Tuesday, June 23, 2026
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हरे निशान के साथ खुला बाजार, 46 अंक बढ़कर सेंसेक्स 39,854 पर

नई दिल्ली। देश का शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान के साथ खुला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 45.81 अंकों की बढ़त के साथ 39,854.15 पर जबकि निफ्टी 16 अंकों की बढ़त के साथ 11,927.30 पर खुला।

ये हैं टॉप गेनर्स
बीएसई में अडानीग्रीन 3.45 फीसदी, चंबल फर्टिलाइजर्स 9.45 फीसदी, मनपसंद बेवरेजेस 1.95 फीसदी, रिलायंस कम्युनिकेशंस 0.06 फीसदी, दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन 3.95 फीसदी। वहीं, एनएसई में भारत पेट्रोलियम 1.39 फीसदी, ग्रासिम इंडस्ट्री 1.33 फीसदी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन 1.16 फीसदी, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस 1.11 फीसदी, एशियनपेन्ट 1.06 फीसदी के साथ टॉप गेनर्स रहे।

ये हैं टॉप लूजर्स
बीएसई में कॉक्स एंड किंग्स 1.60 फीसदी, टाटा कम्युनिकेशन लिमिटेड 14.15 फीसदी, अरबिंदो फार्मा लिमिटेड 17.70 फीसदी, सुजलोन एनर्जी लिमिटेड 0.09 फीसदी, ग्रेफाइट इंडिया लिमिटेड 6.20 फीसदी। वहीं, एनएसई में डॉ रेड्डी 1.33 फीसदी, वेदांता लिमिटेड1.09 फीसदी, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन 0.94 फीसदी, हिंडाल्को इंडस्ट्री 0.62 फीसदी, एचडीएफसी 0.58 फीसदी के साथ टॉप लूजर्स रहे।

निवेशकों की शिकायतों पर 10 कंपनियों की ट्रेडिंग पर रोक

नई दिल्ली। निवेशकों की शिकायतों पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने कड़ी रुख अपनाया है। बीएसई ने कई शिकायतों के बाद 10 कंपनियों की ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है। निवेशकों की शिकायतों के बाद जियोडेसिक, जेके फार्मा कैमिकल, टीम लेबोरेट्रीज एंड ग्लोबल सिक्युरिटीज, गुजरात परस्टॉप इलेक्ट्रोनिक्स, गुजरात नर्मदा फ्लाईएश, ब्लेजन मार्बल्स, सॉफ्ट्रेक वेंचर्स इन्वेस्टमेंट्स, राणे कंप्यूटर कंसल्टेंसी और महाराष्ट्र कृष्णा वैली डवलपमेंट कॉरपोरेशन के शेयरों की ट्रेडिंग पर रोक लगाई गई है। यह सभी कंपनियां पी, एक्स और एक्सटी वर्ग की हैं।

कंपनियों के खिलाफ जून में 99 शिकायतें आईं
बीएसई की ओर से जारी बयान अनुसार जून महीने में बाजार में लिस्टेड 70 कंपनियों के खिलाफ 99 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जबकि समान अवधि में लिस्टेड 70 कंपनियों के खिलाफ दर्ज 106 शिकायतों का निपटारा किया गया है। जिन शिकायतों का निपटारा किया गया है उनमें कुछ पुरानी शिकायतें भी शामिल हैं। निवेशकों की ओर से कंपनियों के खिलाफ ब्याज न भुगतान करने, बोनस शेयर का लाभ, डिविडेंड, बायबैक लेटर ऑफ ऑफर, डिविडेंड रिफंड के भुगतान में ब्याज न देना जैसी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

SSC: एक क्लिक से होगी परीक्षार्थियों पर अब नजर

नई दिल्ली। स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) के चेयरमैन आशिम खुराना इस साल कंप्यूटर के जरिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं देने वाले लगभग 2.25 करोड़ उम्मीदवारों में से किसी पर भी अब एक क्लिक के जरिए नजर रख सकेंगे। केंद्र सरकार की बड़ी रिक्रूटिंग एजेंसियों में एसएससी शामिल है।

