Thursday, June 25, 2026
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इंदौर मंडी : चना दाल और तुअर दाल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को चना कांटा 50 रुपये, मसूर 25 रुपये, मूंग 100 रुपये, तुअर (अरहर) 50 रुपये और उड़द के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुई। चना दाल 50 रुपये एवं तुअर दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी। उपलब्धता कमी से मक्का में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। इंदौर पहुंच पीली मक्का 2250 रुपये बिकी। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को 2500 बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4050 से 4100, चना (देसी) 3950 से 4000, डबल डॉलर 4500 से 4700, मसूर 4100 से 4125, हल्की 3700 से 3800, बटला (मटर) 4100 से 4150, मूंग 5100 से 5350, हल्की 4500 से 4900, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5200, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5650 से 5700, उड़द 4900 से 5000, हल्की 3500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6900 से 7100, तुअर दाल फूल 7300 से 7500, तुअर दाल बोल्ड 7700 से 7900, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400 चना दाल 5350 से 5550, आयातित चना दाल 5500 से 5200 मसूर दाल 5350 से 5450 मूंग दाल 7200 से 7400, मूंग मोगर 8000 से 8200 उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7400 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

ITR 1 में टैक्स डिपार्टमेंट ही भर देगा सैलरी, FD पर ब्याज और TDS की जानकारी

-सीए मिलिंद विजयवर्गीय
कोटा।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करदाओं के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करना ज्यादा-से-ज्यादा आसान बनाने की दिशा में नई पहल की है। अब आईटीआर फॉर्म 1 सैलरी, फिक्सिड डिपॉजिट (एफडी) से हुई आमदनी और टीडीएस डीटेल्स भरे हुए मिलेंगे। पहले लोगों को फॉर्म में खुद से ये जानकारियां डालनी होती थीं। हालांकि, पहले से ये डीटेल्स सिर्फ आईटीआर फॉर्म 1 में ही भरे जाएंगे।

ऑटो-फिल्ड डीटेल्स में बदलाव की छूट
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सॉफ्टवेयर अब फॉर्म 26एएस से ये जानकारियां जुटाने के लिए आपके पैन, आपके एंप्लॉयर की ओर से फाइल किए गए टीडीएस रिटर्न और पिछले वर्ष के आईटीआर का इस्तेमाल करेगा। फॉर्म में ये जानकारियां भले ही पहले से ही दी गई होंगी, लेकिन आप इसमें बदलाव कर सकते हैं। यानी, पहले से दिए आंकड़ों में कुछ गलतियां है तो आप उसे सुधार सकेंगे।

सिर्फ ITR- 1 फॉर्म में ही यह सुविधा
हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सुविधा सिर्फ आईटीआर फॉर्म 1 भरने योग्य टैक्सपेयर्स को ही मिलने वाली है जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर आईटीआर भरते हैं। अगर आप एक्सेल या जावा के जरिए आईटीआर 1 फॉर्म भरेंगे तो आपको खुद से ही ये आंकड़े भरने होंगे।

आईटीआर फॉर्म में निम्नलिखित डीटेल्स प्रीफिल्ड होंगे…
1. पैन डेटाबेस से पैन, नाम, जन्म तिथि
2. ई-फाइलिंग प्रोफाइल से पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी
3. फॉर्म 26AS से टैक्स पेमेंट, टीडीएस और टीसीएस डीटेल्स
4. पिछले वर्ष के आईटीआर से मकान का प्रकार (टाइप ऑफ हाउस प्रॉपर्टी)
5. फॉर्म 26AS से हाउस प्रॉपर्टी से इनकम
6. फॉर्म 26AS से ही टर्म डिपॉजिट (फिक्स्ड डिपॉजिट) पर ब्याज से हुई आमदनी
7. इनकम टैक्स रिफंड से सेक्शन 244A के तहत ब्याज से हुई आमदनी की जानकारी
8. फॉर्म 24Q के एनेक्सर II से सेक्शन 89 के तहत मिली टैक्स छूट
9. पिछले आईटीआर और ई-फाइलिंग पोर्टल से बैंक अकाउंट डीटेल

