Saturday, July 4, 2026
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जितना रिचार्ज उतनी मिलेगी बिजली सप्लाई, बदलेगा आपका मीटर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार का देश भर में 30 करोड़ स्मार्टमीटर लगाने का प्लान है। दरअसल सरकार बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से तीन साल में देश के घर-घर में मीटर बदलने की योजना पर काम कर रही है। इस मीटर की खासियत यह होगी कि इन्हें पहले रिचार्ज कराना होगा। इससे जहां बिजली की चोरी की बंद हो जाएगी और ईमानदार लोगों को 24 घंटे बिजली की सप्लाई भी सुनिश्चित होगी।

कॉस्ट पर सब्सिडी दे सकती है सरकार
एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए बिजली मंत्रालय ने स्मार्ट मीटर की सप्लाई के लिए मैन्युफैक्चरर्स के साथ चर्चा करनी शुरू कर दी है, जिससे निगरानी में सुधार होगा। इस योजना के मुताबिक सरकार मीटर की कॉस्ट पर सब्सिडी देने की योजना भी बना रही है।

2 हजार रु हो सकती है कीमत
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, सरकार स्मार्टमीटर पर 2,000 रुपए (29 डॉलर) प्रति पीस कॉस्ट आएगी। इससे पहले 2017 में दिए गए 50 लाख मीटर के ऑर्डर पर प्रति पीस 2,503 रुपए कॉस्ट आई थी। हालांकि इस बार बड़ा ऑर्डर होने के कारण कॉस्ट कम आने की उम्मीद है। हालांकि बिजली मंत्रालय से इस पर कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी है।

डिस्कॉम्स के बदलेंगे दिन
बिजली मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, सभी मीटर को प्री-पेड कर देने से बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की लागत काफी कम हो जाएगी और डिस्कॉम आसानी से घाटे से उबर जाएंगी। अभी देश के कई राज्यों की डिस्कॉम भारी घाटे में चल रही है। इस कारण डिस्कॉम के पास बिजली खरीदने के लिए पैसे नहीं होते हैं।

बिना लाइसेंस कर सकेंगे कारोबार, सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट

नई दिल्ली। इजी ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाने के लिए सरकार जल्द किसी भी कारोबार को शुरू करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को समाप्त कर सकती है। इसके लिए डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (जीपीआईआईटी) ने एक कैबिनेट नोट तैयार किया है। इस नोट को अंतर मंत्रालयी सुझाव के लिए भेजा गया है।

लाइसेंस व्यवस्था को खत्म करके सरकार भारत को विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रैंकिंग में विश्व में टॉप 50 में ले जाना चाहती है। कैबिनेट नोट के अनुसार, मंत्रालय और विभाग यह बताएंगे कि कहां पर लाइसेंसिंग व्यवस्था को खत्म किया जा सकता है और इसके एक आसान प्रक्रिया में बदला जा सकता है। नोट में सुझाव दिया गया है कि जहां पर लाइसेंसिंग व्यवस्था को समाप्त नहीं किया जा सकता है वहां पर रिन्यूअल का प्रावधान किया जाए। साथ ही विभाग को नवीनीकरण की प्रक्रिया को सही कारणों के साथ आसान करने के लिए भी कहा जा सकता है।

समस्याओं के समाधान के लिए तय होगा समय
कैबिनेट नोट में कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समय तय करने का सुझाव दिया गया है। नोट में कहा गया है कि स्टार्टअप के लिए महीने में एक बार आधा घंटे का समय समस्याओं के समाधान के लिए तय किया जा सकता है। इसी कारोबार के निरीक्षण की सीमा भी तय करने की बात कही गई है। साथ ही पहली बार कानून का उल्लंघन करने वालों को केवल सलाह जारी करने की सिफारिश की गई है।

इजी ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत 77वें स्थान पर
विश्व बैंक की ओर से हर साल वैश्विक स्तर पर इजी ऑफ डूइंग बिजनेस पर एक रैंकिंग जारी की जाती है। पिछले पांच सालों से 190 देशों की रैंकिंग जारी की जा रही है। 2018 में भारत इसमें 77वीं रैंकिंग पर था। इससे पहले 2017 में भारत 100वें स्थान पर था। विश्व बैंक यह रैंकिंग कारोबार शुरू करने, निर्माण परमिट, बिजली की सुविधा प्राप्त करना, कर्ज प्राप्त करना, करों का भुगतान, सीमापार व्यापार, अनुबंधों को लागू करना और दिवाला प्रक्रिया निपटान आदि के आधार पर करता है।