एसएससी के लिए यह सिस्टम देश की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने डिवेलप किया है। इसे एसएससी के ‘आर्ट कमांड सेंटर’ में लगाया गया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी पी.के. मिश्रा ने किया। इससे पहले टीसीएस ने एसएससी के लिए कंप्यूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन कराने की पूरी जिम्मेदारी संभाली थी।

इसके लिए टीसीएस आयॉन नेटवर्क और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले वर्ष एसएससी को एक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के कारण बहुत अधिक आलोचना का सामना करना पड़ा था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। अब टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से एसएससी अपने सिस्टम की निष्पक्षता को लेकर सभी संदेह दूर करना चाहता है।एसएससी के चेयरमैन आशिम खुराना ने बताया, ‘एसएससी कमांड सेंटर से देशभर में एसएससी की परीक्षाओं में बैठने वाले प्रत्येक उम्मीदवार की निगरानी एक क्लिक से की जा सकेगी।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में कमांड सेंटर में लाइव सीसीटीवी फीड को प्रत्येक 30 सेकेंड में अपडेट किया जाता है। इससे परीक्षा की कड़ी निगरानी की जा सकती है और गड़बड़ी पाए जाने पर अलर्ट जारी हो सकते हैं। टीसीएस ने एसएससी को देश भर में परीक्षा केंद्रों की बड़ी संख्या भी उपलब्ध कराई है, जिससे उम्मीदवारों को परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी की यात्रा नहीं करनी होगी।

जून 2016 तक एसएससी की परीक्षाओं के लिए ऑप्टिकल मार्क्स रीडर (ओएमआर) मोड का इस्तेमाल होता था। इसमें प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य गड़बड़ियों की आशंका अधिक थी। इसके बाद एसएससी ने अपनी बहुत सी परीक्षाओं को कंप्यूटर-बेस्ड मोड में शिफ्ट किया है।टीसीएस आयॉन के ग्लोबल हेड वेंगुस्वामी रामास्वामी ने कहा कि नकली उम्मीदवारों के परीक्षा देने, पेपर लीक होने और सिस्टम की हैकिंग जैसे मामलों की बड़ी संख्या के कारण यह एक बदलाव है।

उन्होंने बताया, ‘टीसीएस आयॉन परीक्षाओं को सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने में एसएससी को सक्षम बना रहा है। हमने पिछले सात वर्षों में कई प्रकार के कंप्यूटर्स पर 17 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों का आकलन किया है। इससे हमें परीक्षा को बेहतर तरीके से आयोजित करने और गड़बड़ियां रोकने के लिए सिस्टम बनाने में मदद मिली है। प्रत्येक क्लिक का लॉग होता है और आप यह पता लगा सकते हैं कि कौन सा उम्मीदवार किस परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहा है।’

32MP सेल्फी और 48MP रियर कैमरे के साथ Mi CC9 सीरीज के 3 फोन लॉन्च

नई दिल्ली।चीन की कंपनी शाओमी ने आज Mi CC9 सीरीज के तीन नए स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं। कंपनी ने चीन में आज Mi CC9, Mi CC9e और Mi CC9 मेतू कस्टम एडिशन से पर्दा उठाया। नए फोन में 32 मेगापिक्सल फ्रंट और 48 मेगापिक्सल रियर कैमरे जैसी कई खूबियां दी गई हैं। जानें तीनों फोन की खूबियां और कीमत…

चीन में सीसी9 के 6जीबी रैम+64 जीबी स्टोरेज वेरियंट की कीमत 1,799 युआन (करीब 18,000 रुपये) और इसके 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरियंट की कीमत 1,999 युआन (करीब 20,000 रुपये) रखी गई है।

वहीं, Mi CC9e के 4जीबी रैम + 64जीबी स्टोरेज वेरियंट की कीमत 1,299 युआन (करीब 13,000 रुपये), 6 जीबी रैम +64 जीबी स्टोरेज वेरियंट की कीमत 1,399 चीनी युआन (करीब 14,000 रुपये) और 6 जीबी रैम +128 जीबी स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,599 युआन (करीब 16,000 रुपये) है। बात की जाए, Mi CC9 मेतू कस्टम एडिशन की तो 8 जीबी रैम के साथ 256 जीबी स्टोरेज दी गईहै। इसकी कीमत 2,599 युआन (करीब 26,000 रुपये) रखी गई है।

