Thursday, June 25, 2026
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राजस्थान पहुंचा मानसून, कोटा समेत सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

जयपुर। मानसून को लेकर अब प्रदेशवासियों का इंतेजार खत्म होने को है। क्योंकि मानसून ने राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गया है। अब किसी भी समय मानसून प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार मानसून गुजरात में द्वारका, अहमदाबाद, जबलपुर होते हुए झालावाड़ के रास्ते प्रदेशमें पहुँच गया है ।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिमी मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहने की संभावना है। वहीं पश्चिम बंगाल में भी कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके गहरा होने पर कोटा, बूंदी में अच्छी बारिश होने का अनुमान है।

सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कई स्थानों पर 30 से 40 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती है। शनिवार को सीकर, झुंझुनूं, अजमेर, अलवर, दौसा, कोटा, जयपुर, सिरोही, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, चितौडगढ़़, झालावाड़, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद, सवाई माधोपुर जिला प्रभावित होगा।

30 से दो जुलाई तक सीकर, झुंझुनूं, बूंदी, धौलपुर, करौली, टोंक, अलवर, अजमेर, अलवर, दौसा, कोटा, जयपुर, सिरोही, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, चितौडगढ़़, झालावाड़, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद, सवाई माधोपुर जिले के एक दो स्थानों पर तेज हवाएं चलेगी। इस दौरान मेघगर्जना व आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। 28 से दो जुलाई तक भीलवाड़ा, चितौडगढ़़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही व उदयपुर जिले में एक दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

ऐपल वॉच से खींच सकेंगे फोटो, बैंड में होगा कैमरा

नई दिल्ली।ऐपल अपने प्रॉडक्ट में हाई-एंड टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करने के लिए जानी-जाती है। अब ऐसा ही कुछ ऐपल वॉच के साथ होने जा रहा है। हाल ही में ऐपल द्वारा सबमिट किए गए एक पेटेंट से पता चला है कि कंपनी ऐसी घड़ी लाने की सोच रही है जिससे तस्वीरें भी ली जा सकेंगी।

वैसे तो ऐपल वॉच में कई सेंसर होते हैं लेकिन कैमरा एक भी नहीं। यही वजह है कि इस डिवाइस से शूट नहीं किया जा सकता, लेकिन ऐसा नहीं है कि कंपनी ने इस बारे में कभी सोचा नहीं। 9टु5मैक के मुताबिक, कंपनी ने एक पेटेंट कराया है, जिससे पता चलता है कि वॉच के बैंड पर कैमरा होगा। जी हां, यह कैमरा घड़ी के स्कॉयर डिस्प्ले पर नहीं, बल्कि बैंड पर लगा हो सकता है।

कैसे काम करेगा बैंड बेस्ड कैमरा
यह कैमरा घड़ी के बैंड के एक छोर पर फिट होगा, जिसके लिए ऐपल हिडन ऑप्टिकल केबल का इस्तेमाल करेगी। इसके जरिए फोटोग्राफ्ड डेटा को वापस वॉच में ट्रांसमिट किया जा सकेगा। बैंड में कैमरा होने की वजह से इसे यूजर्स ट्विस्ट करके आसानी से तस्वीरें ले सकेंगे।

फोटो लेने के लिए बैंड को खींच सकेंगे आप
ऐसा कहा जा रहा है कि इस सिस्टम में यूजर्स को एक ऑप्शन मिलेगा जिसमें वे घड़ी के स्ट्रैप्स को खींचकर तस्वीर ले सकेंगे। इतना ही नहीं, रिपोर्ट्स की मानें तो ऐपल अपनी वॉच में एक नहीं बल्कि दो कैमरे देने की सोच रही है।