सिर्फ ITR- 1 फॉर्म में ही यह सुविधा
हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सुविधा सिर्फ आईटीआर फॉर्म 1 भरने योग्य टैक्सपेयर्स को ही मिलने वाली है जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर आईटीआर भरते हैं। अगर आप एक्सेल या जावा के जरिए आईटीआर 1 फॉर्म भरेंगे तो आपको खुद से ही ये आंकड़े भरने होंगे।

ऑटो-फिल्ड डीटेल्स का करना होगा मिलान
टैक्स फाइलिंग वेबसाइट टैक्स2विन.इन के सीईओ अभिषेक सोनी कहते हैं, ‘इनकम टैक्स वेबसाइट पर दी जा रही सूचना के मुताबिक अगर आप वेतनभोगी हैं और वेबसाइट के इस्तेमाल से ही आईटीआर फाइल कर रहे हैं तो कुछ डीटेल्स पिछले वर्ष के आईटीआर डेटा, फॉर्म 26एएस और फॉर्म 24क्यू से लेकर पहले से भरी (प्रीफल्ड) मिलेंगी। टैक्सपेयर को सुनिश्चित करना होगा कि सारी जानकारियां आय कर कानून के अनुरूप दी गई हों और आप खुद भी सही डीटेल्स दे रहे हों। किसी तरह की गलत जानकारी देने पर भविष्य में इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है।’

बदल गया है फॉर्म 16 का फॉर्मेट
टैक्स डिपार्टमेंट ने इस वर्ष ने फॉर्म 16 और 24क्यू (एंप्लॉयर द्वारा फाइल किया गया टीडीएस रिटर्न) के फॉर्मेट में बदलाव किया है। इसके अलावा, इस वर्ष आईटीआर- 1 फॉर्म का फॉर्मेट भी फॉर्म- 16 जैसा कर दिया गया है। इसलिए, इस वर्ष टैक्सपेयर को आईटीआर फाइल करते वक्त फॉर्म 16 से डीटेल्स कॉपी कर आईटीआर- 1 फॉर्म में चिपकाने भर होंगे।

वैश्विक मांग घटने से सोना सस्ता, चांदी 150 रुपए लुढ़की

नई दिल्ली/ कोटा वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं पर उतार चढ़ाव के बीच शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 65 रुपए उतरकर 34,285 रुपए प्रति 10 ग्राम पर रहा और चांदी 150 रुपए गिरकर 38,600 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना हाजिर 0.32 प्रतिशत चढ़कर 1413.78 डॉलर प्रति औंस पर रहा। इसी तरह से अगस्त का अमेरिकी सोना वायदा भी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 1413.10 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में कुछ नरमी आने तथा डॉलर में सुधार के कारण कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव का रुख देखा जा रहा है। इस दौरान चांदी 0.14 प्रतिशत उतरकर 15.23 डॉलर प्रति औंस बोला गया।

स्थानीय बाजार में सोना स्टैंडर्ड 65 रुपए टूटकर 34,285 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। सोना बिटुर भी इतनी ही बढ़कर 34,115 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। आठ ग्राम वाली गिन्नी 26,800 रुपए पर स्थिर रही। सोने में गिरारवट का असर चांदी पर भी दिखा।

चांदी हाजिर 150 रुपए गिरकर 38,600 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। चांदी वायदा 15 रुपए टूटकर 37,590 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली पिछले दिवस के 80 हजार रुपए और 81 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।

कोटा सर्राफा
चांदी 38000 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33800 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39420 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33970 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 39620 रुपये प्रति तोला।

बिकवाली से 192 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी 11,800 से नीचे

नई दिल्ली। बैंकिंग, मेटल और ऑटो सेक्टर में बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 192 अंक लुढ़ककर 39,394 अंकों पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 53 अंकों की गिरावट के साथ 11,788.85 अंकों पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग, मेटल, ऑटो, एनर्जी, ऑयल एंड गैस शामिल रहे। बैंकिंग सेक्टर में 207 अंक, मेटल 127 अंक, ऑटो में 104 अंक, एनर्जी 71 अंक, ऑयल एंड गैस सेक्टर में 100 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी में एफएमसीजी, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर हरे और बैंक, ऑटो, फाइनेंस सर्विसेज, आटी, मीडिया, मेटल, फार्मा, प्राइवेट बैंकों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।