Mi CC9 स्मार्टफोन में 6.39 इंच का फुल-एचडी+ ऐमोलेड डिस्प्ले दिया गया है जिसका रेजॉलूशन 1080×2340 पिक्सल है। फोन में ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ फोन में 6 जीबी रैम के साथ 64 जीबी और 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है।

कैमरे की तो इसमें ट्रिपल रियर कैमरा (48MP+8MP+2MP) सेटअप दिया गया है। इसमें एफ/ 1.9 अपर्चर वाला 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल सेंसर और एक 2 मेगापिक्सल का सेंसर शामिल है। वहीं सेल्फी के लिए फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है, जो कि मीमोजी शूटिंग, फेस रिकग्निशन, एआई स्मार्ट ब्यूटीएआई पोर्ट्रेट मोड, 3डी ब्यूटी, फ्रंट पनोरमा, गेस्चर फोटो जैसे फीचर्स से लैस है। फोन में 4,030 एमएएच की बैटरी है, जो 27 वॉट की फास्ट चार्जिंग सपॉर्ट करती है।

शाओमी Mi CC9e स्मार्टफोन में 6.08 इंच का एचडी+ ऐमोलेड डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रेजॉलूशन 720×1560 पिक्सल है। स्नैपड्रैगन 665 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ आने वाले इस फोन को 4जीबी/64 जीबी और 6जीबी/128जीबी ऑप्शन में पेश किया गया है जिसकी मेमरी को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 256 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है।

फोन में 4,030 एमएएच की बैटरी दी गई है जो 18 वॉट की फास्ट चार्जिंग सपॉर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए सभी फोन में 3.5 एमएम ऑडियो जैक, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, ब्लूटूथ और वाई-फाई जैसे फीचर दिए गए हैं। Mi CC9 मेतू कस्टम एडिशन की तो रैम, स्टोरेज और कलर वेरियंट को छोड़कर यह फोन पूरी तरह से Mi CC9 के जैसा ही है। फोन को 8जीबी रैम वेरियंट में पेश किया गया है जिसकी इंटरनल स्टोरेज 256GB है।

बैंक कर्मचारियों ने पेंशन के लिए खटखटाया PM का दरवाजा

नई दिल्ली। पब्लिक सेक्टर बैंक के कर्मचारियों ने अपनी पेंशन बढ़ाने के लिए अब प्रधानमंत्री का दरवाजा खटखटाया है। बैंक कर्मचारी लंबे समय से पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने उस फैसले का हवाला दिया है जिसमें इसी साल सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से पेंशन मुद्दे को सुलझाने के लिए कहा था।

कर्मचारी, बैंको का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था भारतीय बैंक असोसिएशन (IBA) के साथ भत्तों को लेकर द्विपक्षीय बातचीत के तहत पेंशन अपडेट की मांग कर रहे हैं। लेकिन इस बातचीत का कभी कोई नतीजा नहीं निकला है।

IBA का आकलन है कि पब्लिक सेक्टर बैंकों में पेंशन अपडेट करने पर 95,000 करोड़ रुपये का खर्च है। संस्था का कहना है कि बैंक अभी मुश्किल भरे दौर से गुजर रहे हैं और उन पर बैड लोन का दबाव है और बैंक यह भार नहीं सह पाएंगे। यूनियन मेंबर्स का आरोप है कि सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंको के कर्मचारियों की पेंशन 1996 से नहीं बढ़ी है।

बैंक कर्मचारी संघ के मुखिया ने प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा को पत्र में लिखा, ‘हम पेंशन मुद्दे को हल करने में आपकी मदद चाहते हैं। सबसे जरूरी बात है कि पब्लिक सेक्टर बैंकों में पेंशन स्कीम RBI पेंशन स्कीम की तरह ही है, वैसे ही नियम और शर्तें।’

