Wednesday, June 24, 2026
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इंदौर किराना: शक्कर, खोपरा गोला, साबूदाना में उठाव कमजोर

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शनिवार को शक्कर, खोपरा गोला, साबूदाना में उठाव कमजोर रहा। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शनिवार को सात गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर-गोला :शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 168 से 190 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2050 से 3600 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी:हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 90 से 105, पिसी 130 से 165 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना:साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा:गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1140 से 1150, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 3000 से 3025 एवं बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर मंडी में अवकाश, दाल- चावल में ग्राहकी निकली

इंदौर।स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शनिवार को अनाज तिलहन व्यापारिक एसोसिएशन के चुनाव होने के कारण अवकाश रहा। दाल और चावल में ग्राहकी सुधार लिए रही।

दाल:तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6900 से 7100, तुअर दाल फूल 7300 से 7500, तुअर दाल बोल्ड 7700 से 7900, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5350 से 5550, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5350 से 5450मूंग दाल 7200 से 7400, मूंग मोगर 8000 से 8200 उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7400 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल:बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर तेल बाजार : मूंगफली और सोया रिफाइंड तेल में तेजी

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल 10 रुपये और सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव में दो रुपये प्रति 10 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। तेल: मूंगफली तेल इंदौर 1150 से 1160, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 752 से 755, सोयाबीन साल्वेंट 715 से 720, पाम तेल 630 से 632 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार:कपास्या खली इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1835, बुरहानपुर 1835, अकोला 2825 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल:कपास्या तेल इंदौर 725 से 730, महाराष्ट्र 720 से 725, तथा गुजरात 745 से 750 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला का 6 जुलाई को कोटा मे होगा भव्य स्वागत

कोटा। कोटा बून्दी क्षेत्र के सांसद ओम बिरला के लोकसभा अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार 6 जुलाई को कोटा आगमन पर ऐतिहासिक स्वागत होगा। जानकारी के अनुसार बिरला 6 जुलाई को सुबह 9 बजे दिल्ली से जयपुर एयरपोर्ट पहुचेंगे। वहां से सड़क मार्ग से कोटा के लिए रवाना होंगे।

बिरला का रास्ते मे चाकसू, निवाई, टोंक, देवली, हिण्डोली, बून्दी एवं तालेड़ा समेत कई स्थानो पर भाजपा कार्यकर्ता व आमजन स्वागत करेंगे। कोटावासियों की ओर से स्वागत की शुरुआत बून्दी रोड़ स्थित नगर विकास न्यास के प्रवेश द्वार गोविन्दपुर बावड़ी से शाम 4 बजे ओम बिरला के यहां पहुंचने के साथ होगी।

कोटा शहर मे तय मार्ग नयापुरा चौराहा, खाईरोड़, लाडपुरा, रामपुरा, अग्रसेन बाजार, सब्जीमंडी, श्रीपुरा, कैथूनीपोल, सूरजपोल गेट, गुमानपुरा तिराहा, घोड़े वाले बाबा चौराहा, सीएडी चौराहे तक भारतीय जनता पार्टी, व्यापारिक सामाजिक संगठनों के अलावा आमजन द्वारा बिरला का ऐतिहासिक स्वागत किया जायेगा । समापन दशहरा मैदान में होगा ।

दूध बेचकर बच्चे को पढ़ाया, अब वह बनेगा परिवार का पहला डॉक्टर

कोटा। प्रतिभा पानी की तरह होती है जो अपना रास्ता तलाश ही लेती है। परिस्थितियां प्रतिकूल हों तो भी रास्ता बन जाता है। विपरीत परिस्थितियों में कुछ ऐसे ही अपनी प्रतिभा के दम पर मुकाम हासिल किया है एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के छात्र विक्रम गुर्जर ने। पारिवारिक परिस्थितियां प्रतिकूल होने के बाद भी विक्रम ने पढ़ाई के प्रति अपनी एकाग्रता जारी रखी और देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में 625 अंक प्राप्त किए।