तत्काल रेल टिकट के धंधे में लगी 1.25 लाख फर्जी आईडी पकड़ी

नई दिल्ली। देश में फेस्टिवल, समर वेकेशन और हॉलीडे में रेल टिकट की डिमांड बढ़ जाती है। साथ ही इस दौरान टिकट रिजर्वेशन में धांधली भी बढ़ जाती है। ऐसे आईआरसीटीसी (IRCTC) ने इस फर्जीवाड़े को दूर रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। रेलवे के मुताबिक 1 अप्रैल 2018 से 31 मई 2019 के दौरान करीब 1.26 लाख फर्जी यूजर आईडी को डिएक्टिवेट किया गया है।

तत्काल टिकट बुकिंग के लिए उठाए गए कदम
रेलवे ने एक यूजर केवल एक आईआरसीटीसी आईडी बनाने का नियम तय किया। इसके लिए उसे अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी देना होता है।

एक यूजर एक माह में 6 से ज्यादा रेलवे टिकट नहीं बुक कर सकता है। हालांकि इस लिमिट को बढ़ाकर एक माह में 12 किया जा सकता है। इसके लिए आईआरसीटीसी यूजर आईडी को आधार नंबर से वेरिफाई करना होगा। आईआरसीटीसी की ओर से रोजाना एक यूजर आईडी से बुक किए जाने वाले टिकट की चेकिंग होती है और उन आईडी को डिएक्टिवेट किया जाता है, फर्जी टिकट बुकिंग के धंधे में लगी हुई हैं।

रोजाना तौर पर चंद मिनटों में फर्जी तरीके से तत्काल टिकट बुक किए जाते हैं। सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक एक यूजर लॉग-इन एक बुकिंग की जा सकती है। ई-टिकट बुकिंग के दौरान पैसेंजर डिटेल और कैप्चा दर्ज करने के लिए एक निश्चित वक्त दिया जाता है।

अब मजदूर नहीं, नीट में सफल जोधाराम बनेगा डॉक्टर

कोटा। राजस्थान के बाड़मेर में गुढ़ामालानी तहसील के डेडावास गांव निवासी जोधाराम पटेल ने हालातों के आगे बेबस होकर मजदूरी के लिए मुम्बई जाने का मन बनाया, लेकिन जब शिक्षकों ने प्रेरित किया तो नीट की परीक्षा दी। चार बार असफलता के बाद पांचवें प्रयास में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में सफलता हासिल की।

बड़ी बात यह कि पांचवे प्रयास से पहले जोधाराम को कॅरियर सिटी कोटा और एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का साथ मिला और नीट में ऑल इंडिया 3886 एवं ओबीसी कैटेगिरी में 1209 रैंक प्राप्त की है। जोधाराम के गांव डेडावास में करीब 400 घर हैं और वो अपने गांव का पहला युवा है जो डॉक्टर बनने जा रहा है।

जोधाराम का कहना है कि हमारे गांव और आस-पास के इलाकों के अधिकतर युवा 10वीं तक पढ़ने के बाद मजदूरी करने अन्य राज्यों में चले जाते हैं। उनमें जागरूकता का अभाव भी है। एमबीबीएस करने के बाद गांव के युवाओं का पलायन रोकना चाहता हूं। निर्धन परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों की हरसंभव मदद करने का प्रयास करूंगा ताकि वे भी अपना भविष्य उज्जवल बना सकें।

निरक्षर माता-पिता हैं नरेगा मजदूर
जोधाराम का परिवार आर्थिक दृष्टि से कमजोर है। घर में करीब 6 बीघा जमीन है लेकिन, सूखाग्रस्त इलाका होने के कारण ज्यादा फसल नहीं हो पाती। कभी-कभी जीरा या बाजरा की फसल होती है लेकिन उससे पेट भरने जितना इंतजाम हो पाता है। जोधाराम के दो बहिनें एवं एक बड़ा भाई है। भाई पढ़ाई में होशियार था लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण 8वीं के आगे नहीं पढ़ सका।

पिता नरिगाराम एवं मां सुगनी देवी दोनों निरक्षर है और नरेगा में मजदूरी कर जैसे-तैसे बच्चों का पेट पाल रहे है। घर भी कच्चा बना हुआ है। पढ़ाई में होनहार जोधाराम ने 10वीं 64 प्रतिशत अंक से सरकारी विद्यालय से उत्तीर्ण की। घर की आर्थिक स्थिति देखते हुए मुम्बई जाकर मजदूरी करने का निर्णय लिया। ऐसे में उसके मामा आगे आए और उन्होने मदद कर जोधाराम को 12वीं तक पढ़ाया-लिखाया।

असफलता से सफलता तक
जोधाराम ने नीट परीक्षा में चयनित होने के लिए मन लगाकर पढ़ाई की लेकिन, उसे लगातार चार बार असफलता मिली। सफलता प्राप्त करना मानो उसका जुनून बन गया था। 12वीं कक्षा उत्त्तीर्ण करने के बाद जोधाराम ने एक वर्ष जोधपुर रहकर नीट की तैयारी की लेकिन असफलता मिली। पहली बार में उसकी रैंक डेढ़ लाख तक आई।