ये कैमरे बैंड के ऑपोजिट ऑप्टिकल डायरेक्शन में होंगे जिससे 360 डिग्री विडियो और सेल्फी लेने में फ्लेक्सिबिलिटी रहेगी।अगर वाकई ऐपल ऐसा करता है, तो ऐपल वॉच को आईफोन का एक स्मॉल रिप्लेसमेंट भी कहा जा सकता है। इस डिवाइस में पहले से ही जीपीएस और सेल्युलर कनेक्टिविटी मौजूद है। हालांकि, अब तक यह सिर्फ एक पेटेंट है कंपनी इसे इसपर काम करेगी ही, ऐसा जरूरी नहीं है।

100 करोड़ से ज्यादा के फर्जी बिल पर 19 करोड़ की GST चोरी पकड़ी

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सिवनी । मध्यप्रदेश जीएसटी में ऑनलाइन फर्म का रजिस्ट्रेशन कराकर कर अपवंचन एवं धोखाधड़ी के मामले में एंटी इवेजन ब्यूरो व राज्य जीएसटी की टीम ने सिवनी से अमित अवधिया नाम के युवक को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उसके नाम पर बनाई गई जाली कंपनी के साथ अन्य और चार फर्मों में 100 करोड़ से भी अधिक का ट्रांजेक्शन मिला है।

इसमें 18 से 19 करोड़ रु. की टैक्स चोरी की भी बात सामने आई है। राज्य कर विशेष आयुक्त मध्य प्रदेश अविनाश लवानिया का मानना है कि प्रदेश में जीएसटी में फर्जी बिलों के आधार पर ट्रांजेक्शन व कर अपवंचन का प्रदेश में यह पहला मामला है। इस पूरे मामले में जिस युवक ने इस फर्जीवाड़े का जिक्र करते हुए सच सामने लाने की कोशिश की उसे ही सजा मिल गई। जानकारी के अनुसार एंटी इवेजन ब्यूरो ने अमित नामक को इस बात का दोषी बताया है कि उसकी फर्म के नाम से लेनदेन हुआ है।

माल सप्लाई नहीं किया गया, लेकिन बिल बना दिए गए। करीब 18 से 19 करोड़ से अधिक का टैक्स एवीजन करना पाया। सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद से 14 जुलाई तक ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा गया है। हालांकि इस मामले में अमित का कहना था कि वह तो नौकरी करता था, लेकिन किसी भी प्रकार की फर्म नहीं बनाई। जाली हस्ताक्षर करके पूरा खेल उसकी आड़ में खेला गया।

कागजों में बनी फर्म : प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि जिन फर्म के नाम से लेनदेन हुआ है, असल में उसमें गुड्स यानी माल की सप्लाई नहीं हुई। केवल नकद राशि का लेनदेन हुआ। बिल जनरेट कर दिए गए। वहीं चार फर्मों को एक ही परिसर का पता बताया गया। जबकि मौके पर ऐसी कोई फर्म का संचालन नहीं मिला। माना जा रहा है कि ऑनलाइन जीएसटी के लिए किए गए पंजीयन में कोई भी सर्वे नहीं होने से इसका फायदा कारोबारियों ने किया। संयुक्त आयुक्त सुनील मिश्रा का भी कहना है कि अपनी तरह का प्रदेश में यह पहला मामला है।

जितना रिचार्ज उतनी मिलेगी बिजली सप्लाई, बदलेगा आपका मीटर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार का देश भर में 30 करोड़ स्मार्टमीटर लगाने का प्लान है। दरअसल सरकार बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से तीन साल में देश के घर-घर में मीटर बदलने की योजना पर काम कर रही है। इस मीटर की खासियत यह होगी कि इन्हें पहले रिचार्ज कराना होगा। इससे जहां बिजली की चोरी की बंद हो जाएगी और ईमानदार लोगों को 24 घंटे बिजली की सप्लाई भी सुनिश्चित होगी।

कॉस्ट पर सब्सिडी दे सकती है सरकार
एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए बिजली मंत्रालय ने स्मार्ट मीटर की सप्लाई के लिए मैन्युफैक्चरर्स के साथ चर्चा करनी शुरू कर दी है, जिससे निगरानी में सुधार होगा। इस योजना के मुताबिक सरकार मीटर की कॉस्ट पर सब्सिडी देने की योजना भी बना रही है।