ये हैं टॉप गेनर
सेंसेक्स में थॉमस कुक 14 फीसदी, सोलर इंडस्ट्रीज 9.45 फीसदी, कॉरपोरेशन बैंक 7.19 फीसदी, सेंट्रम कैपिटल 7.12 फीसदी, ईआईडी पैरी इंडिया लिमिटेड 6.83 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे। निफ्टी में टेक महिंद्रा 0.90 फीसदी, इंफोसिस 0.85 फीसदी, डॉ. रेड्डीज लैब 0.78 फीसदी, एचसीएल टेक्नोलॉजी 0.59 फीसदी, विप्रो 0.55 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे।

ये हैं टॉप लूजर
सेंसेक्स में डीएचएफएल 11.08 फीसदी, दीपक फर्टिलाइजर 10.63 फीसदी, कॉक्स एंड किंग्स 10 फीसदी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 8.50 फीसदी, सुजलॉन 8.06 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे। निफ्टी में जी एंटरटेनमेंट 1.54 फीसदी, जेएसडब्ल्यू स्टील 0.43 फीसदी, वीईडीएल 0.42 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक 0.37 फीसदी, भारती एयरटेल 0.36 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।

JEE अडवांस्ड : 64 % टॉपर्स की पहली पसंद आईआईटी बॉम्बे

मुंबई।हर साल की तरह इस साल भी जेईई (अडवांस्ड) के टॉप रैंकर्स की चॉइस लिस्ट में आईआईटी बॉम्बे का नाम लिस्ट में टॉप है। जेईई (अडवांस्ड) के टॉप 100 रैंकर्स में से 64 ने आईआईटी-बॉम्बे को चुना है और वहां सीट पक्की ली है। इसके बाद 33 स्टूडेंट्स ने आईआईटी दिल्ली को चुना है।

बीते साल आईआईटी बॉम्बे में टॉपर्स क्लब से 63 स्टूडेंट्स पहुंचे थे। इस साल टॉप 100 में मद्रास को नहीं बल्कि आईआईटी कानपुर को 3 स्टूडेंट्स मिले हैं। जॉइंट सीट अलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) ने ऐडमिशन के पहले राउंड में स्टूडेंट्स की चॉइस के आधार पर आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और गवर्नमेंट फंडेड टेक्नॉलॉजिकल इंस्टिट्यूशंस में सीट्स अलॉट की हैं।

500 टॉप रैंकर्स में से 147 और 142 स्टूडेंट्स को आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली में सीट मिली है। आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर को क्रमश: 53 और 52 स्टूडेंट्स मिले हैं। वहीं आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी रुड़की को 47 और 35 स्टूडेंट्स मिले हैं।नई आईआईटीज की बात करें तो आईआईटी हैदराबाद को टॉप 500 में से 7 स्टूडेंट्स ने चुना है। बीते साल 50 टॉपर्स में से 47 ने आईआईटी बॉम्बे जॉइन किया था।

Kia Seltos साउथ कोरिया में लॉन्च, जानिए कीमत और खूबियां

नई दिल्ली। साउथ कोरियन ऑटोमोबाइल कंपनी किया मोटर्स (Kia Motors) ने अपने घरेलू बाजार में अपनी कार किया सेल्टॉस (Kia Seltos) लॉन्च कर दी है। भारत में इस कार को 22 अगस्त को लॉन्च किया जाएगा। साउथ कोरिया में इस कार की कीमत 19.3 मिलियन KRW यानी लगभग 11.35 लाख रुपये है। भारत में इस कार की टक्कर ह्युंदै क्रेटा से होगी जिसकी कीमत 10 लाख रुपये के आस पास है।

इन कारों से टक्कर
भारत में किया सेल्टॉस की कीमत ह्युंदै क्रेटा से ज्यादा होगी। सेल्टॉस भारत में हैरियर और एमजी हेक्टर जैसी कारों को भी टक्कर देगी। सेल्टॉस की कीमत हैरियर से कम रहने की उम्मीद है। लिहाजा यह कार हैरियर को कड़ी टक्कर देगी।

