Wednesday, July 8, 2026
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भारतीय हैल्थकेयर के लिए समर्पित हैल्थकेयर ब्लॉकचेन

कोट। डिक्लीनिक पहली हैल्थकेयर कंपनी है जो समर्पित पब्लिक हैल्थकेयर ब्लॉकचेन (PHB) पर वाइटेलिटी क्लीनिकों का परिचालन करेगी। भारतीय स्वास्थ्य उद्योग लंबे समय से अनेक चुनौतियों से जूझता आ रहा है। पुनर्वास केन्द्रों की कमी, स्वास्थ्य संसाधनों की अपर्याप्तता, मानक से कम स्तर का रोगी अनुभव – ये ऐसी कुछ चुनौतियां हैं जिनका सामना भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली कर रही है और इस विषय पर दुनिया की सभी सरकारें ऐसी ही चुनौतियों का सामना कर रही हैं।

डिक्लीनिक के पब्लिक हैल्थकेयर ब्लॉकचेन पर उपभोक्ता और उनकी केयर टीम प्रोवाइडर के बीच क्लीनिकल सूचनाओं की निर्बाध, रियल टाइम शेयरिंग तथा भारत सरकार द्वारा तय किए गए मानकों, कन्सेंट मॉडल व इलेक्ट्रॉनिक हैल्थ रिकॉर्ड (EHR) नीतियों के कड़े अनुपालन से उपभोक्ताओं का डायग्नोसिस तीव्र, प्रभावी, लक्षित व ज्यादा सटीक होगा और इस प्रकार ज्यादा असरदार इलाज मुमकिन हो पाएगा।

PHP से प्रदाताओं की निवारक देखभाल की काबिलियत बढ़ जाएगी, और इस प्रकार सेवा देने की लागत कम पड़ेगी और रोगी के समग्र अनुभव में सुधार होगा। इसके अलावा च्भ्ठ उन रोगियों के लिए पुरस्कार सुगम कर सकती है जो वाइटेलिटी प्लान में भागीदारी करें व उस पर टिकें रहें।

राहत: नए केबल टीवी टैरिफ सिस्टम में बदलाव कर सकता है ट्राई

नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) जल्द नए केबल टीवी टैरिफ सिस्टम की खामियों को ठीक करने के लिए बदलाव कर सकता है। ट्राई चीफ आर एस शर्मा का कहना है कि रेग्युलेटर पर्याप्त डाटा जुटाए बगैर चीजों को ठीक करने से परहेज करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नई व्यवस्था से बदलाव का नया दौर शुरू हुआ है और पारदर्शित बढ़ी है।

उन्होंने कहा अब ग्राहक कई ऑपरेटरों में से अपनी पसंद का कोई भी ऑपरेटर चुन सकते हैं। lendennews-ee4f51.ingress-erytho.ewp.live को दिए इंटरव्यू में शर्मा ने कहा, ‘जब भी कोई नई चीज आती है तो वह कुछ क्षेत्रों में उम्मीद के अनुसार काम नहीं कर पाती है। कुछ क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश भी रहती है।’ शर्मा ने आगे कहा, ‘चीजों को ठीक कर उन्हें बेहतर करने का रास्ता हमेशा रहता है। हालांकि हम अभी जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहते हैं।’

गड़बड़ियां ठीक करने के लिए डाटा की भी जरूरत पड़ेगी- शर्मा
उन्होंने कहा, ‘हम यह देख रहे हैं कि टैरिफ सिस्टम को लागू करने में कोई कमी तो नहीं रह गई ताकि उसमें सुधार किया जाए। गड़बड़ियां ठीक करने के लिए डाटा की भी जरूरत पड़ेगी। हम एआरपीयू और मुकदमों की संख्या जैसी चीजों के आधार पर फैसला नहीं करेंगे। हम इस मामले को सावधानी से देखने के साथ डाटा भी जुटा रहे हैं।’

गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में ट्राई नया केबल प्राइस रिजीम लेकर आया था। इसमें उपभोक्ताओं को केवल उन्हीं चैनलों के लिए भुगतान करने की छूट थी, जिसे वह देखना चाहते हैं। रेग्यूलेटर ने इस साल एक फरवरी से नए नियमों को लागू कर दिया था। अब चैनलों के समूह के हिस्से वाले किसी भी चैनल की कीमत 19 रुपए से ज्यादा नहीं हो सकती।

