Sunday, May 17, 2026
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कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला, अब सभी किसानों को मिलेंगे सालाना 6000 रुपये

नई दिल्ली।दूसरे कार्यकाल की अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में पीएम मोदी ने किसानों के लिए बड़ी सौगात दी है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब सभी किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलेंगे, इसके अतिरिक्त किसानों के लिए पेंशन योजना का ऐलान किया गया है। पीएम किसान योजना पहले सिर्फ लघु और सीमांत किसानों के लिए थी।

बीजेपी ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में इस योजना में सभी किसानों को शामिल करने का वादा किया था, जिस पर पहली ही कैबिनेट मीटिंग में मुहर लगाई गई। इस योजना का देश के 14.5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा 17 जून से संसद सत्र बुलाने का फैसला किया गया है, जो 26 जुलाई तक चलेगा। 5 जुलाई को बजट पेश किया जाएगा।

अब खर्च होंगे 87 हजार करोड़
कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि पीएम ने कहा था कि किसान की आमदनी अगले 5 साल में दोगुनी करने की कोशिश करेंगे। फसल की लागत का कम से कम डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले, यह पीएम मोदी ने सुनिश्चित किया। कृषि मंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पैसा पहुंच चुका है।

अभी तक 12.5 करोड़ किसान इस योजना के तहत कवर हो रहे थे। करीब 2 करोड़ किसान छूट रहे थे। अब सभी किसान इसके दायरे में होंगे। इस योजना पर पहले 75 हजार करोड़ खर्च होते लेकिन अब 12 हजार करोड़ रुपये और बढ़ेगा खर्च। यानी अब 87 हजार करोड़ रुपये सालाना खर्च होगा। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट कर कहा कि इन फैसलों के जरिए सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में अपने प्रमुख चुनावी वादों को पूरा किया है।

किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन योजना
इसके अलावा किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन योजना का भी ऐलान किया गया है। इसका भी बीजेपी के संकल्प पत्र में वादा किया गया था। पेंशन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु के लोगों को 60 साल की उम्र के बाद प्रति महीने 3 हजार रुपये पेंशन मिलेगी। इस योजना में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

पेंशन स्कीम के तहत 18 वर्ष के उम्र के शख्स को 55 रुपये प्रति महीने का योगदान देना होगा। सरकार भी इतने का ही योगदान देगी। उम्र के हिसाब से योगदान की राशि बढ़ेगी। कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि इन योजनाओं से किसानों, छोटे व्यापारियों के जीवनस्तर में सुधार होगा और उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि पेंशन योजना के तहत 12 से 13 करोड़ लोग कवर होंगे। पहले चरण में 5 करोड़ लोगों को कवर करने का लक्ष्य है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि ट्रेडर्स के लिए पेंशन योजना से करीब 3 करोड़ खुदरा व्यापारी और दुकानदारों को फायदा मिलेगा।

योजना के लिए राज्यों से मांगे गए नए रजिस्ट्रेशन
चुनाव आचार संहिता की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद सरकार ने राज्यों से प्रधानमंत्री किसान योजना के लिए नए रजिस्ट्रेशन मांगे हैं। लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता 10 मार्च से लागू थी। आचार संहिता के लागू होने के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने कृषि मंत्रालय को इस योजना के लिए नए रजिस्ट्रेशन रोकने को कहा था।

सरकार ने 4.76 करोड़ पंजीकृत किसानों में से अभी तक 3.1 करोड़ से अधिक किसानों को लगभग 11,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। कृषि मंत्रालय के डेटा के अनुसार, 2.25 करोड़ से अधिक किसानों को 2,000 रुपये प्रत्येक की दो किस्तें प्राप्त हुई हैं।

इंदौर किराना: ग्राहकी से शक्कर और खोपरा गोला में सुधार

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को शक्कर-खोपरा गोला में ग्राहकी सुधार लिए रही।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को पांच गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर-गोला :शक्कर 3380 से 3420 रुपये प्रति क्विंटल।शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 193 से 201 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2200 से 4000 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी :हल्दी खड़ी सांगली 130 से 135, निजामाबाद 90 से 110, पिसी 150 से 170 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना :साबूदाना 6500 से 8000, पैकिंग में 8400 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदा :गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1160 से 1170, रवा 1260 से 1270, चना बेसन 3150 से 3160 तथा बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर बाजार : मूंगफली तेल फिसला, कपास्या खली में तेजी

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शुक्रवार को मूंगफली तेल के भाव में 20 रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी हुई। पाम तेल में तीन रुपये प्रति 10 किलोग्राम सस्ते हुए। पशुआहार कपास्या खली में 25 रुपये प्रति 60 किलोग्राम की कमी दर्ज की गई।