2 हजार रु हो सकती है कीमत
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, सरकार स्मार्टमीटर पर 2,000 रुपए (29 डॉलर) प्रति पीस कॉस्ट आएगी। इससे पहले 2017 में दिए गए 50 लाख मीटर के ऑर्डर पर प्रति पीस 2,503 रुपए कॉस्ट आई थी। हालांकि इस बार बड़ा ऑर्डर होने के कारण कॉस्ट कम आने की उम्मीद है। हालांकि बिजली मंत्रालय से इस पर कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी है।

डिस्कॉम्स के बदलेंगे दिन
बिजली मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, सभी मीटर को प्री-पेड कर देने से बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की लागत काफी कम हो जाएगी और डिस्कॉम आसानी से घाटे से उबर जाएंगी। अभी देश के कई राज्यों की डिस्कॉम भारी घाटे में चल रही है। इस कारण डिस्कॉम के पास बिजली खरीदने के लिए पैसे नहीं होते हैं।

बिना लाइसेंस कर सकेंगे कारोबार, सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट

नई दिल्ली। इजी ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाने के लिए सरकार जल्द किसी भी कारोबार को शुरू करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को समाप्त कर सकती है। इसके लिए डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (जीपीआईआईटी) ने एक कैबिनेट नोट तैयार किया है। इस नोट को अंतर मंत्रालयी सुझाव के लिए भेजा गया है।

लाइसेंस व्यवस्था को खत्म करके सरकार भारत को विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रैंकिंग में विश्व में टॉप 50 में ले जाना चाहती है। कैबिनेट नोट के अनुसार, मंत्रालय और विभाग यह बताएंगे कि कहां पर लाइसेंसिंग व्यवस्था को खत्म किया जा सकता है और इसके एक आसान प्रक्रिया में बदला जा सकता है। नोट में सुझाव दिया गया है कि जहां पर लाइसेंसिंग व्यवस्था को समाप्त नहीं किया जा सकता है वहां पर रिन्यूअल का प्रावधान किया जाए। साथ ही विभाग को नवीनीकरण की प्रक्रिया को सही कारणों के साथ आसान करने के लिए भी कहा जा सकता है।

समस्याओं के समाधान के लिए तय होगा समय
कैबिनेट नोट में कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समय तय करने का सुझाव दिया गया है। नोट में कहा गया है कि स्टार्टअप के लिए महीने में एक बार आधा घंटे का समय समस्याओं के समाधान के लिए तय किया जा सकता है। इसी कारोबार के निरीक्षण की सीमा भी तय करने की बात कही गई है। साथ ही पहली बार कानून का उल्लंघन करने वालों को केवल सलाह जारी करने की सिफारिश की गई है।

इजी ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत 77वें स्थान पर
विश्व बैंक की ओर से हर साल वैश्विक स्तर पर इजी ऑफ डूइंग बिजनेस पर एक रैंकिंग जारी की जाती है। पिछले पांच सालों से 190 देशों की रैंकिंग जारी की जा रही है। 2018 में भारत इसमें 77वीं रैंकिंग पर था। इससे पहले 2017 में भारत 100वें स्थान पर था। विश्व बैंक यह रैंकिंग कारोबार शुरू करने, निर्माण परमिट, बिजली की सुविधा प्राप्त करना, कर्ज प्राप्त करना, करों का भुगतान, सीमापार व्यापार, अनुबंधों को लागू करना और दिवाला प्रक्रिया निपटान आदि के आधार पर करता है।

तत्काल रेल टिकट के धंधे में लगी 1.25 लाख फर्जी आईडी पकड़ी

नई दिल्ली। देश में फेस्टिवल, समर वेकेशन और हॉलीडे में रेल टिकट की डिमांड बढ़ जाती है। साथ ही इस दौरान टिकट रिजर्वेशन में धांधली भी बढ़ जाती है। ऐसे आईआरसीटीसी (IRCTC) ने इस फर्जीवाड़े को दूर रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। रेलवे के मुताबिक 1 अप्रैल 2018 से 31 मई 2019 के दौरान करीब 1.26 लाख फर्जी यूजर आईडी को डिएक्टिवेट किया गया है।