इससे पहले सरकार ने आरबीआई कर्मचारियों की मांग मानने से भी इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘लेकिन आरबीआई ने इसी साल 1 मार्च से पेंशन को अपडेट कर प्रभावी कर दिया है, हमारी भी यही मांग है।’

आरबीआई में पेंशन अपडेट की वित्तीय लागत 858 करोड़ रुपये है जबकि केंद्रईय बैंक के पास पेंश के लिए करीब 12,000 करोड़ रुपये का धन है। अब आरबीआई के पेंशनधारकों को 10 प्रतिशत ज्यादा डियरनेस अलाउंस मिलेगा जिसके साथ 2002, 2007 और 2012 में हुए तीन वेतन संशोधन भी शामिल हैं। इससे नवंबर, 2002 से पहले रिटायर होने वाले पेंशनधारकों की बेसिक पेंशन में ओवरऑल 3.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

कंगना -राजकुमार राव की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ का ट्रेलर रिलीज

कंगना रनौत और राजकुमार राव की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। मैडनेस से भरे इस ट्रेलर में फिल्म के दोनों ही लीड सितारों का हटकर अंदाज देखने को मिल रहा है। कंगना और राजकुमार फिल्म की इस पहली झलक में ही दर्शकों के दिमाग पर छाप छोड़ने में कामयाब होते दिख रहे हैं।

ट्रेलर से पता चल रहा है कि फिल्म में सस्पेंस और थ्रिलर भी भरपूर होने वाला है। एक खून और उसके दोषी की तलाश के दौरान पुलिस की सुई कंगना के किरदार बॉबी और राजकुमार के किरदार केशव पर जाकर अटक जाती है। इसके बाद शुरू होती है इन दोनों संदिग्धों में से असली खूनी को पहचानने की जद्दोजहद।

बॉबी जहां थोड़ी से क्रेजी है तो वहीं केशव ऐसा शख्स है जो खुद की असलियत दुनिया से छिपाए हुए है। बॉबी का पहले केशव पर मेजर क्रश होता है लेकिन जब खून के केस में दोनों को संदिग्ध बनाया जाता है तो उसके सामने केशव की असलियत सामने आने लगती है। केशव बॉबी के इल्जामों को झूठा बताते हुए उसके पागलपन को पुलिस के सामने पेश करता है।

ट्रेलर में दोनों ही ऐक्टर अपने रोल में डूबे नजर आ रहे हैं। उनकी जबरदस्त ऐक्टिंग और बैकग्राउंट म्यूजिक सीन्स के इमोशन्स को परफेक्ट तरीके से डिलिवर करते दिखते हैं। अब बस इंतजार है तो इस फिल्म के रिलीज होने का।

बता दें कि, कंगना और राजकुमार राव स्टारर यह फिल्म 26 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। पहले फिल्म का टाइटल ‘मेंटल है क्या’ था, जिस पर कई आपत्तियां उठाए जाने के बाद मेकर्स ने नाम बदलकर ‘जजमेंटल है क्या’ कर दिया है।

अब हर माह नाकारा कर्मचारियों की बनेगी लिस्ट, छंटनी करेगी सरकार

नई दिल्ली।केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को हर महीने मूल्यांकन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। सरकार अब सभी मंत्रालयों और विभागों से हर महीने ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट मांगेगी जिन्हें समय से पहले रिटायर किया जा सकता है। सरकारी दफ्तरों में कामकाज का माहौल सुधारने और लोगों से जुड़े सरकारी काम का समय से निपटारा हो, इसके लिए सरकार ने कर्मचारियों की जिम्मेदारी सख्ती से लागू करने की बड़ी पहल की है।

हाल में मोदी सरकार ने भ्रष्ट और नाकाम कर्मचारियों के सफाये का काम शुरू किया है। इसके तहत जांच एजेंसियों के टॉप अधिकारियों को जबरन रिटायर किया गया था। लेकिन, सरकार की यह पहल न सिर्फ केंद्रीय दफ्तरों में, बल्कि पब्लिक सेक्टर की इकाइयों और बैंकों के कर्मचारियों पर भी लागू होगी।