RBI के डेप्युटी गवर्नर विरल आचार्य ने अचानक छोड़ा पद

नई दिल्ली।आचार्य 90 के दशक में आर्थिक उदारीकरण के बाद से केंद्रीय बैंक के सबसे कम उम्र के डेप्युटी गवर्नर थे। उन्होंने 23 जनवरी, 2017 को आरबीआई जॉइन किया था और पिछले वर्ष 26 अक्टूबर को आरबीआई की स्वायत्तता बरकरार रखने की जरूरत को लेकर बयान दिया था। पता चला है कि आचार्य न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में पढ़ाने के लिए जाएंगे। उनका परिवार भी न्यू यॉर्क में ही रहता है।

गौरतलब है कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के अचानक पद छोड़ने के वक्त से ही आचार्य थोड़े असहज महसूस कर रहे थे। फाइनैंशल सिस्टम्स पर उनका अकादमिक नजरिया बाकियों से अलग होता था।

यही वजह है कि विरल आचार्य ने पिछले दो बार से मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान आर्थिक विकास और महंगाई, दोनों मुद्दों पर उनकी अलग राय आई। हालिया मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास और डेप्युटी गवर्नर विरल आचार्य के बीच वित्तीय घाटा और इसका सही-सही आकलन के मुद्दे पर असहमति दिखी।

बहरहाल, आरबीआई के वरिष्ठतम डेप्युटी गवर्नर एन. विश्वनाथन का कार्यकाल खत्म होने वाला है। लेकिन, विरल आचार्य के अचानक पद छोड़ने के कारण विश्वनाथन का कार्यकाल बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, दिल्ली में पेट्रोल 70.05 रुपए लीटर

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दाम सोमवार को लगातार दूसरे दिन बढ़ गए। दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल सात पैसे जबकि चेन्नई में आठ पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। वहीं, डीजल के भाव भी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में छह पैसे जबकि चेन्नई में सात पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में नई वृद्धि के बाद पेट्रोल का दाम फिर 70 रुपये लीटर से ऊंचा हो गया है और डीजल भी 64 रुपये प्रति लीटर के करीब चला गया है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम बढ़कर क्रमश: क्रमश: 70.05 रुपये, 72.31 रुपये, 75.75 रुपये और 72.77 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। चारों महानगरों में डीजल के दाम बढ़कर 63.90 रुपये, 65.82 रुपये, 66.99 रुपये और 67.59 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।

दो दिनों में पेट्रोल की कीमतों में 12 से 13 पैसे की बढोतरी
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले दिनों कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर वृद्धि होने लगी है। दो दिनों में दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल और के दाम में 12 पैसे जबकि चेन्नई में 13 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी रहने से भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली थी। इससे पहले 30 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम में गिरावट का सिलसिला शुरू होने के साथ देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 1.93 रुपये लीटर सस्ता हो गया था और डीजल का दाम भी 2.91 रुपये प्रति लीटर घट गया था।

हरे निशान में खुले शेयर बाजार, सेंसेक्स 19 अंक मजबूत

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर मिलेजुले संकेतों के बीच निवेशकों बनी सकारात्मक धारणा के बल पर भारतीय शेयर बाजार की कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को हरे निशान में शुरुआत हुई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 50 अंकों की बढ़त के साथ 39244 अंकों पर खुला।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 11 अंकों की तेजी के साथ 11,735 अंकों पर खुला। सुबह 9.42 बजे सेंसेक्स 19 अंकों की तेजी के साथ 39,214 अंकों पर और निफ्टी 15 अंकों की तेजी के साथ 11,739 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में सुजलॉन, जेएंडके बैंक, लक्ष्मी विलास, वक्रांगी, एचडीआईएल में तेजी का माहौल है। निफ्टी में हिंडाल्को, इंड्सइंड बैंक, यूपीएल, एलएंडटी, ब्रिटानिया में तेजी का माहौल है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में हेक्सावेयर, इमामी लिमिटेड, आरकॉम, मदरसम इंडस्ट्रीज, गुजरात गैस में मंदी का माहौल है। निफ्टी में बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, डॉ. रेड्डीज लैब, टेक महिंद्रा, बीपीसीएल में मंदी का माहौल है।