तिलहन:सरसों 3700 से 3750रायडा 3400 से 3500सोयाबीन 3750 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल। तेल:मूंगफली तेल इंदौर 1030 से 1050, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 762 से 765, सोयाबीन साल्वेंट 725 से 730, पाम तेल 640 से 643 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार:कपास्या खली इंदौर 1900, देवास 1900, उज्जैन 1900, खंडवा 1885, बुरहानपुर 1885, अकोला 2850 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी।कपास्या तेल:कपास्या तेल इंदौर 710 से 715, महाराष्ट्र 700 से 705, तथा गुजरात 720 से 722 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

इंदौर मंडी: ग्राहकी से चना, मूंग और तुअर में तेजी

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को चना कांटा 25 रुपये, मूंग 50 रुपये, तुअर (अरहर) 100 रुपये और बटला (मटर) के भाव 50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी लिए रहे। आज चना दाल 50 रुपये, तुअर दाल 50 एवं मूंग दाल के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि दर्ज की गई। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को आठ हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन:चना (कांटा) 4475 से 4500, चना (देसी) 4350 से 4400, डबल डॉलर 4500 से 4800, मसूर 4100 से 4150, हल्की 3750 से 3800, बटला (मटर) 4300 से 4350, मूंग 6000 से 6150, हल्की 5200 से 5500, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5500 से 5700, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 6100 से 6200, उड़द 5200 से 5400, हल्की 4300 से 4350 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल:तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7150 से 7350, तुअर दाल फूल 7550 से 7750, तुअर दाल बोल्ड 7950 से 8150, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5700 से 5900, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5300 से 5400मूंग दाल 7700 से 7900, मूंग मोगर 8450 से 8650 उड़द दाल 7300 से 7500, उड़द मोगर 7600 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज:गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल:बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस : घर में धूम्रपान से होता है बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित

कोटा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर अमर निवास स्थित आरएसी गार्डन पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर फेंफड़ों की स्पाइरोमीटर जांच, फेफडों में कार्बन मोनो ऑक्साइड का लेवल चैक करने संबंधी जांच की गई। जिसमें 118 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया। वहीं ‘धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’’ तथा गांव ढाणी में चूल्हा बिगाड़ रहा ममता की सेहत’’ पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2019 को ‘तंबाकू एण्ड लंग हेल्थ’ पर फोकस किया गया है।

अगर नहीं चेते तो आक्सीजन भी खरीदनी होगी
आरएसी के डिप्टी कमांडेंट पवन जैन ने कहा कि स्वास्थ्य सबसे बड़ी पूंजी है। हम आरएसी लाॅन को ऑक्सीजोन के रूप में विकसित करना चाहते हैं। आरएसी के पास मेनपावर तो है, लेकिन संसाधनों का बहुत अभाव है। यदि पर्यावरण प्रदूषण इसी प्रकार बढता रहा तो आने वाले 10 सालों में हमें सांस लेने के लिए आक्सीजन भी खरीदनी होगी। आरएसी को देने के लिए आईएमए की ओर से विभिन्न चिकित्सकों ने 3 ट्रक मिट्टी की घोषणा की।

जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डाॅ. एस सान्याल ने कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2019 लोगों के स्वास्थ्य पर तंबाकू के प्रतिकूल प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करता है। धूम्रपान (स्मोकिंग) मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर कहर बरपाने के अलावा फेफड़ों के कैंसर, सांस की बीमारी का कारण बन सकता है। जिन घरों में धूम्रपान आम होता है, उन घरों के बच्चे न चाहते हुए भी जन्म से ही ‘धूम्रपान’ की ज्यादतियों के शिकार हो जाते हैं।

पेसिव स्मोकिंग या सेकंड हैंड स्मोकिंग भी उतनी ही समस्याएँ पैदा करती हैं जितनी किसी धूम्रपान करने वाले को हो सकती है। बच्चों में यह समस्या और गंभीर इसलिए हो जाती है, क्योंकि उनका विकास हो रहा होता है। साथ ही उनकी साँस लेने की गति भी वयस्कों से अधिक होती है। अधिक धूम्रपान से गले का कैंसर का खतरा भी रहता है।

डाॅ. केके डंग ने कहा कि कोई वयस्क एक मिनट में लगभग 16 बार साँस लेता है, जबकि बच्चों में इसकी गति अधिक होती है। पाँच साल का एक सामान्य बच्चा एक मिनट में 20 बार साँस लेता है। किन्हीं विशेष परिस्थितियों में यह गति बढ़कर 60 बार प्रति मिनट तक हो सकती है। जिन घरों में सिगरेट या बीड़ी का धुआँ रह-रहकर उठता है उन घरों के बच्चे तंबाकू के धुएँ में ही साँस लेते हुए बड़े होते हैं।