कार्मिक विभाग ने 20 जून को सभी मंत्रालयों और विभागों को लिखे पत्र में कहा है कि काम करने के मानक के अनुरूप खरा नहीं उतरने वाले ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट हर महीने की 15 तारीख तक जमा कर दें, जिन्हें जनता के हित में समय से पहले रिटायर किया जा सकता है। यह व्यवस्था इसी महीने से लागू की जाएगी यानी 15 जुलाई को सभी मंत्रालयों और विभागों में ऐसे कर्मचारियों की पहली लिस्ट आ जाएगी।

‘पहले से ही बना है कानून’
सरकार का कहना है कि कर्मचारियों के सर्विस रूल में ऐसे प्रावधान पहले से रहे हैं, लेकिन आम लोगों के हित में इसे अब प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। सातवें वेतन आयोग में भी कर्मचारियों की काम करने की क्षमता और जवाबदेही बढ़ाने के कई प्रस्ताव दिए थे। उनमें से यह एक था। इसके अलावा सरकार ने दागी कर्मचारियों की अलग से लिस्ट बनाने को कहा है, जिनपर भ्रष्टाचार से जुड़े केस चल रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने रिटायर अधिकारियों की मदद लेने का फैसला किया है। ऐसे पूर्व अधिकारियों की सेवा ली जाएगी जिनका रेकॉर्ड शानदार, ईमानदारी और मजबूत इच्छाशक्ति वाला रहा है। सरकार का मानना है कि इससे जांच प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।

लैटरल एंट्री से होगी कर्मचारियों की भरपाई
मंत्रालयों और विभागों में अब कॉन्ट्रैक्ट पर रखने की शर्त में भी ढील दी गई है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) ने नया गाइडलाइंस जारी करते हुए सभी मंत्रालयों और विभागों को तत्काल योग्य रिटायर कर्मियों की तलाश करने को कहा है, जिन पदों पर नियुक्ति जरूरी है। केंद्र सरकार में अंडर सेक्रेटरी और सेक्शन ऑफिसर से रिटायर अधिकारी इन पदों पर रखे जाएंगे और इनकी नियुक्ति कंसलटेंट पद पर होगी।

इंदौर किराना: ग्राहकी निकलने से शक्कर एवं हल्दी में सुधार

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में मंगलवार को शक्कर, हल्दी में (सोमवार की तुलना में) खरीदी सुधार लिए रही।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में मंगलवार को पांच गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3350 से 3380 रुपये प्रति क्विंटल। शक्कर एम (मोटी) 3400 से 3420 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 165 से 182 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2050 से 3500 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 133, निजामाबाद 95 से 105, पिसी 135 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदा गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1140 से 1150, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2950 से 2975 तथा बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर मंडी में अमावस्या का अवकाश रहा, दाल- चावल में ग्राहकी निकली

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में मंगलवार को अमावस्या के अवसर पर अवकाश रहा। दाल और चावल में ग्राहकी बढ़ी रही। दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6900 से 7200, तुअर दाल फूल 7300 से 7500, तुअर दाल बोल्ड 7700 से 7900, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400 रुपये प्रति क्विंटल।

चना दाल 5350 से 5550, आयातित चना दाल 5500 से 5200 मसूर दाल 5350 से 5450 मूंग दाल 7200 से 7400, मूंग मोगर 7900 से 8100 उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7400 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर बाजार : कपास्या खली एवं तेल के भाव में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में मंगलवार को मूंगफली तेल, सोयाबीन रिफाइंड तेल में ग्राहकी कमजोर रही। कपास्या तेल के भाव में पांच रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी हुई। पशु आहार कपास्या खली में 15 रुपये प्रति 60 किलोग्राम कम हुए।

तेल मूंगफली तेल इंदौर 1150 से 1170, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 752 से 755, सोयाबीन साल्वेंट 718 से 722, पाम तेल 630 से 635 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1825, देवास 1825, उज्जैन 1825, खंडवा 1810, बुरहानपुर 1810, अकोला 2800 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 740 से 745, महाराष्ट्र 735 से 740, तथा गुजरात 750 से 752 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।