कृति सैनन ने किया ‘अर्जुन पटियाला’ के ट्रेलर का सेलिब्रेशन

बॉलिवुड की हॉट ऐक्‍ट्रेसेस में से एक कृति सैनन की आने वाली फिल्‍म ‘अर्जुन पटियाला’ का हाल ही में ट्रेलर रिलीज हुआ है। इसे फैन्‍स ने काफी लाइक किया है। साथ ही फिल्‍म के ब्लॉकबस्टर होने के कॉमेंट्स भी किए हैं। फिल्‍म की टीम भी ट्रेलर की इस सक्‍सेस से काफी खुश है और इसे सेलिब्रेट भी कर रही है। हाल ही में इस खुशी को शेयर करने की एक फोटो भी शेयर हुआ है। इसमें टीम काफी खुशी नजर आ रही है।

बता दें कि फिल्‍म ‘अर्जुन पटियाला’ का ट्रेलर बिल्‍कुल ही फिल्‍मी स्‍टाइल में रिलीज किया गया है। वहीं इसका ट्रेलर देखते ही यह भी समझ आ जाता है कि फिल्‍म के अंदर ही एक और फिल्‍म चल रही है। फिल्‍म में ऐक्‍ट्रेस कृति सैनन के अलावा दिलजीत दोसांझ और वरुण शर्मा नजर आएंगे।

यह फिल्‍म 26 जुलाई 2019 को रिलीज होगी। बता दें कि इसी दिन कंगना रनौत की फिल्‍म ‘मेंटल हो क्‍या’ भी रिलीज हो रही है। ऐसे में देखना दिलचस्‍प होगा कि इस धमाकेदार ट्रेलर वाली इस फिल्‍म ‘अर्जुन पटियाला’ को कैसी ओपनिंग मिलती है?

दिशा पाटनी ने अब डांस से जीता फैन्‍स का दिल, विडियो

फिल्‍म इंडस्‍ट्री में काफी कम वक्‍त में अपनी पहचान बनाने वाली ऐक्‍ट्रेस दिशा पाटनी अक्‍सर ही सोशल साइट्स पर अपनी तस्‍वीरें और विडियोज शेयर करती ही रहती हैं। हाल ही में उन्‍होंने एक डांस विडियो शेयर किया है। इसमें वह काफी स्‍टाइलिश तो दिख ही रही हैं। साथ ही उनके मूव्‍स भी शानदार नजर आ रहे हैं।

बता दें कि दिशा पाटनी ने हाल ही में एक डांस विडियो शेयर किया है। जिसे अब तक लाखों फैन्‍स लाइक कर चुके हैं। इसमें उन्‍होंने अपनी कोरियॉग्रफर के साथ डांस करती नजर आ रही हैं। फैन्‍स ने भी उनके इस विडियो पर किलर डांस का कॉमेंट किया है।

बता दें कि दिशा अपने काम को लेकर काफी पैशनेट हैं। अभी हाल ही में फिल्‍म ‘मलंग’ की शूटिंग के दौरान उन्‍हें चोट लग गई थी। लेकिन वैनिटी वैन में इंजेक्‍शन लगने के बाद जैसे ही उन्‍हें राहत मिली उन्‍होंने दोबारा शूटिंग शुरू कर दी थी।

दिशा की फिल्‍म ‘मलंग’ में उनके अलावा आदित्‍य रॉय कपूर और अनिल कपूर भी शामिल हैं। यह फिल्‍म साल 2020 में 14 फरवरी को रिलीज होगी।

थर्ड पार्टी बीमा के साथ ओन डैमेज’ बीमा खरीदना अब जरूरी नहीं

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नई दिल्ली। आगामी एक सितंबर से साधारण बीमा कंपनियां वाहनों को भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तोड़फोड़ और दंगे जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान के लिए अलग से बीमा कवर उपलब्ध कराएंगी। इस संबंध में बीमा क्षेत्र के नियामक इरडा ने एक नया सर्कुलर जारी किया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद ‘ओन डैमेज’ कवर वाली पॉलिसी खरीदना वैकल्पिक हो जाएगा यानी वाहन मालिकों को थर्ड पार्टी एवं ‘ओन डैमेज’ बीमा अनिवार्य रूप से एक साथ नहीं खरीदनी पड़ेगी।