ये होंगे फीचर्स
किआ सेल्टॉस की लंबाई 4,315 mm, चौड़ाई 1,800 mm और ऊंचाई 1,620 mm है। एसयूवी का वीलबेस 2,610 mm, ग्राउंड क्लियरेंस 190 mm और बूट स्पेस (डिग्गी) 433 लीटर है। साइज के मामले में सेल्टॉस इस सेगमेंट की पॉप्युलर एसयूवी ह्यूंदै क्रेटा से लंबी और चौड़ी है, जबकि ऊंचाई क्रेटा की ज्यादा है। क्रेटा की लंबाई 4,270 mm, चौड़ाई 1,780 mm और ऊंचाई 1,665 mm है। सेल्टॉस एसयूवी में 16-इंच के वील्ज मिलेंगे। इसके टॉप वेरियंट्स में 17-इंच के अलॉय वील्ज होंगे।

किआ सेल्टॉस में इंजन के तीन विकल्प होंगे। एक 1.5-लीटर स्मार्टस्ट्रीम पेट्रोल इंजन होगा, जो 115hp का पावर और 144Nm टॉर्क जनरेट करता है। डीजल इंजन 1.5-लीटर का होगा, जो 115hp और 250Nm टॉर्क जनरेट करता है। तीसरा 1.4-लीटर का टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन होगा, जो 140hp का पावर और 242Nm टॉर्क जनरेट करता है। सेल्टॉस के सभी इंजन बीएस6 के अनुरूप होंगे।

6-स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स का ऑप्शन सभी इंजन के साथ मिलेगा। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प अलग-अलग होगा। 1.5-लीटर डीजल इंजन के साथ 6-स्पीड ऑटोमैटिक, 1.4-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ 7-स्पीड ड्यूल क्लच और 1.5-लीटर वाले पेट्रोल इंजन के साथ CVT का ऑप्शन उपलब्ध होगा। भारत में यह कार 22 अगस्त को लॉन्च की जाएगी।

पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, दिल्ली में पेट्रोल 70.17 रुपए लीटर हुआ

नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। शुक्रवार को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल की कीमतों में 5 पैसे की बढ़ोतरी की। वहीं डीजल की कीमतों में 6 पैसे की बढ़ोतरी की ।

राजधानी दिल्ली में 6 पैसे की बढ़ोतरी के साथ डीजल 64.01 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में 6 पैसे की बढ़ोतरी के साथ डीजल 65.93 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में 6 पैसे की बढ़ोतरी के चलते डीजल 67.11 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं चेन्नई में 6 पैसे की बढ़ोतरी के साथ डीजल 67.70 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

राजधानी दिल्ली में 5 पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 70.17 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में 5 पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 72.43 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में 5 पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 75.87 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं चेन्नई में 5 पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 72.89 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

अब कहीं से भी खरीद सकेंगे राशन, लॉन्च होगी ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ स्कीम,

नई दिल्ली। वन नेशन वन टैक्स यानी जीएसटी की तर्ज पर अब केंद्र सरकार वन नेशन वन राशनकार्ड लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। वन नेशन वन राशनकार्ड होने के बाद कोई भी राशनकार्ड धारक देश में किसी भी पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) दुकान से राशन खरीद सकेगा।

इस योजना का उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो दूसरे राज्यों में नौकरी करते हैं। इस योजना को लागू करने के लिए उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को खाद्य सचिव और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

एक साल में लागू हो जाएगी नई व्यवस्था
बैठक के बाद बातचीत में रामविलास पासवान ने बताया कि 1 साल के अंदर लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना को मूर्तरूप देने के लिए पीडीएस दुकानों पर पॉइन्ट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों की उपलब्धता जरूरी है। अभी आंध्र प्रदेश, हरियाणा समेत कई प्रदेशों में सौ फीसदी दुकानो पर पीओएस मशीनें उपलब्ध हो गई हैं। योजना को लागू करने के लिए 100 फीसदी पीडीएस दुकानों पर पीओएस की उपलब्धता जरूरी है।

किसी दुकान से बंधे नहीं रहेंगे लाभार्थी
पासवान ने बताया कि इस योजना का मकसद लाभार्थियों को स्वतंत्रता देना है ताकि वे किसी पीडीएस दुकान से बंधे नहीं रहें। इससे दुकान मालिकों पर निर्भरता घटेगी और भ्रष्टाचार में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो नौकरी के बेहतर अवसरों के लिए दूसरे राज्यों में प्रवास करते हैं।