फिर उसने घर पर रहकर तैयारी की लेकिन असफलता हाथ लगी। इस बार 35 हजार रैक आई। तीसरे साल 17500 एवं चौथे साल में 12000 के आस-पास रैंक प्राप्त की। जोधाराम के इन मजबूत इरादों और लगातार परिणामों में आ रहे सुधार को देखकर उसके मामा ने मदद का हाथ बढ़ाया और उसे पढ़ने के लिए कोटा भेजा। यहां एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट पहुंचे और अपनी बात रखी, जोधाराम की प्रतिभा और परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए एलन द्वारा फीस में रियायत दी गई।

कोटा मंडी : लिवाली के अभाव में चना 50 और उड़द 100 रुपये लुढ़का

कोटा । भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लिवाली के अभाव में चना 50 रुपये और उड़द 100 रुपये क्विंटल लुढ़क गया। धनिया की 1200 बोरी की आवक हुई और भाव स्थिर रहा। लहसुन की आवक 5000 की कट्टे की रही। मंडी में सभी जिंसों की आवक घटकर 25000 बोरी की रह गई ।

गेहूं लस्टर 1700 से 1780 गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1821 एवरेज 1850 से 1865 लोकवान 1820 से 1900 पीडी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1850 से 1900 मक्का 1900 से 2350 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 3000 पूसा 1 2500 से 3001 पूसा 4 (1121) 3600 से 4000 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3405 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3400 से 3741 सोयाबीन बीज क्वालिटी 3800 सरसों 3400 से 3601अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4200 कलौजी 8500 से 10000 धनिया बादामी 5500 से 6100 ईगल 6000 से 6401 रंगदार 6500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 1800 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 5100 से 5700 उड़द 2000 से 4150 चना 3600 से 4000 चना कांटिया 3850 चना काबुली 3500 से 4500 चना पेप्सी 3800 से 4050 चना मौसमी 3000 से 4050 मसूर 3800 से 4550 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर किराना : चना बेसन महंगा, साबूदाना में ग्राहकी निकली

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को चना बेसन के भाव 25 रुपये प्रति 50 किलोग्राम की तेजी रही। खोपरा गोला, साबूदाना में ग्राहकी बढ़ी रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को छह गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल। शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला 168 से 190 रुपये प्रति किलोग्राम। खोपरा बूरा 2050 से 3600 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 90 से 105, पिसी 130 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1140 से 1150, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 3000 से 3025 एवं बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर तेल बाजार : कपास्या तेल एवं सोयाबीन रिफाइंड तेल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव में दो रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी दर्ज की गई। कपास्या तेल पांच रुपये प्रति 10 किलोग्राम सस्ता बिका। तिलहन में सरसों के भाव 50 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए। रायडा 50 रुपये प्रति क्विंटल महंगा बिका।

तिलहन सरसों 3550 से 3600 रायडा 3400 से 3450 सोयाबीन 3600 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूंगफली तेल इंदौर 1130 से 1150, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 751 से 753 सोयाबीन साल्वेंट 715 से 720, पाम तेल 630 से 632 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1835, बुरहानपुर 1835, अकोला 2825 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 725 से 730, महाराष्ट्र 720 से 725, तथा गुजरात 745 से 748 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

इंदौर मंडी : चना दाल और तुअर दाल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को चना कांटा 50 रुपये, मसूर 25 रुपये, मूंग 100 रुपये, तुअर (अरहर) 50 रुपये और उड़द के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुई। चना दाल 50 रुपये एवं तुअर दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी। उपलब्धता कमी से मक्का में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। इंदौर पहुंच पीली मक्का 2250 रुपये बिकी। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को 2500 बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4050 से 4100, चना (देसी) 3950 से 4000, डबल डॉलर 4500 से 4700, मसूर 4100 से 4125, हल्की 3700 से 3800, बटला (मटर) 4100 से 4150, मूंग 5100 से 5350, हल्की 4500 से 4900, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5200, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5650 से 5700, उड़द 4900 से 5000, हल्की 3500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6900 से 7100, तुअर दाल फूल 7300 से 7500, तुअर दाल बोल्ड 7700 से 7900, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400 चना दाल 5350 से 5550, आयातित चना दाल 5500 से 5200 मसूर दाल 5350 से 5450 मूंग दाल 7200 से 7400, मूंग मोगर 8000 से 8200 उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7400 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