वे वयस्कों से अधिक तेज गति से साँस लेते हैं इसलिए उनके फेफड़ों में भी वयस्कों के मुकाबले अधिक धुआँ जाता है। धुएँ के साथ जहरीले पदार्थ भी उसी मात्रा में दाखिल होते हैं। देश के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं में बीड़ी पीना बहुत सामान्य है। इसी तरह शहरी भद्र समाज की आधुनिक महिलाओं में यहाँ तक कि लड़कियों में सिगरेट पीना फैशन बनता जा रहा है।

बच्चों को दिमागी लकवे की शिकायत
डाॅ. एमके जोशी ने कहा कि गर्भधारण की अवधि में सिगरेट या बीड़ी पीने वाली महिलाओं को कम वजन के बच्चे पैदा होते हैं। ऐसे बच्चों की रोग प्रतिरोधक शक्ति कम होती है तथा वे जल्दी किसी बीमारी से घिर जाते हैं। ऐसे बच्चों को दिमागी लकवे की शिकायत हो सकती है साथ ही सीखने में असमर्थता की भी समस्या होती है।

डाॅ. जीसी जैन ने कहा कि सिगरेट या बीड़ी के धुएँ का बच्चे की श्वास-प्रश्वास प्रणाली पर इतना विपरीत प्रभाव पड़ता है कि वे अस्थमा के भी शिकार हो जाते हैं। यदि बच्चे पहले से ही अस्थमा का शिकार हैं तो उसकी स्थिति सिगरेट के धुएँ से और बिगड़ सकती है। उसे अस्थमा के अनियंत्रित दौरे भी पड़ सकते हैं। सेकेंड हैंड स्मोकिंग के कारण हर साल अस्थमा के नए बाल रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। धूम्रपान का धुआँ बच्चों में निमोनिया या पल्मोनरी ब्रोंकाइटिस अर्थात साँस के साथ उठने वाली खाँसी की समस्या पैदा कर सकता है।

रिजर्व बैंक रेपो दर में कर सकता है 0.25% की कटौती

मुंबई। देश की आर्थिक वृद्धि दर मार्च में समाप्त तिमाही में धीमी रहने की संभावना के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि छह जून को आने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक रेपो दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कटौती कर सकता है। विशेषज्ञों ने शुक्रवार को यह बात कही। शुक्रवार को ही वित्तवर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही के जीडीपी वृद्धि के आंकड़े आने हैं।

डीबीएस ग्रुप रिसर्च रिसर्च की रपट के अनुसार मार्च में समाप्त तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.1% रहने की संभावना है। यह पिछली 7 तिमाहियों में सबसे कम है। पिछले साल इसी तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.6% थी। रपट में कहा गया है रिजर्व बैंक आगामी छह जून को अपनी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा नीति जारी करेगा। यह मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी मौद्रिक नीति समीक्षा होगी।

वहीं लोकसभा के चुनावों के बाद केंद्रीय बैंक की पहली कोई नीतिगत बैठक भी होगी। वर्ष 2019 में फरवरी और अप्रैल दोनों समय की मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान रिजर्व बैंक 0.25% की कटौती की थी।

रपट में उम्मीद जतायी गयी है कि जीडीपी के आंकड़ों को देखते हुए रिजर्व बैंक मौद्रिक समीक्षा नीति में 0.25% की कटौती कर सकता है। इसके बाद रेपो दर 5.75% रह जाएगी। इस प्रकार वर्ष 2019 में रिजर्व बैंक की ओर से रेपो दर में कुल 0.75% की कटौती हो जाएगी। 2019 में जीडीपी की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

मजबूत वैश्विक संकेतों से सोना 300 रुपये महंगा, चांदी भी चढ़ी

नयी दिल्ली/ कोटा । वैश्विक बाजार में बहुमूल्य धातुओं में तेजी के बीच स्थानीय जौहरियों की लिवाली बढ़ने के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना शुक्रवार को 300 रुपये बढ़कर 33,170 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। अखिल भारतीय सर्राफा संगठन के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का ढलावों का उठाव बढ़ने के चलते चांदी के भाव में भी 150 रुपये की तेजी दर्ज की गयी। यह 37,550 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

कारोबारियों के अनुसार वैश्विक स्थिति स्थिर रहने और स्थानीय सर्राफा व्यवसायियों की लिवाली धारणा से बाजार को समर्थन मिला है। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोने का हाजिर भाव 1,297.90 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव 14.61 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को मैक्सिको से आयात किए जाने वाले सभी सामान पर 5% का आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी।