ओवरआल रैंक 3359 तथा ओबीसी रैंक 1008 रही। अब जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करना चाहता है। इसके बाद न्यूरोलॉजी में कॅरियर बनाने की इच्छा है।
विक्रम ने बताया कि परिवार बारां जिले के तिसाया गांव में रहता है। बीपीएल श्रेणी में परिवार है तथा मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी पिता चौथमल गुर्जर नरेगा में मजदूरी करते हैं। इसके अलावा अन्य दिनों में दूध बेचने का काम करते हैं।

मां विद्या बाई का निधन तीन साल पहले सड़क दुर्घटना में हो गया था। वो सीताबाड़ी मेले में गईं थीं और वापस लौटते समय बाइक और ट्रक का एक्सीडेंट हो गया, इस एक्सीडेंट में दो की मौत हुई, जिसमें मां और एक गांव के ही दूसरे भइया थे। मां के निधन से परिवार को बड़ा आघात लगा और पूरा परिवार अस्त-व्यस्त हो गया।

मां के बाद अब 85 वर्षीय दादी घर का काम करती हैं। हम लोग भी उनका थोड़ा बहुत साथ देते हैं। छोटा भाई इस बार दसवीं की परीक्षा देगा। परिवार में संपत्ति के नाम पर दूसरे गांव में कुछ जमीन है, जिससे खाने का खर्च चल जाता है। घर में दो भैंसे हैं, जिनका दूध बेचकर ही गुजारा चलता है।

शिक्षकों ने प्रेरित किया
विक्रम ने बताया कि दसवीं तक गांव के ही सरकारी स्कूल में राजकीय माध्यमिक विद्यालय तिसाया में पढ़ा। यहां 93.50 प्रतिशत अंक हासिल किए। शिक्षकों ने प्रेरित किया तो साइंस बॉयलोजी ली और अधिक मेहनत कर डॉक्टर बनने की ठानी। बारां आकर पढ़ा और 94.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

शिक्षकों की सलाह पर कोटा में एलन में पढ़ाई करने की सलाह दी। एलन आकर मिला तो मुझे मेरी प्रतिभा के आधार पर रियायत दी गई। मुझे लगभग निशुल्क प्रवेश दिया गया। यहां आकर बहुत कुछ बदलाव महसूस किया। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में पढ़ाई के दौरान टीचर्स और स्टाफ का जो सपोर्ट मिला वो जीवनभर याद रहेगा। यहां पढ़ाई करने में इतना मजा आता था कि समय कब बीत जाता पता ही नहीं चलता।

आधार पेन से लिंक नहीं तो आयकर रिटर्न नहीं भर पाएंगे आप

-राजकुमार विजय, सीनियर टैक्स कंसल्टेंट
कोटा।
30 सितंबर 2019 तक पैन नंबर और आधार नंबर को लिंक करना अनिवार्य करने की अधिसूचना आयकर अधिनियम के तहत जारी की जा चुकी है। परंतु अभी अगर आपका पैन और आधार नंबर आपस में लिंक नहीं हुए हैं तो आप आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते हैं। 31 जुलाई 2019 व्यक्तिगत आयकर दाताओं के लिए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि है।

अगर पेन और आधार आपस में लिंक नहीं होते हैं तो आयकर रिटर्न नहीं भरने का जुर्माना 10,000 रुपए आप पर लगेगा। कई सारे उदाहरण देखने को मिल रहे हैं अगर आपके नाम की स्पेलिंग में थोड़ी सी भी मिस्टेक है या आप की जन्म तिथि में अंतर है या आपके पिताजी के नाम में किसी तरह की मामूली गड़बड़ी है तो आधार और पैन को लिंक नहीं किया जा सकता।

