाड के अलावा, टौंक, भीलवाडा, तक के लोग यहां से हवाई सेवा का लाभ लेंगे।

नवनिर्वाचित प्रबन्ध कार्यकारिणी-2026 के अध्यक्ष जय कुमार जैन ने बताया कि स्पीकर बिरला ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण कराई। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का इस दौरान 21 किलो के पुष्पहार व साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया।

समारोह में विधायक कल्पना देवी, कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, महासचिव अशोक माहेश्वरी, श्री सर्राफा बोर्ड कोटा के अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल विचित्र, आनंद स्वरूप राठी, विश्वनाथ शर्मा, स्वर्ण रजत कला उत्थान समिति के अध्यक्ष कपिल सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अध्यक्ष जय कुमार जैन ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, श्री सर्राफा थोक विक्रेता व्यावसायिक संघ व्यापारियों का मजबूत संगठन है। हमारी प्राथमिकता बाजार में पारदर्शिता लाना, सरकारी योजनाओं का लाभ सदस्यों तक पहुंचाना, बुनियादी सुविधाओं का विकास और युवा व्यापारियों को प्रोत्साहन देना है।

हम सभी सदस्यों के साथ मिलकर कोटा सर्राफा बाजार को और अधिक समृद्ध बनाएंगे। इस अवसर पर विभिन्न समितियों का गठन किया गया हैं, जिसके तहत संगठन को आगे बढाने और सेवा प्रकल्पों की जिम्मेदारी सौंपी गई।

विश्वनाथ शर्मा, योगेश सोनी मोनी एवं मनीष मूंदडा ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। समारोह में नए पदाधिकारियों ने व्यापार हितों की रक्षा, बाजार विकास और सदस्यों की समस्याओं के समाधान की शपथ ली।

इस अवसर पर बूंदी अध्यक्ष सत्य प्रकाश नुवाल, जोनू बिल्या, पंकज जोहरी, प्रमोद टॉकरा, सुशील भोला, श्रीनाथ सोनी, राम स्वरूप गोयल, सुशील लोहिया, विवेक जैन, अंकुर कहालिया, प्यारे लाल सोनी, ओम प्रकाश सोनी, निर्मल जैन, दीपक समेत कोटा शहर के अनेक सर्राफा व्यापारी व प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

NEET-UG पेपर लीक मामले में लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक गिरफ्तार

लाखों रुपये लेकर कराए जाते थे स्पेशल सेशन और पेपर लीक

नई दिल्ली। NEET Paper Leak Case: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG के पेपर लीक मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर में चल रहे एक कोचिंग सेंटर के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है।

एजेंसी का आरोप है कि वह उस पूरे नेटवर्क का हिस्सा था जो परीक्षा से पहले ही सवाल और जवाब चुनिंदा छात्रों तक पहुंचा रहा था। सीबीआई की कार्रवाई के बाद इस मामले ने फिर से पूरे देश में हलचल मचा दी है, क्योंकि लाखों छात्र हर साल इस परीक्षा की तैयारी में सालों लगा देते हैं।

मोबाइल फोन से मिला लीक पेपर
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक रविवार को मोटेगांवकर के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इसी दौरान उसके निजी मोबाइल फोन से NEET-UG परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ। जांच एजेंसी का कहना है कि यह वही पेपर था जो 3 मई को आयोजित परीक्षा में आया था। सीबीआई का दावा है कि आरोपी को 23 अप्रैल को ही सवाल और उनके जवाब मिल गए थे। यानी परीक्षा से करीब 10 दिन पहले पेपर उसके पास पहुंच चुका था। अब एजेंसी मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही है ताकि डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर किया जा सके।

लाखों रुपये लेकर कराए जाते थे स्पेशल सेशन
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों से कई लाख रुपये लेकर खास सेशन आयोजित किए जाते थे। इन क्लासों में छात्रों को सवाल लिखवाए जाते थे और बाद में वही सवाल असली परीक्षा में आए। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि छात्रों ने अपने नोटबुक में जो सवाल लिखे थे, वे असली NEET पेपर से पूरी तरह मेल खाते थे। इससे शक और गहरा हो गया कि पेपर पहले ही लीक हो चुका था।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में इससे पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सीबीआई ने केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी और बायोलॉजी की शिक्षिका मनीषा मंडहरे को गिरफ्तार किया था। दोनों की पहचान मनीषा वाघमारे नाम की महिला के जरिए हुई थी, जो पहले से सीबीआई की हिरासत में है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर ऐसे छात्रों को ढूंढा जिन्हें पैसे लेकर परीक्षा से पहले सवाल उपलब्ध कराए जा सकें।

कोचिंग सेंटर पर घंटों चली पूछताछ
रविवार दोपहर सीबीआई की टीम ने लातूर के शिवनगर इलाके में मौजूद रेनुकाई करियर सेंटर में छापा मारा। इससे पहले शुक्रवार को भी अधिकारियों ने मोटेगांवकर से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी। अब एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और पेपर आखिर सबसे पहले कहां से बाहर आया।

23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा
NEET-UG देश की सबसे अहम मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में गिनी जाती है। इस बार परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। करीब 23 लाख छात्रों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA के मुताबिक 7 मई की शाम को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद अगले ही दिन यह मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी है। कई छात्रों का कहना है कि वे महीनों और सालों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं मेहनती छात्रों के भरोसे को तोड़ देती हैं। अब सबकी नजर सीबीआई जांच पर टिकी है कि आखिर इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग थे।

Stock Market: IT शेयरों के समर्थन से सेंसेक्स एवं निफ्टी हरे निशान पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed: शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 77.05 अंक यानी 0.10% तेजी के साथ 75,315.04 अंक पर एवं निफ्टी 6.45 अंक यानी 0.03% की मामूली तेजी के साथ 23,649.95 पर लगभग फ्लैट बंद हुआ।

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल में तेजी से आज घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट आई। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक गिर गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 300 अंक से अधिक गिर गया।

लेकिन आईटी शेयरों में तेजी से मामला बदल गया। आखिरकार सेंसेक्स 77.05 अंक यानी 0.10% तेजी के साथ 75,315.04 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 6.45 अंक यानी 0.03% की मामूली तेजी के साथ 23,649.95 अंक पर लगभग फ्लैट बंद हुआ।

सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। टेक महिंद्रा में सबसे ज्यादा 4.97 फीसदी तेजी आई। इसके अलावा इन्फोसिस, भारत एयरटेल, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, एचसीएल टेक और टीसीएस में भी अच्छी तेजी रही। दूसरी ओर टाटा स्टील में सबसे ज्यादा 3.09 फीसदी गिरावट आई। पावरग्रिड, एसबीआई, एनटीपीसी, मारुति, ट्रेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट रही।

दिग्गज शेयरों के साथ-साथ छोटे और मझोले शेयरों (ब्रॉडर मार्केट) पर भी दबाव साफ नजर आया। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.21 फीसदी से लेकर 1.49 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी मामूली कमजोरी के साथ बंद हुए।

सेक्टरों की बात करें तो जहां IT सेक्टर सबसे ज्यादा फायदे में रहा, वहीं मीडिया, PSU बैंक, ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग सेक्टर के प्रमुख इंडेक्स निफ्टी बैंक में 0.32 फीसदी की गिरावट रही, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज लगभग बिना किसी बदलाव के सपाट बंद हुआ।