यह व्यवस्था 10 जून से प्रभावी होना है। इसके चलते निवेशकों द्वारा सोना को सुरक्षित निवेश के रूप में चुनने से भी बाजार प्रभावित हुआ है। दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9 और 99.5 प्रतिशत की शुद्धता सोना 300-300 रुपये बढ़कर क्रमश: 33,170 और 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।

हालांकि आठ ग्राम वजनी सोने की गिन्नी का भाव 26,500 रुपये प्रति इकाई पर बना रहा। इस बीच चांदी हाजिर का भाव 150 रुपये की तेजी के साथ 37,550 प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक डिलीवरी वाली चांदी का भाव 36,378 प्रति किलोग्राम रहा। चांदी सिक्कों में एक-एक हजार रुपये की तेजी रही। सिक्का लिवाल 80,000 और बिकवाल 81,000 रुपये प्रति सैकड़ा रहे।

कोटा सर्राफा
चांदी 37300 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33000 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38500 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33160 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38680 रुपये प्रति तोला।

​चौथी तिमाही में देश की GDP को बड़ा झटका, ग्रोथ रेट 5.8% पर फिसला

नई दिल्ली। मोदी सरकार के शपथ लेने के दूसरे दिन ही अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बुरी खबर आई है। वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में देश का आर्थिक विकास दर घटकर 6 प्रतिशत से भी नीचे चला गया है। अभी-अभी जारी हुए आंकड़ों के मुताबकि, जनवरी-मार्च तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) महज 5.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। उधर, लेबर सर्वे के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में देश में बेरोजगारी दर भी 6.1% पर रही है।

चौथी तिमाही के बेहद कमजोर आंकड़े का असर पूरे वित्त वर्ष की जीडीपी ग्रोथ रेट पर पड़ा जो 7 प्रतिशत से नीचे फिसलकर 6.8 प्रतिशत पर आ गया है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2017-18 की जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.1 प्रतिशत रही थी जबकि पूरे वित्त वर्ष में देश का आर्थिक विकास 7.2 प्रतिशत की दर से हुआ था। यानी, जनवरी-मार्च तिमाही में वित्त वर्ष 2017-18 के मुकाबले वित्त वर्ष 2018-19 में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, 2017-18 के पूरे वित्त वर्ष के जीडीपी ग्रोथ रेट के मुकाबले वित्त वर्ष 2018-19 में यह आंकड़ा 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई।

आशंका से भी बड़ी गिरावट
दरअसल, चौथी तिमाही में विभिन्न क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादन में गिरावट और सरकारी खर्च में कटौती के कारण ग्रोथ को झटका लगने की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी, लेकिन ग्रोथ रेट के 6 प्रतिशत से भी नीचे गिरने की उम्मीद किसी को नहीं थी। देश के विभिन्न बैंकों ने ग्रोथ रेट 6 से 6.3 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद जताई थी। कोटक महिंद्रा बैंक ने सबसे कम 6 प्रतिशत रहने की आशंका व्यक्त की थी।

लाल निशान में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 118 अंक टूटा, निफ्टी 11,923 पर बंद

मुंबई। मोदी सरकार के शपथ ग्रहण के बाद शेयर बाजार झूम उठा। हालांकि, कारोबार खत्म होने तक दोनों प्रमुख सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में चले गए। जारी सप्ताह के आखिरी सत्र में कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 31 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 117.77 अंक (0.30%) की गिरावट के साथ 39,714.20 पर बंद हुआ।

वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 23.10 अंक (0.19%) टूटकर 11,922.80 पर बंद हुआ। शुक्रवार को ट्रेडिंग खत्म होने पर सेंसेक्स के 31 में 11 शेयरों के भाव बढ़ गए थे और शेष 20 शेयरों की कीमतें गिर गई थीं। वहीं, निफ्टी के 50 में से 21 शेयरों में तेजी आई जबकि शेष 29 शेयरों में गिरावट आई।

सेंसेक्स के मजबूत हुए शेयरों में एशियन पेंट्स (2.43%), टीसीएस (2.40%), एचसीएल टेक (1.52%), ओएनजीसी (1.30%), इंडसइंड बैंक (1.16%), भारती एयरटेल (0.72%), इन्फोसिस (0.48%), हिंदुस्तान लीवर (0.34%), मारुति (0.27%), कोल इंडिया (0.18%) और ऐक्सिस बैंक (0.05%) शामिल रहे।