संशोधन की व्यवस्था लचर
आधार कार्ड में संशोधन कराने की व्यवस्था इतनी लचर है कि करदाता गिने-चुने आधार सेंटर पर चक्कर लगा- लगा के परेशान हो चुका है। भूल से भी पैन कार्ड में संशोधन का प्रार्थना पत्र लगा दिया तो 6 से लेकर 8 महीनों तक प्रार्थना पत्र का स्टेटस यही बताता है कि आपका प्रार्थना पत्र प्रोसेस में है। आज डिजिटल युग में एक ईमानदार करदाता को इतनी छोटी सी बात के लिए इतनी भारी समस्या से गुजरना पड़ रहा है।

इस समस्या से आम करदाता ही नहीं गुजर रहा है, बल्कि विभाग के आला अधिकारी भी वकीलों के ऑफिस में चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। करदाता की सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर समय से आयकर रिटर्न दाखिल नहीं हुआ तो उसे कई प्रकार की सहूलियत से महरूम होना पड़ेगा। साथ ही भारी ब्याज पेनल्टी तथा आयकर के नोटिस का भी सामना करना पड़ सकता है।

30 सितंबर तक करना होगा पैन का आधार से लिंक
व्यवहारिक तौर पर नियमानुसार 30 सितंबर 2019 तक जब पैन नंबर और आधार नंबर को लिंक करने का समय दिया गया है तो आयकर रिटर्न में आधार नंबर को लेकर रिटर्न फाइल करने की सुविधा प्रदान करनी चाहिए। इस बारे में शायद विभाग निर्णय करना ही भूल गया है। आयकर रिटर्न भरने का अब तेजी से कार्य करना पड़ेगा। अंतिम तिथि बहुत नजदीक है।

2 करोड़ करदाताओं के पेन आधार से लिंक नहीं
एक मोटे अनुमान के अनुसार लगभग 2 करोड़ आयकरदाताओं की पेन नंबर अभी आधार नंबर से नहीं जुड़ पाए हैं। इसमें खासतौर से वह महिलाएं शामिल है, जिनका शादी के बाद अक्सर सरनेम बदल जाता है। एक दिलचस्प बात यह है कि बुजुर्ग लोगों के हाथों के फिंगर प्रिंट नहीं आने से आधार नंबर में करेक्शन नहीं हो पाता है।

वित्त मंत्रालय के इस अड़ियल रुख से कोटा संभाग में भी बड़ी संख्या में आयकरदाता परेशान हैं। टैक्स बार एसोसिएशन कोटा के अध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार विजय ने एक पत्र भेजकर केंद्रीय वित्तमंत्री केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन और प्रधानमंत्री कार्यालय को इस समस्या से अवगत कराकर आग्रह किया है कि इस विषय पर जल्दी ही कोई सकारात्मक निर्णय लें, ताकि समय पर आयकर रिटर्न दाखिल किया जा सके।

अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी से सोना सस्ता, चांदी 230 रुपये महँगी

नई दिल्ली/ कोटा वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं पर उतार चढ़ाव के बीच शनिवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 15 रुपए उतरकर 34270 रुपए प्रति 10 ग्राम पर रहा जबकि चांदी 230 रुपए चमककर 38830 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्ताहांत पर शुक्रवार को कारोबार बंद होने पर सोना हाजिर 1409.10 डॉलर प्रति औंस पर रहा। इसी तरह से अगस्त का अमेरिकी सोना वायदा भी 0.12 प्रतिशत बढ़कर 1410.10 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में कुछ नरमी आने तथा डॉलर में सुधार के कारण कीमती धातुओं में उतार चढ़ाव का रूख देखा जा रहा है लेकिन इस बीच अमेरिका और चीन के बीच फिर से व्यापार वार्ता शुरू होने की संभावना से डॉलर में मजबूती आने पर कीमती धातुओं पर दबाव बन सकता है। इस दौरान चांदी 15.31 डॉलर प्रति औंस बोला गया।