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के सकुर्लर के मुताबिक, बीमा कंपनियों को एक सितंबर, 2019 से नई और पुरानी कारों एवं दोपहिया वाहनों के लिए सालाना ‘ओन डैमेज’ कवर वाली पॉलिसी पेश करनी होगी। इसमें बीमाधारक के कहने पर आग और चोरी के नुकसान को भी कवर किया जा सकता है।

इरडा के मुताबिक, बीमा कंपनियां अलग-अलग ‘ओन डैमेज’ और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के अलावा इनके एक साथ पैकेज भी उपलब्ध करा सकेंगी। हालांकि, कंपनियों को लंबी अवधि के लिए ‘ओन डैमेज’ कवर वाली पॉलिसी लाने की अनुमति नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद इरडा ने अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए यह जानकारी दी है।

नई कंपनी से भी खरीद सकेंगे बीमा
इरडा के अनुसार, वाहन मालिक एक सितंबर या इसके बाद समाप्त हो रही बीमा के लिए ‘ओन डैमेज’ का सालाना नवीनीकरण अपनी मौजदा या नई बीमा कंपनी से करा सकेंगे। लेकिन इसके लिए एक शर्त रखी गई है। बीमा कंपनियां किसी वाहन का ‘ओन डैमेज’ बीमा तभी कर सकेंगी, जब उसका थर्ड पार्टी इंश्योरेंस या तो पहले से हो या फिर ‘ओन डैमेज’ के साथ खरीदा जा रहा हो। अकेले ‘ओन डैमेज’ बीमा खरीदने पर उसकी कीमत वही रहेगी, जो थर्ड पार्टी के साथ पैकेज ऑफर में ‘ओन डैमेज’ बीमा की होगी।

मिल गया जरूरी स्पष्टीकरण
बजाज अलियांज इंश्योरेंस के कंपनी सेक्रेटरी एवं अनुपालन अधिकारी ओंकार कोठारी का कहना है कि इरडा के इस आदेश से ‘ओन डैमेज’ बीमा की शर्तों, कीमत और अवधि को लेकर जरूरी स्पष्टीकरण मिल गया है। बीमा कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे ‘ओन डैमेज’ बीमा तभी दें, जब वाहन के लिए पहले से थर्ड पार्टी बीमा लिया गया हो या फिर ओन डैमेज के साथ खरीदी जा रही हो। इसके अलावा कंपनियों को थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के विवरण का भी उल्लेख करना होगा।

क्या होता है ओन डैमेज बीमा
ओन डैमेज बीमा के तहत वाहन के भूकंप एवं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तोड़फोड़, आगजनी और दंगे जैसी घटनाओं में क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वाहन मालिक को बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा वाहन के चोरी होने पर भी वाहन मालिक को इसके तहत सुरक्षा मिलती है।

WhatsApp पर अब मैसेज कर सकेंगे Save, जानिए कैसे

नई दिल्ली । WhatsApp पर अब तक अगर आपको किसी मैसेज को सेव करना होता था तो उसका स्क्रीनशॉट लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। लेकिन, अब ऐसा नहीं करना पड़ेगा। फेसबुक के मालिकानी हक वाली मोबाइल मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स के लिए एक नया अपडेट जारी किया है। इस अपडेट के बाद अब यूजर्स को मैसेज सेव करने के लिए स्क्रीनशॉट नहीं लेना होगा।

इसका एक तरीका और है जिसके जरिए आप बिना स्क्रीनशॉट लिए किसी के मैसेज को सेव कर सकते हैं। इस फीचर के जरिए यूजर्स ग्रुप चैट या प्राइवेट चैट से मेसेज को बुकमार्क कर सकते हैं। इस फीचर को एंड्रॉइड, iOS और विंडोज यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है।

एंड्रॉइड यूजर्स इस तरह कर सकते हैं मैसेज सेव:

  • सबसे पहले आपको WhatsApp ओपन करना होगा।
  • इसके बाद जिस चैट को आप सेव करना चाहते हैं उस पर जाएं।
  • अब उस मैसेज को सेलेक्ट करे जिसे आप बुकमार्क करना चाहते हैं। इसके लिए आपको मैसेज को टैप कर होल्ड करना होगा।
  • आपकी स्क्रीन पर ऊपर की तरफ के स्टार आइकन दिखाई देगा। इस पर टैप कर दें।
  • इससे आपका मैसेज स्टार मार्क यानी बुकमार्क हो जाएगा।

iOS यूजर्स इस तरह कर सकते हैं मैसेज सेव:

  • सबसे पहले WhatsApp पर जाएं। इसके बाद जिस चैट को आप सेव करना चाहते हैं उसे ओपन करें।
  • अब मैसेज को टैप कर होल्ड करें और स्टार आइकन पर क्लिक करें।
  • इससे आपका मैसेज सेव हो जाएगा।

राजस्थान सरकार आर्थिक संकट में : बाजार से 27 हजार करोड़ ले सकेगी उधार

जयपुर। चौतराफा आर्थिक परेशानियों से घिरी सरकार को बजट से पहले केंद्र सरकार ने कुछ राहत दे दी है। सरकार अब 7.5 हजार करोड़ रुपए की बजाय 27 हजार करोड़ रुपए उधार ले सकेगी। अब 3 माह की सीमा को केंद्र ने बढ़ाकर एक साथ 9 माह का उधार एक साथ लेने की राहत दे दी है। के लिए उधार सीमा में ले सकेगी। राज्य सरकार अब बाजार से पहले से ज्यादा उधार ले सकेगी।

राज्य सरकार अपने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए विश्व बैंक, एडीबी, आरबीआई सहित कई एजेंसियों से लोन लेती है। इसकी गारंटर केंद्र सरकार होती है। इसलिए एक साल में राज्य सरकार कितना लोन ले सकती है इसका निर्धारण भी केंद्र सरकार करती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार यह भी तय करती है कि उधार लेने की सालाना सीमा में राज्य सरकार एक बार में अधिकतम कितनी रकम उधार ले सकती है।

साल 2016 में वित्त मंत्रालय ने यह व्यवस्था दी थी कि राज्य सरकार अपनी उधार लेने की सालाना सीमा में से 9 माह जितनी राशि एक मुश्त उधार ले सकती है। लेकिन हाल में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान 5 अप्रैल को वित्त मंत्रालय ने एक नया परिपत्र जारी कर इस व्यवस्था को बदल दिया। इसमें राज्य सरकार को अपनी उधार लेने की सालाना सीमा में से 3 माह जितनी राशि एक मुश्त उधार लेने की ही मंजूरी दी गई।

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा ये है कि अब 3 माह की सीमा को केंद्र ने बढ़ाकर एक साथ 9 माह का उधार एक साथ लेने की राहत दे दी है। उधार लेने की सीमा घटाने का सबसे पहला असर पिछले दिनों मणिपुर पर आया। ओवर ड्राफ्ट लिमिट पूरी होने के बार रिजर्व बैंक ने मणिपुर वेतन बिलों और चेक भुगतान पर रोक लगा दी।

बाजार से उधार लेने की उसकी क्षमता वित्त मंत्रालय के फैसले के बाद काफी घट गई थी। इसके चलते उसे आरबीआई से ओवर ड्राफ्ट लेना पड़ा। ओवर ड्राफ्ट के बाद भी खर्च पूरे नहीं हो पाए। इसके बाद आरबीआई ने भुगतान पर रोक लगा दी।

ऐसे तय होती है सीमा
राज्य सरकार की उधार लेने की सीमा दो तरह से निर्धारित होती है। एक तो वह अपनी जीडीपी के 3 प्रतिशत के बराबर बाजार से नया उधार ले सकती है। दूसरा उसके सालाना रिपेमेंट्स जो उसे चुकाने हैं उस रकम को भी इसमें जोड़ा जाता है।

रिपेमेंट्स को हटाकर राज्य सरकार साल में कुल 36 हजार करोड़ रुपए बाजार से उधार ले सकती है। इन 36 हजार करोड़ में से भी 30 हजार करोड़ रुपए नेट बोरोइंग होती है। वित्त मंत्रालय के फैसले के बाद राज्य सरकार अपनी नेट बोरोइंग पर ही तीन महीने तक का उधार ले सकती थी जो की करीब 7 हजार 495 करोड़ रुपए होती है । अब वह 36 हजार करोड़ रुपए की मार्केट बोराइंग लिमिट में से एक मुश्त 27 हजार करोड़ रुपए उधार ले सकेगी।