ITR 1 में टैक्स डिपार्टमेंट ही भर देगा सैलरी, FD पर ब्याज और TDS की जानकारी

-सीए मिलिंद विजयवर्गीय
कोटा।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करदाओं के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करना ज्यादा-से-ज्यादा आसान बनाने की दिशा में नई पहल की है। अब आईटीआर फॉर्म 1 सैलरी, फिक्सिड डिपॉजिट (एफडी) से हुई आमदनी और टीडीएस डीटेल्स भरे हुए मिलेंगे। पहले लोगों को फॉर्म में खुद से ये जानकारियां डालनी होती थीं। हालांकि, पहले से ये डीटेल्स सिर्फ आईटीआर फॉर्म 1 में ही भरे जाएंगे।

ऑटो-फिल्ड डीटेल्स में बदलाव की छूट
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सॉफ्टवेयर अब फॉर्म 26एएस से ये जानकारियां जुटाने के लिए आपके पैन, आपके एंप्लॉयर की ओर से फाइल किए गए टीडीएस रिटर्न और पिछले वर्ष के आईटीआर का इस्तेमाल करेगा। फॉर्म में ये जानकारियां भले ही पहले से ही दी गई होंगी, लेकिन आप इसमें बदलाव कर सकते हैं। यानी, पहले से दिए आंकड़ों में कुछ गलतियां है तो आप उसे सुधार सकेंगे।

सिर्फ ITR- 1 फॉर्म में ही यह सुविधा
हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सुविधा सिर्फ आईटीआर फॉर्म 1 भरने योग्य टैक्सपेयर्स को ही मिलने वाली है जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर आईटीआर भरते हैं। अगर आप एक्सेल या जावा के जरिए आईटीआर 1 फॉर्म भरेंगे तो आपको खुद से ही ये आंकड़े भरने होंगे।

आईटीआर फॉर्म में निम्नलिखित डीटेल्स प्रीफिल्ड होंगे…
1. पैन डेटाबेस से पैन, नाम, जन्म तिथि
2. ई-फाइलिंग प्रोफाइल से पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी
3. फॉर्म 26AS से टैक्स पेमेंट, टीडीएस और टीसीएस डीटेल्स
4. पिछले वर्ष के आईटीआर से मकान का प्रकार (टाइप ऑफ हाउस प्रॉपर्टी)
5. फॉर्म 26AS से हाउस प्रॉपर्टी से इनकम
6. फॉर्म 26AS से ही टर्म डिपॉजिट (फिक्स्ड डिपॉजिट) पर ब्याज से हुई आमदनी
7. इनकम टैक्स रिफंड से सेक्शन 244A के तहत ब्याज से हुई आमदनी की जानकारी
8. फॉर्म 24Q के एनेक्सर II से सेक्शन 89 के तहत मिली टैक्स छूट
9. पिछले आईटीआर और ई-फाइलिंग पोर्टल से बैंक अकाउंट डीटेल

सिर्फ ITR- 1 फॉर्म में ही यह सुविधा
हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सुविधा सिर्फ आईटीआर फॉर्म 1 भरने योग्य टैक्सपेयर्स को ही मिलने वाली है जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर आईटीआर भरते हैं। अगर आप एक्सेल या जावा के जरिए आईटीआर 1 फॉर्म भरेंगे तो आपको खुद से ही ये आंकड़े भरने होंगे।

ऑटो-फिल्ड डीटेल्स का करना होगा मिलान
टैक्स फाइलिंग वेबसाइट टैक्स2विन.इन के सीईओ अभिषेक सोनी कहते हैं, ‘इनकम टैक्स वेबसाइट पर दी जा रही सूचना के मुताबिक अगर आप वेतनभोगी हैं और वेबसाइट के इस्तेमाल से ही आईटीआर फाइल कर रहे हैं तो कुछ डीटेल्स पिछले वर्ष के आईटीआर डेटा, फॉर्म 26एएस और फॉर्म 24क्यू से लेकर पहले से भरी (प्रीफल्ड) मिलेंगी। टैक्सपेयर को सुनिश्चित करना होगा कि सारी जानकारियां आय कर कानून के अनुरूप दी गई हों और आप खुद भी सही डीटेल्स दे रहे हों। किसी तरह की गलत जानकारी देने पर भविष्य में इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है।’

बदल गया है फॉर्म 16 का फॉर्मेट
टैक्स डिपार्टमेंट ने इस वर्ष ने फॉर्म 16 और 24क्यू (एंप्लॉयर द्वारा फाइल किया गया टीडीएस रिटर्न) के फॉर्मेट में बदलाव किया है। इसके अलावा, इस वर्ष आईटीआर- 1 फॉर्म का फॉर्मेट भी फॉर्म- 16 जैसा कर दिया गया है। इसलिए, इस वर्ष टैक्सपेयर को आईटीआर फाइल करते वक्त फॉर्म 16 से डीटेल्स कॉपी कर आईटीआर- 1 फॉर्म में चिपकाने भर होंगे।