स्थानीय बाजार में सोना स्टैंडर्ड 15 रुपए टूटकर 34,270 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। सोना बिटुर भी इतनी ही गिरकर 34,100 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। आठ ग्राम वाली गिन्नी 50 रुपए चढ़कर 26,850 रुपए पर पहुंच गई।

चांदी हाजिर 230 रुपए चढ़कर 38,830 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। चांदी वायदा 140 रुपए टूटकर 37,450 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली पिछले दिवस के 80 हजार रुपए और 81 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।

कोटा सर्राफा
चांदी 37900 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33800 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39420 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33970 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39620 रुपये प्रति तोला।

जल संकट से निपटने के लिए पेट्रोल-डीजल पर लगेगा वाटर सेस

नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रही जल संकट की खबरों पर सरकार गंभीर हो गई है। इस गंभीर संकट से निपटने के लिए सरकार ने अब राष्ट्रव्यापी योजना बनाना शुरू कर दिया है। जल संकट से निपटने के लिए बनाई जा रही योजनाओं के लिए फंड का इंतजाम करने के उद्देश्य से सरकार पेट्रोल-डीजल पर वाटर सेस लगाने पर विचार कर रही है।

एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसको लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य पक्षों में सैद्धांतिक तौर पर सहमति बन गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस वाटर सेस की घोषणा बजट भाषण या इसके बाद की जा सकती है।

30 से 50 पैसे प्रति लीटर हो सकता है सेस
रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर 30 से 50 पैसे का सेस लगाया जा सकता है। ऐसा करने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से सेस पर असर नहीं पड़ेगा। आपको बता दें कि 2018 के बजट में सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 8 रुपए का रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस लगाया था। तब सरकार ने कहा था कि सेस के जरिए जुटाई जाने वाली रकम को सड़क और अन्य बुनियादी ढांचों के निर्माण व रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।

सीधे गोदाम से फसल बेच सकेंगे किसान, बिचौलियों की होगी छुट्टी

नई दिल्ली। किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) के विस्तार पर विचार कर रही है। इस विस्तार के बाद किसानों को सीधे गोदाम-वेयरहाउस से अपने उत्पादों को बेचने का विकल्प मिलेगा जिससे किसानों को उनकी फसलों की बेहतर कीमत मिल सकेगी।

कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के विस्तार के बाद किसान सीधे गोदाम से अपनी फसल बेच सकेंगे और बिचौलियों की छुट्टी हो जाएगी। साथ ही यह सरकार के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पाने में भी मदद करेगा। अधिकारी का कहना है कि हम जल्द ही किसानों के लिए राज्यों के अंदर और राज्यों के बाहर कृषि उत्पाद बेचने के लिए की सुविधा इस प्लेटफॉर्म पर लॉन्च करेंगे।

अधिकारी का कहना है कि प्लेटफॉर्म तैयार है बस लॉन्चिंग बाकी है। अधिकारी ने बताया कि इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वेयरहाउस डवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (डब्ल्यूडीआरए) द्वारा संचालित राज्यों के स्वामित्व वाले वेयरहाउस के जरिए ट्रेडिंग की शुरुआत होगी। इससे वेयरहाउस कारोबार में भी बढ़ोतरी होगा। इस समय करीब 1000 सरकारी वेयरहाउस हैं।

गोदाम और वेयरहाउस बनेंगे बाजार
अधिकारी के अनुसार, एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (एपीएमसी) एक्ट 2017 किसानों को उनकी फसल की असली कीमत दिलाने के लिए गोदाम और वेयरहाउस को बाजार के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत देता है। इससे बाजार किसानों के नजदीक आते हैं और उन्हें अपने उत्पादन पर क्रेडिट सुविधा भी मिलती है।

अभी आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और अरूणाचल प्रदेश जैसे राज्य इस एक्ट के तहत अपने गोदामों और वेयर हाउस को बाजार के रूप में इस्तेमाल कर किसानों को सीधे फसल की बिक्री की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि जल्द ही कई और राज्य इस प्रक्रिया को अपना सकते हैं।

