दीगोद/कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के प्रयासों से दीगोद और निमोदा क्षेत्र के आमजन की दशकों पुरानी एक बड़ी मांग पूरी हुई है। क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों निमोदा हरीजी, चौथ माता मंदिर और ओंकारपुरा स्थित खेड़ा के बालाजी मंदिर तक जाने वाले पुराने और ऐतिहासिक मार्ग को प्रशासन ने पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराकर आम जनता के लिए पुनः खोल दिया है।
उल्लेखनीय है कि निमोदा स्थित चौथ माता मंदिर को जाने वाला यह प्राचीन मार्ग पिछले लगभग 40 वर्षों से बंद पड़ा था। कुछ स्थानीय लोगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण यह रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका था।
इसके चलते मंदिर दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ता था। जिससे उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से इसे खुलवाने की मांग की जा रही थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री नागर की ओर से जनहित को प्राथमिकता देने के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचा। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान उपखंड अधिकारी दीपक महावर, नायब तहसीलदार धनराज गुर्जर, कानूनगो घनश्याम शर्मा और पटवारी मोनिका छाजेड़ सहित भारी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक जाब्ता तैनात रहा।
प्रशासन ने बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और देखते ही देखते प्राचीन मार्ग को साफ कर आम जनता के सुपुर्द कर दिया।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मार्ग खुलने पर भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष इंद्र कुमार खंडेलवाल ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर एवं प्रशासनिक टीम का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग खुलने से हजारों श्रद्धालुओं और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह कार्य क्षेत्र की आस्था, विकास और जनहित से जुड़ा एक ऐतिहासिक कदम है।
इस अवसर पर ग्रामवासी मुरलीधर, ब्रजराज, गंगाधर लोधा, देवलाल, अजय, भीम, चौथमल, अमन, कमल, बाबूलाल, रामलाल, दयाराम, रामकरण और सत्यनारायण सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो समस्या पिछले 4 दशकों से नासूर बनी हुई थी, उसका समाधान कराकर मंत्री नागर ने क्षेत्र की जनता को सबसे बड़ी सौगात दी है।