वहीं, निफ्टी के टॉप 10 बढ़त वाले शेयरों में टेक महिंद्रा (3.81%), टीसीएस (2.50%), एशियन पेंट्स (2.36%), इंडियन ऑइल (2.07%), ब्रिटैनिया (1.65%), अडानी पोर्ट्स (1.64%), ओएनजीसी (1.50%), इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस (1.22%), इंडसइंड बैंक (1.20%) और एचसीएल टेक (1.09%) शामिल रहे।

वहीं, सेंसेक्स के जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई, उनमें यस बैंक 4.27%, आईटीसी 3.61%, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा 2.17%, वेदांता 2.01%, एनटीपीसी 1.74%, टाटा मोटर्स 1.46%, हीरो मोटोकॉर्प 1.34%, टाटा मोटर्स डीवीआर 1.06%, पावर ग्रिड 0.92% तक टूट गए।

वहीं, निफ्टी के गिरावट वाले शेयरों में यस बैंक 4.81%, आईटीसी 3.50%, ग्रासिम 3.06%, जी एंटरटेनमेंट 2.23%, वेदांता 2.13%, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा 2.07%, जेएसडब्ल्यू स्टील 2.02%, एनटीपीसी 1.59%, हीरो मोटोकॉर्प 1.56% और टाटा मोटर्स 1.48% तक कमजोर हो गए। निफ्टी सेक्टोरल इंडिसेज की बात करें तो निफ्टी आईटी के सिवा सारे इंडिसेज लाल निशान में बंद हुए।

इससे पहले, शुक्रवार सुबह शेयर बाजार तेजी के साथ खुला। सेंसेक्स 110.13 अंकों (0.28%) के इजाफे के साथ 39,942.10 पर खुला जबकि निफ्टी 41.45 अंक (0.35% ) बढ़कर 11,987.35 पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 40,000 जबकि निफ्टी 12,000 के स्तर के पार चला गया।

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राजस्थान समेत कई राज्यों में यलो अलर्ट जारी, अगले 48 घंटे में और बढ़ेगी गर्मी

नई दिल्ली।आधा भारत इस वक्त गर्म हवाओं की चपेट में है और फिलहाल भीषण गर्मी का प्रकोप अभी एक-दो दिन और जारी रहेगा। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने अगले दो दिन के लिए हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी यूपी और राजस्थान में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। दक्षिण और पश्चिम राज्यों तेलंगाना, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी गर्मी की वजह से लोगों का हाल-बेहाल है।

भीषण गर्मी के चलते तेलंगाना में पिछले 22 दिनों में 17 मौतें हो चुकी हैं। गुरुवार का दिन देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 8 साल में सबसे गर्म बताया गया। पालम वेधशाला ने 46.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया। पालम वेधशाला ने मई 2013 में दिल्ली का तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था।

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के महेश पालवत ने ट्वीट करके बताया कि दिल्ली के पालम में 46.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मई महीने में 2013 के बाद दर्ज किया गया यह अधिकतम तापमान है। अभी तक मई महीने में 26 मई 1998 को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 48.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।’ सफदरजंग वेधशाला ने अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अगले 48 घंटे बेहद गर्म
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। अगले 48 घंटे में लू का प्रकोप और अधिक बढ़ जाएगा। इसकी वजह से दोपहर के समय लोगों को बाहर न निकलने का सुझाव भी दिया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, जब मैदानी इलाकों में पारा 40 पार और पहाड़ी इलाकों में 30 डिग्री पार पहुंच जाता है तो लू और गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की जाती है।

मौसम विभाग के मुताबिक अपने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले एक-दो दिनों तक राज्य के कई क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहेंगे तथा सीमांचल क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार हैं।

राजस्थान और यूपी में गर्मी का प्रकोप
राजस्थान में भी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के कारण जनजीवन बेहाल है। चूरू में अधिकतम तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश में भी आसमान से आग बरस रही है। गुरुवार को हमीरपुर जिले में 48 डिग्री तापमान रहा। वहीं मथुरा में 49 डिग्री और प्रयागराज में 25 साल का रेकॉर्ड तोड़ते हुए पारा 48.6 डिग्री पहुंच गया। लखनऊ में गुरुवार को पारा 44 डिग्री सेल्सियस रहा।

उत्तर भारत में राजस्थान और सिंध (पाकिस्तान) के रेगिस्तानों से उठने वाली गर्म हवाओं के चलते तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। साथ ही, पूरे साल में इस समय इस क्षेत्र में वैसे भी सबसे अधिक गर्मी पड़ती है। बिल्कुल साफ आसमान के चलते धरती पर सोलर रेडिएशन हो रहा है जो प्रत्यक्ष रूप से तापमान बढ़ाने का काम कर रहा है।