तत्काल टिकट बुकिंग के लिए उठाए गए कदम
रेलवे ने एक यूजर केवल एक आईआरसीटीसी आईडी बनाने का नियम तय किया। इसके लिए उसे अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी देना होता है।

एक यूजर एक माह में 6 से ज्यादा रेलवे टिकट नहीं बुक कर सकता है। हालांकि इस लिमिट को बढ़ाकर एक माह में 12 किया जा सकता है। इसके लिए आईआरसीटीसी यूजर आईडी को आधार नंबर से वेरिफाई करना होगा। आईआरसीटीसी की ओर से रोजाना एक यूजर आईडी से बुक किए जाने वाले टिकट की चेकिंग होती है और उन आईडी को डिएक्टिवेट किया जाता है, फर्जी टिकट बुकिंग के धंधे में लगी हुई हैं।

रोजाना तौर पर चंद मिनटों में फर्जी तरीके से तत्काल टिकट बुक किए जाते हैं। सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक एक यूजर लॉग-इन एक बुकिंग की जा सकती है। ई-टिकट बुकिंग के दौरान पैसेंजर डिटेल और कैप्चा दर्ज करने के लिए एक निश्चित वक्त दिया जाता है।

अब मजदूर नहीं, नीट में सफल जोधाराम बनेगा डॉक्टर

कोटा। राजस्थान के बाड़मेर में गुढ़ामालानी तहसील के डेडावास गांव निवासी जोधाराम पटेल ने हालातों के आगे बेबस होकर मजदूरी के लिए मुम्बई जाने का मन बनाया, लेकिन जब शिक्षकों ने प्रेरित किया तो नीट की परीक्षा दी। चार बार असफलता के बाद पांचवें प्रयास में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में सफलता हासिल की।

बड़ी बात यह कि पांचवे प्रयास से पहले जोधाराम को कॅरियर सिटी कोटा और एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का साथ मिला और नीट में ऑल इंडिया 3886 एवं ओबीसी कैटेगिरी में 1209 रैंक प्राप्त की है। जोधाराम के गांव डेडावास में करीब 400 घर हैं और वो अपने गांव का पहला युवा है जो डॉक्टर बनने जा रहा है।

जोधाराम का कहना है कि हमारे गांव और आस-पास के इलाकों के अधिकतर युवा 10वीं तक पढ़ने के बाद मजदूरी करने अन्य राज्यों में चले जाते हैं। उनमें जागरूकता का अभाव भी है। एमबीबीएस करने के बाद गांव के युवाओं का पलायन रोकना चाहता हूं। निर्धन परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों की हरसंभव मदद करने का प्रयास करूंगा ताकि वे भी अपना भविष्य उज्जवल बना सकें।

निरक्षर माता-पिता हैं नरेगा मजदूर
जोधाराम का परिवार आर्थिक दृष्टि से कमजोर है। घर में करीब 6 बीघा जमीन है लेकिन, सूखाग्रस्त इलाका होने के कारण ज्यादा फसल नहीं हो पाती। कभी-कभी जीरा या बाजरा की फसल होती है लेकिन उससे पेट भरने जितना इंतजाम हो पाता है। जोधाराम के दो बहिनें एवं एक बड़ा भाई है। भाई पढ़ाई में होशियार था लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण 8वीं के आगे नहीं पढ़ सका।

पिता नरिगाराम एवं मां सुगनी देवी दोनों निरक्षर है और नरेगा में मजदूरी कर जैसे-तैसे बच्चों का पेट पाल रहे है। घर भी कच्चा बना हुआ है। पढ़ाई में होनहार जोधाराम ने 10वीं 64 प्रतिशत अंक से सरकारी विद्यालय से उत्तीर्ण की। घर की आर्थिक स्थिति देखते हुए मुम्बई जाकर मजदूरी करने का निर्णय लिया। ऐसे में उसके मामा आगे आए और उन्होने मदद कर जोधाराम को 12वीं तक पढ़ाया-लिखाया।