2016 में लॉन्च हुआ था ई-नाम पोर्टल
किसानों के लिए 2016 में लॉन्च हुआ ऑनलाइन पोर्ट्ल ई-नाम इस समय 150 से ज्यादा कृषि उत्पादों की ट्रेडिंग की सुविधा दे रहा है। यह ट्रेडिंग ऑनलाइन बिडिंग के माध्यम से होती है। इस पोर्ट्ल के जरिए 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 585 से ज्यादा थोक बाजार में ट्रेडिंग की जा सकती है। इस यूनिफाइड ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर देशभर के 1.64 करोड़ से ज्यादा किसान 1 लाख 20 हजार से ज्यादा व्यापारी पंजीकृत हैं।

भूमाफियाओं के दबाव में सरकार ने जमीनों के दाम 40 % बढ़ा दिए

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कोटा। सरकार ने भूमाफियाओं के दबाव में जमीनों के दाम 40 % तक बढ़ा दिए। इससे अब आम आदमी को शहर और जिले में मकान और भूखंड खरीदना महंगा हो गया है। जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई डीएलसी दर निर्धारण समिति की बैठक में जिले में 25 से 40 प्रतिशत तक दरें बढ़ाई गई हैं। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी होंगी। जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कृषि, व्यावसायिक एवं आवासीय भूमि के पंजीयन दरों में वृद्धि की गई है।

शहर में लैंडमार्क सिटी, नए कोटा में कोचिंग क्षेत्र और बारां रोड की कुछ कॉलोनियों की डीएलसी दरें ज्यादा बढ़ी हैं। डीआईजी स्टांप नरेश मालव ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित गांव में कृषि भूमि की 0 से 100 मीटर तक भूमि के पंजीयन में 40 प्रतिशत वृद्धि की गई है। 101 मीटर से अधिक में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

उन्होंने बताया कि स्टेट हाइवे एवं मेगा हाइवे के किनारे बसे हुए गांव में 0 से 100 मीटर तक 30 प्रतिशत तथा 101 मीटर से आगे 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में अन्य सभी गांव में कृषि भूमि के पंजीयन की दरों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

डीआईजी स्टाम्प ने बताया कि नगरीय क्षेत्र की कृषि भूमि के पंजीयन में 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार व्यवसायिक एवं आवासीय भूमि में नगर पालिका कैथून, सांगोद, रामगंजमंडी व इटावा में 25 प्रतिशत की वृद्धि तथा पैराफेरी व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

377 कॉलोनियों में 20 प्रतिशत बढ़ी
नगर निगम क्षेत्र में कोटा सब रजिस्ट्रार प्रथम के अधिकार क्षेत्र में 43 कॉलोनियों में 10 प्रतिशत, 66 कॉलोनियों में 15 प्रतिशत, 377 कॉलोनियों में 20 प्रतिशत, 25 कॉलोनियों में 25 प्रतिशत, 22 कॉलोनियों में 25 प्रतिशत, तथा 33 नवीन कॉलोनियों में पहली बार नवीन दरें तय की गई हैं।

निगम के गांवों में 15 प्रतिशत दर बढ़ी
उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के 41 गांवों में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है अन्य गांव में आवासीय भूमि में 150 प्रति फुट तथा व्यावसायिक में 300 फुट की वृद्धि की गई है। उप पंजीयक द्वितीय के अधिकार क्षेत्र में 30 कॉलोनियों में 25 प्रतिशत तथा 49 कॉलोनियों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार जिले में सभी कुओं एवं ट्यूबवैलों के पंजीयन में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

किसानों को ज्यादा मुआवजा मिलेगाा
राष्ट्रीय राजमार्ग जहां से गुजरेगा, वहां डीएलसी की दरें बढऩे से अब किसानों को ज्यादा मुआवजा मिल सकेगा। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बड़ी संख्या में किसानों की जमीन आवाप्त की जा रही है।