इन राज्यों में लागू है आईएमपीडीएस
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इंटीग्रेटिड मैनेजमेंट ऑफ पीडीएस (आईएमपीडीएस) के तहत कई राज्यों में खाद्य और सार्वजनिक वितरण के तहत लाभार्थी किसी भी जिले से राशन खरीद सकते हैं।

इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि अन्य राज्यों ने भी जल्द से जल्द आईएमपीडीएस व्यवस्था को लागू करने का भरोसा दिया है। बैठक में पासवान ने कहा कि खाद्य और सार्वजनिक वितरण 81 करोड़ लाभार्थियों की लाइफ लाइन है।

लाल निशान बताएगा पैक्ड फ़ूड खाने लायक है या नहीं

नई दिल्ली।आने वाले समय में आप जो भी पैकेज्ड फूड आइटम खरीदेंगे फिर चाहे वह बिस्किट हो, सूप हो, जूस हो या फिर चिप्स… उसके डिब्बे या पैकेट पर सामने वाले हिस्से में एक विशेष प्रकार का लाल निशान लगा होगा जो यह बताएगा कि यह खाना हेल्दी है या नहीं और उसमें फैट, शुगर और नमक की मात्रा मानक से अधिक है या नहीं। FSSAI फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए ड्राफ्ट बिल तैयार कर लिया है। जल्द ही इसे कानूनी रूप दिया जाएगा।

  • हर पैकेज्ड फूड कंपनियों को अपने प्रॉडक्ट की न्यूट्रिशनल जानकारी डिब्बे के सामने वाले हिस्से में अंकित करनी होगी।
  • कंपनी को यह बताना अनिवार्य हो जाएगा कि उनके खाने में कितनी कैलरी, सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट, शुगर और सोडियम है।
  • अगर यह मानक से ज्यादा है तो उसके सामने लाल निशान देना होगा ताकि खरीदने वाले को यह देखते ही पता चले कि खाना हेल्दी है या नहीं।
  • ऐसा करने से ग्राहक को हेल्दी फूड का चयन करने में आसानी होगी।

कंपनियों को दिया गया 30 दिन का समय
FSSAI ने इस पर फूड कंपिनयों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए उन्हें 30 दिन का समय दिया है और फिर डब्ल्यूटीओ से भी 30 के अंदर सुझाव लिया जाएगा। फिर इस ड्राफ्ट को एक्सपर्ट कमेटी के सामने भेजा जाएगा। तीन सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के बाद इस ड्राफ्ट को नोटिफाय कर दिया जाएगा।FSSAI के ड्राफ्ट के अनुसार

  • जिस प्रकार नॉनवेज और वेज फूड प्रॉडक्ट के लिए अगल-अलग निशान होता है।
  • आने वाले समय में इसी तरह का निशान फूड प्रॉडक्ट्स पर होगा
  • लोगों को डिब्बा उठाते ही पता चल जाएगा कि कौन सी चीज मानक से ज्यादा है।

अगर शुगर लेवल ज्यादा है तो उसके सामने लाल निशान होगा। ऐसे में अगर कोई डायबीटीज का मरीज है तो वो डिब्बा देखते ही समझ जाएगा कि यह प्रॉडक्ट उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। इसी तरह बाकी चीजों के बारे में भी बताना होगा।

कैलरी, फैट, शुगर मानक से ज्यादा हो तो देना होगा खास निशान
अभी तक फूड कंपनियां इस तरह की जानकारी डिब्बे के पीछे वाले हिस्से में देती थीं। अभी वो केवल यह बताते हैं कि उनके फूड में कैलरी, फैट, शुगर कितना पर्सेंट है। लेकिन यह नहीं बताते हैं कि मानक से ज्यादा है या कम। अब उन्हें मानक से ज्यादा होने पर कैलरी या फैट के सामने खास प्रकार का निशान देना ही होगा।

यही नहीं अभी फूड कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट अलग-अलग जगह पर देती है, लेकिन इस ड्राफ्ट के अनुसार उन्हें अब यह दोनों जानकारी एक साथ देनी होगी। FSSAI के एक अधिकारी ने बताया कि हमारा मकसद लोगों को हेल्दी खाना चुनने का आसान तरीका देना है ताकि वे अपने शरीर और जरूरत के अनुसार ही खाना खाएं।