असफलता से सफलता तक
जोधाराम ने नीट परीक्षा में चयनित होने के लिए मन लगाकर पढ़ाई की लेकिन, उसे लगातार चार बार असफलता मिली। सफलता प्राप्त करना मानो उसका जुनून बन गया था। 12वीं कक्षा उत्त्तीर्ण करने के बाद जोधाराम ने एक वर्ष जोधपुर रहकर नीट की तैयारी की लेकिन असफलता मिली। पहली बार में उसकी रैंक डेढ़ लाख तक आई।

फिर उसने घर पर रहकर तैयारी की लेकिन असफलता हाथ लगी। इस बार 35 हजार रैक आई। तीसरे साल 17500 एवं चौथे साल में 12000 के आस-पास रैंक प्राप्त की। जोधाराम के इन मजबूत इरादों और लगातार परिणामों में आ रहे सुधार को देखकर उसके मामा ने मदद का हाथ बढ़ाया और उसे पढ़ने के लिए कोटा भेजा। यहां एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट पहुंचे और अपनी बात रखी, जोधाराम की प्रतिभा और परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए एलन द्वारा फीस में रियायत दी गई।

कोटा मंडी : लिवाली के अभाव में चना 50 और उड़द 100 रुपये लुढ़का

कोटा । भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को लिवाली के अभाव में चना 50 रुपये और उड़द 100 रुपये क्विंटल लुढ़क गया। धनिया की 1200 बोरी की आवक हुई और भाव स्थिर रहा। लहसुन की आवक 5000 की कट्टे की रही। मंडी में सभी जिंसों की आवक घटकर 25000 बोरी की रह गई ।

गेहूं लस्टर 1700 से 1780 गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1821 एवरेज 1850 से 1865 लोकवान 1820 से 1900 पीडी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1850 से 1900 मक्का 1900 से 2350 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 3000 पूसा 1 2500 से 3001 पूसा 4 (1121) 3600 से 4000 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3405 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3400 से 3741 सोयाबीन बीज क्वालिटी 3800 सरसों 3400 से 3601अलसी 4000 से 4501 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 4000 से 4200 कलौजी 8500 से 10000 धनिया बादामी 5500 से 6100 ईगल 6000 से 6401 रंगदार 6500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 1800 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 5100 से 5700 उड़द 2000 से 4150 चना 3600 से 4000 चना कांटिया 3850 चना काबुली 3500 से 4500 चना पेप्सी 3800 से 4050 चना मौसमी 3000 से 4050 मसूर 3800 से 4550 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर किराना : चना बेसन महंगा, साबूदाना में ग्राहकी निकली

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को चना बेसन के भाव 25 रुपये प्रति 50 किलोग्राम की तेजी रही। खोपरा गोला, साबूदाना में ग्राहकी बढ़ी रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को छह गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल। शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला 168 से 190 रुपये प्रति किलोग्राम। खोपरा बूरा 2050 से 3600 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 90 से 105, पिसी 130 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1140 से 1150, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 3000 से 3025 एवं बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर तेल बाजार : कपास्या तेल एवं सोयाबीन रिफाइंड तेल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव में दो रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी दर्ज की गई। कपास्या तेल पांच रुपये प्रति 10 किलोग्राम सस्ता बिका। तिलहन में सरसों के भाव 50 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए। रायडा 50 रुपये प्रति क्विंटल महंगा बिका।

तिलहन सरसों 3550 से 3600 रायडा 3400 से 3450 सोयाबीन 3600 से 3650 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूंगफली तेल इंदौर 1130 से 1150, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 751 से 753 सोयाबीन साल्वेंट 715 से 720, पाम तेल 630 से 632 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1835, बुरहानपुर 1835, अकोला 2825 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 725 से 730, महाराष्ट्र 720 से 725, तथा गुजरात 745 से 748 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।